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असम में हिमंता सरकार की अवैध कब्जाधारियों पर बड़ी कार्रवाई: 330 एकड़ जमीन खाली कराने के लिए 1200 जवान और 50 से अधिक बुलडोजर तैनात

असम की हिमंता बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Vishwa Sarma) सरकार आतंकी गतिविधियों वाले मदरसों और सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों को लेकर सख्त रूख अपनाए हुए है। शनिवार (3 सितंबर 2022) को बेदखली का काम शुरू किया है।

पुलिस का कहना है कि सोनितपुर जिले में 330 एकड़ जमीन को खाली कराने की कार्रवाई जारी है। इसके लिए भारी सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित बरचल्ला में नंबर 3 चीतलमारी इलाकों के अवैध घरों को ध्वस्त करने के अभियान में 50 से अधिक बुलडोजर एवं अन्य भारी मशीनों को लगाया गया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में मजदूरों को तैनात किया गया है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि बेदखली की कार्रवाई अभी तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रही है। अधिकारी का कहना है कि इलाके के अवैध निवासियों को बेदखली का नोटिस भेजा गया था। नोटिस मिलने के बाद अधिकांश निवासी अपना सामान लेकर वहाँ से जा चुके हैं।

बेदखली और अवैध इमारतों को ध्वस्त करने का काम शनिवार को सुबह 5 बजे से शुरू किया गया। अवैध इलाके के एक तिहाई हिस्से में ध्वस्तीकरण का काम पूरा भी हो चुका है। वहीं, कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की रूकावट को देखते हुए 1200 अर्द्धसैनिकों को तैनात किया गया है।

इसके पहले विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार (1 सितंबर 2022) को इलाके का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा था कि बेदखली के दौरान एक IG रैंक का अधिकारी और तीन SP रैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

सरकारी आँकड़ों में बताया गया है कि इस इलाके में 299 परिवार अवैध रूप से रह रहे थे। सरकार ने इन परिवारों को जमीन खाली करने के लिए लगभग 8 महीने पहले नोटिस दिया था। नोटिस मिलने के बाद इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक परिवार यहाँ से जा चुके हैं।

इस इलाके में सबसे ज्यादा बांग्लाभाषी मुस्लिम थे। उसके बाद बंगाली हिंदू और गोरखा थे। इस क्षेत्र के दो बार से भाजपा विधायक गणेश कुमार लिम्बु का कहना है कि यहाँ रहने वाले अधिकांश लोगों के दूसरी जगहों पर भी घर है। इसलिए वे बिना किसी विरोध के चले गए।

‘शबाना आजमी, जावेद अख्तर और नसीरुद्दीन शाह… ये सब टुकड़े-टुकड़े गैंग के स्लीपर सेल’ : MP के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लिबरल गैंग पर निशाना साधा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शबाना आजमी, जावेद अख्तर और नसीरुद्दीन शाह तीनों को ही टुकड़े-टुकड़े गैंग का स्लीपर सेल कह दिया।

बॉलीवुड में काम करने वाली शबाना आजमी ने हाल ही में बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषियों की रिहाई को लेकर नराजगी जाहीर की थी। इस पर जब मंत्री नरोत्तम मिश्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “शबाना आजमी, लेखक जावेद अख्तर और नसीरुद्दीन शाह टुकड़े-टुकड़े गैंग के स्लीपर सेल हैं।”

गुरुवार (2 सितंबर 2022) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “शबाना आजमी को बिलकिस बानो का केस तो दिखाई देता है, लेकिन राजस्थान में कन्हैया लाल की हत्या नहीं दिखाई देती। इस पर शबाना आजमी कुछ नहीं बोलीं। झारखंड में हमारी बेटी की जिंदा जलाकर हत्या की गई। इस पर इनकी गैंग कुछ नहीं बोली।”

इस दौरान उन्होंने कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग को और अवॉर्ड वापसी गैंग को यह सब दिखाई नहीं देता है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा कि बीजेपी शासित राज्य में कुछ हो जाए तभी ये गैंग जागता है। तभी इन सभी को देश में रहने में डर लगने लगेगा। यह सभी लोग तब गला फाड़-फाड़ कर चिल्लाने लगेंगे। अवॉर्ड वापसी गैंग भी सक्रिय हो जाएगी।

क्या है बिलकिस बानो केस

वर्ष 2002 में गोधरा में ट्रेन के भीतर हिंदुओं को जला कर मारा गया था। इसके बाद गुजरात दंगे हुए। बिलकिस बानो केस इसी का एक चर्चित मामला है। आरोप के अनुसार गुजरात के दाहोद जिले के राधिकपुर गाँव में रहने वाली बिलकिस बानो के घर अनुमानतः 20 लोगों ने हमला कर दिया था।

आरोप है उन हमलावरों ने बिलकिस, उनकी माँ और तीन अन्य महिलाओं के साथ बलात्कार किया। इसके अलावा यह भी आरोप है कि हमलावरों ने बिलकिस के खानदान के कुल 8 सदस्यों हत्या की थी, जबकि 6 लोग लापता हो गए थे। गौर करने वाली बात है कि हमला करने वालों ने 3 साल की एक मासूम को जिंदा छोड़ दिया था।

हमले के बाद बिलकिस बेहोश हो गई थीं। होश में आने के बाद उन्होंने एक आदिवासी महिला से मदद ली थी। इसके बाद वह एक होमगार्ड से मिली थीं, जो उन्हें लिमखेड़ा पुलिस स्टेशन लेकर गया था। इस मामले में सीबीआई ने बताया तथ्यों को दबाया गया और शिकायत का एक विकृत तथा छोटा संस्करण लिखा गया।

ब्रिटेन को पीछे धकेल भारत बना विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: GDP ग्रोथ का IMF भी हुआ कायल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं- ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’ आदि का प्रभाव दिखने लगा है। ब्रिटेन को पछाड़कर भारत विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत से आगे अब सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी ही हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था में इस तरह की बड़ी छलांग पिछले 10 वर्षों के दौरान देखने को मिला। आज से 10 साल पहले यानी 2012 तक भारत विश्व की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी शामिल नहीं था। इस सूची में भारत का स्थान 11वाँ था, जबकि ब्रिटेन पाँचवें नंबर पर ही था।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर विनिमय दर पर आधारित नॉमिनल कैश के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार नॉमिनल कैश में 854.7 अरब डॉलर (68.13 लाख करोड़ रुपए) हो चुका है। वहीं, उसी अवधि में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 816 अरब डॉलर (65 लाख करोड़ रुपए) था।

वहीं, सालाना आधार पर बात करें तो भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 3.17 लाख करोड़ डॉलर का है, जबकि ब्रिटेन का जीडीपी 3.19 लाख करोड़ डॉलर का है। भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से कुछ पीछे छठे स्थान पर है। इस आधार पर भारत की GDP ने बीते 20 वर्षों में 10 गुना वृद्धि हासिल की है।

बात दें कि भारत ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी आँकड़े जारी किए हैं। इन आँकड़ों में भारतीय अर्थव्यवस्था की शानदार ग्रोथ का पता चलता है। भारत की अर्थव्यवस्था इस तिमाही में 13.5 फीसदी की दर से बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के जीडीपी आँकड़ों में भी कहा गया है कि भारत ने अपनी GDP को मजबूत किया है।

IMF के मुताबिक, साल 2019 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था नॉमिनल जीडीपी के आधार में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी थी। ब्रिटेन छठे स्थान पर चला गया था। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2.9 लाख करोड़ डॉलर था। उस समय ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2.8 लाख डॉलर पर आ गई थी। 

भगवान नीलकंठ महादेव का मंदिर तोड़ बना डाली 23000 नमाजियों वाली जामा मजिस्द: UP के बदायूँ में याचिका दायर, कोर्ट में सभी सबूत पेश

उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में हिन्दू संगठनों ने वहाँ की जामा मजिस्द में नीलकंठ महादेव के होने का दावा किया है। इस दावे के साथ जिले की सिविल कोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया है। इसमें नीलकंठ महादेव की तरफ से हिन्दू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल खड़े हुए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 सितम्बर 2022 को तय की गई है। 2 अगस्त 2022 को दायर इस याचिका पर आदेश शुक्रवार (2 सितम्बर 2022) को हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीलकंठ महादेव की तरफ से कुल 5 पक्षकार कोर्ट में पेश हुए हैं। मामले में मुख्य पक्षकार स्वयं भगवान नीलकंठ महादेव को बनाया गया है। उनके अलावा अन्य पक्षकारों में मुकेश पटेल, एडवोकेट अरविन्द परमार, ज्ञान प्रकाश, डॉक्टर अनुराग शर्मा और उमेश चंद्र शर्मा शामिल हैं। पेश हुए पक्षकारों ने जामा मस्जिद को इतिहास में पहले हिन्दू राजा महीपाल का किला और उसी जगह पर भगवान शिव का नीलकंठ मंदिर होने का दावा किया है।

याचिकाकर्ता मुकेश पटेल का दावा है कि उन्हें इस जगह के इतिहास की जानकारी है। उन्होंने कोर्ट से जामा मस्जिद का सर्वे करवाने की माँग की है। पटेल का दावा है कि भगवान शिव के मंदिर को तोड़ कर जामा मस्जिद बनाई गई है।

याचिकाकर्ताओं के वकील वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि उन्होंने सभी सबूत कोर्ट में पेश किए हैं, जो उस स्थान को प्राचीन हिन्दू मंदिर साबित करती है। मुकेश पटेल के मुताबिक:

“1192 में भारत पर मोहम्मद गोरी के आक्रमण के दौरान उसके सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने बदायूँ आकर राजा महिपाल को मार डाला था। बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक के दामाद इल्तुतमिश ने यहाँ के मंदिर को तोड़ कर उस पर जामा मस्जिद बनवाई है।”

इस मामले में मुस्लिम पक्ष इस जामा मस्जिद को सन 1222 में शाशुद्दीन इल्तुतमिश द्वारा बनावाई गई मानता है। आपको बता दें कि बदायूँ की जामा मस्जिद मौलवी टोला इलाके में बनी है, जिसमें एक साथ लगभग 23000 लोगों के नमाज पढ़ने की जगह है।

मामले में सुनवाई कर रहे सीनियर डिवीजन जज विजय कुमार गुप्ता की कोर्ट से अब विपक्षियों को भी उनका पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस वाद में विपक्षी के तौर पर जामा मस्जिद की इंतजामिया कमिटी है। उनके अलावा उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड, उत्तर प्रदेश पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को अपना-अपना पक्ष रखना है।

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व वाराणसी में हुए ज्ञानवापी ढाँचे के सर्वे में हिन्दू पक्षकारों ने प्राचीन शिवलिंग मिलने का दावा किया था। हालाँकि मुस्लिम पक्षकारों ने उसे फव्वारा बताया था और TV डिबेट के दौरान भी कई इस्लामी स्कॉलरों ने उसके लिए अपमानजनक शब्द बोले थे।

JDU में नीतीश कुमार से बगावत: अब्दुल नासिर को छोड़ मणिपुर के 6 में से 5 विधायकों ने BJP का थामा हाथ, NDA से अलग होने पर थे नाराज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ा तो उनकी पार्टी के 5 विधायकों ने पार्टी को छोड़ बीजेपी से नाता जोड़ लिया। मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 6 में से 5 विधायक भाजपा में शामिल होकर नीतीश कुमार बड़ा झटका दे दिया है।

पार्टी के 5 विधायकों के भाजपा में विलय करने को जेडीयू ने असंवैधानिक बताया है। वहीं, भाजपा ने उन विधायकों का स्वागत किया है। इस उलटफेर को लेकर मणिपुर विधानसभा के सचिव को भी सूचित कर दिया गया है।

दरअसल, मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह (CM N Biren Singh) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को जेडीयू समर्थन दे रही थी। कहा जा रहा है कि जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने राज्य में भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया था।

ये भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस फैसले से राज्य के विधायक खुश समर्थन में नहीं थे। इतना ही नहीं, बिहार में भी भाजपा से गठबंधन तोड़ने के पक्ष में मणिपुर के जेडीयू विधायक नहीं थे। यही कारण है कि इन विधायकों ने भाजपा में विलय कर लिया। जेडीयू के कुल 6 में विधायकों में मोहम्मद अब्दुल नासिर को छोड़कर 5 ने भाजपा में विलय कर लिया।

उधर मणिपुर विधानसभा के सचिव मेघजीत सिंह ने कहा कि जेडीयू के पाँच विधायकों के भाजपा में विलय को संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत स्वीकार कर लिया गया है। बता दें कि इस साल हुए विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने कु 38 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें 6 सीटों पर जीत दर्ज हुई थी।

बता देें कि कुछ समय पहले ही अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (JDU) का इकलौता विधायक भी भाजपा में शामिल हो गया था। 25 अगस्त को जेडीयू के इकलौते विधायक टेकी कासो ने भाजपा जॉइन कर लिया था। इस तरह राज्य में जदयू का पूरी तरह सफाया हो गया था।

साल 2019 में हुए अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू को 7 सीटें मिली थीं। उस समय राज्य में भाजपा के बाद जदयू दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। भाजपा के कुल 41 विधायक थे और जेडीयू के 7 विधायक थे। हालाँकि, बाद में जेडीयू के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

मणिपुर में भाजपा में विलय करने वाले 5 विधायकों की तरह तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं जारी किया गया है। जेडीयू के जिन पाँच विधायकों ने भाजपा में विलय किया है, उनके नाम हैं- केएच जॉयकिशन, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दीन, पूर्व पुलिस महानिदेशक एएम खाउटे और थांगजाम अरूण कुमार।

इन विधायकों में एएम खाउटे और थांगजाम अरुण कुमार ने विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से टिकट की माँग की थी। जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वे जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़े और जीते थे। अब दोनों ने जेडीयू छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है।

बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने पार्टी में बगावत को लेकर JDU पर कटाक्ष किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “अरुणाचल के बाद अब मणिपुर भी JDU मुक्त। बहुत जल्द लालूजी बिहार को भी JDU मुक्त कर देंगे।”

बिहार में अब BTET अभ्यर्थियों पर बरसी पुलिस की लाठियाँ, इससे पहले BPSC छात्रों को भी पीटा था: नीतीश-तेजस्वी सरकार में तीसरी बार पिटे युवा

बिहार में एक बार फिर अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की खबर सामने आई है। पटना में परीक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे BTET अभ्यर्थी राजभवन का घेराव करने के लिए डाकबंगला चौराहे से आगे की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर जमकर लाठियाँ बरसाई हैं। पुलिस की लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों के घायल होने व एक लड़की के बेहोश होने की बात सामने आई है।

हाल में दो बार हो चुके हैं इसी तरह के लाठीचार्ज

इससे पहले बुधवार (31 अगस्त 2022) को भी ‘बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)’ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। जिससे कई छात्र घायल हो गए था। पत्रकार शुभांकर मिश्रा ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर ट्वीट भी किया था। उन्होंने लिखा, “लाखों नौकरी का ऐलान करने वाली सरकार की पुलिस ने अब पटना में BPSC छात्रों पर लाठीचार्ज किया है। छात्र परीक्षा का पैटर्न बदलने का विरोध कर रहे थे। उधर पटना के लाठीचार्ज ADM, जिन्होंने 22 August को ‘तिरंगा’ पकड़े छात्र की बेरहमी से पिटाई की थी, उन पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं BPSC परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर छात्र लगातार विरोध कर रहे थे। पटना में एकत्रित हुए बीपीएससी अभ्यर्थियों ने एक दिन में ही परीक्षा आयोजित करने की माँग की थी। उनका कहना था कि इसी के आधार पर मेरिट लिस्ट भी तैयार की जाए। उनका कहना था कि दो दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी तो दोनों दिन परीक्षा के सवाल का लेवल अलग-अलग होगा। इसलिए, दो दिन की जगह परीक्षा एक ही दिन में ली जाए। इन दोनों माँगों को लेकर बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे। इसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया।

बता दें कि इसी तरह 22 अगस्त 2022 को भी पटना ADM ने लाठी बरसा कर एक शिक्षक अभ्यर्थी को लहूलुहान कर दिया था। ADM का गुस्सा सिर्फ शिक्षक अभ्यर्थियों पर ही नहीं बरसा, बल्कि उन्होंने एक मीडियाकर्मी की भी धुनाई कर दी थी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। वीडियो में पटना ADM को खुलेआम उस शिक्षक अभ्यर्थी पर लाठियाँ बरसाते हुए देखा गया, जो हाथ में तिरंगा लिए हुए था। वो जमीन पर गिर गया था, इसके बाद भी ADM लगातार उसकी पिटाई करते रहे। अधिकारी ने इस दौरान भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे पर लाठी बरसाने से भी परहेज नहीं किया।

शादीशुदा रब्बानी अंसारी ने नाम-धर्म छुपा दलित नाबालिग से की दोस्ती, फिर रेप: अश्लील वीडियो किया वायरल, कुएँ में धकेल कर मारने की कोशिश

झारखंड के लोहरदगा (Lohardaga, Jharkhand) लव जेहाद (Love Jihad) का एक मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक ने पहले अपना नाम और धर्म छुपाकर एक नाबालिग दलित युवती से दोस्ती की, फिर शादी के नाम पर उसका यौन शोषण करने लगा। जब लड़की को सच्चाई पता चली तो आरोपित ने कुएँ में धकेल कर उसकी हत्या करने की कोशिश की।

हालाँकि, लड़की की किसी तरह जान बच गई और उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद इलाके के लोगों ने इस घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर और उसे गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, 6 महीना पहले राँची के रब्बानी अंसारी ने लोहरदगा जिले की 17 साल की नाबालिग पीड़िता को कॉल किया था। उस दौरान उसने अपना नाम साजन उरांव और खुद को अनुसूचित जनजाति (ST) का बताया था। इसके बाद अंसारी लड़की को अपनी बातों में फँसा लिया और दोस्ती के नाम पर फोन पर बातें करने लगा।

अंसारी अपने मकसद को कामयाब होता देख आगे की रणनीति अपनाई और लड़की को बताया कि वह उससे प्यार करने लगा है। लड़की आरोपित के झाँसे में आ गई। इस बीच फरवरी से जुलाई महीने के बीच रब्बानी अंसारी ने लड़की को कई बार राँची बुलाया और किराए पर कमरा लेकर उसके साथ रेप किया। उसने लड़की का अश्लील वीडियो भी बना लिया।

इसी दौरान लड़की को पता चला कि जिसे वह साजन उरांव समझ रही है, वह असल में रब्बानी अंसारी है और वह शादीशुदा है। लड़की ने जब इसका विरोध किया तो अंसारी उसके साथ मारपीट करने लगा। इतना ही नहीं उस पर दबाव बनाने के लिए उसने अश्लील वीडियो भी वायरल कर दिया। उसने एक कुएँ में धक्का देकर उस पर पत्थर भी मारे।

खुशकिस्मती से नाबालिग दलित लड़की की किसी तरह जान बच गई और वहाँ से भागकर वह लोहरदगा अपने घर पहुँची। घर पर उसने परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी। उसके बाद परिजन लड़की को लेकर महिला थाने पहुँचे।

लोहरदगा महिला थाना पुलिस ने IPC की धारा 376, 427, 379, 417, 307 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर रब्बानी अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। रब्बानी अंसारी राँची जिले के मांडर थाना अंतर्गत नवाटाड़ का रहने वाला है और वह जिले के नारकोपी थाने के अंतर्गत मोबाइल की एक दुकान चलाता है।

बता दें कि झारखंड के दुमका में शाहरुख हुसैन नाम के एक लड़के ने एक नाबालिग हिंदू युवती पर दोस्ती का दबाव डाला था। जब लड़की नहीं मानी तो उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। अंत उस लड़की की मौत हो गई। इस घटना के बाद राज्य भर में लव जेहाद की घटनाओं को लेकर हिंदू संगठनों मेें रोष है।

कॉन्ग्रेस के पूर्व CM से देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, पार्टी में टूट की अटकलें: 10 MLA छोड़ सकते हैं हाथ का साथ

महाराष्ट्र में राजनीतिक हालात लगातार बदल रहे हैं। कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) और महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis) के बीच गुरुवार (1 सितंबर 2022) को 20-25 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस में भी टूट की अटकलेें लगाई जा रही हैं।

कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के 10 विधायक प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो सकते हैं। इनमें से दो नेताओं को मंत्री भी बनाया जा सकता है। बता दें कि अक्टूबर महीने में शिंदे सरकार की मंत्रिमंडल का विस्तार होना है।

कॉन्ग्रेस के जिन दो नेताओं को मंत्री बनाने की अटकलें लग रही हैं, उनमें पृथ्वीराज चव्हाण और असलम शेख हैं। असलम शेख भाजपा नेता मोहित कंबोज के साथ देवेंद्र फडणवीस से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। वहीं, चव्हाण ने गुरुवार को मुलाकात की।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस के कुल 44 में से 7-10 विधायकों के पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि इस साल जून में हुए विधान परिषद् चुनावों में कॉन्ग्रेस के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। वहीं, जुलाई में महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA Government) के बहुमत साबित के दौरान 10 विधायक विधानसभा से गायब रहे थे।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कॉन्ग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के पार्टी हाईकमान से रिश्ते ठीक नहीं है। दोनों के बीच तल्खी के कारण खबरें आती रही हैं कि वे कॉन्ग्रेस छोड़ सकते हैं। चव्हाण कॉन्ग्रेस के बागी G-23 के सदस्य रहे हैं और हाल ही में पार्टी छोड़ चुके गुलाम नबी से मिल चुके हैं। हालाँकि, चव्हाण ने पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया है।

चव्हाण-फडणवीस की मुलाकातों और पार्टी में टूट की खबरों को कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले ने अफवाह बताया। पटोले ने कहा कि उन्होंने त्योहारों के दौरान सत्ता और विपक्षी दलों के नेताओं के मिलने की पुरानी परंपरा है। इसलिए दोनों नेता मिले। उन्होंने कहा पार्टी में टूट का अफवाह उड़ाया जा रहा है।

भाजपा नेता और वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार (2 सितंबर) को कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में 23 नए मंत्री शपथ ले सकते। अगर 23 नए मंत्री शपथ लेते हैं तो राज्य में कुल मंत्रियों की संख्या 43 हो जाएगी। बता दें कि नियमों के अनुसार, सदन के कुल सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत ही मंत्री बनाए जा सकते हैं।

‘4 करोड़ को मिला मुफ्त इलाज, बचाए गरीबों के ₹50000 करोड़’: कर्नाटक में बोले PM मोदी – 8 साल में गरीबों के लिए बनाए 3 करोड़ घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के मंगलुरु में 3800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे इंफ़्रास्ट्रक्चर को एक बड़ी मजबूती मिलेगी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से जिन ‘पंच प्रणों’ की बात उन्होंने की है, उनमें से सबसे पहला है – विकसित भारत का निर्माण। उन्होंने समझाया कि ये प्रण है विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर का, ‘मेक इन इंडिया’ का विस्तार करना बहुत आवश्यक है।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने ‘Port led development’ को विकास का एक अहम मंत्र बनाया है और इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि सिर्फ 8 वर्षों में भारत के पोर्ट्स की कैपेसिटी लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को जिस प्रकार देश ने प्राथमिकता बनाया है, उसका बहुत अधिक लाभ कर्नाटक को मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि कर्नाटक सागरमाला योजना के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि पिछले 8 वर्षों में देश में गरीबों के लिए 3 करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं और कर्नाटक में भी गरीबों के लिए 8 लाख से ज्यादा पक्के घरों के लिए स्वीकृति दी गई है। बकौल पीएम मोदी, मध्यम वर्ग के हजारों परिवारों को भी अपना घर बनाने के लिए करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। उन्होंने ये भी बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सिर्फ 3 वर्षों में ही देश में 6 करोड़ से अधिक घरों में पाइप से पानी की सुविधा पहुँचाई गई है और इसमें कर्नाटक के भी 30 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों तक पहली बार पाइप से पानी पहुँचा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के करीब-करीब 4 करोड़ गरीबों को अस्पताल में भर्ती रहते हुए मुफ्त इलाज मिल चुका है, जिससे गरीबों के करीब-करीब 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। ‘आयुष्मान भारत’ का लाभ कर्नाटक के भी 30 लाख से अधिक गरीब मरीज़ों को मिला है। जिनको आर्थिक दृष्टि से छोटा समझकर भुला दिया गया था, हमारी सरकार उनके साथ भी खड़ी है। छोटे किसान हों, छोटे व्यापारी हों, मछुआरे हों, रेहड़ी-पटरी-ठेले वाले हों, ऐसे करोड़ों लोगों को पहली बार देश के विकास का लाभ मिलना शुरू हुआ है, वो विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि कुछ दिनों पहले GDP के जो आँकड़े आए हैं, वो दिखा रहे हैं कि भारत ने कोरोना काल में जो नीतियाँ बनाईं, जो निर्णय लिए, वो कितने महत्वपूर्ण थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल इतने वैश्विक समस्याओं के बावजूद भारत ने 670 बिलियन डॉलर, यानी 50 लाख करोड़ रुपए का टोटल एक्सपोर्ट किया। पीएम मोदी ने आज ही INS विक्रांत का भी अनावरण किया, जो भारतीय नौसेना को नई मजबूती देगा।

पकड़ा गया MP का सीरियल किलर, KGF वाले ‘रॉकी भाई’ जैसा बनना चाहता था: कर चुका है 6 हत्याएँ, रात में गार्ड्स को सोते देख सिर फोड़ डालता था

मध्य प्रदेश में सिक्योरिटी गार्ड्स की सिलसिलेवार तरीके से हत्या करके से सनसनी मचाने वाले सीरियल किलर को पुलिस ने शुक्रवार (2 सितंबर, 2022) को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में हुई है। सीरियल किलर की पहचान शिव प्रसाद के तौर पर हुई है। वह फिल्म KGF-2 से प्रभावित होकर हत्याएँ कर रहा था और फेमस होना चाहता था।

बताया जा रहा है कि आरोपित सीरियल किलर शिवप्रसाद सिक्योरिटी गार्ड्सकल की एक ही तरीके से कर रहा था। सीरियल किलर की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई है कि उसे सिक्योरिटी गार्ड्स का रात में सोना पसंद नहीं था। इसलिए, वह रात में सोते हुए सिक्योरिटी गार्ड्स के सिर पर वार कर उनकी हत्या करता था।

सागर में लगातार 3 हत्याएँ करने के बाद आरोपित भोपाल आ गया था। वहाँ उसने गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को बैरागढ़ में इलाके में हत्या की थी। इस हत्या के बाद, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपित की तलाश कर रही थी। इसी संबंध में सागर और भोपाल पुलिस ने इनपुट के आधार पर शिवप्रकाश की गिरफ्तारी की है।

आरोपित ने बताया है कि वह KGF-2 फिल्म से प्रभावित था और वह रॉकी भाई की तरह गैंगस्टर बनना चाहता था। इसके लिए वह रुपए जमा कर रहा था। सिक्योरिटी गार्ड्स की हत्या के बाद उसकी योजना पुलिस वालों की हत्या करने की थी। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इन हत्याओं से उसका उद्देश्य सिर्फ फेमस होना था।

लगातार की 4 हत्याएँ

सीरियल किलर शिवप्रसाद ने 28 अगस्त को सागर के कैंट थाना क्षेत्र के भैंसा गाँव में ट्रक बॉडी रिपेयरिंग की दुकान में चौकीदारी करने वाले कल्याण लोधी की सोते समय हथौड़ा मार कर हत्या की थी। इसके बाद 30 अगस्त को सागर के ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज के चौकीदार शंभू शरण शर्मा कि सोते समय पत्थर से कुचलकर हत्या की थी।

इसके बस उसने 31 को सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के रतौना गाँव में निर्माणधीन मकान में सो रहे चौकीदार मगन अहिरवार पर फावड़े से हमला किया गया था। हमले में बुरी तरह जख्मी चौकीदार को इलाज के लिए भोपाल भेजा गया था। लेकिन, अस्पताल पहुँचते ही उसकी मौत हो गई थी। इन हत्याओं के बाद वह 1 सितंबर को भोपाल आया जहाँ उसने बैरागढ़ इलाके में गोरा जी मार्बल एंड टाइल्स के चौकीदार सोनू वर्मा के सर में वार कर हत्या की दी थी। इन हत्याओं के अलावा, आरोपित ने भोपाल और पुणे में एक-एक हत्या करने की बात भी स्वीकारी है।