Wednesday, April 14, 2021
Home देश-समाज 'पोल खुलने के डर से कुछ लोग छटपटा रहे हैं... रिया चक्रवर्ती की औकात...

‘पोल खुलने के डर से कुछ लोग छटपटा रहे हैं… रिया चक्रवर्ती की औकात नहीं है…’ – DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा

"आज तक मैंने सुना था कि न्यायाधीश भगवान का रूप होते हैं, आज मैंने देख भी लिया। मैं न्यायाधीश को सैल्यूट नहीं बल्कि इस फैसले के लिए साष्टांग प्रणाम करता हूँ।"

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जाँच का आदेश दिए जाने के बाद ख़ुशी जताते हुए कहा कि बिहार पुलिस सही निकली। बता दें कि बिहार पुलिस की एफआइआर पर ही सीबीआई ने मामला दर्ज किया। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय इस पर काफ़ी मुखर रहे थे। उन्होंने इसे अन्याय पर न्याय की जीत बताया और कहा कि ये 130 करोड़ देशवासियों की जीत है, सत्य की विजय है।

भाव-विह्वल नज़र आ रहे बिहार पुलिस के मुखिया ने कहा कि माननीय सु्प्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा, “आज तक मैंने सुना था कि न्यायाधीश भगवान का रूप होते हैं, आज मैंने देख भी लिया। मैं न्यायाधीश को सैल्यूट नहीं बल्कि इस फैसले के लिए साष्टांग प्रणाम करता हूँ।” साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गलत तरीके से मुंबई में बिहार पुलिस के विजय तिवारी को क्वारंटाइन कर दिया गया था।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि देशवासियों के मन में इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत की है। शिवसेना के संजय राउत द्वारा दिए गए तरह-तरह के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के बयान पर वो प्रतिक्रिया नहीं दे सकते लेकिन इतना स्पष्ट है कि बिहार पुलिस का स्टैंड सही था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी यही प्रमाणित होता है।

हालाँकि, वो ये कहने से नहीं चूके कि कुछ लोगों को बेचैनी थी और छटपटाहट रही होगी कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए। वहीं रिया चक्रवर्ती के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि अभिनेत्री की अभी इतनी हैसियत नहीं है कि वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करे, पूरे देश में लोग रिया को शक की नजर से देख रहे। उन्होंने कहा कि नीतीश के समर्थन से ही सुशांत के परिवार वालों में न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने इस मामले में आगे कहा:

“नतीजा आएगा, निश्चित आएगा क्योंकि ये केवल एक आदमी की लड़ाई नहीं है, एक परिवार की लड़ाई नहीं है, गुप्तेश्वर पांडेय की कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, ये हिंदुस्तान की 130 करोड़ जनता, जो न्याय चाहती है उसकी लड़ाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लोगों के मन में एक उम्मीद जगी है कि सुशांत सिंह के मामले में न्याय होगा। ये पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। पूरा देश सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था। हमारे ऊपर भी यह आरोप लग रहे थे कि हमने क़ानून और संविधान के हिसाब से ठीक काम नहीं किया। कोर्ट के फैसले से सब कुछ साफ हो गया है।”

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी लोग ख़ुश हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जाँच के दौरान मुंबई पुलिस ने क्या किया, ये किसी से छिपा नहीं है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस से कहा है कि वो सीबीआई का सहयोग करे और जाँच एजेंसी को इस मामले में कहीं भी दर्ज हुए एफआईआर के आधार पर नया केस दर्ज करने की छूट दी है, जिससे रिया चक्रवर्ती को झटका लगा है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

7000 वाली मस्जिद में सिर्फ 50 लोग नमाज पढ़ेंगे… प्लीज अनुमति दीजिए: बॉम्बे HC का फैसला – ‘नहीं’

"हम किसी भी धर्म के लिए अपवाद नहीं बना सकते, खासकर इस 15-दिन की प्रतिबंध अवधि में। हम इस स्तर पर जोखिम नहीं उठा सकते।"

CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, मनीष सिसोदिया ने कहा-12वीं के छात्र भी प्रमोट हों

कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा...

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘1 लाख का धर्मांतरण, 50000 गाँव, 25 साल के बराबर चर्च बने’: भारत में कोरोना से खूब फले ईसाई मिशनरी

ईसाई संस्था के CEO डेविड रीव्स का कहना है कि हर चर्च को 10 गाँवों में प्रार्थना आयोजित करने को कहा गया। जैसे-जैसे पाबंदियाँ हटीं, मिशनरी उन क्षेत्रों में सक्रिय होते चले गए।

14 सिम कार्ड, 1 व्हाट्सएप कॉल और मुंबई की बार डांसर… ATS ने कुछ यूँ सुलझाया मनसुख हिरेन की हत्या का मामला

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मर्डर की गुत्थी सुलझने में एक बार डांसर की अहम भूमिका रही। उसकी वजह से ही सारे तार आपस में जुड़े।

मुंबई में हो क्या रहा है! बिना टेस्ट ₹300 में कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, ₹10000 देकर क्वारंटाइन से मिल जाती है छुट्टी: रिपोर्ट

मिड डे ने मुंबई में कोरोना की आड़ में चल रहे एक और भ्रष्टाचार को उजागर किया है। बिना टेस्ट पैसे लेकर RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराई जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,197FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe