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Tooter पर नहीं हैं PM मोदी: जानिए इस सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के बारे में सब कुछ

यूएस कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट पर लगे बैन के चलते अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चर्चा का विषय हैं। ट्विटर पर लगे प्रतिबंध के बाद ही, शुक्रवार (जनवरी 08, 2021) को फेसबुक ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 20 जनवरी तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। यह ट्रंप के कार्यकाल का आखिरी दिन भी है।

इसके अलावा, PayPal, Pinterest, स्नैपचैट, यूट्यूब, ट्विच और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा भी ट्रंप को बैन कर दिया गया है। अमेरिकी दक्षिणपंथियों द्वारा बनाए गए ‘Parler’ (पार्लर) नाम के वैकल्पिक मंच को भी Apple और Google द्वारा हटा दिया गया।

इसी बहस के दौरान, कई लोगों ने टूटर (Tooter) नामक एक भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के बारे में चर्चा छेड़ी और अपने साथियों से ट्विटर, फेसबुक जैसे बड़े सोशल मीडिया नेटवर्क्स की ‘दादागिरी’ से बचने के लिए ‘टूटर’ नामक इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ने का आग्रह किया।

नंदा, जो कि स्वदेशी ‘टूटर’ के सीईओ हैं, ने ‘ट्विटर’ पर लोगों से ‘टूटर’ पर जुड़ने का आग्रह करते हुए लिखा, “हम एक दिन में ब्रिटिश द्वारा उपनिवेश नहीं बनाए गए थे। तो यह कैसे हुआ? वे 1600 की शुरुआत में व्यापार के लिए भारत आए, लेकिन उनका शासन 1757 में शुरू हुआ। यह इतना धीरे-धीरे होता है कि आप नोटिस भी नहीं करेंगे। अभी हो रहा है। डिजिटल उपनिवेशीकरण।”

नंदा ने टूटर से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि ट्विटर ने 2021 में डोनाल्ड ट्रंप पर प्रतिबंध लगा दिया है, और यह 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को आसानी से प्रतिबंधित कर सकता है। उन्होंने लिखा कि वो ऐसा नहीं होने देंगे और अपना एक-एक पैसा टूटर को ट्विटर के खिलाफ स्थापित करने में लगाएँगे। इसलिए, लोगों को टूटर में शामिल होना चाहिए।

पिछले कुछ दिनों में ‘टूटर’ के चर्चा में रहने की एक बड़ी वजह यह ‘खबर’ भी रही कि इस वैकल्पिक मंच को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन भी मिल चुका है। ‘टूटर’ पर यह भी देखा गया कि इस मंच पर पीएम मोदी का एक आधिकारिक अकाउंट भी मौजूद है।

PM Modi account on Tooter

पीएम मोदी के बताए जा रहे इस ‘टूटर’ अकाउंट पर उनके द्वारा किए गए कुछ ‘टूट्स’ भी हैं, जो कि उनके द्वारा ट्वीट भी किए गए हैं। यह तथ्य कई मीडिया संस्थानों द्वारा भी कवर किया गया, जिससे लोगों को यह यकीन भी हो गया कि पीएम मोदी का वास्तव में एक ‘टूटर’ अकाउंट है।

समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया और यहाँ तक ​​कि वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘द क्विंट’ जैसे कई मीडिया संस्थानों ने कहा कि विराट कोहली, दीपिका पादुकोण, सलमान खान, शाहरुख खान, कई मंत्रियों और यहाँ तक ​​कि प्रधानमंत्री मोदी जैसी हस्तियों का भी ‘टूटर’ पर अकाउंट है।

हालाँकि, अब इस तरह की चर्चा से पर्दा उठने लगा है। भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा और सुरेश नखुआ ने ट्विटर पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ‘टूटर’ पर नहीं हैं और ‘टूटर’ द्वारा पीएम मोदी का यह अकाउंट खुद ही सिर्फ यह दावा करने के लिए बनाया है कि पीएम मोदी ने भी इस प्लेटफ़ॉर्म का समर्थन किया है।

ऑपइंडिया द्वारा जब अपने सूत्रों द्वारा इसकी पुष्टि की गई, तो हमें भी यही जानकारी मिली कि टूटर ने पीएम मोदी और अन्य मंत्रियों के वेरिफाइड अकाउंट खुद ही बनाए हैं और पीएम मोदी टूटर पर नहीं हैं।

हमने पाया कि शायद टूटर किसी तकनीक के जरिए पीएम मोदी द्वारा किए गए ट्वीट्स को स्वयं ही ‘टूट’ कर पोस्ट करता है। इस बात की पुष्टि तब हुई जब आर वैद्य ने टूटर के सीईओ नंदा से पूछा कि उनका टूटर पर एक वेरिफाइड अकाउंट कैसे है और लोग उन्हें खुद ही कैसे फ़ॉलो कर रहे हैं, जबकि उन्होंने कभी अपना अकाउंट टूटर पर बनाया ही नहीं।

इस पर नंदा ने उन्हें ‘द्रोणाचार्य’ बताते हुए अस्पष्ट तरीके से जवाब दिया और उनसे इनबॉक्स में संदेश शेयर करने की अपील की।

पीएम मोदी के टूटर पर होने की अफवाह के फैलते ही भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी दी कि ना ही पीएम मोदी, ना ही गृह मंत्री अमित शाह और किसी भाजपा नेता ने टूटर पर अकाउंट बनाए हैं।

पीएम मोदी ‘टूटर’ पर नहीं हैं, लेकिन आखिर ‘टूटर’ है क्या?

‘टूटर’ द्वारा ‘हमारे बारे में/अबाउट अस’ सेक्शन में दी गई जानकारी के अनुसार, “हमारा मानना ​​है कि भारत में एक स्वदेशी सोशल मीडिया नेटवर्क होना चाहिए। इसके बिना हम अमेरिकी ट्विटर इंडिया कंपनी की सिर्फ एक डिजिटल कॉलोनी हैं, और यह किसी भी तरह से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन होने से अलग नहीं है। टूटर हमारा स्वदेशी आंदोलन 2.0 है। इस आंदोलन में हमसे जुड़ें। हमसे जुड़ें!”

दिलचस्प बात यह है कि जिस समय कोई व्यक्ति टूटर से जुड़ता है, उन्हें स्वतः ही टूटर पर मौजूद तीन अकाउंट्स को फ़ॉलो करना होता है – टूटर के सीईओ, आर वैद्य और एक ’न्यूज’ नाम का अकाउंट।

Inc24 की एक विस्तृत रिपोर्ट में बताया गया है कि गोपनीयता नीति (प्राइवेसी पॉलिसी) सेक्शन में यह उल्लेख किया गया है कि यह किसी भी व्यक्ति को किसी यूजर की जानकारी प्रदान नहीं करेगा। इसके अनुसार, “जब तक, जान को नुकसान पहुँचाने वाली किसी धमकी जैसे आपात मामलों को छोड़कर, एक अमेरिकी अदालत द्वारा जारी किए गए अदालती आदेश द्वारा मजबूर नहीं किया जाता है।”

’18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे’ के तहत एक अन्य पैरा में जिक्र भी किया गया है, “16 साल से कम उम्र के कैलिफोर्निया निवासियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी के संग्रह और बिक्री के बारे में अतिरिक्त अधिकार हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपना कैलिफोर्निया गोपनीयता अधिकार (नीचे) देखें।’

वास्तव में, ‘टर्म्स ऑफ़ सर्विस’ में उल्लेख किया गया है कि वेबसाइट से संबंधित मामलों में, किसी भी विवाद या दावों को अमेरिका के राज्य पेंसिल्वेनिया के आंतरिक कानूनों के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा।

ऐसा प्रतीत होता है कि जब ‘टूटर’ लॉन्च किया गया था, तो उन्होंने किसी अन्य वेबसाइट से अपने नियमों और शर्तों को कॉपी किया होगा। हालाँकि, इसके बाद ‘Inc24’ द्वारा कवर किए जाने के बाद, टूटर ने अपनी इन नीतियों को अपडेट कर दिया।

टूटर यह भी कहता है कि इसका कोडबेस और ‘मुक्त और खुला स्रोत/फ्री एंड ओपन सोर्स’ है।

जबकि टूटर ‘ओपन-सोर्स और फ्री कोडबेस’ पर निर्भर करता है, यह इस आर्टिकल के प्रकाशित होने, यानी कम से कम नवंबर अंत तक अपने यूजर्स को वेरिफाइड बैज आदि के लिए 1,000 रुपए तक का चार्ज करता था।

‘टूटर प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक नरेश वांकयलापति और रामेश्वर राव वांकयलापति हैं। इनके बारे में, या सीईओ नंदा के बारे में बहुत जानकारी भी उपलब्ध नहीं हैं।

ऐसे में, जब कि जानकारी के स्रोत ‘विकिपीडिया’ सहित तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक भारतीय विकल्प समय की माँग है, बिना लोगों की जानकार इऔर उनके वेरिफाइड अकाउंट्स, विशेष रूप से प्रधानमंत्री जैसी हस्तियों के, एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है क्योंकि इनके नाम से जारी की जाने वाली सूचना प्रामाणिक के रूप में गलत भी हो सकती है।

हालाँकि, प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में Tooter (टूटर) या किसी अन्य स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में शामिल हो सकते हैं, कोई भी इस निष्कर्ष पर कम से कम पहुँच ही सकता है कि वह अभी Tooter/टूटर पर नहीं हैं। इसके अलावा, जिन अन्य हस्तियों के सत्यापित अकाउंट्स अब Tooter पर दिखाई दे रहे हैं, वह भी एकदम फर्जी ही हैं।

चीनी सैनिकों को छठी का दूध याद दिलाने वाले 16 बिहार बटालियन को गैलेंट्री अवॉर्ड, कर्नल संतोष बाबू थे कमांडिंग ऑफिसर

पिछले साल जून महीने में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में मुँहतोड़ जवाब देने वाले 16 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर, कर्नल संतोष बाबू समेत भारतीय सेना के 5 जवानों को गणतंत्र दिवस के मौके पर गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया जाएगा।   

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना ने इस बारे में किसी भी तरह का खुलासा नहीं किया है कि मेडल्स की संख्या कितनी होगी। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ कम से कम सेना के उन दो अधिकारियों और तीन जवानों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने चीनी सेना का सामना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

जब भारत और चीन के बीच तय समझौते के मुताबिक़ चीन के सैनिकों ने पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के नज़दीक स्थित क्षेत्र से हटने के लिए साफ़ मना कर दिया, तब वहाँ पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई। भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सैनिकों की तमाम साज़िशों को नाकाम करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाया। 

चीनी सैनिक इस टकराव के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके पास लाठी-डंडे, रॉड, ड्रैगन पंच और कटीले तारों वाले कई हथियार मौजूद थे। गौरतलब है कि जून में LAC पर हुई हिंसा 1975 के बाद पहली ऐसी हिंसा थी, जिसमें सैनिकों ने जान गँवाई।

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई और संघर्ष में भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे जबकि चीन के 43 से अधिक जवानों के हताहत होने की सूचना सामने आई थी। 

भारत-चीन विवाद के बीच उस दौरान (जुलाई 3, 2020) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह दौरे पर गए थे। उन्होंने वहाँ तैनात सैनिकों से मुलाकात की थी और सेना की तैयारियों का जायजा भी लिया था। इसके अलावा उन्होंने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों को खदेड़ने वाले बहादुर सैनिकों से भी मुलाकात की थी। उन्होंने सेना के शौर्य की गाथा का बखान करते हुए हर सैनिक की हौसला अफजाही की। उन्होंने कहा था कि पूरे भारत को हमारे सैन्य बल पर गर्व है।

भारतीय सेना के जवानों ने गलवान घाटी में हुए टकराव के बीच असीम साहस और पराक्रम का परिचय दिया था। चीनी की सेना ने इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की थी कि उनके कितने जवानों की जान गई थी। लेकिन भारतीय सेना और खुफ़िया एजेंसियों द्वारा किए गए दावों के मुताबिक़ चीनी कमांडिंग ऑफिसर समेत लगभग 60 से अधिक चीनी सैनिकों की जान गई थी।  

NSEL घोटाले में शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक पर ED का शिकंजा, 112 संपत्तियाँ जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5600 करोड़ रुपए के नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) घोटाले के सिलसिले में शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक की फर्म से जुड़ी 112 संपत्तियाँ जब्त की है।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि ईडी द्वारा संलग्न प्लॉट महाराष्ट्र के ठाणे जिले के टिटवाला में स्थित है। ईडी द्वारा यह कार्रवाई आस्था समूह नाम के फार्म में हुए घोटाले के बाद की गई। बता दें कि मोहित अग्रवाल के स्वामित्व वाले आस्था समूह ने कथित तौर पर निवेशकों को 250 करोड़ रुपए के भुगतान में चूक की थी और प्रताप सरनाईक के विहंग समूह ने मनी लॉन्ड्रिंग में उसकी मदद की थी।

रविवार (जनवरी 10, 2021) को प्लॉट का दौरा करने वाले भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से मुलाकात की और आरोप लगाया कि प्रताप सरनाईक ने केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा अटैच होने के बावजूद प्लॉट को बेच दिया। रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा नेता ने कहा कि प्रताप सरनाईक और मोहित अग्रवाल ने जब्त किए गए प्लॉट को खरीदने के लिए नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड से 100 करोड़ रुपए भी लिए।

जब ईडी ने राजस्व विभागों के कार्यालय के साथ दावों का सत्यापन किया, तो पाया कि 112 प्लॉट, जो उन्होंने अपने कब्जे में ले लिए थे, रिकॉर्ड में नहीं दिखे। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को कुर्की का विवरण प्रस्तुत किया। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि राजस्व रिकॉर्ड में ED द्वारा किए गए जब्ती के बारे में कोई विवरण कैसे नहीं था।

सरनाईक के निवास पर छापे; उद्धव ठाकरे ने बचाव किया

गौरतलब है कि ED ने नवंबर 2020 में प्रताप सरनाईक के घर, दफ्तरों और उनके कारोबारी सहयोगियों समेत 10 ठिकानों पर छापा मारा था। 175 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में छापेमारी के बाद ED ने सरनाईक को पूछताछ के लिए तलब किया था। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक के सबसे करीबी दोस्त अमित चंदोल को भी गिरफ्तार कर लिया।

छापे के एक दिन बाद, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने नेता के बचाव में सामने आए थे। उन्होंने एजेंसी द्वारा सरनाईक के परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई को ‘विकृत राजनीति’ करार दिया। ठाकरे ने आरोप लगाया कि ईडी द्वारा सरनाईक के परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।

घर से मिला पाकिस्तानी महिला का क्रेडिट कार्ड

छापेमारी के दौरान प्रताप सरनाईक के आवास से पाकिस्तानी नागरिक का क्रेडिट कार्ड बरामद हुआ था। इस क्रेडिट कार्ड पर उनके ही आवास का पता लिखा था। जिसके नाम का क्रेडिट बना हुआ था, वो एक महिला थी। उसके पति का नाम फरहाद था। ये दोनों ही पाकिस्तानी नागरिक हैं। बताया गया कि ये क्रेडिट कार्ड किसी भारतीय बैंक का नहीं था। ये क्रेडिट कार्ड कैलिफोर्निया के एक बैंक का था।

‘शिवलिंग की पूजा करने वाले बेशर्म, होलिका को रेप के बाद जलाया’: RJD विधायक का वीडियो वायरल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक को देवी-देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो जहानाबाद जिला के मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक सतीश कुमार दास का बताया जा रहा है। वे भगवान शिव और माँ दुर्गा को लेकर आपत्तिजनक टिप्‍पणी करते दिख रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो में RJD विधायक लोगों से पूछ रहे हैं कि होलिका कौन थी? इसके बाद खुद ही इस सवाल का जवाब देते हुए बोल रहे हैं कि होलिका घर की ही बेटी थी, जिसके साथ मुट्ठी भर लोगों ने रेप करके बाद में जिंदा जला दिया। उसके बाद से ही समाज खुशी के रूप में होली मानाने लगा। ये एक ऐसा त्योहार है, जिसमे ससुर और जेठ भी अपनी बहू को रंग लगाते हैं और कहते हैं कि बुरा न मानो होली है।

इतना ही नहीं, उन्होंने भगवान शिव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए शिवलिंग की पूजा करने वाले समाज को सबसे बेशर्म समाज कहा। RJD विधायक सिर्फ इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने माँ दुर्गा पर टिप्पणी करते कहा कि शेर पर सवार माता दुर्गा सिर्फ भारत में ही हैं, लेकिन यहाँ 6 से 8 वर्ष की बेटी से दुष्कर्म होता है। माँ दुर्गा का ऐसे में केवल शेर पर बैठने से काम चलेगा क्या?

विधायक के बयान से आक्रोशित लोगों ने जहानाबाद शहर के अरवल मोड़ को जाम कर नारेबाजी और पुतला दहन किया। श्री राम सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधायक के बयान की निंदा की और सनातन धर्म के लोगों की मान्यताओं को आहत करने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले पर राजद के आलाकमान से माँग की है कि विधायक को बर्खास्त किया जाए। 

वहीं अखंड भारत मोर्चा के सदस्यों ने विधायक के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया और कहा कि उनका संगठन इस मामले में न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगा। उन्होंने विधायक सतीश कुमार की गिरफ्तारी की भी माँग की है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब का और किस जगह का है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इसे देखने से लगता है कि यह वीडियो पुराना या गर्मी के दिनों का हो सकता है, जो कि अब वायरल हो रहा है।

‘योगी की मौत सुनिश्चित’ – बीवी को कुत्ते से कटवाने वाले AAP विधायक के बोल, जनता ने मुँह पर फेंकी स्याही

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल उठाने के लिए रायबरेली पहुँचे आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती (Somnath Bharti) के मुँह पर कालिख (स्याही) फेंक दी गई। AAP ने स्वयं उनकी तस्वीर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा की। पार्टी ने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही ये भी बताया कि सोमनाथ भारती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

AAP ने अपने ट्वीट में यूपी के अंदर तानाशाही चरम पर बताते हुए योगी राज को ‘अपराधी बचाओ, विरोध दबाओ’ के समकक्ष कहा। ट्वीट में लिखा गया, “पूर्व मंत्री व विधायक सोमनाथ भारती पर रायबरेली में भाजपाइयों ने हमला कर दिया और सोमनाथ जी को ही पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया।” आगे लिखा गया, “स्कूल, अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाने पर योगी सरकार ने AAP नेताओं को आतंकित करना शुरू कर दिया है।”

जानकारी के मुताबिक, रायबरेली में यूपी पुलिस से नोंकझोंक के दौरान AAP नेता सोमनाथ भारती के मुँह पर कहीं से एक युवक द्वारा स्याही फेंकी गई। कथित तौर पर यह युवक हिंदू युवा वाहिनी का है, जिसे उत्तर प्रदेश के अस्पतालों पर दिए गए भारती के विवादित बयान से आपत्ति थी।

इस घटना के बाद सोमनाथ भारती स्वयं युवक को पकड़ने के लिए दौड़ने लगे और ‘पकड़ो साले को’ कह कर उसके पीछे भागने लगे। पुलिस ने उन्हें संभालने की कोशिश की। मगर थोड़ी देर में माहौल बिगड़ गया और उनकी पुलिस से बहस हो गई।

बाद में पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर दोबारा अमेठी ले गई। कहा जा रहा है कि अमेठी में विधायक भारती पर एफआईआर दर्ज है, इसलिए उन्हें वहाँ ले जाया गया है।

मुख्यमंत्री योगी के लिए सोमनाथ भारती ने कहा- मौत सुनिश्चित है

इस घटना की एक वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में सोमनाथ भारती पुलिसकर्मी से कहते दिख रहे हैं, “ये सब करने से कुछ नहीं होगा अतुल, योगी की मौत सुनिश्चित है। उसको अरेस्ट करिए। और मेरी बात समझ लो। योगी से बोल दो ये सब करने से कुछ नहीं होगा। आप समझ लीजिए। यही सब करवा रहे हैं आप?”

सोमनाथ भारती ने पुलिस से की बदसलूकी, कहा-वर्दी उतरवा लूँगा

एक अन्य वीडियो में वो पुलिसकर्मी की वर्दी उतरवाने की बात कर रहे हैं। स्याही मुँह पर फेंके जाने से पहले की इस वीडियो में वह कहते हैं, “और आपकी वर्दी उतरवाएँगे हम। हम पहचान रहे हैं आपको। जो-जो आज बद्तमीजी कर रहा है मेरे साथ, सबकी वर्दी उतरवाऊँगा मैं। आप हट जाइए यहाँ से।” आगे पुलिस उनसे रुकने को कहती है, जवाब में वह कहते हैं, “किस कानून में लिखा है, किस संविधान में लिखा है। हम कोई अनपढ़ मंत्री हैं?”

AAP नेता का विवादित बयान- अस्पताल में होते हैं कुत्ते के बच्चे पैदा

गौरतलब है कि रविवार को रायबरेली पहुँचने से पहले AAP विधायक सोमनाथ भारती शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुँचे थे। इस दौरान योगी सरकार पर निशाना साधने के लिए उन्‍होंने विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम उत्तर प्रदेश में आए हैं। हम यहाँ के स्कूलों को देख रहे हैं। यहाँ के अस्पताल को देख रहे हैं। ऐसी बदतर हालत में हैं कि अस्पतालों में बच्चे तो पैदा हो रहे हैं, लेकिन कुत्तों के बच्चे पैदा हो रहे हैं।”

भारती के इस बयान के बाद कई जगह उनका विरोध हुआ और कई लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। हालाँकि ये बात अलग है कि ‘कुते’ शब्द से उनका संबंध पुराना है। साल 2015 में सोमनाथ भारती की पत्नी ने भारती पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने कुत्ते डॉन से उन्हें कटवाया।

अपनी शिकायत में लिपिका (सोमनाथ भारती की पत्नी) ने कहा था, “भारती ने कुत्ते से मुझे कटवाया। जब कुत्ते ने मुझ पर हमला किया, तब सोमनाथ भारती वहीं खड़े रहे और देखते रहे। कुत्ते ने मुझे पेट में और कई अन्य हिस्सों पर काटा। भारती ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और मुझे तत्काल कोई प्राथमिक चिकित्सा तक मुहैया नहीं करवाई।”

‘या तो केंद्र कृषि कानूनों पर रोक लगाए, या हम रोक देंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम किसी को प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकते

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि अगर उसने कृषि कानूनों पर रोक नहीं लगाई, तो उसे खुद ये काम करना होगा। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की। इन याचिकाओं पर CJI एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले से निपटने के सरकार के तौर-तरीकों से वह निराश है।

शीर्ष अदालत ने सरकार से पूछा कि बातचीत की आखिर कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई कि पूरे के पूरे राज्य बगावत पर उतर गए हैं? जब अटॉर्नी जनरल ने पढ़ कर सुनाया कि इन प्रक्रियाओं को पूर्ववर्ती सरकारों ने ही शुरू किया था तो CJI ने कहा कि इससे कुछ साबित नहीं होता। CJI ने कहा कि वे एक सर्वमान्य निदान की तरफ देख रहे हैं। अटॉर्नी जनरल ने उन्हें बताया कि किसान संगठन जिद पर अड़े हैं कि या तो तीनों कृषि कानूनों को ख़त्म किया जाए, या आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि वो इन कृषि कानूनों पर रोक क्यों नहीं लगा रहे? उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जिम्मेदारी दिखाते हुए इसे रोकने का आश्वासन देती है तो सुप्रीम कोर्ट एक समिति बना कर इसे देखने को कहेगा। तब तक इसे रोक कर रखा जाए। उन्होंने पूछा कि आखिर इसे क्यों जारी रखा जा रहा है? उन्होंने बताया कि अब तक एक भी ऐसी अर्जी नहीं आई है, जिसमें कहा गया हो कि ये कृषि कानून ठीक है।

CJI बोबडे ने कहा कि अगर कुछ किसान संगठन इसे सही मान रहे हैं तो उन्हें जाँच समिति के समक्ष ये बातें कहने दीजिए, लेकिन केंद्र सरकार बताए कि वो इन कृषि कानूनों पर रोक लगाएगी या ये काम सुप्रीम कोर्ट करे? उन्होंने कहा कि इसे निलंबन की अवस्था में डालिए। उन्होंने कहा कि वो इस पक्ष में नहीं है कि इस कानून को रोका ही जाए, वो बस ये कह रहे हैं कि लागू न किया जाए। CJI ने बार-बार दोहराया कि वो इन कानूनों के कार्यान्वयन को रोक देंगे।

उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं जिससे शांति भंग हो, भले ही ये जान-बूझकर किया गया हो या फिर गैर-इरादतन। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी दिशा-निर्देशों को नहीं मान रहे हैं, ऐसे में किसी भी नुकसान का भागी सुप्रीम कोर्ट नहीं बनेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनकारी भी आंदोलन रोक कर समिति के पास जाएँ, पर CJI ने कहा कि कोर्ट किसी को प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकता।

अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को याद दिलाया कि जब तक किसी कानून से संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता, वो उस पर रोक नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि एक भी याचिका इस मामले को नहीं छूती है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि दक्षिण भारत में एक भी किसान संगठन ने प्रदर्शन नहीं किया। हरियाणा में हुई हिंसा की भी उन्होंने चर्चा की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे कानून तोड़ने का कभी समर्थन नहीं कर सकते।

बता दें कि कृषि सुधार क़ानूनों का विरोध लगातार दूसरे महीने भी जारी है, जिसमें ज़्यादातर किसान संगठन पंजाब के हैं। जहाँ एक तरफ किसान अपनी माँग पर अड़े हुए हैं कि उन्हें किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने भी किसान संगठनों के ब्लैकमेलिंग पर समर्पण करने से साफ़ मना कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि कृषि सुधार क़ानून वापस नहीं लिए जा सकते हैं, बल्कि बेहतर यही होगा कि अब इस मुद्दे पर देश की सबसे बड़ी अदालत फैसला ले।

MSP से ज्यादा कीमत पर धान बेच रहे किसान: कर्नाटक में रिलायंस की डील, हर क्विंटल पर 82 रुपए का फायदा

एक तरफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है तो दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी रिलायंस ने कर्नाटक में किसानों के साथ एक बड़ा समझौता किया है। ये डील एपीएमसी अधिनियम में संशोधन के बाद पहली कॉर्पोरेट डील है। सबसे अहम बात ये है कि इसमें किसानों को फसल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक मिली है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कर्नाटक के रायचूर जिले स्थित सिंधनौर तालुक के किसानों के साथ रिलायंस रिटेल लिमिटेड ने एक हज़ार क्विंटल मंसूरी धान की खरीद का सौदा किया है। कंपनी ने इस सौदे की शुरुआत में सोना मंसूरी धान के लिए 1950 रुपए की पेशकश की थी। जो कि सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (1868) से 82 रुपए ज़्यादा है। 

बता दें कि रिलायंस रिटेल लिमिटेड के पंजीकृत एजेंट्स ने स्वास्थ्य फार्मर्स प्रोड्युसिंग कंपनी (एसएफपीसी) के साथ समझौता किया था। इसके पहले तक यह कंपनी सिर्फ तेल का व्यापार करती थी। अब इस कंपनी ने धान की खरीद और बिक्री भी शुरू की है। धान की खेती करने वाले लगभग 1100 किसान इस कंपनी से जुड़े हुए हैं।

एसएफपीसी और किसानों के बीच हुए समझौते में प्रति 100 रुपए के लेन देन पर एसएफपीसी को 1.5 फ़ीसदी कमीशन मिलेगा। इसके अलावा किसानों को फसल की पैकिंग के लिए बोरे के साथ ही सिंधनौर स्थित वेयरहाउस तक ट्रांसपोर्ट का खर्चा उठाना होगा। 

इस पर एसएफपीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर मल्लिकार्जुन वल्कालदिन्नी का कहना है कि फ़िलहाल थर्ड पार्टी वेयरहाउस में रखे गए धान की गुणवत्ता की जाँच करेगी। उनके मुताबिक़, “गुणवत्ता की पुष्टि होने पर रिलायंस के एजेंट फसल उपलब्ध कराएँगे। अभी वेयरहाउस में लगभग 500 क्विंटल धान स्टोर किया गया है, खरीद के बाद रिलायंस ऑनलाइन माध्यम से एसएफपीसी को भुगतान करेगा। एसएफपीसी वह रुपए सीधे किसानों के खाते में जमा करेगा। इतना ही नहीं धान की फसल ले जारी गाड़ियों को जीपीएस से ट्रैक भी किया जाएगा।”  

इस समझौते से हर कोई खुश नहीं है। कर्नाटक राज्य रैथा संघ के अध्यक्ष चमारासा मालिपाटिल ने कहा कि कॉर्पोरेट कंपनी शुरुआत में तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक दाम का लालच देंगी ही। इससे एमएसपी की मंडियों का नुकसान होगा और फिर किसानों का उत्पीड़न किया जाएगा। इस तरह के समझौतों से बच कर रहना होगा।            

एक को पाकिस्तान की महिला एजेंट नंगी होकर करती थी कॉल, दूसरा पत्नी से रहता था अलग: ISI के हनी ट्रैप की डिटेल

भारत-पाकिस्तान सीमा के सटे राजस्थान के जैसलमेर के 42 वर्षीय सत्यनारायण पालीवाल को CID के स्पेशल ब्रांच ने पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में रविवार (जनवरी 10, 2021) को गिरफ्तार किया। उसे 3 दिन पहले पोखरण फायरिंग रेंज से हिरासत में लिया गया था। 2 दिन तक चली पूछताछ में कई खुलासे हुए और उस पर लगे जासूसी के आरोप भी सही पाए गए। ISI की महिला एजेंट न्यूड होकर उसे वीडियो कॉल करती थी और सूचनाएँ उगलवाती थी।

पोखरण में देश का सबसे बड़ा फायरिंग रेंज है। उसके नजदीक ही लाठी नाम का गाँव है, जहाँ सत्यनारायण रहता था। उसके परिवार की एक महिला सरपंच है, इसीलिए वो भी गाँव में नेतागिरी करता था। कुछ वर्षों पहले ISI की महिला एजेंट ने उससे संपर्क किया था। उसने खुद को भारतीय बताते हुए सत्यनारायण से दोस्ती की। हनी ट्रैप में फँसाने के लिए वीडियो कॉल भी शुरू कर दिया। जैसलमेर की सामरिक जानकारियाँ जुटाने के लिए उसे लालच दिया गया था।

साथ ही वो पोखरण में सेना की गतिविधियों की जानकारी भी दिया करता था। जब उसके मोबाइल फोन को पुलिस ने जब्त कर जाँच की तो उसमें ISI के महिला एजेंट की कई न्यूड तस्वीरें मिलीं, जिसके स्क्रीनशॉट्स लेकर उसने सेव कर रखी थी। एडीजी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा ने बताया कि उसके खिलाफ जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन पर शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसकी पुष्टि हुई है कि पाकिस्तान की महिला ISI एजेंट जासूसी के एवज में उसे न्यूड होकर वीडियो कॉल करती थी।

करीब पिछले एक महीने से इंटेलिजेंस की टीम उस पर नजर रखे हुए थी। सेन्ट्रल और लोकल ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की। पोखरण में नियमित रूप से हथियारों और सैन्य साजो-सामान का ट्रायल चलता रहता है।

इसी तरह से मेरठ के सौरभ शर्मा को भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। रिश्ते ठीक नहीं होने के कारण वह अपनी पत्नी से अलग रहता था। गुजरात के हैंडलर ने कई बार उसकी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में रुपए डाले थे।

अब पुलिस का सरदर्द ये है कि उसकी पत्नी नेहा सिंह अलग रहती थी, फिर भी उसके अकाउंट में रुपए क्यों डाले जाते थे और उसकी क्या भूमिका थी। नेहा की दूसरी शादी की सूचना मिली है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बैंक खातों की जाँच चल रही है। गोधरा का हैंडलर अनस भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस जाँच कर रही है कि उत्तर प्रदेश में उसके कौन-कौन साथी हैं। स्थनीय एजेंसियाँ भी जाँच में जुटी हैं।

सौरभ ने एटीएस के सामने स्वीकार किया है कि वह पैसों के लालच में सेना की गोपनीय सूचनाएँ समय-समय पर व्हाट्सप्प के माध्यम से पाकिस्तान की एक महिला खुफिया अधिकारी को भेजता था। सौरभ शर्मा की 2014 में फेसबुक के माध्यम से एक लड़की से दोस्ती हुई थी। लड़की से उसकी काफी दिनों तक बातचीत होती रही। लड़की ने खुद को सेना की रिपोर्टिंग करने वाली पत्रकार बताया था। सौरभ पाकिस्तान का जासूस बनकर काम करने लगा था।

परिवार के गुजर-बसर के लिए खोल दीजिए सीज किए गए बैंक खाते: दिल्ली दंगों के आरोपित ताहिर हुसैन की याचिका

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में नया खुलासा हुआ है। इन दंगों के आरोपित आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने अपने सीज़ बैंक खातों को खोलने के लिए याचिका दायर की है। न्यायालय 12 जनवरी 2021 को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कड़कड़डूमा के मेट्रोपोलेटिन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने इस याचिका के संबंध में जाँच अधिकारियों और पुलिस से जवाब माँगा है। 

उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपित ताहिर हुसैन द्वारा दायर की गई याचिका पर 5 जनवरी 2021 को सुनवाई होनी थी लेकिन मामले का दूसरा पक्ष उपस्थित नहीं हुआ था। नतीजतन इस याचिका पर सुनवाई के लिए 12 जनवरी 2021 की तारीख तय की गई है। इस याचिका में दंगों के आरोपित ताहिर हुसैन का पक्ष रखते हुए कहा गया है कि पुलिस ने उसके बैंक खातों को सील कर दिया है, जिसमें कथित तौर पर उसकी पूरी कमाई मौजूद है। 

वह पिछले काफी समय से जेल में बंद है, जिसकी वजह से उसके पूरे परिवार का गुज़ारा काफी मुश्किल हो गया है। इसके आधार पर ताहिर हुसैन की तरफ से निवेदन किया गया है कि उसके सीज़ बैंक खातों को फिर से खोल दिया जाए, ताकि उसके परिवार का गुजर-बसर हो सके। याचिका में मुख्य रूप से यही कहा गया है कि अगर ताहिर हुसैन के बंद खाते खोल दिए जाते हैं तो उसके परिवार को आर्थिक चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।   

इसके अलावा ताहिर हुसैन ने पुलिस द्वारा जब्त किया गया फोन भी वापस माँगा है। दंगों के आरोपित ताहिर की तरफ से माँग की गई है कि फोन उसके परिवार को सौंप दिया जाए। ताहिर के वकील ने दायर की गई याचिका में कहा है कि पुलिस ने उनके मुवक्किल का फोन जब्त किया है। पुलिस ने संभवतः जाँच प्रक्रिया पूरी करके ज़रूरी जानकारी ले ली होगी, इसलिए अब यह फोन वापस कर दिया जाए।

दरअसल जाँच एजेंसियों ने ताहिर हुसैन के बैंक खातों को सीज़ कर दिया था। जाँच एजेंसियों ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इन दंगों के लिए सिलसिलेवार तरीके से षड्यंत्र रचा गया था। जाँच प्रक्रिया के दौरान पता चला था कि ताहिर हुसैन समेत कई लोगों के खातों में सऊदी अरब और देश के कई अलग-अलग हिस्सों से मोटी रकम आई थी। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए जाँच एजेंसियों और पुलिस ने इन बैंक खातों को सीज़ किया था।  

इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 44 और 45 के तहत कड़कड़डूमा कोर्ट में आरोपपत्र दायर किया था। मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट का कहना था, “अभियुक्तों की संलिप्तता के बारे में प्रथम दृष्टया पर्याप्त भड़काऊ सामग्री है।”

गौरतलब है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में सुनियोजित ढंग से सांप्रदायिक दंगा कराया गया। इसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई। कई परिवार बर्बाद हो गए, करोड़ों की संपत्ति जलकर राख हो गई। आम आदमी पार्टी की तुष्टीकरण की राजनीति के तहत अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया गया।

‘योगी को 24 घंटे के भीतर AK-47 से भून दूँगा’: UP के मुख्यमंत्री को फिर से मिली धमकी, जाँच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मार डालने की धमकी दी गई है। यूपी पुलिस की इमरजेंसी सेवा डायल 112 पर फोन कॉल कर के धमकी दी गई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को AK-47 से मार डाला जाएगा। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में FIR दर्ज कर के कार्रवाई शुरू की। साइबर से को भी जाँच में लगाया गया है और अज्ञात आरोपित की तलाश जारी है।

ये धमकी शनिवार (जनवरी 9, 2021) को शाम 8 बजे एक मैसेज के माध्यम से दी गई। मोबाइल नंबर 8874028434 से आए व्हाट्सप्प मैसेज में लिखा था “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 24 घंटों के भीतर AK-47 से भून दूँगा। ढूँढ सको तो ढूँढ लो।” इसके बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। तुरंत ही 112 में तैनात ऑपरेंशंस कमांडर सहेंद्र यादव ने इस मामले की FIR दर्ज करवाई।

डीसीपी साउथ रवि कुमार ने बताया कि धमकी देने वाला किसी दूसरे शहर का है और पुलिस ने अब तक की छानबीन में उसके मोबाइल नंबर के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठी कर ली है। हाल ही में हजरतगंज कोतवाली में भी इसी तरह का मामला दर्ज किया गया था। तब गौरव सिंह राजपूत नामक युवक ने सीएम योगी को जान से मारने की धमकी दी थी। उसे गड़वार क्षेत्र से पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी।

दिसंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार जान से मारने की धमकी दी गई थी। ये धमकी भी पुलिस सेवा डॉयल 112 के व्हाट्सअप पर मिली थी। इस धमकी भरे संदेश में आपत्तिजनक भाषा और गलियों का प्रयोग भी किया गया था। तब धमकी देने वाला शख्स आगरा का निकला था। उससे पहले  22 नवंबर 2020 की शाम को पुलिस के डायल 112 के व्हाट्सएप नंबर पर धमकी दी गई थी। वहीं 21 मई, 2020 की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।