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‘मंदिर कई बार कानून-व्यवस्था के लिए समस्या बन जाते हैं’: मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी, मंदिर बंद करने पर अदालत की सोशल मीडिया पर आलोचना

मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि लोग मंदिरों में शांति की तलाश में तलाश में जाते हैं, लेकिन मामलों में ये मंदिर कानून-व्यवस्था के लिए समस्या बन गए हैं। ऐसे में इनका उद्देश्य ही खत्म हो गया है। कोर्ट की इस टिप्पणी का सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है।

जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा, “ऐसे मामलों में कार्रवाई का सबसे अच्छा तरीका इन मंदिरों को बंद करना होगा, ताकि इलाके में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके। यह एक विरोधाभास है कि मंदिर को बंद करने से वास्तव में शांति मिलती है।”

अदालत ने कहा, “एक मंदिर को एक व्यक्ति के अहंकार को कम करने के लिए एक वातावरण बनाना चाहिए। इसके विपरीत यह व्यक्तियों के बीच अहंकार के टकराव का जन्म स्थल बन रहा है और भगवान को पीछे की ओर धकेल दिया जाता है।”

दरअसल, यह मामला एक परिवार के मंदिर से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अपने परिवार के देवता के मंदिर में पूजा करने के लिए सुरक्षा की माँग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी। दरअसल, पूजा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती रहती है।

राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूजा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद मंदिर को सामान्य अवस्था बहाल होने तक बंद कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे में मंदिर का प्रशासन किसी अन्य योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए। इससे दोनों पक्षों में से कोई खुद श्रेष्ठ नहीं समझेगा।

कोर्ट की इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। Total Woke नाम के ट्विटर हैंडल ने इसको लेकर कहा, “कभी किसी मियाँ लॉर्ड को यह कहते सुना है कि ‘मस्जिद बंद करो क्योंकि हर शुक्रवार को पथराव होता है, कई घंटों तक लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, लोग कट्टरपंथी हो जाते हैं, दंगे की योजना बनाई जाती है, सड़कें बंद करते हैं, बच्चों का शोषण किया जाता है और महिलाओं को अंदर घुसने की अनुमति नहीं दी जाती।’?”

इस पर explorer Pratss नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “अदालतें न्याय के स्थान हैं: दुर्भाग्य से अधिकांश बार वे अन्याय का कारण बन जाती हैं, जो कानून और व्यवस्था की समस्याओं को जन्म देते हैं।: जनता उच्च न्यायालय।”

पार्थ चटर्जी का जो रिश्तेदार कभी करता था घरों की पुताई, आज उसके पास दार्जिलिंग से दुबई तक होटल: पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में CBI ने किया है गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC scam case) में सीबीआई ने 26 अगस्त 2022 को प्रसन्न कुमार रॉय को गिरफ्तार किया था। उसने इस घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी का करीबी रिश्तेदार है

प्रसन्न को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से हिरासत में लिया गया था। कभी घरों की पुताई करने वाले प्रसन्न रॉय के दुबई, दार्जिलिंग, उत्तराखंड और पुरी में होटल बताए जाते हैं। उसके पास फॉर्म हाउस भी है। सीबीआई के सूत्रों की माने तो न्यू टाउन-राजघाट इलाके में उसके पास कई प्लॉट और फॉर्म हाउस हैं।

स्थानीय समाचारों के अनुसार प्रसन्ना कभी घरों की पुताई का काम करता था। बाद में उसने खुद का पेंटिंग का कारोबार शुरू किया। फिलवक्त भारत के कई जगहों सहित दुबई में उसके होटल हैं। कम से कम न्यू टाउन के आसपास उसकी पाँच प्रापर्टी है। नॉर्थ बंगाल में उसके नाम पर कई बीघा जमीन होने का भी सीबीआई को पता चला है। इन संपत्तियों को अर्जित करने में एसएससी स्कैम का पैसा लगा है या नहीं, इसकी पड़ताल भी एजेंसी कर रही है।

इससे पहले एसएससी स्कैम में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी के पास भी कई संपत्ति होने की बात सामने आई थी। अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया के एक घर से 27.90 करोड़ रुपए नकद और 6 किलोग्राम सोना ईडी ने बरामद किया था। वह पार्थ चटर्जी की करीबी रही है। ईडी की छापेमारी से यह बात सामने आई थी कि पार्थ चटर्जी के पास बड़ी संख्या में फ्लैट हैं। इनमें से कई उन्होंने अर्पिता मुखर्जी और मोनालिसा दास सहित अपने ‘करीबी सहयोगियों’ को उपहार में दिए थे। अर्पिता ने ईडी को बताया था कि पार्थ चटर्जी ने उनके फ्लैट का इस्तेमाल ‘मिनी बैंक’ के तौर पर किया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला, जिसे आमतौर पर एसएससी घोटाले के रूप में जाना जाता है, 2014-16 का है। एसएससी राज्यस्तरीय चयन परीक्षा (SLT) के माध्यम से आयोजित किया जाता है। राज्यस्तरीय चयन परीक्षा में शामिल कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों ने मेरिट सूची में उच्च रैंक प्राप्त किया। जो उम्मीदवार मेरिट सूची में नहीं थे, उन्हें भी नियुक्ति पत्र भेजा गया था। इसके अलावा वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समूह सी और समूह डी के कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में भ्रष्टाचार के कई आरोप सामने आए थे। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी को टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था।

लड़खड़ाती सोनाली फोगाट, पकड़ कर ले जाता PA: गोवा के क्लब का तीसरा वीडियो, परिवार ने की CBI जाँच की माँग

भाजपा की महिला नेता सोनाली फोगाट और उनके PA सुधीर सांगवान का नया वीडियो सामने आया है। ये वीडियो सोनाली फोगाट की मौत से कुछ देर पहले का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सुधीर उन्हें लेकर वॉशरूम में जा रहा है। इस दौरान सोनाली फोगाट ने टॉप और हाफ पैंट पहन रखा है। इन दोनों का वायरल हुआ ये तीसरा वीडियो है। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि वो जबरन अभिनेत्री को बोतल में कुछ पिला रहा है।

ये फुटेज गोवा के क्लब का ही बताया जा रहा है, जिसमें सुधीर सांगवान सोनाली फोगाट के मुँह में जबरन बोतल डालता हुआ दिख रहा है। इस वीडियो में डांस करती हुई सोनाली फोगाट लड़खड़ाती हुई भी दिख रही हैं। वायरल हुए तीनों ही वीडियो गोवा के ही क्लब के हैं। ताज़ा वायरल वीडियो में सोनाली फोगाट को सहारा देकर ले जाता हुआ सुधीर सांगवान दिख रहा है। पुलिस ने भी पाया है कि सोनाली उस दौरान खुद से सँभल नहीं पा रही थीं।

सोनाली फोगाट सीढ़ियों के पास पहुँचते ही गिर भी गई थीं। डांस वाले वीडियो में उनका दोस्त सुखविंदर भी साथ नजर आ रहा है। सोनाली फोगाट बीच-बीच में खुद को सुखविंदर से छुड़ाती हुई नजर आ रही हैं। वो इन दोनों के साथ असहज थीं। हरियाणा पुलिस इस हत्याकांड की जाँच के लिए गोवा पहुँच रही है। 22 अगस्त की रात अभिनेत्री को ड्रग्स देने की बात सुधीर और सुखविंदर ने स्वीकारी है। सोनाली का परिवार CBI जाँच की माँग के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करेगा।

हिसार में सोनाली फोगाट का अंतिम संस्कार हुआ, जहाँ उनकी बेटी यशोधरा ने अपने चचेरे भाई के साथ उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान ‘सोनाली फोगाट अमर रहे’ के साथ-साथ ‘सोनाली के कातिलों को फाँसी हो’ के नारे भी लगे। इस दौरान भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई भी वहाँ मौजूद रहे, जो कभी कॉन्ग्रेस में थे और उनके खिलाफ सोनाली ने बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव लड़ा था। ये भी पता चला है कि सोनाली फोगाट सभी काम सुधीर की मर्जी से करती थीं और गोवा में परफॉर्मेंस देने के लिए वो कुछ वर्षों से जाती रही थीं।

ड्रग पेडलर ने ही ये ड्रग्स सुखविंदर को पहुँचाया था। ड्रग्स को टॉयलेट में छिपाया गया था, जिसकी 2 ग्राम मात्रा जब्त करने में पुलिस को सफलता मिली है। कर्ली रेस्टॉरेंट्स के कर्मचारियों सहित अब तक 20-25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सुधीर और सुखविंदर को कोर्ट में भी पेश किया जा चुका है। दोनों को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ये भी बात सामने आई है कि ड्रग्स लेने के बाद सोनाली फोगाट की तबीयत बिगड़ गई थी।

‘₹1 लाख करोड़ के पार हुआ खादी ग्रामोद्योग का टर्नओवर’: गुजरात में 7500 महिलाओं ने एक साथ चरखे से काता सूत, PM मोदी रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट में ‘खादी उत्सव’ को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यहाँ मौजूद सभी लोग और इस आयोजन को देख रहे सभी लोग इस ‘खादी उत्सव’ की ऊर्जा को महसूस कर रहे होंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश ने आज ‘खादी उत्सव’ करके अपने स्वतंत्रता सेनानियों को बहुत सुंदर उपहार दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि आज ही गुजरात राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की नई बिल्डिंग और साबरमती नदी पर भव्य अटल ब्रिज का भी लोकार्पण हुआ है।

उन्होंने गुजरात के लोगों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि अटल ब्रिज साबरमती नदी को दो किनारों को ही आपस में नहीं जोड़ रहा, बल्कि ये डिजाइन और इनोवेशन में भी अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि इसकी डिजाइन में गुजरात के मशहूर पतंग महोत्सव का भी ध्यान रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि खादी का एक धागा, आजादी के आंदोलन की ताकत बन गया, उसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया।

बकौल पीएम मोदी, खादी का वही धागा, विकसित भारत के प्रण को पूरा करने का, आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का प्रेरणा-स्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले गुजरात सहित पूरे देश ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर बहुत उत्साह के साथ अमृत महोत्सव मनाया है। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे गुजरात में भी जिस प्रकार गाँव-गाँव, गली-गली हर घर तिरंगे को लेकर उत्साह, उमंग और चारों तरफ मन भी तिरंगा, तन भी तिरंगा, जज्बा भी तिरंगा उसकी तस्वीरें हम सभी ने देखी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं ‘पंच प्रण’ को फिर से दोहराना चाहता हूँ। 1- विकसित भारत बनाने का लक्ष्य, 2- गुलामी की मानसिकता का पूरी तरह से त्याग, 3- अपनी विरासत पर गर्व, 4- राष्ट्र की एकता बढ़ाने का पुरजोर प्रयास, 5- हर नागरिक का कर्तव्य आज का ये ‘खादी उत्सव’ इन पंच प्रण का एक सुदंर प्रतिबिंब भी है। आजादी के आंदोलन के समय जिस खादी को गाँधी जी ने देश का स्वाभिमान बनाया, उसी खादी को आजादी के बाद हीन भावना से भर दिया गया। इस वजह से खादी और खादी से जुड़ा ग्रामोद्योग पूरी तरह तबाह हो गया। खादी की ये स्थिति विशेष रूप से गुजरात के लिए बहुत ही पीड़ादायक थी।”

पीएम मोदी ने कहा कि साबरमती का ये किनारा आज धन्य हो गया है।, क्योंकिआजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7500 बहनों-बेटियों ने एक साथ चरखे पर सूत कातकर नया इतिहास रच दिया है। ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी कुछ पल सूत कातने के मिले। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने न सिर्फ खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन में खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन का संकल्प जोड़ा, बल्कि गुजरात की सफलता के अनुभवों का देश भर में विस्तार करना शुरू किया।

उन्होंने जानकारी दी कि देश भर में खादी से जुड़ी जो समस्याएँ थीं, उनको दूर किया गया, साथ ही देशवासियों को खादी के प्रोडक्ट खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत के टॉप फैशन ब्रांड खादी से जुड़ने के लिए खुद सामने आ रहे हैं और खादी का रिकॉर्ड उत्पादन और रिकॉर्ड बिक्री हो रही है। उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 8 वर्षों में खादी की बिक्री में 4 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

पीएम मोदी ने कहा, “आज पहली बार भारत के खादी और ग्रामोद्योग का टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है। भारत के खादी उद्योग की बढ़ती ताकत के पीछे भी महिला शक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। उद्यमिता की भावना हमारी बहनों-बेटियों में कूट-कूट कर भरी है। इसका प्रमाण गुजरात में सखी मंडलों का विस्तार भी है। खादी sustainable clothing का उदाहरण है। खादी eco-friendly clothing का उदाहरण है। खादी से carbon footprint कम से कम होता है। बहुत सारे देश हैं जहाँ तापमान ज्यादा रहता है, वहाँ खादी स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत अहम है। इसलिए खादी वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है।

3700 किलो बारूद, 9640 छेद, 9 सेकेंड… मलबा हो जाएगा 900+ फ्लैट वाला नोएडा का ट्विन टावर: जानिए कब, क्या, कैसे होने वाला है

उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसायटी में बने ट्विन टावर को ध्वस्त करने की तैयारियाँ पूरी हो गई है। विस्फोट के जरिए दोनों टावर 9-12 सेकेंड में पूरी तरह ध्वस्त हो जाएँगे। रविवार (28 अगस्त 2022) दोपहर के बाद इसे ध्वस्त किया जाएगा। लेकिन आसपास के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को रविवार सुबह 7 बजे ही अपना घर छोड़ देना होगा।

ट्विन टावर में 900 से ज्यादा फ्लैट हैं। इनमें 9640 छेद कर करीब 3700 किलो बारूद भरा गया है। विस्फोट के लिए बटन दबाने का समय दोपहर के ढाई बजे तय किया गया है। ट्विन टावर के दो किलोमीटर के दायरे में सुबह सात बजे से ट्रैफिक बंद कर दिया जाएगा। शाम के 5 बजे इस इलाके में फिर से ट्रैफिक बहाल होगा। ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे भी दोपहर के 2ः15 से 2ः45 तक बंद रहेगा।

विस्फोट से 80 हजार टन मलबा पैदा होने का अनुमान है। मौके पर ही मलबे से स्टील और कंक्रीट अलग किया जाएगा। करीब 50 हजार टन मलबा सुपरटेक ट्विन टावर के दो बेसमेंट में समायोजित करने का प्लान है। टावर को गिराने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस ने भी अपनी तैयारियाँ पूरी कर ली है।

रविवार सुबह विस्फोटक को डेटोनेटर से जोड़ा जाएगा। डेटोनेटर का बटन चेतन दत्ता दबाएँगे। एडिफिस नामक एजेंसी ने जो ब्रिकमैन के नेतृत्व में विस्फोट का पूरा प्लान तैयार किया है। लेकिन भारतीय कानून की वजह से बटन दत्ता के हाथों में रहेगी। दत्ता के अनुसार भारत में किसी भी विदेशी नागरिक को विस्फोटक का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होने के कारण ऐसा होगा। ब्लास्ट के बाद मलबे को उड़ने से रोकने के लिए टावर को लोहे की जाली की 4 परतों और कंबल की दो परतों से कवर भी किया गया है।

क्यों गिराए जा रहे टावर?

सुपरटेक के जो दो टावर गिराए जा रहे हैं वे नोएडा सेक्टर 93 यानी एक्सप्रेस-वे की तरफ स्थित हैं। इसका नाम है- एमरल्ड कोर्ट ट्विन टावर्स। इन टावर्स में 900 से ज्यादा फ्लैट हैं। एक टॉवर 40 मंजिल का है। इनमें सैकड़ों फ्लैट बुक हो चुके थे। लेकिन अवैध कंस्ट्रक्शन होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने इसे गिराने का आदेश दिया था। अवैध कंस्ट्रक्शन सुपरटेक बिल्डर और नोएडा अथॉरिटी की मिलीभगत से किया गया था। दरअसल, जिस जमीन पर दोनों टावर बने हैं, वह जगह एक पार्क बनाने के लिए थी। लेकिन सुपरटेक ने अवैध तरीके से दो टावर खड़े कर दिए।

टाइमलाइन

  • 2005 में सुपरटेक लिमिटेड ने एमराल्ड कोर्ट (Emerald Court) नाम से ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी का निर्माण आरंभ किया।
  • जून 2006 में नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सुपरटेक को इस इलाके में एक्स्ट्रा जमीन आवंटित की गई।
  • 2005 में सुपरटेक को कुल 14 टावरों और एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण की इजाजत मिली थी। 2006 में प्लान में बदलाव किया गया। यह बदलाव 11 फ्लोर के 15 टावरों में कुल 689 फ्लैट्स के निर्माण के लिए किया गया।
  • नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक की मिलीभगत से 2009 में ट्विन टावर का निर्माण शुरू किया गया।
  • साल 2012 में कई खरीददार बिल्डिंग के प्लान में बदलाव का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट चले गए।
  • वर्ष 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्विन टावर को अवैध करार दिया।
  • मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को इस इमारत को गिराने का आदेश दिया।

इटली के व्यक्ति को एक साथ हुआ कोरोना, मंकिपॉक्स और HIV संक्रमण, दूसरे आदमी के साथ किया था सेक्स: दुनिया का पहला ऐसा मामला

इटली में एक व्यक्ति को कोरोना वायरस, मंकीपॉक्स संक्रमण और HIV – तीनों बीमारियाँ एक साथ हो गईं। उसने एक अन्य पुरुष के साथ सेक्स किया था, जिसके बाद उसे ये बीमारियाँ हुई हैं। दुनिया में ये पहली बार हो रहा है, जब ये तीनों ही खतरनाक संक्रमण किसी व्यक्ति को एक साथ हुए हों। 36 साल के उस व्यक्ति को कमजोरी, बुखार और गले की खरास की समस्या लगातार आ रही थी। उससे पहले वो 9 दिनों की ट्रिप पर स्पेन गया हुआ था।

उस व्यक्ति की पहचान फ़िलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। वो 16 जून से लेकर 20 जून, 2022 तक स्पेन में था। उसने स्वीकार किया है कि इस दौरान उसने एक अन्य पुरुष के साथ बिना किसी प्रोटेक्शन के सेक्स किया। 2 जुलाई को उसे कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया। उसी दिन उसकी बाईं बाँह पर चकत्ते उगने शुरू हो गए। इसके बाद उसके शरीर पर घाव होने लगे। ‘जर्नल ऑफ इन्फेक्शन’ में भी इस सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।

उसके शरीर पर जगह-जगह, यहाँ तक कि चेहरे पर भी घाव और चकत्ते उगने लगे। उसे काफी दर्द भी हो रहा था। 5 जुलाई को समस्याएँ ज्यादा बढ़ने के बाद वो कैटेनिया स्थित सैन मार्को यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में गया। फिर उसे संक्रामक रोगों वाले विभाग में भेज दिया गया। वहाँ मंकीपॉक्स को लेकर उसका टेस्ट हुआ और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके बाद कई SITs को लेकर टेस्ट किए गए और उसे HIV पॉजिटिव भी पाया गया।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये संक्रमण ताज़ा है, पुराना नहीं है। हालाँकि, कोविड-19 और मंकीपॉक्स से ठीक होने के बाद उसे 11 जुलाई को अस्पताल ने डिस्चार्ज कर दिया। अब उसके शरीर पर सिर्फ दाग बचे हैं। इसके बाद डॉक्टरों ने कहा है कि कोरोना वायरस और मंकीपॉक्स का खतरा एक साथ आ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ अन्य अध्ययनों के बाद ही पता चल सकेगा कि तीनों बीमारियाँ एक साथ होने से मरीज की हालत कितनी बिगड़ती है।

PM मोदी के कच्छ दौरे से पहले भुज में सांप्रदायिक तनाव: सुलेमान ने परेश रैबारी को बुलाया और सीने में चाकू घोंपा, मौत के बाद इलाके में बवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के गुजरात के कच्छ दौरे से पहले भुज में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। तनाव फैलने का कारण सुलेमान सना द्वारा सुरेश रैबारी नाम के व्यक्ति की चाकू घोंपकर करना है। इसके बाद माधापुर गाँव में शुक्रवार (28 अगस्त 2022) को जमकर बवाल हुआ।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (29 अगस्त 2022) को भुज जाने वाले हैं। वे वहाँ कच्छ में आए भूकंप में मारे गए लोगों को प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने और याद करने के लिए ‘स्मृति वन’ का लोकार्पण करने वाले हैं। जहाँ स्मृति वन है, वहाँ से सांप्रदायिक तनाव वाले माधापुर की दूरी मात्र चार किलोमीटर है। ऐसे में प्रशासन सख्त हो गया है।

बताया जा रहा है कि मृतक सुरेश रैबारी की उम्र 20 साल थी और वह माधापुर का रहने वाला था। वहीं, हत्या के आरोपित सुलेमान कोटकनगर का बताया जा रहा है। कहा जा रहा कि शुक्रवार की सुबह एक होटल को लेकर दोनों के बीच माधापुर हाइवे पर विवाद हो गया था। हालाँकि, बाद में दोनों घर लौट गए।

दोपहर में सुलेमान ने परेश को फोन करके माधापुर बस स्टैंड के पास लोहाना समाजनी वाडी के पास मिलने के लिए बुलाया। जब परेश वहाँ पहुँचा तब सुलेमान ने अपने साथ लाए चाकू को परेश की छाती में घोंप दिया और लहुलुहान हालत में छोड़कर भाग गया।

परेश किसी तरह अपने बड़े भाई कमलेश को फोन करके बुलाया। कमलेश अन्य लोगों के साथ भागते हुए मौके पर पहुँचे और लहुलुहान भाई को रिक्शे में बैठाकर अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुँचने के कुछ ही देर बाद परेश की मौत हो गई।

परेश की मौत की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में उबाल आ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और नेता अस्पताल पहुँच गए। परिजनों ने मृतक के शव को लेने से भी मना कर दिया। घटना की जानकारी पुलिस को जैसे ही मिली, भारी संख्या में फोर्स अस्पताल पहुँच गई। इलाके के IG भी पहुँच गए और आरोपित को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर शांत करने की कोशिश की।

हालाँकि, लोग इसके लिए तैयार नहीं थे। कुछ ही देर बाद पुलिस ने आरोपित सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परिजनों ने मृतक का शव और उसे लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुँचे। इस दौरान भारी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।

कहा जा रहा है कि जब अंतिम संस्कार करने के बाद लोग घर लौट रहे थे उसी दौरान लोगों का गुस्सा भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने कुछ दुकानों को अपना निशाना बना लिया। ये भी कहा जा रहा है कि दूसरे समुदाय के महजबी स्थल को भी भीड़ ने निशाना बनाया है।

पुलिस इंस्पेक्टर करण सिंह विहोल का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद तनाव कम हो गया। उन्होंने कहा कि तनाव और हालात को देखते हुए गाँव में राज्य आरक्षित पुलिस (SRP) और त्वरित कार्रवाई बल (QRT) की टीमें तैनात कर दी गई हैं।

उधर सुलेमान को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगा है कि हत्या के पीछे क्या मकसद है। रिपोर्ट के मुताबिक परेश रैबारी दूध बेचने का काम करता था। वहीं, इलाके में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।

‘कार्तिकेय 2’ की टीम ने जनता के बीच मनाया ₹100 करोड़ कमाई का जश्न, कश्मीर फाइल्स का भी गूँजा नाम: उधर Liger 2 दिनों में ही क्रैश

निखिल सिद्धार्थ की फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ की टीम ने फिल्म के 100 करोड़ के पास पहुँचने पर आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में जनता के बीच जश्न मनाया, जिसमें निर्माता अभिषेक अग्रवाल भी मौजूद रहे। वहीं विजय देवरकोंडा की फिल्म ‘Liger’ दूसरे दिन ही क्रैश हो गई है। ‘आंध्र बॉक्स ऑफिस’ के अनुसार, 2 दिनों में ‘Liger’ ने सिर्फ 34.40 करोड़ रुपए ही कमाए हैं। ये दुनिया भर के कलेक्शंस हैं। वहीं फिल्म का शेयर मात्र 17 करोड़ रुपए पर अटका हुआ है।

उधर कुर्नूल में ‘कार्तिकेय 2’ के 100 करोड़ कमाने के जश्न में प्रड्यूसर अभिषेक अग्रवाल ने दर्शकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाया है। उन्होंने फिल्म का समर्थन करने के लिए डिस्ट्रब्यूटरों का भी धन्यवाद दिया। इस दौरान मंच से ‘द कश्मीर फाइल्स’ का जिक्र करते हुए उसकी भी तारीफ़ की गई। अभिषेक अग्रवाल ही इसके भी निर्माता थे। साथ ही ‘कार्तिकेय 3’ को लेकर लोगों की उम्मीदें जो बढ़ी हुई हैं, उसका भी जिक्र किया गया।

बता दें कि हिंदी बेल्ट में भी ‘कार्तिकेय 2’ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और फिल्म ने नेट कमाई के मामले में 20 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शंस की बात करें तो इसने 85 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है और इस वीकेंड के बाद ये कभी भी 100 करोड़ रुपए का आँकड़ा छू सकती है, जो छोटे बजट की इस फिल्म के लिए बहुत बड़ी बात है। पहले 3 दिन में ही फिल्म प्रॉफिट जोन में आ गई थी।

बात ‘Liger’ की करें तो एक तरफ जहाँ इसे समीक्षकों की नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ मिली हैं, वहीं दूसरी तरफ IMDb पर इसकी रेटिंग 10 में मात्र 1.6 है। फिल्म का बजट 125 करोड़ रुपए हैं, ऐसे में ये इसका आधा भी निकालती नहीं दिख रही है। हिंदी बेल्ट में इसने 6.5 करोड़ रुपए की कमाई की है, लेकिन वीकेंड के बाद ये पूरी तरह क्रैश हो जाएगी। 18.4 करोड़ रुपए का ग्रॉस इसने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुल मिला कर 2 दिनों में किया है।

झारखंड में सरकार बचाने के लिए MLA ‘कैद’: 3 बसों में भरकर लतरातू ले गए CM हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ हो सकता है अगला पड़ाव

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश के बाद शनिवार (27 अगस्त 2022) को महागठबंधन के विधायकों हुई। बैठक के बाद सभी विधायकों को 3 बस में बैठाकर राँची के रिसॉर्ट में भेजा गया है। इसके साथ ही उनका मोबाइल भी स्वीच ऑफ करा दिया गया है।

इसके पहले खबर आई थी कि महागठबंधन के विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा। हालाँकि, अंतिम समय में प्लान को बदल दिया गया और उन्हें तीन बसों में भरकर राँची के ही खूँटी स्थित लतरातू भेज दिया गया। बस में हेमंत सोरेन भी साथ थे। हालाँकि, बाद में वे अपनी कार में सवार होकर साथ चलने लगे।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में किसी रिसोर्ट मेें भेजे जाने की बात कही जा रही है। वहीं, किसी रिपोर्ट में लतरातू के डुमारगड़ी गेस्ट हाउस में विधायकों के ठहरने की व्यवस्था करने की बात कही जा रही है। खूँटी के डीसी और एसपी गेस्ट हाउस पहुँचकर गद्दे और सोफा आदि की व्यवस्था कर रहे हैं।

वहीं, कॉन्ग्रेस के तीन विधायकों को राँची से बाहर छत्तीसगढ़ भेजने की बात कही जा रही थी। कॉन्ग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विधायकों से किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। हालाँकि, ये विधायक भी उन्हीं बसों में साथ हैं।

दरअसल, ये सारी कवायद किसी भी तरह की हॉर्स ट्रेडिंग को रोकने के लिए है। अगर आगे किसी भी तरह स्थिति बनती है और फ्लोर टेस्ट की नौबत आती है तो विधायकों को व्हिप जारी किया जा सके। राँची में रहने के कारण उन्हें पहुँचने में देर नहीं लगेगी। वहीं, सबको साथ रखने से विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना कम हो जाएगी।

इधर के झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा है कि हेमंत सोरेन को बीजेपी ने नहीं कहा था कि अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारो और न सिर्फ अपने लिए पत्थर का खनन का पट्टा ले लो बल्कि भाई और परिवार के लिए भी खनन का पट्टा ले लो।

उन्होंने कहा, “हमने राज्यपाल का आवेदन दिया था। उसमें हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने और उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत चुनाव लड़ने से रोकने का भी आवेदन किया था। हमने राज्यपाल को पुख्ता सबूत दिया है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से भी रोका जा सके।” 

‘दलित सांसद को शंकराचार्य ने नहीं छूने दिया अपना पाँव’: अब MP ने खुद बताई तस्वीरों की सच्चाई, कहा – गलत दिखाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के इटावा से सांसद रामशंकर कठेरिया को लेकर एक झूठ फैलाया जा रहा है। रविंद्र सिंह नामक शख्स ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके बारे में झूठी अफवाह फैलाई, जिसके बाद भाजपा सांसद ने चेतावनी दी है। रविंद्र सिंह ने दो तस्वीरें शेयर की, जिसमें सांसद रामशंकर कठेरिया शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती के साथ बैठे हुए हैं। शंकराचार्य ऊपर बैठे हैं और वो नीचे, जैसा कि सभी भक्त करते हैं। लेकिन, रविंद्र सिंह ने इसका गलत अर्थ निकाल लिया।

साथ ही उन्होंने लिखा कि हिन्दू धर्म में दलितों की औकात यही है, भले ही वो सांसद-विधायक बन जाएँ या डीएम-एसपी, वो अछूत के अछूत ही रहेंगे। उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे धर्म को सांसद रामशंकर कठेरिया को लात मार देनी चाहिए। उन्होंने इसे ट्रेलर बताते हुए लिखा कि पिक्चर अभी बाकी है। रविंद्र सिंह ने आगे अफवाह फैलाई कि एक ब्राह्मण शंकराचार्य दलित रामशंकर कठेरिया के छूते ही अपवित्र हो जाएँगे, ये कितने शर्म की बात है।

उन्होंने सांसद के जमीन पर बैठने पर भी तंज कसा और पूछा कि क्या इसीलिए बाबासाहब ने दलितों को राजनीति में आरक्षण दिया? साथ ही कहा कि इससे अच्छा इन्हें गुलाम ही रहने देते। अब सांसद रामशंकर कठेरिया ने इन तस्वीरों की सच्चाई बताई है। असल में उन्होंने ये तस्वीरें मार्च 2022 में ही शेयर की थी। इसके बावजूद इसे 5 महीने बाद फिर से शेयर कर के उन्हें बदनाम किया जा रहा है और दलित व बाबासाहब का नाम लेकर उलटी-सीधी बातें की जा रही है।

सांसद ने सच्चाई बताते हुए लिखा, “मेरे यहाँ नगरिया- सरावा, इटावा में दिनांक 15 से 22 मई 2022 तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था, जिसमें वृन्दावन के डॉ श्यामसुन्दर पाराशर कथावाचक थे। 16 मार्च, 2022 को पुरी शंकराचार्य परम पूज्य श्री निश्चलानन्द सरस्वती जी को मैं सादर आमंत्रित करने गया था। उस दौरान 1 घंटे मैं उनके सान्निध्य में रहा। उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जो मीडिया में दिखाया जा रहा है, ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई, यह पूरी तरह असत्य है।

सांसद ने कहा कि वो इसकी मैं घोर निंदा करते हैं और ऐसे लोगों पर कठोर कार्यवाही की माँग करते हैं, जो यह सब गलत दिखा रहे हैं। ऐसा ही झूठ AAP सांसद संजय सिंह ने अगस्त 2020 में फैलाया था कि दलित होने के कारण उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को अयोध्या राम मंदिर भूमिपूजन में नहीं बुलाया गया। जबकि डिप्टी सीएम मौर्य ने पहले ही ट्वीट कर बताया था कि वे भूमिपूजन में मौजूद हैं। उन्होंने तस्वीर भी जारी की थी।