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युवाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए ‘DESH’ ई-पोर्टल, एग्रो-फॉरेस्ट्री के लिए किसानों को वित्तीय मदद: बजट 2022 में निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 पेश करते हुए कहा कि 2022-23 में अनुमानित ‘कारगर पूंजीगत व्यय’ 10.68 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। साथ ही उद्योग के लिए ‘कोल गैसीफिकेशन’ हेतु 4 प्राइवेट परियोजनाओं की भी स्थापना की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने वालों के लिए ई-पासपोर्ट की सुविधा 2022-23 से उपलब्ध कराई जाएगी। शहरों के प्लानिंग पर विशेष जोर देते हुए कई विकास परियोजनाएँ लाने की बात भी कही गई।

शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए 250 करोड़ रुपए की कीमत वाली परियोजनाओं के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के निर्माण की बात भी बताई गई। ‘बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी’ भी लगाई जाएगी। ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा लाई जाएगी। बैटरी और एनर्जी के क्षेत्र में इनोवेटिव और टिकाऊ कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट सेक्टर को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ‘EV इकोसिस्टम’ को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही भारतीय सेना में भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात की गई। एग्रो-फॉरेस्ट्री करने वाले किसानों की वित्तीय रूप से मदद की जाएगी। कार्बन फूटप्रिंट्स को कम करने के लिए स्वदेशी ‘ग्रीन बॉन्ड्स’ भी इशू किए जाएँगे। ‘एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC)’ इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए इसके प्रमोशन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस क्षेत्र की कई कंपनियों का कहना है कि इस क्षेत्र में प्रतिभाओं और प्रशिक्षण की कमी है।

2022-23 के बजट में हाइड्रो एवं सोलर परियोजनाओं के लिए भी अलोकेशन की बात कही गई। ‘नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम’ के लिए एक ओपन प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। महामारी लोगों के दिलोंदिमाग पर भी असर पड़ा है, इसीलिए सभी उम्र के लोगो के लिए मेन्टल हेल्थ सम्बंधित इलाज और काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए ‘डिजिटल देश’ ई-पोर्टल बनाया जाएगा। पहली से बारहवीं कक्षा तक के लिए ‘वन क्लास, वन टीवी चैनलों’ की संख्या 12 से 200 कर दी गई है।

बजट 2022: अब तक की मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2022 में पाँच नदियों को जोड़ने के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया। ये भी जानकारी दी गई कि कृषि एवं ग्रामीण परिवेश से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए एक अलग से कोष का निर्माण किया जाएगा। जैसे ही राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर बढ़ने का ऐलान हुआ, रोड कन्स्ट्रक्शन कंपनियों के शेयर्स उछाल गए। NHAI टेंडर की रेस में जो कम्पनियाँ हैं, उनके शेयर्स 4% तक बढ़ गए। 2021-22 के रबी मौसम में 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूँ-धान के उत्पादन की बात बताई गई।

इसके लिए 16.3 करोड़ किसानों ने मेहनत की। साथ ही इन किसानों को MSP के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पेमेंट की बात बताई गई। ‘फार्म प्रोडक्शन वैल्यू चैन’ को बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए एक अन्य सह-निवेश मॉडल अपनाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र किस तरह से मजबूत हो रहा है और टीकाकरण अभियान की जो सफलता है, उसकी भी चर्चा की गई। ‘पीएम गति शक्ति योजना’ से अर्थव्यवस्था, निवेश और नौकरियों में बढ़ोतरी होगी।

इसके तहत हर राज्य को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर 7 इंजन वाले कनेक्टिविटी योजना को जल्द लागू किया जाएगा। ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा और इसके तहत ग्रामीण इलाकों के छोटे किसानों की मदद करने के लिए भारतीय रेलवे एक योजना तैयार करेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के लिए ‘पर्वतमाला’ योजना लाई गई है, जो PPP मॉडल पर आधारित है। राजमार्गों के नेटवर्क पिछले दो साल से अब 29% ज्यादा बढ़ जाएगा।

मेट्रो प्रॉजेक्ट्स ज्यादा से ज्यादा बनें, इस पर ध्यान देते हुए उनके त्वरित निर्माण के लिए सरकार काम करेगी। ट्रांसपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। मेट्रो को भारतीय ज़रूरतों और परिवेश के हिसाब से ही विकसित किया जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ा कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।’पीएम गति शक्ति’ के तहत 100 कार्गो स्टेशंस विकसित किए जाएँगे। कुल मिला कर इस बजट में विकास, खासकर इंफ़्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

बजट 2022: केंद्रीय वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा

केंद्रीय बजट 2022 से साफ़ हो गया है कि ये ‘आज़ादी के अमृत काल’ का बजट है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के ध्येय से बना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बजट विकास पर केंद्रित है। भारत का विकास दर 9.2% रहने वाला है, जो सारी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के आँकड़ों के कारण देश आज सही स्थिति में है। ‘मेक इन इंडिया’ से 60 लाख नई नौकरियाँ भी आने वाली हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए एक आधार रखने का काम इस बजट के साथ किया जा रहा है। साथ ही LIC का IPO भी कुछ दिनों में आने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अभी ओमीक्रॉन लहर से जूझ रहे हैं, लेकिन ‘सबका प्रयास’ इसी मजबूती के साथ चलता रहेगा। ‘एयर इंडिया’ के टाटा को औपचारिक ट्रांसफर को लेकर भी उन्होंने बात की। पब्लिक इन्वेस्टमेंट और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ये बजट केंद्रित है। भारत के आज़ादी के 75 वर्षों से 100 वर्षों तक पहुँचने का ये बजट होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ योजना के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ को गति दी जाएगी, जिससे 60 लाख नई नौकरियाँ और 30 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रोडक्शन भी होगा। 2022-23 तक राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर का हो जाएगा। बजट में उन्होंने कई बार कोविड-19 के खतरों के प्रति आगाह किया और वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर भी बात की। ये ‘India@100’ का बजट है।

निर्मला सीतारमण का बजट 2022: जानिए मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को भारत का बजट पेश किया। देश अब कोरोना से उबर रहा है, ऐसे में सभी लोगों की नजर इस बजट पर लगी हुई है। बता दें कि भारत का वित्त वर्ष 1 मार्च से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है। बजट में इसका पूरा लेखा-जोखा पेश किया जाता है। देश के खर्च एवं आय के बारे में बताया जाता है। पिछले बजट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया था। जनता को मुफ्त वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए थे।

इसी का नतीजा है कि आज देश की लगभग 60% जनसंख्या पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड है और 90% को कम से कम एक खुराक लग गई है। इन रुपयों में से 19,675 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। बजट के दिन सेंसेक्स भी खुलने के बाद 800 पॉइंट्स ऊपर चढ़ कर 59,000 के पास पहुँच गया। वहीं निफ्टी 240 अंक बढ़ कर 17,540 तक पहुँच गया। बजट सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। सुबह 11 बजे से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट का सम्बोधन शुरू किया।

वहीं बजट की छपाई की प्रक्रिया ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ शुरू की जाती है। इस दौरान अधिकारियों में हलवा बाँटा जाता है। हलवा एक बड़ी कड़ाही में तैयार किया जाता है। 2020 से ही देश में ‘पेपरलेस बजट’ पेश किया जाता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से ‘हलवा सेरेमनी’ तो नहीं हो पाई, इसीलिए अधिकारियों में मिठाई बाँटी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 और 2021 में पेपरलेस बजट पेश कर चुकी हैं। 26 नवंबर, 1947 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था।

‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ के तहत छोटे किसानों की मदद करेगा रेलवे, राजमार्गों का नेटवर्क होगा 25000 Km: बजट 2022

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2022 में पाँच नदियों को जोड़ने के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया। ये भी जानकारी दी गई कि कृषि एवं ग्रामीण परिवेश से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए एक अलग से कोष का निर्माण किया जाएगा। जैसे ही राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर बढ़ने का ऐलान हुआ, रोड कन्स्ट्रक्शन कंपनियों के शेयर्स उछाल गए। NHAI टेंडर की रेस में जो कम्पनियाँ हैं, उनके शेयर्स 4% तक बढ़ गए। 2021-22 के रबी मौसम में 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूँ-धान के उत्पादन की बात बताई गई।

इसके लिए 16.3 करोड़ किसानों ने मेहनत की। साथ ही इन किसानों को MSP के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पेमेंट की बात बताई गई। ‘फार्म प्रोडक्शन वैल्यू चैन’ को बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए एक अन्य सह-निवेश मॉडल अपनाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र किस तरह से मजबूत हो रहा है और टीकाकरण अभियान की जो सफलता है, उसकी भी चर्चा की गई। ‘पीएम गति शक्ति योजना’ से अर्थव्यवस्था, निवेश और नौकरियों में बढ़ोतरी होगी।

इसके तहत हर राज्य को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर 7 इंजन वाले कनेक्टिविटी योजना को जल्द लागू किया जाएगा। ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा और इसके तहत ग्रामीण इलाकों के छोटे किसानों की मदद करने के लिए भारतीय रेलवे एक योजना तैयार करेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के लिए ‘पर्वतमाला’ योजना लाई गई है, जो PPP मॉडल पर आधारित है। राजमार्गों के नेटवर्क पिछले दो साल से अब 29% ज्यादा बढ़ जाएगा।

मेट्रो प्रॉजेक्ट्स ज्यादा से ज्यादा बनें, इस पर ध्यान देते हुए उनके त्वरित निर्माण के लिए सरकार काम करेगी। ट्रांसपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। मेट्रो को भारतीय ज़रूरतों और परिवेश के हिसाब से ही विकसित किया जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ा कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।’पीएम गति शक्ति’ के तहत 100 कार्गो स्टेशंस विकसित किए जाएँगे। कुल मिला कर इस बजट में विकास, खासकर इंफ़्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

बजट 2022: केंद्रीय वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा

केंद्रीय बजट 2022 से साफ़ हो गया है कि ये ‘आज़ादी के अमृत काल’ का बजट है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के ध्येय से बना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बजट विकास पर केंद्रित है। भारत का विकास दर 9.2% रहने वाला है, जो सारी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के आँकड़ों के कारण देश आज सही स्थिति में है। ‘मेक इन इंडिया’ से 60 लाख नई नौकरियाँ भी आने वाली हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए एक आधार रखने का काम इस बजट के साथ किया जा रहा है। साथ ही LIC का IPO भी कुछ दिनों में आने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अभी ओमीक्रॉन लहर से जूझ रहे हैं, लेकिन ‘सबका प्रयास’ इसी मजबूती के साथ चलता रहेगा। ‘एयर इंडिया’ के टाटा को औपचारिक ट्रांसफर को लेकर भी उन्होंने बात की। पब्लिक इन्वेस्टमेंट और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ये बजट केंद्रित है। भारत के आज़ादी के 75 वर्षों से 100 वर्षों तक पहुँचने का ये बजट होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ योजना के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ को गति दी जाएगी, जिससे 60 लाख नई नौकरियाँ और 30 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रोडक्शन भी होगा। 2022-23 तक राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर का हो जाएगा। बजट में उन्होंने कई बार कोविड-19 के खतरों के प्रति आगाह किया और वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर भी बात की। ये ‘India@100’ का बजट है।

निर्मला सीतारमण का बजट 2022: जानिए मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को भारत का बजट पेश किया। देश अब कोरोना से उबर रहा है, ऐसे में सभी लोगों की नजर इस बजट पर लगी हुई है। बता दें कि भारत का वित्त वर्ष 1 मार्च से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है। बजट में इसका पूरा लेखा-जोखा पेश किया जाता है। देश के खर्च एवं आय के बारे में बताया जाता है। पिछले बजट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया था। जनता को मुफ्त वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए थे।

इसी का नतीजा है कि आज देश की लगभग 60% जनसंख्या पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड है और 90% को कम से कम एक खुराक लग गई है। इन रुपयों में से 19,675 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। बजट के दिन सेंसेक्स भी खुलने के बाद 800 पॉइंट्स ऊपर चढ़ कर 59,000 के पास पहुँच गया। वहीं निफ्टी 240 अंक बढ़ कर 17,540 तक पहुँच गया। बजट सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। सुबह 11 बजे से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट का सम्बोधन शुरू किया।

वहीं बजट की छपाई की प्रक्रिया ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ शुरू की जाती है। इस दौरान अधिकारियों में हलवा बाँटा जाता है। हलवा एक बड़ी कड़ाही में तैयार किया जाता है। 2020 से ही देश में ‘पेपरलेस बजट’ पेश किया जाता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से ‘हलवा सेरेमनी’ तो नहीं हो पाई, इसीलिए अधिकारियों में मिठाई बाँटी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 और 2021 में पेपरलेस बजट पेश कर चुकी हैं। 26 नवंबर, 1947 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था।

योगी राज में अखिलेश यादव का ‘बजट’ बिगड़ा: पत्नी डिंपल से उधार-पिता मुलायम को कर्ज, CM थे तो 4 गुना रफ्तार से बढ़ी थी संपत्ति

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उन्होंने मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से सोमवार (31 जनवरी 2022) को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने अपनी और पत्नी डिंपल यादव की संपत्ति, आय और आपराधिक मामलों का ब्योरा दिया। 

योगी सरकार में सबसे कम कमाई

अखिलेश यादव ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार योगी आदित्यनाथ की सरकार में उनकी कमाई में मामूली वृद्धि हुई है। अखिलेश यादव जब यूपी के सीएम थे, तब उनकी संपत्ति करीब 4 गुना रफ्तार से बढ़ी थी। लेकिन ये रफ्तार योगी सरकार के सत्ता में आने के साथ तेजी से कम हुई है। इन पाँच सालों में अखिलेश यादव के धन अर्जन की रफ्तार पर ब्रेक सा लग गया है।

योगी सरकार के तीन साल में उनकी संपत्ति सबसे कम बढ़ी। केवल 10% संपत्ति बढ़ने का औसत सामने आया है। अखिलेश साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट पर उपचुनाव लड़कर जीते थे। उस समय दाखिल हलफनामे के अनुसार उनके पास 2 करोड़ 31 लाख की संपत्ति थी।

22 साल में संपत्ति में 17 गुना का इजाफा

साल 2022 में करहल नामांकन के दौरान हलफनामे में अखिलेश ने अपनी संपत्ति करीब 40.4 करोड़ बताई है। चल संपत्ति साल 2022 में बढ़कर 8 करोड़ हो गई है। साल 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए हलफनामे में बताई गई संपत्ति के मुकाबले अखिलेश यादव की संपत्ति में 3 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। वहीं, डिंपल यादव की भी चल संपत्ति में 1 करोड़ का इजाफा हुआ है। 3 साल के दौरान डिंपल यादव ने कोई भी ज्वेलरी नहीं खरीदी। उसकी वैल्यू अभी भी 59 लाख ही बनी हुई है। बता दें कि 2019 में भी डिंपल के पास 59 लाख की ज्वेलरी थी। 

पिता को दिया है, पत्नी डिंपल से लिया है कर्ज 

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में दर्शाया है कि उन्होंने पिता और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को 2.13 करोड़ रुपए का कर्ज दिया है। ये कर्ज 2019 लोकसभा चुनाव से पहले दिया गया था, जिसे आज तक मुलायम सिंह यादव ने नहीं चुकाया है। वहीं अखिलेश यादव ने खुद पत्नी डिंपल यादव से 8.15 लाख रुपए का कर्ज लिया है। अखिलेश यादव ने मुलायम के अलावा छह अन्य लोगों और संस्थानों को तकरीबन 28 लाख रुपए का कर्ज दिया है।

कहाँ से होती है कमाई?

अखिलेश यादव ने खुद का पेशा कृषि, वेतन, किराया आदि बताया है। हलफनामे के अनुसार अखिलेश की कमाई वेतन, किराए और खेती से होती है। इसी तरह डिंपल की कमाई पूर्व सांसद की पेंशन, किराए और खेती से होती है। 

60 लाख नई नौकरियाँ, ₹30 लाख करोड़ का अतिरिक्त प्रोडक्शन: केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा – ‘India@100’ का आधार रखेगा ये बजट

केंद्रीय बजट 2022 से साफ़ हो गया है कि ये ‘आज़ादी के अमृत काल’ का बजट है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के ध्येय से बना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बजट विकास पर केंद्रित है। भारत का विकास दर 9.2% रहने वाला है, जो सारी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के आँकड़ों के कारण देश आज सही स्थिति में है। ‘मेक इन इंडिया’ से 60 लाख नई नौकरियाँ भी आने वाली हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए एक आधार रखने का काम इस बजट के साथ किया जा रहा है। साथ ही LIC का IPO भी कुछ दिनों में आने वाला है। उन्होंने कहा कि हम अभी ओमीक्रॉन लहर से जूझ रहे हैं, लेकिन ‘सबका प्रयास’ इसी मजबूती के साथ चलता रहेगा। ‘एयर इंडिया’ के टाटा को औपचारिक ट्रांसफर को लेकर भी उन्होंने बात की। पब्लिक इन्वेस्टमेंट और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ये बजट केंद्रित है। भारत के आज़ादी के 75 वर्षों से 100 वर्षों तक पहुँचने का ये बजट होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ योजना के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ को गति दी जाएगी, जिससे 60 लाख नई नौकरियाँ और 30 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रोडक्शन भी होगा। 2022-23 तक राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 25,000 किलोमीटर का हो जाएगा। बजट में उन्होंने कई बार कोविड-19 के खतरों के प्रति आगाह किया और वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर भी बात की। ये ‘India@100’ का बजट है।

निर्मला सीतारमण का बजट 2022: जानिए मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को भारत का बजट पेश किया। देश अब कोरोना से उबर रहा है, ऐसे में सभी लोगों की नजर इस बजट पर लगी हुई है। बता दें कि भारत का वित्त वर्ष 1 मार्च से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है। बजट में इसका पूरा लेखा-जोखा पेश किया जाता है। देश के खर्च एवं आय के बारे में बताया जाता है। पिछले बजट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया था। जनता को मुफ्त वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए थे।

इसी का नतीजा है कि आज देश की लगभग 60% जनसंख्या पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड है और 90% को कम से कम एक खुराक लग गई है। इन रुपयों में से 19,675 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। बजट के दिन सेंसेक्स भी खुलने के बाद 800 पॉइंट्स ऊपर चढ़ कर 59,000 के पास पहुँच गया। वहीं निफ्टी 240 अंक बढ़ कर 17,540 तक पहुँच गया। बजट सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। सुबह 11 बजे से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट का सम्बोधन शुरू किया।

वार्षिक बजट के बारे में बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-112 में बजट का प्रावधान किया गया है। भले ही संसद सत्र के दौरान बजट पढ़ने की प्रक्रिया कुछ घंटों में ख़त्म हो जाती हो, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम पूरे 6 महीने इसके लिए तैयारी करती है। इस बार भी सितंबर 2021 से ही इस बजट सम्बंधित तैयारियाँ शुरू हो गई थीं। सबसे पहले राष्ट्रपति की मंजूरी चाहिए होती है, फिर केंद्रीय कैबिनेट में इसे पेश किया जाता है और तब संसद के दोनों सदनों में।

वहीं बजट की छपाई की प्रक्रिया ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ शुरू की जाती है। इस दौरान अधिकारियों में हलवा बाँटा जाता है। हलवा एक बड़ी कड़ाही में तैयार किया जाता है। 2020 से ही देश में ‘पेपरलेस बजट’ पेश किया जाता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से ‘हलवा सेरेमनी’ तो नहीं हो पाई, इसीलिए अधिकारियों में मिठाई बाँटी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 और 2021 में पेपरलेस बजट पेश कर चुकी हैं। 26 नवंबर, 1947 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था।

हिजाब के लिए हाई कोर्ट पहुँची कर्नाटक की कॉलेज छात्रा, कहा- यह इस्लाम में अनिवार्य, पहनकर क्लास में बैठने दिया जाए

कर्नाटक के एक कॉलेज में हिजाब बैन होने के बाद अब एक मुस्लिम छात्रा ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मुस्लिम छात्रा ने कहा कि उसका कॉलेज उसके व अन्य मुस्लिम लड़कियों के साथ भेदभाव कर रहा है और उन्हें हिजाब पहनकर कॉलेज में घुसने और क्लास लेने से रोक रहा है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि कर्नाटक सरकार का पीयू कॉलेज उडुपी जिले में हैं जहाँ मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर क्लास लेने से रोका गया। याचिका के अनुसार कॉलेज ने मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर परिसर में आने से भी मना किया है। संविधान में मिलने वाले अधिकारों का हवाला देते हुए मुस्लिम छात्रा ने कोर्ट के सामने अपनी माँग रखी। साथ ही कहा कि जिस तरह उन्हें अलग दिखाया गया उससे उनका न केवल मानसिक स्वास्थ्य बल्कि भविष्य भी प्रभावित होगा।

अपनी याचिका में छात्रा ने अनुच्छेद 14 और 25 का हवाला देते हुए मौलिक अधिकारों की बात की। उसने बताया कि हिजाब इस्लाम का जरूरी भाग है। उसने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 (1) के तहत संरक्षण मिला है कि वो अपने मजहब को मानने, उसका अभ्यास करने और प्रचार करने के लिए स्वतंत्र हैं। याचिका में लिखा गया है, “इस्लाम मानने वाली महिलाओं को हिजाब पहनने से रोकनेे से इस्लाम के चरित्र में परिवर्तन होता है। इसी कारणवश हिजाब पहनना इस्लाम का एक अनिवार्य और अभिन्न अंग है।”

कॉलेज में हिजाब पर प्रतिबंध

गौरतलब है कि उडुपी जिले के पीयू कॉलेज में हिजाब प्रतिबंध का यह मामला सबसे पहले 2 जनवरी 2022 को सामने आया था, जब 6 मुस्लिम छात्राएँ क्लासरूम के भीतर हिजाब पहनने पर अड़ गई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल रूद्र गौड़ा ने कहा था कि छात्राएँ कॉलेज परिसर में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन क्लासरूम में इसकी इजाजत नहीं है। प्रिंसिपल के मुताबिक, कक्षा में एकरूपता बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है।

कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिले के प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्राओं के क्लास के अंदर भी हिजाब (Hijab) पहनने की माँग को लेकर जारी विवाद के मामले में उडुपी के विधायक के रघुपति भट (Raghupati Bhat) ने बयान दिया था। उन्होंने 26 जवनवरी 2022 को कहा था कि राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक कॉलेज के अंदर हिजाब नहीं पहन सकते हैं। लेकिन इस विवाद के कारण शिक्षा प्रभावित न हो इसलिए इसके विकल्प के तौर पर ऐसी लड़कियाँ ऑनलाइन क्लास अटेंड कर सकती हैं। ताकि वो परीक्षा में शामिल हो सकें।

भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, ये बुर्का के लिए हो रहा है।

सेंसेक्स ने 800 पॉइंट्स बढ़ कर किया बजट 2022 का स्वागत, निफ्टी भी उछला: इस बार नहीं हो पाई ‘हलवा सेरेमनी’

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को भारत का बजट पेश किया। देश अब कोरोना से उबर रहा है, ऐसे में सभी लोगों की नजर इस बजट पर लगी हुई है। बता दें कि भारत का वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है। बजट में इसका पूरा लेखा-जोखा पेश किया जाता है। देश के खर्च एवं आय के बारे में बताया जाता है। पिछले बजट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया था। जनता को मुफ्त वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए के प्रावधान किए गए थे।

इसी का नतीजा है कि आज देश की लगभग 60% जनसंख्या पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड है और 90% को कम से कम एक खुराक लग गई है। इन रुपयों में से 19,675 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। बजट के दिन सेंसेक्स भी खुलने के बाद 800 पॉइंट्स ऊपर चढ़ कर 59,000 के पास पहुँच गया। वहीं निफ्टी 240 अंक बढ़ कर 17,540 तक पहुँच गया। बजट सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बजट का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। सुबह 11 बजे से केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट का सम्बोधन शुरू किया।

वार्षिक बजट के बारे में बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-112 में बजट का प्रावधान किया गया है। भले ही संसद सत्र के दौरान बजट पढ़ने की प्रक्रिया कुछ घंटों में ख़त्म हो जाती हो, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम पूरे 6 महीने इसके लिए तैयारी करती है। इस बार भी सितंबर 2021 से ही इस बजट सम्बंधित तैयारियाँ शुरू हो गई थीं। सबसे पहले राष्ट्रपति की मंजूरी चाहिए होती है, फिर केंद्रीय कैबिनेट में इसे पेश किया जाता है और तब संसद के दोनों सदनों में।

वहीं बजट की छपाई की प्रक्रिया ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ शुरू की जाती है। इस दौरान अधिकारियों में हलवा बाँटा जाता है। हलवा एक बड़ी कड़ाही में तैयार किया जाता है। 2020 से ही देश में ‘पेपरलेस बजट’ पेश किया जाता रहा है। इस बार कोरोना की वजह से ‘हलवा सेरेमनी’ तो नहीं हो पाई, इसीलिए अधिकारियों में मिठाई बाँटी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 और 2021 में पेपरलेस बजट पेश कर चुकी हैं। 26 नवंबर, 1947 को भारत का पहला बजट पेश किया गया था।

BJP के झंडे पर गाय को लिटाया और काट दिया, Video वायरल: अब्दुल राशिद, नजबुल हुसैन और मोहम्मद आरिफ खान गिरफ्तार

मणिपुर में लिलोंग पुलिस ने तीन युवकों अब्दुल रशीद, नजबुल हुसैन और मोहम्मद आरिफ खान को गाय की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। गाय को काटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कुुछ युवाओं को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झंडे पर गाय को काटते हुए देखा जा सकता है। वीडयो वायरल होने के बाद आरोपितों को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपित जिस उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे, उसे बीजेपी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। गाय की हत्या का जो वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ है वह 29 सेकंड का है। इसमें 10 युवाओं के एक समूह (शायद मुस्लिम) को भाजपा के झंडे पर गोवंश का गला काटते हुए देखा जा सकता है। भीड़ ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और भाजपा मणिपुर इकाई के अध्यक्ष अधिकारीमयुम सारदा देवी को भी गालियाँ दी।

यह भी आरोप है कि समुदायों के बीच कलह और दुश्मनी की भावनाओं को बढ़ावा देने की कोशिश के तहत सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया गया। इंफाल पश्चिम जिले के लिलोंग पुलिस के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की। उनका मानना था कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी और विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव बाधित हो सकती थी।

घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने लिलोंग पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 10(01)2022 के अंतर्गत आईपीसी की धारा 153ए, 429, 504 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के धारा 11(1) तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने फिलहाल जिन तीन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उसमें मोहम्मद अब्दुल रशीद (28), नजबुल हुसैन (38) और मोहम्मद आरिफ खान (31) का नाम शामिल है।

विकास पाठक के इंस्टाग्राम Video से छात्रों ने घेर लिया उद्धव की शिक्षा मंत्री का घर? जानिए कौन हैं ‘हिंदुस्तानी भाऊ’, मुंबई पुलिस ने क्यों किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच मुंबई की धारावी पुलिस ने विकास पाठक को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर विकास ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ के नाम से फेमस हैं। कथिततौर पर हिंदुस्तानी भाऊ ने छात्र प्रदर्शन से पहले अपनी एक वीडियो इंस्टाग्राम पर डाली थी। इसमें उन्होंने छात्रों को सड़कों पर उतरने को कहा था। इसी वीडियो के आधार पर उनके ऊपर आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ और अब उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हिंदुस्तानी भाऊ के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं (दंगा सहित), महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके साथ एक अन्य आरोपित भी पकड़ा गया है जिसकी पहचान इकरार खान वखर खान के तौर पर हुई है। इकरार के ख़िलाफ़ भी आईपीसी की धारा 353, 332,427,109, 114, 143, 145, 146, 149, 188, 269, 270 के तहत केस दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में ऑफलाइन एग्जाम के विरोध में सड़कों पर उतरे 10वीं-12वीं के छात्र के प्रदर्शन पर जिन हिंदुस्तानी भाऊ को गिरफ्तार किया गया है, वो सोशल मीडिया का इतना बड़ा चेहरा हैं कि कलर्स पर आने वाले बिग बॉस शो के 13वें सीजन में प्रतिभागी रह चुके हैं। उनका ‘पहली फुर्सत में निकल’ डायलॉग जगह-जगह मशहूर है। इसके अलावा तमाम मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाने के लिए भाऊ को जाना जाता है।

इस मामले में उन पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ से निवेदन किया था कि कोरोना काल में बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाए। इस दौरान उन्होंने छात्रों को सलाह दी थी कि अगर महाराष्ट्र सरकार नहीं मानती है तो वो सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करें। उन्होंने खुद लाखों छात्रों के साथ शिक्षा मंत्री के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन की बात कही थी। इसके बाद मुंबई और महाराष्ट्र में कई जगह 10वीं और 12वीं के छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद हिंदुस्तानी भाऊ समेत कई लोगों के खिलाफ़ शिकायत दर्ज हुई। लेकिन छात्रों की नाराजगी अब भी शांत नहीं है। वह अपनी माँग पर अडे हैं कि 10 वीं-12वीं की परीक्षा ऑनलाइन ही रखी जाए। इस संबंध में उन्होंने मंत्री वर्षा गायकवाड़ के घर का घेराव भी किया। इसी बीच तमाम लोग भाऊ के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जैसे यूपी-बिहार में प्रदर्शन उकसाने वाले खान सर के समर्थन में प्रियंका चतुर्वेदी जैसे लोग खड़े थे वो अब हिंदुस्तानी भाऊ के पक्ष में भी बोलेंगे।

गुजरात में किशन भरवाड हत्याकांड के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हिन्दुओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, दिल्ली से धराया है मौलाना कमर गनी उस्मानी

गुजरात में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू युवक किशन भारवाड की हत्या (Kishan Bharwad Murder Case) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किशन भारवाड की हत्या के छठे दिन भी अहमदाबाद जिले के धंधुका, बोटाद और राणपुर में बंद जैसे हालात हैं। हिंदू संगठन जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और किशन के हत्यारों को फाँसी की सजा देने की माँग कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सोमवार (31 जनवरी 2022) को राजकोट में किशन हत्याकांड के विरोध में भरवाड समाज और करणी सेना ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ये सभी लोग कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए रेसकोर्स रोड से गुजर रहे थे। तभी कुछ लोग जबरन दुकानों को बंद कराने लगाने लगे, इसको लेकर जब दुकानदारों ने उनका विरोध किया तो प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वो नहीं माने तो पुलिस को उन पर लाठीचार्ज करना पड़ा।

विरोध प्रदर्शन और लाठी चार्ज के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया है। वहीं, राजकोट के पुलिस कमिश्नर मनोज अग्रवाल ने शहर के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मालूम हो कि हिंदू युवक किशन भरवाड की हत्या के मामले में गुजरात पुलिस और गुजरात ATS ने हाल में मौलाना कमर गनी उस्मानी को दिल्ली से पकड़ा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में दिल्ली पुलिस से सिर्फ इसलिए झगड़ रहा है, क्योंकि पुलिस उसे कट्टरपंथियों को भड़काने वाले प्रदर्शन में जाने से रोक रही है।

बता दें कि किशन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट अपलोड किया था, जिसके बाद से वह इस्लामी कट्टरपंथी के निशाने पर था। बताया गया था कि किशन ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, वो मुस्लिमों के पैगंबर मुहम्मद से संबंधित था। किशन की पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई थी। पुलिस ने भी किशन के खिलाफ एक्शन लिया था। पोस्ट के बाद से ही किशन को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। इस घटना के बाद से किशन अपने घर से नहीं निकल रहा था। मंगलवार को अचानक ही वो अपनी बाइक से निकला था, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसकी हत्या कर दी गई।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि किशन पर गोली चलाने वाले बाइक सवार उसके पीछे चल रहे थे, जैसे ही वो मोढवाड़ा मोड़ के पास पहुँचे तो किशन पर पहली गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया। इसके बाद उस पर दोबारा हमला किया गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से हिन्दू संगठन बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने बीते दिनों धंधुका में बंद का ऐलान किया था। विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के इस आह्वान को स्थानीय लोगों और अन्य हिन्दू संगठनों का पूरा समर्थन मिला।

महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ पर होगी कार्रवाई: सरकार से नाराज़ हैं 10वीं-12वीं के विद्यार्थी

महाराष्ट्र में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगा है। बता दें कि राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में स्कूल-कॉलेज बंद हैं। इस दौरान 10वीं और 12वीं के छात्रों की कक्षाएँ ऑनलाइन ही कराई गई थीं। छात्रों को ये ऑनलाइन परीक्षा इतनी पसंद आ गई है कि वो अब ऑफलाइन परीक्षा देना ही नहीं चाह रहे हैं। अब जब कोरोना की तीसरी लहर थमती दिख रही है, महाराष्ट्र सरकार का प्रस्ताव है कि कॉलेज में ही परीक्षाएँ आयोजित की जाएँ।

लेकिन, इस कदम का मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर सहित राज्य के कई शहरों में छात्रों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार (31 जनवरी, 2022) को धारावी में शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ के घर के बाहर जमा हो गए और जम कर हंगामा किया। मामला जब ज्यादा बढ़ गया तो महाराष्ट्र पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया। भीड़ नियंत्रण से बाहर भी हो गई थी। महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टियाँ NCP और कॉन्ग्रेस फेक तस्वीरें शेयर करते हुए यूपी सरकार पर छात्रों को पिटवाने के आरोप लगा रही थीं।

हैरान करने वाली बात ये भी है कि इन सब में ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ का नाम भी सामने आया है। ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में जाना जाता है, जो ‘बिग बॉस’ जैसे रियलिटी शो का हिस्सा भी रह चुके हैं। आरोप है कि हाल ही में उन्होंने बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ से निवेदन किया था कि कोरोना काल में बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाए।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी थी कि अगर महाराष्ट्र सरकार नहीं मानती है तो वो सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करें। उन्होंने खुद लाखों छात्रों के साथ शिक्षा मंत्री के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन की बात कही थी। इसके बाद मुंबई और महाराष्ट्र में कई जगह 10वीं और 12वीं के छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। बीड़ में भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षाएँ आयोजित करने की माँग की। फ़िलहाल ऑफलाइन परीक्षाएँ आयोजित करने का प्रस्ताव है।

महाराष्ट्र में बस कर्मियों का भी हड़ताल चल रहा है, ऐसे में छात्रों का कहना है कि उन्हें परीक्षा सेंटरों तक पहुँचने में खासी परेशानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इससे ज्यादा परेशानी होगी। छात्रों का कहना है कि ऑफलाइन परीक्षाएँ देने से अकादमिक नुकसान हो सकता है। बीड़ जिले में भी छात्रों ने एक बड़ी रैली कर के विरोध प्रदर्शन किया। नागपुर के मुख्य बाजार में भी विरोध प्रदर्शन हुआ, जहाँ सरकारी बसों में भी तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने कुछ छात्रों को वहाँ हिरासत में भी लिया है। पुलिस ने ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।