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सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा किराया, ढहाने के खर्च की भी होगी क्षतिपूर्ति: योगी सरकार का नया निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने व निर्माण गिराने के साथ-साथ भूमाफियों व अपराधियों को सबक सिखाने के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि अब आरोपितों से सरकारी संपत्ति पर कब्जे की अवधि के हिसाब से किराया भी लिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से योगी सरकार बडे़ पैमाने पर प्रदेश को भूमाफियों से आजाद करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बीते दिनों प्रशासन ने कई इमारतों पर बुल्डोजर चलवाया है।

अगस्त से लेकर सितंबर तक में माफिया मुख्तार अंसारी के ख़िलाफ़ ही 4-5 कार्रवाई हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले मुख्तार अंसारी के दो बेटों को अपराधी घोषित किया गया था। वहीं अंसारी के अवैध निर्माण को लखनऊ नगर निगम ने गिरा दिया था। इससे पहले भी गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर सहित वाराणसी में मुख्तार गैंग के करीबियों और अवैध निर्माण, कारोबारों पर कार्रवाई हो चुकी है।

बता दें कि सबसे पहले प्रशासन ने 27 अगस्त को माफिया मुख्तार अंसारी की डालीबाग कॉलोनी में स्थित अवैध संपत्ति को ध्वस्त किया और ऐलान किया कि इमारत ध्वस्त करने में जो खर्चा आया है वह भी मुख्तार अंसारी से वसूला जाएगा।

इसके बाद 28 अगस्त को मऊ में उसके करीबी रईस कुरैशी के बूचड़खाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की और बुलडोजर चला कर उसे गिरा दिया। खबरों में इस बूचड़खाने की कीमत 40 लाख बताई गई।

फिर 3 सितंबर को मऊ में ही प्रशासन ने अंसारी के वसूली गैंग के गुर्गे सुरेश सिंह की अवैध रूप से कमाई संपत्ति पर शिकंजा कसा और उसकी 1 करोड़ 5 लाख 40 हजार मूल्य की संपत्ति जब्त की गई। इसमें कई वाहन शामिल थे। 9 सितंबर की खबर के मुताबिक ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते उसे 25 वाहन सीज किए जा चुके थे। सभी वाहनों की कीमत 4. 29 करोड़ थी।

एक चायनीज को दलाई लामा बनाने के लिए करोड़ों की जासूसी, बौद्ध भिक्षुओं को हवाला से भेजे जाते थे पैसे

हवाला नेटवर्क मामले में गिरफ्तार चीनी नागरिक चार्ली पेंग के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। ED के अनुसार चीनी शख्स कर्नाटक के बाइलाकुप्पे के सेरा बौद्ध मठ में रह रहे भिक्षुओं को घूस के रूप में मोटी रकम देकर बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के संबंध में जानकारी निकाल रहा था। उसने भारत में भिक्षुओं के बीच हवाला का पूरा जाल फैला रखा था। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट चलाने के आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

न्यूज़ 18 की खबर के अनुसार, कर्नाटक के सेरा बौद्ध मठ (Monks of Sera Monastery) के प्रमुख ने इस बारे में बताते हुए कहा कि एसके ट्रेडिंग के खाते से सेरा बौद्ध मठ के भिक्षु जाम्यांग जिंपा (Jamayang Jinpa) को 30 लाख रुपए का भुगतान किया गया था।

जाँचकर्ता ने बताया कि यह अकाउंट चीनी नागरिक चार्ली पेंग (Charlie Peng) द्वारा भिक्षुओं को पैसा भेजने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई शेल कंपनियों के अकाउंट में से एक है। वहीं अब जाँच एजेंसी इस बात की भी जाँच कर रही है कि कहीं पेंग दिल्‍ली में तिब्‍बती लोगों को तो घूस नहीं दे रहा था।

42 साल का यह चीनी नागरिक पूरे भारत में कुछ बौद्ध भिक्षुओं को रिश्वत दे रहा था। इसमें दलाई लामा और उनके सहयोगी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इसने दिल्ली स्थित मजनू का टीला को अपने रडार पर रखा था। जाँचकर्ताओं के अनुसार दलाई लामा को पछाड़कर एक चीनी व्‍यक्ति के दलाई लामा घोषित किए जाने के समर्थन के लिए ऐसा किया जा रहा था।

मामले में जाँचकर्ता ने आगे बताया कि कई भिक्षुओं को लाखों का भुगतान किया गया था। जिसमें कर्नाटक के बौद्ध मठ के एक अन्य बौद्ध भिक्षु थुपटेंन छोडक (Thupten Chodak) को कथित रूप से 15 लाख रुपए का भुगतान किया गया था, जबकि फुंसोक धरग्याल (Phuntsok Dhargyal), नवांग लोजेल (Ngawang Losel) और ताशी चोपेल (Tashi Choepel) को 10-10 लाख रुपए दिए गए थे। थुप्टेन वांग्चुक (Thupten Wangchuk) को 8 लाख रुपए और लॉब्सांग चोडेन (Lobsang Choeden) को 7 लाख रुपए की राशि भुगतान की गई थी।

इसके अलावा इसी कंपनी ने कर्नाटक के मुंदगोड में ड्रेपुंग लोजलिंग (Drepung Loseling) को 10 लाख रुपए और सोनम दोरजी (Sonam Dorjee) को 7 लाख रुपए का भुगतान किया था। ऐसे ही नवी मुंबई में पैन मिंगमिंग (Pan Mingming) नामक एक भिक्षु को भी एसके ट्रेडिंग कंपनी के अकाउंट से 10 लाख रुपए दिए गए थे।

चीनी नागरिक चार्ली पेंग से घूस लेने वाले 10 में से 6 भिक्षु जिस मठ में रहते हैं, वो कोरोनो वायरस महामारी के कारण बाहरी लोगों के लिए बंद हैं। आरोपित पहले ही वहाँ से गायब थे। लेकिन उनमें से कम से कम दो के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने सेरा मठों के प्रमुख खॉन्पोॉन ताशी सेरिंग (Khonpon Tashi Tsering) के सामने लेनदेन की बात स्‍वीकार की थी।

ताशी ने बताया, “कुछ भिक्षुओं को दिल्ली में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से पैसा मिला। लेकिन इन भिक्षुओं का कहना है कि यह पैसे उन परिवार और दोस्तों के थे, जो यहाँ अध्ययन करने आए थे और इसलिए पैसा परिवार द्वारा भेजा गया था।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने उनसे पूछा कि वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया। मैं जाँच एजेंसियों पर ये सब छोड़ना चाहता हूँ। मैंने दो भिक्षुओं से बात की। वे इस आदमी (चार्ली पेंग) से कभी नहीं मिले। उन्होंने उसे सिर्फ किसी के पैसे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उन्हें नहीं पता कि यह आदमी कौन है।”

बता दें कि इस मामले को लेकर अधिकारियों ने बताया कि सच्चाई का खुलासा करने के लिए कर्नाटक और दिल्ली पुलिस द्वारा सितंबर में कम से कम 30 भिक्षुओं से पूछताछ की गई है।

उल्लेखनीय है कि चीनी नागरिक चार्ली पेंग भारत में रहकर हवाला रैकेट चलाने वाला एक जासूसी नेटवर्क का भी हिस्‍सा था। उसने अन्‍य चीनी नागरिकों के साथ मिलकर चीनी शेल कंपनियों के नाम से बैंक खाते खोले और करीब 1000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की। फिलहाल इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट से लेकर कई एजेंसियाँ उससे पूछताछ कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ में पेंग ने खुलासा किया था कि चीनी खुफिया एजेंसियों ने उसके जरिए दिल्‍ली में निर्वासन में रह रहे तिब्‍बतियों को घूस देने की कोशिश की थी।

केरल सोना तस्करी केस: UDF ने की CM पिनराई विजयन को मुख्यमंत्री पद से हटाने की माँग, सीताराम येचुरी को लिखा पत्र

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के संयोजक बेनी बेहानन ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पद से हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जब से मुख्यमंत्री कार्यालय पर सवाल उठने शुरू हुए हैं, पिनराई का पद पर बने रहना अनुचित है। 

बेहानन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सीएमओ के खिलाफ आरोप गंभीर हैं। उनके कुछ अधिकारियों को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने बुलाया है। उन्होंने कहा कि सीएमओ आरोपों से भाग नहीं सकते हैं और पिनराई को जाँच में सहयोग करना चाहिए।

पत्र में बेहानन ने लिखा, “उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील के अलावा, कुछ और मंत्रियों के बच्चे भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। जिन सीपीएम नेताओं और मंत्रियों ने पार्टी को शर्मिंदा किया है, उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्हें वापस बुला लिया जाना चाहिए। सीपीएम नेताओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए जाना जाता है।”

बता दें कि पिछले महीने विपक्ष नेता रमेश चेन्निथला ने भी कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। इस अनुरोध के साथ उन्होंने येचुरी को पत्र लिखा था। उन्होंने यह भी कहा था कि ये खबर काफी हैरान कर देने वाली है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के प्रमुख सचिव सोने की तस्करी में शामिल थे। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। ऐसे में तुरंत सीएम को अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।

वायनाड में सोना तस्करी के मामले में कथित संबंध होने पर मुख्यमंत्री पी विजयन के इस्तीफे की माँग कर रहे कार्यकर्ताओं पर केरल पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसका वीडियो भी सामने आया था।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के पते वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना मिलने का है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपए बताई गई है। 

यह सोना उस कार्गो में छिपाया गया था, जिसमें बिस्किट, नूडल्स और बाथरूम आदि का सामान रखा जाता था लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपित बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

उड़ता पंजाब के प्रोड्यूसर ने भी जया साहा से माँगा था वीड: सुशांत के दोस्त ने कहा- काम के लिए यहाँ ड्रग्स और कास्टिंग काउच मजबूरी

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद ड्रग एंगल का मामला गरमाने से धीरे-धीरे बॉलीवुड की कई हस्तियाँ अब एनसीबी के निशाने पर हैं। ताजा नाम इस सूची में उड़ता पंजाब के एक प्रोड्यूसर मधु मंटेना का सामने आया है। इनकी चैट जया साहा के साथ मिली है। बताया जा रहा है दोनों के बीच 22 जून 2020 को बात हुई थी। इसमें मधु मंटेना, जया साहा से वीड की डिमांड कर रहे थे। इस पर जया साहा ने उनसे कहा कि वह उन्हें वीड भिजवा देंगी।

बता दें कि मधु मंटेना वर्मा से आज NCB पूछताछ करने वाली है। वहीं जया साहा को भी एनसीबी ने तीसरे दिन फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीबी मधु मंटेना और जया दोनों को आमने सामने बैठाकर उन्हें ड्रग्स चैट दिखाकर अपनी पूछताछ करेगी। दोनों के तार क्वान कंपनी के कारण भी एक दूसरे से जुड़े पाए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि अभी तक जया साहा ने पूछताछ में बताया है कि बॉलीवुड के ज्यादातर सेलिब्रेटीज डिप्रेशन के शिकार हैं। उन्होंने इन सेलेब्स को खुश करने के लिए ड्रग्स भिजवाए थे। एनसीबी को शक है कि जया ड्रग्स के सवाल पर गुमराह कर रही हैं और अपने क्लाइंट को बचाने की कोशिश कर रही है।

ज्ञात हो कि क्वान एक टैलेंट मैनेंजमेंट एजेंसी है। इसे लेकर सुशांत के दोस्त व अभिनेता युवराज एस सिंह ने दावा किया है कि ये एजेंसी अभिनेताओं को प्रताड़ित करती है। इसके अलावा इनकी संलिप्ता ड्रग व्यापार में भी है। रिपब्लिक मीडिया से बात करते हुए अभिनेता ने दावा किया कि क्वान जैसी टैलेंट एजेंसी नए लोगों को ड्रग धंधे में धकेलती हैं। अगर कोई कलाकार ऐसा करने से मना करता है तो उसे नकार दिया जाता है।

उनका कहना है कि वह एजेंसी के सीईओ ध्रुव को 10 सालों से जानते हैं और दावा करते हैं कि क्वान से जुड़े ए-लिस्टर्स भी ड्रग्स के चक्कर में हैं। उन्होंने अपनी ये बात रखते हुए कि टैलेंट मैनेजर नेक्सस और ड्रग तस्कर जुड़े होते हैं, इस ओर भी इशारा किया कि बॉलीवुड के कई बड़े नाम इन सब में शामिल हैं और जया साहा ही इनकी एजेंट है। वह बताते हैं कि ध्रुव की एजेंसी ने कई बड़े चेहरों को साइन किया था जिनके रिकॉर्ड इंडस्ट्री में अच्छे नहीं थे। उनके साथ लेन-देन की दिक्कत थी। इस कारण युवराज कई बार उनके ऑफिस भी गए थे।

वह आगे कहते हैं, “वो लोग सही डील नहीं करते। और अब उन्होंने लड़कियों का पक्ष लिया है। जो हमारे सभी बॉलीवुड हिरोइन व मॉडल्स, जिन्होंने 3-4 फिल्में की हैं, उनका शोषण करते हैं। उन्हें बर्बाद करते हैं, उन्हें ड्रग के धंधे में धकेलते हैं और उनका इस्तेमाल भी करते हैं। इसके अलावा अन्य कामों के लिए भी उन लड़कियों का इस्तेमाल होता है। इसमें पुरुषों को भी यूज किया जाता है। जो उनके साथ कॉपरेट नहीं करते। उनके लिए यह लोग सुनिश्तित करते हैं कि उन्हें कहीं काम न मिले। वह उन्हें इंडस्ट्री से बाहर करवा देते हैं। यही सारे काम लड़कियों के साथ होते हैं। ये टैलेंट एजेंसियों का बहुत बड़ा रैकेट है, जिसका खुलासा मीडिया के जरिए हुआ और आगे भी होगा।”

सुशांत के दोस्त युवराज ने इस बातचीत में रिया चक्रवर्ती के सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता को फँसाकर ड्रग्स के चक्करों में धकेला गया। उन्होंने बताया कि वह सुशांत से जिम के बाहर मिले और उन्हें उनकी सफलता की बधाई दी। उन्होंने सुशांत को यही कहा था ,”अब तुम्हें बहुत काम मिलेगा।” युवराज बताते हैं कि वो सुशांत से मिलनकर उनके साथ काम करना चाहते थे क्योंकि वह हिंदी फिल्मों के बड़े अभिनेता बन चुके थे और युवराज पंजाबी सिनेमा के बड़े प्रोड्यूसर हैं। सुशांत के जाने का अफसोस जताते हुए वह कहते हैं कि अब वह इन सबपर क्या बोलें? उनका कहना है कि यहाँ बहुत बड़ा नेक्सस काम करता है और ये जरूरी है कि ये बंद हो।

युवराज का कहना है कि इस इंडस्ट्री में नए लोगों के लिए काम पाना बहुत मुश्किल है। खासकर जो मेहनत करते हैं और ड्रग्स नहीं लेते। अगर कोई चरस, गांजा, कोकीन नहीं लेता तो उसे काम नहीं मिलता। ऐसे में उसे इनका सेवन करना पड़ता है। कंगना ने भी बताया कि उन्हें यह लेना पड़ा था। युवराज के मुताबिक उन्हें भी ये ऑफर हुआ था और उन्हें लेना पड़ा। वो कहते हैं कि यहाँ सबको यह लेना पड़ता है, अगर नहीं लेते तो आपको बड़ी फिल्में नहीं मिलतीं और कोई बड़ा स्टार नहीं बनता। अगर आपको बड़ा स्टार बनना है तो कास्टिंग काउच और ड्रग्स से होकर गुजरना पड़ेगा। बाकी और कोई रास्ता नहीं है।

यहाँ बता दें कि इससे पहले जया साहा की कंपनी क्वान की मैनेजर करिश्मा संग दीपिका पादुकोण की ड्रग्स चैट का खुलासा हुआ था। दीपिका का ड्रग्स एंगल में नाम आने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। दीपिका पादुकोण पर कंगना रनौत ने भी निशाना साधा है। अभी तक इस मामले में दीपिका की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। एनसीबी के सूत्रों से पता चला है कि उन्हें जल्द समन भेजा जाएगा।

विदेशी लेखक वीजा पर यहाँ आता है और भारत के ही खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता है: वीजा रद्द करने की माँग

लेखिका मोनिका अरोड़ा ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल की करतूतों को लेकर पत्र लिखा है। स्कॉटिश इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल बिजनेस वीजा लेकर भारत में ही डेरा डाले रहते हैं और दिल्ली में छुट्टियाँ मनाते हैं। मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि भारत में वीजा लेकर रहने वाले लोगों के लिए कुछ नियम-क़ानून हैं लेकिन विलयम डेलरिम्पल लगातार जानबूझ कर यहाँ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया है कि विलियम सार्वजनिक रूप से ऐसे नैरेटिव बनाने में लगे रहते हैं और इंटरव्यूज देते हैं, जिनका भारत के लोकतांत्रिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं से सम्बन्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे सीएए के खिलाफ चल रहे उपद्रव में हिस्सा लेने वाले कुछ विदेशी नागरिकों को वापस भेजा गया था। आईआईटी मद्रास में पढ़ाई कर रहा जर्मन नागरिक जैकोब लिंथेंडल, कोच्चि में रह रही नॉर्वे की जेनी-मेटी-जोहानसन और कोलकाता में रह रही बांग्लादेश की अफसर मीम को देश छोड़ने कहा गया था।

मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि विलियम डेलरिम्पल अपने ट्विटर हैंडल से लगातार सीएए विरोधी बयान देते रहते हैं, अर्द्धसत्य वाली सूचनाएँ डालते हैं, भारत सरकार के खिलाफ टिप्पणी करते हैं, भारतीय नागरिकों के खिलाफ टिप्पणी करते रहते हैं। इसी तरह के एक ट्वीट में उन्होंने कैलिफोर्निया में रह रहे एक व्यक्ति से कहा था कि वो भारत आकर देखे कि सीएए से भारत में कैसी स्तिथि उत्पन्न हो गई है।

मोनिका अरोड़ा हिन्दू-विरोधी दंगों पर “Delhi Riots 2020: The Untold Story” नामक पुस्तक लिखी थी, जिसका प्रकाशन रुकवाने के लिए लिबरल गैंग ने पूरा जोर लगाया था। ब्लूम्सबरी पब्लिकेशन पर दबाव बना कर इस किताब के प्रकाशन को रोक दिया गया था, जिसके बाद ‘गरुड़ प्रकाशन’ ने ये जिम्मेदारी संभाली। किताब को ऑनलाइन रिलीज किया गया था। अरोड़ा का कहना है कि विलियम ने माना है कि प्रकाशन रुकवाने में उनकी प्रमुख भूमिका थी।

इस मामले में सितम्बर 3, 2020 को दिल्ली में आपराधिक मामला दर्ज कराया जा चुका है, जिसकी जाँच चल रही है। मोनिका अरोड़ा ने पत्र में पूछा है कि एक विदेशी होने के बावजूद विलियम डेलरिम्पल के पास क्या अधिकार है कि वो भारत के संविधान द्वारा उन्हें दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हनन करें? अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने डेलरिम्पल के ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए, जिसमें वो पुस्तक का प्रकाशन रुकवाने की बात कर रहे हैं।

विलियम डेलरिम्पल ने रुकवाया था मोनिका अरोड़ा की पुस्तक का प्रकाशन!

साथ ही उन्होंने आरोप लगया कि विलियम डेलरिम्पल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी पूर्व में कई लेख लिखे हैं, जिनमें उन्होने गुजरात दंगों में उनका रोल होने की बात की है। जबकि, कोर्ट इस मामले में उन्हें क्लीन चिट दे चुका है। मई 2014 में लिखे अपने एक लेख में उन्होंने लिखा था कि नरेंद्र मोदी ‘2002 नरसंहार में फँसे’ हुए हैं और उन्हें अब भारत का पीएम चुना गया है। इस लेख में उन्होंने पूछा था कि मोदी खतरनाक फासिस्ट हैं या फिर सुधारक?

इस लेख में विलियम डेलरिम्पल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को भारत-पाक विभाजन के दौरान नरसंहार का दोषी करार दिया है। मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि इस लेख में कई ऐसी बातें हैं, जिनके माध्यम से लेखक ने एक खास विचारधारा को प्रमोट किया है, जो भारतीय संवैधानिक प्रक्रिया और यहाँ संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने इसकी तुलना रूस में पुतिन के चुनाव से करते हुए लिखा था कि भारत के लोगों ने एक गैंबल किया है।

जम्मू कश्मीर पर फैलाया भारत-विरोधी प्रोपेगंडा

हाल ही में विलियम डेलरिम्पल ने एक कार्टून के जरिए एक आम कश्मीरी को रस्सियों से बँधा हुआ दिखाया था और कहा था कि उसकी आवाज़ भारत में कोई नहीं सुन रहा। ऐसा उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के निर्णय के खिलाफ किया था। मोनिका अरोड़ा ने ध्यान दिलाया है कि फॉरेनर्स एक्ट की धारा-14 के तहत कोई भी विदेशी अगर भारतीय वीजा के तय नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसे 5 वर्षों से अधिक की जेल हो सकती है।

विलियम डेलरिम्पल ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ के डायरेक्टर भी हैं और उन्होंने इस बार फेस्ट में पाकिस्तानी अतिथियों की अनुपस्थिति के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि चूँकि फेस्ट कॉन्ग्रेस के शासन वाले राजस्थान में हो रहा है, इसीलिए इस मामले में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। मोनिका अरोड़ा ने ‘मीरा सिंह फार्महाउस’ के मालिक की भी जाँच करने को कहा है, जहाँ वो हमेशा रुकते हैं।

‘जयपुर लिट् फेस्ट’ में पाकिस्तानियों को वीजा न मिलने पर डेलरिम्पल ने भारत सरकार को ठहराया जिम्मेदार

मोनिका अरोड़ा ने माँग की है कि इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार को न सिर्फ विलियम डेलरिम्पल का वीजा रद्द कर के उन्हें देश से निकाल बाहर करना चाहिए, बल्कि भविष्य में भी वो भारत न आ पाएँ, इसीलिए उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाना चाहिए। उन्होंने पत्र की एक कॉपी गृह मंत्रालय के इमीग्रेशन कमिश्नर को भी भेजी है। साथ ही सबूत के रूप में वीडियो, लेख व ट्वीट्स के लिंक्स भी एम्बेड किए हैं।

आतिश तासीर ने मोनिका अरोड़ा की दिल्ली दंगों पर आने वाली पुस्तक को सत्ता का प्रोपेगेंडा करार देते हुए कहा था कि विलियम डेलरिम्पल ने इसके प्रकाशन पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके लिए वो उनके आभारी हैं। उन्होंने तो यहाँ तक कहा था कि स्कॉटिश लेखक के बिना ये संभव नहीं हो पाता। मोनिका अरोड़ा की इस पुस्तक में जाँच और इंटरव्यूज के हवाले से दिल्ली दंगों का विश्लेषण किया गया है।

चीन के नेपाल की जमीन पर कब्जे और निर्माण के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग: बैनर-पोस्टर के साथ ‘बैक ऑफ चाइना’ के लगे नारे

भारत और चीन का सीमा विवाद अभी थमा नहीं कि चीन कि चीन की विस्तारवाद की नापाक हरकत नेपाल में भी शुरू हो गया। रिपोर्ट्स की मानें तो चीन ने नेपाल की जमीन पर कब्जा कर लिया है।

चीन के इस कब्जे के खिलाफ काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के बाहर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने बैनर के साथ ‘चीन वापस जाओ’ और ‘चीन पीछे हटो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के पोस्टर्स पर नेपाल में हो रहे चीनी निर्माण की तस्वीरें थीं।

नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन ने हुमला जिले में 11 इमारतों का निर्माण किया है, जिसमें एक बॉर्डर पिलर नहीं है। इनमें से एक इमारत में चीनी फौज के जवान रह रहे हैं, बाकी की इमारतें खाली हैं। नाम्खा ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष बिष्णु बहादुर तमंग ने काठमांडू पोस्ट को बताया, “चीनी पक्ष ने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में घर बने हैं, वे चीनी क्षेत्र में आते हैं।”

हालाँकि, नेपाली पक्ष का दावा है कि 11 नंबर का सीमा स्तम्भ ही गायब कर चीन ने नेपाली भूमि पर अतिक्रमण करते हुए इन भवनों का निर्माण किया है। जब नेपाली अधिकारी वहाँ पहुँचे तो चीन ने इमारत वाली जगह पर बात करने तक से इनकार कर दिया।

चीन के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सीमा संबंधी कोई भी बात सिर्फ सीमा क्षेत्र में ही होगी। इधर चीनी दूतावास के तरफ से भी एक बयान जारी कर कहा गया है कि चीन के द्वारा नेपाल की भूमि अतिक्रमण कर इमारत बनाए जाने की खबर झूठी है। नेपाल के पास अगर प्रमाण है तो चीन बातचीत के लिए तैयार है।

नेपाल का गृह मंत्रालय जल्द ही इस पर एक रिपोर्ट जारी कर सकता है। गृह मंत्रालय की एक टीम इस क्षेत्र का दौरा करने के बाद ये रिपोर्ट तैयार करेगी। नेपाल में चीनी दूतावास की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। काठमांडू में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, “चीन और नेपाल मित्रवत पड़ोसी हैं। चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि मीडिया ने जिन इमारतों का उल्लेख किया है, वे चीनी क्षेत्र में हैं और इसका सत्यापन किया गया है। नेपाल एक बार फिर अपनी ओर से सत्यापन करे। इस मामले में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन और नेपाल का कोई सीमा विवाद नहीं है। दोनों पक्ष सीमा से जुड़ें मसलों पर हमेशा संपर्क में रहते हैं। 

पिछले दिनों खबर आई थी कि हुमला के लापचा-लिमी क्षेत्र में चीन ने अब तक आठ इमारतें बना ली थी। बावजूद इसके भारतीय इलाकों पर दावा ठोकने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने अपनी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण पर चुप्पी साधे रखी। जिला प्रशासन ने पीएम ओली को इस मामले की खबर देते हुए चिंता जाहिर की थी, लेकिन उन्हें उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला था।

गौरतलब है कि नेपाल की जाँच टीम में शामिल एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर ‘नेपाली 24 Hours’ को बताया था कि चीन ने नेपाल की सीमा में 2 किलोमीटर भीतर तक घुसपैठ की है, पिलर संख्या-12 से भी आगे बढ़ कर भूमि कब्जाई है। वहीं पिलर संख्या-11 का तो कोई अता-पता ही नहीं है कि वो कहाँ गायब हो गया। कहा जा रहा है कि वहाँ अवैध चीनी निर्माण 2010 में ही शुरू हो गया था।

केरल सोना तस्करी मामले में NIA ने कुरान ले जाने वाली गाड़ी के GPS और लॉग बुक को किया जब्त

केरल में सोना तस्करी की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक स्वायत्त संस्थान के कार्यालय पहुँचकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से राजनयिक सामान के साथ लाए गए कुरान वितरण मामले की जानकारी ली। जाँच एजेंसी मंगलवार (सितंबर 22, 2020) सुबह तिरुवनंतपुरम स्थित केरल स्टेट सेंटर फॉर एडवांस प्रिंटिंग एंड ट्रेनिंग कार्यालय पहुँची। उसने एक अधिकारी और चालक से यूएई वाणिज्यिक दूतावास से लाए गए कुरान के वितरण के बारे में जानकारी ली।

एनआइए ने यह कदम विगत दिनों राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील से पूछताछ करने के बाद उठाया है। यह पूछताछ सोना तस्करी मामले में तथाकथित रूप से आतंकी पहलू के सामने आने के बाद हुई थी। इस मामले को लेकर भाजपा सहित कई विपक्षी दल सड़कों पर आ गए हैं। इनका आरोप है कि कुरान लाने के बहाने सोने की तस्करी की गई है। कहा जा रहा है कि कुरान की खेप को वितरण से पहले स्टेट सेंटर फॉर एडवांस प्रिंटिंग एंड ट्रेनिंग कार्यालय लाया गया था।

GPS रिकॉर्डर को जब्त कर लिया गया है। इससे पहले खबर आई थी कि कुरान को लाते समय जानबूझकर GPS रिकॉर्डर को बंद कर दिया गया था। ऐसी खबरें थीं कि वाहन बेंगलुरु गई थी। इसके बाद, NIA ने कार्यालय में उन कर्मचारियों से पूछताछ की जो वाहनों के आवा-जाही में शामिल थे। सूत्रों ने कहा कि NIA गाड़ी के आवागमन के बारे में पता करने के लिए ऑफिस लॉग बुक को सत्यापित करेगी, जिससे पता चल सकेगा कि गाड़ी राज्य के अंदर या बाहर कहाँ गई थी।

इससे पहले, विपक्ष ने आरोप लगाया था कि उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील वाणिज्य दूतावास से कुरान लाने के बहाने सोने की तस्करी में शामिल थे। एजेंसी ने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) रिकॉर्डर और वाहन की लॉग बुक जब्त कर ली है, जो राजधानी से मलप्पनम तक कुरान पहुँचाती थी।

इससे पहले, जलील ने स्वीकार किया था कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास से प्राप्त रमजान भोजन किटों के साथ कुरान की प्रतियाँ वितरित की थी। उनसे एनआईए ने पिछले सप्ताह कोच्चि में कार्यालय में पूछताछ की थी। इससे पहले सामने आया था कि उच्च शिक्षा विभाग के अधीन राज्य के स्वामित्व वाली संस्था ने कुरान की हजारों प्रतियाँ वितरित कीं जो यूएई वाणिज्य दूतावास से उपहार के रूप में प्राप्त हुईं। इनमें से 32 प्रतियों को मलप्पुरम में सी-एप के स्वामित्व वाले वाहन में ले जाया गया था।

गौरतलब है कि पिछले दिनों जाँच में पता चला था कि केटी जलील ने प्रोटोकॉल के मानदंडों को दरकिनार करते हुए मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश की मदद से संयुक्त अरब अमीरात से अवैध रूप से कुरान का आयात किया था। सीमा शुल्क विभाग ने बताया था कि, शुल्क में छूट मिलने के बाद यूएई वाणिज्य दूतावास द्वारा आयात की गई पवित्र कुरान की प्रतियाँ स्वीकार कर जलील ने सीमा शुल्क नियमों का भी उल्लंघन किया था।

वहीं माकपा ने शुक्रवार (सितंबर 18, 2020) को जाँच को सांप्रदायिक एंगल देते हुए दावा किया था कि मंत्री के खिलाफ विपक्ष का विरोध “कुरान विरोधी” था। माकपा के राज्य सचिव कोडिएरी बालाकृष्णन ने पार्टी के मुखपत्र ‘देशभीमनी’ में अपने साप्ताहिक कॉलम में केरल कम्युनिस्ट सरकार और मंत्री केटी जलील के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन को ‘कुरान विरोधी’ बताया था।

‘सुशांत को थी ड्रग्स की लत, अपने करीबी लोगों का फायदा उठाता था’ – बेल के लिए रिया चक्रवर्ती ने कहा

सुशांत सिंह राजपूत की हत्या/आत्महत्या मामले में ड्रग्स का खेल अब खुल कर सामने आ रहा है। दिवंगत अभिनेता की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स की लत थी। इसके लिए वो अपने करीबियों का फायदा उठाते थे।

सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स की लत थी, यह बात तब सामने आ रही है जब रिया चक्रवर्ती को बेल लेनी है। सुशांत सिंह राजपूत की हत्या/आत्महत्या मामले में ड्रग्स एंगल के निकल आने के बाद NCB द्वारा गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती ने अपनी जमानत याचिका में सुशांत को ड्रग्स की लत वाली बात कही है।

रिया चक्रवर्ती ने अपनी जमानत याचिका में कहा, “सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स लेते थे। वह अपने स्टाफ को ड्रग्स खरीद कर लाने के लिए कहते थे। अगर आज वो जीवित होते, तो उन पर कम मात्रा में ड्रग्स लेने का आरोप लगाया जाता, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है।”

अपनी जमानत के लिए सुशांत सिंह राजपूत पर आरोप लगाते हुए रिया चक्रवर्ती ने यह भी कहा, “उन्होंने (सुशांत ने) मुझे, मेरे भाई शौविक को और अपने घर के कर्मचारियों को ड्रग्स लाने के लिए इस्तेमाल किया। साथ ही वो यह भी सुनिश्चित करते थे कि ड्रग्स खरीद का कोई भी साक्ष्य (इलेक्ट्रॉनिक भी) या पेपर न रहे।”

रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत अपने रसोइए नीरज से जॉइंट्स बनवाते थे। फिर उन्हें एक बॉक्स में अपने बेडरूम में रखने के लिए कह देते थे। रिया के अनुसार सुशांत ने आखिरी बार नीरज को अपनी मृत्यु से तीन दिन पहले ऐसा करने के लिए कहा था। रिया ने अपनी जमानत याचिका में कहा कि सुशांत की मौत के बाद वह बॉक्स खाली था।

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की जमानत की सुनवाई गुरुवार को होनी है। यह आज होती लेकिन मुंबई में भारी बारिश के कारण यह टल गई।

गौर करने लायक बात यह है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में सुशांत सिंह राजपूत की हत्या/आत्महत्या मामले के बाद से ड्रग्स का एंगल छाया हुआ है। इस मामले को लेकर बॉलीवुड दो हिस्सों में बँट चुका है। धीरे-धीरे काफी बड़े नाम भी अब सामने आ रहे हैं और इसकी गूँज संसद तक में सुनाई दे रही है।

ड्रग्स के साथ बॉलीवुड के कुछ बड़े नामों की बात करें तो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी KWAN की इंप्लॉई जया साहा की चैट से दीपिका पादुकोण के अलावा श्रद्धा कपूर, सोनम कपूर, जैकलीन फर्नांडीज, दीया मिर्जा, नम्रता शिरोडकर और फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के प्रोड्यूसर मधु मांटेना का नाम सामने आया है।

सुदर्शन न्यूज़ केस: मेरी रोहिंग्या आदि टिप्पणियों की गलत व्याख्या हुई, हेट स्पीच कहा गया, संजीव नेवार ने दायर की इंटरवेंशन याचिका

सुदर्शन टीवी इन दिनों अपने ‘यूपीएससी जिहाद’ शो को लेकर सुर्खियों में है। वहीं अब दलित कार्यकर्ता संजीव नेवार ने शीर्ष अदालत में सुदर्शन टीवी मामले में इंटरवेंशन याचिका दायर करने की बात बुधवार (23 सितंबर, 2020) को ट्विटर के जरिए कही है। उन्होंने कहा कि चैनल पर ‘लाइव शो के दौरान उनकी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की गई। इतना ही नहीं शो के प्रसारण के खिलाफ दायर याचिका में उनकी टिप्पणी को ‘हेट स्पीच’ और ‘फेक सूचना’ करार दिया गया।

संजीव ने ट्वीट किया, “मैं सुदर्शन न्यूज टीवी मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक इंटरवेंशन याचिका दायर कर रहा हूँ क्योंकि ज़कात की परिभाषा के अनुसार मेरे द्वारा प्रस्तुत की गई इस्लामिक जानकारी को ‘हेट स्पीच’ और ‘फर्जी जानकारी’ के रूप में प्रदर्शित किया गया है। मैं यह पूछना चाहता हूँ कि क्या कि क्या ये टेक्स्ट हेट स्पीच है।” उन्होंने यह भी बताया, “मेरे वकील शशांक शेखर झा हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि कैसे देश में रोहिंग्याओं की घुसपैठ के खतरे के बारे में उनकी टिप्पणियों को भी ‘हेट स्पीच’ के रूप में करार दिया गया था। संजीव नेवार ने लिखा, “इसी तरह रोहिंग्या घुसपैठ पर मेरी चिंता को भी जो कि सरकारी बयानों पर आधारित है, उसे भी हेट स्पीच के रूप में वर्गीकृत किया गया है।”

गौरतलब है कि इससे पहले लेखक और एक्टिविस्ट मधु पूर्णिमा किश्वर ने भी बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में एक हस्तक्षेप (इंटरवेंशन) याचिका दायर करने की जानकारी ट्विटर के जरिए दी थी। उन्होंने बताया है कि कोर्ट में उनके बयान का गलत अनुवाद करके उसे हेट स्पीच के सबूत की तरह पेश किया गया।

अपने ट्विटर पर मधु पूर्णिमा किश्वर लिखती हैं, “सुदर्शन टीवी के शो यूपीएससी जिहाद में डिबेट के दौरान मेरी टिप्पणी के छोटे से हिस्सा का बेहूदा अनुवाद करके, कोर्ट में हेटस्पीच के सबूत के तौर पर पेश किए जाने के बाद मैंने सुप्रीम कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका दायर की है।”

उल्लेखनीय है कि 28 अगस्त को प्रसारित होने वाले एक कार्यक्रम के प्रोमो को प्रसारित करने के बाद हिंदी समाचार चैनल सुदर्शन न्यूज को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। दरअसल, सुदर्शन न्यूज के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने जानकारी दी थी कि चैनल देश में प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में विभिन्न पदों पर चुने गए समुदाय की संख्या में अचानक वृद्धि का विश्लेषण करेगा। साथ ही इस बात की भी जानकारी दी जाएगी कि कैसे अन्य लोगों की तुलना में मजहब विशेष के उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों में वृद्धि हुई है।

जिसके बाद प्रोमो को लेकर मजहबी कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए और उन्होंने प्रसारण को रोकने के लिए कई मामले दायर किए। जिस पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस शो के प्रसारण पर रोक लगा दी। वहीं सूचना मंत्रालय और प्रसारण ने शो को प्रसारित करने का संकेत दे दिया। हालाँकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित कर कार्यक्रम के प्रसारण को रोक दिया।

श्रद्धा कपूर के लिए खरीदा था CBD ऑयल, जया साहा ने NCB के सामने सब कुछ कबूला

सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग ऐंगल की जाँच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा जया साहा से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अब तक की पूछताछ में जया साहा ने कुबूल किया है कि उन्होंने श्रद्धा कपूर के लिए सीबीडी ऑयल खरीदा था। 

वहीं नम्रता शिरोड़कर की चैट के सवाल पर जया ने बताया कि चैट तो उसी की है लेकिन उसे इस चैट के बारे में कुछ याद नहीं है। इसके अलावा उसने कुबूल किया है कि सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती, फिल्म मेकर मधु मांटेना वर्मा और खुद के लिए भी CBD ऑयल मँगवाया था। अभी तक ड्रग्स के लिए किसी भी पैडलर से संपर्क होने की बात से जया ने इंकार किया है। उसका कहना है कि CBD ऑयल का इंतजाम उसने ऑनलाइन किया था।

जया साहा की चैट से दीपिका पादुकोण के अलावा श्रद्धा कपूर, सोनम कपूर, जैकलीन फर्नांडीज, दीया मिर्जा, नम्रता शिरोडकर और फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के प्रोड्यूसर मधु मांटेना का नाम सामने आया है। ये वो नाम हैं, जो सार्वजनिक हुए हैं। इनके अलावा कई और बॉलीवुड सेलेब्स भी एनसीबी की रडार पर हैं। एनसीबी ने आज प्रोड्यूसर मधु मांटेना को पूछताछ के लिए बुलाया है।

जया साहा से बुधवार (सितंबर 23, 2020) को मुंबई के एनसीबी कार्यालय में तीसरे दिन पूछताछ की जा रही है। जया को एनसीबी द्वारा ड्रग्स की खरीद और आपूर्ति के बढ़ते सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। इस तरह से ड्रग्स की खरीद और आपूर्ति एनडीपीएस अधिनियम के अनुसार अवैध है।

बता दें कि जया साहा की रिया चक्रवर्ती के साथ चैट सामने आई थीं, जिसमें वह खुलकर ड्रग्स की बात कर रही थीं। इसके बाद ही जया को एनसीबी ने पूछताछ के लिए बुलाया। जया साहा टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी KWAN की इंप्लॉयी हैं, जो सुशांत सहित कई बड़े स्टार्स का काम देखती थी। पिछले दिनों सामने आए चैट्स में जया साहा (J) ने श्रद्धा (S) को सीबीडी ऑयल भेजने की बात करती हैं। वहीं, दीपिका K से ‘माल’ के बारे में पूछती है।

इससे पहले जया साहा और रिया चक्रवर्ती की लीक हुई व्हाट्सएप चैट से ये राज खुला था कि दोनों ड्रग्स के मामले में न सिर्फ लिप्त है, बल्कि जया साहा ने ही रिया को कुछ बूँदे चाय या कॉफी के साथ सुशांत को पिलाने की बात भी कही थी। जिससे 30-40 मिनट में एक्टर पर इसके असर होने का इशारा भी दिया था।

बता दें कि ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती 8 सितंबर को गिरफ्तार हुई थीं। उसके बाद से वे मुंबई की भायखला जेल में बंद हैं। 2 बार उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। रिया पर आरोप है कि वे सुशांत के लिए ड्रग्स का प्रबंध करती थीं। दावा है कि रिया ने करीब 25 बॉलीवुड सेलेब्स का नाम एनसीबी के सामने लिया है, जो ड्रग्स का सेवन करते हैं।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद पैसों की हेरफेर के दौरान कुछ चैट्स को खंगाला था, उसी के बाद उन्हें ड्रग एंगल के सबूत मिले, जिसे उन्होंने एनसीबी को भेज दिया। एनसीबी ने मामला संभालते ही सारी पड़ताल की और करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया। इमें रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती का नाम भी पूरी पड़ताल में शामिल है।