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न्यूज़लॉन्ड्री और न्यूज़क्लिक के ऑफिस में IT विभाग की छापेमारी, मीडिया गिरोह में खलबली: रिपोर्ट

आयकर विभाग ऑनलाइन मीडिया पोर्टल, न्यूजलॉन्ड्री और न्यूजक्लिक के कार्यालयों पर छापेमारी कर रही है। छापेमारी कथित तौर पर शुक्रवार (सितंबर 10, 2021) सुबह शुरू हुई। छापेमारी के पीछे का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन ‘मीडिया गिरोह’ में कहीं न कहीं खलबली मची है ये बात सामने आ रही है।

इससे पहले फरवरी में भी न्यूज़क्लिक पर छापा मारा गया था। छापे कथित तौर पर एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित थे और एजेंसी विदेश में ‘संदिग्ध कंपनियों’ से संगठन को प्राप्त धन की जाँच कर रही थी। कंपनी पर 3 साल में 30 करोड़ रुपए से अधिक धन प्राप्त करने का आरोप था।

जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को न्यूज़ पोर्टल ‘Newsclick’ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जाँच में कुछ अहम सबूत मिले थे। इस न्यूज़ पोर्टल और इसके प्रोमोटरों ने श्रीलंका-क्यूबा मूल के एक कारोबारी नेविले रॉय सिंघम से एक करार किया था, जो शक के घेरे में है। ‘PPK Newsclick Studio Pvt Ltd’ को जो 38 करोड़ रुपए की बड़ी फंडिंग मिली थी, उसका मुख्य स्रोत इसी कारोबारी को माना जा रहा है, जिसके सम्बन्ध चीन से हैं।

वेबसाइट को ये रकम 2018-21 के बीच विदेश से भेजी गई थी। TOI की खबर के अनुसार, इस मामले की जाँच कर रहे ED के सूत्रों ने बड़ी जानकारी दी कि कारोबारी नेविले का सम्बन्ध चीन की सत्ताधारी पार्टी ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC)’ के एक प्रोपेगंडा संगठन से है। ‘भीमा-कोरेगाँव’ हिंसा से भी इस न्यूज़ पोर्टल के तार जुड़े थे क्योंकि जो रकम इसे मिली, उसका कुछ हिस्सा तथाकथित एक्टिविस्ट्स को दिया गया।

हालाँकि फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है कि अभी जो छापेमारी की जा रही है, वह पिछले छापेमारी से संबंधित है या नहीं। इधर न्यूज़लॉन्ड्री के एक कर्मचारी ने द वायर को बताया, “अभी तक न्यूज़लॉन्ड्री के केवल एक कार्यालय में छापेमारी की गई है।” कर्मचारी ने यह भी कहा कि मीडिया आउटलेट के ‘वित्तीय रिकॉर्ड की जाँच की जा रही है’। रिपोर्ट में उल्लेखित एक सूत्र के अनुसार, “आज सुबह 11:40 बजे जब I-T अधिकारी आए, तो सर्वोदय एन्क्लेव में कार्यालय में लगभग 20 लोग थे। सभी के फोन जब्त कर लिए गए और स्विच ऑफ कर एक साथ टेबल पर रख दिया गया।”

बता दें कि ‘न्यूज़क्लिक’ ही वो वेबसाइट है, जिस पर पत्रकार अभिसार शर्मा अपने वीडियो पोस्ट करते हैं। धान को गेहूँ बताकर चर्चा में आने वाले पत्रकार से ट्विटर ट्रोल बने अभिसार शर्मा ने बताया था कि वो इसी चैनल (न्यूज़क्लिक) पर अपने शो ‘बोल के लब आज़ाद हैं तेरे’ और ‘न्यूज़ चक्र’ करते हैं।

पहले कोड़े मारे, फिर गला रेता: अमरुल्लाह सालेह के भाई को तालिबान ने तड़पा-तड़पाकर मारा

अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के बड़े भाई रोहुल्लाह सालेह को तालिबान ने तड़पा-तड़पा कर मार डाला। कथिततौर पर इस हत्या को अंजाम पंजशीर की घाटी में दिया गया। वहाँ अब भी तालिबानियों से संघर्ष जारी है। रोहुल्लाह की हत्या पर तालिबान ने अब तक जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं अमरुल्लाह सालेह की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आनी शेष है।

संबंधित खबरों की बात करें तो कहा जा रहा है कि रोहुल्लाह पंजशीर से काबुल जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तालिबानियों को इसका पता चल गया और मौके से पहुँच कर उन्हें बंदी बना लिया गया। फिर सालेह को कोड़ों और बिजली के तारों से पीटा गया और बाद में उनका गला काट दिया गया। खून से लथपथ सालेह पर इसके बाद तालिबानियों ने गोलियाँ बरसाईं।

गौरतलब है कि इससे पहले पंजशीर में तालिबान ने अपना कब्जा होने का दावा किया था। उनके द्वारा पंजशीर गवर्नर के कार्यालय पर तालिबानी झंडा फहराने की तस्वीर भी सामने आई थी। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी कहा था कि अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत को भी पूरी तरह जीत लिया गया है।

हालाँकि, ऐसी खबरों को और तालिबान के दावों को एनआरएफ ने नकारते हुए कहा था कि जंग अभी चल रही है। NRF ने तालिबान की जीत का दावा खारिज करते हुए कहा कि पंजशीर घाटी के महत्वपूर्ण रणनीतिक मोर्चों पर उसके लड़ाके मौजूद हैं। इस बीच पंजशीर के गर्वनर हाउस में तोड़फोड़ किए जाने की खबरें भी हैं। इससे पहले भी तालिबान ने पंजशीर घाटी को फतह कर लेने का दावा किया था, जिसे पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह और नॉर्दन एलायंस के नायक अहमद मसूद ने खारिज कर दिया था।

राणा अयूब के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी के आरोप में FIR: FIU, ED और CBI को संज्ञान लेने के लिए हिंदू IT सेल ने लिखा पत्र

हिंदू आईटी सेल के विकास शाकृत्यायन ने अब कानून प्रवर्तन एजेंसियों को विवादित पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ दर्ज FIR का तत्काल संज्ञान लेने के लिए कहा है। हिंदू आईटी सेल के सदस्य ने अपने वकील डॉ. किसलय पांडे के माध्यम से वित्तीय खुफिया यूनिट (FIU), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से भी FIR का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है, क्योंकि मामला अवैध तरीकों से विदेशी वित्त पोषण से जुड़ा हुआ है।

बता दें कि राणा अय्यूब के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज है। यह एफआईआर 7 सितंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज की गई। मामला फंड इकट्ठा करने के कैंपेन से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में विकास शाकृत्यायन ने ही शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में राणा अय्यूब पर मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी, संपत्ति में हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। अवैध रूप से चैरिटी के नाम पर आम जनता से धन की वसूली का आरोप है। इसमें कहा गया कि राणा अय्यूब पेशे से पत्रकार हैं और सरकार से किसी भी प्रकार की अनुमति या रजिस्ट्रेशन के बिना ही वो विदेशी धन प्राप्त कर रही थीं। जबकि, ऐसा करने के लिए विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम 2010 के तहत सरकार की अनुमति या रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। लिहाजा, वह एफसीआरए के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में उत्तरदायी हैं।

शिकायत के आधार पर राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 403, 406, 418, 420, आईटी अधिनियम की धारा 66 डी और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट-2002 की धारा 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज है।

राणा के खिलाफ यह केस फंड इकट्ठा करने वाले प्लेटफॉर्म केटो (Ketto) पर चलाए गए तीन अभियानों से संबंधित है। ये कैंपेन झुग्गीवासियों और किसानों, असम, बिहार और महाराष्ट्र में राहत कार्य तथा भारत में कोविड -19 से प्रभावित लोगों की मदद के नाम पर चलाया गया था। शुरू से ही राणा का यह कैंपेन शक के घेरे में था, क्योंकि उन्होंने एफसीआरए के अनिवार्य अप्रूवल के बिना ही विदेशों से चंदे की वसूली की थी।

जिस हमले में मरे थे 130, उसमें शामिल ISIS आतंकी ने कोर्ट में कहा- अल्लाह के सिवा कोई नहीं… मैं दोबारा जिंदा होऊँगा

साल 2015 में पेरिस की कई जगहों पर कुछ आतंकियों के साथ 130 लोगों को मौत के घाट उतारने वाला ISIS का फिदायीन हमलावर हाल में कोर्ट में यह कहता सुना गया कि मौत के बाद उसे दोबारा जिंदा किया जाएगा। उसने अदालत को कहा अल्लाह के अलावा कोई और भगवान नहीं होता। 

पेरिस अटैक मामले में 31 साल के सालाह अब्देसलाम समेत 20 आरोपितों पर हाल में ट्रॉयल शुरू हुआ है। जहाँ कोर्ट में सालाह ने बताया कि उसने अपनी जॉब छोड़ी ताकि वो इस्लामिक स्टेट का मुजाहिद्दीन बन सके। उसने कहा, “6 साल से ज्यादा समय तक मेरे साथ कुत्तों की तरह बर्ताव किया गया लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा, क्योंकि मैं जानता हूँ मौत के बाद मैं दोबारा जिंदा होऊँगा।”

कोर्ट में जब आतंकी से उसका नाम बताने को कहा गया तो उसने शहादा पढ़ी और बोला, “मैं गवाही देना चाहता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई और ईश्वर नहीं है और मोहम्मद उनके संदेशवाहक थे। ”

दूसरे दिन कोर्ट की सुनवाई में उसने अपने साथ सह आरोपित बनाए गए कुछ लोगों को निर्दोष बताया और कहा कि इन लोगों ने उसकी मदद जरूर की थी, मगर किसी को उसे इरादों का इल्म भी नहीं था… ये लोग जेल में थे लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। आरोपित ने सुनवाई के बीच कहा- क्या सीरिया और इराक के पीड़ित बोलने के लायक हैं? 

आतंकी ने सुनवाई के समय कोर्ट को सिद्धांत की बातें समझाईं। उसने कहा, “सैद्धांतिक रूप से न्याय होने तक हमें निर्दोष माना जाना चाहिए। भले ही मैं इस न्याय को मानूँ या ना मानूँ।” सालाह की बातें सुन जब कोर्ट ने उसे चुप होने को कहा तो उसने कहा, “मतलबी मत बनिए, कई लोग हैं जो मुझे सुनना चाहते हैं।”

कोर्ट ने उसे कहा, “तुम्हारे पास 5 साल थे बोलने के लिए। तुमने नहीं कहा- ये भी अधिकार है। मैं जानता हूँ अब तुम्हें बोलना है लेकिन ठीक है- ये समय नहीं है।” सुनवाई में आतंकी ने यह भी कहा, “यहाँ देखो सब सुंदर है, फ्लैट स्क्रीन, एसी…लेकिन अंदर (जेल में) हमारे साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।” कोर्ट में सालाह द्वारा मचाए जा रहे शोर ने जजों को इतना तंग कर दिया कि उन्होंने उसका माइक बंद करके सुनवाई टाल दी।

बता दें कि पेरिस में 13 नवंबर 2015 को एक कंसर्ट हॉल, एक स्टेडियम, रेस्ट्रां और बारों पर हुए आतंकी हमले में 130 लोग मारे गए थे। आतंकी सालाह अब्देसलाम को इसी मामले में साल 2016 में ब्रसेल्स में गिरफ्तार किया गया था। उसे ब्रसेल्स में धमाकों से चार दिन पहले गिरफ्तार किया गया था जिनमें 32 लोग मारे गए थे। पुलिस का मानना है कि दोनों शहरों में हुए हमलों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है। इस सालाह अब्देसलाम का जन्म बेल्जियम में हुआ था और वो एक फ्रांसीसी नागरिक है। पेरिस हमले के 4 महीने बाद तक वो ब्रसेल्स में छिपा हुआ था। 

पुणे के बाद अब मुंबई में दरिंदगी: रेप के बाद 30 साल की महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला रॉड, खून से लथपथ सड़क पर पड़ी थी बेहोश

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 30 साल की एक महिला से रेप के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दिया गया। खून से लथपथ महिला सड़क पर बेहोश मिली जिसके बाद उसे अस्पताल पहुॅंचाया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब महाराष्ट्र के ही पुणे में 14 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी ने पूरे देश को झकझोर रखा है।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के निर्भया कांड जैसी ही दिल दहला देने वाली घटना को मुंबई के साकीनाका में अंजाम दिया गया। प्राइवेट पार्ट में रॉड डाले जाने की व​जह से पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार रात के तीन बजे के करीब इस घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान मनोज चौहान के तौर पर हुई है। माना जा रहा है कि उसके साथ कुछ और लोग इस घटना में शामिल हो सकते हैं।

आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 376, 323 और 504 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि देर रात तकरीबन 3:30 बजे कंट्रोल रूम को साकीनाका के खैरानी रोड पर एक महिला के खून से लथपथ पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुॅंची पुलिस उसे तत्काली राजावाडी अस्पताल ने गई।

गौरतलब है कि पुणे में 14 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन सबने पीड़िता के साथ 5 अलग-अलग ठिकानों पर 48 घंटे के भीतर कई बार रेप किया। आरोपितों में लड़की का दोस्त, क्लास 4 के 2 रेलवे कर्मचारी और 11 ऑटोरिक्शा वाले शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक डीसीपी नम्रता पाटिल ने बताया, 31 अगस्त को नाबालिग अपने 19 साल के दोस्त से मिलने चुपचाप निकली। वो ऑटो रिक्शा करके पुणे स्टेशन पहुँची लेकिन जब दोस्त नहीं आया तो वह वहीं रोने लगी। इसके बाद एक ऑटो ड्राइवर ने उसे कहा कि वो स्टेशन से बाहर चले उसका दोस्त बुला रहा है। लड़की बाहर आई तो उसे पीने को पानी दिया गया लेकिन पानी पीते ही उसे चक्कर आ गए।

लड़की के बेहोश होने के बाद ड्राइवर ने सुनसान जगह ले जाकर उसका रेप किया और फिर ठिकाना बदल कर उसके बाकी साथी भी बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। पीड़िता को बिन कपड़े के एक कमरे में बंद किया गया था। कुछ-कुछ घंटे में ये आरोपित उसके पास जाते और उसका रेप करते। वो रो रोकर खाने को खाना और पहनने को कपड़े माँगती लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुनता। इसके बजाय वह उसे धमकाते कि बाहर जाकर यदि किसी को कुछ कहा तो उसे जान से मार देंगे। जब लड़की की तबीयत बिगड़ी तो उसे एक आरोपित मुंबई के दादर स्टेशन छोड़ आया जहाँ रेलकर्मी ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसके दोस्त को उसे सौंप दिया। 

7 सितंबर 2021 को जब दोनों चंडीगढ़ पहुँचे तो लड़की की गंभीर हालत देख GRP को शक हुआ और पूछताछ के बाद उसे प्रोजेक्ट डारेक्टर चाइल्ड लाईन को सौंप दिया गया। यहाँ लड़की ने आपबीती सुनाते हुए सारा खुलासा किया। क्रॉस चेक करने पर पता चला लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट वाकई दर्ज है। फिर पुलिस ने रेलवे स्टेशन के बाहर 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को खँगाला और एक ऑटोरिक्शा वाले को पकड़ कर बाकी सब आरोपितों की भी जानकारी ले ली। गुनाह कबूलने के बाद इन्हें पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

बाराबंकी में ओवैसी ने दिया भड़काऊ भाषण, PM मोदी और CM योगी पर की अपमानजनक टिप्पणी: FIR दर्ज, लगाई गईं ये धाराएँ

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर अपमानजनक भाषाओं का इस्तेमाल करने व साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के मामले में फँस गए हैं। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, कोविड नियमों का उल्लंघन करने के मामले में केस दर्ज किया है।

AIMIM प्रमुख के खिलाफ उनकी पार्टी की रैली के बाद बाराबंकी शहर पुलिस स्टेशन में गुरुवार (9 सितंबर 2021) की रात को प्राथमिकी दर्ज की गई। ओवैसी पर इंडियन पीनल कोड की धारा 153ए (धर्म, जाति आदि के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना), 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना करना), 269 (लापरवाही से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी फैलने की संभावना), 270 (घातक कार्य से बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना) के तहत केस दर्ज किया गया है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने कहा कि उनके खिलाफ महामारी अधिनियम लगाया गया है।

एसपी ने कहा कि ओवैसी गुरुवार को कटरा चंदना में पार्टी की रैली में भारी भीड़ जुटाकर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया है, जो कि कोविड गाइडलाइंस के खिलाफ है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “अपने भाषण में AIMIM प्रमुख ने साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए बयान दिया और कहा कि 100 साल पुरानी राम सनेही घाट मस्जिद को प्रशासन ने गिरा दिया था और इसका मलबा भी हटा दिया गया था। जबकि, यह तथ्य से बिल्कुल उल्टा है।”

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस तरह का बयान देकर AIMIM सांसद ने साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और समुदाय विशेष की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की है। इसके अलावा उन्होंने पीएम और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भी अभद्र और निराधार टिप्पणी की थी।

पीएम मोदी पर लगाया था आधारहीन आरोप

उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे के दौरान ओवैसी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए उन पर ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। AIMIM सांसद ने धर्मनिरपेक्षता को खत्म करने का भी आरोप लगाया। तीन तलाक कानून की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा, “बीजेपी नेता तलाक के अधीन मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अन्याय की बात करते हैं, लेकिन हिंदू महिलाओं की दुर्दशा के मुद्दे पर चुप रहते हैं जिन्हें उनके पुरुषों ने त्याग दिया है।”

उन्होंने कहा, “मेरी भाभी (पीएम मोदी की पत्नी) गुजरात में अकेली रहती हैं, लेकिन किसी के पास उनका जवाब नहीं है।”

श्रीकृष्ण जन्मस्थल का 10 KM क्षेत्र तीर्थस्थल घोषित, योगी सरकार ने मथुरा-वृंदावन के 22 वार्ड में शराब-माँस की बिक्री को किया बैन

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मथुरा-वृंदावन में कृष्ण जन्मस्थल के 10 वर्ग किलोमीटर दायरे को तीर्थस्थल घोषित कर दिया है। अब इस दायरे में शराब और मांँस नहीं बिकेगी। इस क्षेत्र में माँस और मदिरा की बिक्री पर रोक को लेकर शीघ्र ही आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।

शुक्रवार (सितंबर 10, 2021) को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्म स्थल को केंद्र में रखकर 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के कुल 22 नगर निगम वार्ड, क्षेत्र को तीर्थ स्थल के रूप में घोषित किया है।

मथुरा में कृष्णोत्सव 2021 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में शराब और माँस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि संबंधित अधिकारियों को प्रतिबंध की योजना बनाने के साथ-साथ इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी अन्य व्यापार में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया था कि मथुरा की महिमा को पुनर्जीवित करने के लिए शराब और माँस के व्यापार में लगे लोग दूध बेचना शुरू कर सकते हैं। मथुरा भारी मात्रा में पशु दूध का उत्पादन करने के लिए जाना जाता था।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में भाग लेने मथुरा पहुँचे थे। कृष्णोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कृष्ण भक्तों को संबोधित किया और याद दिलाया कि कैसे पहले के मुख्यमंत्री, विधायक, राजनेता मथुरा, अयोध्या का नाम लेने से डरते थे, हिंदू पर्वों पर बधाई देने से घबराते थे, बिजली-पानी, सुरक्षा भी नहीं दिया जाता था, हर्षोल्लास पर बंदिशें थीं, त्योहार मनाने के लिए समय की पाबंदी थी, लेकिन अब कान्हा का जन्मोत्सव धूमधाम से आधी रात में ही होता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “पहले आपके पर्व-त्योहार में बधाई देने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक नहीं आते थे। बीजेपी के नेताओं को छोड़कर बाकी दलों के नेता दूर भागते थे। हिंदुओं के पर्व में कोई नेता सहयोग नहीं करता था और बंदिशें भी लगाई जाती थी। लेकिन अब कोई बंदिश नहीं है। यह राजनीतिक परिवर्तन है।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि आजादी के बाद रामनाथ कोविंद पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले सरकारों में बैठे लोगों को पूजा करने में भी सांप्रदायिकता का भय होता था। जो पहले मंदिर जाने में संकोच करते थे, अब कहते हैं राम और कृष्ण हमारे हृदय में हैं।

तालिबानी तो तालिबानी, आम अफगानी भी कम नहीं: 12 साल की बच्ची को बीवी बना रहे 60 साल के बुड्ढे

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन आने के बाद हैरान करने वाली खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ तालिबान है जो औरतों के अधिकारों का दमन कर रहा है। घर-घर बच्चियों की तलाश कर जबरन उनका निकाह कराया जा रहा है। दूसरी तरफ आम अफगानी भी हैं जो इस हालात का फायदा उठाकर छोटी बच्चियों का शोषण कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब देखा गया है कि दूसरे मुल्कों में शरण लेने पहुँचे 60-60 साल के पुरुष 12-12 साल की बच्ची को बीवी बनाकर ला रहे हैं।

तालिबान से बचने के नाम पर अफगानिस्तान से निकल कर दुबई और अमेरिका में शरण लेने आए कुछ अफगानियों की ये करतूत उजागर हुई है। अधिकारियों के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए हैं जब कुछ अफगानी ‘बुजुर्गों’ ने छोटी-छोटी बच्चियों को तालिबान के चंगुल से बचाने का हवाला देकर उनसे रेप किया और उनसे निकाह कर लिया। छोटी लड़कियों ने दुबई में खुद अधिकारियों को आपबीती सुनाते हुए कहा कि कैसे अफगानिस्तान से निकलने के लिए उनसे जबरन निकाह कर उनका रेप किया गया।

Yahoo न्यूज में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक यूएस कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन अधिकारी अब ऐसे मामलों पर संज्ञान ले रहे हैं जिनमें दावा किया गया है कि काबुल से अफगानिस्तानी अपने साथ छोटी लड़कियों को बीवी बना कर लाए हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि बच्चियों को कैसे भी बचाया जा सके। एक अधिकारी जो ऐसी रिपोर्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं, वे बताते हैं कि विदेशों में जाँच प्रक्रिया बेहद बेकार है। उनके मुताबिक, “आज ऐसे 60 साल के लोग हैं जो 12 साल की लड़की के साथ हैं और कहते हैं- ये मेरी बीवी है।”

अमेरिका ने 124, 000 अफगानियों को उनके देश से निकाला है। अब उनके पास ये चुनौती है कि वो किसे एंट्री देंगे? प्रेस सचिव जेन साकी ने 1 सितंबर को कहा था कि अमेरिका में आने वाले लोगों के बैकग्राउंड को चेक किए बिना उन्हें नहीं रखा जाएगा। लेकिन सामने आई रिपोर्ट्स ऐसी प्रक्रिया पर शक पैदा कर रही है।

सवाल ये किया जा रहा है कि जब पूर्व में अफगानिस्तान में शादी की उम्र लड़कियों की 16 साल तय थी तो फिर 12 साल की लड़कियों से शादी कैसे सही है। एक अधिकारी कहते हैं, “हमारी नजर में ये वैध शादियाँ नहीं हैं। ये लड़कियाँ तालिबान से बचाई गई हैं या फिर किसी और गलत इरादे (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) से यहाँ लाई गई हैं। हम पक्का नहीं कह सकते। लेकिन ये हमारी चिंताएँ हैं।”

सीबीपी अधिकारियों द्वारा ऐसी बच्चियों से संबंधी रिपोर्ट्स पर ध्यान दिया जाना बायडेन प्रशासन के उस ढीले रवैए को दिखा रहा है जो उन्होंने इस मुश्किल वक्त में भी दिखाया। मालूम हो कि अभी यौन शोषण या मानव तस्करी के मामले दर्ज नहीं किए गए हैं। हालाँकि, भरोसा दिलाया जा रहा है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इस बीच इस मुद्दे पर टिप्पणी से इनकार किया है। उन्होंने रेस्क्यू किए गए अफगानियों और जाँच प्रक्रिया का का बचाव करते हुए कहा, “खुफिया, कानून प्रवर्तन, और आतंकवाद विरोधी पेशेवर सभी एसआईवी आवेदकों और अन्य कमजोर अफगानों के लिए स्क्रीनिंग और सुरक्षा जाँच कर रहे हैं। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण पाने से पहले दोनों बायोग्राफिक और बायोमेट्रिक डेटा की समीक्षा शामिल है।”

बता दें कि इससे पहले यह भी पता चला था कि अमेरिकी प्रशासन अफ़ग़ान बच्चों को उस वयस्क के साथ रहने की अनुमति दे रहा है जिसके साथ वे संयुक्त राज्य अमेरिका में आए थे ताकि हिरासत में जाने से नाबालिगों को बचाया जा सके। सीएनएन ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने गाइडेंस जारी की है जिसमें तरीके बताए गए हैं कि कैसे अफगानी बच्चों को उनके केयरगिवर्स से अलग न होने दिया जाए। मालूम हो कि इस नई रिपोर्ट का खुलासा Associated Press की रिपोर्ट के बाद हुआ था।

‘भगवान गणेश की प्रतिमाओं का हुसैन सागर झील में नहीं होगा विसर्जन’: तेलंगाना HC ने राज्य सरकार को दिया रोकने का आदेश

तेलंगाना में प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी गणेश प्रतिमाओं के हुसैन सागर झील और अन्य जलाशयों में विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाए। तेलंगाना हाईकोर्ट ने गुरुवार (सितंबर 9, 2021) को राज्‍य सरकार को यह आदेश द‍िया। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि स्थानीय और शहरी निकाय क्षेत्रों में सीमित संख्या में पंडालों को लाइसेंस और अनुमति दी जानी चाहिए।

कार्यवाहक चीफ जस्‍ट‍िस एमएस रामचंद्र राव और जस्‍ट‍िस टी. विनोद कुमार की बेंच ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया कि पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं को बृहद् हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) की ओर से बनाए गए छोटे तालाबों या अन्य अलग तालाबों में विसर्जन की अनुमति दे, जिससे मुख्य जलाशयों का जल प्रदूषित नहीं हो।

हाईकोर्ट ने द‍िए ये न‍िर्देश

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा क‍ि गैर पीओपी प्रतिमाओं का विसर्जन हुसैन सागर झील के दूसरी ओर जैसे पीवी घाट, सचिवालय मार्ग, संजीवैया पार्क रोड आदि स्थानों पर किया जा सकता है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका को बंद कर दिया। अदालत ने कहा कि छोटे और पर्यावरण हितैषी प्रतिमाओं के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण पर उनके विपरीत असर से बचा जा सके और बड़ी भीड़ इकट्ठा किए बगैर रिवाजों को साधारण एवं आसान तरीके से किया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा कि स्थानीय/शहरी निकाय क्षेत्रों में सीमित संख्या में पंडालों को लाइसेंस एवं अनुमति दी जानी चाहिए और सादे व शांत आयोजनों को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही पंडालों में रात 10 बजे बाद लाउड स्पीकर उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई और न ही किसी पंडाल को सड़कों पर लगाया जा सकेगा।

मिट्टी की प्रतिमाओं पर कोई रोक नहीं

सामान्य मिट्टी और बिना सिंथेटिक पेंट से बनी प्रतिमाओं के विसर्जन पर कोई रोक नहीं है। इनके लिए सरकार हुसैन सागर में इन्फ्लेटेबल रबर के कुंड बनाकर एक वैकल्पिक स्थान बना सकती है जहाँ विसर्जन हो सकें। साथ ही छोटी गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा पानी के अतिप्रवाह को रोकने के लिए गाद जमा होने से बचाने के लिए संबंधितों को भी विसर्जन के तुरंत बाद झील से कचरे को हटाने का निर्देश दिया गया।

उल्लेखनीय है कि देश भर में आज से गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणपति का जन्मोत्सव मनाया जाता है। पूरे देश में गणपति मोरया की पूजा धूमधाम से मनाई जाती है। गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक चलता है, जो चतुर्थी को शुरु होकर अनंत चतुर्दशी के दिन खत्म होता है। हालाँकि कोरोना संकट के चलते इस साल गणेश उत्सव अलग रुप में मनाया जा रहा है।

‘तू अब भी BJP के लिए काम कर रहा है, आज तुझे मार डालेंगे’: सुबह घर वालों को मिली दिलीप कीर्तनिया की लाश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे इसी साल 2 मई को आए थे। नतीजों में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित होते ही राज्य में राजनीतिक हिंसा भड़क उठी थी। विपक्षी दलों खासकर, बीजेपी से जुड़े लोगों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। उससे पहले भी बीजेपी कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया गया था। इनमें एक 31 साल के दिलीप कीर्तनिया भी थे। उनका शव नदिया के चकदह में 18 अप्रैल को मिला था।

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई बंगाल हिंसा के मामलों की जाँच कर रही है। हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को केंद्रीय एजेंसी को जाँच का आदेश देते हुए 6 सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस सिलसिले में सीबीआई अब तक 34 केस दर्ज कर चुकी है। इनमें से एक मामला दिलीप कीर्तनिया से भी जुड़ा है।

सीबीआई की वेबसाइट पर इससे जुड़ा एफआईआर उपलब्ध है। इसमें शिकायकर्ता दीनानाथ कीर्तनिया ने बताया है कि किस तरह उनके भाई दिलीप की हत्या की गई। उन्होंने बताया है कि उनके परिवार का लंबे समय से बीजेपी से जुड़ाव रहा है। दिलीप पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनके परिवार को बीजेपी के लिए काम नहीं करने की धमकी दी गई थी। इस मामले में 9 लोग आरोपित बनाए गए हैं जिनके नाम एफआईआर में दर्ज हैं।

दिलीप कीर्तनिया की हत्या को लेकर दर्ज एफआईआर का अंश साभार: (cbi.gov.in)

इसमें कहा गया है, “17 अप्रैल को दिलीप बीजेपी के बूथ कैंप ऑफिस में काम कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर के करीब 2:30 बजे उनलोगों ने उन्हें फिर धमकी दी। उनसे कहा- तू अब भी BJP के लिए काम कर रहा है, आज तुझे मार डालेंगे।” दीनानाथ ने अपनी शिकायत में कहा है कि पार्टी ऑफिस से काम निपटाने के बाद दिलीप घर लौट आए। खाना खाया। टीवी देखा और फिर सो गए। रात के करीब एक बजे वे पेशाब के लिए घर से बाहर निकले और इसी दौरान उन पर पीछे से हमला किया गया। सुबह के 5 बजे उनकी माँ ने अपने बेटे का शव देखा। दीनानाथ के मुताबिक दिलीप की हत्या के लिए बदमाश उनके घर के बाहर घात लगाए बैठे थे। उनके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया। वे जिंदा नहीं बचे यह सुनिश्चित करने के लिए उनका गला और अंडकोष दबाया गया। माँ ने सुबह जब उनकी लाश देखी तो उनके मुँह और नाक से खून बह रहा था। दीनानाथ के अनुसार उनके भाई की हत्या करने वाले इलाके के कुख्यात बदमाश हैं।

गौरतलब है कि दिलीप की लाश मिलने के बाद बीजेपी ने इसके लिए टीएमसी के गुंडों को जिम्मेदार ठहराया था। एनएच 34 पर प्रदर्शन भी किया था। वैसे दिलीप इकलौते नहीं हैं जिन्हें राजनीतिक वजहों से साजिशन मारा गया। चुनाव बाद हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कलकत्ता हाईकोर्ट को जो रिपोर्ट दी थी उसमें भी इस तरह की कई बर्बरता का जिक्र है।

इसी तरह मई में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की विधवा ने बताया ​था कि किस बेरहमी से उनके पति की हत्या की गई थी। उन्होंने कहा था, “भीड़ ने उनके गले में सीसीटीवी कैमरे का तार बाँध दिया। गला दबाया। ईंट और डंडों से पीटा। सिर फाड़ दिया और माँ के सामने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। आँखों के सामने बेटे की हत्या होते देख उनकी माँ बेहोश होकर मौके पर ही गिर गईं।” वहीं एक 60 वर्षीय महिला ने शीर्ष अदालत को बताया था कि 4-5 मई को पूर्व मेदिनीपुर में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद टीएमसी के कार्यकर्ता उसके घर में घुस गए। लूटपाट करने से पहले 6 साल के पोते सामने ही उसका गैंगरेप किया।