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UGC की फेक यूनिवर्सिटी वाली लिस्ट में दिल्ली टॉप: एक की वेबसाइट पर CM केजरीवाल की तस्वीर, साइन किया हुआ संदेश भी

देश में उच्च शिक्षा की नियामक संस्था ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)’ ने फेक यूनिवर्सिटीज की सूची जारी की है। इसमें अलग-अलग राज्यों के कुल 21 संस्थानों के नाम हैं। सबसे ज्यादा 8 संस्थान दिल्ली के हैं। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी विश्वविद्यालयों के मामले में दिल्ली को नंबर-1 बना दिया है। साथ ही AAP सरकार के कथित शिक्षा मॉडल पर भी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। ऐसी ही फर्जी यूनिवर्सिटीज में एक AIIPPHS भी है।

असल में UGC ने देश भर के 21 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है, जिसमें दिल्ली के अलावा कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पुडुचेरी, और आंध्र प्रदेश की भी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। UGC ने बताया कि ये सब संस्था के नियमों के खिलाफ संचालित हो रहे थे। इन विश्वविद्यालयों की डिग्रियों को मान्यता भी नहीं दी जाएगी और इन्हें डिग्री देने का अधिकार भी नहीं है। दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा 4 विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के हैं।

जब हमने AIIPPHS यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को खोला तो इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर मिली। इसके साथ ही उनका पत्र भी था। ‘ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज’ नामक इन यूनिवर्सिटी को UGC ने फर्जी बताया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक हस्ताक्षर के जारी प्रतीत होते इस पत्र पर 18 दिसंबर, 2016 की तारीख़ अंकित है। साथ ही AAP सुप्रीमो की एक पासपोर्ट साइज फोटो है।

अरविंद केजरीवाल के हवाले से इसमें लिखा है, “मैं ये जान कर खुश हूँ कि All India Institute Of Public & Physical Health Sciences (AIIPPHS) अपनी पत्रिका लेकर आ रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इसके तहत छात्रों को अपनी लेखक कला के प्रदर्शन का उत्तम अवसर मिलेगा और उन्हें उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रेरणा मिलेगी। मैं इसके आने वाले प्रकाशन के लिए इसे शुभकामनाएँ देता हूँ।” यूनिवर्सिटी ने दिल्ली सरकार की मान्यता के दावे भी किए हैं।

AIIPPHS ने अपनी वेबसाइट पर एक सर्टिफिकेट भी अपलोड कर रखा है, जो ‘दिल्ली स्टेट गवर्नमेंट पैरामेडिकल काउंसिल (दिल्ली राज्य सरकार परचिकित्सीय परिषद)’ का है। इस सर्टिफिकेट में लिखा है कि ये यूनिवर्सिटी अपने दफ्तर से संचालित हो रही है। दफ्तर का पता अलीपुर के बीडीओ ऑफिस के नजदीक बताया गया है। इसमें ये भी लिखा है कि ये परिषद के शिक्षा मानकों पर भी खरी उतरी है। 7 अप्रैल, 2021 को इसे मान्यता मिली थी, जिसे एक साल बाद फिर एक साल के लिए बढ़ा दिया गया।

AIIPPHS की वेसबाइट पर अरविंद केजरीवाल की तस्वीर और पत्र

असल में जो ऐसे फर्जी संस्थान होते हैं, उन्हें इस तरह के पत्र आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे प्रमाण-पत्रों का जुगाड़ करने के बाद इसे वो अपनी साइट पर दिखाते हैं, ताकि लोगों के बीच उनकी विश्वसनीयता बने। ये ब्यूरोक्रेसी की विफलता भी दिखाता है, जिससे पता चलता है कि अधिकारी इस तरह के पत्र जारी करने से पहले अच्छी तरह छानबीन नहीं करते। ये भी हो सकता है कि शिक्षा माफिया की सरकारी विभागों में पैठ हो और उन्हें मनमानी करने की छूट हो।

हमें ये भी ध्यान देना होगा कि इस तरह के प्रमाण-पत्र का मिलना ऐसा कतई नहीं है कि यूनिवर्सिटी हर इलाज से वैध है और फर्जी नहीं है। यूनिवर्सिटी फर्जी हो, तब भी ये इस तरह के एकाध प्रमाण-पत्र और पत्र ले ही आते हैं। किसी नेता वगैरह को बुला कर कार्यक्रम कराना और फिर उसकी तस्वीर खुद को वैध दिखाने के लिए साइट पर डाल देना, ये तिकड़म भी आजमाए जाते हैं। ये भी हो सकता है अधिकारियों से मिलीभगत का इन्हें फायदा मिलता हो।

रेलवे ट्रैक पर इंस्टाग्राम के लिए रील बना रहे थे बरकत और सरवर, राजधानी से कटकर मौत: एक के शरीर के दर्जन भर टुकड़े, दूसरे का सिर फटा

बिहार में इंस्टाग्राम के लिए रील बनाते हुए ट्रेन से कटकर दो लड़कों की मौत हो गई। घटना कटिहार के बारसोई की है। मृतक की पहचान 18 साल के बरकतुल्लाह और 15 साल के सरवर के तौर पर हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों गुरुवार (25 अगस्त 2022) को राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में बरकत का नाम बरगद भी बताया जा रहा है। बरकत मौलवी बनने की पढ़ाई कर रहा था। वहीं सरवर सातवीं कक्षा का छात्र था। कुछ रिपोर्ट में दोनों मृतक भाई तो कुछ में दोस्त बताए गए हैं। बताया जा रहा कि दोनों दोपहर के समय घर से निकले थे। शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। इसी बीच उन्हें रेलवे ट्रैक पर बॉडी होने की जानकारी मिली। मौके पर दोनों की क्षत-विक्षत लाश पड़ी थी।

इस बीच रेलवे अधिकारियों को भी ट्रैक पर बॉडी होने की सूचना मिली। लेकिन जब तक आरपीएफ के जवान मौके पर पहुँचे परिजन दोनों की डेड बॉडी लेकर जा चुके थे। इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। लिहाजा पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। इस घटना के बाद से मृतकों के गाँव लहगरिया में सन्नाटा पसरा है।

रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दोनों लड़के बारसोई रेलवे स्टेशन के आउटर पर रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर वीडियो शूट कर रहे थे। इसी दौरान वे राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। जो लड़का रील के लिए एक्टिंग कर रहा था उसके शरीर के दर्जन भर टुकड़े हो गए। वहीं वीडियो शूट कर रहे लड़के का सिर फट गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह भी बताया जा रहा है कि मौके पर एक और लड़का था। वह इस घटना के बाद भाग गया।

एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों रील के लिए ‘जो मैं फिसल जाऊँ…’ गाने पर शूट कर रहे थे। इस घटना से पहले वे दो वीडियो इंस्टाग्राम पर उसी दिन अपलोड भी कर चुके थे।

‘टाँग पर टाँग रख चीर दूँगी, जुबान खींच लूँगी’: टी राजा सिंह पर अब कॉन्ग्रेस ने छोड़ा ‘जनाना जहर’, पार्टी MLA ने भी मुस्लिमों को उकसाया था

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) कथित अपमान को लेकर कट्टरपंथियों के साथ-साथ कॉन्ग्रेस के नेता भी माहौल बिगाड़कर देश में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने में लगे हैं। हैदराबाद के गोशामहल से विधायक और भाजपा से निष्कासित ठाकुर राजा सिंह (Thakur Raja Singh) को एक और कॉन्ग्रेस नेता ने धमकी दी है। इस महिला कॉन्ग्रेस नेता का नाम आयशा फरहीन है।

पेशे से वकील आयशा का एक वीडियो शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में आयशा कह रही है, “मैं आयशा फरहीन ओपन चैलेंज करती हूँ कि तेरी (राजा सिंह की) टाँग पर टाँग रखकर चीर दूँगी तेरे घरवाले समेत। तुम्हारी जुबान खींच लूँगी यहाँ से (गर्दन का इशारा करते हुए)। तुमने हमारा (मुस्लिमों का) दिमाग खराब कर दिया है। ऐसा हश्र करूँगी कि तुम्हारे घरवाले खुद तुम्हें नहीं पहचानेंगे।”

विधायक राजा सिंह को गाली देते हुए आगे कहती है, “राजा सिंह सुअर ने, सुअर के बच्चा ने हमारे हुजूर की शान में गलत बात की।” इतना ही ‘जाहिल’ कहकर संवैधानिक पद पर बैठे विधायक राजा सिंह का अपमान कर रही है। उसने इस्लाम का अपमान करने पर जान से मारने की धमकी दी।

राजा सिंह को पीटें मुस्लिम: कॉन्ग्रेस विधायक फिरोज खान

आयशा फरहीन पहली कॉन्ग्रेसी नहीं हैं, जिसने राजा सिंह के लिए आपत्तिजनक भाषा और धमकी दी है। इसके पहले तेलंगाना के कॉन्ग्रेस के सचिव राशिद खान ने ‘सर तन से जुदा’ नारे का समर्थन किया था और आग लगाने की बात कही थी। वहीं, कॉन्ग्रेस विधायक फिरोज खान ने कहा था कि अगर माफी नहीं माँगी तो वो हर मुस्लिम को कहेंगे कि राजा सिंह को पीटें।

फिरोज खान ने कहा था कि विधायक राजा सिंह को अपने कहे के लिए माफी माँगनी होगी और ये कहना होगा कि पैगंबर मोहम्मद मुस्लिम समुदाय के हीरो हैं। फिरोज खान ने कहा, “टी राजा सिंह तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहता है। उसे जेल में डालो। राजा सिंह को अपने बयान पर माफी माँगनी होगी। अगर उसने ये नहीं किया तो मैं हर मुस्लिम से कहना चाहता हूँ कि वो हैदराबाद में जहाँ मिले वहाँ उसे पीटें। हम एक बार नहीं बार-बार कानून को अपने हाथ में ले सकते हैं।”

राशिद खान आग लगाने की बात पर कायम, ‘सर तन से जुदा नारे’ को बताया सही

बता दें कि इससे पहले राज्य में कॉन्ग्रेस के सचिव राशिद खान ने कहा था कि अगर राजा सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई तो गोशामहल जाकर राजा सिंह के घर में आग लगा देंगे। आज दोबारा उन्होंने ऐसी भड़काऊ बयानबाजी की है।

उन्होंने कहा था, राजा सिंह ने पहली बार ये बयान नहीं दिया है। वो बार-बार पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी करता है। उसी की वजह से तेलंगाना का माहौल खराब हुआ है। ये आदमी लगातार मुसलमानों की आस्था से खेल रहा है। उन्हें तकलीफ दे रहा है। अगर हिंदू-मुसलमान के झगड़े छिड़ गए, बस्तियाँ जल गईं तो कौन जिम्मेदार होगा?”

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप लगाते हुए राशिद खान ने कहा था, “बीजेपी-आरएसएस लगातार ऐसे कार्टूनों को पैदा कर रही है। हिंदुत्व का जहर उगलकर उसे सड़कों पर छोड़ रही है। आज माहौल देखो… हर जगह हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद की बात हो रही है। कोई तरक्की की बात नहीं कर रहा।”

राशिद खान से जब पूछा गया कि क्या वो ‘सर तन से जुदा’ नारे का समर्थन करते हैं तो राशिद ने कहा कि ये नारेबाजी इसलिए हो रही है, क्योंकि रसूल की शान में बोला गया। मुस्लिम अपना सिर कटा सकता है, खून की नदियाँ बहा सकता है, अपनी जान को कुर्बान कर सकता है, लेकिन रसूल की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकता।

एक अन्य वीडियो में राशिद खान को अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर, सर तन से जुदा नारे लगाने वाली भीड़ का समर्थन करते देखा गया था। इस वीडियो में वो वही बात कर रहे हैं कि अगर हिंदू-मुस्लिम झगड़े हुए, बस्तियाँ जल जाती हैं, किसी का कत्ल हो जाता है तो इसके लिए सिर्फ राजा सिंह जिम्मेदार हैं।

जिस PA ने सोनाली फोगाट को दिया ड्रग्स, वो था उनका पति? अभिनेत्री को ‘पत्नी’ बता गुरुग्राम में लिया था फ्लैट: गोवा में क्लब मालिक गिरफ्तार

भाजपा की महिला नेता और पूर्व TikTok स्टार सोनाली फोगाट की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। गोवा पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कर्ली क्लब के मालिक को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने क्लब के बाथरूम से ड्रग्स भी बरामद किया है। इस केस में अब तक 4 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपितों में सोनाली फोगाट का पीए सुधीर सांगवान, दोस्त सुखविंदर सिंह, कर्ली क्लब का मालिक और एक ड्रग पेडलर दत्तप्रकाश गाओनकर है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के आरोपों के बाद पुलिस ने सुधीर और सुखविंदर को गिरफ्तार किया था। 22 अगस्त को जब सोनाली फोगाट गोवा पहुँची थीं, तब ये दोनों उनके साथ ही थे। CCTV फुटेज से खुलासा हुआ है कि सुधीर एक बोतल से सोनाली को कुछ पिलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वो बार-बार उसे रोक रही थीं। आशंका है कि इसमें कुछ नशीला पदार्थ था। ये MDMA ड्रग्स हो सकता है। केमिकल जाँच के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।

ड्रग पेडलर ने ही ये ड्रग्स सुखविंदर को पहुँचाया था। ड्रग्स को टॉयलेट में छिपाया गया था, जिसकी 2 ग्राम मात्रा जब्त करने में पुलिस को सफलता मिली है। कर्ली रेस्टॉरेंट्स के कर्मचारियों सहित अब तक 20-25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सुधीर और सुखविंदर को कोर्ट में भी पेश किया जा चुका है। दोनों को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ये भी बात सामने आई है कि ड्रग्स लेने के बाद सोनाली फोगाट की तबीयत बिगड़ गई थी।

सुबह के 4:30 बजे जब वो होश में नहीं थीं, तब आरोपित उन्हें शौचालय में लेकर गया था। उसने 2 घंटे तक वहाँ क्या किया, इस सम्बन्ध में वो कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया है। कर्लीज क्लब के उस वॉशरूम को भी सील कर लिया गया है, जहाँ सोनाली फोगाट अपनी अंतिम रात में थीं। सेक्टर-102 स्थित ‘गुरुग्राम ग्रीन्स’ में एक फ़्लैट के रेंट डॉक्यूमेंट में सुधीर सांगवान का नाम सोनाली फोगाट के पति के रूप में लिखा है, जिससे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है।

हिंदू धर्म में लौटने पर मुख्तार अंसारी के नाम से हत्या की धमकी: पूनम को बना दिया था शामिया, बताया- गोमांस को ‘प्रसाद’ बता खिला रहे थे

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक परिवार को हिन्दू धर्म घर-वापसी करने पर माफिया मुख़्तार अंसारी और एक मंत्री के नाम से धमकी मिल रही है। असल में मूल रूप से रायबरेली की एक हिन्दू महिला ने अनार कला के एक मुस्लिम व्यापारी से शादी की थी और अब पूरा परिवार हिन्दू धर्म अपना रहा है। धमकी के कारण परिवार कई दिनों से घर में ही दुबक कर बैठा है। महिला की बेटी पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पा रही है। महिला का नाम पूनम सिंह है, लेकिन निकाह के बाद धर्मांतरण कर उसे शामिया शिद्दीकी बना दिया गया था।

वहीं उसके पति का नाम सलीम हैदर था, लेकिन हिन्दू धर्म अपनाते हुए उन्होंने अपना अलग नाम रख लिया है। महिला ने बताया कि उनकी शादी को 14 साल हो गए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें काफी मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके ससुर और परिवार के बाकी लोग उन पर दबाव बनाते हैं कि किसी और मुस्लिम पुरुष से सम्बन्ध बनाने पर उन्हें हज का शबाब मिलेगा। महिला ने बताया कि ये लोग पहले सिद्दीकी नहीं थे, लेकिन उन्होंने नाम बदल लिया।

महिला ने बताया कि शादी के बाद से ही उन्हें मुख़्तार अंसारी के नाम पर मरवा डालने की धमकी दी जा रही है। महिला ने बताया कि हिन्दू लड़कियों को ये लोग काफी गलत नजर से देखते हैं। साथ ही महिला ने आरोप लगाया कि उनके जेठ ने उनके साथ बलात्कार करने की भी कोशिश की। उसका पक्ष लेने पर पति की पिटाई भी की गई। महिला को गोमांस खिलाने की भी कोशिश की गई और कहा गया कि ये ‘प्रसाद’ है, इसके बिना मुस्लिम नहीं बन पाओगी। महिला ने बताया कि अब वो और उनके पति ने हिन्दू धर्म अपना लिया है।

इसके बाद रास्ते में रोक कर हत्या की धमकी दी जा रही है। ‘आज तक’ के आशीष श्रीवास्तव से बात करते हुए महिला ने बताया कि उनके ससुर ने उनके साथ बदतमीजी की और कहा कि मेरे साथ रिलेशनशिप में रहो, तुम्हें सब कुछ देंगे। 10 दिनों से परिवार के लोग बाहर नहीं निकले हैं। बच्ची को भी धमकी दी जा रही है। महिला ने हाथ जोड़ कर योगी सरकार से निवेदन किया है कि उनके परिवार को न्याय दिलाया जार और वापस से हिन्दू धर्म में सुरक्षित रखा जाए।

महिला ने कहा कि उन्हें अपने लिए डर नहीं है, बच्ची के लिए भय है जो काफी मासूम है। वहीं महिला के पति ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से हिन्दू धर्म की खासियतों को देखते हुए धर्मांतरण किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने घर में ही देखा है कि उनके भाइयों और अब्बा का व्यवहार कैसा है। उन्होंने कहा कि जहाँ ऐसी धमकियाँ दी जा रही हों, उस धर्म में वो क्यों रहें? उन्होंने कहा कि हिन्दू लड़की से शादी करने को इस्लाम में शबाब का काम बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में वो सुरक्षित रहेंगे और उनके दोस्तों व जानने वालों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने हिन्दू लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि वो कभी किसी मुस्लिम लड़के से निकाह न करें, वरना उसका हाल उनकी पत्नी की तरह होगा, न वो उस घर की बेटी-बहू बन पाएगी, और उसके साथ घर में ही बलात्कार का प्रयास होगा, और बेटी का जन्म होता है तो उसका भी रेप करने की कोशिश होगी। उन्होंने पूछा कि ऐसी मजहब में वो क्यों रहें?

BJP हार रही गुजरात, यह दिखाने के लिए AAP के ओपिनियन पोल में एक-एक ने डाले 100-100 वोट: पकड़ी गई हेराफेरी तो नेताओं ने डिलीट किए पोस्ट

जैसे-जैसे गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Elections) नजदीक आ रहे हैं, प्रायोजित और फर्जी सर्वेक्षणों (Survey) की बाढ़ आती जा रही है। अब सोशल मीडिया पर एक एप्लिकेशन भी आई है, जिसके जरिए कोई भी पोल कर सकता है और लोगों का वोट हासिल कर सकता है।

जमीनी तौर पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस तरह के सर्वेक्षण के जरिए चर्चा में बने रहने की कोशिश की है। हालाँकि, AAP की इस प्रथा का पर्दाफाश होने के बाद नेताओं द्वारा साझा किए गए पोस्ट को हटाना पड़ा।

हालाँकि आम आदमी पार्टी ने कई विधानसभा क्षेत्रों में इस तरह के सर्वेक्षण किए थे, लेकिन गुजरात के नवसारी विधानसभा सीट में आखिरकार यह बेनकाब हो गया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा साझा किए गए पोस्ट को हटाना पड़ा।

नवसारी शहर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा StawPoll नाम के ऐप पर एक पोल बनाया गया था और इसका लिंक भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया था। इस सर्वे की थीम था कि अगर नवसारी विधानसभा सीट पर चुनाव हो तो किस उम्मीदवार को कितने वोट मिलेंगे?

इस ओपिनियन पोल के वायरल स्क्रीनशॉट के मुताबिक, कुल 638 वोट पड़े। इनमें से 562 वोट आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को, 66 वोट कॉन्ग्रेस को और 10 वोट बीजेपी उम्मीदवार को मिले। इस वोट शेयर का प्रतिशत क्रमश: 88.09%, 10.34% और 1.57% है।

नवसारी में AAP के सर्वेक्षण का खुलासा

सर्वे के नतीजों को देखकर प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि नवसारी विधानसभा सीट पर स्विंग आम आदमी पार्टी के पक्ष में है और अगर आज चुनाव होता है तो आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार भारी बहुमत से जीतेगा। बात दें कि भाजपा साल 1990 से लगातार नवसारी सीट पर जीत रही है और हर बार कॉन्ग्रेस दूसरे स्थान पर रहती है।

वर्तमान में इस सीट से पीयूषभाई दिनकरभाई देसाई विधायक हैं। साल 2017 में उनका दूसरा कार्यकाल था। इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम गैर-भाजपा विधायक ने साल 1985 में चुनाव जीता था। इस तरह सर्वेक्षण में इस सीट पर वोट की वरीयता में भारी बदलाव दिखाया गया।

हालाँकि, जल्द ही AAP के सर्वेक्षण पर सवाल उठने लगे और इसके पीछे की सच्चाई सामने आ गई। यह पाया गया कि कई लोगों ने AAP को बार-बार वोट दिया था, जिससे पार्टी के लिए वोटों की संख्या में बढ़ोतरी दिखी। जब इस पोल के तहत वोट करने वालों की संख्या देखी गई तो पता चला कि एक या दो नाम ऐसे थे, जिन्होंने एक ही समय में आप को कई बार वोट दिया था। इससे आम आदमी पार्टी का प्रतिशत अपने आप बढ़ गया।

दरअसल, इस ऐप पर पोल बनाते समय यह विकल्प दिया जाता है कि वोट देने वाले लोगों की जानकारी सार्वजनिक की जाए या नहीं। साथ ही, एक सेटिंग भी है, जहाँ कोई व्यक्ति केवल एक बार ही वोट कर सकता है। हालाँकि, इस पोल को बनाते समय दोनों विकल्पों को नहीं चुना गया था।

ऊपर लगे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि कुछ वोटों के बाद भाविन और सावला नाम से बड़ी संख्या में वोट डाले गए। इन दोनों नाम वालों ने 100-100 से अधिक वोट दिए। इसको लेकर जब कुछ यूजर ने सवाल पूछने शुरू कर दिए, तब इस पोस्ट को शेयर करने वाले AAP नेता ने इसे हटा लिया।

इसके अलावा AAP ने एक ही ऐप पर कई सर्वे भी किए। इन सर्वेक्षणों के परिणाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए जा रहे हैं और इन सर्वेक्षणों को ‘गुजरात का सबसे बड़ा सर्वेक्षण’ बताया गया। इसके जरिए ये दिखाने की कोशिश की गई कि गुजरात में आम आदमी पार्टी सरकार बनाएगी।

चुनाव से पहले इस तरह के सर्वे आम आदमी पार्टी के लिए नए नहीं हैं। काफी समय से सक्रिय पार्टी ने इस तरह के कई सर्वे किए। आगामी चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी ऐसे प्रायोजित सर्वे के नतीजों को साझा कर अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश कर रही है।

गुलाम नबी के बाद मनीष तिवारी ने दिखाए ‘आजाद’ तेवरः कहा- हँसी आती है जब ‘चपरासी’ देते हैं ज्ञान, नेटिजन्स पूछ रहे- कॉन्ग्रेस में चपरासी कौन

गुलाम नबी आजाद की पाँच पन्नों वाली चिट्ठी से करीब दो साल पहले कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं ने सोनिया गाँधी को एक पत्र लिखा था। पत्र में पार्टी की स्थिति पर चिंता जताते हुए सवाल उठाए गए थे। पत्र लिखने वाले नेताओं के समूह को ‘G-23’ का टैग मिला। इस समूह में शामिल रहे गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को कॉन्ग्रेस छोड़ दी। अब इस समूह के एक और नेता मनीष तिवारी ने पार्टी को खरी-खरी सुनाई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा कि 2 साल पहले हमने पार्टी की कमजोरियों को लेकर पत्र लिखा था। उसके बाद से हुए सभी विधानसभा चुनाव कॉन्ग्रेस हार चुकी है। बावजूद इसके पार्टी में कोई सुधार नहीं आया है। आजाद के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। मैंने पार्टी को 42 साल दिए हैं। मैं यह पहले भी कह चुका हूँ कि हम इस संस्था (कॉन्ग्रेस) के किराएदार नहीं हैं। हम सदस्य हैं।”

आजाद ने इस्तीफा देते हुए जो चिट्ठी सोनिया गाँधी को भेजी है, उसमें राहुल गाँधी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसके कारण वे कई कॉन्ग्रेस नेताओं के निशाने पर हैं। इस चिट्ठी को लेकर मनीष तिवारी ने कहा, “गुलाम नबी आजाद ने जो पत्र में लिखा है, उसके तथ्यों को वही बेहतर समझा सकते हैं। लेकिन लोगों को तब हँसी आती है, जब कॉन्ग्रेस नेताओं के ‘चपरासी’ जिनकी वार्ड चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं है, वे पार्टी के बारे में ज्ञान देते हैं।”

तिवारी के इस बयान के बाद से नेटिजन्स पूछ रहे हैं कि कॉन्ग्रेस में वह चपरासी कौन है। शेफाली वैद्य ने इस सवाल के साथ किए गए ट्वीट में कॉन्ग्रेस नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और रणदीप सिंह सुरजेवाला को टैग किया है।

गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर में खुद की पार्टी बनाने की बात कही है। राज्य में उनके कई समर्थकों ने भी कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दिया है। आने वाले दिनों में यह सिलसिला तेज होने के आसार हैं। आजाद ने अपनी चिट्ठी में सोनिया गाँधी को ‘रबर स्टांप’ बताते हुए कहा था कि राहुल गाँधी के पीएम और सुरक्षाकर्मी फैसले ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2013 में राहुल को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाने के बाद पुरानी कॉन्ग्रेस को खत्म किया गया, जिसके कारण जमीनी नेता पार्टी से दूर होते गए।

मुंबई में ₹5000 लेकर मुस्लिमों को हिंदू पहचान देने का चल रहा था खेल, जानिए कैसे मोहम्मद जुनैद आधार कार्ड में बन जाता है राम गुप्ता

महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस ने बिना दस्तावेजों के फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। यहाँ तक कि यह गैंग मुस्लिम शख्स का हिंदू नाम से भी आधार कार्ड बनाकर देता था। फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए यह गैंग एक व्यक्ति से 2 हजार रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक लेता था।

मुंबई पुलिस ने इस गैंग को कांदिलवली क्षेत्र से पकड़ा है। इस गैंग के अपराधी मुंबई और उसके आसपास को लोगों के आधार कार्ड बनाने का धंधा धड़ल्ले से करते थे। वहीं, पुलिस ने एक आरोपित को पोइसर इलाके से गिरफ्तार किया है। उसके पास से कई राजनीतिक दलों और शैक्षणिक संस्थाओं के स्टाम्प, लेटर हेड और आधार कार्ड के साथ मशीनरी को जब्त किया है।

इस मामले में पोइसर के रहने वाले महेंद्र मामुंडे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि इसके पहले ऐसा ही एक मामला मुंबई के नालासोपारा से आया था, जहाँ एक नाइजीरियन व्यक्ति का आधार कार्ड बना दिया गया था।

दरअसल, फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग के बारे में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने एक मुस्लिम व्यक्ति को ग्राहक बनाकर भेजा। मामुंडे ने जुनैद नामक इस शख्स को बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित आधार कार्ड सेंटर पर ले गया और राम गुप्ता के नाम से फर्जी कागजात देकर उसके फर्जी आधार के आवेदन को जमा करा दिया।

महेंद्र आधार कार्ड बनाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाता था। वह फर्जी फोटो, फर्जी नाम और फर्जी पता पर आधार कार्ड बनाता था। वह आधार के आवेदन पत्र पर शैक्षणिक संस्थाओं या अन्य संस्थाओं का मुहर लगाकर वेरीफाई करता था और उसे लेकर आधार सेंटर में जाता था और वहाँ आवेदन जमा कराकर आधार कार्ड ले लेता था।

मुंबई पुलिस ने महेंद्र मामुंडे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, महेंद्र मामुंडे ने बताया कि उसने अब तक सैकड़ों लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनवा चुका है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके गैंग में और कितने लोग शामिल हैं।

वहीं, मुंबई पुलिस उन लोगों की भी खोजबीन शुरू कर दी है, जिन्होंने महेंद्र मामुंडे के पास से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि कहीं उस आधार का उपयोग आपराधिक गतिविधियों को लिए तो नहीं किया गया।

दिल्ली में नहीं होगा मुनव्वर फारूकी का शो, पुलिस ने कहा- खराब हो सकता है माहौल: कॉमेडी के नाम पर फैलाता रहा है हिंदू घृणा

हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला कथित स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) 28 अगस्त को दिल्ली में अपना शो नहीं कर पाएगा। दिल्ली पुलिस की लाइसेंसिंग यूनिट ने उसके शो के लिए अनुमति देने से मना कर दिया है।

बता दें कि शुक्रवार (25 अगस्त 2022) को विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर फारूकी के शो को रद्द करने की माँग की थी।ऐसा नहीं होने पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। पिछले दिनों फारूकी के शो के लिए तेलंगाना सरकार ने अनुमति दी थी और हैदराबाद में शो में सुरक्षा के लिए 100 से अधिक पुलिस वालों को तैनात किया गया था।

विश्व हिंदू परिषद सहित तमाम संगठनों के विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस की केंद्रीय जिला पुलिस ने लाइसेंसिंग यूनिट को एक रिपोर्ट भेजा था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ‘शो क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करेगा’। इसलिए इसे रद्द किया जाए।

बात दें कि हिंदू भावनाओं का ध्यान रखते हुए फारूकी के हैदराबाद शो को रद्द करने की माँग की गई थी, लेकिन वहाँ के प्रशासन ने पूरी सुरक्षा के साथ शो करवाया। इसके विरोध में बीजेपी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह ने एक वीडियो बनाया, जिसे कट्टरपंथी ईशनिंदा बता रहे हैं। उसके बाद हैदराबाद की सड़कों पर दिखा इस्लामी उन्माद और ‘सर तन से जुदा’ के नारे वाले वीडियो पूरे देश ने देखा है।

दिल्ली के शो को कैंसिल करने के लिए VHP के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा था, “मुनव्वर फारूकी दिल्ली के सिविक सेंटर में केदारनाथ स्टेडियम में 28 अगस्त को एक शो आयोजित करने जा रहा है। यह व्यक्ति अपने शो में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता है, जिसके कारण अभी हाल में भाग्यनगर (हैदराबाद) में साम्प्रदायिक तनाव भड़क गया था। इसका शो तुरंत रद्द करें। अन्यथा विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता शो के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे।”

बता दें कि कथित कॉमेडी के जरिए हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले मुनव्वर फारूकी का पिछले साल भी देश के कई हिस्सों में शो कैंसिल हुए थे। हिंदू संगठनों बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने गोवा, गुजरात और छत्तीसगढ़ में उसके शो का कड़ा विरोध किया था।

कॉमेडी के नाम पर फारूकी उन कारसेवकों का भी मजाक उड़ा चुका है. जिन्हें गोधरा में जलाकर मार डाला गया था। उसने 59 लोगों की निर्मम हत्या के लिए आरएसएस और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। इतना ही नहीं बॉलीवुड के एक गाने का जिक्र करते हुए वह राम-सीता का मजाक बना चुका है।

घर से बाहर तक PM मोदी का डंका: विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए-अप्रूवल रेटिंग 75%, 11वें पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) सहित दुनिया के तमाम नेताओं को पीछे छोड़ दिया है। इसके पहले भी पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने जा चुके हैं।

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की सर्वे के अनुसार, PM मोदी की अप्रूवल रेटिंग 75% है। पिछले दो साल से वे इस रेटिंग में टॉप पर बने हुए हैं। इस लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की रेटिंग सिर्फ 41% है और वे विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर पर हैं। पिछली बार बाइडेन छठवें नंबर पर थे।

17 अगस्त से 23 अगस्त के बीच किए गए इस सर्वे में दूसरे नंबर पर मेक्सिको के राष्‍ट्रपति आंद्रेस मेनुएल लोपेज ओब्राडोर हैं। उन्हें 63% लोगों ने वोट दिया है। तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बेनेस हैं। अल्बेनेस को 58% मिले हैं।।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लिस्ट में पिछले दो साल से शीर्ष पर बने हुए हैं। इस साल 13 से 19 जनवरी के बीच कराए गए पिछले सर्वे में उनकी अप्रूवल रेटिंग 71% थी और दुनिया भर के नेताओं में टॉप पर थे। इससे पहले सितंबर 2021 में कराए गए सर्वे में भी पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए थे। मई 2020 में उनकी लोकप्रियता रेटिंग 84% थी।

इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे में भी ऊपर

हाल ही में इंडिया टुडे और सी वोटर द्वारा कराए गए सर्वे में प्रधानमंत्री देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री के रूप में उभरे थे। 53 प्रतिशत भारतीय लोगों ने कहा था कि वे नरेंद्र मोदी को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर भी देखना चाहते हैं।

इस सर्वे में सिर्फ 9 फीसदी भारतीय लोगों ने कहा था कि वे राहुल गाँधी को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 7 फीसदी लोगों की पसंद थे। 

यह सर्वे इस साल फरवरी से 10 अगस्त के बीच किया गया था। इस दौरान 1,22,016 लोगों से उनकी राय पूछी गई। सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव होते हैं तो एनडीए की सरकार का वापसी करना तय है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में BJP की जड़ें गहरी

मेहता स्कूल ऑफ मॉडर्न मीडिया, UPES के डीन प्रोफेसर नलिन मेहता ने हाल में अपने लेख में कहा था कि भारतीय राजनीति में बीजेपी की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि 2047 तक उसका वर्चस्व बना रह सकता है।

अपने लेख में उन्होंने रजनी कोठारी के एक लेख का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में कभी जो प्रभुत्व कॉन्ग्रेस का था, उस जगह पर अब बीजेपी आसीन है। कोठारी ने ‘भारत में कॉन्ग्रेस सिस्टम’ नाम से यह लेख 1964 में जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के कुछ महीने बाद लिखा था। 

लेख में कहा गया था कि बहुदलवादी लोकतंत्र होने के बावजूद भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में एक पार्टी का दबदबा है। कॉन्ग्रेस के दबदबे के कारण दूसरी पार्टियाँ मजबूत नहीं हो पाईं हैं। लेकिन मेहता के अनुसार देश की स्वतंत्रता के 50वाँ वर्ष आते-आते यह धारणा काफी हद तक ध्वस्त हो गई। 

इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे समय के साथ भाजपा का वोट शेयर देश में बढ़ रहा है। साल 2009 में भाजपा का वोट शेयर नॉर्थ ईस्ट भारत में 12.8% था, लेकिन 2019 में उसका वोट शेयर वहाँ 33.7% हो गया है। पूर्वी भारत में ये 9.3% से 39.7 % बढ़ा है। इसी तरह पश्चिमी भारत में ये वोट शेयर 27.6% से 39.8% हो गया है और दक्षिण भारत में यह 11.9% से 17.9% हो गया है।

उन्होंने 2047 तक भारत में हिंदुत्व के प्रभाव की चर्चा करते हुए अनुमान लगाया कि संभवत: तब तक तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और हो सकता है कि तमिलनाडु में भी भाजपा का कोई न कोई मुख्यमंत्री बन जाए। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में जब कॉन्ग्रेस का दबदबा था जब ये हिंदुत्व भाजपा के विस्तार में रोड़ा था, लेकिन आज ये उनका ब्रांड हो गया है।

मेहता कहते हैं कि ऐसी उम्मीद है कि भाजपा अगले दो दशक में हिंदुत्व के साथ आगे बढ़ेगी और इस तरह योगी मॉडल कई महत्वाकांक्षी भाजपा नेताओं के लिए एक मिसाल होगा।