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कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को बैंक धोखाधड़ी केस में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बैंक फर्जीवाड़ा केस में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी कि रतुल पुरी 14 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। रतुल पुरी के खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों संस्थाएँ जाँच कर रही हैं।

इससे पहले, 19 अगस्त को मोजर बेयर कंपनी के पूर्व निदेशक रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ईडी को 3 सिंतबर तक रतुल पुरी की कस्टडी मिली हुई थी। रतुल पुरी की गिरफ्तारी के बाद मोजर बिअर ने बयान जारी कर गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने सभी कानून का पालन किया है।

गौरतलब है कि, रतुल पुरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपए की चपत लगाने का आरोप है। CBI ने इस मामले में 17 अगस्त को FIR दर्ज की थी। बाद में ED की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था। रतुल के अलावा एमबीआईएल के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी (रतुल पुरी के पिता), कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी (रतुल की माँ और कमलनाथ की बहन), निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

‘बेहद गंभीर आर्थिक अपराध में लिप्त हैं चिदंबरम’, SC ने कहा- 5 सितम्बर तक कस्‍टडी में रखें

INX मीडिया मामले में अंतरिम जमानत की पूर्व वित्‍त मंत्री और गृहमंत्री पी. चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई टल गई। सुप्रीम कोर्ट अब पाँच सितंबर को इस पर सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अब वह पूर्व केद्रीय वित्‍त मंत्री चिदंबरम को हिरासत में नहीं लेना चाहती है। चिदंबरम को अब न्‍यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जाँच एजेंसी को निर्देश दिया कि पी. चिदंबरम 5 सितंबर तक उसी की हिरासत में रहेंगे। 

सुप्रीम कोर्ट ने कल (सितम्बर 2, 2019) को आदेश दिया था कि पूर्व वित्‍त मंत्री को गुरुवार तक तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाए। कल अंतरिम जमानत के आग्रह पर विचार करने के निचली अदालत को आदेश के चंद घंटों बाद ही शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर इसमें संशोधन करके गुरुवार की जगह मंगलवार को सुनवाई की बात कही थी। गौरतलब है कि इस मामले में विशेष अदालत ने भी पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति की अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला 5 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कल पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की ओर से राहत पाने को खूब दलीलें दी गईं तो जवाब में सीबीआइ की ओर से भी जोरदार विरोध किया गया।

गौरतलब है कि अदालत में सुनवाई के दौरान कल सीबीआइ और ईडी ने ये दलील दी कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने पुत्र कार्ति के साथ मिलकर एयरसेल मैक्सिस डील मामले में ‘बेहद गंभीर आर्थिक अपराध’ किया है, इसलिए उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

पेट दर्द की दवा कंडोम: डॉक्टर अशरफ बदर बर्खास्त, नर्स से छेड़छाड़ का भी लग चुका है आरोप

झारखंड के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर ने पेट दर्द की शिकायत लेकर आई 55 साल की महिला को कंडोम लेने को कहा। डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया गया है। घटना राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला सब-डिविजन अस्पताल की है। डॉक्टर की पहचान अशरफ बदर के रूप में हुई है। वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि 23 जुलाई को पेट दर्द होने पर वह डॉक्टर के पास गई। उसने पर्चे पर कंडोम लेने के लिए लिख दिया। महिला इस पर्चे के साथ मेडिकल शॉप पर गई, तो दुकानदार ने महिला को बताया कि उसके पर्चे पर लिखी गई दवा कंडोम है। इसके बाद पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले की जाँच के लिए डिप्टी कमिश्नर रविशंकर शुक्ला ने 3 सदस्यीय टीम का गठन किया। जिसमें जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. साहिर पाल, डॉ. प्रभाकर भगत और डॉ. दीपक गिरी शामिल थे। जाँच समिति ने 2 अगस्त को अशरफ के खिलाफ आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके बाद उसकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया।

पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद ने सोमवार (सितंबर 2, 2019) को बताया कि आरोपित डॉक्टर अशरफ बदर को बर्खास्त करने का आदेश राज्य के स्वास्थ्य विभाग से आया है। उन्होंने कहा कि वो डीसी के शहर लौटते ही इस मुद्दे को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखेंगे। प्रसाद ने बताया कि अशरफ को पहले भी इस तरह के आरोपों की वजह से बर्खास्त किया गया था। लेकिन, लिखित माफीनामे के बाद उसे बहाल कर लिया गया था। अशरफ पर नर्स से छेड़छाड़ का भी आरोप लग चुका है।

हालाँकि, अशरफ ने जाँच को फर्जी बताते हुए कहा कि उसे साजिश के तहत फँसाने की कोशिश की जा रही है। उसने बर्खास्तगी को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही। उसका कहना है कि उसके नाम की फर्जी पर्ची पर दवा के बदले कंडोम लिखकर फँसाने की साजिश रची गई है।

कश्मीर पर फैलाए जा रहे मीडिया प्रोपेगेंडा को घायल कश्मीरी ने ही किया ध्वस्त, देखें Video

इन दिनों कश्मीर को लेकर देश में बहुत सी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। बिना किसी मामले की तफ्तीश के सरकार और देश की सेना पर आरोप लगाया जा रहा कि ये लोग कश्मीर में डर का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

बीबीसी और द हिंदू जैसे कुछ मीडिया संस्थान तो इस मामले पर अपने झूठ को साबित करने के लिए बेनाम हवाले देने से भी नहीं चूँक रहे। ऐसे में इस प्रोपेगेंडा को खारिज करने के लिए सोशल मीडिया पर एक घायल कश्मीरी की वीडियो आई है। जो दर्शाती है कि किस तरह तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। और किस तरह भारत के हालातों पर अंतराष्ट्रीय मीडिया अपनी घुसपैठ कर रहा हैं।

ये वीडियो मोहम्मद शाही पीर का है। जो कुछ दिन पहले उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में घायल हो गए थे। फर्जी खबर फैलाने के नाम पर BBC और न्यूऑर्क टाइम्स जैसे मीडिया संस्थान ने इस मामले में बताया था कि गोली लगने की वजह से उनकी ये हालत हुई। लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी।

इस वीडियो में शफी खुद बताते नजर आ रहे हैं कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उन्हें पत्थरबाजों ने मारा था न कि उन्हें कोई गोली लगी थी। उन्होंने बताया कि खिड़की के छेद से किसी ने उन पर पत्थर फेंका और इस समय वह अस्पताल में भर्ती हैं।

उन्होंने बताया कि जिस समय उनपर हमला हुआ उस समय अँधेरा था। वो बीच में बैठे थे कि तभी एक पत्थर उन्हें आकर लगा। वो गोली नहीं थी। वो पत्थर था। अगर कोई चाहे तो जाकर प्रमाण देख सकता है, पत्थर अब भी उनकी गाड़ी में पड़ा हुआ है।

हालाँकि, पाकिस्तानी लोग सोशल मीडिया पर कश्मीर में पत्थरबाजों की हकीकत खोलती इस वीडियो को सच मानने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वो ये सब नहीं मानते, ये वीडियो झूठी है और भारत अधिकृत कश्मीर में मोदी की क्रूरता अपने चरम पर हैं।

गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है जब पत्थरबाजों ने कश्मीर में अराजकता फैलाने की कोशिश की हो और विदेशी मीडिया संस्थानों ने देश के ख़िलाफ़ प्रोपेगेंडा। इसे पहले बिजबेहरा इलाके में भी पत्थरबाजों ने एक ट्रक चालक को पत्थर मारकर मौत के घाट उतार दिया था और बीबीसी उर्दू ने उसे ये कहकर जस्टिफाई करने की कोशिश की थी कि पत्थरबाज को लगा कि वो सुरक्षाबल का जवान है। जिसके बाद उनपर मामला दर्ज करने की माँग भी उठी थी।

अपने साँप और मगरमच्छ भेज दूँगी, भारत के लोग नरक में मरेंगे: पाक गायिका ने वीडियो में दी धमकी

पाकिस्तान में न सिर्फ़ वहाँ के मंत्री और फ़ौज के अधिकारी बल्कि सेलेब्रिटीज भी भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगल कर अपने ही देश का लगातार मज़ाक बना रहे हैं। अब पाकिस्तानी गायिका रबी पीरज़ादा ने भारत पर साँपों से आक्रमण करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो डाल कर भारत और ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजीबोगरीब धमकियाँ दी है। इस वीडियो में वह साँपों और मगरमच्छों के साथ खेलती हुई दिख रही हैं।

‘शोर शराबा’ नामक रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म में अभिनय कर चुकी रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिख रही हैं कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे। साँपों और मगरमच्छों की बात करते हुए पीरज़ादा ने कहा कि उनके ये सभी दोस्त शांतिप्रिय हैं।

खुद को कश्मीरी लड़की बताते हुए पीरज़ादा ने कहा कि वे इन सभी साँपों व मगरमच्छों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गिफ्ट के रूप में भेजना चाहती हैं। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर पर एक गाना भी गाती हैं। पीरज़ादा पहले भी अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सुर्ख़ियों में रही हैं। इससे पहले जब पाक पीएम ने महिलाओं को मुर्गीपालन कर रुपए कमाने की सलाह दी थी, तब पीरज़ादा ने कई मुर्गियाँ ख़रीद कर अपने घर में रखा था और वीडियो भी पोस्ट किया था।

2017 में पीरज़ादा ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान की आलोचना की थी। उन्होंने सलमान ख़ान पर युवाओं को अपराधी बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सलमान युवाओं के बीच अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं।

वायरल एटीएम चोर की पुलिस हिरासत में मौत, टॉर्चर सेल में पिटाई का VIDEO वायरल

हाल ही में सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में एटीएम चोर सीसीटीवी कैमरे की ओर देखता है। जीभ निकालकर कैमरे को चिढ़ाने जैसी हरकत करता है और पैसे निकाल फुर्र हो जाता है।

वीडियो वायरल होने के बाद चोर सलाहुद्दीन अयूबी को पाकिस्तान की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब रहीम यार खान पुलिस की हिरासत में उसकी मौत होने की खबर सामने आई। पाकिस्तानी पुलिस थर्ड डिग्री के इस्तेमाल के लिए बेहद कुख्यात है।

अयूबी की मौत किन कारणों से हुई है यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही खुलासा हो पाएगा। कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस की पिटाई से उसके दिल ने धड़कना बंद कर दिया। पंजाब पुलिस के आईजी रिटायर्ड कैप्टन आरिफ नवाज खान ने घटना की जॉंच के आदेश देते हुए हिरासत में मौत को लेकर मातहतों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसी घटनाओं में संलिप्त लोग बख्शे नहीं जाएँगे।

https://www.youtube.com/watch?v=WjRRV9YvOvo&feature=youtu.be

इसके अलावा लाहौर में भी अमजद अली नाम के एक अधेड़ की हिरासत में मौत का मामला सामने आया है। उसे गुज्जरपुरा के एक गैर कानूनी टॉर्चर सेल में कठोर यातना दी गई थी। यह सेल वन विभाग की एक इमारत में चलाया जा रहा था और वहॉं अमजद सहित नौ लोगों को पुलिस ने कैद कर रखा था।

गंभीर हालत में अमजद को चरपाई पर लिटा अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। वीडियो में अमजद बताता है कि पुलिस वालों ने उसे घर से उठाया और जमकर पीटा। उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और उसे जिंदा बचने की उम्मीद नहीं है। वह पुलिस वालों पर अपने परिवार के साथ बदसलूकी करने और घर से पैसे एवं अन्य कीमती समान उठाने का आरोप लगाता भी नजर आता है।

‘J&K में नरसंहार’ के सबूत नहीं, पाक के केस में कोई दम नहीं: पाकिस्तान का ICJ वकील

पाकिस्तान जम्मू कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मसला बनाने के लिए हाथ-पाँव रगड़ तो रहा है लेकिन इसमें उसे कोई ख़ास सफलता मिलती दिख नहीं रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेकर अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, पाकिस्तान को हर जगह निराशा ही हाथ लगी है। यहाँ तक कि इस्लामिक देशों ने भी भारत का समर्थन किया है, जिसका जिक्र ख़ुद इमरान ख़ान ने अपने देश को सम्बोधित करते समय किया था। उन्होंने अपने लोगों को भरोसा दिलाया था कि समय आने पर इस्लामिक राष्ट्र पाकिस्तान के समर्थन में आ जाएँगे।

अब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी ने भी स्वीकार किया है कि वे बैकफुट पर हैं। खावर कुरैशी ने कहा कि ‘जम्मू कश्मीर में हो रहे नरसंहार’ के ख़िलाफ़ उनके देश के पास किसी भी प्रकार का सबूत नहीं है। पाकिस्तान के आईसीजे वकील ने कहा कि बिना सबूतों के पाकिस्तान के केस में कोई दम नहीं होगा, अगर वह इंटरनेशनल कोर्ट में जाने का फ़ैसला लेता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जम्मू कश्मीर को भारत से अलग नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान ने पहले भी धमकी दे रखी है कि वह कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ले जाएगा। अब उसके ही वकील के बयान के बाद इमरान ख़ान के दावों की पोल खुल गई है। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मध्यस्थता की दरख्वास्त की थी लेकिन फ्रांस में हुए जी-7 समिट के इतर ट्रम्प से मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ कर दिया कि जम्मू कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है और इसमें किसी भी प्रकार की मध्यस्तथा की ज़रूरत नहीं है।

हाल ही में पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने को मजबूर हुआ है। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उसकी किरकिरी हो चुकी है। अब जब उसका वकील ही कह रहा है कि पाकिस्तान का केस आईसीजे में लेकर जाना काफ़ी मुश्किल है, इमरान ख़ान की कश्मीर के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिशों को तगड़ा धक्का लगना तय है।

भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ 8 Apache AH-64E हेलिकॉप्टर, एक साथ कई टारगेट पर अटैक करने में सक्षम

दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक अपाचे हेलिकॉप्टर अब भारतीय वायुसेना का हिस्सा है। मंगलवार (सितंबर 3, 2019) सुबह एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में 8 अमेरिकी निर्मित बोइंग अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर को वायु सेना के बेड़ें में शामिल किया गया। इन 8 अपाचे हेलीकॉप्टरों को पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया गया है। यह अपाचे, पठानकोट एयरबेस पर पहले से तैनात वायुसेना के MI-35 चॉपर्स की जगह लेगा।

पठानकोट एयरबेस पर आयोजित एक विशेष इंडक्शन प्रोग्राम में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा के बाद यह भारतीय वायु सेना का हिस्सा बन गया। इंडक्शन प्रोग्राम के तहत अपाचे हेलीकॉप्टर को वॉटर कैनन से सलामी दी गई और फिर फ्लाय पास्ट किया गया। इस दौरान बीएस धनोआ ने कहा, “यह दुनिया के सबसे उन्नत हेलीकॉप्टरों में से एक है। यह कई मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। आज अपाचे AH-64E के शामिल होने के साथ भारतीय वायु सेना ने अपने लेटेस्ट जेनरेशन के लड़ाकू हेलीकाप्टरों की सूची को अपडेट कर लिया है।” इसके बाद एक छोटी सी पूजा और मंत्रोच्चार किया गया और फिर अपाचे ने अपनी उड़ान भरी।

बता दें कि, वायुसेना ने 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों के लिए सितंबर 2015 में अमेरिकी सरकार और बोइंग लिमिटेड के साथ अनुबंध किए थे। बोईंग द्वारा 27 जुलाई को 22 हेलिकॉप्टरों में से पहले चार को वायु सेना को सौंप दिया गया था।

अपाचे AH-64E की खास बातें:-

  • इस हेलिकॉप्टर के अगले हिस्से में नाइट विजन सेंसर लगे हैं, जिससे यह रात में भी मार कर सकता है। भारी मात्रा में हथियार ले जाने की क्षमता से भी लैस है।
  • यह AGM-114 हेलीफायर मिसाइल और हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स से लैस है और इससे 1 मिनट में 128 लक्ष्यों पर निशाना साधा जा सकता है। 
  • इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।
  • इसका सबसे खतरनाक हथियार 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता है।
  • हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियाँ भरी जा सकती हैं। यह बेहद कम ऊँचाई पर उड़कर हवाई हमले के साथ ही जमीनी हमले करने में भी सक्षम है।
  • यह हेलीकॉप्टर थर्मल इमेजिंग सेंसर का इस्तेमाल करके छिपे हुए आतंकवादियों का भी पता लगा सकता है और आतंकियों से अपनी 30 mm गन या एंटी पर्सनल रॉकेट्स से निपट सकता है।

तुम पूजा में आओगी तो पंडाल अपवित्र हो जाएगा: TDP नेताओं की गुंडागर्दी से रो पड़ीं दलित MLA

आंध्र प्रदेश में वाईएससीआरपी की महिला विधायक डॉक्टर उंडवल्ली श्रीदेवी के साथ टीडीपी नेताओं ने दुर्व्यवहार किया। यह सब गणेश चतुर्थी के एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। विधायक उंडवल्ली श्रीदेवी दलित समुदाय से आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी के नेताओं ने उनकी जाति को लेकर टिप्पणी की और दुर्व्यवहार किया। टीडीपी नेताओं ने महिला विधायक के साथ गाली-गलौज भी की। सार्वजनकि कार्यक्रम में इस तरह के बर्ताव के कारण विधायक वहीं पर रो पड़ीं।

इसी साल लोकसभा के साथ हुए विधानसभा चुनावों में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने डॉक्टर श्रीदेवी को तादिकोंडा से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने टीडीपी के तेनाली श्रवण कुमार को मात दी थी। विधायक ने कहा कि टीडीपी नेताओं के व्यवहार को देख कर लगता है कि वे आज भी सत्ता में होने के भ्रम में जी रहे हैं। कई लोगों ने टीडीपी के नेताओं की गुंडागर्दी की आलोचना की।

ख़बर के मुताबिक़, तुल्लूरु मंडल के अनंतवरम में गणेश पूजा का आयोजन किया गया था। इस पूजा में हिस्सा लेने के लिए विधायक जैसे ही पहुँचीं, टीडीपी नेताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। नेताओं ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर दलित महिला विधायक ने पंडाल में क़दम रखा तो पूजा स्थल अशुद्ध हो जाएगा।

विधायक श्रीदेवी ने टीडीपी नेताओं पर आरोप लगाते हुए पूछा कि अगर सत्ताधारी पार्टी की एक विधायक के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो टीडीपी के लोग आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे, यह सोचने लायक बात है। उन्होंने दोषी टीडीपी नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग करते हुए संघर्ष छेड़ने की बात कही।

गणपति के आगे सारा अली खान ने जोड़े हाथ, शांतिदूतों ने दिखा दी औकात

केदारनाथ फिल्म से एक्ट्रेस के रूप अपनी पहचान बनाने वाली सारा अली खान ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम पर गणपति के साथ एक फोटो शेयर की। इस तस्वीर के नीचे उन्होंने गणपति बप्पा मोरया लिखते हुए लोगों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य-भविष्य की कामना की।

यह पोस्ट और शुभकामना देने का तरीका बहुत ही आम था। लेकिन विशेष समुदाय के लोगों की भावना इससे आहत हो गई और वह सारा से सोशल मीडिया पर ही गाली-गलौच पर उतर आए। इन लोगों ने सारा के मजहब पर अपना दुख प्रकट किया और उन्हें जमकर ज्ञान दिया।

किसी ने उनसे बहुत उदास मन से पूछा कि क्या वो वाकई समुदाय विशेष की हैं? तो किसी ने उन्हें समझाया कि वो पढ़ी-लिखी हैं, उन्हें समझना चाहिए भगवान कुछ नहीं कर सकता। इसलिए वो अल्लाह पर यकीन करें, क्योंकि अल्लाह सब कुछ दे सकता है, बस उसपर यकीन बनाने की जरूरत हैं। एक शांतिदूत ने तो सारा से सवाल भी किया कि ये मिट्टी का बुत क्या कर सकता है? और जब इतने पर भी मन नहीं भरा तो केवल गणपति के साथ खड़े होने पर उन्हें गंदी-गंदी गाली दे डाली गई।

गणपति, सोशल मीडिया, सारा अली खान
गणपति के साथ फोटो डालने पर सारा को बंधुओं ने दिया ज्ञान

अब सोचने वाली बात है…सारा अली खान ने ऐसी क्या गलती की थी कि उन्हें मजहब विशेष के बंधुओं द्वारा ट्रोल किया जाने लगा और सबसे बड़ी हैरानी की बात कि किसी भी लिबरल गिरोह के व्यक्ति ने इस अभद्रता पर सवाल नहीं उठाए। उन्हें गंदी-गंदी गालियाँ दी गई लेकिन किसी भी लिबरल चेहरे को ये याद नहीं आया कि सारा भी एक धर्मनिरपेक्ष देश की नागरिक हैं, उनके हिस्से भी कुछ मानवाधिकार आते हैं, उनके पिता भले ही मजहब के हैं, लेकिन उनकी माँ अमृता सिंह हिंदू हैं। उनका तो अधिकार है कि वो जितना अल्लाह को मानें उतना हिंदू भगवानों के प्रति भी समर्पित रहे। फिर क्यों ओछी हरकत पर आँखे बंद कर ली गई? आखिर क्यों कमेंट से हेडलाइन बनाने वाले दौर में सारा के सोशल अकाउंट पर किसी की नजर नहीं गई?

हिंदू की संलिप्तता देखते ही हर विषय की बखिया उधेड़ देने वाले लिबरलों ने आखिर समुदाय विशेष को इतनी आजादी क्यों दी है कि वे किसी के धर्म और भगवान के बारे में अपशब्द बोले और उनके औचित्य पर सवाल उठाए।

हम मानें चाहे न मानें लेकिन बीते कुछ सालों में सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चला है। जिसके मुताबिक अगर आप हिंदू हैं और अपने धर्म के बारे में नियमित कुछ न कुछ लिखते, पढ़ते और बोलते हैं तो आप असहिष्णुता और कट्टरता का चेहरा हैं। वहीं अगर आप विशेष मजहब से हैं और सोशल मीडिया पर गंद भी परोस रहे हैं तो आप देश का वो अल्पसंख्यक चेहरा हैं, जो बेचारा खुद के अस्तित्व को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहा है। उसे अधिकार है कि वो खुद के मजहब को बचाने के लिए किसी के भी धर्म-त्योहारों को गाली दे।

एक देश के दो समुदायों के लिए ये विशेष परिभाषा गढ़ने वाला कोई और नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर पसरा लिबरल मीडिया गिरोह है। जो एक समय तक लुप्त था लेकिन अब वह खुलकर एक पटल पर एक साथ है। इस मीडिया गिरोह की खास बात है कि अगर किसी घटना में हिंदू शामिल है तो वो घटना के आखिरी तह तक तफ्तीश करेंगे और किसी भी रूप में हिंदू को खतरे का चेहरा बता देंगे। लेकिन वहीं अगर एक निश्चित समुदाय का व्यक्ति अपने कुकर्मों पर लताड़ा जाए तो इनकी इंसानियत और मानवता जाग पड़ती है। ये न केवल उसके लिए अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं, बल्कि उसकी मानसिकता को अपने पोर्टल और अपनी खबर का हिस्सा बनाने से भी बचते हैं।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब भी समुदाय विशेष के सेलिब्रिटी ऐसा कुछ करते हैं जिसे सेक्युलर कहा जा सके तो उन्हें इस तरह सोशल मीडिया में जलील किया जाता है। न केवल गंदी-गंदी गालियॉं दी जाती हैं, बल्कि रेप तक की भी धमकी देने से समुदाय विशेष के लोग गुरेज नहीं करते।