Home Blog Page 4463

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय को 1 वर्ष होने को आए हैं। अब यूपी के मथुरा की अदालत में 13.37 एकड़ की श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर सिविल सूट याचिका दायर की गई है। इसमें शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मथुरा में स्थित पूरी भूमि को खाली कराने की माँग की गई है। इस याचिका को ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की तरफ से विनीत जैन ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि कटरा केशव देव की पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

याचिका में कहा गया है कि कटरा केशव देव वही क्षेत्र है, जहाँ राजा कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और मस्जिद के नीचे ही वो पवित्र स्थल स्थित है। साथ ही मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ध्वस्त करने के लिए मुग़ल बादशाह औरंगजेब को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें लिखा है कि औरंगजेब कट्टर इस्लामी था और उसने ही सन 1669-70 में इस मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था।

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वकीलद्वय हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने TOI को बताया कि इस याचिका में माँग की गई है कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए और वहाँ स्थित ढाँचे को भी हटाया जाए। बता दे कि अयोध्या जजमेंट के बाद से ही काशी विश्वनाथ और मथुरा को रिक्लेम करने के लिए अभियान शुरू हो गया है। काशी में भी विश्वनाथ मंदिर को नुकसान पहुँचा कर औरंगजेब ने ही मस्जिद बनवाया था।

अगस्त में ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास’ का गठन कर के इसे मुक्त कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिया गया था। 14 राज्यों से 80 संतों ने साथ आकर इस अभियान के लिए एकता जताई थी, जिनमें 11 वृन्दावन के संत थे। हालाँकि, इस्लामी आक्रांताओं द्वारा किए गए ऐसे अतिक्रमण की राह में ‘प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप (स्पेशल प्रोविज़न) एक्ट, 1991’ की बाधा है। इसके तहत धार्मिक स्थलों पर यथास्थिति बरक़रार रखी गई है।

सितम्बर के पहले सप्ताह में ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में माँग की गई थी कि अब जब अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन हो गया है तो काशी में बाबा विश्वनाथ और मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर को मुक्त कराने की ओर प्रयास किया जाए। काशी-मथुरा को मुक्त कराने के लिए प्रस्ताव पारित करते हुए अखाड़ा परिषद ने इस कार्य में विश्व हिन्दू परिषद का भी सहयोग माँगा था।

पिछले दिनों ‘हिंदू आर्मी’ नामक एक संगठन ने भी मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी थी। वे लोगों से मथुरा पहुँचने की अपील कर रहे थे। लेकिन 20 सितंबर की रात इस संगठन से जुड़े 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हिन्दू आर्मी कहना है कि वह कृष्ण जन्मभूमि के पास से इस्लामी ढाँचे को हटवाकर वह जमीन कृष्ण जन्मभूमि के नाम पर सौंपना चाहते हैं।

’24 घंटे के भीतर मुख्तार अंसारी को छोड़ो वरना सरकार मिटा देंगे, CM योगी को भी नहीं छोड़ेंगे’

योगी सरकार के अभियान के कारण उत्तर प्रदेश के माफियाओं में बौखलाहट दिख रही है। मऊ जिले में एक के बाद एक मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों की अवैध सम्पत्तियों को जब्त किया जा रहा है। अब उसके गुर्गे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं। एक नंबर से पुलिस हेल्पलाइन 112 पर मैसेज भेज कर यह धमकी दी गई।

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के अनुसार पुलिस हेल्पलाइन के व्हाट्सएप नंबर पर कई मैसेज भेज कर धमकी दी गई। इसके बाद लखनऊ स्थित हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने मुकदमा पंजीकृत कराया। बुधवार (सितम्बर 23, 2020) की सुबह 9:56 से लेकर 10:11 के बीच धमकी भरे मैसेज मिले थे। इनमें सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

धमकी देते हुए कहा गया था कि मऊ से 5 बार विधायक रहे मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को सरकार ‘मिटा’ दी जाएगी। पुलिस ने उस नंबर के डिटेल्स पता कर लिए हैं, जिससे ये मैसेज भेजे गए थे। पुलिस की एक टीम आरोपित की गिरफ़्तारी के लिए गठित कर दी गई। गुरुवार देर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

आरोपित का नाम अमरपाल बताया जा रहा है, जो कि ट्रक ड्राइवर है। वह एटा का रहने वाला है। उसके आपराधिक इतिहास की जाँच की जा रही है। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि माफिया मुख़्तार अंसारी के साथ उसके क्या सम्बन्ध हैं। पुलिस ने बताया है कि पूछताछ पूरी होते ही इस घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। उसने सरकार मिटाने की बात करते हुए धमकी दी थी कि ‘योगी आदित्यनाथ को भी नहीं छोड़ा जाएगा’।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी धमकियाँ मिलती रही हैं। गोंडा के एक युवक ने भी इसी तरह की करतूत की थी। उसने सीएम योगी को मुस्लिम समाज के लिए ख़तरा बताते हुए पुलिस को धमकी भरे मैसेज भेजे थे, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। लखनऊ में स्थित मुख़्तार अंसारी के अवैध निर्माण को गिराने के साथ ही उसके पत्नी-बेटों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

प्रतिदिन उसके किसी न किसी गुर्गे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, जिससे उसके गैंग में हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में पता चला है कि तीन बड़े बिल्डरों और कई वकीलों के जरिए मुख़्तार अंसारी के कालाधन को सफ़ेद करने का कारनामा चल रहा है। ऐसे बिल्डरों और वकीलों के 42 मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगे हैं। ये जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने का ठेका लेते हैं और अदालत में उसकी ओर से पैरवी करते हैं।

इनमें से 21 को थाने में हाजिरी लगाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। लखनऊ में रेलवे के ठेकों, मिट्टी का खनन, टोल पर वसूली और जमीन की खरीद-फरोख्त में इसी माफिया नेटवर्क का वर्चस्व रहा है। ट्रांस गोमती की कई सम्पत्तियों पर उसकी नज़र है। 3 साल पहले माड़ीगगाँव गुडम्बा में जमीन पर कब्जे को लेकर गोलीबारी भी हुई थी। 2019 में मिट्टी खनन को लेकर एक ठेकेदार पर गोलीबारी हुई थी। अब पुलिस इन मामलों में कार्रवाई कर रही है।

हाल ही में योगी सरकार ने मऊ सदर से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के नजदीकी व मुन्ना सिंह हत्याकांड में नामजद हिस्ट्रीशीटर एवं पूर्व सभासद रजनीश सिंह की 39 लाख रुपए की सम्पत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की है। पिछले दो दशकों के दौरान रजनीश कुमार सिंह मुख्तार अंसारी गिरोह का मुख्य शरणदाता व आर्थिक मददगार रहा है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

शनिवार (26 सितंबर 2020) को लाइव टेलीविज़न पर एक अजीबोगरीब बात हुई। बॉलीवुड अभिनेता नासिर अब्दुल्ला ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में एक विचित्र माँग कर दी। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से जुड़े कई सवाल हैं, एनसीबी उन सवालों का जवाब जानने के लिए सुशांत सिंह के भूत को समन भेज सकती है। 

आज तक पर हो रही एक परिचर्चा दौरान नासिर अब्दुल्ला ने यह हैरान करने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे कई लोगों को जानते हैं जो सुशांत सिंह की आत्मा को समन भेज सकते हैं। लिहाज़ा एनसीबी को प्रयास करना चाहिए कि वह सुशांत सिंह की आत्मा को समन भेजें और उससे ही ड्रग्स मामले और मौत से जुड़े सवालों के जवाब पूछें।

नासिर अब्दुल्ला ने कहा, “हम एक ऐसे इंसान की बात कर रहे हैं जो मर चुका है। हम फिर भी सुशांत सिंह से संपर्क कर सकते हैं। मुंबई में ऐसे कई लोग हैं जो सुशांत सिंह राजपूत की आत्मा को जगा सकते हैं और उससे बात कर सकते हैं।” विज्ञान को सिरे से खारिज करने वाले इस तर्क को सुन कर परिचर्चा में भाग लेने वाले अन्य जानकार दंग रह गए। परिचर्चा की संचालक अंजना ओम कश्यप भी नासिर अब्दुल्ला के इस बयान से हैरान हो गईं। नासिर अब्दुल्ला भी यह बात कह कर रुके नहीं, बल्कि उन्होंने ऐसा जल्द से जल्द करने की बात पर ज़ोर भी दिया। 

किसी के लिए भी यह समझना मुश्किल होता कि नासिर व्यंग्यात्मक बनने की कोशिश कर रहे थे या बनावटी। परिचर्चा जैसे-जैसे आगे बढ़ी एक बात और स्पष्ट हो गई कि नासिर इस तरह के दावे पूरी गंभीरता से कर रहे थे। गौरतलब है कि नासिर उन लोगों की सूची में भी शामिल हैं जो ड्रग्स मामले में आरोपित लोगों का लगातार बचाव कर रहे हैं। 

यह पहला मौक़ा नहीं है जब नासिर अब्दुल्ला ने इस तरह का बेतुका बयान देकर खुद का मज़ाक बनवाया है। आज तक चैनल पर एक चर्चा में उन्होंने शिव सैनिकों के उत्पात का समर्थन किया था। नासिर अब्दुल्ला ने अनाधिकारिक प्रवक्ता की तरह बर्ताव ही नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि शिवसेना महिलाओं का सम्मान करती है। 

नासिर ने कहा था, “मैं शिव सैनिकों द्वारा किए जाने वाले उपद्रव को बाल ठाकरे के समय से देख रहा हूँ। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं। कंगना रनौत महिला हैं, इसलिए शिव सैनिकों ने उनके साथ हिंसा नहीं की, हिंसा की जगह उन्होंने बुलडोजर का इस्तेमाल किया।”   

कुल मिला कर नासिर ऐसा कहना चाह रहे थे कि शिव सैनिकों ने कंगना के साथ मारपीट करने की बजाय उनका दफ्तर तोड़ कर उन पर एहसान किया। यह परिचर्चा कुल दो मुद्दों पर आधारित थी। पहला बीएमसी द्वारा कंगना के दफ्तर में की गई तोड़ -फोड़ और उद्धव ठाकरे से जुड़ा कार्टून साझा करने पर शिव सैनिकों द्वारा पूर्व नौसेना अधिकारी के साथ की गई मारपीट। 

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच शुरू होने के बाद बॉलीवुड और ड्रग्स का संबंध सामने आया है। जाँच में कई दिग्गज बॉलीवुड कलाकारों, प्रोड्यूसर और फिल्म निर्माताओं का नाम सामने आ चुका है। इसमें से कई लोगों को एनसीबी समन भी भेज चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत सिंह मामले की जाँच के दौरान बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन का खुलासा किया, जिसके बाद एनसीबी ने जाँच शुरू की थी। 

एनसीबी इस मामले में कई पहलुओं पर जाँच कर रही है, जिसमें ड्रग्स का सेवन, लेन-देन और ड्रग्स उपलब्ध कराना मुख्य है। एनसीबी आज बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से ड्रग्स मामले में पूछताछ कर रही है। इसी तरह एनसीबी ने रकुल प्रीत सिंह, श्रद्धा कपूर और सारा अली खान को भी ड्रग्स मामले में समन भेजा था। अभी तक एनसीबी फैशन डिज़ाइनर सिमोन खंबाटा और सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी का बयान दर्ज कर चुकी है।      

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

उद्योगपति अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया है कि लोन चुकाने और क़ानूनी लड़ाइयाँ लड़ने के लिए उन्हें अपने सारे गहने बेचने पड़े हैं। इससे उन्हें 10 करोड़ रुपए मिले। फिलहाल उनका खर्च पत्नी टीना अम्बानी और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा वहन किया जा रहा है। चीन के बैंकों ने लंदन हाईकोर्ट में लोन की रिकवरी के लिए अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करा रखा है।

अनिल अंबानी सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। इस दौरान उनसे उनकी संपत्ति, ऋण और खर्चों के हिसाब-किताब के बारे में 3 घंटे तक सवाज-जवाब किए गए। लक्जरी गाड़ियों को लेकर चल रही खबर को मीडिया द्वारा फैलाई गई अफवाह करार देते हुए बताया कि उन्होंने बेटे से भी लोन ले रखा है।

अंबानी ने सुनवाई को प्राइवेट रखने का अनुरोध किया था। जज ने कहा कि व्यक्तिगत शर्मिंदगी से बचने के लिए उन्होंने ये अनुरोध किया था। हालाँकि, इसे अस्वीकार कर दिया गया।

चीन के तीन बैंकों ने अनिल अंबानी के खिलाफ 71.7 करोड़ डॉलर का ‘जजमेंट लोन’ पाने में कामयाबी पाई है। ये मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

चूँकि अनिल अंबानी कोर्ट के आदेश के बावजूद इस ऋण को चुकता करने में असमर्थ रहे हैं लिहाजा उन्हें उनकी 1 लाख डॉलर की संपत्ति का ब्यौरा और पिछले 2 वर्षों के दौरान किए गए बैंक व क्रेडिट कार्ड लेनदेन के डिटेल्स सौंपने को कहा गया। अंबानी लगातार कहते रहे हैं कि उनका नेट वर्थ नेगेटिव में है। लेकिन चीनी बैंक यह मानने को तैयार नहीं हैं। बैंकों का कहना है कि उनकी लाइफस्टाइल और बड़े भाई मुकेश अंबानी से उन्हें मिल रही सहायता को देख कर नहीं लगता।

चीनी बैंकों के वकील बंकिम थांकी का कहना है कि अनिल अंबानी की तरफ से दिए ब्यौरा भी अपूर्ण है। अंबानी ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में अपना क्रेडिट कार्ड ही इस्तेमाल नहीं किया है, इसलिए उनके पास लेटेस्ट स्टेटमेंट है ही नहीं। पत्नी टीना को यॉट (Yacht) गिफ्ट करने को लेकर कहा कि वे ‘Seasick’ हैं और एक अनुशासित लाइफस्टाइल का अनुसरण करते हैं।

अनिल अंबानी ने कहा कि वे 61 साल के हैं। न स्मोकिंग करते हैं और न ही शराब पीते हैं। अक्टूबर 2018 में अपनी माँ से उन्होंने 500 करोड़ रुपए का लोन लिया था। उन्होंने बेटे से भी कई करोड़ के लोन ले रखे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास एक ही आर्ट है और टीना अम्बानी फाउंडेशन द्वारा किया गया एक्जीबिशन उनकी पत्नी का है।

अनिल अंबानी से चीनी बैंकों के वकील ने सुनवाई के दौरान पूछा कि वे जिस घर में रहते हैं क्या वह मुकेश अंबानी का है और वे बिना रेंट दिए वहाँ रह रहे हैं? अनिल ने इसका उत्तर ‘हाँ’ में दिया। चीनी बैंकों का कहना था कि अंबानी के वकीलों की बड़ी टीम देख कर नहीं लगता कि वे कंगाल हुए हैं। अनिल अंबानी के वकील हरीश साल्वे ने चीनी बैंकों द्वारा अनुमानित की गई ऋण की की धनराशि को कम करने के लिए दलीलें पेश की।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में जाँच जारी है। हर दिन भयावह खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक नया खुलासा अतहर खान ने किया है। दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक चार्जशीट दायर की थी, जिसमें अतहर खान का नाम शामिल था। जाँच के दौरान अतहर खान ने कुल 3 ऐसे लोगों के नाम बताए जो खालिस्तान समर्थक हैं और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई से लगातार संपर्क में थे।

ख़बरों के मुताबिक़ अतहर खान को दिल्ली पुलिस ने 12 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उस पर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई है। अतहर ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों में 3 ऐसे लोग भी शामिल थे, जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई से जुड़े हुए हैं। 

अतहर खान ने पुलिस को पूछताछ में बताया, “मेरे साथी रिज़वान ने फरवरी में मुझे इस बात की जानकारी दी थी। हमें खालिस्तानी आंदोलन समर्थकों बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह से शाहीन बाग़ में मिलना था।” अतहर ने बताया कि बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह आईएसआई से लगातार संपर्क में थे और उन्हें आईएसआई का समर्थन भी प्राप्त था। अतहर के अनुसार दोनों कहते थे, आईएसआई ने आदेश दिया है कि उन्हें सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन को उग्र बनाना है और लोगों को सरकार से लड़ने में मदद करना है। 

अतहर खान ने इसके अलावा भी कई हैरान करने वाले खुलास किए। उसने बताया कि उसके साथी रिज़वान सिद्दीकी ने कहा था कि खालिस्तानी समर्थकों ने दंगे भड़काने में मदद करने का वादा किया है। इतना ही नहीं उन्होंने धरना-प्रदर्शन वाली जगह पर अपने गुट का एक आदमी भेजने की बात भी कही थी। अतहर खान ने बताया, “कई दिनों बाद प्रदर्शन वाली जगह (चाँद बाग़) पर एक जबरंग सिंह नाम का व्यक्ति आया। उसने बताया कि बगीचा सिंह ने उसे भेजा है, उसने चाँद बाग़ में सरकार और देश के विरोध में भड़काऊ भाषण दिए थे।”

हाल ही में दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों से सम्बंधित कुछ व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं जिनके ज़रिए खुलासा हुआ है कि दंगे पूरी तरह सुनियोजित थे।    

बेंगलुरु ब्लास्ट: केरल से धराए गुलनवाज की जड़ें यूपी में, अब्बू ने कहा- मेरा बेटा आतंकी नहीं हो सकता

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से मुहम्मद गुलनवाज नामक आतंकी को धर-दबोचा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद के फुलास अकबरपुर गाँव का रहने वाला है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद यूपी ATS भी सक्रिय हुआ और उसने उसके गाँव जाकर ज़रूरी विवरण जुटाए। गुलनवाज के साथ एक अन्य आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था। 2008 में हुए बेंगलुरु बम धमाकों के मामले में ये गिरफ़्तारी हुई है।

गुलनवाज के पिता का नाम कामिल उर्फ़ वामिस है, जिनके तीन बेटों में से सबसे छोटा गुलनवाज ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान वह दो-तीन बार सऊदी अरब गया, जहाँ उसे वेल्डिंग का काम मिला था। तीन साल पहले जब वह वहाँ फिर से गया था तो उसने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया था। ‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि उसके पास थोड़ी-बहुत जमीन भी है।

अविवाहित गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की गिरफ़्तारी की खबर मीडिया के जरिए ही मिली। उसे सऊदी अरब की पुलिस ने भी डेढ़ वर्ष पहले रुपए बाहर भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहाँ उसकी सज़ा पूरी हो गई थी। गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उनके बेटे पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और वो आतंकी नहीं हो सकता।

इधर यूपी ATS की टीम ने भी गुलनवाज के परिजनों से पूछताछ कर के NIA के साथ सारे डिटेल्स साझा किए। परिवार का कहना है कि वो 12 साल पहले पहली बार सऊदी अरब गया था और तब से सहारनपुर नहीं आया है। वह परिजनों को रुपए भेजता रहता था। उसका एक बड़ा भाई भी सऊदी में ही है। ATS अब उसके स्थानीय कनेक्शंस को खँगालने में लगी हुई है। 2016 में पहली बार उसका नाम 2008 बेंगलुरु बम ब्लास्ट में सामने आया था।

बम ब्लास्ट में उसने ऑपरेटर की भूमिका निभाई थी। आतंकी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों की पूछताछ में NIA को गुलनवाज के भारत आने की सूचना मिली थी। हाल ही में यूपी के बरेली से इनामुल हक धरा गया था, जो अलकायदा के लिए युवाओं को भड़का रहा था। गुलनवाज के खिलाफ पहले से लुकआउट नोटिस जारी था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई आतंकियों के सामने आने के बाद यूपी पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं।

वहीं गुलनवाज के साथ ही गिरफ्तार किया गया शोएब उर्फ़ फाजिल केरल के कन्नूर स्थित पप्पिनस्सेरी के कोंडात का रहने वाला है। आतंकी मुहम्मद गुलनवाज ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर फंडिंग जुटाई थी, ताकि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। केरल में आतंकियों की 3 दिनों के भीतर ये 5वीं गिरफ़्तारी थी। ट्रांजिट रिमांड के नाम उसे कोच्चि से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।

हाल ही में राष्ट्रीय जॉंच एजेंसी (NIA) ने देश में आतंकी संगठन अल-कायदा के मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। केरल और पश्चिम बंगाल से 9 संदिग्ध आतंकी पकड़े गए थे। ये दिल्ली सहित देश के कई जगहों पर हमले की फिराक में थे। कुछ आतंकी हथियार और गोला-बारूद के लिए दिल्ली आने की योजना बना रहे थे। एनआईए ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्णाकुलम में कई जगहों पर छापेमारी कर इन आतंकियों को दबोचने में सफलता पाई थी।

झारखंड: पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से गैंगरेप, अंसारी गिरफ्तार; पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप

झारखंड के गोड्डा जिले में पहाड़िया जनजाति की नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई है। कथित तौर पर कुल 4 लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। इस मामले में अभी तक पुलिस महताब अंसारी नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। 

गोड्डा जिले के पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक बलात्कार की यह घटना सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घटियारी गाँव की है। पुलिस अभी तक इस घटना के मामले में महताब अंसारी नाम के युवक को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपित महताब अंसारी मूल रूप से घटियारी गाँव का ही रहने वाला है।

घटना बुधवार (23 सितंबर 2020) शाम के वक्त की है जब पीड़िता घटियारी से अपने गाँव जा रही थी। आरोपितों ने मौक़ा देख कर उसके साथ बलात्कार किया। ख़बरों के अनुसार पुलिस पर भी शुरुआत में मामले को दबाने का आरोप है। कहा जा रहा है कि सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र की पुलिस शुरुआत में प्राथमिकी दर्ज करने से आनाकानी करते हुए पीड़िता पर समझौता करने का दबाव बना रही थी।  

पुलिस का यह रवैया देख कर पीड़िता ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश से मुलाक़ात की। गुरुवार (24 सितंबर 2020) दोपहर में हुई इस मुलाक़ात के दौरान पीड़िता ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रमेश के आदेश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। फ़िलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जाँच कर रही है और अन्य आरोपितों को तलाश रही है।      

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले में NCB की पूछताछ के दौरान धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़े रहे क्षितिज रवि प्रसाद का नाम लिया, जिसके बाद एजेंसी ने उनके ठिकानों की तलाशी ली। इधर फिल्म निर्देशक करण जौहर ने बयान जारी कर कहा है कि क्षितिजउनके धर्मा प्रोडक्शंस के अधिकारी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि क्षितिज ने नवम्बर 2019 में काफी कम समय के लिए उनकी कम्पनी के लिए काम किया था।

NCB ने शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को रकुल प्रीत सिंह से पूछताछ की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने इस पूछताछ में बॉलीवुड के 4 बड़े अभिनेता-अभिनेत्रियों के नाम लिए और साथ ही करण जौहर के करीबी रहे क्षितिज प्रसाद का भी नाम लिया। हालाँकि, रकुल ने खुद ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया। उन्होंने बताया कि क्षितिज ने उनके कुछ क़रीबियों को ड्रग्स की सप्लाई की थी।

उन्होंने कहा है कि उन्हें क्षितिज की गतिविधियों की जानकारी है। उन्होंने बॉलीवुड के 4 बड़े नाम NCB को दिए हैं और कहा है कि क्षितिज ने उन्हें अपने ड्रग्स नेटवर्क का चैनल बनाने के लिए सम्पर्क किया था। रकुल का नाम रिया चक्रवर्ती से पूछताछ में सामने आया था। ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ की खबर में दावा किया गया है कि क्षितिज करण जौहर का दाहिना हाथ है।

उसका नाम सामने आते ही NCB उसके वर्सोवा स्थित घर पर पहुँची और वहाँ तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके ठिकाने से मारिजुआना और कुछ मात्रा में गाँजा आदि बरामद किया था। इसके बाद NCB उसे लेकर अपने दफ्तर तक गई। हालाँकि, एजेंसी ने फिलहाल उसकी गिरफ़्तारी या उसे हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है। लेकिन कहा है कि उसे जल्द ही कस्टडी में लिया जाएगा। उसका नाम ड्रग पेडलर अंकुश अरनेजा ने भी लिया था।

इधर करण जौहर ने भी बयान जारी करते हुए कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स में भ्रामक दावा किया जा रहा है कि जुलाई 28, 2019 को उनके यहाँ हुई पार्टी के दौरान ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था। बता दें कि इस पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। उन्होंने इस दावे को गलत बताते हुए इसे अपने खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके परिवार और कम्पनी पर झूठा कलंक लगाने के मीडिया ऐसा कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि जिन क्षितिज प्रसाद और अनुभव चोपड़ा को मीडिया उनका करीबी बता रहा है, उन दोनों को वो व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं। उन्होंने कहा कि ये दोनों अपनी व्यक्तिगत ज़िन्दगी में क्या करते हैं, इससे उनका या धर्मा प्रोडक्शंस का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुभव चोपड़ा को धर्मा प्रोडक्शंस ने नवंबर 2011 से जनवरी 2012 तक बतौर ‘सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर’ बहाल किया था।

वहीं उन्होंने क्षितिज प्रसाद के बारे में बताया कि उसे धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़ी कम्पनी धर्मेटिक एंटरटेनमेंट में एक कंटेंट के लिए बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बहाल किया गया था, जो पूरा ही नहीं हो सका। उन्होंने मीडिया के आरोपों को अप्रिय, विकृत और गलत करार देते हुए कहा कि उनके खिलाफ बिना किसी आधार के जो हमला किया जा रहा है, उसके विरुद्ध उन्हें अपने क़ानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है।

वहीं ड्रग्स मामले में शनिवार का दिन काफी बड़ा होने वाला है, क्योंकि इस दिन NCB बॉलीवुड की तीन बड़ी अभिनेत्रियों, दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करेगी। इन तीनों पर ही फिल्म इंडस्ट्री के सैकड़ों करोड़ रुपए दाँव पर लगे हुए हैं। दीपिका पादुकोण से पूछताछ के दौरान उनके पति रणवीर सिंह ने उपस्थित रहने की अपील की थी, ऐसा मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया था। NCB दीपिका और उनके साथ 8 साल से जुड़ी करिश्मा को आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी सामने आया था कि दीपिका उस व्हाट्सएप ग्रुप की एडमिन थी, जिसमें ड्रग्स को लेकर बॉलीवुड से जुड़े लोग बात करते थे। इस व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए कई बड़े कलाकारों का नाम सामने आने की संभावना है। दीपिका के अलावा करिश्मा और जाया साहा भी इस ग्रुप की एडमिन थीं। इस व्हाट्सग्रुप में दीपिका पादुकोण के कुल 2 नंबर शामिल थे। 

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के मामले में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद लगातार एक लॉबी दिल्ली पुलिस पर, सरकार की मंशा पर तरह-तरह के सवाल उठा रही है। ऐसे में कुछ दिन पहले 15 पूर्व जजों ने अपना साझा बयान जारी करके इस लॉबी को करारा जवाब दिया।

अपने बयान में इन पूर्व न्यायाधीशों ने सिविल सोसायटी की नुमाइंदगी का दावा करने वाले कुछ लोग को लताड़ा और उमर खालिद मामले में चल रही न्यायिक प्रक्रिया में अड़ंगे लगाने के लिए खरी-खरी सुनाई। बयान में पूर्व जजों ने लिखा, “ये वही लोग हैं जो संसद, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसे संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।”

पूर्व न्यायाधीशों ने बयान में कहा कि ऐसे लोग खुद संवैधानिक पदों पर रह चुके हैं और न्यायिक प्रक्रिया से भली-भाँति परिचित है, मगर फिर भी विभाजनकारी एजेंडे को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे लोग इस खयाल में जीते हैं कि देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को उनके हिसाब से काम करना चाहिए।

इस बयान में पूर्व न्यायाधीशों ने यह भी कहा है कि दिल्ली दंगों के संबंध में एक के बाद देश विरोधी गतिविधियों का खुलासा हो रहा है। लेकिन इसी बीच बार-बार जाँच प्रक्रिया और ट्रायल पर सवाल खड़े कर अड़ंगे लगाने की कोशिश की जा रही है। उमर खालिद के संदर्भ में ये समझा जाना चाहिए कि बेल के लिए न्याय व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया दी हुई है। न्याय प्रक्रिया के दौरान किसी को दोषी सिर्फ सबूतों के आधार पर ही सिद्ध किया जा सकता है।

फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का मतलब ये नहीं कि इससे किसी भी अपराध को करने या उसे बढ़ावा देनी की छूट मिल जाती है। राष्ट्रीय एकता को कुछ लोगों की विशेष सोच की कीमत पर बलिदान नहीं किया जा सकता है। कानून को अपना रास्ता अपनाना चाहिए। उमर खालिद भारत में नियम कानून के लिए अपवाद नहीं है।

बता दें कि उमर खालिद के समर्थन में उतरे लोगों को जवाब देने के लिए पूर्व न्यायधीशों द्वारा जारी किए गए बयान में जम्मू-कश्मीर व दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीसी पटेल, मुंबई हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के आर व्यास, राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अनिल दियो सिंह, सिक्किम हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस प्रमोद कोहली का नाम भी शामिल है। इनके अलावा 11 अन्य पूर्व न्यायाधीश ने भी इस बयान पर हस्ताक्षर किया है। इनके नाम नीचे सूची में लिखे हैं:

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली दंगों में पुलिस की जाँच पर सवाल उठाने वाले लोगों पर पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने भी खत लिख कर नाराजगी जाहिर की थी। अधिकारियों का मत था कि बाहरी दबाव बनाकर जाँच की प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने 13 सितंबर 2020 को दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर दंगों का षड्यंत्र रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने उमर खालिद पर गैरक़ानूनी गतिविधि (नियंत्रण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था। 

पुलिस ने उमर खालिद से लगभग 11 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर खालिद को रिहाई दिलवाने के लिए बकायादा अभियान चला दिया गया, जिसमें मीडिया गिरोह के लोगों से लेकर कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवि भी शामिल रहे।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

हरियाणा पुलिस ने पानीपत ट्रिपल मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए आरोपित नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। हसन ने अपनी पत्नी, साली और सास की हत्या कर उनके शवों से दुष्कर्म किया। आरोपी पानीपत के समालखा का रहने वाला है।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 27 वर्षीय नूर हसन ने पुलिस के सामने 25 वर्षीय पत्नी मधु, 18 वर्षीय साली मनीषा, 48 वर्षीय सास जमीला की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपित हसन ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने तीनों महिलाओं की हत्या करने के बाद उनके शवों के साथ बलात्कार किया था।

बता दें आरोपी नूर हसन अपनी पत्नी मधु और दो बेटों के साथ समालखा में किराए के मकान में रह रहा था। घटना के समय मधु की बहन भी उनके घर में ही थी।

हसन ने 5 सितंबर को तेज धार वाले हथियार से पत्नी और साली की हत्या कर उनके शरीर को रजाई में लपेटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। उसने पत्नी मधु का शव चुलकाना रेलवे क्रॉसिंग के पास फेंका और साली मनीषा का शव नाले में फेंक दिया। शवों की पहचान ना हो सके इसलिए चेहरे जला दिए थे।

इसके बाद 8 सितंबर को उसने बरशाम गाँव के पास अपनी सास को भी गला दबाकर मार दिया था। हसन ने अपनी सास के शरीर को जलाने की कोशिश भी की थी।

डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि हसन ने अवैध संबंध होने के संदेह पर पत्नी की हत्या की थी। उन्होंने कहा कि नूर हसन ने कुल्हाड़ी से पत्नी मधु और साथ रह रही साली मनीषा को मौत के घाट उतारा था।

हत्या के बाद उसने उनके चेहरे को डीजल डालकर जला दिया, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके और दोनों शवों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर फेंक दिया। जागरण की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हसन ने पहले से ही हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के बाद वह अपने दो बेटों को काम पर भी ले गया था।

हसन ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि उसने हत्या की योजना बनाई थी, क्योंकि महिलाओं ने उसका जीना मुश्किल कर दिया था। मधु हसन की दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी से उसके तीन बच्चे भी हैं।

पुलिस ने एक सप्ताह बाद तीन अलग-अलग स्थानों से शवों को बरामद किया था। हरियाणा पुलिस द्वारा 11 सितंबर को पानीपत के उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में मामले की जाँच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। हरियाणा पुलिस द्वारा हसन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नूर हसन को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया था। जिसके बाद उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।