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‘भारत में हिंदू 60% से कम, मेरे रास्ते पर चलो, जीत हमारी है… इंशाल्लाह’ – जाकिर नायक ने दिया देश-तोड़ आइडिया

भारत से भाग कर मलेशिया में छिपा है इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक। वो वहीं से वीडियो संदेश जारी करता है। भारत में संप्रदाय विशेष के दिग्भ्रमित लोग यहाँ के अपने ही संप्रदाय के पढ़े-लिखे प्रोफेसरों या स्कॉलरों से सवाल-जवाब के बजाय भगोड़े जाकिर नाइक पर विश्वास करते हैं। इस्लामी किताबों का हवाला देकर वो ऐसे ही लोगों को भड़काने का काम करता है।

जाकिर नाइक ने 21 अगस्त 2020 को यूट्यूब पर अपना एक वीडियो अपलोड किया। भारत के प्रति इस इंसान की क्या सोच है, इस वीडियो से जाहिर होती है। वीडियो की शुरुआत भारत के अब्दुर्ररहमान के सवाल से होती है।

अब्दुर्ररहमान पूछता है – “अभी के भारत में रहना संप्रदाय विशेष के लोगों के लिए कठिन हो गया है। सत्ता पार्टी के द्वारा शायद अल्लाह हमारी परीक्षा लेना चाहता है। हमें ऐसे हालात में क्या करना चाहिए, जहाँ झूठे केसों में फँसा कर कई लोगों को UAPA में जेल में डाल दिया गया?”

जाकिर नाइक इस सवाल के जवाब में क्या-क्या जहर उगलता है, 17 मिनट 50 सेकंड का यह वीडियो उसी को दर्शाता है। नीचे उन हिस्सों का जिक्र आपको मिलेगा, जहाँ भगोड़े जाकिर ने जहर उगला है। पाठक की सुविधा के लिए टाइम सहित जानकारी ब्रैकेट में दी गई है।

2 मिनट 10 सेकंड से लेकर 2 मिनट 35 सेकंड तक

पिछले 4-6 साल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। संप्रदाय विशेष के लोगों की मॉब लिंचिंग हुई है। उनके लिए जीना तक दूभर हो गया है भारत में। जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे एक भी मामले में पुलिस ने अभी तक कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश नहीं किए हैं।

5 मिनट 30 सेकंड से लेकर 8 मिनट 20 सेकंड तक

2011 की जनसंख्या के अनुसार इस्लाम मानने वाले 14.2% हैं। और करीब 2 साल पहले भारत की सरकार ने कहा कि वहाँ 20 करोड़ से ज्यादा इस्लाम धर्म के हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि वो असम, बंगाल के संप्रदाय विशेष को संख्या मान ही नहीं रहे होंगे।

अनुमान से भारत में करीब 25 करोड़ से लेकर 30 करोड़ तक इस्लाम मानने वाले हैं। सरकार इस आँकड़े को दबाती है। लोग इंडोनेशिया को सबसे ज्यादा इस्लामी आबादी वाला देश मानते हैं लेकिन मेरे अनुसार भारत दुनिया का सबसे ज्यादा इस्लामी आबादी का देश है।

इसी आबादी में हल छुपा है। भारत में संप्रदाय विशेष के लोगों को सिर्फ एक पार्टी बनानी चाहिए, ऐसी पार्टी जो सिर्फ उनकी हो। इस पार्टी को दलितों से हाथ मिलाना चाहिए, जिनकी संख्या भारत में करीब 30 करोड़ है।

इस तरह से हम करीब 60 करोड़ की संख्या हो जाएँगे। क्योंकि दलित हिंदू नहीं हैं, उन्हें सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए हिंदू की श्रेणी में रखा जाता है।

13 मिनट से लेकर 16 मिनट 10 सेकंड तक

अगर किसी को इस्लाम का पालन करने में दिक्कत हो रही है तो उसे हिजरा (पलायन) करना चाहिए इस्लामिक देश में। लेकिन सारे लोग भारत से हिजरा कर जाएँ, यह समाधान नहीं है। समाधान हमारी राजनीतिक एकता है।

लेकिन एक राज्य से दूसरे राज्य में भी हिजरा किया जा सकता है, जहाँ संप्रदाय विशेष के लोगों को लेकर सोच अच्छी है। केरल ऐसा एक राज्य है। केरल में हिंदू भी एक तिहाई हैं, मुस्लिम भी एक तिहाई और ईसाई भी एक तिहाई हैं। केरल के लोग धर्मांध भी नहीं हैं।

भारत की सरकार केरल में राजनीतिक रूप से बहुत सशक्त भी नहीं है। इसलिए दूसरे राज्य में हिजरा करना है तो केरल सबसे बढ़िया है। बॉम्बे (मुंबई) और हैदराबाद भी कम कम्युनल हैं। कुछ हद से ज्यादा कम्युनल हैं, जैसे – उत्तर प्रदेश।

एक राज्य से दूसरे राज्य में हिजरा के अलावा एक ही राज्य के कम कम्युनल शहर में या एक ही शहर के ज्यादा सेफ जगह या कॉलनी में भी हिजरा कर सकते हैं। जैसे मुंबई में डोंगरी या बायकला सबसे सेफ है, जहाँ 80-90 प्रतिशत आबादी संप्रदाय विशेष के लोगों की है।

अंत में जाकिर नाइक कहता है कि अगर संप्रदाय विशेष के लोग राजनीतिक तौर पर, धार्मिक तौर पर एक हो जाएँ तो इनका पुराना गौरव लौट आएगा। गौरव कौन सा, यह नहीं बताया भगोड़े ने।

कुछ दिन पहले जाकिर नाइक के बेटे का भी वीडियो आया था। उसका नाम फरीक जाकिर नाइक है। उसका कहना है कि अल्लाह नॉन-इस्लामियों पर भी दया करते हैं क्योंकि उन्होंने उन लोगों को भोजन और घर दिया है। उसने कहा कि पानी या हवा, ये सब नॉन-इस्लामियों को भी दिया गया है। अल्लाह उस पर भी दया करते हैं। अल्लाह लोगों तक खुद ये संदेश पहुँचाते हैं कि हर एक बच्चा इस्लाम धर्म में ही जन्म लेता है, उसे बाद में हिन्दू या ईसाई बना दिया जाता है।

‘बीजेपी है तैयार-आत्मनिर्भर बिहार’: नड्डा का ऐलान- नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ेंगे चुनाव, LJP भी होगी साथ

बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिगुल फूॅंक दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगी। साथ ही रामविलास पासवान की लोजपा भी साथ रहेगी। पिछले दिनों इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थी कि जदयू से एलजीपी नाता तोड़ सकती है।

बिहार भाजपा कार्यसमिति की बैठक को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिये संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा “महामारी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव चुनौती से कम नहीं है। हम नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव लड़ेंगे। भाजपा, जदयू और लोजपा एक साथ चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी।”  

हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और LJP के चिराग पासवान के बीच बयानबाज़ी हुई थी। इस मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा भाजपा के कार्यकर्ताओं का एक बात का विशेष ध्यान रखना है। जीत केवल एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि सभी सहयोगी दलों की होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा तीनों दल जितनी बार साथ आए हैं उतनी बार जीत ही हुई है, भले हालात कितने विपरीत क्यों न हों।  

इसके अलावा जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के नारे को नए सिरे से दोहराया। उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी नए नारे के साथ बिहार में चुनाव लड़ेगी “बीजेपी है तैयार-आत्मनिर्भर बिहार।” 

उन्होंने आरजेडी के तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उनके मुताबिक़ आरजेडी चुनाव में वर्चुअल रैली (जन सभा) का विरोध कर रही है। फिर फेसबुक और ट्विटर क्या है? अगर उन्हें वर्चुअल रैली से इतनी ही परेशानी है तो वह फेसबुक और ट्विटर पर क्यों हैं? वह इन सोशल मीडिया माध्यमों का उपयोग क्यों करते हैं, इससे इतनी ही परेशानी थी तो इसे छोड़ क्यों नहीं देते देते हैं?

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दावा भी किया कि बिहार के विपक्ष में बिलकुल ताकत नहीं बची है। विपक्ष का यह हाल सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि अन्य जगहों पर भी है। भाजपा इकलौता ऐसा राजनीतिक दल है जिससे लोग आशा करते हैं इसलिए भाजपा का साथ देते हैं। विपक्ष के पास न तो विचारधारा है और न ही दूसरों का भला करने की दूर दृष्टि। देश में विपक्ष का जितना भी अस्तित्व बाकी रह गया है वह सिर्फ निचले स्तर की राजनीति में उलझा हुआ है। विपक्ष के लोग जब सत्ता में थे तब उन्होंने देश के लोगों की आशाओं को पूरा नहीं किया। इसलिए जनता उन पर भरोसा नहीं करना चाहती है।  

जेपी नड्डा के मुताबिक़ बिहार सरकार ने जिस तरह बाढ़ और महामारी का एक साथ सामना किया वह सराहनीय था। बिहार सरकार की तारीफ़ करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा राज्य में 12.5 लाख बेड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उसके अलावा 2 हज़ार से अधिक कोविड उपचार संबंधी सुविधा केंद्र हैं। इतना ही नहीं प्रतिदिन 10 लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं और देश का रिकवरी रेट 74 फ़ीसदी के अधिक पहुँच चुका है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को इस योजना के ज़रिए अनाज मिला है।

नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से निवेदन किया कि घर-घर जाकर जनसंपर्क करें। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए छोटी-छोटी जन सभाओं का आयोजन करें। महामारी के दौर में जनसंपर्क बेशक कठिन होगा इसलिए कार्यकर्ताओं को इस दौरान पूरी सावधानी बरतनी होगी। उनका कहना था कि बिहार में फ़िलहाल लॉकडाउन है। लेकिन जैसे ही यह ख़त्म होगा, वह बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।   

IIPM के निदेशक और ममता बनर्जी के हमदर्द अरिंदम चौधरी टैक्स चोरी के मामले में गिरफ्तार, 14 दिन की हिरासत में भेजे गए

इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ प्‍लांनिंग एंड मैंनेजमेंट (IIPM) के डायरेक्‍टर अरिंदम चौधरी को दक्षिण दिल्‍ली के सीजीएसटी कमिशनरेट ने गिरफ्तार किया है। चौधरी पर लगभग 23 करोड़ रुपए के क्रेडिट सेवा कर के केंद्रीय मूल्य वर्धित कर (CENVAT) के कथित दावे का भुगतान न करने का आरोप है

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अरिंदम चौधरी को दक्षिण दिल्ली के सीजीएसटी कमिशनरेट ने शुक्रवार (अगस्त 21, 2020) को वित्त अधिनियम की धारा 89 के तहत गिरफ्तार किया था। अरिंदम चौधरी के साथ ही उनके एक सहयोगी गुरुदास मलिक ठाकुर को भी वित्‍त अधिनियम की धारा 89 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

इसके बाद उन्‍हें एक स्‍थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्‍हें 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में ड्यूटी मजिस्‍ट्रेट ज्‍योति माहेश्‍वरी के सामने पेश किया गया था।

अब अरिंदम चौधरी और उनकी कंपनी की दिल्‍ली और विदेश में स्थित सभी संपत्तियों की भी जाँच की जाएगी। चौधरी की कंपनी में 90 फीसदी हिस्‍सेदारी है। बाकी की 10 फीसदी हिस्‍सेदारी उनकी पत्‍नी की है। चौधरी और उनके सहयोगी ठाकुर को अब 3 सितंबर, 2020 को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इससे पहले अरिंदम चौधरी को 14 मार्च को एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई थी। उस समय उन्‍हें कथित रूप से जाली मेडिकल सर्टिफिकेट पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने उन्हें 2016 के एक मामले के संबंध में जाँच में शामिल होने के लिए कहा था।

बता दें कि अरिंदम चौधरी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जाने-माने समर्थक और हमदर्द हैं। ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए संपादकीय और ब्लॉग लिख चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने चौधरी के आईआईपीएम से एमबीए की डिग्री हासिल की थी।

पिछले साल, लोकसभा चुनाव के ठीक बाद, अभिषेक बनर्जी द्वारा चुनाव के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए हलफनामे में उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत विवरण प्रस्तुत करने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। चुनाव अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2014 के चुनावों में, बनर्जी ने हलफनामे में बताया है कि उन्होंने आईआईपीएम विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री पूरी की है, जो कि मान्यता प्राप्त नहीं है।

जब UPA सरकार में मंत्री रहे प्रफुल्ल पटेल के विरोध के बाद ब्लूम्सबरी ने वापस ले ली थी किताब

ब्लूम्सबरी इंडिया ने जनवरी 2014 में एयरलाइन के पूर्व कार्यकारी निदेशक जितेंद्र भार्गव द्वारा लिखी पुस्तक ‘The Descent of Air India’ के प्रकाशन को वापस ले लिया था। ब्लूम्सबरी इंडिया ने ऐसा पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के विरोध के बाद किया था। बता दें कि प्रफुल्ल पटेल ने पब्लिकेशन हाउस के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।

इस पुस्तक में वरिष्ठ एनसीपी नेता और यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय एयरलाइन के कमजोर वित्तीय अवस्था के लिए दोषी ठहराया गया है। पब्लिशिंग हाउस ने प्रफुल्ल पटेल से कहा था कि अगर उन्हें कंटेंट की वजह से किसी प्रकार की शर्मिंदगी हुई, तो वे माफी माँगते हैं। ब्लूम्सबरी ने एक बयान में कहा था, “किसी भी तरीके से उन्हें (प्रफुल्ल पटेल) बदनाम करना हमारा मकसद कभी नहीं था।”

अक्टूबर 2013 में प्रकाशित, ‘द डिसेंट ऑफ़ एयर इंडिया’ में बताया गया है कि कैसे बोइंग और एयरबस से 2005 से 2006 के बीच 111 विमानों की खरीद के लिए सौदा हुआ और इंडियन एयरलाइंस के साथ इसके विलय से इंडियन एयरलाइंस के लिए वित्तीय संकट उत्पन्न हुआ।

प्रफुल्ल पटेल मई 2004 से जनवरी 2011 तक नागरिक उड्डयन के लिए केंद्रीय मंत्री थे। पब्लिकेशन हाउस की माफी के बाद, पटेल ने ब्लूम्सबरी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया था।  2014 में कहा गया कि जब पटेल ने ब्लूम्सबरी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया था, तब उन्होंने जितेंद्र भार्गव के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया था। उनके वकील सतीश मनेशिंदे थे, जो वर्तमान में सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती का केस लड़ रहे हैं।

स्टॉक में बची हुई पुस्तक की सभी प्रतियों को नष्ट कर दिया गया था। भार्गव ने कहा था कि दस्तावेजों के आधार पर उनके आरोपों की पुष्टि की जा सकती है। जितेंद्र ने बताया कि बाद में उन्होंने पुस्तक को स्वयं प्रकाशित किया

गौरतलब है कि अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा, सोनाली चितलकर और प्रेरणा मल्होत्रा की पुस्तक ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story’ का प्रकाशन ब्लूम्सबरी ने वापस ले लिया है। प्रकाशन संस्थान ने इस्लामी कट्टरपंथियों और वामपंथी लॉबी के दबाव में आकर ऐसा किया।

उन्होंने इसके पीछे का एक कारण उनकी जानकारी के बिना लेखकों द्वारा आयोजित किए गए वर्चुअल प्री-पब्लिकेशन इवेंट लॉन्च करने को बताया। प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया ने यह बातें एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा।

अब इस्लामी कट्टरवादी आतिश तासीर ने खुलासा किया है कि स्कॉटिश इतिहासकार और लेखक विलियम डेलरिम्पल ही वो व्यक्ति है, जिसने इस पुस्तक के प्रकाशन पर रोक लगवाई है। आतिश तासीर ने मोनिका अरोड़ा की दिल्ली दंगों पर आने वाली पुस्तक को सत्ता का प्रोपेगेंडा करार देते हुए कहा कि डेलरिम्पल ने इसके प्रकाशन पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके लिए वे उनके आभारी हैं।

उन्होंने तो यहाँ तक कहा कि स्कॉटिश लेखक के बिना ये संभव नहीं हो पाता। साथ ही उन्होंने (आतिश तासीर) इस पुस्तक के प्रकाशन को वापस लेने के लिए ब्लूम्सबरी इंडिया का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी और इसके हिंसक लोगों द्वारा इतिहास को बदलने का प्रयास बलपूर्वक किया जा रहा है, इसीलिए इस पुस्तक को वापस लिया ही जाना था।

जिसने किया रेप उससे ही करवा दी 10 साल की बच्ची का निकाह, 6 महीने बाद दे दिया तीन तलाक

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फरनगर जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। 10 साल की बच्ची का निकाह का निकाह कथित तौर पर उससे करवा दिया गया जिसने उसके साथ बलात्कार किया था। फिर 6 महीने बाद आरोपित ने उसे तीन तलाक दे दिया।

इस महीने की शुरुआत में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मुज़फ़्फरनगर के बुढाना थाना क्षेत्र के एक गाँव में काउंसलिंग के लिए गई थी। उसके बाद यह घटना सामने आई। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी।  

चाइल्ड हेल्पलाइन की इंचार्ज पूनम शर्मा के मुताबिक़ पीड़िता की 16 फरवरी को शादी अपनी बहन के देवर से करवा दी गई थी। कथित आरोपित उत्तर प्रदेश के ही शामली ज़िले का रहने वाला है। 4 अगस्त 2020 को आरोपित ने नाबालिग लड़की को उसके घर छोड़ा था। इसके बाद पीड़िता के परिवार वालों ने चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करने का प्रयास किया था।

ख़बरों के मुताबिक़ पुलिस घटना की जाँच कर रही है। बुढाना थानाध्यक्ष केपी सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि नाबालिग पीड़िता के परिवार की तरफ से अभी तक लिखित में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जैसे ही उनके पास लिखित में शिकायत होगी वह आगे की कार्रवाई करेंगे। थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पीड़िता के परिवार वालों से इस संबंध में बात हुई थी, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा अभी तक कुछ भी कागज़ पर नहीं है, सब कुछ अनाधिकारिक है। जैसे ही पीड़िता के परिवार की तरफ से शिकायत मिलती है, वैसे ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी।  

ऑपइंडिया ने घटना के संबंध में चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) से भी बात करने की कोशिश की। हेल्पलाइन की महिला कर्मचारी ने इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा हम इस घटना के बारे में जानकारी नहीं दे सकते हैं। यहाँ की लगभग सारी जानकारी गुप्त रखी जाती है। इन सारी बातों के अलावा घटना का एक पक्ष सामने आ रहा है।  

कई समाचार समूहों में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ नाबालिग पीड़िता पर उसकी बहन ने शादी का दबाव बनाया था। हैरानी की बात यह है कि 10 साल की लड़की की ऐसे व्यक्ति से शादी कराई गई जिसने उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया था। लड़की को लगभग 6 महीने तक यह सब कुछ झेलना पड़ा। अंत में नाबालिग लड़की से शादी करने वाले आरोपित ने उसे तीन तलाक दे दिया।   

अब चीन को सऊदी अरब ने दिया झटका, 10 अरब डॉलर के समझौते से खींचे हाथ; भारत में निवेश करती रहेगी अरामको

कोरोना वायरस फैलाने के लेकर चीन पूरी दुनिया के निशाने पर है। पिछले दिनों गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के बलिदान होने के बाद चीन को लेकर भारत का रुख सख्‍त होता चला गया। भारत ने एक के बाद एक कई परियोजनाओं में समझौते रद्द कर चीन को झटके दिए। अब सऊदी अरब ने भी चीन को तगड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) ने चीन के साथ हुए 10 अरब डॉलर (करीब 75 हजार करोड़ रुपए) के समझौते से हाथ खींच लिए हैं।

इस डील के तहत चीन के साथ मिलकर अरामकोएक रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाने वाली थी। चीन के लिए यह बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मची तबाही के बीच तेल की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट के कारण यह फैसला लिया गया है। 

तेल की कीमतों में गिरावट से तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है और ऐसे में मौजूदा हालात को ध्‍यान में रखते हुए अरामको ने चीन के साथ इस डील को फिलहाल निलंबित करने का फैसला किया है।

सऊदी अरब और चीन के बीच हुए डील को निलंबित किए जाने का कारण हालाँकि तेल का सस्‍ता होना बताया जा रहा है, पर इसे लेकर अरामको या उनके चीनी भागीदारों चाइना नॉर्थ इंडसट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन और पंजिन सिनसेन की तरफ से कोई टिप्‍पणी नहीं की गई है। चीन और सऊदी अरब के बीच यह डील फरवरी 2019 में हुई थी, जिस पर खुद सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान ने साइन किया था।

माना जा रहा था कि इसके इसके जरिए अरामको जहाँ एशियाई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती थी। यह भी कहा गया था कि इस डील के बाद सऊदी अरब, चीन में बड़ा निवेश कर सकता है। लेकिन फिलहाल बाजार में जारी अनिश्चितता को देखते हुए इस डील को ठंडे बस्‍ते में डाल दिया गया है। दरअसल कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में पाबंदियाँ हैं और तेल की माँग भी काफी घट गई है।

तेल की घटती माँग का सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ा है, जिससे दुनिया भर में तकरीबन सभी कंपनियाँ प्रभावित हैं। सऊदी अरामको भी तेल की घटती माँग और कीमत में गिरावट की समस्‍या से जूझ रही है। ऐसे में उसने फिलहाल कैपिटल एक्सपेंडिचर घटाने पर फोकस किया है और इसी के तहत उसने चीन साथ इस बड़ी डील पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। इससे चीन को व्‍यापक पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक अरामको ने महाराष्ट्र में प्रस्तावित 44 अरब डॉलर के रत्‍नागिरी मेगा रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश का ऐलान किया था। आशंका जताई जा रही थी कि अगर तेल की कीमतें ऐसे ही कम होती रहीं तो कंपनी भारत में भी निवेश से पीछे हट सकती है। हालाँकि अरामको ने इस पर साफ कर दिया है कि कंपनी ने भारत में अपनी निवेश योजना में कोई बदलाव नहीं किया है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के साथ 15 अरब डॉलर का सौदा भी शामिल है।

वहीं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने शनिवार (अगस्त 22, 2020) को कहा कि इस वर्ष ‘मेड-इन-चाइना’ गणेश की मूर्तियों का आयात शून्य रहा है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बोलते हुए, CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “हर साल देश भर में भगवान गणेश की लगभग 30 करोड़ मूर्तियाँ खरीदी जाती हैं।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों अमेरिका ने चीन पर कोरोना संक्रमण समेत कई बातों को लेकर निशाना साधा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की एप्लीकेशन टिकटॉक और वी चैट के मालिकों से किसी भी तरह का लेन-देन करने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके साथ ही रूस ने चीन को दी जाने वाली S-400 मिसाइल की डिलीवरी पर रोक लगा दी थी।

हाल ही में भारतीय रेलवे ने 44 नए हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन निर्मित करने के टेंडर को रद्द कर दिया है। भारत सरकार की ओर से टेंडर रद्द किए जाने का कदम चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योेंकि 44 हाई स्पीड ट्रेन की आपूर्ति के लिए 6 दावेदारों में चीनी संयुक्त उद्यम सीआरआरसी पॉयनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड अकेली विदेशी बोलीदाता के रूप में उभरी थी। लेकिन चीन से इसका संबंध होने के कारण टेंडर रद्द कर दिया गया।

5 पूर्व CM, पूर्व मंत्रियों और सांसदों ने लिखा सोनिया गाँधी को लेटर: पार्टी नेतृत्व पर सवाल, बड़े बदलाव की माँग

कॉन्ग्रेस में पार्टी के बड़े नेताओं ने अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गाँधी को पत्र लिखकर कॉन्ग्रेस में बड़े बदलाव करने की माँग की है। यह माँग कॉन्ग्रेस के 23 बड़े नेताओं ने लिखित पत्र के माध्यम से की है। इनमें 5 पूर्व मुख्‍यमंत्री, शशि थरूर जैसे सांसद, कॉन्ग्रेस कार्यसमिति के सदस्‍य और तमाम पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं।

कॉन्ग्रेस के इन तमाम 23 नेताओं ने परोक्ष तौर पर गाँधी परिवार को निशाने पर लिया है। उनके अनुसार पार्टी प्रमुख में बदलाव करके कॉन्ग्रेस पार्टी को हो रहे नुकसान से बचा जा सकता है। बता दें कि सीडब्ल्यूसी की अहम बैठक (CWC Meet) 24 अगस्त की सुबह 11 बजे होनी है। इसके मद्देनजर वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी आलाकमान सोनिया गाँधी को यह पत्र लिखा है।

23 नेताओं में गुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, विरप्पा मोइली, राज बब्बर, मिलिंद देवड़ा, संदीप दीक्षित, रेणुका चौधरी, मनीष तिवारी और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

पत्र में नेताओं ने दावा किया है कि नेतृत्व पर अनिश्चितताओं के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। उन्होंने पत्र में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर भी वकालत की।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पत्र बीजेपी की प्रगति की ओर इशारा करता है। यह स्वीकार करते हुए कि युवाओं ने निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी को वोट दिया है। पत्र बताता है कि कॉन्ग्रेस को बुनियादी रूप से समर्थन का घाटा हुआ है। युवाओं का विश्वास खोना गंभीर चिंता का विषय है।

यह पत्र करीब दो हफ्ते पहले भेजा गया था। पत्र के जरिए बड़े नेताओं ने एक ‘पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व’ लाने की माँग की है, जो कि धरातल पर दिखे भी और सक्रिय भी रहे। साथ ही पार्टी के पुनरुद्धार के लिए सामूहिक रूप से संस्थागत नेतृत्व तंत्र की तत्काल स्थापना के लिए भी कहा गया है।

पत्र में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में हार के एक साल बाद भी पार्टी ने लगातार गिरावट के कारणों का पता लगाने के लिए कोई आत्मनिरीक्षण नहीं किया है। सीडब्ल्यूसी ने पार्टी सदस्यों के मार्गदर्शन को लेकर भी कोई बात नहीं की है।

वहीं कॉन्ग्रेस की होने वाली बैठक को लेकर यह जानकारी सामने आई ही कि पार्टी के पदों में महत्वपूर्ण फेरबदल हो सकता है। इसके अलावा राजनीतिक मुद्दों, अर्थव्यवस्था की स्थिति और कोरोना वायरस संकट जैसे कई मुद्दों पर भी बात की जा सकती है।

वहीं सूरजेवाला ने इस मुद्दे को लेकर कहा था कि आज व्हाट्सएप में मीडिया-टीवी डिबेट गाइडेंस पर विशेष गलत सूचना समूह ने फेसबुक-बीजेपी लिंक से ध्यान हटाने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं के गैर-मौजूद पत्र की कहानी चलाने का निर्देश दिया गया। अलबत्ता, भाजपा के दिग्गजों ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने भी रविवार को पार्टी में निराशा और जुनून की कमी को बताते हुए ट्वीट किया है। उन्होनें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी अपने पोस्ट में मेंशन किया है।

कॉन्ग्रेस शासित निकायों को नहीं मिल रहे डेवलपमेंट फंड्स: महाराष्ट्र के 11 कॉन्ग्रेस विधायकों ने खोला मोर्चा

महाराष्ट्र के कॉन्ग्रेस विधायक ने आरोप लगाया है कि राज्य में जितने भी स्थानीय निकायों पर उनकी पार्टी का शासन है, उन्हें शिवसेना के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। बता दें कि कॉन्ग्रेस भी राज्य में सत्ता की साझीदार है और पार्टी के कई मंत्री उद्धव ठाकरे ने नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस विधायक का डेवेलोमेंट फंड्स को लेकर ऐसे आरोप लगाना चौंकाने वाला है।

महाराष्ट्र की ‘महाविकास अघाड़ी’ सरकार में एनसीपी भी शामिल है। जालना के विधायक कैलाश गोरंटयाल ने आरोप लगाया कि राज्य का शहरी विकास मंत्रालय कॉन्ग्रेस के शासन वाले स्थानीय निकायों को विकास के लिए फंड्स देने में कोताही बरतते हुए अन्याय कर रहा है। उन्होंने अपने स्थानीय निकाय के बारे में भी यही आरोप लगाया। कॉन्ग्रेस विधायक ने शुक्रवार (अगस्त 21, 2020) को ये बातें कही।

विधायक ने ये भी बताया कि उनके 10 अन्य साथियों ने भी महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के प्रभारी को इस समस्या से अवगत कराया है। पार्टी प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष बालासाहब थोराट को भी इस समस्या से विधायकों ने अवगत कराया है। इससे पहले कॉन्ग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर डेवलपमेंट फंड्स के बराबर वितरण की माँग रखी थी, ताकि सभी स्थानीय निकायों को इसका फायदा हो।

हालाँकि, विधायक ने ये भी कहा कि सीएम ने इस मामले को देखने का आश्वासन दिया है। जहाँ राज्य में पार्टी गुटबाजी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के कारण उसे स्वतंत्र रूप से कुछ भी करने का मौक़ा नहीं मिल रहा है। कॉन्ग्रेस की राज्य यूनिट का कहना है कि सारे मलाईदार विभाग एनसीपी के पास हैं और कॉन्ग्रेस को बचे-खुचे विभाग दे दिए गए हैं और पार्टी का नेतृत्व इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा।

UAE से 5 लाख का ‘रमजान किट’, बाँटने के लिए कुरान की प्रतियाँ: केरल के मंत्री KT जलील के खिलाफ केंद्रीय जाँच?

केरल के वामपंथी सरकार में मंत्री केटी जलील को केंद्रीय मंजूरी के बिना UAE से विदेशी सहायता स्वीकार करने के लिए बुक किया गया है। जलील के खिलाफ केंद्रीय जाँच हो सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय केटी जलील द्वारा विदेशी मुद्रा अधिनियम का उल्लंघन करने की जाँच की तैयारी कर रहा है। इस मामले में अब एनआईए भी एंट्री ले सकती है।

‘मातृभूमि’ की ख़बर के अनुसार, जलील ने खुद फेसबुक पर पोस्ट किया था कि उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वाणिज्य दूतावास से मदद मिली है। इसके आधार पर, केंद्र सरकार के पास कई शिकायतें दर्ज कराई गई थी। जलील को कुरान के वितरण से संबंधित आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के समक्ष केरल की कई शिकायतें आने के बाद मंत्रालय अब जाँच की तैयारी कर रहा है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय को आशंका है कि इस मामले में विदेशी मुद्रा विनियमों का उल्लंघन हुआ है। वहीं विदेश मंत्रालय में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई है। केंद्र सरकार ने लाइफ मिशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान जलील मुद्दे पर भी चर्चा की। इसके आधार पर यह मामला वित्त मंत्रालय के संज्ञान में आया। अगले ही सप्ताह इस मामले की कार्रवाई शुरू किए जाने की उम्मीद है, जिसमें एनआईए भी शामिल हो सकती है।

यूएई काउंसलेट से मदद लेने के मामले में केरल के उच्च-शिक्षा मंत्री केटी जलील फॉरेन एक्सचेंज के उल्लंघन के मामले में फँसते दिख रहे हैं। दरअसल, उन्हें यूएई के वाणिज्य दूतावास की ओऱ से 5 लाख रुपए के मूल्य का ‘रमजान किट’ दिया गया था। उन्होंने UAE दूतावास से सीधे ये चीजें प्राप्त की थी। इसके अलावा उन्हें कुरान की कई प्रतियाँ भी मुहैया कराई गई थीं, जिन्हें उन्होंने मल्ल्पुरम में स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र थवनूर में वितरित किया था।

बताया गया है कि ‘रमजान किट’ में कई फ़ूड आइटम्स थे। वहीं केटी जलील का कहना है कि वो किसी भी प्रकार की जाँच से नहीं डरते हैं और किसी भी एजेंसी का सामना करने को तैयार हैं। फ़िलहाल वो आइसोलेशन में हैं, क्योंकि उनके एक गार्ड को कोरोना संक्रमित पाया गया था। उन्होंने बताया कि वो फोन पर किसी भी प्रकार के पूछताछ के लिए उपलब्ध हैं। उनके खिलाफ केंद्र के पास कई शिकायतें गई हैं।

ये घटना मई 2020 की है, जब रमजान का महीना चल रहा था। फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के सेक्शन 4.2 में मंत्रियों के ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ में बताया गया है कि केंद्रीय या राज्यों के मंत्री किसी भी विदेशी संस्था से 5000 रुपए से ज्यादा के व्यक्तिगत गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते। केटी जलील केरल सोने की तस्करी मामले में फँसी स्वप्ना सुरेश से 16 बार फोन कॉल पर बात करने को लेकर भी निशाने पर हैं।

ज्ञात हो कि केरल में डिप्लोमेटिक बैगेज की आड़ में सोने की तस्करी का मामला स्वप्ना सुरेश से शुरू हुआ और फिर इसके तार मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दफ्तर तक पहुँच गए। स्वप्ना सुरेश ने कहा था कि उनके अकाउंट से जो 1 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं, वो उन्हें केरल सरकार से ‘लाइफ मिशन प्रोजेक्ट’ के एजेंट के रूप में काम करने के लिए बतौर कमीशन मिले थे। ये केरल सरकार का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है जिसे 2017 में लॉन्च किया गया था।

इसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम इसीलिए आता है क्योंकि इस प्रोजेक्ट के मुखिया वही हैं और उन्होंने UAE की यात्रा भी की थी ताकि इसके लिए 20 करोड़ का डोनेशन जुटा सकें। UAE के ‘Red Crescent’ से उन्हें 20 करोड़ रुपए मिले, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। स्वप्ना सुरेश ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट को पास कराने के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपए कमीशन मिले। कॉन्ग्रेस का तो यहाँ तक आरोप है कि केरल सीएम के UAE जाने के बाद ही स्वप्ना सुरेश और IT सचिव एम शिवशंकर भी दुबई गए थे।

ऑटोप्सी से 10-12 घंटे पहले ही हो गई थी सुशांत की मौत, AIIMS के डॉक्टर करेंगे जाँच: कुर्ते वाला एंगल भी आया सामने

सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या मामले की जाँच सीबीआई कर रही है। इससे पहले इस बात पर बहस हो रही थी कि सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी रिपोर्ट में उनकी मृत्यु के समय का कोई जिक्र नहीं था। इसकी जाँच के लिए एम्स के 4 डॉक्टरों की एक टीम तैयार की गई है, जो रिपोर्ट का विश्लेषण कर सीबीआई को रिपोर्ट देगी। गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम इसकी जाँच करने के बाद मुंबई के लिए प्रस्थान करेगी।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कूपर हॉस्पिटल में उनकी ऑटोप्सी कराई गई थी। मुंबई पुलिस ने भी ऑटोप्सी करने वाली डॉक्टरों की टीम को मृत्यु के समय को लेकर सवाल भेजे हैं। इसके बाद उन्हें 5 अगस्त को डॉक्टरों ने जवाब भी दिया था। ये रिप्लाई सुप्रीम कोर्ट को सब्मिट की गई रिपोर्ट का भी हिस्सा है, जिसे सीबीआई को सौंपा गया है। डॉक्टरों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि पोस्टमॉर्टम से 10-12 घंटे पहले उनकी मृत्यु हो गई थी।

बता दें कि सुशांत का पोस्टमॉर्टम 14 जून को रात 11:30 बजे हुआ था। उनकी मृत्यु के समय घटनास्थल से कुर्ता भी मिला था, जिसे टेंसाइल रिपोर्ट के लिए भेजा गया। इसके बाद 27 जुलाई को ये रिपोर्ट पुलिस को मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि ये कुर्ता 200 किलो तक का वजन बर्दाश्त कर सकता है। अभिनेता के गर्दन पर मिले फाइबर को कुर्ते के फाइबर से मैच किया गया, जो समान निकला।

इधर सुशांत सिंह राजपूत के घर पर जाकर सीबीआई ने क्राइम सीन को रिक्रिएट किया। इस दौरान उसके साथ सुशांत के कुक नीरज और रूममेट सिद्धार्थ पिठानी भी साथ थे। सुशांत के घर से लेकर बेडरूम तक की तस्वीरें क्लिक की गईं और वीडियो भी शूट किया गया। सीबीआई की टीम ने भी कूपर हॉस्पिटल जाकर डॉक्टरों से मुलाकात की। सीबीआई इस मामले में और भी लोगों से आज पूछताछ करेगी।

सुशांत सिंह के कुक नीरज से शुक्रवार को पूछताछ की गई थी। इसके अगले दिन सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी से पूछताछ की गई। आज फिर पूछताछ के लिए सिद्धार्थ पिठानी को पूछताछ के लिए DRDO गेस्ट हाउस बुलाया गया है, जहाँ सीबीआई की टीम मौजूद है। सिद्धार्थ पिठानी और नीरज को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ किए जाने की योजना है। कुल 6 घंटे तक सुशांत के फ्लैट पर जाँच की गई।

बांद्रा में जिस किराए के मकान में सुशांत सिंह राजपूत का 14 जून को शव लटका हुआ मिला था, वहाँ पर पड़ोसी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि 13 जून की रात करीब 10.30-10.45 के बीच सुशांत राजपूत के कमरे की सभी लाइट्स बंद हो गई थी। सिर्फ किचन की लाइट जल रही थी। सुशांत के घर की लाइट 13 जून की रात को 10.30-10.45 बजे अचानक बंद हो गई थी। ऐसा अमूमन नहीं होता था, क्‍योंकि वह देर तक जागते थे।