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राजस्थान में फीमेल डॉग को उल्टा लटकाया, लात-घूँसे मारे; पैर पकड़कर घुमाकर आटो-कार पर फेंका: वीडियो वायरल, कार्रवाई की माँग

राजस्थान के जोधपुर से एक हैवानियत भरा वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुत्ते के साथ की जा रही हैवानियत को देखा जा सकता है। जिसमें दो लोगों ने मिलकर कॉलोनी में घूमने वाली फीमेल डॉग के साथ क्रूरता किया। इससे फीमेल डॉग अधमरा हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद एनिमल केयर सोसाइटी ने पुलिस से शिकायत की है और आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यह वीडियो रातानाड़ा क्षेत्र का है। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्से का माहौल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर घूमने वाली एक फीमेल डॉग को अचानक से एक युवक उठाता है और उसके पैर पकड़ कर उसे चारो तरफ घूमा देता है। इतने से भी जब उसका मन नहीं भरा तो आरोपित ने उसे सड़क पर आने-जाने वाले कार और ऑटो पर दे मारता है। यही नहीं, वह उस पर लात-घूँसों से भी कई बार प्रहार करता है। इसमें दूसरा शख्स भी उसका साथ देता है।

इस दौरान सड़क पर भारी आवाजाही देखी जा सकती है, लेकिन हैरत की बात यह आने-जाने वाले किसी भी शख्स ने आरोपितों को रोकने या टोकने की जहमत नहीं उठाई। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। हालाँकि शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस सीसीटीवी के माध्यम से आरोपितों की पहचान कर रही है।

बताया जा रहा है कि वीडियो दो दिन पुराना है। शुरुआती तहकीकात में यह बात सामने आई है कि दोनों युवक कपड़े प्रेस करने का काम करते हैं और रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं। दो दिन पहले सड़क पर गुजरते वक्त दोनों युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान में पशु क्रूरता की हद पार कर देने वाली खबरें सामने आ चुकी है। पिछले दिनों राजस्थान के अलवर में एक कुत्ते की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पालतू कुत्ते को मालिक के खेत पर रखवाली करने के दौरान उठा लिया गया। उसे एक सूनसान स्थान पर ले जाने के बाद मार दिया। आरोपितों ने कुल्हाड़ी से कुत्ते के तीन पैर काट दिए। पैर कटने के बाद कुत्ता बुरी तरह तड़प रहा था, इसके बाद आरोपित वहाँ से चले गए। कुत्ते की तड़त तड़प कर जान निकल गई। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

‘लाल टोपी सुरक्षा के लिए खतरा’: मेरठ में अखिलेश यादव पर जमकर बरसे CM योगी, कहा- जिसमें दम होगा वही दंगाइयों को जवाब देगा

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार में जुटे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के किठौर में जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए लाल टोपी सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। अखिलेश यादव का नाम लिए बिना ही सीएम योगी ने कहा कि इनकी लाल टोपी ही सुरक्षा के लिए खतरा है। इस लाल टोपी का मतलब दंगा, राहजनी और किसानों की ट्यूबवेल मोटर चोरी हो जाना है। आज वो लाल पोटली लेकर संकल्प ले रहे हैं। संकल्प लेना था तो तब लेते जब सचिन गौरव को जान न देनी पड़ती।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ के सिवालखास में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग भयभीत हो गए। उन्होंने प्रत्याशी बदल दिए। मुजफ्फरनगर दंगों के प्रत्याशी बनाकर उन्होंने मंशा बता दी। आज मेरा मेरठ में दौरा नहीं था, लेकिन मैं अलग कार्यक्रम तयकर यहाँ सिवालखास आया हूँ। लोकसभा में मैं यहाँ आया था। 2017 के पहले क्या स्थिति थी, हर तीसरे दिन दंगा होता था, नौजवानों पर झूठे मुकदमे लादे जाते थे, किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, बेटियों की सुरक्षा नहीं थी।

सीएम योगी ने आगे कहा, “मुजफ्फरनगर दंगों में मेरठ में उपद्रव हुआ था, तब दंगा और तमाशा वालों की जोड़ी गायब थी। क्या पिछले 5 वर्ष में कोई दंगा हुआ? लेकिन दंगाइयों पर बुलडोजर चलते देखा होगा। इतर वाले मित्र के घर जेसीबी चल रही है।” उन्होंने आगे कहा कि आज यूपी में दो लड़कों की जोड़ी आ गई है। एक लखनऊ से दंगा करा रहा था और एक दिल्ली से तमाशा देख रहा था।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो कहा वो करके दिखाया। महिलाओं, नौजवानों किसानों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर दिखाया।

योगी ने कहा कि सपा की संवेदना गरीब के प्रति नहीं दंगाई के प्रति है। इनकी संवेदना सोतीगंज के प्रति है। उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि बजट में 80 लाख गरीबों को आवास योजना मिलेगी। कांवड़ यात्रा सुरक्षित निकल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब का स्मारक बनवाया है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “प्रदेश के 2 करोड़ 54 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि देने का कार्य हो रहा है। हमने सरकार में आने के बाद अवैध बूचड़खाने को बंद करने का काम किया, बेटियों की सुरक्षा के लिए हमने छूट दी थी कि बेटियों की सुरक्षा के लिए बने खतरे को गले में तख्ती डालकर थाने घुमाया जाए. तब दो लड़के निकले थे गठबंधन करने। सचिन गौरव जैसे युवाओं को मारने वाले दंगाइयों को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया जाता था।”

उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण ये नहीं कि कौन विधायक बनें। महत्वपूर्ण ये है कि समाज की सुरक्षा कौन सरकार दे सकती है। इनकी लाल टोपी ही सुरक्षा के लिए खतरा है। इस लाल टोपी का मतलब दंगा, राहजनी, किसानों की ट्यूबवेल मोटर चोरी हो जाना।”

CM योगी ने कहा, “हमने विकास के लिए किसी का चेहरा, मत और मजहब नहीं देखा। आवास, शौचालय, राशन, बिजली सबको दी। डबल इंजन की सरकार में डबल डोज राशन मिल रहा है। हमारे नागरिकों की चिंता हमारी ही है। हमने 5 लाख नौकरियाँ और 1 करोड़ 61 लाख नौजवानों को रोजगार दिया। यही विकास है। एक तरफ विकास है तो दूसरी तरफ माफ़िया की छाती और बुलडोज़र भी है। ये वही कर सकता है जिसके पास दम हो।”

आँखों पर पट्टी, हाथ बाँधे, बिजली के झटके, पिटाई… चीनी सेना ने अरुणाचल के युवक को किया था टॉर्चर, पिता ने बताया

अरुणाचल प्रदेश से अगवा किए गए 17 वर्षीय मिराम तरोन को उसके परिवार को सौंप दिया गया है। तरोन के पिता ने चीनी सेना पर अपने बेटे को हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जीडो गाँव के निवासी तरोन को 18 जनवरी 2022 को अप्पर सियांग जिले से चीनी सेना ने अगवा कर लिया था।

रिपोर्टों के अनुसार मिराम के पिता ओपांग तरोन ने बताया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने हिरासत में उनके बेटे पर काफी अत्याचार किए। करीब एक हफ्ते तक उसकी आँखों पर पट्टी बाँध कर रखी। उसकी पीठ पर लात मारे और बिजली के झटके दिए। बताया जाता है कि यातनाओं के कारण तरोन अभी भी सदमे में है। मिराम जब तक चीनी सेना की हिरासत में रहा उसके हाथ हमेशा बँधे रहते थे। उसका हाथ केवल उसी समय खोला जाता था, जब उसे खाना दिया जाता था। पिता ने बताया कि उनका बेटा बहुत डरा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि मीरम के अगवा किए जाने की जानकारी सबसे पहले बीजेपी सांसद तापिर गाओ ने ट्वीट कर दी थी। उन्होंने बताया था कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक को घटना से अवगत कराते हुए केंद्रीय एजेंसियों से उसकी जल्द सुरक्षित रिहाई के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है। उन्होंने बताया था कि तरोन को उसके दोस्त जॉनी यइयिंग के साथ चीन की सेना ने अगवा कर लिया था। लेकिन जॉनी किसी तरह चीनी सेना के कब्जे से भागने में सफल रहा और तरोन के अपहरण की बात सामने आई।

इसके बाद 27 जनवरी को केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर बताया था, “चीन की पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के युवा मिराम तरोन को इंडियन आर्मी को सौंप दिया है। उसकी मेडिकल परीक्षण समेत तमाम प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।” गौरतलब है कि सितंबर 2020 में चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के अप्पर सुबानसिरी जिले से 5 भारतीय युवकों को अगवा कर लिया था। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इन युवकों को रिहा कर दिया गया था।

ओवैसी के जिस नेता ने कहा था- 15 करोड़ मुस्लिम भारी पड़ेंगे, उसका मुँह सद्दाम ने किया काला; कहा- ये देश विरोधी बातें करता है

मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को खजराना की दरगाह पर पहुँचे ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान (Waris Pathan) के चेहरे पर एक शख्स ने कालिख पोत दी और मौका पाते ही वहाँ से फरार हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय बाद ही खजराना पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के बाद पठान ने कहा, “मैं एक दरगाह पर चादर चढ़ाने गया था। उसी दौरान मुझ पर काली स्याही फेंकी गई। ये लोगों का मेरे प्रति प्यार दिखाने का तरीका है। लोग अलग-अलग से अपना प्यार दिखा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि मेरे चाहने वालों ने कहा है कि आपको चेहरे पर काजल लगाना है, ताकि आपको किसी की नज़र न लगे। मैंने इसके बाद अपना चेहरा धोया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कॉन्ग्रेस पार्टी करवा रही है और कुछ नहीं।

खजराना थाना प्रभारी दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि युवक खजराना के पटेल कॉलोनी का रहने वाला है। उसका नाम सद्दाम है। 30 वर्षीय सद्दाम मजदूरी का काम करता है। उसने पूछताछ में बताया कि यह व्यक्ति (वारिस पठान) मुझे पसंद नहीं है, क्योंकि ये हमेशा देश विरोधी बातें करता रहता है और मुस्लिम समाज को बदनाम करता है। उन्होंने बताया कि हमने कालिख लगाने वाले आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह किसी पार्टी से तो नहीं जुड़ा है।

बता दें कि फरवरी 2020 में पठान ने विवादित बयान देकर सुर्खियों बटोरी थीं। उसने धमकी देते हुए कहा था, “15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। भायखला के पूर्व विधायक ने कर्नाटक के गुलबर्गा में एक रैली को संबोधित करते हुए यह भी कहा था, “हमें आजादी लेनी है और जो नहीं दी गई, उसे छीन लेना चाहिए। हमने अपनी बहनों को (शाहीन बाग) भेज दिया है। अभी केवल हमारी शेरनी निकली हैं और आपको पसीना आ रहा है। अगर हम सब एक साथ आते हैं तो क्या होगा?”

1500 ‘गुस्ताखी’ की लिस्ट, ‘काफिरों’ की हत्या के लिए उकसाते Video: देखिए, किशन भरवाड की हत्या में पकड़े गए मौलाना उस्मानी का जहर

गुजरात में किशन भरवाड की हत्या के बाद पकड़े गए मौलाना कमर गनी उस्मानी के बारे में धीरे-धीरे खुलासे हो रहे हैं। वीडियोज से पता चल रहा है कि वो कैसे मुस्लिम युवकों को भड़काता था और पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वालों के खिलाफ़ मुस्लिम युवकों को खड़ा करता था।

एक वीडियो में उसे कहते सुना जा सकता है,

“मैं हिरासत में लिया जा रहा हूँ। मैं पुलिस का सहयोग करूँगा अगर कोई जाँच हुई… तुम मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं है आप जिस तरह से तहरीक फरोग-ए-इस्लाम के साथ आप खड़े थे अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ते रहें। अधिक ताकत से आगे आएँ, क्योंकि इनकी जो प्लानिंग है उस प्लांनिंग को सफल नहीं होने देना है। मैं कहीं भी रहूँ, लेकिन आपको मिशन नहीं छोड़ना है। जो अभी भारत में हो रहा है वो सब न हो, जैसे हम पहले रहते थे शांतिपूर्ण ढंग से वैसे ही रहें। एक दूसरे के साथ रहते थे वैसे रहें।”

इस वीडियो में उस्मानी ने अन्य उलेमाओं के शांत रहने पर उनसे कहा, “अगर आपको लगता है कि आप लोग सुरक्षित हैं। तो बता दूँ कोई सेफ नहीं है। सबकी तैयारी की गई है। अगर आज हम कानूनी ढंग से अपने पैगंबर मुहम्मद की शान में नहीं खड़े होंगे, तो सबका समय आएगा। वो किसी को नहीं छोड़ेंगे। उनकी तैयारी पूरी है।” उस्मानी अपने समर्थकों को बताता है, “ये जरूरी है कि हम अपने अधिकारों का इस्तेमाल करें और उन्हें रोकें जो गैरकानूनी तौर पर कुछ करने का इरादा रखें।”

मौलाना के पास है 1500 ‘गुस्ताखों’ की लिस्ट

पुलिस हिरासत में जाने से पहले कानून, संविधान, अधिकारों की बात करने वाले उस्मानी की सिर्फ ये अकेली वीडियो नहीं है। एक वीडियो आई थी जिसमें वो पुलिस अधिकारियों से इसलिए लड़ रहा था ताकि अपने उन समर्थकों के बीच जा पाए जो कि ईशनिंदा के आरोपित को मौत के घाट उतारने के समर्थन में थे।

मौलाना की एक वीडियो में सुन सकते हैं कि वो उस लिस्ट के बारे में बात कर रहा है जो उन्होंने रिकॉर्ड की हुई हैं कि कब-कब सोशल मीडिया पर गुस्ताखी हुई। इनमें से 1500 की लिस्ट उनके पास है। वह कहता है कि ये जो गुस्ताखियाँ हो रही हैं ये कोई इत्तेफाक से नहीं हैं बल्कि तारीख गवाह है कि जब-जब मुसलमानों को बर्बाद करने की कोशिश हुई है तो सबसे पहले मुसलमानों का तापमान नापा गया है।

अपनी वीडियो में उसने कमलेश तिवारी की हत्या को जायज ठहराया और ऐसे दिखाया जैसे कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या में कोई दोषी नहीं है। अगर कोई है तो वो लोग जिन्होंने उसे जेल से छुड़ाया। मौलाना ने वीडियो में दावा किया कि 5 सालों में जितनी गुस्ताखी हुई है वो पिछले 100 सालों में नहीं हुई।

‘गुस्ताखों’ को सजा देने वालों के समर्थन में मौलाना उस्मानी

एक अन्य वीडियो में मौलाना उस्मानी अपने समर्थकों को ये उपदेश दे रहा है कि वो घर जाएँ, अपने वालिद-वालिदा से कहें कि भले ही उनके उसपर बहुत एहसान हैं लेकिन जब भी बात किसी गुस्ताख को सजा देनी की होगी तो वो (उस्मानी का अनुयायी मुस्लिम) किसी परवाह किए बिना आगे निकल लेगा। कई ऐसी वीडियोज हैं जिसमें मौलाना कमर गनी के स्वागत में कट्टरपंथी राहों में फूल बरसा रहे हैं। साथ ही साथ ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा’ के नारे बुलंद कर रही है।

मर गईं मिया खलीफा? फेसबुक पेज पर श्रद्धांजलि की बाढ़: मीम से बताया- जिंदा हूँ मैं, किसान आंदोलन पर थी मुखर-कनाडा पर खामोश

पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा ने सोशल मीडिया पर उड़ रही अपनी मौत की अफवाहों को झूठ बताते हुए एक मीम शेयर किया है। मिया खलीफा के फेसबुक पेज को अचानक से अचानक से ‘मेमोरियल पेज’ बना दिया गया, जिसके बाद उन्हें स्पष्टीकरण देना पड़ा कि वो ज़िंदा हैं। उनके द्वारा शेयर किए गए मीम में लिखा हुआ था, “मैं अभी मरी नहीं हूँ। मैं काफी अच्छी हूँ।” ये मीम 1975 की ब्रिटिश कॉमेडी/फंतासी फिल्म ‘Monty Python and the Holy Grail’ से लिया गया है।

उन्होंने तस्वीर के साथ कैप्शन नहीं डाला, लेकिन ऐसा लग रहा था कि इस मीम में लिखे शब्द उनके ही हैं। सोमवार (31 जनवरी, 2022) को अचानक से मिया खलीफा के फेसबुक पेज को आधिकारिक रूप से ‘मेमोरियल’ के रूप में चिह्नित कर दिया गया था। बता दें कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके फेसबुक पेज पर ‘मेमोरियल’ का टैग लगा दिया जाता है। हाल ही में भारत में रह रहीं बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के पेज से साथ भी गलती से फेसबुक ने ऐसा कर दिया था।

इसी कारण लोगों ने चर्चा करनी शुरू कर दी थी क्या मिया खलीफा की मौत हो गई है? फेसबुक ने उनके प्रोफ़ाइल पर लिख दिया था, “हमें विश्वास है कि जो लोग मिया खलीफा से प्यार करते हैं, वो उनके जीवन को सेलिब्रेट करने के लिए और उन्हें याद करने के लिए यहाँ आकर शांति प्राप्त करेंगे।” 2020 में भी उनके आत्महत्या की अफवाह उड़ी थी, जिसे उन्होंने गलत बताया था। हालाँकि, हिजाब में एक सेक्स दृश्य फिल्माने के कारण आतंकी संगठन ISIS ने उन्हें हत्या की धमकी दी थी।

उन्होंने फरवरी 2021 में उस समय दिल्ली व उसके आसपास के इलाकों में चल रहे ‘किसान आंदोलन’ पर चुप्पी को लेकर प्रियंका चोपड़ा पर सवाल उठाए थे। मिया खलीफा लगातार ‘किसान आंदोलन’ पर ट्वीट कर रही थीं। उन्होंने पूछा था कि आखिर कोई ऐसा सोच भी कैसे सकता है कि सारे अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटीज ने रुपए लेकर ही ‘अब तक के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन’ के पक्ष में ट्वीट किया है। उन्होंने भारतीय खाने के साथ तस्वीर शेयर कर के भी इस मामले में इमोशनल समर्थन लेना चाहा था। 

वहीं कनाडा में चल रहे ट्रक वालों के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। ठीक उसी तरह, जैसे भारत में ‘किसान आंदोलन’ का समर्थन करने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो किसी गुप्त स्थान पर भाग गए हैं और वहाँ से बयान दे रहे हैं कि ये ‘ट्रकर्स प्रोटेस्ट’ घिनौना है। लाखों लोग कनाडा की सड़कों पर ट्रक लेकर निकले हुए हैं। जस्टिन ट्रूडो का कहना है कि वो धमकियों से डरेंगे नहीं। लाखों ट्रक राजधानी ओटावा की सड़कों पर जमे हुए हैं।

YouTube पर प्रधानमंत्री मोदी के 1 करोड़ सब्सक्राइबर, यहाँ भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित दुनियाभर के नेताओं से निकले आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के यूट्यूब (YouTube) चैनल पर मंगलवार (1 फरवरी 2022) को 10 मिलियन यानी 1 करोड़ सब्सक्राइबर हो गए हैं। वह दुनिया के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने यह ​मुकाम ​हासिल किया है। पीएम मोदी सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहते हैं। यही कारण है कि उनके फेसबुक और ट्विटर जैसे अन्य प्लेटफार्मों पर भी करोड़ों फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 26 अक्टूबर 2007 को यूट्यूब जॉइन किया था। दुनियाभर के नेताओं में प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब ब्राजील के प्रेसिडेंट जायर बोल्सोनारो हैं। उनके 36 लाख सब्सक्राइबर हैं।

नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल ने मंगलवार को एक करोड़ सब्सक्राइबर का आँकड़ा पार कर लिया है

प्रधानमंत्री नई घोषणाएँ करने, अपने विचार व्यक्त करने, जनता को संबोधित करने और विश्व के नेताओं से जुड़ने के लिए अक्सर सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। YouTube के अलावा, पीएम मोदी के 75.3 मिलियन यानी 7 करोड़ 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स ट्विटर पर हैं। उनका यह रिकॉर्ड भी अभी तक कोई भी लीडर नहीं तोड़ पाया है। इसके अलावा फेसबुक पर पीएम मोदी के 46.8 मिलियन यानी 4 करोड़ 6 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं और इंस्टाग्राम 65.1 मिलियन यानी 6 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं।

वहीं बात करें विश्व के अन्य नेताओं की तो ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (36 लाख फॉलोअर्स), मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर (30.7 लाख), व्हाइट हाउस के ऑफिशियल अकाउंट (19 लाख) और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूट्यूब पर केवल 7 लाख फॉलोअर्स ही हैं। पीएम मोदी देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेताओं से भी सोशल मीडिया पर सबसे आगे हैं। पीएम मोदी की तुलना में राहुल गाँधी के यूट्यूब पर 5.24 लाख, शशि थरूर (4.39 लाख) और असदुद्दीन ओवैसी (3.7 लाख) फॉलोअर्स हैं।

जिस ब्लॉकचेन पर चलता है Bitcoin और अन्य क्रिप्टोकरेंसी, उसी पर आधारित RBI की डिजिटल करेंसी: जानिए कैसे करेगा काम

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को आम बजट पेश करते हुए बताया कि ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)’ अपनी एक डिजिटल करेंसी लेकर आएगा। उन्होंने अपनी घोषणा में कहा कि ‘सेन्ट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency)’ को चालू करने से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। बताया गया कि डिजिटल करेंसी के माध्यम से एक और अधिक दक्ष और सस्ती करेंसी प्रबंधन व्यवस्था देखने में आएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि इस डिजिटल करेंसी का निर्माण एवं संचालन ब्लॉकचेन सहित अन्य तकनीकों के जरिए किया जाए। 2022-23 से ही इसे जारी कर दिया जाएगा और RBI इसे चालू करेगा। अगर आपने क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सुना है तो आप ब्लॉकचेन तकनीक के बारे में भी जानते होंगे, जिस पर Bitcoin और Ethereum सहित ये सभी कॉइन्स आधारित हैं। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले लाभ पर भी सरकार ने 30% कर वसूलने की बात कही है।

आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि ये डिजिटल करेंसी आखिर है क्या? ये CBDC आखिर काम कैसे करेगा? दरअसल, रिजर्व बैंक CBDC के माध्यम से लीगल टेंडर जारी करेगा। मार्किट में जितनी भी क्रिप्टोकरेंसी हैं, उनमें से कोई भी ‘लीगल टेंडर’ नहीं हैं। अर्थात, मुद्रा के रूप में भारत सरकार ने उन्हें कोई मान्यता नहीं दी है। यह अंतर होगा CBDC और अन्य कॉइन्स में। ये एक ‘फ़िएट’ (Fiat) करेंसी के समान ही होगा, जिसे हम आजकल कागज़ की शक्ल में देखते हैं और प्रयोग करते हैं।

अर्थात, ये डिजिटल करेंसी किसी भी अन्य मुद्राओं (फिजिकल या डिजिटल) के बदले आदान-प्रदान में उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, क्योंकि ‘डिजिटल करेंसी’ ऑनलाइन सुरक्षित भी रहेगी। साथ ही सभी बैंकों में इसे मान्यता भी प्राप्त होगी। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कई बार RBI ने मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और टैक्स चोरी का जिक्र करते हुए आगाह किया है। आप आजकल सर्कुलेशन में जो देखते हैं, उनमें से अधिकतर ‘प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी’ हैं।

आखिर ‘डिजिटल करेंसी’ से बदलाव क्या आ जाएगा? लोगों का पूछना है कि इसका लेनदेन कैसे होगा। इन सवालों के जवाब समय के साथ केंद्र सरकार खुद देगी, लेकिन तब तक इतना जान लीजिए कि इसके लेनदेन में समय नहीं लगेगा और ट्रान्जक्शन्स तेजी से होंगे। इसके लिए एक वॉलेट बनाया जा सकता है, या फिर बैंक ही इसकी लेनदेन के लिए खुद को ब्लॉकचेन तकनीक से जोड़ सकते हैं। माना जा रहा है कि नई प्रौद्योगिकी के प्रति मोदी सरकार के रुझान को भी ये कदम दिखाता है।

‘जिहादी हत्या को स्थानीय झगड़ा दिखाने की थी साजिश’: जानिए गो-भक्त किशन भरवाड को इस्लामी कट्टरपंथियों ने कैसे मौत के घाट उतारा

अहमदाबाद जिले में धंधुका तालुका (Dhandhuka Taluka) अहमदाबाद शहर से 100 किलोमीटर से थोड़ा ज़्यादा दूर है। आप सरखेज से बाहर निकलते हैं, जो सरखेज रोजा के मस्जिद और मकबरे के लिए जाना जाता है, धंधुका पहुँचने के लिए चांगोदर के औद्योगिक क्षेत्र और अन्य हिस्सों से गुजरना होता है। शहर से वहाँ पहुँचने में दो घंटे से थोड़ा अधिक समय लगता है। औद्योगिक क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद, राजमार्ग के दोनों किनारों पर लहलहाती खेतों के साथ सुंदर ग्रामीण इलाकों को देखा जा सकता है।

ऐसे रास्तों से गुजरते हुए अगला पड़ाव 27 वर्षीय किशन बोलिया का घर था, जिसे किशन भरवाड भी कहा जाता है, जहाँ उनके माता-पिता अपने बेटे की असामयिक मृत्यु का शोक मना रहे हैं। उन्हें मौलानाओं (इस्लामी धार्मिक नेताओं) से प्रेरित कट्टरपंथियों ने गोली मार दी थी, जिनको तथाकथित ‘ईशनिंदा’ करने वाले व्यक्ति को जान से मारने की जिहादी गतिविधि को अंजाम देने के लिए उकसाया था।

दरअसल, किशन ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें पैगंबर मुहम्मद की तस्वीर दिखाई दे रही थी। मुसलमानों का दृढ़ विश्वास है कि पैगम्बर मुहम्मद का तस्वीर दिखाना या चित्र बनाना वर्जित है। इस्लामवादियों का मानना ​​​​है कि इस तरह का दृश्य दिखाना ईशनिंदा है और पैगम्बर मुहम्मद का ‘अपमान’ है, और ईशनिंदा करने वाले का सिर कलम करना उचित सजा है।

दुर्भाग्य से, कई लोग अभी भी हैं जो इस्लाम में ईशनिंदा के ऐसे भयावह कानूनों से अनजान हैं।

किशन बोलिया का घर

चचना बस स्टॉप के पास मुख्य सड़क के नजदीक ही किशन के परिवार का घर है। जहाँ आज दिन भर राजनीतिक नेताओं के आने की उम्मीद थी, इसलिए वहाँ मीडिया की भारी मौजूदगी थी। घर के बाहर गाय-भैंस बँधे हैं।

उनके पिता ने हाथ जोड़कर रोते हुए कहा, “किशन को गायों से प्यार था। उनका इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी किशन शेफर्ड ही था। गाय, कुत्ते, वह एक पशु प्रेमी था। वह उनके साथ घंटों बिताता था। अगर वह किसी को दर्द में देखता है, तो वह उनकी मदद करने के लिए आगे बढ़ जाता था।”

किशन खेती में अपने पिता की मदद करता था और धंधुका में कोर्ट के पास एक छोटी सी फोटोकॉपी की दुकान भी चलाता था।

किशन की फोटोकॉपी की दुकान

किशन साधारण जीवन जीने वाला सीधा-साधा लड़का था

इससे पहले जनवरी में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर एक वीडियो शेयर किया था। उनके पिता और अन्य रिश्तेदार मुझे बार-बार बताते हैं कि उन्होंने केवल उस पोस्ट को शेयर किया था, बनाया नहीं था। वीडियो में यीशु को ‘ईश्वर के पुत्र’ के रूप में, पैगंबर मुहम्मद को ‘ईश्वर के पैगंबर’ और श्री कृष्ण को ‘भगवान’ के रूप में दिखाया गया है। सभी धर्म समान हैं और सभी मनुष्य समान हैं। मेरे बेटे ने केवल इतना कहा कि श्रीकृष्ण बड़े भगवान हैं और वीडियो पोस्ट करने के 30 मिनट के भीतर ही उन्हें धमकियाँ मिलने लगीं। ग्रामीणों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि पैगंबर मुहम्मद की तस्वीर ही सभी विवाद की सबसे बड़ी हड्डी है।

किशन को लगभग तुरंत ही जान से मारने की धमकियाँ मिलने लगीं

उनके पिता ने कहा, “500-1000 मुस्लिमों की भीड़ थाने पहुँची और किशन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और किशन और मैं थाने गए। इसके बाद भीड़ ने किशन की पिटाई कर दी। उसकी पिटाई में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हो गए। उन्होंने किशन से माफी माँगने की माँग की। इसलिए उन्होंने माफी माँगी। हमने लिखित माफी के साथ-साथ वीडियो में भी माफ़ी माँगी।”

सिर्फ तीन दिन बाद ही उसे फिर से पुलिस स्टेशन से फोन आया। भीड़ वापस आ गई थी और ‘ईशनिंदा’ पर माफी माँगने से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए वे चाहते थे कि उसे जेल हो और एक और प्राथमिकी दर्ज की गई। “उन्होंने (पुलिस) कहा कि उन्हें उसे गिरफ्तार करना होगा इसलिए मैंने कहा ठीक है। अगले दिन उसे जमानत मिल गई और फिर मैंने उसे कुछ दिनों के लिए गाँव से दूर रहने के लिए कहा, जब तक कि मामला शांत न हो जाए।” उसके पिता ने ऐसा हमें बताया। फिर किशन कुछ दिनों के लिए अपने चाचा के यहाँ चला गया।

जेल में डाले जाने के ठीक एक दिन बाद, उनकी पत्नी को सिजेरियन से गुजरना पड़ा और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया।

किशन को अपनी बेटी का चेहरा कभी देखने को नहीं मिला।

उनके पिता ने कहा, “वह बच्चे को देखने की आशा में मेरे भाई के घर से दूसरे घर जा रहा था। उसका चचेरा भाई बाइक चला रहा था और वह पीछे बैठ गया। वह शाम 4 बजे वापस आया और शाम 5:30 बजे उन्होंने उसे मार डाला।”

वहीं उनके एक रिश्तेदार ने बताया, “इस हत्या को एक लोकल अपराध की तरह दिखाने की साजिश थी न कि जिहादी गतिविधि के रूप में। उन्होंने रैलियाँ कीं और पुलिस थाने जाकर अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए शिकायत दर्ज कराई। लेकिन वास्तव में यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। पूरे भारत से इतने सारे मौलानाओं का शामिल होना केवल यही दिखाता है।”

“मैं शर्त लगाने को तैयार हूँ कि अगर आप इन दरगाहों, मस्जिदों और मदरसों पर छापेमारी करते हैं, तो आपको इनमें से ज्यादातर में एके 47 मिल जाएगी। ये जिहादी प्रशिक्षण और गतिविधियों के केंद्र हैं। यहाँ तक ​​कि हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और बाइक भी दरगाह के पास पाए गए।”

दरगाह जहाँ बाइक और पिस्टल मिली

ऑपइंडिया से बात करते हुए एक सूत्र ने कहा कि उस इलाके में दरगाहों और मस्जिदों में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है, जहाँ बहुत सारी कट्टरपंथी गतिविधियाँ होती हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर पिछले 35-40 वर्षों में सामने आए हैं जब से तब्लीगी जमात ने इलाके में प्रचार करना शुरू किया है।

मस्जिद और दरगाह

धंधुका मामलातदार कार्यालय (Dhandhuka Mamlatdar office) के लगभग 2 किमी के दायरे में आधा दर्जन से अधिक मस्जिदें, दरगाह और यहाँ तक ​​कि कब्रिस्तान भी हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि कुछ साल पहले इस्लामवादियों ने मामलातदार कार्यालय का एक हिस्सा तोड़ दिया था क्योंकि यह कब्रिस्तान क्षेत्र में लगभग 3 फीट की दूरी पर था।

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के रणछोड़ भरवाड ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा, “यह हिंदुओं को चुपचाप भगाने के लिए कश्मीर का तरीका है। हम गुजरात को कश्मीर नहीं बनने देंगे। यह एक देशव्यापी साजिश है। सऊदी अरब सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भी भारत सरकार को भी भारत में तब्लीगी जमात पर कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पुलिस किशन भरवाड हत्याकांड के आरोपित मौलानाओं के संगठनों की जाँच करे और इन संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई करे।

शंभूनाथ टुंडिया, पूर्व सांसद और विधायक और वर्तमान में भाजपा एससी मोर्चा की राज्य इकाई के अध्यक्ष ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि सभी को भारतीय संविधान और भारतीय दंड संहिता से अवगत कराया जाए। हत्यारे शरिया से प्रेरित थे, लेकिन भारत में संविधान है जो सबसे ऊपर है। इन दोनों को धार्मिक पुस्तकों के साथ-साथ बच्चों को भी पढ़ाया जाना चाहिए ताकि हर कोई अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी जान सके।”

परिवार के एक करीबी सूत्र ने हमें यह भी बताया, “उन्होंने न केवल किशन के परिवार को बल्कि उनके अपने परिवारों को भी बर्बाद कर दिया। एक आरोपित इतना गरीब है कि उसके पिता बीड़ी भी उधार लेकर पीतें हैं। उसने अपने परिवार के बारे में भी नहीं सोचा। आपको पता है कि वह कार क्लीनर का काम करता है?”

नवरंग सर्विस स्टेशन जहाँ एक आरोपित काम करता था

एक दूसरे सूत्र ने कहा, “उन्हें कोई पछतावा नहीं है। बल्कि मैं आपको बता दूँ कि उन्होंने अपने नाम पर मजार बनाने के लिए पैसे भी इकट्ठे कर लिए हैं। अगर उन्हें मौत की सजा मिलती है या जब भी वे मरते हैं, तो इन दोनों को इस्लाम के नाम जिहाद करने के लिए कुर्बानी के तौर पर सेलिब्रेट किया जाएगा।”

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पाकिस्तान में, मुमताज कादरी, जिन्होंने राजनेता सलमान तासीर की हत्या की, जो ईशनिंदा कानूनों के खिलाफ थे, उनके नाम पर एक दरगाह है। कादरी ने 2011 में तासीर को मार गिराया था और अब उनके अनुयायियों का मानना ​​है कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के बाद अपने लिए जगह बना ली है। लेकिन इससे पहले भी, भारत के विभाजन से पहले, रंगीला रसूल के प्रकाशक महाशय राजपाल की हत्या पैगंबर मुहम्मद पर व्यंग्यात्मक रूप से पुस्तक प्रकाशित करने के लिए की गई थी। अप्रत्याशित रूप से, उनके हत्यारे, इल्म उद दीन को भी सेलिब्रेट किया जाता है और लाहौर में उनकी दरगाह / मजार उनके अनुयायियों द्वारा बनवाई गई है।

किशन भरवाड की हत्या के बाद, कई इस्लामवादियों ने हत्यारों के लिए अपना समर्थन सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

सोशल मीडिया पोस्ट

एक पोस्ट में एक ‘बिगड़े नवाब’ ने हत्यारों को 100 सैल्यूट दिए और शेर कह कर उनकी तारीफ की। दूसरे पोस्ट में, एक ‘मिस्टर नवाब’ ने दिखाया कि उन्हें दोनों पर कितना गर्व है और दूसरों को ‘मुँह खोलने’ से पहले सौ बार सोचने की चेतावनी दी।

मैंने किशन के पिता से पूछा कि क्या मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति ने उनके लिए खेद व्यक्त किया है या उनके पास पहुँचा है और उनके बेटे की मृत्यु पर शोक में शामिल हैं। उन्होंने ना में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय से किसी ने भी उनके साथ एकजुटता नहीं दिखाई।

कन्हैया कुमार पर कॉन्ग्रेस दफ्तर में ही फेंकी गई स्याही, समर्थकों का दावा – एसिड है; सदफ ज़फर के लिए प्रचार करने पहुँचे थे यूपी

उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने पहुँचे कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार पर स्याही फेंकी गई है। ये घटना कॉन्ग्रेस के ही लखनऊ मुख्यालय में हुई। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कॉन्ग्रेस के दफ्तर में धक्का-मुक्की चल रही है और कन्हैया कुमार के समर्थन किसी तरह उन्हें बचा कर ले जा रहे हैं। कन्हैया कुमार मंगलवार (1 फरवरी, 2022) को लखनऊ सेंट्रल की प्रत्याशी सदफ जफर के लिए प्रचार-प्रसार करने पहुँचे थे।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने कन्हैया कुमार का नाम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने ‘स्टार प्रचारकों’ की सूची में भी रखा हुआ है। कन्हैया कुमार के समर्थकों ने स्याही फेंकने वाले युवक के साथ धक्का-मुक्की भी की। जबकि कॉन्ग्रेस नेताओं का दावा है कि ये स्याही नहीं, बल्कि एसिड है। हालाँकि, स्याही कन्हैया कुमार पर तो नहीं पड़ी लेकिन आसपास खड़े उनके कुछ समर्थकों के ऊपर इसकी कुछ बूँदें पड़ी थीं। स्याही फेंकने वाले युवक ने अब तक कुछ बताया नहीं है।

कन्हैया कुमार उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए ‘डोर टू डोर’ कैम्पेन चलाने के लिए पहुँचे थे। उन्हें लखनऊ की गलियों में लोगों से हाथ जोड़ कर कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट माँगते हुए भी देखा गया। उन्होंने बाकी पार्टियों पर सब कुछ वर्चुअल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही जनता के साथ सड़क पर है। वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा पार्टी छोड़ने पर उन्होंने कहा कि पुराने नेता छोड़ रहे हैं, क्योंकि अब पार्टी नई हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस अबकी दिखा देगी और भाजपा को उखाड़ फेंकेगी।

हालाँकि, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सम्बन्ध में कन्हैया कुमार ने कहा कि जनता जनार्दन का जो भी फैसला होगा, ये उन्हें मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि ये चुनाव उनकी पार्टी प्रियंका गाँधी वाड्रा के नेतृत्व में लड़ रही है और इसीलिए ये बड़ा हो गया है। हाथरस, उन्नाव और लखीमपुर खीरी में हुई घटनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि तभी से कॉन्ग्रेस पार्टी लोगों के साथ सड़कों पर संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस ने देश बनाया है, इसीलिए वो इसे बिकने से बचा रही है।