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भूमि पूजन से पहले अखंड श्रीरामचरित मानस पाठ: अमेरिका, इंग्लैंड सहित ऑनलाइन जुड़ेंगे कई देशों के रामभक्त

पाँच अगस्त को अयोध्या में श्री राममंदिर के भूमि पूजन को लेकर उत्साह चरम पर है। रामनगरी अयोध्या पूरी तरह से सजकर तैयार है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन होने जा रहा है। इसका आयोजन 4 अगस्त की शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 5 अगस्त तक लगभग 24 घंटे तक लगातार चलता रहेगा।

इसका आयोजन ‘रामोत्सव’ नामक ऑनलाइन वेबसाइट कर रहा है। भारत समेत कई देशों के रामभक्त इससे जूम ऐप से जुड़ेंगे और एक-एक घंटे का रामचरितमानस पाठ का वाचन करेंगे।

इस पूरे कार्यक्रम को रामोत्सव के फेसबुक पेज “Ramotsav- रामोत्सव” https://m.facebook.com/ramotsav/ पर लाइव किया जाएगा, जो अनवरत चलता रहेगा। कार्यक्रम में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, मॉरीशस, हालैंड, हंगरी, इंग्लैंड आदि देशों के लोग भी पाठ करेंगे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लोग इस पेज के माध्यम से जुड़ते जाएँगे और अपनी बारी आने पर एक घंटे तक अपने हिस्से का रामायण पाठ पढ़ेंगे।

इस बीच अयोध्या का रूप रंग बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। प्रसाद के लिए लड्डुओं को बनाने का काम चल रहा है। शासन और प्रशासन इस ऐतिहासिक पल में कोई कमी नहीं रखना चाहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सप्ताह भर के भीतर रविवार (अगस्त 2, 2020) को दूसरी बार अयोध्या पहुँच कर तैयारियों का जायजा लेंगे। 

वहीं दूसरी ओर भूमि पूजन के लिए देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या पहुँच रहा है। श्री बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किला रायगढ़, श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर (तमिलनाडु), श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चन्द्रशेखर आज़ाद व बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएँ अयोध्या पहुँच चुकी है।

अयोध्या में बनने वाले भव्य श्रीराम मंदिर की नींव बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर तैयार होगी। शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में रजत शेषनाग का पूजन हुआ। बाबा विश्वनाथ को चाँदी का कछुआ, रामनाम अंकित चाँदी के पाँच बेलपत्र, सवा पाव चंदन और पंचरत्न भी अर्पित किए गए। ये पाँचों सामग्रियाँ पाँच अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान मंदिर की नींव में डाली जाएँगी। बताया जाता है कि सृष्टि में सबसे पहले राम कथा भगवान शिव ने कही थी। राम की पूजा से शिव और शिव की पूजा से राम प्रसन्न होते हैं। 

नृसिंह मंदिर के पास बकरीद में गोकशी: पथराव में 2 थाना प्रभारी सहित कई पुलिस वाले घायल

झारखंड के हजारीबाग जिला स्थित कटकमदाग थाना क्षेत्र के नृसिंह मंदिर के खबरियावा-बनहा इलाके में बकरीद के दौरान गोकशी की सूचना मिलते ही दो समुदाय के आमने-सामने आने के बाद गाँव में साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। इसके बाद यहाँ समुदाय विशेष द्वारा जमकर पथराव हुआ। वहीं इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना कटकमदाग थाना क्षेत्र के नृसिंह मंदिर के पास के इलाके में विशेष समुदाय द्वारा बकरीद के मौके पर गाय काटने के खुलासे के बाद हुआ। गाँव में हिंदुओं द्वारा प्रतिबंधित पशु गाय की हत्या का विरोध करने पर समुदाय विशेष ने इस मामले पर बहस करना शुरू कर दिया।

मामला इतना बढ़ गया कि लोग आपस में एक दूसरे को मारने पर उतारू हो गए। लोगों ने आपस में जम कर पत्थरबाजी की। इस दौरान उपद्रवियों ने उत्तेजित हो कर एक बाइक को आग के हवाले कर दिया जबकि भीड़ द्वारा कई गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।

साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँच कर भीड़ को काबू करने की कोशिश की। बेकाबू भीड़ को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इस दौरान सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गणेश कुमार सिंह, कटकमदाग थाना प्रभारी धनंजय कुमार समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी घायल हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवी होमकर और एसडीएम मेघा भारद्वाज ने घटना स्थल पर पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस ने इलाके को सील कर हालातों पर काबू पा लिया है। पुलिस ने लोगों से शांत रहने की भी अपील की है। इसके साथ ही भारी संख्या में जवानों को भी तैनात किया गया है।

वहीं घटना की जानकारी देते हुए डीसी रामगढ़ सह हजारीबाग संदीप सिंह ने बताया, “मवेशी को मारकर फेंके जाने के बाद दोनों ओर से पत्थरबाजी हुई है। हम लोगों का फोकस है कि आगे किसी तरह की घटना न हो। घटना के पीछे कौन हैं, इसकी जाँच की जा रही है। दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

सुशांत मामले में मुंबई पुलिस ने शेयर नहीं किए जरूरी कागजात, VVIP एंगल से हो रही जाँच: बिहार DGP

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार पुलिस मुंबई में है लेकिन उसे महाराष्ट्र पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है – मीडिया में अब तक इस पर रिपोर्ट आई है। अब इस मामले में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुम्बई पुलिस जाँच में सहयोग कर रही है और कोई बुरा व्यवहार नहीं किया है।

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने यह भी खुलासा किया कि रिया चक्रवर्ती का कोई अता-पता नहीं है। लेकिन यह जरूर है कि मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी रिपोर्ट शेयर करने से इनकार कर दिया है।

सुशांत सिंह राजपूत मामले के तार अब उनके पूर्व-मैनेजर दिशा सालियान की मौत से भी जुड़ रहे हैं, जिनके आत्महत्या की ख़बर आई थी। गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया है कि मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट शेयर करने से भी मना कर दिया है। वहीं मुंबई पुलिस का कहना है कि इस बारे में वो लीगल ओपिनियन ले रही है।

बिहार के शीर्ष पुलिस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय के अनुसार, इस मामले में वीवीआईपी एंगल से भी जाँच की जा रही है और सामने आ रहा है कि ये आत्महत्या नहीं भी हो सकती है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद मुंबई पुलिस का रवैया नरम पड़ा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक कई लोगों से पूछताछ हुई है। मुम्बई पुलिस से अभी कई जरूरी कागजात और सीसीटीवी फुटेज की माँग की गई है लेकिन ये सब उपलब्ध नहीं कराया गया है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में पूरे देश के लोग न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुशांत मामले में अगर कोई शामिल है तो उसके चेहरे के नकाब उतरेंगे। डीजीपी पांडेय ने कहा कि जाँच में मुम्बई पुलिस से सहयोग मिल रहा है। जाँच के लिए महेश सेठी से बात हुई है, बहन से बात हुई, अंकिता लोखंडे और डॉक्टर से पूछताछ हुई है, जल्द ही बिहार के सीनियर आईपीएस अधिकारी मुंबई जाएँगे। उन्होंने कहा:

“हमारी टीम मुंबई में है और हमारे सीनियर एसपी वहाँ अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को हमारी टीम ने डीसीपी क्राइम से मुलाकात की थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि वो जाँच में सहयोग करेंगे। वो भी सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फिर वे हमें सभी दस्तावेज मुहैया कराएँगे। मुंबई पुलिस बिहार पुलिस के साथ बुरा व्यवहार नहीं कर रही। बिहार पुलिस जाँच में सक्षम है

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सुशांत की मौत के एक रात पहले उनके घर पर हुई पार्टी में एक बड़ी शख्शियत भी मौजूदगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुशांत की पार्टी में मौजूद शख्स किसी बड़े राजनेता का बेटा हो सकता है। खबर यह भी है कि सुशांत और उस शख्स के बीच काफी बहस हुआ था, जिसके बाद सुशांत वहाँ से चले गए थे। उसी दिन के बाद से उनके घर का सीसीटीवी खराब है।

सुशांत सिंह मामले में CBI जाँच नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने ठुकराई माँग: आदित्य ठाकरे-मुंबई पुलिस मुलाकात के बाद फैसला

मीडिया खबरों में कहा जा रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से एक दिन पहले हुई पार्टी में एक बड़े नेता का बेटा भी शामिल था, जिसका सुशांत के साथ झगड़ा भी हुआ था। इस ख़बर के आने के एक दिन बाद ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुम्बई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के साथ बैठक की। खबरों के अनुसार बैठक में अभिनेता अक्षय कुमार भी उपस्थित थे।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जाँच वाली माँग को ठुकरा दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस से लड़ाई में अक्षय कुमार अपने स्तर पर हर तरह से सहयोग कर रहे हैं। अक्षय कुमार ने मुंबई पुलिस को नए मॉडल VITAL 3.0 के 1,000 अतिरिक्त GOQii फिटनेस बैंड दिया है। इससे पहले भी बॉलीवुड अभिनेता ने पुलिसकर्मियों को सेंसरबैंड दान किया था, जो कोविड ​​-19 के लक्षणों का आसानी से पता लगा सकते हैं।

बॉलीवुड सुपरस्टार ने आज (1 अगस्त, 2020) मेयर बंगले में महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को GOQii स्मार्टवॉच दान किया।

हालाँकि, खबर यह भी है कि अभिनेता अक्षय कुमार, आदित्य ठाकरे और मुंबई के पुलिस कमिश्नर के बीच हुई इस बैठक में सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले को लेकर भी चर्चा हुई है।

महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और मुंबई पुलिस कमिश्नर के बीच हुई बैठक, पटना में सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद हुई है। सुशांत सिंह की आत्महत्या की जाँच करने मुंबई आई बिहार पुलिस ने कल दावा किया था कि मुंबई पुलिस उनकी किस भी प्रकार से इस इन्वेस्टिगेशन में मदद नहीं कर रही है। इसके अलावा कूपर अस्पताल में जाने के बाद भी अस्पताल ने बिहार पुलिस को सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमॉर्टम रिपार्ट देने से मना कर दिया था।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या के बाद उसके पिता द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है। सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया को सुशांत की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि रिया ने सुशांत को सुसाइड के लिए उकसाया है। सुशांत के पिता ने पटना में रिया और उनके परिवार समेत सहयोगियों पर भी एफआईआर दर्ज किया है।

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सुशांत की मौत के एक रात पहले उनके घर पर हुई पार्टी में एक बड़ी शख्शियत भी मौजूदगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुशांत की पार्टी में मौजूद शख्स किसी बड़े राजनेता का बेटा हो सकता है।

खबर यह भी है कि सुशांत और उस शख्स के बीच काफी बहस हुआ था, जिसके बाद सुशांत वहाँ से चले गए थे। उसी दिन के बाद से उनके घर का सीसीटीवी खराब है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस अधिकारी इस व्यक्ति की पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। सुशांत सिंह राजपूत के करीबी लोगों ने खुलासा किया है कि उनके अपार्टमेंट में एक पार्टी थी और अन्य लोगों के साथ वह शख्स भी वहाँ मौजूद था।

सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया और उनके परिजनों के खिलाफ धारा 341 और 342 (गलत तरीके से रोकना या बंधक बनाना), 380 (चोरी), 406 (भरोसा तोड़ना), 420 (धोखाधड़ी) और 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कराया है।

अमर सिंह ने RSS से जुड़ी संस्था सेवा भारती को दान कर दी थी करोड़ों की सम्पत्ति

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का आज (अगस्त 1, 2020) निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनका देहांत सिंगापुर में हुआ। पिछले कई सालों से वह बीमार चल रहे थे। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता गया।

एक जमाने में वह दिल्ली के पावरफुल नेताओं में थे। वह काफी समय तक मुलायम सिंह के करीबी रहे। पिछले दिनों उनके निधन की झूठी खबर चल जाने पर उन्होंने जिंदादिल इंसान की तरह कहा था ‘टाइगर जिंदा’ है।

लगभग सभी दलों में अमर सिंह के मित्र थे। 90 के दशक की राजनीति उनके ही इर्द-गिर्द घुमा करती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी उनके अच्छे रिश्ते थे।

अमर सिंह की पहचान एक मददगार के तौर पर होती है। बॉलीवुड से लेकर राजनीति और बिजनेस, हर जगह पर उन्होंने जरूरत पड़ने पर लोगों की दिल खोलकर मदद की थी। सभी क्षेत्रों में उनके चाहने वाले लोग थे। वे अपने हाजिर जवाबी और सदैव हँसकर जवाब देने के लिए भी जाने जाते रहेंगे।

संघ से जुड़ी संस्था को अमर सिंह ने दान की थी करोड़ों की सम्पत्ति

अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्होंने कई नेक काम किए। जिसके लिए उनकी मौत के बाद भी उन्हें हमेशा ही याद किया जाएगा। बता दें कि अमर सिंह ने आजमगढ़ स्थित अपनी पैतृक संपत्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी संस्था सेवा भारती संस्थान के नाम कर दी थी।

अमर सिंह ने अपने स्वर्गीय पिता की याद में उनकी संपत्ति सेवा भारती के नाम पर किया था। जब से उनके पिता की मौत हुई थी, तभी से उनका यह घर खाली रहता था। दान की गई संपत्ति की कीमत करीब 15 करोड़ रुपए आँकी गई थी।

तब अमर सिंह ने कहा था, “मेरे स्वर्गीय पिता की याद में अपनी संपत्ति देकर, मैंने समाज की सेवा के प्रयासों में योगदान करने की कोशिश की है। संघ बड़ी संस्था है। उसे कुछ दान देना बहुत छोटी बात होगी।”

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमर सिंह ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ ही आजम खान और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था

बिना जाति-धर्म के जरूरतमंदों की मदद करती है सेवा भारती

सेवा भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी एक गैर-सरकारी संगठन है। यह भारतीय समाज के गरीब वर्गों, जनजातीय और स्वदेशी समुदायों के लिए देश भर में फैले हुए हज़ारों केंद्र के नेटवर्क के द्वारा मुफ्त चिकित्सा सहायता, शिक्षा, पर्सनल डेवलपमेंट के लिए बिज़नेस या कोचिंग जैसे कई कल्याणकारी और सामाजिक सेवा कार्यकर्मों को शुरू करके शहर की गरीबों की बस्ती और पुनर्वास कॉलोनियों के बीच भी काम करता है।

यह संस्था सैकड़ो जिलों में साल भर लाखों गतिविधियों को चलाती है। कोई भी अगर आपदा आ जाए, जैसे- बाढ़, भूकंप आदि के समय पर यह बढ़-चढ़ कर समाज के हर हिस्से में सहायता के लिए बिना भेद-भाव के आगे रहते हैं।

बता दें कि पूरे देश में कोरोना आपदा की स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरी तत्परता से जनसेवा में लगा हुआ है। संघ से ही सम्बद्ध संगठन ‘सेवा भारती’ ने ही अकेले इतना काम किया है और कर रही है, जिससे कई लोगों को भोजन-पानी-घर से लेकर दवाएँ तक मिली हैं।

‘सेवा भारती’ का मुख्यालय दिल्ली में है, जहाँ से पूरे देश में हो रहे राहत कार्य की मॉनिटरिंग की जाती है। ‘सेवा भारती’ के अखिल भारतीय महामंत्री श्रवण कुमार ने कहा था कि संगठन यह नहीं देखता कि किस राज्य में किसकी सरकार है? जिसे मदद की ज़रूरत है, उसका जाति-धर्म या पहचान क्या है? उन्होंने बताया कि संगठन विशेषकर उन जगहों तक पहुँचने में लगा हुआ है, जहाँ सरकारी कर्मचारी भी नहीं पहुँचे है।

JNU वाले उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ, मोबाइल फोन भी जब्त: दिल्ली हिन्दू-विरोधी दंगों से जुड़ा है मामला

जेएनयू के छात्र नेता रहे उमर खालिद से दिल्ली पुलिस ने सवाल-जवाब किया है। उमर खालिद से दिल्ली दंगों के सम्बन्ध में पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही उसके मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके साथ पूछताछ की। शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को स्पेशल सेल ने उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ की। बता दें कि दिल्ली में फ़रवरी के अंतिम सप्ताह में हिन्दू-विरोधी दंगे भड़क गए थे।

इससे पहले दायर की गई चार्जशीट में उमर खालिद और उसके साथियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने दिल्ली में साजिश रच कर दंगे भड़काए। चार्जशीट के अनुसार, उमर खालिद ने लोगों को भड़काया था कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे के समय सड़क पर उतरें और अराजकता पैदा करें। इससे पहले जेएनयू के ही छात्र शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।

पूछताछ में ताहिर हुसैन ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि उसने 8 जनवरी को ही सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल शाहीनबाग में खालिद सैफी (India Against Hate Group) और उमर खालिद (JNU) के साथ मिलकर इस दंगे की योजना बना ली थी। उसने कबूला कि वो और भी कई सीएए विरोधी प्रदर्शन के आयोजकों से संपर्क में था। ताहिर ने पूछताछ के दौरान ये भी बताया कि वो सीएए विरोधी प्रदर्शनों के लिए पैसे की भी व्यवस्था करता था

साथ ही वो अपनी कंपनी के अकाउंट से भी उन्हें फंडिंग करता था। उसने यह भी खुलासा किया कि दिल्ली में एंटी सीएए प्रोटेस्ट की शुरुआत से ही वो लियाकत अली, इरशाद, शादाब, आबिद, मोहम्मद रेहान और अरशद प्रधान आदि के संपर्क में था। इस मामले में  पिंजरा तोड़ की नताशा नरवाल और देवांगना कलीता को जाफराबाद दंगा के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस मामले में तेजी के आगे बढ़ रही है।

दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में एसआईटी ने खालिद सैफी (Khalid Saifi) को गिरफ्तार किया था। खालिद सैफी (Khalid Saifi) को चाँद बाग में हुई हिंसा की साजिश में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। खालिद सैफी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा था कि ये वही खालिद सैफी है, जो उमर खालिद पर गोली चलने का अकेला गवाह था। इस मामले का दूसरा कोई गवाह नहीं है।

1990 में पैर से नाप कर जिन्होंने बनाया था राम मंदिर का डिजाइन, संशोधन के साथ आखिर वही हुआ फाइनल

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दिशा में 5 अगस्त का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। इस दिन राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे। इस दिन पर सभी की निगाहें जमी हैं और ऐसे में किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (अगस्त 2, 2020) को अयोध्या दौरे पर रहेंगे।

वहीं अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की संशोधित आर्किटेक्चरल डिजाइन अब फाइनल हो गई है। मंदिर के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा ने शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को बताया कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर आकार में अपने मूल डिजाइन से तकरीबन दोगुना बड़ा होगा। 

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के पिछले साल के फैसले के बाद मंदिर के डिजाइन को संशोधित किया गया है। वास्तुकार ने बताया कि मंदिर को नागर शैली में बनाया जाएगा।

वास्तुकार ने बताया, ‘‘अब इसमें गर्भगृह के ठीक ऊपर शिखर होगा और पाँच गुंबद होंगे। मंदिर की ऊँचाई भी पहले से अधिक होगी।’’ इससे पहले के मंदिर मॉडल में दो गुंबद और एक शिखर प्रस्तावित था।

आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा के मुताबिक एक बार काम शुरू हो जाने पर अगले तीन साल में परियोजना पूरी हो जाएगी। सोमपुरा ने बताया कि 30 साल पहले राम मंदिर को डिजाइन करना एक कठिन काम था, क्योंकि उन्हें माप की इकाई के रूप में अपने कदमों का उपयोग करते हुए नक्शे तैयार करने थे।

उन्होंने बताया,

‘‘जब 1990 में मैंने अयोध्या में पहली बार वह जगह देखी तो उस समय सुरक्षा कारणों से परिसर में कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं थी। यहाँ तक कि नाप लेने वाले टेप को साथ रखने नहीं दिया गया, मुझे अपने कदमों से माप लेनी पड़ी थी।”

सोमपुरा ने बताया कि उनके नक्शे के डिजाइन को ही देखते हुए विहिप ने 1990 में अयोध्या में पत्थर को तराशने की इकाई स्थापित की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हालाँकि उच्चतम न्यायालय का फैसला रामजन्मभूमि के पक्ष में आने के बाद मंदिर के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। अब पाँच गुंबद होंगे। इसके दो कारण हैं। पहला यह कि मंदिर के लिए अब जमीन की कोई कमी नहीं है। दूसरा, इस पर काफी चर्चा होने के कारण हमें उम्मीद है कि हर दिन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएँगे और आकार बढ़ाने से उसमें ज्यादा श्रद्धालु आ सकेंगे।’’ 

सोमपुरा के मुताबिक उनके बेटे आशीष ने जून में ट्रस्ट के सामने इस संशोधित योजना को प्रस्तुत किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। आशीष सोमपुरा मंदिर के निर्माण पर नजर रखेंगे हालाँकि उनके पिता ही इस पर कोई अंतिम फैसला करेंगे ।

चंद्रकांत सोमपुरा ने बताया, ‘‘यह परियोजना खास है क्योंकि यह भगवान राम की जन्मभूमि पर बन रही है। हम सुनिश्चित करेंगे कि यह सर्वश्रेष्ठ हो। पाँच गुंबद के साथ यह एक उदाहरण बनाएगा। मंदिर की वास्तुकला के हिसाब से इसे सर्वश्रेष्ठ स्थान के तौर पर विकसित किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘काम शुरू हो जाने के बाद अगले तीन साल में मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।’’ सोमपुरा ने कहा कि उनके परिवार ने नागर शैली में मंदिर तैयार किए हैं और अयोध्या में प्रस्तावित मंदिर को भी उत्तर भारतीय मंदिर वास्तुकला की शैली में तैयार किया जाएगा। बता दें कि सोमपुरा (77 वर्ष) मंदिरों का नक्शा तैयार करने वाले परिवार से आते हैं। वह ऐसे 200 से अधिक ढाँचे की डिजाइन तैयार कर चुके हैं। 

7 सितारा सुख-सुविधाओं वाले विमान में यात्रा करते हैं PM मोदी, कॉन्ग्रेसी नेता ने शेयर की फोटो: Fact Check

जीतू पटवारी ने एक विमान का फोटो शेयर करते हुए लिखा, “रेल बिक गई, चाय का क्या? अरे भाई! पीएम साहब चाय वाली पृष्ठभूमि से आते हैं तो क्या हुआ, हम जब उन्हें ज्यादा सुविधाएँ देंगे, तभी तो वो भारत को विश्वगुरु बनाएँगे। प्रधानमंत्री के विमान के अंदर के दर्शन।” साथ ही उन्होंने जिस विमान की तस्वीर शेयर की, उसमें अंदर सोफे-टेबल, टीवी और कई अन्य महँगी वस्तुएँ रखी दिख रही हैं।

इस ट्वीट के माध्यम से जीतू पटवारी का आरोप था कि देश की जनता के रुपयों से पीएम मोदी अपनी सुविधाएँ बढ़ा रहे हैं और वो भोग-विलास की वस्तुओं से लैस विमान में ही यात्रा करते हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया में कई लोगों ने उनका झूठ पकड़ लिया। ‘स्ट्रेटेजिक स्पामिंदर भारती’ ने जीतू पटवारी के इन दावों की सबूतों के साथ पोल खोली। दरअसल, वो प्रधानमंत्री मोदी के विमान की तस्वीर थी ही नहीं।

दरअसल, जीतू पटवारी ने जिस 787 जेट की तस्वीर शेयर की, वो प्राइवेट है, पीएम मोदी की नहीं है। उसे दुनिया का पहला ‘787 ड्रीम जेट’ बताया गया है, जिसका प्रबंधन सितम्बर 2016 से ही डियर जेट नामक कम्पनी करती आ रही है। इस एयरक्राफ्ट को हॉन्गकॉन्ग स्थित डियर जेट के बड़े में शामिल किया गया है। इसका डिजाइन फ़्रांस के मशहूर इंटीरियर डिजाइनर जैक्स प्लेरेजियन ने किया है।

उन्होंने एयरक्राफ्ट कंप्लीशन सेंटर के साथ मिल कर 2.5 साल में क्राफ्टिंग के इस नमूने को तैयार किया, जो ऐरोस्पेस में अलग ही स्थान रखता है। यह जेट 17 घंटे बिना रुके उड़ान भर सकता है। ये एक सात सितारा प्राइवेट जेट है, जिसमें सारी सुख-सुविधाएँ तो उपलब्ध है ही, साथ ही इसे चलाने के लिए पायलट्स का भी चुनाव अलग तरीके से होता है। ये जेट भारत की है ही नहीं। इसीलिए इसका पीएम मोदी का होने का तो सवाल ही नहीं उठता।

इससे पहले जीतू पटवारी ने नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार पर ये कहते हुए निशाना साधा था कि केंद्र का प्रयास था कि एक बेटा यानी ‘विकास’ हो। लेकिन उसके बदले 5 बेटियाँ यानी ‘नोटबंदी’, ‘जीएसटी’, ‘महंगाई’, ‘बेरोजगारी’ और ‘मंदी’ पैदा हो गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी संबित पात्रा की शिकायत पर जीतू के ट्वीट पे संज्ञान लिया था। भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने इसे कॉन्ग्रेस की निकृष्टतम विचारधारा करार दिया था।

अभी कमजोर हूँ, जब मेरी सत्ता आएगी… लाठी आएगी तो बदला लूँगा: राम मंदिर पर समुदाय विशेष की प्रतिक्रिया, वीडियो वायरल

नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर को लेकर आया अंतिम फैसला भला किसे नहीं याद होगा, जब देश की सबसे बड़ी अदालत में रामलला विराजमान की जीत के बाद सैकड़ों का सालों का इंतजार ख़त्म हुआ था और भगवान राम के टेंट से निकल कर भव्य मंदिर में जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया था। लेकिन, उस समय मुस्लिमों का रिएक्शन क्या रहा था? राम मंदिर को लेकर मुस्लिमों की प्रतिक्रिया वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है।

ये वीडियो तभी का है, जब पूरा देश राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का जश्न मना रहा था। ‘The Rajdharma’ के वीडियो में कुछ मुस्लिम कहते दिख रहे हैं कि अल्लाह इंसाफ करेगा और वो लोग बदला ज़रूर लेंगे। एक मुस्लिम ये कहता दिख रहा है कि आज उसके पास पावर नहीं है लेकिन आज से कुछ साल बाद जब पावर आएगा तब वो बता देगा कि कैसे बदला लेना है। हालाँकि, कुछ मुस्लमान ये भी कहते नज़र आए कि उनके लिए देश पहले है।

एक मौलवी की तरह दिख रहे शख्स ने कहा कि वो राम मंदिर पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ख़ुश नहीं है। उसने कहा कि अगर सरकार सोचती है कि वो 5 एकड़ जमीन देकर मुस्लिम को खुश कर देगी तो वो 5 एकड़ जमीन देने को तैयार है। उसने कहा कि वहाँ मस्जिद थी और मस्जिद रहेगी। उसने मुस्लिम को इस देश में कमजोर भी बताया। उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गलत फैसला दिया है, जिसे वो नहीं मानता।

उसने ‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’ वाली कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि कल को जब उसके हाथ में लाठी आएगी तो वो भी भैंस को नचाएगा। वो कहता रहा कि फ़िलहाल वो कमजोर है लेकिन कभी तो मजबूत होगा। दिन होगा तो रात आएगी और रात है तो दिन आनी ही है। उसने तो यहाँ तक कहा कि अगर 50 साल बाद भी उसके हाथ में पावर आया तो वो बदला लेकर दिखा देगा।

राम मंदिर पर मुस्लिमों के रिएक्शन का वीडियो (साभार: The Rajdharma)

आज इस फैसले को आए 9 महीने हो गए हैं। अयोध्या में आगामी 5 अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला रखी जानी है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या जाएँगे और भूमि पूजन के बाद राम मंदिर की पहली ईंट रखेंगे। भूमि पूजन के लिए बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को भी आमंत्रण भेजा गया है। इस समारोह का दूरदर्शन द्वारा सीधा प्रसारण किया जाएगा।

अपनी भाषा में शिक्षा देते हैं दुनिया के शीर्ष 20 देश, अब मातृभाषा में पढ़ेंगे भारत के भी विद्यार्थी: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (अगस्त 1, 2020) को ‘ऑल इंडिया स्मार्ट हैकथॉन’ के ग्रैंड फिनाले को सम्बोधित किया। उन्होंने इसमें भागीदारी लेने वालों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये लोग देश के सामने जो चुनौतियाँ हैं, ये उनका समाधान तो देते ही हैं, साथ ही डेटा, डिजिटलाइजेशन और हाईटेक भविष्य को लेकर भारत की आकांक्षाओं को भी मज़बूत करते हैं। पीएम मोदी ने हैकथॉन में कहा कि सभी एक से बढ़ कर एक सोल्यूशन्स पर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि बीती सदियों में भारत ने दुनिया को एक से बढ़कर एक बेहतरीन वैज्ञानिक, बेहतरीन तकनीक विशेषज्ञ और तकनीक आधारित उद्योगपति दिए हैं। उन्होंने चेताया कि ये 21वीं सदी है और तेजी से बदलती हुई दुनिया में, भारत को अपनी वही प्रभावी भूमिका निभाने के लिए उतनी ही तेजी से बदलना होगा। पीएम ने आश्वासन दिया कि अब देश में इनोवेशन, रिसर्च, डिजाइन, डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स के लिए ज़रूरी माहौल तेजी से तैयार किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने हैकथॉन फिनाले में जानकारी दी कि ऑनलाइन एजुकेशन के लिए नए संसाधनों का निर्माण हो या फिर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे ये अभियान, प्रयास यही है कि भारत की शिक्षा और आधुनिक व मॉडर्न बने, यहाँ की प्रतिभाओं को पूरा अवसर मिले। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि ये पॉलिसी, 21वीं सदी के नौजवानों की सोच, उनकी जरूरतें, उनकी आशाओं-अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को देखते हुए बनाई गई है।

पीएम मोदी ने हैकथॉन में शामिल युवाओं से कहा कि आज भी अनेक बच्चों को लगता है कि उनको एक ऐसे विषय के आधार पर जज किया जाता है, जिसमें उसकी रूचि ही नहीं है। माँ-बाप का, रिश्तेदारों का, दोस्तों का दबाव होता है तो वो दूसरों द्वारा चुने गए सबजेक्ट्स पढ़ने लगते हैं। बकौल मोदी, इस तरीके ने देश को एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी दी है, जो पढ़ी-लिखी तो है, लेकिन जो उसने पढ़ा है, उसमें से अधिकांश उनके काम नहीं आता। डिग्रियों के अंबार के बाद भी वो अपने आप में एक अधूरापन महसूस करता है। उन्होंने कहा:

नई एजूकेशन पॉलिसी के माध्यम से इसी अप्रोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, पहले की कमियों को दूर किया जा रहा है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अब एक व्यवस्थागत रिफॉर्म, शिक्षा का इंटेंट और कंटेंट, दोनों को बदलने का प्रयास है। हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, हमारे देश के महान शिक्षाविद बाबा साहेब आंबेडकर कहते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो सभी की पहुँच में हो, सभी के लिए सुलभ हो। ये शिक्षा नीति, उनके इस विचार को भी समर्पित है। ये शिक्षा नीति Job seekers की बजाय Job Creators बनाने पर बल देती है। ये हमारे माइंडसेट और अप्रोच में रिफॉर्म लाने का प्रयास है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्यान दिलाया कि हमारे देश में भाषा हमेशा से एक संवेदनशील विषय रही है। इसकी एक बड़ी वजह ये है कि हमारे यहाँ स्थानीय भाषा को अपने हाल पर ही छोड़ दिया गया, उसे पनपने और आगे बढ़ने का मौका बहुत कम मिला। उन्होंने बताया कि अब एजुकेशन पॉलिसी में जो बदलाव लाए गए हैं, उससे भारत की भाषाएँ आगे बढ़ेंगी, उनका और विकास होगा। ये भारत के ज्ञान को तो बढ़ाएँगी ही, भारत की एकता को भी बढ़ाएँगी।

हैकथॉन को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने आशा जताई कि इससे विश्व का भी भारत की समृद्ध भाषाओं से परिचय होगा। और एक बहुत बड़ा लाभ ये होगा की विद्यार्थियों को अपने शुरुआती वर्षों में अपनी ही भाषा में सीखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि GDP के आधार पर विश्व के शीर्ष 20 देशों की लिस्ट देखें तो ज्यादातर देश अपनी गृहभाषा, मातृभाषा में ही शिक्षा देते हैं। ये देश अपने युवाओं की सोच और समझ को अपनी भाषा में विकसित करते हैं और दुनिया के साथ संवाद के लिए दूसरी भाषाओं पर भी बल देते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि एक ओर जहाँ स्थानीय लोक कलाओं और विद्याओं, शास्त्रीय कला और ज्ञान को स्वभाविक स्थान देने की बात है तो वहीं शीर्ष वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों को भारत में कैंपस खोलने का आमंत्रण भी है। उन्होंने याद किया कि किस तरह कोरोना के बीच फेस शील्ड्स की डिमांड को 3D प्रिंटिंग टेक्नॉलॉजी के साथ पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर देश के युवा आगे आए।