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जिस जेल में रखा गया ‘आतंकी’ उसके कमोड पर बैठ बीती पार्थ चटर्जी की रात, सब्जी-चावल के लिए रोए: अर्पिता मुखर्जी का भी बुरा हाल, नहीं खाया डिनर, कैदी देते हैं दोनों को गाली

SSC स्कैम में फँसे बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के लिए जेल में दिन-रात काटना भारी हो रहा है। वहाँ के कैदी उन्हें ‘चोर-चोर’ कहकर बुला रहे हैं। उनपर भद्दी-भद्दी फब्तियाँ कसी जा रही हैं। हाल ऐसे हो गए कि जेल में पहली रात तो पार्थ को कमोड पर बैठकर गुजारनी पड़ी जबकि अर्पिता ने पहले दिन कुछ खाया ही नहीं, वो सिर्फ रोती रहीं।

बता दें कि अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस दौरान वह जेल में ही रहेंगे। पार्थ को कोलकाता प्रेसीडेंसी जेल के ‘पोइला बैश’ में रखा गया है जबकि उनकी साथी अर्पिता को उनकी जेल से पाँच मिनट की दूरी पर बनी ‘अलीपुर वीमन करेक्शनल होम’ में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को अर्पिता जब जेल में आईं तो बहुत दुखीं थीं। वो लगातार रो रही थीं और उन्होंने उस रात डिनर भी नहीं किया।

वहीं पार्थ ने भी शुक्रवार को जेल में पहली रात काटी जो कि उनके लिए काफी दुखदायी थी। कभी बंगाल सरकार में ताकतवर मंत्री रहे चटर्जी के लिए जेल में कोई अलग से सुविधा नहीं थी। उन्हें जेल के सबसे सुरक्षित भाग में रखा गया था जहाँ कभी अमेरिकी सेंटर पर अटैक का मास्टरमाइंड आतंकी अफताब अंसारी रखा जाता था।

6*8 फीट की जेल में बिस्तर के लिए जमीन पर कंबल थे, एक सीलिंग फैन था, एक कमोड था और एक वाटर फिल्टर था। इसके अलावा वहाँ कोई फर्नीचर नहीं था। पार्थ चटर्जी का चूँकि वजन ज्यादा है इसलिए जब वो जेल पहुँचे तो उनसे कुछ ही देर जमीन पर बैठा गया। इसके बाद वह कमोड पर बैठ गए। उन्होंने पूरी रात उसी कमोड पर गुजारी। 

जेल प्रशासन ने अगले दिन उन्हें चरपाई और कुर्सी लाकर दी। इसके बाद उन्हें कैदियों के लिए बनाया गया खाना परोसा गया, जिसे देख उन्होंने चॉप-मुरी की माँग की। रविवार शाम को उनकी इस इच्छा को भी जेल प्रशासन ने पूरा किया और उनकी जेल में बने कमोड को भी ठीक करवाया। इसके अतिरिक्त उन्हें जेल में अखबार और किताबों की सुविधा भी दी गई। फिलहाल वह लगातार कानूनी सलाहकारों के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने फैसला किया है कि वो अभी विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

जानकारी के मुताबिक, पार्थ चटर्जी पर 24 घंटे निगरानी रखी गई है। उन्हें कम से कम किसी कैदी से मिलने दिया जा रहा है। सीनियर जेलर खुद हर घंटे उनकी जेल में जाकर चीजों का मुआएना करते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जेल के कैदियों का व्यवहार उनके प्रति अलग है। रविवार को जब वह अपनी जेल से बाहर आए थे तो उन्हें कैदियों ने चोर-चोर कहा था। अर्पिता के नाम की फब्तियाँ भी कसी गई थीं। साथ ही कई अपशब्द भी उन्हें कहे गए थे। पार्थ ने इस दौरान सब अनसुना कर दिया और वापस अपनी जेल में जाकर बैठ गए।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि जेल में जाने के बाद पार्थ का चलना-फिरना बिलकुल बंद हो गया है। वह ज्यादातर बस सोते रहते हैं। जिसकी वजह से उनके पाँव में सूजन आ गई थी। यह देख जेल प्रशासन ने उन्हें डॉक्टर को दिखाया। लेकिन जब डॉक्टर आए तब भी वो सोते ही मिले। एक दोपहर उन्हें दाल-भात-मच्छी परोसी गई जिसे खाकर उन्होंने दोबारा रात में चावल माँगे।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के एसएससी घोटाले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को ईडी ने 23 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था। दोनों की बेल याचिका खारिज करते हुए स्पेशल कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। ईडी को जाँच में अर्पिता के दो फ्लैट से करीब 50 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए थे।

‘फिल्मों से भारत की अर्थव्यवस्था को मिलती है मदद’: अक्षय कुमार बायकॉट ट्रेंड से उखड़े, कहा- बदमाशी कर रहे ट्रोलर्स

बॉलीवुड के हिंदूफोबिक चरित्र के कारण कई हिंदी फिल्मों को हाल ही में जनता की कड़ी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। सोशल मीडिया में आमिर खान की आने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बायकॉट करने की बात चल रही है। अक्षय कुमार की रक्षाबंधन (#BoycottRakshaBandhan) की भी तीखी आलोचना हो रही है।

अक्षय कुमार ने रक्षाबंधन के बायकॉट पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यह एक आजाद देश है। हर किसी को वह करने की आजादी है, जो वे करना चाहते हैं। साथ ही ट्रोलर्स और मीडिया से फिल्मों का बायकॉट करने के चलन से दूर रहने को कहा। अक्षय कुमार ने कहा, “इंडियन फिल्म इंडस्ट्री से देश की अर्थव्यवस्था को मदद मिलती है। कुछ ऐसे लोग हैं, जो ये सब चीजें (बायकॉट) करते हैं। वे (ट्रोलर्स) बदमाशी कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं यही कहना चाहता हूँ कि कोई भी इंडस्ट्री हो, चाहें फिल्म इंडस्ट्री हो या फिर कपड़ों की इंडस्ट्री हो, ये सब भारत की अर्थव्यवस्था में मदद करती है। इस तरह की चीजें करने का कोई मतलब नहीं है। हम सब अपने देश को सबसे बड़ा और महान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं रिक्वेस्ट करूँगा कि इसमें शामिल न हों, क्योंकि यह हमारे देश के लिए बेहतर होगा।”

क्यों हो रही रक्षाबंधन के बायकॉट की माँग

दरअसल रक्षाबंधन के बायकॉट की माँग इस फिल्म की लेखिका कनिका ढिल्लों की वजह से हो रही है। कनिका के कई ऐसे पुराने ट्वीट हाल में वायरल हुए थे, जो हिंदूघृणा से भरे थे। फिल्म की रिलीज को देखते हुए उन्होंने 1 अगस्त 2022 को करीब आधे घंटे के भीतर ऐसे 17 ट्वीट डिलीट किए थे।

इन पुराने ट्वीट्स में कनिका ढिल्लों ने हर उस प्रदर्शन को समर्थन देते हुए दिखीं थी, जो मोदी सरकार के विरोध में था या फिर जहाँ हिंदुत्व को गाली दी गई अथवा देश को कोसा गया था। उन्होंने CAA के विरोध में ट्वीट करते हुए लिखा था- हम कागज नहीं दिखाएँगे। कनिका ने गोवंश को लेकर भी ट्वीट किया था। एक से ज्यादा ट्वीट में कनिका ढिल्लों ने भारत को लिंचिस्तान कहा था।

बता दें कि रक्षाबंधन और लाल सिंह चड्ढा 1 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। लाल सिंह चड्ढा को बायकाॅट करने की वजह आमिर खान का 2015 का इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने कहा था, “भारत देश बहुत ही सहिष्णु है लेकिन कुछ लोग यहाँ पर असहिष्णुता फैलाने का काम कर रहे हैं।” इसके अलावा सोशल मीडिया यूजर ने नेपोटिज्म पर करीना कपूर खान के उस बयान को भी हाइलाइट किया, जिसमें वामपंथी पत्रकार बरखा दत्त के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि अगर किसी को उनकी फिल्मों से दिक्कत है तो वे न देखें।

डोनाल्ड ट्रंप के ‘खूबसूरत घर’ पर FBI की रेड: पूर्व राष्ट्रपति बोले- मेरी तिजोरी में भी सेंध मारी, दावा- व्हाइट हाउस से लेकर चले आए थे 15 बक्से दस्तावेज

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) का छापा पड़ा है। ये जानकारी खुद ट्रंप ने दी है। उन्होंने बताया कि फ्लोरिडा में पाल्म बीच स्थित उनके ‘खूबसूरत घर’ मार-ए-लागो में एफबीआई ने छापा मारा है। 

ट्रंप ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि ये समय देश के लिए काला समय है। ऐसा कभी भी उस व्यक्ति के साथ पूर्व में नहीं हुआ होगा जो कभी अमेरिका का राष्ट्रपति रहा हो। सरकारी एजेंसियों को सहयोग देने के बावजूद उन लोगों का इस तरह घर पर छापा मारना न केवल गैरजरूरी है बल्कि गलत भी है। 

ट्रंप ने कहा, “‘यह अभियोजन पक्ष का कदाचार है, न्याय प्रणाली का हथियारकरण और कट्टर लेफ्ट डेमोक्रेट्स का हमला है, वे लोग नहीं चाहते कि मैं 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए उतरूँ, वो भी हालिया नतीजों के आधार पर। जो लोग ऐसा करना चाहते हैं वो रिपब्लिकन्स और कन्जर्वेटिव्स को रोकने के लिए कुछ भी करेंगे। ऐसे हमले केवल हारे या थर्ड वर्ल्ड देशों में होते हैं। दुख की बात है कि अमेरिका भी उनमें से एक हो गया, भ्रष्टाचार इतना है जितना पहले कभी नहीं देखा। इन लोगों ने मेरी तिजोरी में भी सेंध मारी।”

ट्रंप ने पूछा कि आखिर क्या फर्क रह गया इसमें और वाटरगेट मामले में। वहाँ कुछ लोगों ने डेमोक्रेट नेशनल कमेटी के दफ्तरों में सेंध लगाई थी, यहाँ उलटा हो गया है जहाँ डेमोक्रेट्स अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के घर में घुस आए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जाँच चल रही हैं। ये सर्च सोमवार (8 अगस्त 2022) सुबह शुरू हुआ। जो कई घंटों तक चला। वहीं अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई रेड नहीं पड़वाई। एफबीआई ने भी इस मामले में चुप्पी साधी हुई हैं। कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि ट्रंप ने जब राष्ट्रपति भवन को छोड़ा था उस समय वह अपने साथ महत्वपूर्ण कागजातों से भरे करीब 15 बक्से ले गए थे। अब ट्रंप के घर उन्हीं बक्सों में रखे गए दस्तावेजों की तलाशी हो रही है।

मंत्री के काफिले के लिए रोकी गई एंबुलेंस, तमिलनाडु में DMK का VVIP कल्चर: सलामी देती रही पुलिस, कलक्टर सहित कई अधिकारी स्वागत में

तमिलनाडु के तंजावुर (Tamil Nadu’s Thanjavur) में सोमवार (8 अगस्त, 2022) को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। कुंभकोणम शहर में राज्य के शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी (Anbil Mahesh Poyyamozhi) के काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस को रोका गया। एंबुलेंस मंत्री का काफिला गुजरने तक सायरन बजाते हुए इंतजार करती रही। काफिले के गुजरने के लिए एंबुलेंस को कुंभकोणम में एक पुल के पास रोकने का वीडियो वायरल होने के बाद अंबिल महेश पोय्यामोझी ने इस घटना आलोचना की है।

टाइम्स नाउ‘ के मुताबिक, बाढ़ रोकथाम कार्य की समीक्षा करने जा रहे मंत्री के काफिले में करीब 20-25 कारें थीं। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एम्बुलेंस को पूरा काफिला गुजरने तक इंतजार करना पड़ा। वीडियो के अनुसार, एक पुलिसकर्मी भी एम्बुलेंस के पास खड़ा होकर कारों के गुजरने पर सलामी देते हुए दिखाई दे रहा है। मंत्री के साथ कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी थे। मंत्रियों के सभी वाहन जाने के बाद एंबुलेंस को रास्ता दिया गया।

सोशल मीडिया पर लोगों के आक्रोश व्यक्त करने पर पर अंबिल महेश ने सफाई देते हुए कहा, “अनाईकट्टी पुल (Anaikatti Bridge) का केवल एक हिस्सा आवाजाही के लिए खुला हुआ था, क्योंकि दूसरी हिस्से की मरम्मत की जा रही थी। पुल संकरा है, इसलिए वाहनों को लाइन में जाने दिया जा रहा था।”

विपक्षी दलों ने इस घटना की आलोचना की है। उन्होंने मंत्री के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने कहा कि मंत्री आम आदमी के प्रति असंवेदनशील हो गए हैं। चैनल से बातचीत में अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन (Kovai Sathyan) ने याद दिलाया कि सीएम ने कहा था कि वह अपने काफिले को 50 फीसदी कम करने जा रहे हैं, जो अभी तक नहीं हुआ है। वहीं भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति (Narayanan Tirupathy) ने माँग की है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को मंत्री समेत इसके लिए जिम्मेदार लोगों को निलंबित करना चाहिए।

मंदिर से लौट रहे हिन्दू परिवार पर हमला, महिलाओं से छेड़छाड़: Pak में जहाँ हुई थी हिन्दू कारोबारी की हत्या, वहाँ अब भी नहीं थम रही कट्टरपंथी घटनाएँ

पाकिस्तान के सिंध के संघर में एक हिंदू परिवार पर रविवार (7 अगस्त, 2022) शाम को मीरपुर मथेलो पुलिस थाने के अंतर्गत लगभग एक दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पीड़ितों के लिए न्याय की माँग की। दरअसल, घोटकी के पास एक रेस्तरां में जिस परिवार पर हमला किया है जिस उसमें तीन महिलाएँ और दो बच्चे शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परिवार को रोकने के बाद वीगो में पहुँचे दर्जनों हमलावरों ने कार को बुरी तरह तोड़ने के बाद कार में मौजूद अजय कुमार को घायल कर दिया और उसके अंदर बैठी महिलाओं से छेड़छाड़ किया।

वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट ने ट्वीट किया, “तीर्थ यात्रा के लिए दाहेरजी जाने वाले सांघार जिले के हिंदू परिवार को पिताफी जनजाति के सरदार और उनके गिरोह ने बुरी तरह पीटा, कार के शीशे तोड़ दिए गए साथ ही पुरुष और महिलाओं को प्रताड़ित किया गया। जबकि मामला आइसक्रीम के रैपर का था जो उड़कर पिताफी सरदार की कार से टकरा गई थी। जो उसके गुस्से का कारण था।”

इस मामले में पीड़ित अजय कुमार के एक रिश्तेदार यह बताया जा रहा है, मुस्लिमों ने बिना वजह हिंदू परिवार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वहीं महिलाओं से छेड़छाड़ की बात भी सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि इलाके के एक मंदिर दाहेरजी साहिब से लौट रहे परिवार ने डॉ शमशेर पिताफी की गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बार-बार पास नहीं था। लेकिन जैसे ही परिवार आगे बढ़कर ओवरटेक किया, पिताफी ने उनका पीछा किया और बाद में विगो में आए लोगों की गाड़ी को रोककर उन पर हमला कर दिया।

हालाँकि, मौके पर जमा लोगों ने मामले को शांत करने की कोशिश की और परिवार को मारपीट से बचाया। वहीं पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बात करते हुए, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) एमएनए खेल दास कोहिस्तानी ने बताया कि हमलावरों ने हिन्दू महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया था। इस मामले में जहाँ एक तरफ पिताफी के गिरफ़्तारी की माँग उठ रही है वहीं पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने से बच रही है। क्योंकि, पिताफी को पशुधन और मत्स्य पालन मंत्री अब्दुल बारी पिताफी का चचेरा भाई बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले घोटकी में ही हाल ही में हिंदू कारोबारी सतीश कुमार की हत्या कर दी गई थी। जिसके लिए ईशनिंदा के कथित आरोप लगाकर भीड़ को उकसाया गया था। इसके अलावा भी आए-दिन पाकिस्तान से हिन्दुओं के अपहरण और हिन्दू बच्चियों की जबरन इस्लाम कबूल करवाकर निकाह की खबरें आती रही हैं।

‘CM योगी को 3 दिन में बम से उड़ा देंगे’: व्हाट्सएप्प पर शाहिद खान के नाम से धमकी, लोकेशन ट्रेस करने में जुटी यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को तीन दिन के अंदर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले शख्स का नाम शाहिद खान बताया जा रहा है। पुलिस लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में केस दर्ज कर आरोपित की तलाश में जुट गई है। वहीं, मामले की जाँच-पड़ताल में पुलिस के साथ-साथ साइबर और सर्विलांस सेल की टीमें भी लगी हुई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह धमकी यूपी 112 मुख्यालय के व्हाट्सएप नंबर पर दी गई है। प्रभारी निरीक्षक सुशांत गोल्फ सिटी शैलेंद्र गिरी के अनुसार, यूपी 112 मुख्यालय में ऑपरेशन कमांडर के पद पर तैनात सुभाष कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया है, जिसमें शाहिद खान नाम के युवक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शैलेंद्र गिरी ने बताया कि ऑपरेशन कमांडर संतोष कुमार ने व्हाट्सएप पर दी गई धमकी का स्कीनशॉट उन्हें दे दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और साइबर सेल समेत पुलिस की कई टीमें नंबर के बारे में पता लगा रही हैं। नंबर की लोकेशन को भी ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही सीएम योगी को धमकी देने वाले को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बता दें कि 11 दिसंबर, 2020 को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पुलिस सेवा डॉयल 112 के व्हाट्सअप पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इस धमकी भरे संदेश में आपत्तिजनक भाषा और गलियों का प्रयोग भी किया गया था। इससे पहले सीएम योगी को 22 नवंबर 2020 की शाम को पुलिस के डायल 112 के व्हाट्सएप नंबर पर धमकी दी गई थी। साइबर सेल को फोन नंबर की जाँच में लोकेशन आगरा की मिली थी। इसके बाद सुशांत गोल्फ सिटी थाना प्रभारी सचिन सिंह के साथ टीम ने ग्राम अकोला थाना मांगरोल आगरा से आरोपित नाबालिग को गिरफ्तार किया था।

ड्रग्स का ओवरडोज, प्राइवेट पार्ट में ब्लीडिंग, खून से सने कपड़े… रजाक मियाँ (बदला हुआ नाम) ने किया फुफेरी बहन का बलात्कार, मरी हुई छोड़ कर हो गया फरार

राजस्थान के जोधपुर में एक व्यक्ति ने ड्रग्स देकर अपनी ही फुफेरी बहन का बलात्कार किया और उसे मृत छोड़ कर फरार हो गया। ये भी सामने आया है कि उसने पीड़िता को अपनी प्रेमिका बना रखा था। लेकिन, घर वालों ने आपस में रिश्ता होने के कारण उनकी शादी से इनकार कर दिया था। फिर वो छिप-छिप कर मिलने लगे। रजाक मियाँ (बदला हुआ नाम) ने अपने जन्मदिन की पार्टी के बहाने पीड़िता को होटल में बुलाया और उसे एमडी ड्रग्स की ओवरडोज दे दी।

कुछ ही देर में युवती की हालत खराब होने लगी और फिर उसकी मौत हो गई। वो अपनी फुफेरी बहन की लाश और खून से सने कपड़े होटल के ही कमरे में छोड़ कर फरार हो गया। राजस्थान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद आरोपित ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि एमडी ड्रग्स और गाँजा देकर युवती का रेप किया गया था। आरोपित ने इसके बाद उसकी छोटी बहन को फोन कॉल कर के बुलाया।

इसके बाद वो फरार हो गया। इससे पहले कि जयपुर भागने की उसकी साजिश कामयाब हो पाती, वो GRP की मदद से मकराना से पकड़ा गया। पिछले 5 वर्षों से आरोपित ने अपनी फुफेरी बहन को प्रेमिका बना रखा था और अक्सर होटल में मिलने के लिए बुलाया करता था। शनिवार (6 अगस्त, 2022) को भी उसने ऐसा ही किया। युवती की बहन ने पीड़िता को नजदीकी पावटा अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

हालाँकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर मौत का कारण स्पष्ट नहीं बता पाए। इससे पुलिस भी उलझन में पड़ गई थी। रेप की पुष्टि हुई, लेकिन स्पष्ट ये नहीं पता चला कि मौत की वजह यही थी। प्राइवेर पार्ट में ब्लीडिंग काफी हुई थी, लेकिन बाकी के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। अब आगे की मेडिकल प्रक्रिया के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित की पहचान और फिर गिरफ़्तारी हुई। मृतका की बहन भी आरोपित को लेकर पुलिस को गुमराह कर रही थी।

‘हमारी फिल्म का बॉयकॉट करो’: अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू ने हिन्दुओं का उड़ाया मजाक, ‘शाबाश मिट्ठू’ फ्लॉप होने के बाद भी नहीं गई अकड़

बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘दोबारा’ को लेकर सुर्खियों में हैं। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी ये फिल्म 19 अगस्त को रिलीज होने वाली है, तापसी फिलहाल फिल्म के प्रोमोशन में बिजी हैं। इन दिनों जहाँ ट्विटर पर लगातार आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’, अक्षय कुमार की ‘रक्षा बंधन’ को बायकॉट करने की माँग उठ रही है। वहीं, लगातार हिन्दुओं का मजाक उड़ाने वाली तापसी पन्नू की भी अकड़ गई नहीं है। वह चाहती हैं कि उनकी फिल्म ‘दोबारा’ भी बायकॉट ट्रेंड का शिकार हो। फिल्म ‘दोबारा’ के निर्देशक अनुराग कश्यप और अभिनेत्री तापसी पन्नू ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी इच्छा का खुलासा किया है।

दरअसल, हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में जब तापसी पन्नू से पूछा गया, “सोशल मीडिया पर आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ और अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंन’ का बायकॉट हो रहा है। दोनों की फिल्मों के बायकॉट से जुडे हैशटैग इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहे हैं। क्या इससे आपको अपनी फिल्म को लेकर चिंता होती है? क्या उन्हें डर नहीं लगता?”

इसपर अनुराग कश्यप ने कहा, ‘मैं चाहता हूँ कि ट्विटर पर बायकॉट कश्यप (#BoycottKashyap) ट्रेंड हो।” वहीं तापसी ने भी इसपर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से अपील की है कि, “प्लीज सब लोग हमारी फिल्म दोबारा को बायकॉट कीजिए।”

तापसी पन्नू ने कहा, “हमारी फिल्म ‘दोबारा’ (Dobaaraa) का बायकॉट होना चाहिए। और सभी से वो अपील करती हैं कि उनकी फिल्म का बहिष्कार करें। जब आमिर खान और अक्षय कुमार का बायकॉट हो सकता है, तो मैं भी उस लीग में शामिल होना चाहूँगी।” तापसी ने सिद्धार्थ कन्नन से कहा, “यह सब क्या है? इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नेटिज़न्स फिल्म देखते हैं, लेकिन उन्हें फिल्म का बहिष्कार करना चाहिए।”

हालाँकि, अपनी पिछली फिल्म ‘शाबाश मिट्ठू’ के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाने के बाद अभिनेत्री तापसी पन्नू किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती होंगी लेकिन अब ऐसा लगता है कि कहीं उनकी अपील उन पर भारी न पड़ जाए।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही तापसी पन्नू की फिल्म ‘दोबारा’ का ट्रेलर रिलीज हुआ है, जो मिस्ट्री, सस्पेंस, टाइम ट्रैवलिंग और थ्रिलिंग से भरपूर है जिसे देखने के बाद जहाँ फिल्म से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं वहीं अनुराग कश्यप की हरकतों के कारण एक बड़ा वर्ग फिल्म के बहिष्कार का भी मूड बना चुका है। अब देखना यह होगा कि क्या फिल्म अच्छा बिजनेस कर पाती है या बहिष्कार ट्रेंड का शिकार होकर फ्लॉप होती है।

बता दें कि 11 अगस्त को रिलीज होने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘रक्षाबंधन’ के बहिष्कार की तैयारी बड़े पैमाने पर लोगों ने की है। लोग आमिर खान के पुराने बयान वायरल करते हुए फिल्म को न देखने की डिमांड कर रहे हैं। वहीं रक्षाबंधन को पाकिस्तानी स्टोरी की कॉपी बताकर ट्रोल किया जा रहा है।

सिंधु-मनप्रीत से शुरुआत, निखत-अचंता से समापन: 61 मेडल के साथ भारत ने खत्म किया कॉमनवेल्थ 2022 का सफर, इनमें 22 स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का आज 11वाँ और अंतिम दिन है। खेल खत्म होने के तुरंत बाद समापन समारोह होगा। स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) और विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन (Nikhat Zareen) राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे।

भारत के दिग्गज खिलाड़ी अचंता शरत कमल ने टेबल टेनिस के पुरुष एकल फाइनल में आज गोल्ड मेडल हासिल किया है। फाइनल मुकाबले में अचंता ने इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड को मात दी। इससे पहले शरत ने युवा खिलाड़ी श्रीजा अकुला के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स का फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं जरीन ने महिलाओं के 50 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है। पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रही निखत ने रविवार (7 अगस्त 2022) को नॉर्दर्न आयरलैंड की कार्ली एमसी नाउल को 5-0 से गोल्ड पर कब्जा किया था।

इन गेम्स में भारत ने अब तक 61 मेडल अपने नाम कर लिए हैं। इनमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। वहीं पीवी सिंधु के गोल्ड जीतने के साथ भारत पदक तालिका में न्यूजीलैंड को पछाड़ते हुए चौथे स्थान पर पहुँच गया है।

40 वर्षीय की उम्र में अचंता शरत ने अपना 7वाँ राष्ट्रमंडल गोल्ड मेडल जीता। मेलबर्न में जीतने के 16 साल बाद, उन्होंने बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने (अचंता शरत) 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में 2 पदक, 2010 में 7 पदक, 2014 में 2 पदक, 2018 में 6 पदक और 2022 में 5 पदक अपने नाम किए हैं।

बता दें कि ओलंपिक में दो बार की पदक विजेता पीवी सिंधू और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक थे। इसकी क्लोजिंग सेरेमनी आप टीवी पर सोनी सिक्स, सोनी टेन 2, सोनी टेन 3 और सोनी टेन 4 पर देख सकते हैं। इसके साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लाइव ऐप पर होगी। क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत बर्मिंघम के एलेक्जेंडर स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12.30 बजे से होगी।

9 राज्यों में हिन्दुओं को मिलेंगे अल्पसंख्यकों वाले फायदे? सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा – राज्य स्तर पर हो निर्धारण, अगली सुनवाई सितंबर में

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यकों का निर्धारण जिला स्तर पर नहीं किया जा सकता, ये राज्य स्तर पर होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पहले भी ये कहा जा चुका है कि अल्पसंख्यकों का निर्धारण राज्य स्तर पर किया जाना चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर की याचिका पर जस्टिस यूयू ललित और रवींद्र भट्ट की पीठ ने सुनवाई की। इस याचिका में राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यकों के निर्धारण को चुनौती दी गई थी। अब सितंबर के पहले सप्ताह में इस पर सुनवाई होगी।

1993 की एक अधिसूचना में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम, सिख, जैन और बौद्ध और पारसी समाज को अल्पसंख्यक घोषित किया था। याचिका में इसे जिला स्तर पर तय किए जाने की माँग की गई थी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट जिला एवं प्रखंड स्तर पर अल्पसंख्यकों के निर्धारण की माँग को ख़ारिज करते हुए इसे राज्य स्तर पर करने को कह चुका है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सबूत लेकर आने को कहा था, जिससे पता चले कि किन राज्यों में जनसंख्या कम होने के बावजूद हिन्दुओं को अल्पसंख्यकों के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है।

एक अन्य याचिका में अश्विनी उपाध्याय ने भी 9 राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा और इसके तहत फायदे देने की माँग की है। हालाँकि, अदालत ने ये भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर या किसी स्तर पर अल्पसंख्यकों का निर्धारण करना कोर्ट का काम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप सीधे कह रहे हैं कि हिन्दुओं को अल्पसंख्यक घोषित कर दिया जाए, हम ऐसी घोषणा नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसका कारण है कि उसके पास सभी क्षेत्रों के इस तरह के आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

अश्विनी उपाध्याय की सहमति के बाद इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य मामले के साथ लिस्ट कर दिया। हालाँकि, जिला स्तर पर अल्पसंख्यकों के निर्धारण को सुप्रीम कोर्ट ने 11 जजों की पीठ द्वारा दिए गए एक पुराने फैसले के खिलाफ बताया। याचिकाकर्ता ने बताया कि लद्दाख में जहाँ 1% हिन्दू हैं, मिजोरम में 2.75%, लक्षद्वीप में 2.77%, कश्मीर में 4%, नागालैंड में 8.74%, मेघालय में 11.52%, अरुणाचल प्रदेश में 29%, पंजाब में 38.49% और मणिपुर में 41.29% हिन्दू हैं।