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आसिम अंसारी ने 10 साल की बच्ची को डंडे से पीट-पीट कर अधमरा किया, गाड़ी से कुचलने के लिए सड़क पर फेंका: झारखंड में ST परिवार के साथ फिर बर्बरता

झारखंड में जुर्म का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गढ़वा जिले का है। आरोप है आसिम अंसारी नामक व्यक्ति ने एक आदिवासी परिवार की 10 वर्षीय बच्ची को 50 हजार रुपए के लालच में पहले तो डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया, उसके बाद मासूम को मरने के लिए हाइवे पर फेंक दिया।

‘दैनिक जागरण’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के गढ़वा जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र के ओबरा गाँव में रहने वाले आरोपी व्यक्ति आसिम अंसारी ने मानवता को शर्मसार कर देने वाला कुकृत्य किया है। वो बच्ची को बेरहमी से पीट रहा था, लेकिन मासूम को एक बस चालक ने अपनी सूझबूझ से बचा लिया और ग्रामीणों के सहयोग से स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया। वहाँ उसका इलाज भी चल रहा है।

बताया जा रहा है कि पीड़िता के पिता बाहर ही काम करते हैं और उसकी माँ मजदूरी का काम करती हैं। माँ ने यह जानकारी दी कि गुरुवार (1 सितंबर, 2022) सुबह करीब आठ बजे वह मजदूरी करने के लिए गढ़वा जाने लगी तो अपनी बेटी को 1140 रुपये स्वयं सहायता समूह के ऋण का किस्त जमा करने के लिए देकर गई। इसके अलावा उसने मजदूरी करके तथा समूह से ऋण लेकर 50 हजार रुपए जमा कर घर में रखे थे।

पीड़िता की माँ के अनुसार, पैसे निकालने के दौरान बच्ची के साथ उसकी सहेली भी वहीं मौजूद थी। माँ के घर से चले जाने के करीब आधा घंटा बाद बच्ची ने अपनी सहेली को घर से जाने को कह दिया। उसके बाद बच्ची घर के दरवाजे में कुंडी चढ़ाकर बिना ताला बंद किए ही 1150 रुपये स्वयं सहायता समूह में जमा करने के लिए निकल गई।

जब 10 वर्षीय बच्ची अपने घर से चली गई तो उसकी सहेली वापस उसके घर आई और 50 हजार रुपए भी निकाल लिए। इससे पहले वो घर से जाए, पीड़ित बच्ची घर को लौट आई। उसे देखकर उसकी सहेली भागने लगी, लेकिन बच्ची ने उसका पीछा किया और उसके घर तक जा पहुँची। लेकिन, वहाँ उसकी सहेली के घर पर उसका अब्बा आसिम अंसारी पहले से ही मौजूद था।

आरोपित आसिम अंसारी ने वहाँ बच्ची को बड़ी बेरहमी से डंडों से पीटा। उसके बाद जब बच्ची मार खाकर अधमरी हो गई, तब आरोपी ने उसे गाड़ियों से कुचलने के लिए एनएच 343 पर फेंक दिया। बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि एक बस चालक ने उसे बेसुध पड़े देख लिया और उसको सड़क से सुरक्षित हटाया। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से उसे परिजनों को बताया और फिर बच्ची को गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

‘अपनी बेटी मेरे पास भेजो नहीं तो पूरे परिवार का सर तन से जुदा कर दूँगा’: मोहम्मद रहीस ने हिंदू पिता को दी धमकी, कहा- तेरी बेटी की अश्लील फोटो वायरल करूँगा

धीरे-धीरे ही सही, लव जेहाद (Love Jihad) का पर्दाफाश होने के बाद अब जेहादी खुलेआम उत्पात मचाने लगे हैं। झारखंड में अंकिता सिंह को जलाकर मारने और दिल्ली के संगम विहार में नैना मिश्रा को गोली मारने की घटना के बीच यूपी के बागपत से ऐसी ही जोर-जबरदस्ती की एक घटना सामने आई है।

बागपत में मोहम्मद रहीस नाम का लड़का एक हिंदू लड़की के माता-पिता पर अपनी बेटी को उसके पास भेजने का लगातार दबाव बना रहा है। बेटी को नहीं भेजने पर उसने पूरे परिवार का ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी है। पिता ने थाने में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की माँग की है।

लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद रहीस उन पर अपनी बेटी को उसके पास भेजने के लिए मानसिक दबाव बना रहा है। जब उन्होंने मना किया तो उनकी बेटी की अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर डाल दी। साथ ही परिवार को हत्या की धमकी दी है।

लड़की के पिता का कहना है कि वे बागपत के खेकड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। 18 जुलाई को वे अपनी पत्नी के साथ स्कूटर से दिल्ली की ओर जा रहे थे। इसी बीच गाजियाबाद का रहने वाला मोहम्मद रहीस नाम का मुस्लिम लड़का उन्हें रास्ते में रोक लिया।

लड़की के पिता का कहना है कि रहीस उनकी पत्नी से बोला कि ‘अपनी बेटी को मेरे पास भेज दो, नहीं तो तुम्हारा और तुम्हारे पति का सर तन से जुदा कर दूँगा’। इसके बाद से उनका परिवार डरा हुआ है।

लड़की के पिता बताया कि हंगामा देखकर मौके पर इकट्ठा हो गए। भीड़ को देखकर लड़का वहाँ से भाग गया। इसके बाद से वह लगातार उनके परिवार पर लड़की को भेजने का दबाव बना रहा है। 23 अगस्त को उसने अपने ह्वॉट्सएप स्टेटस पर उसकी बेटी की अश्लील तस्वीर लगा दी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पिता ने बताया कि उसकी बेटी एक स्कूल में पढ़ाती थी। वहीं, वह लड़का शुक्र बाजार में ठेला लगाता था। 30 मई को उसकी बेटी बिना बताए लापता हो गई थी। हिंदू संगठनों के हंगामे के बाद पुलिस ने उनकी बेटी को एक महीने बाद बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था।

उसके बाद से वह युवक लड़की को उसके पास भेजने का दबाव बना रहा है। इसके साथ ही परिजनों को हत्या की धमकी दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मुस्लिम लड़के साथ पीड़ित की बेटी का प्रेम प्रसंग है। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

‘8 साल में मेट्रो का 500 km नया रूट बना, 1000 कम पर चल रहा काम’: PM मोदी ने केरल को दी ₹4600 करोड़ की योजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय केरल दौरे पर हैं। उन्होंने गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को कोच्चि मेट्रो के विस्तारीकरण सहित विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया तथा तीन रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए आधारशिला रखी है। प्रधानमंत्री ने कुरुप्पंथरा-कोट्टायम चिंगवनम खंड को जोड़ने वाली भारतीय रेलवे की 27 किलोमीटर की दोहरी लाइन का भी उद्घाटन किया।

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज केरला का कोना-कोना ओणम के पावन उत्सव की खुशियों से सराबोर है। उत्साह के इस अवसर पर केरल को कनेक्टिविटी से जुड़ी 4600 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उपहार मिला है।”

उन्होंने यह भी कहा, “हम भारतवासियों ने, आज़ादी के अमृतकाल यानी आने वाले 25 साल में विकसित भारत के निर्माण का विराट संकल्प लिया है। विकसित भारत के इस रोडमैप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत बड़ा रोल है।”

मेट्रो के विकास पर बोलते हुए पीएम ने कहा, “बीते आठ वर्षों में केंद्र सरकार ने मेट्रो को अर्बन ट्रांसपोर्ट का सबसे प्रमुख साधन बनाने के लिए लगातार काम किया है। केंद्र सरकार ने मेट्रो को राजधानी से निकालकर, राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी विस्तार दिया है। हमारे देश में पहली मेट्रो करीब-करीब 40 साल पहले चली थी। उसके बाद के 30 साल में देश में 250 किलोमीटर से भी कम मेट्रो नेटवर्क तैयार हो पाया था। बीते 8 वर्षों में देश में मेट्रो का 500 किलोमीटर से ज्यादा का नया रूट तैयार हुआ है, 1000 किलोमीटर से अधिक के मेट्रो रूट पर पर काम चल रहा है।”

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने, नेदुम्बासरी में कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर जनसभा को संबोधित हुए कहा, “भ्रष्ट व्यक्तियों के खिलाफ हम कार्रवाई करते हैं, इसलिए राष्ट्रीय राजनीति में एक नया ध्रुवीकरण शुरू हुआ है।” उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वालों को बचाने के लिए कुछ राजनीतिक समूह खुलकर आगे आ रहे हैं। वे एक गुट में संगठित होने का प्रयास कर रहे हैं। देशवासियों को ऐसे समूहों के प्रति सजग रहना होगा।”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने पर बल दे रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का बहुत बड़ा फायदा केरल के युवाओं को होगा। आजादी के अमृत काल में देश आधुनिक बुनियादी ढांचों पर बहुत ज्यादा बल दे रहा है।

‘ये हत्या की धारा से भी ज्यादा गंभीर है’: गुजरात दंगों पर साजिश रचने वाली को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत, 2 सितंबर को फिर सुनवाई

गुजरात दंगों से जुड़े मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को फिलहाल जमानत देने से मना किया। इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार 2 सितंबर को होगी।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अगुवाई वाली पीठ ने ऐसे संकेत दिए हैं कि वह तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम राहत देते हुए जमानत देगी। लेकिन, फिर भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर सुनवाई को कल दोपहर 2 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है। तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “चूँकि मामला हाईकोर्ट में है, इसलिए आप वहीं सुनवाई होने दें।” उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट पूरी तरह आँखें बंद करके ना रखे, लेकिन आँखें पूरी खोले भी नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सवाल करते हुए पूछा, “मान लीजिए हम तीस्ता को अंतरिम राहत दे देते हैं और मामले की सुनवाई होने देते हैं, तो?” इस पर मेहता ने कहा ” मैं इसका विरोध करूँगा। गुजरात दंगों के बाद तीस्ता साजिश में शामिल थी और ये IPC की धारा 302 से भी ज्यादा गंभीर है।” गौरतलब है कि तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी 25 जून 2022 को हुई थी। जिसके बाद सीतलवाड़ ने अहमदाबाद कोर्ट में जमानत की अपील की थी। लेकिन, उन्हें जमानत नहीं मिल पाई थी। इसके बाद तीस्ता ने गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था। गुजरात हाईकोर्ट ने तीस्ता की जमानत अर्जी पर नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की तारीख 19 सितंबर तय कर दी थी।

चूँकि, तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत मिलने में देरी हो रही थी। इसलिए, उसने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। यदि सर्वोच्च न्यायालय अगली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दिए गए तर्कों से संतुष्ट होती है और गुजरात हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करती है तो फिर तीस्ता को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

बता दें, गुजरात दंगा मामले में निर्दोष लोगों को फँसाने के लिए फर्जी सबूत गढ़ने के आरोप में तीस्ता सीतलवाड़ समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद गुजरात पुलिस के विशेष जाँच दल की ओर से कोर्ट में पेश किए गए एक हलफनामे में कहा गया था कि तीस्ता का उद्देश्य बड़े षड़यंत्र को अंजाम देते हुए गुजरात सरकार को गिराना या अस्थिर करना था।

‘देश विरोधी साजिश का पता चला तो मदरसे को गिरा दूँगा’: जिहादी तत्वों को असम के CM की दो टूक, ध्वस्त हो चुके हैं 3 मदरसे

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अक्सर अपने बेबाक निर्णयों के कारण चर्चा में बने रहते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि कई मदरसे आतंक का हब हैं वहाँ पढ़ाई के बदले आतंकियों की ट्रेनिंग होती हैं। वहीं अब सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक बयान में कहा कि मदरसों की आड़ में देश विरोधी गतिविधि करने वाले संस्थान तोड़े जाएँगे।

असम में आतंकी कनेक्शन के कारण हाल के दिनों में 3 मदरसे ध्वस्त किए जा चुके हैं। गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को सीएम हिमंत बिस्वा सरमा मीडिया को बताया कि मदरसों को ध्वस्त करने का हमारा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल यह स्पष्ट है कि मदरसों का इस्तेमाल जिहादी तत्वों द्वारा नहीं किया जाए। उन्होंने कहा, “अगर हमें कोई विशेष जानकारी मिलती है कि मदरसे की आड़ में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए संस्थान का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो हम उन्हें तोड़ देंगे।”

वहीं असम में बुधवार (31 अगस्त, 2022) को बोंगाईगाँव में मदरसे को आतंकवादी संगठन अलकायदा से संबंधों के कारण गिरा दिया गया था। बताया यह भी जा रहा है कि इस कार्रवाई का संबंध बीते दिनों राज्य के अलग-अलग इलाकों से पकड़े गए अलकायदा के आतंकियों से भी हैं। इससे पहले असम के बरपेटा जिले में एक निजी मदरसे को गिरा दिया था।

हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल में मदरसों को आतंकियों का हब बताया

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल में दिए एक बयान में मदरसों को आतंकियों का हब कह दिया था। सीएम ने कहा कि मदरसों को आतंकियों के ट्रेनिंग हब के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इन मदरसों में शिक्षा की बजाए आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही है। सीएम सरमा ने कहा कि असम में अब तक ऐसे तीन मदरसों को गिराया जा चुका है।

इससे पहले भी 23 मई, 2022 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि देश में जब तक मदरसे रहेंगे, तब तक बच्चे इंजीनियर और डॉक्टर बनने के बारे में नहीं सोच पाएँगे। सीएम हिमंता के मुताबिक, अगर आप बच्चों को धर्म से जुड़ी शिक्षा देना चाहते हैं तो घर पर दें, उसके लिए मदरसे का होना जरूरी नहीं है।

मेधा पाटकर को चेहरा बनाने निकली थी AAP, मोहरों ने गुजरात चुनाव से पहले ही कर दी बगावत: केजरीवाल के होश उड़े, दिल्ली छोड़ भाग रहे अहमदाबाद

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Delhi CM & AAP Convener Arvind Kejriwal) अगले दो दिन गुजरात के दौरे पर हैं। उम्मीद है कि वे राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election) के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों से मिलेंगे।

सूत्रों का कहना है कि ऐसी खबरें आने के बाद कि मेधा पाटकर गुजरात में AAP की तरफ से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी, पार्टी नेताओं में असंतोष फैल गया है। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी द्वारा बनाए गए 19 उम्मीदवारों में से 13 ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि उन्हें मनाने के लिए केजरीवाल शुक्रवार को एक बैठक कर सकते हैं।

इस हफ्ते की शुरुआत में खबरें आई थीं कि गुजरात विरोधी ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ की कार्यकर्ता मेधा पाटकर गुजरात में AAP की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी। यह कई लोगों के लिए आश्चर्य वाली बात थी। अब तक यही माना जाता रहा कि AAP के गुजरात प्रमुख इसुदन गढ़वी पार्टी के पसंदीदा उम्मीदवार हैं।

हालाँकि, इन खबरों को तब और हवा मिली, जब आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने मेधा पाटकर (Medha Patekar) की तारीफ करने वाले एक वीडियो को रीट्वीट किया। बाद में इस वीडियो को इसुदान गढ़वी ने भी रीट्वीट किया।

मेधा पाटकर को उनकी गुजरात विरोधी रुख के कारण सबसे ज्यादा नापसंद किया जाता है। सरदार सरोवर बाँध के काम को रोकने में मेधा पाटकर ने महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिसके कारण गुजरात के कई इलाकों को दशकों तक सूखा झेलना पड़ा।

गुजरात के कुछ हिस्सों में आज सिर्फ नर्मदा नदी का पानी आ रहा है, क्योंकि मेधा पाटकर जैसे लोगों ने पर्यावरण के नाम पर बाँध की ऊँचाई को बढ़ाने के काम में अड़ंगा डाल कर रूकवा दिया था। पाटकर की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निभाई गई भूमिका के कारण गुजरात के लोगों ने उन्हें माफ नहीं किया है।

मेधा पाटकर साल 2014 में लोकसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं, लेकिन साल 2015 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि, उसके बाद से पाटकर ने सक्रिय राजनीति में लौटने की घोषणा नहीं की है। इसके बाद भी AAP ने मेधा पाटकर को मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनाए जाने की खबरों का खंडन नहीं किया गया है।

गुजरात विरोधी रुख रखने वाली मेधा पाटकर पर धन के दुरुपयोग करने के भी आरोप लगे हैं। इस साल जुलाई में उनके खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर पैसे की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था।

इससे पहले 5 अप्रैल 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ के दौरान संदिग्ध धनशोधन (Money Laundering) के लिए अभियान की कार्यकर्ता रहीं मेधा पाटकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। ED के अलावा, पाटकर के संदिग्ध लेन-देन की जाँच राजस्व खुफिया विभाग और आयकर विभाग भी कर रहा है।

अगर संदिग्ध सौदों की बात करें तो AAP नेता और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई जाँच के दायरे में हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि मनीष सिसोदिया पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से AAP उम्मीदवार नाखुश हैं।

असम में आतंकी अजमल हुसैन गिरफ्तार, बांग्लादेशी आतंकियों को घर में देता था पनाह: अलकायदा से जुड़े अब तक 38 दबोचे जा चुके हैं

असम पुलिस ने अलकायदा के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसे बुधवार (31 अगस्त, 2022) को पुलिस ने पकड़ा था। लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उसने गुवाहाटी में अपने एक अड्डे पर बांग्लादेशी आतंकी को पनाह दी थी। इसकी गिरफ़्तारी के बाद AQIS और ABT के गिरफ्तार आतंकियों की संख्या 38 हो गई है।

‘मीडिया रिपोर्ट्स’ के अनुसार असम के गोलपाड़ा जिले के एसपी ने बताया कि संदिग्ध आतंकी को गुरुवार (1 सितंबर ,2022) को अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पूछताछ के दौरान, उसने एक्यूआईएस/एबीटी का सदस्य होने की बात कबूल की। ​​उसने अपने घर में बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह दी थी, जो पहले से ही अलकायदा और एबीटी के सदस्य हैं।”

बता दें पिछले लंबे समय से ही अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) इस क्षेत्र में सक्रियता दिखा रही हैं। इससे पहले भी सुरक्षा बलों की टीम ने इन आतंकी संगठनों के 37 गुर्गों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को पकड़े गए संदिग्ध आतंकी का नाम अजमल हुसैन बताया जा रहा है।

असम पुलिस ने संदिग्ध आतंकी अजमल हुसैन को मटिया थाना मामला संख्या 105/22 यू/एस 121/121(ए)/120(बी) में गिरफ्तार किया। वहीं इस पर आईपीसी आरडब्ल्यू की धारा 18/18(बी)/19/20 यूए भी लगाई गई। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि हुसैन ने खुद इस बात को माना है कि वह गुवाहाटी में अपने ठिकाने पर बांग्लादेशी जिहादियों को शरण दे रहा था, वहीं उसने असम के बारपेटा जिले में अलकायदा से ट्रेनिंग ली थी।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार (29 अगस्त 2022) को असम पुलिस ने बारपेटा जिले में अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) से अन्य 2 संदिग्ध लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इन दोनों की पहचान मोरनोई थाना क्षेत्र के टीलापारा नतून मस्जिद (Tilapara Natun Mosque) के इमाम अब्दुस सुभान और जलालुद्दीन शेख के रूप में हुई हैं।

फिलहाल असम पुलिस अधिकारी आतंकी गतिविधियों के संदर्भ में राज्य के कई छोटे-बड़े मदरसों और मस्जिदों ध्वस्त करने का अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में असम के बारपेटा जिले के ढकलियापारा में स्थित शेखुल हिंद महमूदुल हसन जमीउल हुडा इस्लामिक अकादमी नाम के एक मदरसे को सोमवार को बारपेटा जिले के जिला प्रशासन और पुलिस ने ध्वस्त कर दिया।

‘ये शिर्क है, तुम्हें शर्म आनी चाहिए’: शाहरुख खान के गणेश चतुर्थी ट्वीट पर भड़के कट्टरपंथी, पूछा – तुम मुस्लिम हो भी या नहीं?

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने बुधवार (31 अगस्त 2022) को गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक तस्वीर शेयर की। ये तस्वीर उनके घर में स्थापित गणपति की थी। इसी फोटो को शेयर कर उन्होंने सभी को गणेश चतुर्थी की बधाई भी दी, लेकिन शायद उनके ही मजहब के कुछ लोगों को अभिनेता की ये बात रास नहीं आई। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर कुछ मुस्लिम उन्हें गालियाँ देने लगे।

इस पोस्ट को शेयर करते हुए अभिनेता ने लिखा, “मैंने और मेरे छोटे बेटे (अबराम) ने गणपति जी का घर पर स्वागत किया है। मोदक स्वादिष्ट थे। सीख ये है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ता और भगवान में विश्वास के माध्यम से आप अपने सपनों को जी सकते हैं। सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ।”

शाहरुख इस पोस्ट पर कुछ लोग भड़क उठे और उन्हें खरी-खोटी सुनाने लगे। तैमूर उल हसन नामक एक यूजर ने इस ट्वीट का रिप्लाई करते हुए लिखा, “मुस्लिमों के लिए कितनी शर्म की बात है सर। आपको मुस्लिम या हिंदू होने के लिए किसी एक धर्म को चुनना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि मुसलमान केवल अल्लाह की इबादत करते हैं और पैगंबर मुहम्मद मानवता के जीवन को बदलने के लिए आए थे। पैगंबर ने हमें सुंदर मजहब दिया।”

वहीं जीशान अहमद अंसारी ने लिखा, “सभी मुस्लिमों को उनकी आने वाली सभी फिल्मों का बहिष्कार करना चाहिए क्योंकि अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है और वह शिर्क नौजुबिल्लाह कर रहा है। अल्लाह उसे सही रास्ते पर ले जाएँ।”

इसी क्रम में अंसार खान ने SRK को जवाब देते हुए ट्वीट किया, “मुस्लिम होना गलत है, और तुम अपना ईमान खो दोगे। इस तरह की चीजों से दूर रहें। हालाँकि, किसी भी धर्म के बारे में गलत न बोलें।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “आप मुस्लिम हैं या हिंदू? कृपया पुष्टि करें। इस्लाम में हम केवल अल्लाह में विश्वास करते हैं और पैगंबर मुहम्मद उनके दूत हैं!”

जैनब खान नामक यूजर ने शाहरुख की पोस्ट पर कमेन्ट करते हुए लिखा, “नबी पाक पर ग़लत बयानबाजी होती हैं, तब तो आपके मुँह से एक भी शब्द नहीं निकलता है। नाम के लिए क्या से क्या न कर जाओ। एक बात बोलूँ, यहीं नहीं रहना है।”

शाहरुख के ट्वीट का जवाब देते हुए मौलाना हकीमुल्ला ने कहा, “पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित लोगों सहित सभी मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए।”

गौरतलब है कि शाहरुख खान ने यही पोस्ट अपने इंस्टाग्राम के अकाउंट पर भी की थी, लेकिन वहाँ भी शाहरुख को लोगों ने घेरा। एक यूजर ने तो इसको उनकी आने वाली फिल्म ‘पठान’ से जोड़ा और लिखा, “पठान के बॉयकोट होने का डर।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “ये शिर्क है। तुम मुस्लिम हो, सच का साथ दो।”

शाहरुख खान की पोस्ट पर भड़के लोग

केजरीवाल का ‘पहला वर्चुअल स्कूल’ देने का दावा भी निकला झूठा: NIOS की अध्यक्ष ने बताया- 2021 से ही चल रहा, मोदी के मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया था उद्घाटन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (31 अगस्त 2022) को ‘दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल’ की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया था कि यह देश का पहला वर्चुअल स्कूल है। केजरीवाल के इस दावे को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) ने खारिज कर दिया है।

NIOS की अध्यक्ष सरोज शर्मा ने कहा कि संस्था ने 14 अगस्त 2021 को ही वर्चुअल स्कूल की शुरुआत की थी और इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया था। शर्मा ने दिल्ली सरकार के दावे को झूठा बताया।

दरअसल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा था, “आज हम दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से संबद्ध भारत का पहला वर्चुअल स्कूल- दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल शुरू कर रहे हैं। हम आज से कक्षा 9 के लिए प्रवेश आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। देश भर के छात्र प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।”

इतना ही नहीं, सीएम केजरीवाल ने कहा था, “छात्र दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल की लाइव कक्षाओं में भाग ले सकते हैं और रिकॉर्ड किए गए सत्र और अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं। हम छात्रों को जेईई और एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करेंगे।”

देश का पहला वर्चुअल स्कूल खोलने के सीएम केजरीवाल के दावे के बाद NIOS ने बयान दिया। संस्था की अध्यक्ष सरोज शर्मा ने कहा, “मुझे यह पढ़कर आश्चर्य हुआ कि दिल्ली सरकार ने इसे कल लॉन्च किया। जहाँ तक देश में सबसे पहले शुरू करने का सवाल है तो हमने इसे राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया था। अभी तीसरा सत्र चल रहा है।”

केेंद्र का दावा है कि केजरीवाल सरकार के दावे से पहले ही देश में वर्चुअल स्कूल चल रहे हैं। केंद्र का कहना है कि देश भर के 7,000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से 2.25 लाख से अधिक छात्र-छात्राएँ वर्चुअल शिक्षा ले रहे हैं।

इसके बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बयान जारी कर कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई और वर्चुअल स्कूल में फर्क होता है। केजरीवाल द्वारा स्थापित दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल कक्षा 9 से 12 तक के लिए पूरी तरह वर्चुअल है। दिल्ली सरकार ने कहा कि इसमें कोई हाइब्रिड व्यवस्था नहीं है।

केजरीवाल सरकार ने तर्क दिया कि कोरोना महामारी के दौरान लगभग सभी स्कूल ऑनलाइन क्लास ले रहे थे। इनमें से कई स्कूल अब भी डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इन स्कूलों को भी वर्चुअल स्कूल मान लिया जाए। केजरीवाल सरकार का कहना है कि दोनों में फर्क होता है। 

पता था सुकेश ठग है, फिर भी गिफ्ट कबूल रही थी जैकलीन फर्नांडिस: श्रीलंका-बहरीन में खरीद कर दिए घर, मुंबई में बंगले के लिए भी एडवांस

बॉलीवुड हिरोइन जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) को सुकेश चंद्रशेखर ने केवल घोड़े, बिल्ली और ज्वेलरी ही गिफ्ट नहीं किए। उसने हिरोइन को श्रीलंका और बहरीन में घर खरीद कर दिए हैं। मुंबई में बंगला लेने के लिए एडवांस भी उसने ही दिया था। मीडिया रिपोर्टों में यह दावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट के हवाले से किया गया है।

ED ने जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर 215 करोड़ रुपए की वसूली मामले में जैकलीन को भी आरोपित बनाया है। इस मामले में चार्जशीट पेश कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच एजेंसी ने बताया है कि सुकेश ने अपनी सहयोगी पिंकी ईरानी को मकान खरीदने के बारे में बताया था। पिंकी को ही उसने जैकलीन से मिलवाने की जिम्मेदारी थी। इसके बदले पिंकी को भी करोड़ों रुपए दिए गए थे।

ईडी चार्जशीट में कहा गया है कि सुकेश ने जैकलीन के लिए श्रीलंका में एक घर खरीदा था। एक घर बहरीन में जैकलीन के माता-पिता को गिफ्ट किया था। इसके अलावा मुंबई के जुहू में एक बंगला लेने के भी एडवांस दिया था। रिपोर्ट के अनुसार जैकलीन को पता था कि सुरेश ठग है। इसके बावजूद वह उसके गिफ्ट कबूल कर रही थी। बता दें कि ₹215 करोड़ की वसूली के मामले में ईडी जैकलीन की 7.27 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त कर चुकी है।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि सुकेश ने जैकलीन की माँ को लग्जरी कार मासेराती और पॉर्श कार गिफ्ट में दी थी। अमेरिका में रहने वाली जैकलीन की बहन को उसने 1.50 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.20 करोड़ रुपए) लोन के रूप में दिए थे। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले जैकलीन के भाई को भी 15 लाख रुपए दिए गए थे।

सुकेश ने जैकलीन को BMW (5) और मिनी कूपर कार गिफ्ट की थी। हालाँकि, जैकलीन इसे लौटाने का दावा करती हैं। इसके अलावा, गुच्ची के दो जिमवियर, 52 लाख रुपए का एक अरबी घोड़ा एस्पुएला, 9-9 लाख रुपए की तीन फारसी बिल्लियाँ भी दीं। सुकेश ने जैकलीन के लिए किराए पर निजी जेट भी लिया था।