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‘गजवा-ए-हिंद’ के बारूद से देश में चल रही कितनी हथियार फैक्ट्री, कितने सलाऊद्दीन ‘हकीम’ बन घरों में जमा कर रहे असलहे? इसे केवल ‘अवैध’ कहना खतरों से आँख मूँदने जैसा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक थाना है- मलिहाबाद। इस थाने से करीब 100 मीटर दूर ही 68 साल की हकीम सलाऊद्दीन उर्फ लाला का घर है। 27 जून 2025 को इस घर पर पड़े छापे से पहले तक इस घर की पहचान एक हकीम के निवास के तौर पर थी। लेकिन वहाँ जिस तरह हथियारों का जखीरा मिला। वह किसी गंभीर खतरे के संकेत देता है।

यूपी पुलिस ने ट्विटर/एक्स पर एक पोस्ट में बताया है, “अवैध शस्त्र बनाने वाले 01 अभियुक्त को लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से 14 निर्मित अवैध शस्त्र, अर्धनिर्मित शस्त्र, शस्त्र बनाने के उपकरण व प्रतिबंधित पशु (हिरन) की खाल बरामद की गई है।”

पुलिस के इस पोस्ट से भी ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक सामान्य सा मामला है। लेकिन जब आप इस्लामी कट्टरपंथियों की गजवा-ए-हिंद की साजिशों और हकीम सलाउद्दीन के घर पर छापेमारी के बाद सामने आए तथ्यों को जोड़ते हैं तो यह देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश का इशारा करती है।

कहा जा रहा है कि छापेमारी में पुलिस को हकीम के घर से 1 राइफल, 3 पिस्टल, 3 तमंचे, 9 एयर गन और 140 कारतूस सहित कई अन्य औजार मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस के हाथ एक लाल पर्ची लगी है, जिसमें उर्दू और फारसी में कुछ नंबर लिखे हुए हैं। हकीम सलाऊद्दीन की पाकिस्तान में रिश्तेदारी है और वहाँ कई लोगों से उसकी बातचीत होती रहती है।

हकीम सलाऊद्दीन के लैपटॉप में एक दुबई का नंबर मिला है। इस नंबर पर वह रोज बात करता था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वह कश्मीर तक हथियारों की सप्लाई करता था।

दिलचस्प है कि कुछ साल पहले सलाऊद्दीन का एक्सीडेंट में पैर टूट गया था, जिसे एक हकीम ने सही किया। इसके बाद वह खुद ‘हकीम’ बन गया और इसी पहचान के साथ जिंदगी गुजारने लगा। जाँच से यह बात सामने आई है कि सलाऊद्दीन सिर्फ पहचान ओढ़ने में ही शामिल नहीं है। उसने हथियार बनाने के लिए कारीगर ‘किराएदार’ बनाकर अपने मकान में बसा रखे थे।

‘केवल अवैध हथियार फैक्ट्री’ नहीं चला रहा था सलाऊद्दीन ?

जिस तरीके से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भनक लगे दिए बिना सलाऊद्दीन हथियारों का निर्माण कर रहा था, उससे साफ है कि यह केवल अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने का ही मामला नहीं है। इस फैक्ट्री का खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब देश के अलग-अलग हिस्सों से पाकिस्तान के लिए काम करने वाले कई इस्लामी कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी हुई है।

लखनऊ के मलिहाबाद के हकीम के घर से मिला असलहे और कारतूस का ढेर, पुलिस ने किया गिरफ्तार (फोटो साभार: दैनिक जागरण)

इनमें से एक वाराणसी से पकड़ा गया मोहम्मद तुफैल भी है। गिरफ्तारी के बाद उसके फोन में 600 पाकिस्तानी नंबर मिले थे। वह बाबरी मस्जिद का बदला लेने के लिए मुस्लिमों को उकसा रहा था। वह भारत में सरिया लागू के एजेंडे पर काम कर रहा था। इसी तरह मुरादाबाद से पकड़ा गया शहजाद पाकिस्तान के इशारे पर भारत में बड़े इस्लामी आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।

2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की साजिश

गजवा-ए-हिंद यानी भारत को इस्लामी मुल्क बनाने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथी लंबे समय से साजिश कर रहे हैं। ऐसी ही एक गंभीर साजिश का खुलासा साल 2022 में उस समय हुआ जब प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ट्रेनिंग सेंटर पर बिहार के फुलवाड़ी शरीफ में छापेमारी हुई थी। इस दौरान 8 पन्नों का एक दस्तावेज बरामद किया गया। इसका नाम ‘इंडिया विजन 2047’ था। इसमें भारत को इस्लामी मुल्क बनाने के पूरे रोडमैप का जिक्र किया गया।

इस दस्तावेज में भारतीय सेना से लेकर कोर्ट तक में इस्लामी घुसपैठ का खाका खींचा गया था। ‘कायर हिंदुओं’ की हत्या के लिए मुस्लिम युवाओं को हथियारों का प्रशिक्षण देना भी शामिल था। क्या हकीम सलाऊद्दीन जैसे मुस्लिम PFI की उसी साजिश के तहत हथियारों की आपूर्ति बनाए रखने को लेकर ही तो नहीं अपने घरों को हथियारों की फैक्ट्री के रूप में बदल चुके हैं?

कितने ‘हकीम’ घरों में चला रहे हथियार फैक्ट्री?

लखनऊ की अवैध हथियार फैक्ट्री और उसे चलाने वाला हकीम सलाऊद्दीन देश विरोधी/हिंदू विरोधी कितनी बड़ी साजिश का हिस्सा है यह जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ेगी सामने आता जाएगा। लेकिन न तो फुलवाड़ी शरीफ में छापे से पहले हमें यह पता था कि देश के विरुद्ध PFI कितनी बड़ी साजिश पर काम कर रहा है और न ही 27 जून 2025 से पहले यह पता था कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में थाने से कुछ कदम की दूरी पर ही इतने बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा है।

ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि जाँच का यह दायरा केवल एक हकीम सलाऊद्दीन या एक अवैध हथियार फैक्ट्री के उद्भेदन तक ही सीमित न रह जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हमें ये नहीं पता चलेगा कि हकीम सलाऊद्दीन केवल एक अवैध हथियार फैक्ट्री ही नहीं चला रहा था। वह उस इस्लामी साजिश का हिस्सा है जो भारत की सरकारों और हिंदुओं के विरुद्ध एक समानांतर तंत्र खड़ा करने में जुटा है। जो यह सुनिश्चित करने में लगा हुआ है कि सशस्त्र बगावत की स्थिति में उसे हथियारों की कोई कमी न हो। ध्यान रहे कि इस तंत्र के लिए हर हिंदू ‘काफिर’ है। गजवा-ए-हिंद वो ख्वाब है जिसका हदीस में जिक्र है। जिसके लिए दारुल उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर कहा था कि इस जंग में जो भी शहीद होगा वो ‘गाजी’ कहलाएगा।

रथ यात्रा में भगदड़ मची तो बना दिया ‘इमरजेंसी कॉरिडोर’, अस्पताल में ‘सेवा’ से लेकर साफ-सफाई तक का उठाया दायित्व: जानिए कैसे पुरी में भगवान जगन्नाथ के ‘सेवक’ बने 1500 स्वयंसेवक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ओडिशा के पुरी में आयोजित रथयात्रा में भी अपनी सेवाएँ दी हैं। RSS ने इस कार्यक्रम में 1500 स्वयंसेवक लगाए हैं। इन कार्यकर्ताओं ने यात्रा प्रबंधित करने से लेकर भगदड़ के दौरान सहायता पहुँचाने का काम किया। भगदड़ के दौरान उनकी सहायता से बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी।

रथयात्रा मेले की व्यवस्था सुचारु ढंग से चलाने और संभालने के लिए RSS ने निर्धारित जगह पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी के हिसाब से नियुक्त किया था। उदाहरण के लिए लगभग 200 स्वयंसेवक दो चिकित्सा केंद्रों पर तैनात थे, अन्य 200 बड़ा डंडा साफ करने में लगे हुए थे।

वहीं प्राथमिक चिकित्सा सेवा पाँच डॉक्टरों, दो फार्मासिस्टों और चार सहायकों वाली एक टीम द्वारा प्रदान की गई थीं। इसके अतिरिक्त, 100 स्वयंसेवकों को यातायात प्रबंधन के लिए तैनात किया गया था और 884 स्वयंसेवकों ने रथ स्थल से मेडिकल चौक तक फैले एम्बुलेंस कॉरिडोर का निर्माण और रखरखाव किया।

जहाँ एक तरफ ABVP की चिकित्सा शाखा  ‘मेडीविजन’ ने एम्बुलेंस सेवाएँ और अस्थायी स्वास्थ्य शिविर संचालित कर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार प्रदान किया और श्रद्वालुओं को आवश्यक दवाएँ वितरित कीं। वहीं विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच जैसे संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाकर पुण्य अर्जित किया।

समिति के रथ यात्रा सेवा संयोजक रुद्रनारायण महापात्रा ने सेवा योजना का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि कहा कि ऐसे शुभ अवसरों पर अक्सर भारी भीड़ और गर्मी के कारण श्रद्वालुओं के बेहोश होने या घायल होने की घटनाएँ होती हैं, जिसके कारण इस तरह की व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू करने की आवश्यकता महसूस हुई।

RSS और उत्कल बिपन्न सहायता समिति के अलावा संघ से जुड़े कई अन्य संगठनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विश्व हिंदू परिषद (VHP), हिंदू जागरण मंच और भारतीय मजदूर संघ भी रथयात्रा के अवसर पर सक्रिय रूप से सेवा में लगे हुए हैं। RSS के स्वयंसेवकों ने 29 जून, 2025 को सुबह हुई भगदड़ में काफी सहायता पहुँचाई।

RSS के स्वयंसेवकों कार्यकर्ताओं ने स्ट्रेचर और एंबुलेंस का उपयोग करके मेले में घायल और बेहोश भक्तों को अस्पताल पहुँचाया। जिस समय श्रद्धालु भीड़ और गर्मी से बेहोश हो रहे थे उस समय भी संघ ने बेहतरीन कदम उठाते हुए आपातकालीन गलियारे बनाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जिससे एंबुलेंस को बड़ा डंडा (ग्रैंड रोड) के किनारे भीड़ से मरीजों को निकालने और अस्पतालों में पहुँचाने मे बड़ी सहायता मिली।

लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था आपातकाल, जनता ने कुर्बानी देकर बचाया: मन की बात में PM मोदी ने सुनाई ऑडियो क्लिप्स, योग दिवस को बताया आत्मिक बल का माध्यम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (29 जून 2025) को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 123वे एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आपातकाल के दौर, योग दिवस की सफलता, धार्मिक यात्राओं, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की उपलब्धियों, महिलाओं की सफलता की कहानियाँ, पर्यावरण के प्रति लोगों के योगदान और भारत की सांस्कृतिक उपलब्धियों जैसे कई विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने 1975 में लगे आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, बाबू जगजीवन राम और अटल बिहारी वाजपेयी के ऑडियो क्लिप्स के जरिए उस समय के हालात से जनता को अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि किस तरह उस वक्त नागरिकों के अधिकार छीने गए, अखबारों पर प्रतिबंध लगाया गया और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनता ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए बड़ी कुर्बानी दी और अंत में लोकतंत्र की जीत हुई।

आगे उन्होंने 21 जून को हुए ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर चर्चा करते हुए कहा कि इस बार का यह कार्यक्रम और भी भव्य रहा। विशाखापत्तनम, तेलंगाना, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और गुजरात समेत देशभर में लाखों लोगों ने योग किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बताया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मिक और शारीरिक बल का माध्यम है। गौरतलब है कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम ‘योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ रखा गया था, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को दिखाता है।

प्रधानमंत्री ने धार्मिक यात्राओं जैसे अमरनाथ यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और जगन्नाथ रथ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये यात्राएँ न केवल श्रद्धा का प्रतीक होती हैं, बल्कि सेवा का भी अवसर देती है।

पीएम मोदी ने गर्व के साथ बताया कि भारत को WHO ने ट्रेकोमा मुक्त देश घोषित किया है। उन्होंने ILO की एक हालिया रिपोर्ट का जिक्र भी किया, जिसमे बताया गया था कि भारत की 64% आबादी को अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जो पहले केवल 19% लोगों तक सीमित था।

प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कहानियों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएँ मिलेट्स से बिस्किट बनाकर विदेश तक बेच रही हैं, सैनिटरी पैड बना रही हैं और  मशरूम की खेती और रोटियों का ब्रांड बना रही हैं।

मोदी जी ने असम के बोडोलैंड क्षेत्र में हो रहे CEM कप की सराहना भी की जिसमें 70 हजार से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बोडोलैंड शांति, खेल और ऊर्जा का प्रतीक बन गया है।

प्रधानमंत्री ने पुणे के रमेश खरमाले और अहमदाबाद के ‘मिशन फॉर मिलियन ट्रीज’ जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने महाराष्ट्र के ‘पाटोदा’ गाँव की भी तारीफ की, जिसे कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत बनाया गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि अहमदाबाद नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘मिशन फॉर मिलियन ट्रीज’ अभियान शुरू किया है, जिसमें लाखों पेड़ लगाए जा रहे हैं। इस पहल की खास बात है ‘सिंदूर वन’, जो ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को समर्पित है। यहाँ सिंदूर के पौधे उन वीरों की याद में लगाए जा रहे हैं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया।

इसके साथ-साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत अब तक देशभर में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। यह अभियान लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करता है और भावनात्मक रूप से जोड़ता है।

‘मन की बात’ कार्यक्रम अक्टूबर 2014 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के हर कोने से जनता की उपलब्धियों, प्रयासों और कार्यों को देशवासियों के सामने लाना है। यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होता है।

कोलकाता गैंगरेप को दबा नहीं पाई TMC तो अपने ही विधायक-सांसद के बयानों से झाड़ लिया पल्ला, ‘दोस्त ने किया बलात्कार’ से लेकर ‘गलती लड़की की है’ तक को बताया ‘निजी सोच’

कोलकाता लॉ कॉलेज में महिला छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं की ओर की गई संवेदनहीन बयानबाजी के बाद पार्टी का एक आधिकारिक बयान सामने आया। बयान में पार्टी ने टीएमसी के विधायक मदन मित्रा और सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयानों पर उनसे दूरी बना ली है और नेताओं की निंदा भी की है।

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में कहा कि सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा की टिप्पणियाँ पूरी तरह से उनकी निजी राय हैं और पार्टी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

बलात्कार की यह घटना बुधवार (25 जून 2025) को कोलकाता के कस्बा इलाके में स्थित दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में घटी थी, जिसमें कॉलेज की 24 वर्षीय महिला लॉ छात्रा को निशाना बनाया गया। इस मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के नेता मनोजीत मिश्रा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला सामने आने के बाद लोगों में भारी रोष है। इस साल की शुरुआत में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद से शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर बहस शुरू हो गई है। इसी बीच, टीएमसी के दो नेताओं सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा ने इस मामले पर बेहद आपत्तिजनक बयान दिए, जिन पर जमकर आलोचना हो रही है।

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुआ कहा था, अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ बलात्कार करता है तो क्या किया जा सकता है? क्या अब स्कूलों में भी पुलिस तैनात होगी? यह छात्रों ने एक अन्य छात्रा के साथ किया। उसकी सुरक्षा कौन करेगा?”

इसके अलावा उन्होंने कहा, “यह सब अपराध और छेड़छाड़ कौन करता है? कुछ पुरुष करते हैं। तो महिलाओं को किसके खिलाफ लड़ना चाहिए? महिलाओं को इन विकृत पुरुषों के खिलाफ लड़ना चाहिए।” इन बातों को पीड़िता को दोष देने और अपराध को हल्का बताने की कोशिश के रूप में देखा गया है।

टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने भी चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि पीड़िता को कॉलेज नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “अगर वह लड़की वहाँ नहीं गई होती, तो ऐसा नहीं होता। अगर वह जाने से पहले किसी को सूचित करती या अपने साथ कुछ दोस्तों को ले जाती, तो ऐसा नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा, “जिसने यह गंदा काम किया, उसने मौके का फायदा उठाया।”

इन दोनों नेताओं की बातों पर चारों तरफ से निंदा होने लगी, जिसके बाद पार्टी को सफाई देना पड़ी। टीएमसी ने स्पष्ट किया, “सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बारे में जो टिप्पणियाँ की गईं, वे पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत राय हैं। पार्टी न केवल इन बयानों से खुद को अलग करती है, बल्कि इनकी कड़ी निंदा भी करती है। ये विचार किसी भी रूप में पार्टी के रुख को नहीं दर्शाते हैं।

बता दें कि इस मामले पर महुआ मोइत्रा ने भी पार्टी नेताओं के बयान का विरोध किया था और उन्हें घृणित करार दिया था। हालाँकि कल्याण बनर्जी ने उसपर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “महुआ हनीमून मनाकर वापस भारत आई और मुझसे झगड़ने लगी हैं! वह मुझ पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाती हैं, वह क्या हैं?” महुआ मोइत्रा पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने (महुआ) 40 साल की शादी तोड़कर 65 साल के आदमी (पिनाकी मिश्रा) से शादी कर ली है, क्या उसने महिला को चोट नहीं पहुँचाई?

महराज जी मेरी शादी नहीं हो रही… अनिरुद्धाचार्य को हिंदू श्रद्धालु ने बताई ‘पीड़ा’, Video देख शाहिदा से ‘खुशी’ बनी महिला ने पति संग मिल रची साजिश: शादी के बाद गहने-रुपए लूट कर दी हत्या

मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक अतिथि शिक्षक की गोरखपुर बुला कर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने उसे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की वीडियो के माध्यम से उससे सम्पर्क किया था। मृतक 45 वर्ष का था और गोरखपुर शादी करने आया था। उसकी हत्या शाहिदा उर्फ़ ख़ुशी नाम की एक महिला और उसके पति ने की। अब दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक का नाम इंद्र कुमार तिवारी था। वह 3-10 मई, 2025 के बीच पॉपुलर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अनिरुद्धाचार्य का यह आयोजन जबलपुर के ही एक गाँव में हुआ था। यहाँ इंद्र कुमार तिवारी ने अनिरुद्धाचार्य से प्रश्न पूछे थे।

अनिरुद्धाचार्य से इंद्र कुमार तिवारी ने विवाह नहीं होने की बात कही थी। इंद्र कुमार तिवारी ने कहा था कि उनकी उम्र 45 वर्ष है और 18 बीघे जमीन के मालिक हैं लेकिन विवाह नहीं हो रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। यह अब भी यूट्यूब समेत कई जगह पड़ी हुई है।

इस वीडियो को देख कर कौशल और उसकी पत्नी शाहिदा उर्फ़ ख़ुशी ने इंद्र कुमार तिवारी को ठगने का प्लान बनाया। कौशल ने ख़ुशी का भाई बन कर इंद्र कुमार तिवारी से अपनी बहन का विवाह करवाने की बात इंद्र कुमार तिवारी से कही। इसके बाद ख़ुशी भी इंद्र तिवारी से बात करने लगी।

कौशल ने इंद्र तिवारी के गाँव पहुँच कर शादी की बात भी पक्की कर दी और साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि 5 जून को शादी गोरखपुर में होगी। इंद्र तिवारी ने इसके लिए गहने बनवाए और शादी करने अकेले गोरखपुर चले गए। यहाँ उनकी शादी भी ख़ुशी से करवा दी गई और इसकी तस्वीरें उनके गाँव पहुँच गईं।

ख़ुशी ने हालाँकि इसके बाद इंद्र तिवारी के साथ उनके मध्य प्रदेश में स्थित गाँव जाने से मना कर दिया। ख़ुशी और कौशल ने इसके बाद इंद्र तिवारी से अपना गाँव दिखाने की बात कही और हत्या कर दी। इंद्र तिवारी का शव दोनों ने मिलकर झाड़ियों में फेंक दिया।

इंद्र तिवारी के शव की सूचना एक राहगीर ने दी। उनके परिवार ने इसी बीच पुलिस से सम्पर्क किया। पुलिस ने जाँच की तो पता चला ख़ुशी और कौशल ने लाखों के गहने और पैसे इंद्र कुमार तिवारी से लूट लिए हैं और उनको मार कर फेंक दिया है। दोनों को अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि मामला ठगी और हत्या का है।

अब आगे जाँच की जा रही है।

कपड़े, ड्रिंक्स और अब जूट… भारत ने बांग्लादेश को दिया ₹1200 करोड़+ का झटका: आयात पर लगाया प्रतिबन्ध, आदेश में कहा- जमीन के रास्ते नहीं घुसने देंगे

तख्तापलट के बाद बांग्लादेश की सत्ता में आई मोहम्मद यूनुस के पेंच मोदी सरकार ने कसने चालू कर दिए हैं। भारत विरोधी रवैया अपनाने वाले बांग्लादेश को भारत ने आर्थिक फ्रंट पर एक और झटका दिया है। भारत ने बांग्लादेश से जूट के आयात पर पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। इससे बांग्लादेश के निर्यात बड़े स्तर पर प्रभावित होने की आशंका है। भारत इससे पहले भी भी बांग्लादेश से आने वाले कई उत्पादों के आयात पर प्रतिबन्ध लगा चुका है।

क्या है फैसला?

विदेशी व्यापार महानिदेशक (DGFT) के 27 जून, 2025 के एक आदेश के अनुसार, बांग्लादेश से आने वाले जूट और कई तरह के यार्न के भारत में निर्यात पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि बांग्लादेश और भारत की सीमा पर कहीं से भी यह उत्पाद भारत में नहीं आने दिए जाएँगे।

बांग्लादेश इन उत्पादों को किसी दूसरे रास्ते से भी भारतीय बाजारों में नहीं उतार सकता है, यह भी इस आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है। इसमें लिखा गया है कि बांग्लादेश के जूट और यार्न को भूटान और नेपाल के रास्ते भारत में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भारत जूट बांग्लादेश प्रतिबन्ध
बांग्लादेश से जूट निर्यात को रोकने वाला आदेश

DGFT के आदेश हालाँकि यह छूट दी गई है कि बांग्लादेश मुंबई स्थित न्हावा शेवा बंदरगाह से यह उत्पाद भारत में भेज सके। इसके अलावा भारत ने यह छूट भी बांग्लादेश को दी है कि वह भारत के रास्ते अपने यह उत्पाद भूटान और नेपाल में भेज सके।

अगस्त, 2025 में प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आई है। बांग्लादेश के लापरवाह क़दमों की वजह से भारत ने भी उनका जवाब देना चालू कर दिया है। भारत व्यापार के रास्ते बांग्लादेश के लिए अब बंद कर रहा है।

भारतीय जूट उद्योग हो रहा था प्रभावित

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2023-24 में बांग्लादेश से 144 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1230 करोड़) का जूट आयात किया था। भारत ने इससे पहले यह आयात कम करने को कई बार प्रयास भी किए, पर बांग्लादेशी व्यापारियों की बेईमानी के चलते यह काम नहीं आया।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बांग्लादेश का जूट भारत में ना आने देने के पीछे और भी कई कारण हैं। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि बांग्लादेश जूट को भारत में डंप करने के लिए अपने यहाँ सब्सिडी देता है और भारत-बांग्लादेश के बीच मुक्त व्यापार समझौते का गलत लाभ उठाता है।

यह भी बताया गया है कि बांग्लादेश के व्यापारी कई कानूनी लूपहोल्स का फायदा उठाते हैं और भारतीय बाजार को प्रभावित करते हैं। इसके चलते भारत में जूट का बाजार और उसका उत्पादन प्रभावित होता है आया है। इसका सीधा असर भारत और विशेष कर पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के ग्रामीण इलाकों में पड़ा है, जहाँ जूट बड़ी आबादी की आय का स्रोत है।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि बांग्लादेश के भारत में अनियंत्रित तरीके से जूट भेजने के चलते यहाँ जूट मिल्स भी ढंग से नहीं चल पा रही हैं। जूट उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय जूट मिल्स एसोसिएशन ने वर्ष 2024 में इस मामले में केन्द्र सरकार से सहायता भी माँगी थी।

जूट मिल्स एसोसिएशन ने कहा था कि 2024 में जूट की बम्पर फसल के बावजूद बांग्लादेश से बड़ी मात्रा में जूट का आयात किया गया क्योंकि उसके दामों में अंतर था। जूट मिल्स एसोसिएशन ने कहा था कि भारतीय मिलें इसके चलते भुगतान नहीं कर पर रहीं हैं। अब इस फैसले से भारतीय उत्पादकों और मिलों को कुछ राहत मिलने की संभावना है।

पहले ही लग चुके कई प्रतिबन्ध

यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब भारत ने बांग्लादेश पर व्यापारिक प्रतिबन्ध लगाए हों। बांग्लादेश ने इसकी शुरुआत की थी। बांग्लादेश ने अप्रैल, 2025 में भारत मछली, कपड़े समेत कई उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी थी। उसने अपने रास्ते का इस्तेमाल करने देने के लिए भी भारत से 1.8 टका प्रति टन का शुल्क लेना चालू कर दिया था।

बांग्लादेश ने यहाँ तक कि दूध के पाउडर तक के भारत से आयात पर रोक लगा दी थी। इसके जवाब में भारत ने मई, 2025 में बांग्लादेश से आने वाले रेडिमेड कपड़ों, प्रोसेस्ड फ़ूड और फ्रूट ड्रिंक्स आदि पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। भारत ने बांग्लादेश से आने वाले प्लास्टिक और लकड़ी के सामान पर भी कई तरह के प्रतिबन्ध लगाए थे।

भारत ने कहा था कि वह अब बांग्लादेश से आने वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, बेक्ड सामान, स्नैक्स, चिप्स और कन्फेक्शनरी, कपास और कॉटन याम अपशिष्ट, प्लास्टिक और पीवीसी से तैयार सामान और लकड़ी के फर्नीचर के सामान को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम और पश्चिम बंगाल में किसी भी जमीनी पोर्ट के माध्यम से घुसने नहीं देगा।

भारत द्वारा लगाए इन प्रतिबन्धों के चलते बांग्लादेश को वार्षिक तौर 770 मिलियन डॉलर (₹6500 करोड़+) का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था। यह बांग्लादेश के भारत को कुल निर्यातों का लगभग 42% बनता है। भारत व्यापार के मामले में बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा पार्टनर है।

मोहम्मद यूनुस की सरकार ने बनाया है द्वेष का माहौल

अगस्त, 2024 में शेख हसीना की सरकार को इस्लामी कट्टरपंथियों ने सत्ता से हटा दिया था। इसके कुछ दिनों बाद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के तौर पर देश का मुखिया बनाया गया था। मोहम्मद यूनुस की सरकार लगातार भारत विरोधी कदम उठा रही है।

उसने भारत की अपेक्षा पाकिस्तान से रिश्ते मजबूत किए और यहाँ तक कि पाकिस्तान के फौजी जनरलों को भी बुलाया। मोहम्मद यूनुस ने चीन में जाकर भी भारत के उत्तरपूर्वी हिस्से को लेकर एक विवादित बयान दिया था। इसके अलावा मोहम्मद यूनुस की सरकार आने के बाद बांग्लादेश में लगातार हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं।

बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की सरकार हिन्दुओं पर हमले रोकने के बजाय उन्हें मानने तक से इनकार करती आई है। इसके चलते भी दोनों देशों के रिश्तों में खटास है। हाल ही में बांग्लादेश में अवैध बता कर एक हिन्दू मंदिर को फौजी बुलाकर गिरा दिया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी आलोचना की थी।

बांग्लादेश भारत ने शेख हसीना को शरण दिए जाने को लेकर भी प्रलाप करता आया है। हालाँकि, भारत ने अब तक बांग्लादेश के क़दमों पर नरमी ही बरती है।

बांग्लादेश में चाकू की नोक पर BNP नेता फजोर अली ने किया हिंदू महिला का रेप, नंगा कर वीडियो बनाई: हाथ जोड़ती दिखी पीड़िता, पुलिस ने रमजान समेत 5 को पकड़ा

बांग्लादेश में हिंदू महिला से रेप का मामला प्रकाश में आया है। बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि बांग्लादेशी नेशनलिस्ट पार्टी का नेता फजोर अली है। उसने अपनी साथियों संग मिलकर महिला का चाकू की नोंक पर रेप किया और इसका वीडियो भी बनाई। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर जगह-जगह वायरल है। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता 21 साल की है और उसके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का पति दुबई में नौकरी करता और वहीं रहता है। वह 15 दिन पहले ही मुरादनगर अपने पिता के घर रहने आई थी। तब से ही 38 वर्षीय फजोर अली उसके पीछे पढ़ा था।

गुरुवार (26 जून 2025) रात को पीड़िता घर में अकेली थी। इसका फायदा उठाते हुए रात 10 बजे फजोर अली घर ने घर का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने दरवाजा खोलने से इनकार किया तो जबरदस्ती भीतर घुसा। यहाँ बंदूक की नोंक से डराकर महिला से रेप किया। उसके साथियों ने रेप का वीडियो भी बनाया। पीड़िता मदद की गुहार लगाते हुए चिल्लाई। आवाज सुनकर पड़ोसी आए और फजोर अली को जमकर पीटा।

इसके बावजूद फजोर अली बचकर निकल गया। इसके बाद पीड़िता को कुमिल्ला मेडकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ रेप की पुष्टि हुई। अगले दिन शुक्रवार (27 जून 2025) को पीड़िता ने मुरादगनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस रेप की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बीएनपी नेता फजोर अली समेत 5 गिरफ्तार

पीड़िता की शिकायत पर मुरादगनर पुलिस ने महिला एवं बाल उत्पीड़न निवारण अधिनियम, 2000 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके आधार पर पुलिस ने घटना का वीडियो वायरल करने वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, मुख्य आरोपित फजोर अली को भी पकड़ लिया गया है।

कुमिल्ला एसपी नाजिर अहमद खान ने बताया कि रविवार (29 जून 2025) सुबह 5 बजे ढाका के सईदाबाद क्षेत्र से फजोर को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 4 आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

इनकी पहचान अनिक, सुमन, रमजान और बाबू के रूप में हुई है। सभी आरोपित एक ही गाँव के रहने वाले हैं। वहीं, मुख्य आरोपित फजोर अली बीएनपी का लोकल नेता है और मुरादगनर के बहेचर (पुरबो पारा) गाँव का रहने वाला है।

चर्च में समर कैंप के नाम पर हुआ बच्चों का ब्रेनवॉश, मिला यीशु मसीह वाला ज्ञान: अंबाला में बजरंग दल ने पुलिस को दी शिकायत, पादरी बोला- हम तो ये हर साल करते हैं

हरियाणा के अंबाला छावनी के हिम्मतपुरा की एक चर्च में बच्चों का धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। बजरंग दल का आरोप है कि यहाँ समर कैंप के नाम पर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था।  

अंबाला छावनी वार्ड 7 के हिम्मतपुरा स्थित एक चर्च में बजरंग दल ने शनिवार (28 जून 2025) को जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चर्च में समर कैंप का आयोजन किया गया है, लेकिन यहाँ बच्चों को गलत शिक्षा दी जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च में समर कैंप की गतिविधियों के नाम पर बच्चों को क्रिश्चियन बनाने के लिए उन्हें इससे जुड़ी बातें बताकर लुभाने की कोशिश की जाती है। मौके पर पहुँची पुलिस ने चर्च में आए बच्चों से बात कि तो उन्होंने कहा कि वे समर कैंप के लिए आए थे, लेकिन उन्हें यहाँ यीशु मसीह के बारे में जानकारियाँ दी जाती थी।

वहीं चर्च के पास्टर ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए बजरंग दल पर ही निराधार हंगामे का इल्जाम लगा दिया। पास्टर ने कहा, “हम हर साल समर कैंप जैसी गतिविधियाँ कराते हैं। उनका कहना है कि बजरंग दल ने जबरदस्ती चर्च में घुसकर हंगामा शुरू कर दिया, जबकि धर्म परिवर्तन की बात सच नही है।”

बजरंग दल के जिला प्रधान देवी लाल का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि चर्च में बच्चों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। इसे रोकने के लिए जब वे चर्च में पहुँचे तो दूसरे पक्ष ने बात को नकारने की कोशिश की और बहस करने लगे।

पुलिस करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों को शांत कराने में लगी रही। चर्च में ही नही दोनों पक्षों के बीच पड़ाव थाने में भी जमकर बहस हुई। मामले में पड़ाव थाना प्रभारी धर्मवीर का कहना है कि उन्हें चर्च में बच्चों का धर्मामतरण कराने की सूचना मिली थी। दोनों पक्ष की शिकायत के आधार पर जाँच की जा रही है।

बालों का गुच्छा, हॉकी स्टिक और लिक्विड… कोलकाता गैंगरेप मामले में पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया, 7 घंटों का CCTV खंगालकर जुटाए सबूत: मेडिकल रिपोर्ट में आई नोंचने, खरोंचने और काटने की बात

कोलकाता के लॉ कॉलेज में 24 साल की छात्रा से गैंगरेप मामले में सामने आई मेडिकल रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट में पीड़िता के साथ हुए बलात्कार के सबूत मिले हैं और ये भी पता चला है कि उसके साथ कितनी दरिंदगी की गई। पुलिस ने पीड़िता के बयान और रिपोर्ट आने के बाद अब सीन रीक्रिएट कराया है। साथ ही घटनास्थल से बालों के गुच्छों से लेकर लिक्विड की बोतल तक बरामद की है।

मेडिकल रिपोर्ट में क्या

दरअसल, शुक्रवार (27 जून 2025) को पीड़िता की मेडिकल जाँच कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेड एंड हॉस्पिटल (CNMC) में कराई गई थी। मेडिकल रिपोर्ट से ही गैंगरेप की पुष्टि हुई है। पीड़िता के साथ जबरन रेप किया गया। इससे शरीर पर काटने और नाखून से खरोंचने के निशान मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की गर्दन पर खरोंच के निशान हैं। वहीं सीने और जांघों के भीतरी हिस्सों में चोटें मिली हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पीड़िता की ब्लड प्रेशर रीडिंग 120/82 और पल्स रेट 72 थी। प्रेग्नेंट रिपोर्ट नैगेटिव सामने आई है। वहीं, एलएमपी (अंतिम मासिक धर्म) 18 जून 2025 को दर्ज किया गया है। साथ ही फोरेंसिक टीम ने तीन स्वाब नमूने लिए है, जिनसे डीएनए और बाकी जैविक साक्ष्य जुटाए जाएँगे।

क्राइम सीन रीक्रिएट किया

गैंगरेप की शिकायत पर पुलिस ने लॉ कॉलेज में क्राइम सीन रीक्रिएट किया। साउथ सबअर्बन डिवीजन की डीसी बिदिशा कलिता ने बताया कि वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। इसीलिए करीब 7 घंटे की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है। यह फुटेज दोपहर 3.30 जे से रात 10.50 बजे तक का है।

पुलिस ने घटनास्थल यानी स्टूडेंट यूनियन रूम को ठीक तरह से खँगाला। इसके अलावा वॉशरूम और गार्डरूम की भी तलाशी ली गई। पुलिस ने इन तीनों जगह से वारदात से संबंधित अहम सुराग जुटाए हैं। इनमें बालों के गुच्छे, हॉकी स्टिक और कुछ लिक्विड से भरी बोतलें शामिल हैं।

पीड़िता का बयान दर्ज

पुलिस ने पीड़िता का बयान भी दर्ज कर लिया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 25 जून 2025 की शाम 7.30 बजे से रात 10.50 बजे तक उसके साथ रेप किया गया। इसके साथ बेरहमी से भी पीटा। पीड़िता के अनुसार, घटना के वक्त वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी। पीड़िता ने आरोपितों से अस्पताल ले जाने की भी भीख माँगी, लेकिन हैवानों ने उसकी एक न सुनी।

पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपित मनोजीत ने उसे शादी करने के लिए प्रपोज किया। लेकिन पीड़िता ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जिसके चलते पीड़िता से गैंगरेप किया गया। आरोपितों ने गैंगरेप का वीडियो भी बनाया। धमकी दी कि अगर किसी से कुछ भी कहा तो वीडियो वायरल कर देंगे।

क्या है मामला ?

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 25 जून 2025 को लॉ कॉलेज में गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। यहाँ कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर के एक रूप में 24 वर्षीय छात्रा को बुलाया। वहाँ तीन लोग पहले से मौजूद थे, जिन्होंने छात्रा को बंधक बना लिया। इसके बाद तीन घंटे तक छात्रा का बलात्कार किया।

मामले में मुख्य आरोपित तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) छात्र नेता और कॉलेज का पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा है। इसके अलावा कॉलेज की ही छात्र प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद का भी नाम सामने आया है। पुलिस ने मामले की जाँच के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लॉ कॉलेज के गार्ड पिनाकी बनर्जी को भी अरेस्ट किया गया है। गार्ड पर वारदात के दौरान बाहर खड़े रहकर पहरेदारी करने का आरोप है।

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ISS पर मौजूद IAF के ग्रुप कैप्टन शुधांशु शुक्ला से पीएम मोदी ने की बात, कहा – यह गगनयान की सफलता का पहला अध्याय: जानें – ध्यान से लेकर ग्रैविटी तक पर पूछे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) पर मौजूद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की है। शुभांशु पहले भारतीय हैं, जो इस मिशन के पायलट बनकर अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुँचे हैं।

इस बातचीत में पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से उन्हें बधाई दी और कहा, “आप मातृभूमि से सबसे दूर हैं, लेकिन भारतीय दिलों के सबसे करीब हैं। आपके नाम में शुभ है और आपकी यात्रा नए युग का शुभारंभ (auspicious beginning) है।” शुभांशु ने जवाब में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व ने उनके सपनों को सच करने का मौका दिया। उन्होंने देशवासियों के प्यार और आशीर्वाद का शुक्रिया अदा किया।

अंतरिक्ष से दिखा भव्य भारत का नजारा

शुभांशु ने बताया कि जब वे पहली बार अंतरिक्ष में पहुँचे और पृथ्वी को देखा, तो वह नजारा बेहद भव्य (Magnificent) था। उन्होंने कहा, “पृथ्वी पूरी तरह एक दिखती है, कोई बॉर्डर या सीमा रेखा नहीं दिखती।” खास तौर पर भारत को अंतरिक्ष से देखने का अनुभव उनके लिए भावुक करने वाला था। उन्होंने कहा, “हम नक्शे में भारत को जितना बड़ा देखते हैं, असल में वह उससे कहीं ज्यादा विशाल और गौरवशाली (Glorious) लगता है।”

शुभांशु ने यह भी बताया कि अंतरिक्ष से देखने पर यह अहसास होता है कि कोई देश, राज्य या सीमा नहीं है, सिर्फ मानवता (Humanity) है और पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है।

जीरो ग्रैविटी के अनुभव पर कही ये बात

पीएम मोदी ने शुभांशु से पूछा कि जीरो ग्रैविटी (Zero Gravity) में जीवन कैसा है और वे वहाँ कैसे ढल रहे हैं। शुभांशु ने हँसते हुए बताया कि अंतरिक्ष में सब कुछ अलग है।

उन्होंने कहा, “पिछले एक साल की ट्रेनिंग में मुझे सारे सिस्टम्स (Systems) और प्रक्रियाओं (processes) की जानकारी थी, लेकिन यहाँ आकर सब बदल गया। हमारे शरीर को ग्रैविटी की आदत होती है, लेकिन यहाँ माइक्रो ग्रैविटी (microgravity) में छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल हो जाती हैं। मैं अभी बात करते वक्त अपने पैर बाँध रखा हूँ, वरना ऊपर उड़ जाऊँगा। माइक छोड़ दूँ तो वो तैरने लगेगा।” उन्होंने बताया कि पानी पीना, चलना और सोना भी चुनौतीपूर्ण है।

पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में हलवा के बारे में भी पूछा

पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि शुभांशु जो गाजर का हलवा लेकर गए थे, उसे अपने साथियों को खिलाया या नहीं। शुभांशु ने जवाब दिया, “मैं गाजर का हलवा, मूँग दाल का हलवा और आमरस लेकर आया था। मेरे साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने इसका स्वाद लिया और सबको बहुत पसंद आया। कुछ साथियों ने कहा कि वे भारत आएँगे तो फिर से इसका स्वाद लेंगे।”

उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात थी कि भारत की समृद्ध खानपान परंपरा (Culinary Heritage) को दुनिया के सामने पेश कर सके।

पीएम मोदी ने ध्यान के बारे में भी पूछा सवाल

पीएम मोदी ने पूछा कि क्या अंतरिक्ष में माइंडफुलनेस (Mindfulness) और ध्यान (Meditation) का कोई लाभ मिलता है। शुभांशु ने कहा, “यहाँ सब कुछ उल्टा-पुल्टा है। माइंडफुलनेस बहुत मदद करती है। लॉन्च के दौरान या तनावपूर्ण (Stressful) परिस्थितियों में दिमाग को शांत रखने से बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विज्ञान (Science) और आध्यात्मिकता (Spirituality) दोनों में है। शुक्ला ने कहा, “यह मिशन भारत की प्रगति की पहली सीढ़ी है। हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

पीएम मोदी ने शुभांशु को दिया होमवर्क

पीएम मोदी ने शुभांशु को गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission), भारतीय स्पेस स्टेशन, और चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री की लैंडिंग जैसे भविष्य के मिशनों के लिए होमवर्क दिया। उन्होंने कहा, “आपके अनुभव इन मिशनों के लिए बहुत कीमती होंगे।” शुभांशु ने जवाब दिया, “मैं हर अनुभव को स्पंज (Sponge) की तरह सोख रहा हूँ। ये अनुभव गगनयान और अन्य मिशनों के लिए बहुत काम आएंगे। मेरे साथी भी पूछते हैं कि वे कब गगनयान पर जा सकते हैं। मुझे यकीन है कि ये सपना जल्द पूरा होगा।”

युवाओं के लिए खास संदेश

शुभांशु ने देश के युवाओं को संदेश दिया, “सपने बड़े देखो और कभी हार मत मानो। सफलता का कोई एक रास्ता नहीं होता, लेकिन मेहनत और लगन से आप जरूर कामयाब होंगे। स्काई इज नेवर द लिमिट (Sky is never the limit)।” उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा लगाया, जो उनके लिए गर्व का पल था। “यह देखकर गर्व होता है कि भारत आज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुँच चुका है।”

गगनयान मिशन के लिए पहला स्टेप

पीएम मोदी ने कहा कि शुभांशु की यह यात्रा गगनयान मिशन की सफलता का पहला अध्याय है। पीएम मोदी ने कहा, “यह यात्रा सिर्फ अंतरिक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की यात्रा को गति देगी। भारत अब सिर्फ उड़ान नहीं भरेगा, बल्कि भविष्य में नई उड़ानों के लिए मंच तैयार करेगा।” उन्होंने शुभांशु और उनके साथियों को मिशन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं और कहा, “हम सबको आपकी वापसी का इंतजार है। माँ भारती का सम्मान बढ़ाते रहिए।”

बातचीत के अंत में शुभांशु ने कहा, “यह मेरे लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा देश का सामूहिक गौरव है।” उन्होंने अंतरिक्ष से तिरंगे को दिखाते हुए कहा, “यह तिरंगा मैंने कल ही यहाँ लगाया। यह मुझे बहुत भावुक करता है।” अंत में उन्होंने जोर से कहा, “भारत माता की जय!” इस पल ने पूरे देश को गर्व और खुशी से भर दिया।