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बार एंड बेंच, लाइव लॉ करते हैं सुनवाई की गलत और एकतरफा रिपोर्टिंग: जस्टिस मिश्रा ने लगाई लीगल मीडिया पोर्टल्स को लताड़

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने लीगल मीडिया पोर्टल ‘बार एंड बेंच’ और ‘लाइव लॉ’ द्वारा कोर्ट की सुनवाइयों की, की जाने वाली रिपोर्टिंग के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मुकदमों की लाइव रिपोर्टिंग जिस तरह से की जाती है, वह अक्सर एकतरफा होती है और वह भी गलत अंदाज में। विडंबना यह है कि इस मामले को बार और बेंच ने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है।

प्रशांत भूषण अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। सजा की मात्रा पर फैसला आना बाकी है। इससे पहले बहस के दौरान जस्टिस मिश्रा ने कहा कि रिटायर होने से पहले यह सब कुछ करना बेहद कष्टदायक है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमेशा आलोचना के लिए तैयार रहा है। मुकदमों की जिस तरह से लाइव रिपोर्टिंग की जाती है वह अक्सर एकतरफा होती है। क्या कभी कोर्ट ने उसमें कार्रवाई की? कोर्ट ने कहा कि कम से कम वरिष्ठ सदस्यों से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती और आजकल यह चलन बन चुका है।

जस्टिस अरूण मिश्रा ने कहा, “अपने ट्वीट्स के बचाव में दिए गए प्रशांत भूषण के जवाब निराशाजनक और अनुचित थे। आपको सहनशील होना होगा। कोर्ट ने कहा कि आप देखें कि अदालत क्या कर रही है और क्यों कर रही है? सिर्फ हमला मत करिए, जज खुद का बचाव करने या समझाने के लिए प्रेस के पास नहीं जा सकते। क्या लोग हमारी आलोचना नहीं कर रहे हैं? इतने लोग हमारी आलोचना करते हैं, लेकिन हमने कितने लोगों को दोषी ठहराया या सजा दी है?”

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को फिर से उन आरोपों के बारे में ‘विचार करने’ के लिए कहा और कहा कि अगर वह चाहते हैं तो अपना बयान वापस ले सकते हैं, कोर्ट की सुनवाई 30 मिनट बाद फिर से शुरू होगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब बुनियाद हिलाने का दुस्साहस कोई करे तो कुछ न कुछ करना होगा। इसके लिए उन्होंने (प्रशांत भूषण) अपना सच गढ़ा और उसकी ही आड़ ली। ये बहुत नकारात्मक है और कई मामलों में हतोत्साह करने वाला भी।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और प्रशांत भूषण के वकील राजीव धवन ने सजा नहीं देने की माँग की। इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशांत भूषण का ट्वीट अनुचित था। कोर्ट ने कहा कि हमारे बुनियादी तथ्य और वास्तविकता इनसे अलग हैं और हमें इनके (प्रशांत भूषण) के बयान दुर्भावना से भरे लग रहे हैं।

इसके पहले कोर्ट की सुनवाई शुरू होने के साथ अपने प्राथमिक सबमिशन में प्रशांत भूषण के वकील राजीव धवन ने 2009 अवमानना मामले को संविधान पीठ को दिए जाने की माँग की थी, जिसे कोर्ट ने दूसरी बेंच को सौंपने की सिफारिश कर दी। इस तरह से तहलका इंटरव्यू वाले केस को एक दूसरी बेंच को सौंप दिया गया। और इसकी सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

फैक्ट चेक: क्या भारत सरकार ने राम मंदिर भूमि पूजन या मंदिर निर्माण के लिए भुगतान किया है?

जब से देश के सर्वोच्च न्यायालय ने रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया और अयोध्या में दशकों से चले आ रहे भूमि विवाद को समाप्त कर राम मंदिर के निर्माण की अनुमति दी, तभी से राम मंदिर के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले धन को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है।

5 अगस्त 2020 को राम मंदिर भूमि पूजन समारोह के आसपास, कुछ लोग, जो राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ हैं, ने आरोप लगाया कि भारत सरकार भूमि पूजन और राम मंदिर निर्माण पर करदाताओं का पैसा खर्च कर रही है।

क्या सरकार भूमि पूजन या राम मंदिर पर पैसा खर्च कर रही है?

ऑपइंडिया ने मामले में सच्चाई जानने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के प्रवक्ता चंपत राय से संपर्क किया। जब हमने उनसे पूछा कि भूमि पूजन समारोह के लिए भुगतान किसने किया, तो उन्होंने कहा कि इस समारोह का खर्च ट्रस्ट वहन करेगा। हालाँकि, उन्हें अभी तक बिल नहीं मिले हैं। वो कहते हैं कि जैसे ही उन्हें आपूर्तिकर्ताओं से बिल मिलेंगे, वे भुगतान प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

जब उनसे ओवैसी जैसे विपक्षी नेताओं के सवाल को लेकर पूछा गया कि वो राम मंदिर या भूमि पूजन के निर्माण पर सवाल उठाते हैं और इसकी तुलना राज्य सरकारों द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टियों से करते हैं, तो चंपत राय ने उस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें राजनीतिक बयानों में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जो चाहें कह सकते हैं। उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।

राम मंदिर निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा दान किया गया धन

भारत सरकार ने वास्तव में राम मंदिर के निर्माण के लिए धन दान किया है। राम मंदिर ट्रस्ट को दिए गए एक रुपए का पहला दान केंद्र सरकार ने ट्रस्ट के गठन के बाद किया था। इस पहले दान के बाद, निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोई पैसा नहीं दिया गया है।

राम मंदिर निर्माण के लिए योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया धन

मार्च 2020 में, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपए का दान दिया था। हालाँकि, यह धनराशि उन्होंने अपनी बचत में से दान की थी, न कि यूपी सरकार के फंड से। योगी आदित्यनाथ द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को दिया गया चेक सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार विशेष सुरक्षा समूह का वित्त पोषण करती है, जो विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का ध्यान रखता है। यदि प्रधानमंत्री किसी भी कारण से किसी भी कार्यक्रम में जा रहे हैं, तो एसपीजी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

क्या भारत सरकार ने भूमि पूजन या राम मंदिर निर्माण के लिए भुगतान किया?

हमारी टीम ने पाया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरुआती दान 1 रुपए के अलावा, केंद्र सरकार ने भूमि पूजन या राम मंदिर निर्माण पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया है। सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा किए गए दावे नकली हैं। राम मंदिर ट्रस्ट, दान के माध्यम से दुनिया भर के हिंदू भक्तों से पैसा इकट्ठा कर रहा है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से निर्माण के लिए ताँबे की पट्टी दान करने का भी अनुरोध किया है।

सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI ने मुंबई पुलिस के जाँच अधिकारी और सब इंस्पेक्टर को भेजा समन

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में CBI ने मुंबई पुलिस के जाँच अधिकारी भूषण बेलनेकर और एक सब इंस्पेक्टर को समन भेजा है। बेलनेकर सुशांत मामले की जाँच कर रहे थे। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने पिछले दिनों जाँच अधिकारी का बयान लिया था। अब उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा है।

वहीं, दूसरी ओर सुशांत के चार्टर्ड अकाउंटैंट संदीप श्रीधर, सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, रसोइए नीरज, रजत मेवाती और केशव समेत सीबीआइ 6 लोगों से डीआरडीओ गेस्ट हाउस में पूछताछ की गई। इसी गेस्टहाउस में सुशांत के केस की जाँच कर रही सीबीआई की टीम ठहरी हुई है। माना जा रहा है अब सीबीआइ रिया चक्रवर्ती को कभी भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।

गौरतलब है कि सुशांत 14 जून को अपने बेडरूम में मृत पाए गए थे। उस दिन कुल 4 लोग घर में थे। उनमें से घर के नौकर नीरज सिंह को आज लगातार पाँचवे दिन DRDO गेस्ट हाउस लाया गया। नीरज सुशांत को फंदे से लटकते हुए देखने वालो में से एक है। क्रिएटिव आर्ट डिजायनर सिद्धार्थ पीठानी से भी लगातार पूछताछ हो रही है। सिद्धार्थ ने ही दरवाजा नहीं खुलने पर चाबी वाले को बुलाया था। लॉक तोड़ने के बाद चाबी वाले को बेडरूम में जाने नहीं दिया था।

सुशांत को पंखे से बंधे फंदे पर लटकते देख सुशान्त की बहन मीतू सिंह को फोन पर बताया और फिर मीतू सिंह के कहने पर सुशांत सिंह राजपूत का शव नीचे उतारा था। हाउस कीपर दीपेश सावंत भी उस दिन सुशान्त कमरे में सिद्धार्थ के साथ गया था और  सुशान्त का शव उतारने में मदद की थी। कुक केशव ने सुबह सुशांत को केला ,जूस और नारियल पानी देने का दावा किया था। 

सोमवार को, सीबीआई की टीम मुंबई स्थित रिजॉर्ट का दौरा किया, जहाँ राजपूत ने कुछ महीने बिताए थे। सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को पिठानी और नीरज के बयानों को दर्ज किया था। शनिवार को जाँच टीम पिठानी, नीरज और सावंत को राजपूत के फ्लैट में ले गए और वहाँ घटनाओं को सिलसिलेवार ढंग से फिर से रचा। तीनों को रविवार को फिर से फ्लैट पर ले जाया गया और सीबीआई ने डीआरडीओ गेस्ट हाउस पर उनसे फिर से पूछताछ की गई।

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह को जहर देने का भी आरोप लगाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा, “हत्यारों और उनकी शैतानी मानसिकता की पहुँच धीरे-धीरे सामने आ रही है। ऑटॉप्सी को जानबूझकर लेट किया गया, ताकि सुशांत सिंह के पेट में जहर घुल जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि जो जिम्मेदार हैं, उन पर नकेल कसने की जरूरत है।

इसके अलावा उन्होंने संदिग्ध संदीप सिंह से भी सवाल-जवाब करने की बात कही। बता दें कि संदीप सिंह की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है कि उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता संजय निरुपम और अभिनेता सूरज पंचोली की माँ जरीना वहाब को कॉल किए थे। कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप सिंह पिछले 10 महीनों से सुशांत के साथ संपर्क में नहीं थे। सुशांत सिंह के साथ संदीप की अंतिम बार बातचीच सितंबर, 2019 में हुई थी। 

10 माह से सुशांत के सम्पर्क में नहीं थे संदीप सिंह, कॉन्ग्रेस के संजय निरुपम और जरीना वहाब से की थी बात: कॉल रिकॉर्ड से खुलासा

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में संदिग्धों पर सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। वहीं, इस मामले में हर रोज नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। समाचार चैनल टाइम्स नाऊ के हाथ सुशांत सिंह राजपूत के कथित करीबी दोस्त संदीप सिंह के मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड्स लगा है।

बताया जा रहा है कि इस कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप सिंह पिछले 10 महीनों से सुशांत के साथ संपर्क में नहीं थे। सुशांत सिंह के साथ संदीप की अंतिम बार बातचीच सितंबर, 2019 में हुई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि संदीप यदि सुशांत सिंह के इतने करीबी दोस्त थे तो वह अभिनेता के संपर्क में क्यों नहीं थे? 

रिपब्लिक टीवी के अनुसार, ये भी पता चला है कि संदीप सिह ने एंबुलेस के ड्राइवर को कॉल किया था। संदीप ने 14 जून को 3 बार और 16 जून को एक बार ड्राइवर को कॉल किया था। कुल मिलाकर संदीप और एंबुलेंस ड्राइवर के बीच 4 बार बात हुई थी। एंबुलेंस ड्राइवर से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।

कॉल डिटेल से यह भी खुलासा हुआ है कि संदीप सिंह द्वारा कॉन्ग्रेस नेता संजय निरुपम और अभिनेता सूरज पंचोली की माँ जरीना वहाब को भी कॉल किए गए थे।

जानकारी के मुताबिक, नवंबर 16, 2019 और जुलाई 29, 2020 की अवधि के बीच संदीप सिंह ने संजय निरुपम को 28 कॉल किए थे। इससे पहले संजय निरुपम ने दावा किया था कि जब सुशांत की मौत की खबर सामने आई थी, तब वह संदीप सिंह के साथ थे।

दूसरी तरफ, सूरज पंचोली की माँ जरीना वहाब के साथ उनकी कॉल डिटेल्स भी सामने आई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों के बीच सितंबर 4, 2019 से जून 20, 2020 तक 5 बार कॉल पर बातचीत हुई है।

कॉल रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि 14 जून को, एम्बुलेंस ड्राइवर अक्षय बंडगर ने शाम 6.40 बजे संदीप सिंह को कॉल किया और 48 सेकंड तक बातचीत की। इसके बाद उसने 7.57 बजे दूसरी कॉल की और 51 सेकंड तक उनसे बात की।

कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप ने एम्बुलेंस ड्राइवर को तीसरी कॉल 9 जून को सुबह 9.59 बजे की थी। इसके बाद संदीप सिंह ने 16 जून को फिर से 104 सेकंड तक एंबुलेंस ड्राइवर से बात की थी। कॉल डिटेल के सामने आने के बावजूद एंबुलेंस ड्राइवर का कहना है कि वो संदीप सिंह को नहीं जानता। उसे तो मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। ड्राइवर ने कहा कि उसने पहली बार संदीप सिंह का नाम सुना है।

कॉल डिटेल्स के मुताबिक, संदीप सिंह ने पिछले 10 महीने से सुशांत को एक भी बार फोन नहीं किया। बावजूद इसके वे सुशांत को अपना करीबी दोस्त बताते आए हैं। सुशात का परिवार पहले दिन से ये दावा कर रहा है कि वे संदीप सिंह को नहीं जानते। उन्हें ये भी नहीं मालूम कि संदीप सुशांत के करीबी थे।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह की मौत के बाद संदीप सिंह फ्रंट पर काम करते दिखे थे। अस्पताल से लेकर श्मशान घाट तक संदीप सिंह सबसे आगे नजर आए थे। कूपर अस्पताल में सारा काम संदीप सिंह की देखरेख में हुआ था। सुशांत की बहन के साथ भी संदीप सिंह दिखे थे।

लेकिन अब जिस तरह से संदीप सिंह को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या संदीप सिंह को अस्पताल में किसी ने भेजा था, क्योंकि सुशांत संग तो उनकी पिछले 10 महीने में कोई बात ही नहीं हुई थी, तो क्यों वे आगे आकर सब लीड कर रहे थे। संदीप सिंह के दुबई कनेक्शन की भी बात सामने आ रही है।

केरल सचिवालय में वहीं लगी आग जहाँ थे गोल्ड स्मगलिंग काण्ड के साक्ष्य, सबूत मिटाने की होगी कोशिशें, कहा था विपक्ष ने

तिरुवनंतपुरम में केरल सचिवालय में मंगलवार (अगस्त 25, 2020) को आग लग गई, जिसे विपक्ष ने ‘सोने की तस्करी मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने की साजिश’ कहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने केरल सरकार के खिलाफ सचिवालय के समक्ष धरना दिया। 5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 30 किलोग्राम सोना जब्त होने के बाद से केरल सोना तस्करी कांड गर्माया हुआ है।

केरल के भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि यह सुनियोजित तोड़फोड़ और सोने की तस्करी मामले में मंत्रियों की भागीदारी को छिपाने का एक प्रयास था। रहस्यमयी तरीके से लगी इस आग को साजिश बताने के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को विरोध प्रदर्शन के बाद मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा, “लोकतंत्र का कत्लेआम किया गया है।” उनकी पार्टी के प्रदर्शनकारी नेताओं ने आग प्रभावित क्षेत्रों की फोरेंसिक जाँच की माँग की है।

रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय में लगी आग पर नियंत्रण पा लिया गया था, लेकिन इससे पहले कई फाइलें नष्ट होने की सूचना सामने आई हैं, जिसके कारण कई विपक्षी नेताओं को साजिश का संदेह हुआ है। सचिवालय में हाउसकीपिंग सेल के अतिरिक्त सचिव पी हनी ने कहा कि एक कंप्यूटर के शॉर्ट सर्किट से लगी आग से गोल्ड तस्करी मामले की जाँच कर रहे प्रोटोकॉल अधिकारी के कार्यालय को नुकसान हुआ है।

मौके पर अग्निशमन कर्मियों के आने तक, कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। मुख्य सचिव विश्वास मेहता घटनास्थल पर पहुँचे और उन्होंने इस घटना की विस्तृत जाँच का आश्वासन दिया। हालाँकि, एक टीवी चैनल से उन्होंने कहा कि कोई महत्वपूर्ण फाइल नष्ट नहीं हुई हैं और वे सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय कार्यालय में केवल दो लोग थे और वे सुरक्षित हैं।

पहले भी लगे हैं सुबूतों को नष्ट करने के आरोप

उल्लेखनीय है कि केरल के विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला ने जुलाई 22, 2020 को आरोप लगाया था कि राज्य सरकार सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे बदलकर सोने की तस्करी मामले में सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रही है।

चेन्निथला ने कहा कि सभी सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें मुख्य सचिव भी इसमें शामिल हैं। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार चेन्नीथला ने सबूतों को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा था, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार सोने की तस्करी से जुड़े सभी सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बिजली की गड़गड़ाहट का हवाला देकर सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे बदले गए। हमने हाल ही में कोई गड़गड़ाहट या बिजली की आवाज़ नहीं सुनी है। मुझे वास्तव में शक है। चेन्निथला ने कहा कि सभी सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य सचिव भी इसमें शामिल हैं।”

केरल गोल्ड स्मगलिंग केस

गौरतलब है कि यूएई वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश और दो अन्य लोगों के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में ₹14.82 करोड़ कीमत के 30 किलो गोल्ड स्मगलिंग के हाई प्रोफाइल मामले में केस दर्ज किया गया था। यह घटना 5 जुलाई तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की है।

ED की कस्टडी में स्वप्ना सुरेश ने NIA की पूछताछ में बताया कि विभिन्न बैंकिंग और गैर बैंकिंग चैनल के जरिए निवेश करके इस अपराध को अंजाम दिया गया। एनआईए मामले की जाँच कर रही है।

‘3 महीने नहीं, 3 साल से बम बना रहा था मेरा बेटा युसूफ’: ISIS आतंकी के अब्बू-भाई-बीवी के बाद अब अम्मी आई सामने

दिल्ली से गिरफ्तार ISIS आतंकी अबू युसूफ का उत्तर प्रदेश स्थित बलरामपुर में रहने वाले परिवार के सदस्य एक-एक कर सामने आ रहे हैं और अलग-अलग बातें कर रहे हैं। अब उसकी अम्मी कहकशाँ सामने आई है, जिन्होंने कहा है कि उनके बेटे अबू युसूफ का राम मंदिर से कोई सरोकार नहीं था क्योंकि भूमिपूजन तो 20 दिन पहले ही हुआ है जबकि, अबू युसूफ तो 3 साल से बम बना रहा था।

गौरतलब है कि ISIS आतंकी अबू युसूफ ने खुद स्वीकार किया है कि वो राम मंदिर भूमिपूजन का बदला लेना चाहता था। अब इस खुलासे से स्थानीय पुलिस का सिरदर्द और बढ़ गया है कि वो 3 सालों से बम बना रहा था और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालाँकि, अबू युसूफ की अम्मी की मानें तो वो बाबरी मस्जिद के बारे में बातें करते हुए कहता था कि अगर वहाँ मस्जिद बन भी गई तो इबादत करने कौन जाएगा?

उसकी अम्मी का कहना है कि वो हमेशा यूट्यूब वीडियो देखता रहता था और अपने मोबाइल फोन पर ही व्यस्त रहता था। उन्होंने दिल्ली पुलिस के समक्ष हुए पूछताछ में भी बताया है कि युसूफ उर्फ मुस्तकीम यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो देखा करता था और पिछले 3 सालों से बम बनाने के काम में जुटा हुआ था। ISIS आतंकी युसूफ की अम्मी का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उसके इरादे इतने खतरनाक हो चुके हैं।

अबू युसूफ की अम्मी कहकशाँ ने ये भी बताया कि युसूफ खुद में ही व्यस्त रहता था और किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। 2010 में जब वह सऊदी से लौटा था, तभी से वो इसमे कट्ट्टरता की राह पर चल पड़ा था और ISIS के संपर्क में आने लगा था। कहकशाँ ने ये भी बताया कि उसकी इस्लामी कट्टरता के कारण पूरे गाँव ने उससे और उसके परिवार से किनारा कर रहा था।

‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, उसके पड़ोस में रहने वाले एक बुजुर्ग महिला ने भी इस बात की पुष्टि की है कि युसूफ उर्फ मुस्तकीम के परिवार से गाँव के सभी लोगों ने सबंध समाप्त कर लिए थे। शादी-विवाह ये अन्य समारोहों में उन्हें नहीं बुलाया जाता था। उसने कब्रिस्तान में विस्फोटक का ट्रायल भी किया था। उस समय धुएँ के गुबार से आसमान भर गया था, जिससे गाँव में दहशत का माहौल हो गया था।

ज्ञात हो कि इससे पहले उसके परिवार के अन्य लोग भी अलग-अलग किस्म के बयान दे चुके हैं। उसकी बीवी ने कहा कि उसका शौहर लगभग दो साल से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाता था और एक खाली बक्से में रखता था। उसके अब्बू का कहना है कि उसके बेटे की रीढ़ की हड्डी खिसकी हुई है, जिसका 2 साल से लखनऊ में इलाज चल रहा है। वो मामाँ के बीमार बेटे को देखने लखनऊ गया था।

वहीं उसके भाई ने कहा कि उसे ISIS के झंडे की पहचान नहीं है पर रात को झंडा देखा। काले रंग के झंडे पर सफेद रंग से अरबी में ‘अल्लाह हू अकबर ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह‘ लिखा था। आकिब ने बताया कि उसका भाई सऊदी और अन्य जगहों पर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार देर रात एनकाउंटर के बाद वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के अबू यूसुफ खान को गिरफ्तार किया था।

सुशांत की ऑटॉप्सी में जानबूझकर हुई देरी, पेट में जहर घुलने का किया गया इंतजार: सुब्रमण्यम स्वामी

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत का मामला सीबीआई के पास पहुँचने के बाद अब इस केस में बहुत तेजी से कई खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में, भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी इस मामले पर लगातार टिप्पणियाँ कर रहे हैं।

मगंलवार (अगस्त 25, 2020) को भी सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट किया और सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त और फिल्ममेकर संदीप सिंह से पूछताछ की माँग उठाई। इसके अलावा बीजेपी नेता स्वामी ने सुशांत सिंह को जहर दिए जाने की बात भी अपने ट्वीट में की।

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने एक ट्वीट में संदीप सिंह का उल्लेख करते हुए लिखा, “संदिग्ध संदीप सिंह से भी सवाल-जवाब होने चाहिए कि वो कितनी बार दुबई गया और क्यों गया?”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने सुशांत सिंह को जहर दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा, “हत्यारों और उनकी शैतानी मानसिकता की पहुँच धीरे-धीरे सामने आ रही है। ऑटॉप्सी को जानबूझकर लेट किया गया, ताकि सुशांत सिंह के पेट में जहर घुल जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि जो जिम्मेदार हैं, उन पर नकेल कसने की जरूरत है।

इससे पहले भी स्वामी ने सुशांत की मौत के मामले में दुबई कनेक्शन और पोस्टमार्टम लेट होने का मुद्दा उठाया था। सोमवार को ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा था, “जैसे एम्स के डाक्टर्स को सुनंदा पुष्कर के पेट में असली जहर मिला था। वैसा श्रीदेवी और सुशांत के केस में नहीं हुआ। सुशांत ने मौत के दिन दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने उनसे मुलाकात की थी? आखिर क्यों?”

गौरतलब है कि सुशांत केस में सीबीआई लगातार अपनी जाँच को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में सुब्रमण्यम स्वामी भी लगातार इस केस पर अपना मत साझा कर रहे हैं। उनके अलावा सुशांत सिंह राजपूत के भाई नीरज सिंह भी माँग कर रहे हैं कि सिद्धार्थ पिथानी और संदीप सिंह को थर्ड डिग्री देकर पूछताछ की जाए। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का निधन 14 जून को हुआ था। सीबीआई उनकी मौत की जाँच कर रही है। 

भगवान राम-सीता को गाली देने वाली हीर खान गिरफ्तार: पुलिस के डर से रिश्तेदार के घर छुपी थी

माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ बताने वाली विवादित हीर खान को प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस विवादित वीडियो को बनाने के बाद हुई शिकायतों से डर से हीर खान अपने एक रिश्तेदार के घर छुपी हुई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इसकी सूचना अपने ट्विटर अकाउंट से दी है।

शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट में लिखा है, “अल्लाह के अलावा किसी से ना डरने का दावा करने वाली हीर खान को फ़िलहाल यूपी पुलिस के होमगार्ड्स से भी खौफ लग रहा है, हमारे देवी देवताओं के लिए बेहद घटिया बयान देने वाली हीर खान मुक़दमा दर्ज होते ही फ़रार हो गई है, गिरफ़्तारी के लिए यूपी पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।”

इसके अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “प्रयागराज पुलिस ने हीर खान को गिरफ़्तार कर लिया है। ये अपने एक रिश्तेदार के घर छुपी हुई थी।”

यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर एक इस्लामी कट्टरपंथी महिला हीर खान ने ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ बकी गई हैं। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ शब्द का प्रयोग किया है और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया। आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल ने यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है।

सोशल मीडिया पर #ArrestHeerKhan सुबह से टॉप ट्रेंड कर रहा है, लोग हीर खान की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। इस मामले में लखनऊ पुलिस के पास मुकदमा दर्ज किया गया और साइबर टीम मामले की पड़ताल में जुट गई थी।

हीर खान इस वीडियो में हिन्दुओं को ‘काफिर’ बताते हुए कहती है, “सीता ₹#डी थी, सीता %$ड़ मरवाती थी, सीता चु$% मरवाती थी, झाँ## के बाल नोच लेंगे। अयोध्या तो एक ₹#डीखाना है। सीता को न जाने कितने मुल्लों ने चो$# था। सीता इतना बुरा #$वाती थी कि रावण तक भी हार जाता था। रावण कहता था कि मेरे ल$₹ में दर्द हो रहा है, तेरे %$त में कितना अंदर डालूँ। सीता की माँ का भों$₹₹, श्रीराम की माँ की $%त।”

उक्त महिला यहीं नहीं रुकी बल्कि उसने और भी आगे बढ़ कर भगवान राम और माँ सीता के लिए अपशब्दों की बौछार लगा दी। उसने हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए कहा, “श्रीराम भ#वे की औलाद, श्रीराम ₹#डी की औलाद, तुम्हारे 33 करोड़ देवी-देवताओं की माँ का भों#ड़ा। तेरे गणपति की $%त में आग लगा देंगे। तुम सब मा$रचो# हो। तुम्हारी मीडिया की माँ का भों#ड़ा।”

यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में जबरदस्त आक्रोश का माहौल है। हीर खान ने अपनी बदजुबानी जारी रखते हुए आगे कहा, “सेकुलरिज्म की माँ का भों#ड़ा, भाईचारा निभाने वालों की माँ का भों#ड़ा। साथ में उनकी भी माँ का भों#ड़ा जो कहते हैं कि भगवानों को गाली मत दो। उनकी भी माँ-बहनों को $#द डालेंगे। सीता, दुर्गा और काली – सबको कोठे पर बिठा कर चु#$ डालेंगे।”

अपनी हर वीडियो में ज़हर उगलने वाली हीर खान ने उस वीडियो में कहा है, “वो नाजायज थी और मात्र 6 साल की थी, जब रावण ने उसका ख़ून निकाल दिया था। जितने भी सेक्युलर पत्रकार हैं, तेरी माँ का भों#ड़ा। तुमलोग सोच रहे थे कि तुम इस्लाम को गाली दोगे और हम सुनते रहेंगे?”

महिला ने लगातार माँ सीता और माँ दुर्गा के लिए अपशब्द कहे। साथ ही उसने ये भी धमकी दी कि जिसे मन हो, वो जाकर एफआईआर करा दे। हीर खान के इस यूट्यब चैनल पर कई वीडियो हैं। वो वहाँ जनवरी 2020 से वीडियो डाल रही है। उसका कहना है कि उसका पुराना यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया है। कुछ वीडियो में तो वो पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर के लिए भी अपने ‘प्यार’ का प्रदर्शन करती रहती है।

एसेंबल इन इंडिया: भारत में शुरू हुई iPhone SE की एसेम्बलिंग, 20% आयात शुल्क घटने से बेहद कम होगी कीमत

गैजेट्स निर्माता कम्पनी एप्पल (Apple) ने भारत में कम कीमत वाले सेकंड जेनेरेशन iPhone SE (2020) को एसेम्बल करना शुरू कर दिया है, जो कि बहुत जल्द ही अधिकृत रिटेल स्टोर्स और ऑनलाइन चैनलों तक पहुँच जाएगा। iPhone SE (2020) की भारत में प्रोडक्शन शुरू होने के कारण अब Apple को इस पर 20% आयात शुल्क नहीं देना पड़ेगा, जिसके कारण कंपनी इसकी कीमतों को कम कर सकती है। केंद्रीय संचार और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर पर इस बात की जानकारी दी है।

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने ट्वीट में लिखा, “Apple का नवीनतम और सबसे सस्ता स्मार्टफोन iPhoneSE अब भारत से निर्यात किया जा रहा है। COVID-19 द्वारा लाए गए व्यवधानों के बावजूद बेंगलुरु में सुविधा से इसका उत्पादन रिकॉर्ड समय में शुरू हुआ। हम भारत को एक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (मेन्युफेक्चरिंग) केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

iPhone SE (2020) अब ‘एसेंबल इन इंडिया’ के टैग के साथ आएँगे। यानी, Apple का यह किफायती iPhone भारत में ही एसेंबल किया जाएगा। iPhone SE (2020) के बाद उम्मीद है कि भविष्य में और भी आईफोन भारत में ही एसेंबल किए जाएँगे। इसके साथ ही सम्भावनाएँ यह भी बढ़ रही हैं कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के अभियान में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ iPhone चाहने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए आईफ़ोन एप्पल (Apple) ने नए iPhone SE को भारत में लाया है, जो कि iPhone 11 की सामर्थ्य के साथ Apple iPhone 8 जैसा दिखता है। भारतीय बाजार में यह सिर्फ 42,500 रुपए में उपलब्ध होगा। यह फोन 128 जीबी और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में भी उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन कंपनी ने फिलहाल अपने बाकी दो वेरिएंट की कीमत से पर्दा नहीं उठाया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईफ़ोन निर्माता कंपनी एप्पल ने एक बयान में कहा, “नया iPhone SE (आईफोन एसई) हमारी सबसे ताकतवर चिप को हमारे सबसे ताकतवर साइज और सस्ती कीमत पर पैक करता है और हम इसे अपने स्थानीय ग्राहकों के लिए भारत में बनाने के लिए उत्साहित हैं।”

iPhone SE में एप्पल ए13 बायोनिक चिपसेट है। Apple ने इसी चिपसेट का इस्तेमाल iPhone 11 series में भी किया था। गौरतलब है कि iPhone SE को Apple सप्लायर Wistron (विस्ट्रोन) द्वारा अपने बेंगलुरु प्लांट में असेंबल किया जा रहा है।

सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स का नया ऐंगल: ED ने CBI को सौंपी रिया चक्रवर्ती की ड्रग डीलर से चैट

बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत स‍िंह राजपूत की आत्‍महत्‍या मामले में अब ड्रग्स का ऐंगल सामने आया है। उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की एक व्हाट्सऐप चैट सामने आई है, ज‍िसमें वह ड्रग्स के डीलर के संपर्क में नजर आ रही हैं। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिया की चैट से पता चला है कि वह ड्रग्स का ‘इस्तेमाल और डीलिंग’ करती थीं। ईडी ने इस चैट को सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को जाँच के लिए सौंप दिया है।

सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स का ऐंगल सामने आने पर अब नारकोटिक्स ब्यूरो इस मामले की जाँच करेगा। मंगलवार (अगस्त 25, 2020) को सीबीआई की टीम ने ईडी के अधिकारियों से मुलाकात की और फोन रिकार्ड्स उनसे ले ल‍िए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल से जाँच कर रही ईडी ने रिया और उनके परिवार के मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिए थे। उन्‍हीं मोबाइल से अब ड्रग्स का ऐंगल सामने आया है।

फिलहाल सीबीआई की टीम सीए संदीप श्रीधर, फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी, कुक नीरज सिंह, अकाउंटेंट रजत मेवाती और हाउस हेल्प केशव से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम जल्द ही मुख्य आरोपित रिया चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। जाँच एजेंसी ने इसके लिए 24 सवालों की लिस्ट भी तैयार की है।

बता दें कि सुशांत केस में दुबई कनेक्शन का दावा कर चुके भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ड्रग डीलर का मामला उठाया था। उन्‍होंने कहा था कि दुबई का ड्रग डीलर अयाश खान सुशांत से उनकी मौत के दिन क्‍यों मिला था! सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया था कि ऐसी क्‍या वजह थी सुशांत की मौत वाले दिन ड्रग डीलर अयाश खान की उनसे मुलाकात हुई।

सुशांत सिंह राजपूत के पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट की जाँच सीबीआई ने एम्स की एक फरेंसिक टीम से कराई है। इस जाँच के जरिए सुशांत की असल मौत की वजह, उसका वक्त और पोस्टमॉर्टम में बरती गई लापरवाही भी सामने आ सकती हैं। एम्स की फरेंसिक टीम इस रिपोर्ट को शुक्रवार (अगस्त 28, 2020) को सीबीआई को सौंप सकती है। एम्स की टीम डॉक्टर सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में यह जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत स‍िंह राजपूत की आत्‍महत्‍या के मामले में रोज नया पहलू सामने आ रहा है। केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई इस मामले की खोजबीन में जुट गई है। इस घटना को दो महीने से ज्‍यादा वक्‍त हो चुका है ले‍किन अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्‍महत्‍या क्‍यों की। 14 जून को जब यह खबर सामने आई थी तो कहा गया था कि वह डिप्रेशन में थे और इसी वजह से उन्‍होंने यह कदम उठाया। सीबीआई ने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है जिसमें र‍िया चक्रवर्ती को मुख्‍य आरोपित बनाया गया है।