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‘वो इस्लाम बैन करें, तुम 16 बुतों का घर बनाओ’: दुबई में हिंदू मंदिर देख भड़के कट्टरपंथी, तस्वीर शेयर करने वाले को कहा- काफिर, तुझे शहर के बीच काट देना चाहिए

दुबई के जेबल अली में हिंदू मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हैं। जानकारी के मुताबिक मंदिर के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए 5 अक्टूबर 2022 से खुलेंगे। इसमें 16 देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित होंगी। भीतर एक ज्ञान कक्ष होगा और अन्य क्रियाकलापों के एक सामुदायिक भवन भी।

सिंधु गुरु दरबार मंदिर के ट्रस्टी राजू श्रॉफ ने खलीज टाइम्स से पुष्टि की कि मंदिर 5 अक्टूबर को हिंदुओं का प्रमुख त्योहार दशहरा है। ऐसे में उसी दिन आधिकारिक तौपर पर जनता के लिए दरवाजे खोले जाएँगे। श्रॉफ के अनुसार, ये मंदिर दो चरणों में खुलेगा। पहले में तो केवल श्रद्धालु के लिए पूजा पाठ के लिए द्वार खोले जाएँगे। दूसरे में जो कि 14 जनवरी 2023 को होगा उसमें समुदाय भवन और ज्ञान कक्ष खोला जाएगा।

इस मंदिर में 1000-2000 श्रद्धालु पूजा कर पाएँगे। हिंदू त्योहारों और वीकेंड में ये संख्या और बढ़ने के अनुमान हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड भी इंस्टॉल किया गया है। यहाँ अपॉइंटमेंट बुक हो सकेगी। मंदिर का समय सुबह 6 से रात के 9 बजे तक रहेगा। हर हिंदू त्योहार यहाँ मनेगा और अच्छे भोग के लिए रसोई व कोल्ड स्टोरेज का भी इंतजाम हैं। मंदिर के भीतर एलसीडी लगाई जाएँगी जहाँ श्लोक होंगे और ज्ञान आदि की बातें होंगी।

कट्टरपंथियों को मंदिर देख आया गुस्सा

बता दें कि दुबई में बन रहे इस हिंदू मंदिर के लिए विश्व भर से हिंदू दुबई को आभार जता रहे हैं जबकि कट्टरपंथी दुबई में मंदिर को देख आग बबूला हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है।

हरीथ महसूद ने कहा, “जब वो अपने देशों में इस्लाम बैन कर रहे हैं। हम उनके फर्जी भगवानों के लिए मंदिर बना रहे हैं और फिर पूछते हैं कि हमारी गती हैं। हम सबको एक दिन अल्लाह के आगे जवाब देना होगा।”

हमजा ने कहा, “मुस्लिमों की गिराई जाने वाली हर मस्जिद के बदले तुम अरब की जमीन पर एक मंदिर बनाने को तैयार रहना। क्या एक्सचेंज ऑफर चला रखा है तुम लोगों ने।”

एक यूजर कहता है, “16 बुतों का घर… अरब राष्ट्र में रहते हुए सोचो ये सब बकवास देखना पड़े।” वहीं दूसरा ये पूछता है कि आखिर ऐसे मुस्लिमों के लिए क्या हुक्म है जो मंदिर बनाकर शिर्क करते हैं?”

बता दें कि कट्टरपंथियों को सिर्फ इस बात से दिक्कत नहीं है कि दुबई में हिंदू मंदिर बन गया। उन्हें उस मुस्लिम से भी समस्या है जो इसे एक अच्छी पहल मान रहा है। अली नाम का यूजर हसन सजवानी(जिन्होंने तस्वीरें शेयर की) उन्हें कहता है, “16 बुतों का घर- अल्लाह की कसम तुम काफिर और तुम्हें तो शहर के बीच लाकर काटा (चाकू का निशान बनाकर) जाना चाहिए।”

कानपुर में तिरंगे का अपमान, बनाया मस्जिद और चाँद तारे के निशान, हिन्दू संगठनों ने दर्ज कराई शिकायत

कानपुर में मुहर्रम की पूर्व संध्या पर निकाले गए जुलुस में तिरंगे के अपमान का मामला सामने आया है। जहाँ देश की शान तिरंगे पर मस्जिद, चाँद, तारों बनाया गया है। यहाँ तक की उसके आकार को भी बदलकर मुस्लिम ताजिए के निशान का रूप दिया गया था। जिसे लेकर राष्ट्रभक्तों में आक्रोश है। वहीं पूरे मामले में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद ने विरोध दर्ज कराया है।

जुलुस का एक वीडियो न्यूज़ नेशन के रिपोर्टर ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “कानपुर में तिरंगे के अपमान का आरोप लगा है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने शिकायत की है, कि मोहर्रम के जुलूस में निशान के तौर पर तिरंगा के रूप और आकार को बदल कर उसके चिन्ह को बदल कर अपमानित करने का काम किया गया है।”

वहीं इस मामले के सामने आने के बाद हिन्दू संगठनों में आक्रोश है। बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कानपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर शिकायत की है। उनका कहना है कि इस मामले का संज्ञान लेकर FIR दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

वहीं पुलिस कमिश्नर ने भी इसकी जाँच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “कुछ संगठनों के कार्यकर्ता हमारे पपास आए थे। शिकायत दी है उन्होंने। तिरंगे के अपमान वाली बात बताई है। हम डीसीपी और वरिष्ठ अधिकारियों से हम जाँच करा रहे हैं। यदि शिकायत सत्य पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी कानपुर से ही तिरंगे के अपमान का बहुत पहले एक और मामला सामने आया था। जहाँ तिरंगे पर चक्र की जगह मस्जिद का निशान बना हुआ था। मामला कानपुर स्थित रावतपुर में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का है। सोशल मीडिया पर उस समय इसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक बड़े से डीजे स्पीकर के बगल में तिरंगा झंडा लगा हुआ देखा जा सकता था। 

नीतीश कुमार के गृह जिले के सरकारी स्कूल में फहराया SDPI का झंडा, बच्चों ने दी सलामी: Video वायरल, बिहार के स्कूल में इस्लामी घुसपैठ

पिछले दिनों बिहार के मुस्लिम बहुल इलाकों के सरकारी स्कूलों में रविवार की जगह शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया था। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के एक सरकारी स्कूल में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का झंडा फहराए जाने की घटना सामने आई है। एसडीपीआई कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक शाखा है। हाल ही में राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ से पीएफआई के संदिग्धों को पकड़ते हुए पुलिस ने 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की साजिशों का खुलासा किया था।

नालंदा के सरकारी उर्दू स्कूल में SDPI का झंडा फहराने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही है। वायरल तस्‍वीरों में बच्‍चों को भी SDPI के झंडे को सलामी देते देखा जा सकता है। यह घटना किस दिन की है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद SDM कुमार अनुराग ने जाँच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

बिहार शरीफ के SDM कुमार अनुराग ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जिस तरह स्कूल परिसर में SDPI का झंडा फहराया गया है, यह खुलेआम कानून का उल्लंघन है। यह तस्वीर कब की है, इसकी जाँच की जा रही है। जो भी लोग इसमें शामिल हैं, फोटो से उनकी पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय प्रशासन को इस मामले की जानकारी है या नहीं, इस संबंध में उनसे भी पूछा जाएगा। इसमें अगर किसी भी प्रकार से स्कूल की भूमिका पाई गई तो उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी स्कूलों में एसडीपीआई का झंडा फहराए जाने का वीडियो सामने के बाद आम लोगों में भी काफी आक्रोश है। वे खुलेआम तिरंगे का अपमान करने से आहत हैं और दोषियों के खिलाफ सख्‍त से सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि जुलाई में पटना पुलिस ने फुलवारी शरीफ से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोग पकड़े थे। इन पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। केंद्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने फुलवारी शरीफ से पकड़े गए आतंकियों पर दो अलग-अलग FIR दर्ज की है। पहली FIR में 26 संदिग्धों का नाम है, जबकि दूसरी FIR में एक आरोपित नामजद है। पहली FIR के मुताबिक कुछ संदिग्ध बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे में गड़बड़ी करना चाह रहे थे।

प्रोफेसर की बिकनी वाली तस्वीरें देख रहा था छात्र, माता-पिता की शिकायत के बाद देना पड़ा इस्तीफा: कहा – इंस्टाग्राम हैक कर के लीक की गई फोटो

कोलकाता में एक छात्र के माता-पिता की शिकायत के बाद सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है। सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी की पूर्व सहायक प्रोफेसर (Former Assistant Professor ) के मुताबिक, “एक छात्र इंस्टाग्राम पर मेरी बिकनी वाली तस्वीरें देख रहा था। उसके पिता ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी में मेरी शिकायत की, जिसके बाद मुझे इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।” पूर्व प्रोफेसर का दावा है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और उनकी निजी तस्वीरें लीक कर दी गई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी को अभिभावक की ओर से शिकायत मिली थी कि उनका बेटा प्रोफेसर की बिकनी पहने हुए फोटो देख रहा था। पूर्व सहायक प्रोफेसर नंदिनी गुहा (बदला हुआ नाम) ने आरोप लगाया कि पिछले साल स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र के पिता से लिखित शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने उस पर संज्ञान लिया। पत्र में माता-पिता का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को विश्वविद्यालय की प्रोफेसर की तस्वीरों को देखते हुए पकड़ा था, जो आपत्तिजनक, न्यूड और वल्गर थीं।

पत्र में यह भी लिखा गया, “हाल ही में मैं अपने बेटे को प्रोफेसर की बिकनी वाली तस्वीरें देखने पर दंग रह गया। इंस्टाग्राम पर जानबूझकर अंग प्रदर्शन करते इस तरह की तस्वीरें शेयर की गईं थीं। एक प्रोफेसर को सोशल मीडिया पर अपनी बिकनी वाली तस्वीरें अपलोड करते हुए देखना अभिभावक के रूप में मेरे लिए बेहद शर्मनाक है, क्योंकि मैंने अपने बेटे को इन सबसे दूर रखने की कोशिश की है। यह अश्लील और अनुचित है। एक 18 वर्षीय छात्र अपनी प्रोफेसर को सार्वजनिक मंच पर अंग प्रदर्शन करते हुए देखता है, यह बहुत गलत है।”

बता दें कि 7 अक्टूबर, 2021 को सेंट जेवियर्स के कुलपति और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में गुहा को अभिभावक का शिकायत पत्र और उनके निजी इंस्टाग्राम अकाउंट से ली गई तस्वीरों के स्क्रीनशॉट के साथ एक पेपर दिखाया गया था। हालाँकि, उन्होंने दावा किया है कि उन्हें इस बारे में सूचित नहीं किया गया था कि वे तस्वीरें छात्र के पास कैसे पहुँची और क्या वे उनकी तस्वीरें थीं, जिन्हें छात्र देख रहा था। उन्होंने कहा कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और तस्वीरें लीक कर वहीं से शेयर की गई हैं।

‘मेरे सभी भाई मेरी दोस्तों के साथ सो चुके हैं’: सोनम कपूर के खुलासे से ‘शर्मिंदा’ हुए अर्जुन, अभिनेत्री ने रणबीर कपूर को बताया ‘बेस्ट मैन’

‘कॉफ़ी विद करण’ के एपिसोड 6 के गेस्ट सोनम कपूर (Sonam Kapoor) और अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) होंगे। ये दोनों चचेरे भाई-बहन हैं। करण जौहर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस एपिसोड का एक छोटा सा वीडियो शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। शो का नया प्रोमो जारी किया गया है।

करण जौहर ने इस प्रोमो को शेयर कर लिखा है, ‘यह शो S एंड M के बारे में है। एक तरफ हँसी का पिटारा होगा तो दूसरी तरफ दिल-दिमागो को हिला देने वाले खुलासे होंगे।” वहीं, सोनम S से खुद को मानती हैं, लेकिन करण से पूछती हैं कि यह एम कौन है। बताया जा रहा है कि करण ने ‘M’ अर्जुन कपूर की गर्लफ्रेंड मलाइका अरोड़ा के लिए इस्तेमाल किया है।

प्रोमो वीडियो में सोनम ने अर्जुन कपूर से पूछा, “तुम्हें मेरी सबसे परेशान करने वाली बात क्या लगती है?” इस पर अर्जुन कपूर ने कहा कि वह किसी के तारीफ का इंतजार नहीं करती है। खुद ही पूछती है और फिर खुद ही अपनी तारीफ भी करने लग जाती है। इस पर सोनम कहती हैं कि वह ऐसा इसलिए करती हैं, क्योंकि वह अनिल कपूर की बेटी हैं।

इसके बाद वीडियो में करण जौहर सोनम से उनके भाइयों के बारे में पूछते हैं, जहाँ सोनम कपूर भाईयों को लेकर चौंकाने वाली बात कही। करण ने सोनम से पूछा कि अर्जुन कपूर उनके दोस्तों में से किसके साथ सोए है या रिलेशनशिप में थे। इस पर वो कहती हैं, “इनके बारे में मैं डिस्कस नहीं कर रही, लेकिन मेरे सारे भाई मेरे सभी दोस्तों के साथ सो चुके हैं। कोई नहीं बचा है।”

सोनम कपूर की बातें सुनकर अर्जुन कपूर और करण जौहर दोनों हैरान रह जाते है। करण कहते हैं, “तुम्हारे कैसे भाई हैं यार।” इस पर अर्जुन कहते हैं, “कैसी बहन हो यार तुम। ये कैसी कह सकती हो।” अर्जुन कहते है कि उन्हें लग रहा है कि उन्हें शो पर सोनम के द्वारा ट्रोल किए जाने के लिए बुलाया गया है। 

इसके बाद करण जौहर एक्टर अर्जुन कपूर से पूछते हैं कि उन्होंने मलाइका अरोड़ा का नंबर फोन में किस नाम से सेव किया है। इस अर्जुन कपूर कहते हैं कि उन्हें मलाइका नाम बहुत पसंद है। इसलिए उन्होंने इसी नाम से सेव किया है। वहीं, करण जौहर सोनम से बेस्ट मैन के बारे में पूछते हैं, जिस पर सोनम कपूर एक्टर रणबीर कपूर को बेस्ट बताती है। हालाँकि वह रणबीर की आने वाली फिल्म का सही नाम नहीं बता पाती है। इसको लेकर करण और अर्जुन हँसने लगते हैं।

बता दें कि रणबीर कपूर और सोनम कपूर को लेकर चर्चा थी कि दोनों की शादी होने वाली है। दोनों को अफेयर को लेकर कई बातें चली थीं। गौरतलब है कि रणबीर कपूर ने फिल्म सांवरिया से सोनम कपूर के साथ बॉलीवुड डेब्यू किया था। जिसके बाद दोनों को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया था। वहीं, साल 2018 में सोनम कपूर ने बिजनेसमैन आनंद आहूजा से शादी रचाई और अब वह प्रेग्नेंट हैं।

अटारी बॉर्डर पर सबसे ऊँचे तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहराने की साजिश रच रहा एसएफजे? बुर्का वाली महिला का वीडियो वायरल, अलर्ट पर आईबी

प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो अलर्ट पर है। दरअसल, हाल ही में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदिग्ध वीडियो सामने आया था जिसमें एक बुर्का पहनी हुई महिला यह कह रही है कि प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस को कश्मीरी अलगाववादियों का पूरा समर्थन है।

वीडियो में, बुर्का पहने महिला यह घोषणा करती हुई दिखाई दे रही है, “गुरुओं की पवित्र भूमि पर ‘हत्यारे’ तिरंगे को फहराने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। वह आगे कहती हैं, “अटारी अमृतसर गुरुओं की भूमि है, लेकिन भारत का हत्यारा तिरंगा झंडा वहाँ फहराता रहता है। सिख भूमि पर भारतीय कब्जे का यह 75वाँ वर्ष है। हमारा उद्देश्य है कि अटारी बॉर्डर पर तिरंगा की जगह खालिस्तान का झंडा वहाँ फहराया जाए। यह निर्णायक समय है। हम कश्मीरी मुजाहिदीन खालिस्तान की लड़ाई में अपने सिख भाइयों और बहनों के साथ हर कदम पर हैं। अल्लाह हू अकबर।”

WhatsApp Video 2022-08-09 at 9.41.35 AM.mp4 from OpIndia Videos on Vimeo.

मात्र 47 सेकंड के इस छोटे से वीडियो में 26 जनवरी, 2021 की हिंसा के दौरान लाल किले पर पीले झंडे को फहराए जाने का फुटेज भी दिखाया गया है। इसमें एक क्लिप ऐसी भी है जिसमें तिरंगे को गोलियों से भून दिया गया है।

वहीं आईबी के सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि वे फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि इसके सोर्स को समझा जा सके और वीडियो में महिला की पहचान का पता लगाया जा सके। आईबी ने कहा कि एसएफजे ने अटारी सीमा पर उड़ने वाले सबसे ऊँचे तिरंगे की जगह खालिस्तान का झंडा फहराने की योजना बना रहा है।

एसएफजे ने कथित तौर पर भारत सरकार को ‘चुनौती’ दी है कि वे अटारी सीमा पर सबसे ऊँचे तिरंगे को हटाकर खालिस्तानी झंडे से बदल देंगे। वहीं सएफजे के गुरपतवंत सिंह पन्नून द्वारा ‘खालिस्तान जनमत संग्रह’ के बारे में एक और घोषणा में, उसने कहा है कि जब पंजाब में खालिस्तान जनमत संग्रह होगा तब वह 15 अगस्त से 26 जनवरी तक ‘घर घर खालिस्तान’ अभियान शुरू करेगा।

बता दें कि सोशल मीडिया पर एसएफजे का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एसएफजे के पन्नून को भी इसी तरह का दावा करते हुए दिखाया गया है कि तिरंगा जलाया जाएगा और पंजाब का हर घर खालिस्तान का झंडा फहराएगा।

गौरतलब है कि एसएफजे ने पहले भी प्रमुख भारतीय प्रतिष्ठानों पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी। यहाँ तक कि पिछले साल नवंबर में, उसने शीतकालीन सत्र के पहले दिन भारतीय संसद में खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को 125,000 डॉलर देने की घोषणा की थी।

वहीं इस महीने की शुरुआत में खालिस्तान समर्थक दल खालसा ने घर-घर तिरंगा अभियान का विरोध किया था और सिखों से निशान साहब को फहराने को कहा था।

उल्लेखनीय है कि अटारी-वाघा सीमा पर 360 फुट की ऊँचाई पर भारत के सबसे ऊँचे तिरंगे का उद्घाटन 2017 में किया गया था। कहा जाता है कि वहाँ उड़ता हुआ तिरंगा पाकिस्तान से भी देखा जा सकता है।

सैटेलाइट फोन के साथ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था आतंकवादी, केरल के CM विजयन ने भगाने में UAE की मदद की: स्वप्ना सुरेशा का दावा, कहा- आगे और खुलासे करूँगी

केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने 8 अगस्त 2022 को केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके पूर्व सचिव शिवशंकर पर संगीन इल्जाम लगाए। स्वप्ना ने आरोप लगाते हुए कहा कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आतंकियों को भगाने में यूएई वाणिज्य दूतावास की मदद की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वप्ना ने दावा किया कि मिस्र में पैदा हुआ यूएई नागरिक 30 जून 2017 को केरल पहुँचा था और सीआईएसएफ उसे 4 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किया था। उसके पास से थुरया सैटेलाइट फोन मिला था जो भारत में प्रतिबंधित था। स्वप्ना के अनुसार, इसी आदमी को छुड़ाने के लिए यूएई ने मुख्यमंत्री से बात की।

स्वप्ना ने बताया, उन्हें संयुक्त अरब अमीरात वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों का फोन आया था और इस मामले में सीएम से बात करने को कहा गया था था। स्वप्ना आगे कहती हैं, 

“मैंने सीएम के सचिव एम शिवशंकर से बात की और उन्हें पूरे मामले के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह विजयन से बात करेंगे। 5-10 मिनट के बाद शिवशंकर ने मुझे फोन किया और एक अधिकारी को लिखित हलफनामा लेने के लिए पुलिस थाने भेजने को कहा। मुझे वैसा ही हलफनामा वाणिज्य दूतावास को देने के लिए कहा गया था। मैंने शिवशंकर के कहने पर वैसा ही किया।”

स्वप्ना की मानें तो पुलिस ने इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के बाद आरोपित को छोड़ दिया। इसके बाद इस मामले में कोई जाँच नहीं हुई। स्वप्ना बताती हैं कि सीएम अपनी बेटी के हितों की खातिर हर अवैध गतिविधि का समर्थन करते हैं। उन्होंने सीएम को लेकर कहा कि वह आने वाले समय में उनसे जुड़े और खुलासे करेंगी।

केरल सीएम पर सोना तस्करी में शामिल होने का आरोप लगा चुकी हैं स्वप्ना सुरेश

बता दें कि सोना तस्करी मामले की आरोपित स्वप्ना सुरेश पिछले काफी समय से पिनराई विजयन को लेकर आरोप लगाती रही हैं। उन्होंने इससे पहले खुलासा किया था कि विजयन डिप्लोमेटिक बैगेज की आड़ में सोने की तस्करी घोटाले में शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि जब विजयन 2016 में दुबई में थे, तब उन्हें करंसी से भरा एक बैग भेजा गया था। स्वप्ना ने ये भी कहा था, “मेरी जान को खतरा है। इसलिए मैंने अदालत को एक बयान देने का फैसला किया है। मैं सभी तथ्यों (सोने की तस्करी से संबंधित) और इसमें शामिल लोगों के नाम का खुलासा करूँगी।’’

दुबई होते हुए नेपाल आई 24 साल की पाकिस्तानी युवती, बिहार के रास्ते भारते में घुसते पकड़ी गईः 2 युवकों को भी SSB ने दबोचा

नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्धों को सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने पकड़ा है। इनमें से एक पाकिस्तानी युवती है। बिहार के सीतामढ़ी जिले के भिट्ठामोड़ में एसएसबी चेकपोस्ट के पास इन्हें पकड़ा गया।

तीनों भारत में घुसने की फिराक में थे। 24 साल की पाकिस्तानी युवती के साथ जो दो लोग पकड़े गए हैं, उनमें एक नेपाल का नागरिक है। दूसरा युवक भारतीय मुस्लिम बताया जा रहा। गिरफ्तार युवती के पास से कॉलेज आईकार्ड, आधार कार्ड, ATM कार्ड, नेपाली और पाकिस्तानी मोबाइल सिम सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक युवती का नाम खादीजा नूर है। आशंका है कि युवती जासूसी के इरादे से भारत में घुसपैठ करना चाहती थी। तीनों को SSB कैंप में रखा गया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

संदिग्ध पाकिस्तानी युवती के कॉलेज का आई कार्ड (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

फैसलाबाद की रहने वाली है युवती

रिपोर्टों के मुताबिक युवती पाकिस्तान के फैसलाबाद की रहने वाली है। पाकिस्तानी युवती और संदिग्धों के पकड़े जाने पर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। घुसपैठ का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। युवती के पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट और नेपाल स्थित इस्लामाबाद दूतावास से जारी टूरिजस्ट वीजा मिला है।

बताया जा रहा है कि उसके वीजा पर वापसी की तारीख 4 सितंबर 2022 है। एसे में सवाल उठ रहा है कि कहीं वह स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर भारत में किसी साजिश को अंजाम देने या फिर किसी जगह की रेकी करने तो नहीं आ रही थी। रिपोर्ट के अनुसार युवती दुबई के रास्ते नेपाल आई थी।

2 चीनी नागरिक भी पकड़े गए थे को किया गया था गिरफ्तार

इससे पहले 11 जून 2022 को सीतामढ़ी से लगी सीमा से दो चीनी नागरिकों को SSB ने पकड़ा था था। दोनों नेपाल के काठमांडू से दिल्ली और नोएडा आए थे। इसके बाद दोनों नेपाल के रास्ते चीन जाने का प्रयास कर रहे थे।

NIA ने भोपाल से दबोचे 2 बांग्लादेशी आतंकी, इससे पहले 7 हो चुके हैं गिरफ्तार: सोशल मीडिया से जिहादी सामग्री फैला रहे थे हमीदुल्ला-अबिदुल्लाह

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दो और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हमीदुल्ला उर्फ समीद अली मियाँ और मोहम्मद सहादत हुसैन उर्फ अबिदुल्लाह के रूप में हुई है। ये दोनों ही जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकवादियों के मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। 

इनका कनेक्शन उन 7 आतंकियों से जुड़ा है, जिन्हें मार्च 2022 में भोपाल समेत प्रदेश के अन्य शहरों से गिरफ्तार किया गया था। अब तक इस मामले में कुल 9 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। एजेंसी ने बताया कि उनके साथ भोपाल के ऐशबाग से तीन अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी भी पकड़े गए हैं। जानकारी के मुताबिक हमीदुल्ला और मोहम्मद सहादत हुसैन पर भारत में जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है। 

दोनों गिरफ्तार आरोपित मूल रूप से बंग्लादेश के रहने वाले हैं। इन पर जेएमबी के विचारों को फैलाने की साजिश का आरोप है। एजेंसी ने बताया कि दोनों आरोपित बेहद कट्टरपंथी  और घृणित और आपत्तिजनक सामग्री ऑनलाइन पोस्ट कर रहे थे। दोनों ही आरोपित सोशल मीडिया के जरिए जहर फैला रहे थे और युवाओं को भारत के खिलाफ जिहाद करने के लिए प्रेरित करने में शामिल थे। इसके लिए ये एनक्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल करते थे। अलग-अलग ऐप के माध्यम से बांग्लादेश में संपर्क करते थे। फिलहाल केस में छानबीन लगातार जारी है।

यह मामला शुरू में 14 मार्च को मध्य प्रदेश के भोपाल में FIR संख्या 13/2022 के रूप में दर्ज किया गया था और 5 अप्रैल को NIA द्वारा फिर से पंजीकृत किया गया था। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अब तक नौ आतंकी हो चुके गिरफ्तार

STF ने 13 मार्च को भोपाल के ऐशबाग इलाके से आतंकी संगठन जेएमबी के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें फजहर अली उर्फ महमूद, मोहम्मद अकील उर्फ अहमद, जहरुद्दीन उर्फ इब्राहिम और फजर जैनुल अबादीन उर्फ अकरम शामिल थे। इनकी पूछताछ के बाद तीन अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया। जो इनकी मदद करते थे। केंद्र सरकार ने मई 2019 में आतंकी समूह जेएमबी पर प्रतिबंध लगा दिया था।

भादो से पहले नीतीश कुमार बिहार में फिर जलाएँगे लालू की लालटेन? तेजस्वी के साथ राज्यपाल से मिलेंगे, BJP के मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा

बिहार में एक बार फिर से जदयू-राजद की सरकार के लिए समीकरण सेट हो गए हैं। भाजपा कोटे के सभी 16 मंत्री जल्द ही इस्तीफे देंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (9 अगस्त, 2022) की दोपहर राज्यपाल फागू चौहान से मिलने का समय माँगा था, तभी तस्वीर साफ़ हो गई थी। तेजस्वी यादव के साथ उनकी बैठक भी होने वाली है, जिसमें गठबंधन सरकार के समीकरण पर चर्चा होगी। राजद बिहार विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है।

कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद नहीं छोड़ेंगे और तेजस्वी यादव को उप-मुख्यमंत्री का पद देते हुए गृह विभाग भी दिया जा सकता है। भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालाँकि, केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की नीतीश कुमार से फोन कॉल पर बातचीत की खबर भी सामने आई थी। वामपंथी दलों ने पहले ही जदयू-राजद गठबंधन को समर्थन देने का ऐलान कर रखा है।

सोनिया गाँधी से नीतीश कुमार की बातचीत के बाद ये भी साफ़ हो गया है कि इस सरकार में कॉन्ग्रेस भी शामिल रहेगी। मीडिया ये भी कयास लगा रही है कि नीतीश कुमार 2024 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए ताल ठोकेंगे और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद की कमान दे दी जाएगी। इस तरह से 2025 बिहार विधानसभा चुनाव सीधे तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राजद और भाजपा के बीच होगा। भाजपा के पास फ़िलहाल बिहार में कोई सर्वमान्य चेहरा नहीं है।

ये भी जानकारी सामने आई थी कि नीतीश कुमार महागठबंधन के विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपेंगे। जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनकी पार्टी को तोड़ने का षड्यंत्र हो रहा है, तभी साफ़ हो गया था कि जदयू ने भाजपा पर ये आरोप लगाया है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के हाल के बाद नीतीश कुमार की चिंताएँ बढ़ गई थीं। RCP सिंह को जदयू से निकाला जाना एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।