Home Blog Page 3008

‘RSS सबसे बड़ा दुश्मन, CDS रावत की मौत अल्लाह की मर्जी’ : देखें मौलाना उस्मानी के जहरीले Video, गाजी बनाने की बातें

किशन भरवाड की हत्या मामले में पकड़े गए मौलाना उस्मानी की अब जगह-जगह पुरानी वीडियो शेयर हो रही है। इन वीडियोज में वो न केवल मुस्लिमों को भड़का रहा है बल्कि सैन्य अधिकारियों की मृत्यु पर उनका मखौल उड़ा रहा है, उनकी मौत को जायज ठहरा रहा है। उस्मानी की एक वीडियो फेसबुक पर 3 जनवरी को अपलोड की गई थी। इस वीडियो में वो अपने समर्थकों को समझा रहा था कि आरएसए उनकी दुश्मन है। भले ही उन्हें (मुस्लिमों को) लगे कि आरएसएस बहुत शक्तिशाली है लेकिन ये नहीं भूला जाना चाहिए उनके पास अल्लाह की दी गई ताकत है।

उस्मानी का RSS और CDS रावत का बयान

वीडियो में वह कहता है, “हमारा सबसे बड़ा दुश्मन आरएसएस है। RSS इतना शक्तिशाली है कि पहली नज़र में ऐसा लगता है कि उनका सामना करना मूर्खता है। लेकिन हम (मुसलमानों) के पास अल्लाह की दी शक्ति और साहस है। अगर हमें अल्लाह पर यकीन है तो हम आरएसएस जैसी 10 ताकतों का भी सामना कर सकते हैं। उन्होंने मुझे 19 दिनों के लिए जेल में डाल दिया उन्हें लगा कि अब मिशन खत्म हो गया, लेकिन कई गुना ताकत के साथ मिशन जारी रहा। उन्होंने अगर एक कमर उस्मानी और एक सलमान अजहरी को सलाखों के पीछे बंद भी कर दिया तो इंशाल्लाह घर-घर से कमर उस्मानी और सलमान अजहरी पैदा होगा। दुनिया हमारे मजहब के लिए हमारी मोहब्बत को देखेगी। मीडिया वाले हों तो इस बात को रिकॉर्ड कर लें कि खैर मनाओ… अगर एक वफादार मुसलमान जिहाद करने पर आ गया, तो तुम्हारी सभी मिसाइलें और सभी सेनाएँ इस्लाम की ताकत के सामने रखी रह जाएगी। कोई कुछ नहीं कर पाएगा।”

उस्मानी ने आगे कहा, “हमसे गलती ये हुई कि जब आईएसआईएस ने अपने आतंकी हमलों से लोगों को बताया कि जिहाद बुरी चीज है, तब हम चुप रहे। हमने उन्हें सही नहीं किया। हमें बताना चाहिए था कि जिहाद आतंकवाद नहीं, बल्कि सही के साथ खड़े होने और न्याय करने को कहा जाता है। जब इस्लाम का असली मुजाहिद मुस्लिमों को खड़ा करेगा तो कोई सेना, कोई कमांडर मुस्लिमों को नहीं दबा पाएगा। उन्होंने तीनों फोर्स के लिए एक कमांडर बनाया। देखा अल्लाह ने उसके साथ क्या किया। अल्लाह की मर्जी के बिना किया गया कोई भी काम बेकार जाएगा।” अपनी इस वीडियो में उस्मानी ने मुस्लिमों को चुपचाप बैठने से और सिर्फ दुआ करने से मना किया और कहा कि वो खड़े हों और अपने लिए लड़ें।

मुस्लिम नेता इस्लाम को दे प्राथमिकता

इसी तरह अगली वीडियो में उस्मानी को मुस्लिम राजनेताओं को संदेश जारी करते देखा जा सकता है। वह कहता है कि हर मुस्लिम राजनेता, विधायक, पार्षद को इस्लाम को अपनी प्राथमिकता मानना चाहिए। हर पद और ताकत बेफिजूल हैं अगर उसका इस्तेमाल इस्लाम के लिए न किया जाए। उस्मानी कहता है कि राजनैतिक शक्तियों का उपयोग अल्लाह की सेवा करने के लिए किया जाना चाहिए।

वह कहता है कि कुछ मुस्लिम होते हैं जो पुलिस गिरफ्तारी और लाठियों से डरते हैं। लेकिन इस्लाम को ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जिन्हें अपनी खैरियत की इतनी फिक्र हो। इस्लाम उन कट्टर लोगों को चाहता है जो इस्लाम के लिए खुद को भूल जाएँ। अपनी वीडियो में उस्मानी ने माना कि उसने दिल्ली प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को भड़काया था कि मुस्लिमों को अपनी खैरियत छोड़ देनी चाहिए और कुर्बानी की मानसिकता के लिए तैयार रहना चाहिए। उसने कहा था, “हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो कुर्बानी की सोच के साथ जमीन पर उतरें। वापस आए तो गाजी, ना आए तो शहीद।”

यहाँ बता दें कि उस्मानी ईशनिंदा करने वालों के ख़िलाफ़ लगातार अपने समर्थकों को भड़काता रहा है और साथ ही ‘सर तन से जुदा’ नारे को बढ़ावा देता है। स्वराज्य पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा द्वारा शेयर एक वीडियो में हमने देखा था कि वो कैसे पुलिस से इस बात के लिए भिड़ा हुआ था कि उसे उस प्रदर्शन में जाना जहाँ ईशनिंदा करने वालों के ख़िलाफ़ मौत की सजा का समर्थन हो रहा है।इसके अलावा उसने हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या को भी पिछले साल जायज ठहराया था।

आतंकियों की फंडिंग करता था पंजाब का दंपती, फर्जी पासपोर्ट पर देश से भागने वाले थे: हरियाणा पुलिस ने साथी के साथ पकड़ा

हरियाणा पुलिस ने सोनीपत में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की मदद करने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों में पति-पत्नी और उनका साथी शामिल है। आरोपितों की पहचान रवि, वरिंद्र दीप कौर और कणभ के रूप में हुई है। रवि और वरिंद्र दीप कौर पति-पत्नी हैं, जबकि कणभ उनका साथी है। आरोपित पति-पत्नी पंजाब के तरनतारन के रहने वाले हैं, जबकि उनका साथी जालंधर का है।

तीनो आरोपित फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भागने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आरोपित पाकिस्तान में आतंकी संगठन के आकाओं के संपर्क में थे। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करते थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस से इनपुट मिला था कि जैश-ए-मोहम्मद के 3 मददगार निजी वाहन से सोनीपत से गुजरेंगे। 

सोनीपत पुलिस को तीनों संदिग्ध की पहचान के लिए फोटो उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद सोनीपत पुलिस हरकत में आ गई और गन्नौर-मुरथल के बीच नाका लगाकर निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच रविवार (30 जनवरी 2022) देर रात कार से एक महिला और दो युवकों को आता देख पुलिस ने उन्हें रोकने के बाद हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से फतेहाबाद से तैयार कराए गए फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए। इसकी सूचना जम्मू-कश्मीर पुलिस के दिल्ली मुख्यालय को दी गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी संदीप भट्ट अपनी टीम के साथ सोनीपत पहुँचे। तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से ट्राजिंट रिमांड पर लेकर तीनों को लेकर पुलिस जम्मू रवाना हो गई।

दो आतंकी की गिरफ्तारी के बाद मिला था इनपुट

पुलिस के अनुसार नवंबर, 2021 को जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी मोहम्मद परवेज और उमर फारुख पकड़े गए थे। इन दोनों से पुलिस ने तकरीबन 43 लाख रुपए बरामद किए थे। पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह वे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आशिक नैनग्रो के लिए काम करते थे। उसे ये पैसे अमृतसर में अज्ञात मददगार ने नवंबर में दिए थे। पुलिस जाँच में अज्ञात मददगार की पहचान रवि और उसकी पत्नी वरिंद्र दीप कौर के रूप में हुई थी।

आरोपितों के बारे में इनपुट मिलने के बाद से ही रवि और उसकी पत्नी का मोबाइल फोन बंद हो गया था। इस बीच पुलिस को उनके साथी का नंबर मिला जिसका नाम कणभ था। इस मोबाइल नंबर की लोकेशन जीटी रोड पर दिल्ली की तरफ मिली थी, जिसके बाद सोनीपत सीआईए टीम की मदद से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित फतेहाबाद से बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट से दिल्ली जा रहे थे। वहाँ से विदेश भागने की फिराक में थे। सोनीपत के एसपी राहुल शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आतंकियों के तीन मददगारों को भिगान के पास से काबू किया गया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया।

‘हे भगवान! प्लीज जावेद साहब से दूर रहिए’: शबाना आजमी को क्या हुआ, सबको सताने लगी उनके शौहर जावेद अख्तर की चिंता

बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी कोविड संक्रमित पाई गई हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी। अब उनके पोस्ट के नीचे लोग उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं। इनमें कुछ उनके फैन्स हैं तो कुछ मशहूर हस्तियाँ भी हैं।

सबको शबाना आजमी की चिंता सता रही है। लेकिन इस बीच बोनी कपूर इंडस्ट्री का वो नाम हैं जिन्हें शबाना की नहीं जावेद अख्तर की टेंशन है। अपने रिप्लाई में उन्होंने शबाना को जावेद अख्तर से दूर रहने को कहा है जिसकी वजह से ये रिप्लाई कई यूजर्स को पसंद आ रहा है।

शबाना आजमी के इंस्टाग्राम पोस्ट में देख सकते हैं कि उन्होंने आज अपने इंस्टा पर अपनी तस्वीर के साथ लिखा, “मैं आज कोविड पॉजिटिव पाई गई हूँ। खुद को आइसोलेट कर लिया है। जो कोई भी मेरे कॉन्टैक्ट में आए हैं वो भी कृपया अपना कोविड टेस्ट करवा लें।”

इसके बाद दिव्या दत्ता, जितेश पिल्लई, मनीष मल्होत्रा जैसे बड़ी हस्तियों ने शबाना के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना की। मगर, बोनी कपूर ने शबाना का ट्वीट पढ़कर लिखा, “हे भगवान, कृपया करके जावेद साहब से दूर रहना।” 

अब बोनी कपूर ने ये रिप्लाई जावेद अख्तर की चिंता में लिखा या फिर कोविड से ग्रसित शबाना आजमी के लिए, ये बात बोनी कपूर ही जानते हैं, लेकिन उनके रिप्लाई पर लोगों को हँसी आ रही है। कई लोगों ने उस पर हँसी वाले इमोजी और LOL लिखा है। वहीं बाकी यूजर्स और शबाना के फैन उन्हें अच्छा महसूस कराने के लिए उनकी कमेंट सेक्शन में तारीफ कर रहे हैं। कोई उन्हें साड़ी में बेहद खूबसूरत लगने वाली अभिनत्री बता रहा है और कोई उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

बता दें कि शबाना आजमी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘अंकुर’ से की थी। पिछले साल वो एक ऑनलाइन फ्रॉड के कारण चर्चा में आई थीं। उनके साथ ये धोखाधड़ी उस समय हुई थी जब उन्होंने शराब की डिलिवरी करने वाले एक जाने-माने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नाम पर ऑर्डर किया और एडवांस में पेमेंट भी कर दिया। लेकिन, बाद में उन्हें डिलिवरी नहीं मिली। धोखाधड़ी का अहसास होने पर आजमी ने ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी थी और मुंबई पुलिस से कार्रवाई की माँग की थी।

1.63 करोड़ किसानों से MSP पर खरीद, पैसे सीधे खाते में; केन-बेतवा से 9 लाख हेक्टेयर में सिंचाई: जानिए किसानों के लिए बजट 2022 में क्या

अब जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए देश का आम बजट पेश किया। यहाँ हम आपको बताएँगे कि इस बजट में कृषि को लेकर क्या है और किसानों को क्या मिलेगा। कृषकों के लिए नई परियोजनाओं से लेकर इस क्षेत्र के लिए वित्त के आवंटन की बात करेंगे। साथ ही पिछले वर्ष के बजट से इसकी समीक्षात्मक तुलना करते हुए बताएँगे कि किसानों के लिए क्या हुआ है और आगे क्या किए जाने की योजना है।

1 वर्ष तक चले ‘किसान आंदोलन’ की परिणीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि सुधार के लिए लाए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने से हुई। अब भी कई तथाकथित किसान नेता मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए घूमते रहते हैं। पंजाब में किसान नेताओं का एक गुट मिल कर चुनाव भी लड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में राकेश टिकैत भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बयान दे रहे हैं। वामपंथियों ने किसानों की आड़ में अपना उल्लू खूब सीधा किया। ऐसे में सभी की नजर इस बजट में कृषि एवं किसानों के लिए प्रावधान पर लगी है।

कृषि क्षेत्र में समावेशी विकास की बात करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रबी 2021-22 में गेहूँ की खरीद और खरीफ 2021-22 में धान की अनुमानित खरीद के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 1.63 करोड़ किसानों से 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूँ एवं धान की खरीद होगी और ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)’ का 2.37 लाख करोड़ रुपए का भुगतान सीधे उनके खाते में किया जाएगा। बता दें कि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ से बिचौलियों की भूमिका ख़त्म हो गई है।

अपने बजट संभाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश भर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके प्रथम चरण में गंगा नदी के 5 किलोमीटर चौड़े कॉरिडोर्स में आने वाले किसानों की जमीनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही वर्ष 2023 को ‘राष्ट्रीय खाद्यान्न वर्ष’ के रूप में घोषित किया गया है। इसमें फसलों के उत्पादन के बाद मूल्य संवर्धन, घरेलू खपत को बढ़ाने और खाद्यान्न उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग करने के लिए सहायता दी जाएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि तिहलनों के आयात पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए तिलहनों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से एक तर्कसंगत और व्यापक योजना चलाई जाएगी। किसानों को डिजिटल और हाइटेक सेवाएँ प्रदान करने के लिए ‘पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP)’ के माध्यम से एक योजना शुरू की जाएगी, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान और विस्तार संस्थानों के साथ-साथ निजी एग्रीटेक प्लेयर्स और स्टेकहोल्डर्स (जो कि एग्रीवेल्यू चैन के होंगे) शामिल होंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “कृषि फसलों का आकलन करने, भू-दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन करने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और पोषक तत्वों के लिए ‘किसान ड्रोन्स’ के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्यों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अपनी कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में संशोधन कर सकें। ऐसा इसीलिए, ताकि प्राकृतिक, जीरो-बजट और आर्गेनिक फार्मिंग, आधुनिक कृषि, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

बजट में ये भी घोषणा की गई कि मिश्रित पूंजीयुक्त एक कोष, जो कि सह-निवेश मॉडल के अंतर्गत तैयार किया गया होगा, के लिए ‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD)’ से सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यमों के लिए स्टार्ट-अप्स, जो कि कृषि उत्पाद और उनके मूल्यों से सम्बंधित होंगे, को वित्तपोषित करना है। इन स्टार्ट-अप्स के क्रियाकलापों में अन्य बातों के अलावा FPO को सहायता, कृषि स्तर पर किराया के आधार पर किसानों को विकेन्द्रीकृत मशीनरी उपलब्ध कराना और प्रौद्योगिकी, जिनमें आईटी आधारित समर्थन शामिल है, जैसे कार्य आएँगे।

साथ ही रासायनिक उर्वरकों पर भी किसानों की निर्भरता कम की जाएगी। कृषि क्षेत्र में पोषण युक्त खेती के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजना है। छात्र आधुनिक और जीरो बजट खेती के बारे में अच्छे से समझें, इसीलिए राज्यों के विश्वविद्यालयों में इस सम्बन्ध में उन्हें पढ़ाया जाएगा। पाठ्यक्रमों में बदलाव होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र और राज्य मिल कर योजनाएँ पेश करेंगे। तिलहनों के उत्पादन में वृद्धि से आयत पर निर्भरता कम होगी।

इन सबके अलावा, गंगा कॉरिडोर और इसके आसपास के इलाकों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। केन-बेतवा परियोजना के लिए 44,605 करोड़ रुपयों के वित्त का प्रावधान किया गया है। इससे 9 लाख हेक्टेयर में किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध हो जाएगा। कुल मिला कर देखें तो इस आम बजट में प्राकृतिक खेती पर जोर है, रसायनों पर किसानों की निर्भरता कम करना है, उन्हें MSP से सीधे भुगतान देने की योजना है और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना है। फलों-सब्जियों की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

केन-बेतवा परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ 9.08 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना, बल्कि 62 लाख लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति करना, 103 मेगावाट हाइड्रो और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करना भी है। इस परियोजना के लिए संशोधित अनुमान 2021-22 में 4300 करोड़ रुपए और 2022-23 में 1400 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। ‘फाइव रीवर लिंक्स (दमनगंगा-पिनजाल, पार-तापी-नर्मदा, गोदावरी-कृष्णा, कृष्णा-पेन्नार और पेन्नार-कावेरी) के ड्राफ्ट DPR को अंतिम रूप से तैयार कर लिया गया है। राज्यों से सहमति होते ही इस पर काम चालू हो जाएगा।

स्टोर में कर रहे थे शॉपिंग, तबीयत ठीक नहीं लगने पर ’16 सेकंड’ के लिए हटाया मास्क; 2 लाख रुपए का लगा जुर्माना

ब्रिटेन में मास्क उतारने की वजह से एक व्यक्ति पर 2 हजार पाउंड (करीब 2 लाख रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिस्टोफर ओ’टूले (Christopher O’Toole) प्रेस्कॉट के एक B&M स्टोर में जब खरीदारी करने तो मास्क पहन रखा था। लेकिन तबियत सही महसूस होने पर उन्होंने कुछ सेकंड के लिए मास्क उतार दिया। उसी दौरान स्टोर में मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने मास्क ना पहनने पर उनका नाम लिख लिया।

क्रिस्टोफर का कहना है उन्होंने स्टोर में महज 16 सेकंड के लिए अपना मास्क उतारा था। इसके लिए उन्हें 100 पाउंड भरने का आदेश दिया गया। इससे इनकार करने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर 2 हजार पाउंड (2 लाख रुपए) कर दिया गया। प्रेस्कॉट में हुई यह घटना पिछले फरवरी 2021 की है। उस वक्त यूके में कोरोना संक्रमण की वजह से सभी सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क का उपयोग अनिवार्य था। कानूनी लड़ाई की वजह ये यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

क्रिस्टोफर का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से मास्क पहनने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन उस समय उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। इसलिए उन्होंने कुछ सेकंड के लिए मास्क हटाया था। उन्होंने लिवरपूल ईको (LiverpoolEcho) से कहा, “बीमार होने के कारण मैं बहुत परेशान था। जिस समय पुलिस मुझे पकड़ कर ले जा रही थी, मैं उनसे बस यही कह रहा था कि क्या मैं जा सकता हूँ?”

कुछ दिनों बाद, 30 वर्षीय क्रिस्टोफर को एसीआरओ क्रिमिनल रिकॉर्ड्स ऑफिस से एक लेटर मिला, जिसमें उन्हें £100 (10,081 रुपए) का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया था। उसे देखकर वह शॉक्ड थे।उन्होंने अधिकारियों को मेल कर जुर्माना भरने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें एक और लेटर मिला, जिसमें जुर्माना £2,000 (2 लाख रुपए) तक बढ़ गया था। इसके बाद यह मामला अदालत तक पहुँच गया। क्रिस्टोफर ने बताया, “वे मेरे मेल का कोई जबाव दिए बिना ही इस मामले में अदालत पहुँच गए।” हालाँकि, कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। क्रिस्टोफर जल्द ही इस मामले को लेकर अदालत में पेश होंगे।

‘रेप को एक्सीडेंट बताओ, बहुत पैसे मिलेंगे’: जिसकी मूक-बधिर बेटी के साथ हुई हैवानियत उसने राजस्थान पुलिस पर लगाए आरोप

राजस्थान के अलवर में मूक-बधिर नाबालिग के साथ दरिंदगी के मामले में पीड़ित पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस बलात्कार को हादसा बताने का दबाव डाल रही है। पुलिस की जाँच पर असंतोष जताते हुए पीड़ित पिता ने न्याय की माँग की है। कहा कि पुलिस यह स्वीकार करने के लिए दबाव डाला रही है कि हमारी बेटी एक दुर्घटना में घायल हो गई थी और उसके साथ बलात्कार नहीं किया गया था।

पीड़िता के पिता ने सोमवार (31 जनवरी 2022) को अलवर में मीडियाकर्मियों से कहा, “पुलिस हमें यह मानने के लिए मजबूर कर रही है कि यह एक दुर्घटना थी। हम डरे हुए हैं और केवल न्याय चाहते हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि अगर वह इसे एक दुर्घटना के रूप में स्वीकार करते हैं तो उन्हें बहुत सारे पैसे मिलेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि जब लड़की को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने कहा कि यह बलात्कार का मामला है और उसे जयपुर के जेके लोन अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहाँ उसकी सर्जरी की गई। पीड़िता के पिता ने बताया, “अब पुलिस अधिकारी हम पर दबाव डाल रहे हैं कि हम इसे एक दुर्घटना के तौर पर लें। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। हमें फोरेंसिक जाँच की रिपोर्ट भी नहीं दी गई है।” अलवर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम की ओर से अभी तक इन आरोपों को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बता दें कि इस साल की शुरुआत में राजस्थान के अलवर जिले से नाबालिग से हैवानियत का मामला सामने आया था। वह बेहोशी की हालत में एक फ्लाईओवर पर मिली थी। शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में शाम करीब आठ बजे नाबालिग मूक-बधिर को बलात्कार के बाद तिजारा पुलिया पर फेंक दिया गया था। उसके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँच कर लड़की को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुँचाया था।

‘पिराना में RSS के गुंडे घुस आए हैं, मुस्लिमों को गाँव छोड़ने को कर रहे मजबूर’: नासिर शेख ने 3 वीडियो से ऐसे फैलाया झूठ, पकड़ा गया तो कहा- माफी माँग ली

30 जनवरी, 2022 को पिराना अहमदाबाद पर कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें नासिर शेख नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि आरएसएस और वीएचपी कार्यकर्ताओं द्वारा मुसलमानों को पिराना छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इंडिया टीवी के पत्रकार निर्णय कपूर ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि पिराना से मुसलमानों का बड़े पैमाने पर पलायन नहीं हुआ है। उन्होंने लगातार कई ट्वीट्स और वीडियो के जरिए यह साबित किया कि यह पूरा वायरल घटनाक्रम मनगढंत है। उन्होंने नासिर का एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें उसने फेक न्यूज़ फैलाने की बात स्वीकार की है।

अपने ट्वीट में कपूर ने कहा, “अहमदाबाद के पिराना से मुस्लिमों के पलायन का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले नासिर ने आज एक दूसरा वीडियो जारी करके बताया कि उसने वीडियो में जिन लोगों को हिजरत करते हुए दिखाया दरअसल वो लोग कलेक्टर ऑफिस आवेदन पत्र देने जा रहे थे। नासिर ने एक ट्रस्ट के विवाद को कौमी रंग दे दिया है। ये है उसका आज का बयान जिसमें वह फेक न्यूज़ फ़ैलाने की बात खुद स्वीकार रहा है।”

ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए खुद पिराना गए कपूर ने कहा, “पिराना में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कोई विवाद नहीं है। विवाद इमाम शाह ट्रस्ट के ट्रस्टियों से जुड़ा है।” उन्होंने कहा कि इमाम शाह बाबा ट्रस्ट पर निशाकलंकी नारायण मंदिर (Nishaklanki Narayan Mandir ) और दरगाह के बीच एक बाड़ थी। दोनों ट्रस्टों के बीच बाड़ की जगह दीवार बनाने को लेकर विवाद हो गया था। कलेक्टर के आदेश के बाद हिंदू ट्रस्टियों ने दीवार बनाने का काम शुरू किया। निर्माण के विरोध में मुस्लिम ट्रस्टियों ने मार्च निकाला।

नासिर ने आरोप लगाया कि उसे गलत सूचना दी गई

कपूर द्वारा अपलोड किए गए नए वीडियो में, अहमदाबाद के बटवा निवासी नासिर ने कहा, “जब मैं पिराना दरगाह गया, तो मैंने देखा कि लोग बड़ी संख्या में सड़क पर चल रहे हैं। किसी ने मुझसे कहा कि वे वहाँ से जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और थी। वे पिराना नहीं छोड़ रहे हैं बल्कि ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि मंदिर ट्रस्ट और दरगाह ट्रस्ट के बीच मामला अदालत में था। कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन पिराना के हिंदू और मुसलमान शांति से रहते हैं। उसने कहा, “मेरे वीडियो भी वायरल हुए थे। मैं कहना चाहता हूँ कि जब मुझे सच्चाई का पता चला तो मैं पुलिस स्टेशन गया और माफी माँगी।”

नासिर ने आरोप लगाया था कि मुसलमान पिराना छोड़ रहे हैं

गौरतलब है कि 30 जनवरी को नासिर के तीन वीडियो वायरल हुए थे। पहले वीडियो में उसने अपना परिचय दिया और आरोप लगाया कि मुस्लिम पिराना छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ”गाँव में आरएसएस के 300-400 गुंडे घुस आए हैं। मुस्लिमों को गाँव छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मैं मुसलमानों से अनुरोध करता हूँ कि वे जल्द से जल्द मदद भेजें। मैं मीडिया से जल्द से जल्द पिराना पहुँचने का आग्रह करता हूँ।”

दूसरे वीडियो में उन्होंने कहा, “आप देख सकते हैं पिराना एक मुस्लिम गाँव है। आरएसएस के गुंडों ने पुलिस की मदद से मुसलमानों को गाँव छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएँ समेत सभी लोग गाँव छोड़ रहे हैं।

तीसरे वीडियो में उसने भारी भीड़ को सड़क पर मार्च करते और नारे लगाते हुए दिखाया।

हालाँकि, नासिर ने आरोप लगाया कि उसे इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन एक अन्य वीडियो में उसे मंदिर के द्वार पर खड़ा देखा गया था।

मंदिर के बाहर खड़ा नासिर

नासिर शेख अकेला नहीं था जिसने यह झूठ फैलाया कि मुसलमान गाँव छोड़ रहे हैं। नकीब सईद नाम का एक और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया था जिसमें उसने ऐसा ही आरोप लगाया था। उसने कहा, ”पिराना में दरगाह पर दीवार बनाई जा रही है। दरगाह को मंदिर बनाने की साजिश है। जब हमने पुलिस से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते क्योंकि कलेक्टर ने दीवार बनाने का आदेश दिया था। यही कारण है कि पिराना के सभी इमाम परिवारों के साथ अपना घर छोड़ चुके हैं। हम सब अपना घर छोड़ चुके हैं। मैं सभी से हमारी मदद करने का अनुरोध कर रहा हूँ। हम कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे। आप मेरे पीछे देख सकते हैं कि पूरा समुदाय सड़क पर है।”

पिराना में वास्तव में क्या हुआ था

अहमदाबाद से 20 किलोमीटर दूर स्थित पिराना गाँव में दरगाह और मंदिर के बीच दीवार बनाने का काम शुरू होने के बाद से तनाव पैदा हो गया। गाँव में रहने वाले मुस्लिम 13 साल पुरानी फेंसिंग की जगह पर कंक्रीट की दीवार बनाने का विरोध करते रहे हैं।

विरोध-प्रदर्शन का जो वीडियो वायरल हुआ, उसे गाँव के सैयद मुस्लिम निवासियों ने अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया था कि दीवार बनने से मस्जिद और कब्रिस्तान से दरगाह तक पहुँच को रोक देगी।

25 जनवरी को ट्रस्ट की समिति द्वारा ग्यारह सदस्यों में से आठ सदस्यों के बहुमत से एक प्रस्ताव पारित होने के बाद दीवार का निर्माण शुरू हुआ था। उन्होंने मरम्मत कार्य के रूप में बाड़ को बदलने के लिए दीवार का निर्माण करने का निर्णय लिया था।

केबी पटेल, एसडीएम दसकरोई, ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जिला कलेक्टर की अनुमति से तार के बाड़ की जगह एक दीवार बनाने का काम था। जहाँ तीन ट्रस्टियों ने दीवार के निर्माण का विरोध किया था, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से न्यासियों द्वारा बहुमत से पारित प्रस्ताव के बाद ही दीवार बनाने के लिए कलेक्टर की अनुमति भी ली गई थी।”

गौरतलब है कि 2003 में भी गाँव में कानून-व्यवस्था की समस्या हुई थी तब पुलिस को तैनात किया गया था। असलाली पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईई के हवाले से कहा, “पिछले तीन-चार महीनों से गाँव में रुक-रुक कर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, सैय्यदों ने दरगाह परिसर में मरम्मत कार्य का विरोध किया है, लेकिन कुछ भी अप्रिय नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे ज्ञापन देने के लिए कलेक्टर कार्यालय जाएँगे, लेकिन कुछ शरारती तत्व वीडियो बनाकर और लाइव अपडेट देकर उपद्रव पैदा कर रहे थे।” पुलिस ने 64 महिलाओं सहित 133 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, लेकिन इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

दीवार के निर्माण का विरोध करने वाले ट्रस्टियों में से एक सिराजुसैन सैय्यद ने आरोप लगाया था कि निर्माण से मंदिर की प्रकृति बदल जाएगी। उन्होंने कहा, “दीवार के साथ मंदिर के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। परिसर में एक कब्रिस्तान, एक मस्जिद, एक दरगाह और एक समाधि (मकबरा) शामिल है। अब, दरगाह के चारों ओर दीवार खड़ी की जा रही है, जिस पर वे (आठ ट्रस्टी) दावा करना चाहते हैं, और हमारे (सैय्यद मुसलमानों) को मस्जिद और कब्रिस्तान से दरगाह तक जाने से रोक देना चाहते हैं।

हालाँकि निर्माण का समर्थन करने वाले एक अन्य ट्रस्टी हर्षद पटेल ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “अधिकांश न्यासियों की स्वीकृति और कलेक्टर की अनुमति से कार्य किया जा रहा है। यह कानून के अनुसार और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। (तीन) अन्य ट्रस्टियों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।”

50000 से अधिक साँप पकड़े, 300 बार जहरीले साँपों ने काटा: इस बार कोबरा के डंस से ‘स्नेक मैन’ की हालत गंभीर, प्रार्थना कर रहा केरल

इंडियन स्नेक मैन (Snake Man) के नाम से मशहूर केरल के वावा सुरेश (Vava Suresh) इस बार खुद कोबरा (Cobra) के शिकार हो गए हैं। सोमवार (31 जनवरी 2022) को केरल (Kerala) के कोट्टायम (Kottayam) जिले में एक बचाव अभियान के दौरान कोबरा ने 47 साल के वावा सुरेश को काट लिया।

वावा सुरेश साँप को पकड़कर उसे जंगल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान साँप बेकाबू हो गया और उनके घुटने के ऊपर काट लिया। हालाँकि सुरेश बेहोश होने से पहले साँप को बैग के अंदर रख चुके थे। केरल के मंत्री वीएन वासवन (Minister VN Vasavan) ने बताया कि उन्हें कोट्टायम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत काफी नाजुक है। उनके लिए सभी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि जब सुरेश को अस्पताल लाया गया तो वे बेहोश थे। उनकी हालत गंभीर है और उन्हें एंटी-वैनम यानी जहररोधी दवा दी जा रही है। उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए लोग प्रार्थना कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने सोमवार को कहा कि वावा सुरेश का मुफ्त इलाज किया जाएगा। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को भी फोन कर सुरेश के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने उन्हें उसके लिए विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वहीं सुरेश के साथ निजी अस्पताल से MCH पहुँचे सहकारिता मंत्री वीएन वासवन ने कहा कि सरकार इलाज में हरसंभव सहयोग करेगी। अस्पताल से TOI से बात करते हुए, वसावन ने कहा कि सुरेश को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि सुरेश के हार्ट की कार्यप्रणाली सामान्य हो गई, लेकिन मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अभी तक सामान्य नहीं हुआ है।

साँप पकड़ने में सुरेश पूरे राज्य में काफी लोकप्रिय हैं। जैसे ही कोई खतरनाक साँप देखता है, वह सुरेश को कॉल करता है। सुरेश वहाँ हाजिर हो जाता है और साँप को पकड़कर उसे सुरक्षित जगह पर छोड़ देता है। बताया जाता है कि वावा सुरेश अब तक 50,000 से अधिक साँपों को पकड़ चुके हैं। इससे पहले भी वावा सुरेश को कई बार साँप काट चुका है। लेकिन हर बार उन्होंने मौत को मात दे दी है। वो दो बार वेंटिलेटर तक पर रहे हैं। 

बता दें कि साल 2020 में सुरेश केरल के पठानमथिट्टा में एक घातक साँप को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। वो साँप को पकड़ भी चुके थे। पकड़े गए साँप को देखने के लिए आसपास काफी संख्या में लोग जमा हो चुके थे। इसी दौरान खतरनाक किस्म के साँप पिट वाइपर बिट ने सुरेश को काट लिया। साँप ने सुरेश की उँगली पर काटा, उसके बाद वो बेहोश होकर गिर गए। आसपास मौजूद लोग उनको लेकर अस्पताल गए। बेहतर चिकित्सा सहायता के लिए सुरेश को उनके गृहनगर तिरुवनंतपुरम स्थित एक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहाँ उन्हें 72 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। अब तक उन्हें 300 से अधिक जहरीले और खतरनाक किस्म का साँप काट चुका है।

लॉन्च होगा ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0′, क्रिप्टो पर 30% टैक्स, RBI लेकर आएगा ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल करेंसी’: बजट 2022

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2022 पेश करते हुए कहा कि हमने कर प्रणाली को और सरल बनाया है। केंद्र सरकार ने बताया कि हम नया अपडेटेड रिटर्न पेश किया है, जहाँ लोग आईटी रिटर्न दाखिल करने के 2 वर्षों के भीतर अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। 1486 यूनियन कानूनों के निरस्त किए जाने के साथ ही ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0’ भी लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम विश्वास आधारित सरकार के विचार का पालन करेंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम ई-विद्या के ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों तक बढ़ाया जाएगा। यह सभी राज्यों को कक्षा 1 से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। 2030 तक सौर क्षमता के 280 गीगावाट के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 19,500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करके डिजिटल करेंसी शुरू की जाएगी, RBI 2022-23 से इसे जारी करेगा।

साथ ही केंद्र सरकार ने बताया कि हमारी सरकार सशस्त्र बलों में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध है। 2022-23 के लिए पूंजी खरीद बजट का 68% घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित किया जाएगा, जो 2021-22 में 58% था। भारतीय रेलवे छोटे किसानों और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए नए प्रोडक्ट और कुशल लॉजिस्टिक सर्विस तैयार करेगा। स्थानीय उत्पाद की आपूर्ति श्रृंखला में मदद के लिए ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ होगा। 2022-23 के बीच नेशनल हाईवे की लंबाई 25,000 किमी तक बढ़ाई जाएगी, हाईवे विस्तार पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

हर घर, नल से जल योजना के लिए वर्ष 2022-23 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जीवन और व्यवसाय करने में आसानी की सुविधा के लिए देश में कहीं भी पंजीकरण के लिए ‘एक राष्ट्र, एक पंजीकरण’ स्थापित किया जाएगा। डिजिटल बैंकिंग को हर नागरिक तक पहुँचाने के उद्देश्य से देश के 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयाँ शुरू होंगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 60,000 घरों की पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के रूप में पहचान की जाएगी।

साथ ही 2022-23 में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के लिए 80 लाख मकानों का निर्माण पूरा किया जाएगा। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी पर भी 30% टैक्स लिया जाएगा।

केंद्रीय बजट 2022 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संसद में संभाषण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 पेश करते हुए कहा कि 2022-23 में अनुमानित ‘कारगर पूंजीगत व्यय’ 10.68 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। साथ ही उद्योग के लिए ‘कोल गैसीफिकेशन’ हेतु 4 प्राइवेट परियोजनाओं की भी स्थापना की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने वालों के लिए ई-पासपोर्ट की सुविधा 2022-23 से उपलब्ध कराई जाएगी। शहरों के प्लानिंग पर विशेष जोर देते हुए कई विकास परियोजनाएँ लाने की बात भी कही गई।

शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए 250 करोड़ रुपए की कीमत वाली परियोजनाओं के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के निर्माण की बात भी बताई गई। ‘बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी’ भी लगाई जाएगी। ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा लाई जाएगी। बैटरी और एनर्जी के क्षेत्र में इनोवेटिव और टिकाऊ कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट सेक्टर को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ‘EV इकोसिस्टम’ को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही भारतीय सेना में भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात की गई। एग्रो-फॉरेस्ट्री करने वाले किसानों की वित्तीय रूप से मदद की जाएगी। कार्बन फूटप्रिंट्स को कम करने के लिए स्वदेशी ‘ग्रीन बॉन्ड्स’ भी इशू किए जाएँगे। ‘एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC)’ इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए इसके प्रमोशन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस क्षेत्र की कई कंपनियों का कहना है कि इस क्षेत्र में प्रतिभाओं और प्रशिक्षण की कमी है।

2022-23 के बजट में हाइड्रो एवं सोलर परियोजनाओं के लिए भी अलोकेशन की बात कही गई। ‘नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम’ के लिए एक ओपन प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। महामारी लोगों के दिलोंदिमाग पर भी असर पड़ा है, इसीलिए सभी उम्र के लोगो के लिए मेन्टल हेल्थ सम्बंधित इलाज और काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए ‘डिजिटल देश’ ई-पोर्टल बनाया जाएगा। पहली से बारहवीं कक्षा तक के लिए ‘वन क्लास, वन टीवी चैनलों’ की संख्या 12 से 200 कर दी गई है।

बजट 2022: अब तक की मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2022 में पाँच नदियों को जोड़ने के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया। ये भी जानकारी दी गई कि कृषि एवं ग्रामीण परिवेश से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए एक अलग से कोष का निर्माण किया जाएगा। जैसे ही राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर बढ़ने का ऐलान हुआ, रोड कन्स्ट्रक्शन कंपनियों के शेयर्स उछाल गए। NHAI टेंडर की रेस में जो कम्पनियाँ हैं, उनके शेयर्स 4% तक बढ़ गए। 2021-22 के रबी मौसम में 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूँ-धान के उत्पादन की बात बताई गई।

इसके लिए 16.3 करोड़ किसानों ने मेहनत की। साथ ही इन किसानों को MSP के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पेमेंट की बात बताई गई। ‘फार्म प्रोडक्शन वैल्यू चैन’ को बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए एक अन्य सह-निवेश मॉडल अपनाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र किस तरह से मजबूत हो रहा है और टीकाकरण अभियान की जो सफलता है, उसकी भी चर्चा की गई। ‘पीएम गति शक्ति योजना’ से अर्थव्यवस्था, निवेश और नौकरियों में बढ़ोतरी होगी।

इसके तहत हर राज्य को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर 7 इंजन वाले कनेक्टिविटी योजना को जल्द लागू किया जाएगा। ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा और इसके तहत ग्रामीण इलाकों के छोटे किसानों की मदद करने के लिए भारतीय रेलवे एक योजना तैयार करेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के लिए ‘पर्वतमाला’ योजना लाई गई है, जो PPP मॉडल पर आधारित है। राजमार्गों के नेटवर्क पिछले दो साल से अब 29% ज्यादा बढ़ जाएगा।

मेट्रो प्रॉजेक्ट्स ज्यादा से ज्यादा बनें, इस पर ध्यान देते हुए उनके त्वरित निर्माण के लिए सरकार काम करेगी। ट्रांसपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। मेट्रो को भारतीय ज़रूरतों और परिवेश के हिसाब से ही विकसित किया जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ा कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।’पीएम गति शक्ति’ के तहत 100 कार्गो स्टेशंस विकसित किए जाएँगे। कुल मिला कर इस बजट में विकास, खासकर इंफ़्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

बजट 2022: केंद्रीय वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा

केंद्रीय बजट 2022 से साफ़ हो गया है कि ये ‘आज़ादी के अमृत काल’ का बजट है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के ध्येय से बना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बजट विकास पर केंद्रित है। भारत का विकास दर 9.2% रहने वाला है, जो सारी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के आँकड़ों के कारण देश आज सही स्थिति में है। ‘मेक इन इंडिया’ से 60 लाख नई नौकरियाँ भी आने वाली हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए एक आधार रखने का काम इस बजट के साथ किया जा रहा है। साथ ही LIC का IPO भी कुछ दिनों में आने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अभी ओमीक्रॉन लहर से जूझ रहे हैं, लेकिन ‘सबका प्रयास’ इसी मजबूती के साथ चलता रहेगा। ‘एयर इंडिया’ के टाटा को औपचारिक ट्रांसफर को लेकर भी उन्होंने बात की। पब्लिक इन्वेस्टमेंट और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ये बजट केंद्रित है। भारत के आज़ादी के 75 वर्षों से 100 वर्षों तक पहुँचने का ये बजट होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ योजना के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ को गति दी जाएगी, जिससे 60 लाख नई नौकरियाँ और 30 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रोडक्शन भी होगा। 2022-23 तक राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर का हो जाएगा। बजट में उन्होंने कई बार कोविड-19 के खतरों के प्रति आगाह किया और वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर भी बात की। ये ‘India@100’ का बजट है।

निर्मला सीतारमण का बजट 2022: जानिए मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को भारत का बजट पेश किया। देश अब कोरोना से उबर रहा है, ऐसे में सभी लोगों की नजर इस बजट पर लगी हुई है। बता दें कि भारत का वित्त वर्ष 1 मार्च से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है। बजट में इसका पूरा लेखा-जोखा पेश किया जाता है। देश के खर्च एवं आय के बारे में बताया जाता है। पिछले बजट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया था। जनता को मुफ्त वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए थे।

इसी का नतीजा है कि आज देश की लगभग 60% जनसंख्या पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड है और 90% को कम से कम एक खुराक लग गई है। इन रुपयों में से 19,675 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। बजट के दिन सेंसेक्स भी खुलने के बाद 800 पॉइंट्स ऊपर चढ़ कर 59,000 के पास पहुँच गया। वहीं निफ्टी 240 अंक बढ़ कर 17,540 तक पहुँच गया। बजट सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। सुबह 11 बजे से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट का सम्बोधन शुरू किया।

वहीं बजट की छपाई की प्रक्रिया ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ शुरू की जाती है। इस दौरान अधिकारियों में हलवा बाँटा जाता है। हलवा एक बड़ी कड़ाही में तैयार किया जाता है। 2020 से ही देश में ‘पेपरलेस बजट’ पेश किया जाता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से ‘हलवा सेरेमनी’ तो नहीं हो पाई, इसीलिए अधिकारियों में मिठाई बाँटी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 और 2021 में पेपरलेस बजट पेश कर चुकी हैं। 26 नवंबर, 1947 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था।

किशन भरवाड को श्रद्धांजलि देने के लिए मंदिर में जुटे थे लोग, मुस्लिम भीड़ ने हथियारों के साथ घेरा, मारपीट-लोहे की पाइप से वार: 40 पर केस

किशन भरवाड की हत्या के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए गुजरात के छोटा उदयपुर के मंदिर में इकट्ठा हुए लोगों पर भी मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला किया गया। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार रात कुछ हिंदू लोग रामजी मंदिर में एकत्रित हुए थे, जहाँ मुस्लिम भीड़ ने हथियारों के साथ उन्हें घेरा और फिर उनसे मारपीट की

राजू राथवा द्वारा दायर की गई शिकायत के अनुसार, किसी अनस मकरानी ने उनके पीछे उन्हें लोहे की रॉड से मारा। इसी तरह मनियार जीशान ने कथिततौर पर राहुल नाम के लड़के के सिर पर लोहे के पाइप से प्रहार किया। इनके बाद स्मित सिंह चौहान के साथ भी मारपीट की घटना भी सामने आई है।

छोटा उदयपुर में नाबालिगों पर ईशनिंदा का आरोप

बता दें कि किशन की हत्या के बाद छोटा उदयपुर में कुछ अन्य युवकों पर भी एक ऐसा पोस्ट शेयर करने का आरोप लगा था जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएँ आहत हों। हालाँकि, पुलिस में शिकायत के बाद ये पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दिए गए। बावजूद इसके मुस्लिम युवकों ने हमला किया।

इस संबंध में दोनों समूहों के ऊपर केस दर्ज कर लिया गया है और कुछ गिरफ्तारी भी हुई हैं। पुलिस ने हर किसी को निर्देश दिए हैं कि कोई किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत न करे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दो नाबालिग लड़कों ने व्हॉट्सएप पर पोस्ट शेयर किया था, जिसे देख मुस्लिम युवक भड़क गए और दावा किया गया कि उस पोस्ट से उनकी  धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। 

इसके बाद हिंदू लड़कों से उस पोस्ट को डिलीट करने को कहा गया लेकिन फिर भी रविवार को मामला बढ़ गया और जब किशन को श्रद्धांजलि देने के लिए हिंदू मंदिर में इकट्ठा हुए तो मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। इस दौरान उनके पास लोहे की रॉड जैसे हथियार थे। दोनों पक्षों में हुए विवाद मामले में कुल 40 लोगों केस विरुद्ध के दर्ज हुआ है। इनमें 7 को हिरासत में ले लिया गया है।

किशन भरवाड की हत्या

गौरतलब है कि 25 जनवरी 2022 को इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा 27 वर्षीय किशन भरवाड की हत्या कर दी गई थी। कट्टरपंथियों का आरोप था कि किशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया था जिसमें पैगंबर मुहम्मद की तस्वीर दिखाई गई थी। इस्लाम के अनुसार, पैगंबर की तस्वीर दिखाना ईशनिंदा है। मामले की जाँच के बाद पुलिस ने हाल में इस हत्या केस में मौलाना को गिरफ्तार किया है। ये भी पता चला है कि किशन की हत्या एक बड़ी साजिश थी।