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4000 साल पुरानी वस्तुएँ, 10वीं सदी की अप्सरा और भगवान की प्राचीन प्रतिमा: अमेरिका भारत को फिर लौटाएगा 297 पुरावशेष और कलाकृतियाँ, PM मोदी ने दिया धन्यवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर विदेश दौरा हमेशा से उपलब्धियों भरा रहा है। इस बार भी उनकी अमेरिका यात्रा ऐसी ही है। 21 सितंबर को अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की वो 297 पुरावशेष और कलाकृतियों लौटाने का निर्णय लिया है जिसे कभी न कभी भारत से चुरा लिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में एक्स पर लिखा, “मैं भारत को 297 अमूल्य पुरावशेषों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिकी सरकार का अत्यंत आभारी हूँ।”

बताया जा रहा है कि जो वस्तुएँ भारत को लौटाई गई हैं वो भारत की भौतिक संस्कृति का हिस्सा थीं। कोई पुरावशेष लगभग 4000 वर्ष पुराना है तो कोई 2000 ईसा पूर्व से 1900 ईसवी तक का। इनका संबंध भारत के कई भागों से है।

इनमें से कुछ हैं जिनके बारे में रिलीज में बताया गया है- जैसे मध्य भारत से प्राप्त बलुआ पत्थर की अप्सरा जो कि 10वीं-11वीं शताब्दी की है, मध्य भारत से प्राप्त कांस्य की बनी जैन तीर्थंकर की 15-16वीं शताब्दी की प्रतिमा, 2000-1800 ईसा पूर्व से संबंधित उत्तर भारत से तांबे में मानवरूपी आकृति और दक्षिण भारत से ग्रेनाइट में भगवान कार्तिकेय की 13-14वीं शताब्दी की प्रतिमा, 3-4 सदी का टेराकोटा वास।

उल्लेखनीय हैं कि सांस्कृतिक संपत्तियों की अवैध तस्करी एक पुरानी समस्या है, लेकिन इस प्रकार की चोरी के खिलाफ लड़ाई को मझबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक विदेश यात्राओं से 640 प्राचीन वस्तुएँ भारत ला चुके हैं। अमेरिका से वापस की गई पुरावशेषों की कुल संख्या 578 है।

साल 2021 में जब प्रधानमंत्री अमेरिकी यात्रा पर गए थे तो अमेरिकी सरकार द्वारा उन्हें 157 पुरावेशेष लौटाए गए थे। इसी तरह 2023 में अमेरिका ने 105 पुरावशेष भारत को लौटाए थे। इन प्रतिमाओं में 12वीं शताब्दी की कास्य नटराज प्रतिमा भी शामिल है। इनके अलावा 40 वस्तुएँ ऑस्ट्रेलिया से भी वापस की गई थीं वहीं 16 वस्तुएँ ब्रिटेन ने लौटाई थी।

दिलचस्प बात ये है कि ये आँकड़ा नरेंद्र मोदी के प्रधामंत्री बनने के बाद बढ़ा है वरना 2004 से 2013 के बीच बताया जाता है कि केवल एक कलाकृति भारत को वापस की गई थी। लेकिन अब ये संख्या कहाँ पहुँच गई है खुद देख सकते हैं।

‘इस्लाम अपना लो, बीवी को छोड़ दूसरा निकाह कर लो’: गाजियाबाद में हिंदू दंपती को लूटने वाला मौलवी गिरफ्तार, बैंक खाली करवा कर था धर्मांतरण का प्रयास

उत्तर प्रदेश के गजियाबाद जिले में झाड़फूँक की आड़ में धर्मान्तरण की साजिश रचने का मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू महिला ने तहरीर देकर मौलवी पर अपने बीमार पति को न सिर्फ इस्लाम कबूल करने बल्कि दूसरे निकाह के लिए भी उकसाने का आरोप लगाया है। आरोपित मौलवी का नाम अब्दुल रहमान है। सबूत के तौर पर पीड़िता ने मौलवी की कॉल रिकार्डिंग भी पेश की है। गुरुवार (19 सितंबर 2024) को पुलिस ने केस दर्ज करके अब्दुल रहमान को अब गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना गाजियाबाद जिले के थानाक्षेत्र वेव सिटी की है। यहाँ गुरुवार को एक हिन्दू महिला ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि उनके पति श्रीश ओझा की दिमागी हालत काफी समय से ठीक नहीं थी। उनके साथ धोखाधड़ी करके मौलवी अब्दुल रहमान ने उनके खाते से पैसे निकलवा लिए। इसके बाद मौलवी ने श्रीश ओझा की कार भी बिकवा दी। कार का भी पैसा अब्दुल रहमान ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा दिया।

पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू की। जाँच में पता चला कि मौलवी अब्दुल रहमान झाड़-फूँक करने व देशी दवाओं को बेचने का काम करता था। इस अन्धविश्वास फैलाने वाले काम से वह हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाने और उनसे पैसे ऐंठने के प्रयास में लगा रहता था। इसी बीच उसके पास श्रीश ओझा और उनकी बीवी इलाज करवाने पहुँचे। श्रीश ओझा SS एसोसिएट नाम की एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी फर्म के मालिक हैं। वो मकानों और बिल्डिंगों का नक्शा बनाते हैं।

श्रीश ओझा की पत्नी की किडनी खराब है। लम्बे समय से उनका इलाज डायलिसिस के जरिए हो रहा है। इस इलाज से उनकी पत्नी को फायदा नहीं हो रहा था जिसकी वजह से श्रीश काफी तनाव में रहते थे। श्रीश की इसी परेशानी का फायदा मौलवी अब्दुल रहमान ने उठाया। उसने दावा किया कि श्रीश की पत्नी झाड़-फूँक से ठीक हो जाएँगी। पीड़ित को झाँसे में लेकर मौलवी ने रूहानी इलाज के नाम पर श्रीश से 4-5 महीने में ही लगभग 7 लाख रुपए ऐंठ लिए।

श्रीश ओझा पहले ही अपनी पत्नी के इलाज में काफी पैसे लगा चुके थे। मौलवी को पैसे देने के लिए उन्होंने अपनी सम्पत्तियों को बेचना शुरू किया जिसमें कार भी शामिल थी। कुछ दिनों बाद मौलवी अब्दुल रहमान पीड़ित को घर बेचने के लिए भी मजबूर करने लगा। मौलवी ने इसी बीच श्रीश को इस्लाम कबूल करने के लिए भी उकसाने लगा। वह इस जरिए को सभी बीमारियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका बताता था। अपने मंसूबों में कामयाब होने के लिए मौलवी श्रीश को उनकी पत्नी के खिलाफ भड़काने लगा।

आरोप है कि अब्दुल रहमान श्रीश से बताता था कि उनकी पत्नी चरित्रहीन है। वह पीड़ित को उकसा रहा था कि वो अपनी पत्नी व बच्चों को छोड़ कर मुस्लिम बन जाए। अब्दुल रहमान श्रीश को दूसरा निकाह करवाने का भी लालच दे रहा था। इसी बीच परेशान पति की हालत देख कर उनकी पत्नी ने नजर रखनी शुरू कर दी थी। यही सतर्कता काम आई और श्रीश की पत्नी को मौलवी की ऑडियो रिकार्डिंग मिल गई। इस्लाम कबूल करने और दूसरा निकाह करवाने के लालच जैसी बातों से वो भड़क गईं।

आखिरकार पीड़िता ने पुलिस ने तहरीर दे कर मौलवी अब्दुल रहमान पर अपने पैसों को हड़पने सहित कई अन्य आरोप लगाए। पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है। फ़िलहाल 58 वर्षीय मौलवी अब्दुल रहमान अभी हापुड़ जिले के धौलाना में रहता था। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रवीण खान ने ‘बादल’ नाम बताकर नाबालिग हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फँसाया, अपहरण के बाद कराया धर्मांतरण, मथुरा में हिंदू संगठन भड़के

मथुरा में लव जिहाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ मुस्लिम युवक प्रवीण खान पर नाबालिग हिंदू लड़की को नाम बदलकर प्रेमजाल में फँसाने और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ जाँच शुरू की है। इस घटना से स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला है। हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव कर लड़की की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मथुरा के थाना राया क्षेत्र के कटैला गाँव में, एक नाबालिग लड़की के परिजनों ने प्रवीण खान नामक युवक पर आरोप लगाया कि उसने अपना नाम बदलकर “बादल” के रूप में लड़की से दोस्ती की और उसे प्रेमजाल में फँसाया। इसके बाद लड़की को अगवा कर निकाह और धर्मांतरण की कोशिश की गई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर प्रवीण खान और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। हालाँकि, लड़की और आरोपितों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

लड़की की बरामदगी में देरी को लेकर हिंदू संगठनों ने शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को थाना राया का घेराव किया और सख्त कार्रवाई की माँग की। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही लड़की को नहीं ढूँढा गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। इस घटना के बाद से स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश है, और हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताया है, जिसमें धर्मांतरण के लिए लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने विशेष जाँच टीमों का गठन किया है और जल्द से जल्द नाबालिग लड़की को बरामद करने का आश्वासन दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जाँच तेज कर दी है।

इस प्रकार की घटनाएँ समाज में भय और अविश्वास पैदा करती हैं, इसलिए इनका समाधान समय पर होना बेहद आवश्यक है। लव जिहाद जैसे मुद्दे धार्मिक और सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं, और इससे जुड़े मामलों को निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता होती है। जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देना समाज के हित में है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज में धार्मिक तनाव को भी बढ़ा सकता है।

6 साल की मासूम को बंदरों ने दरिंदे से बचाया: जाबिर से पैसे लेने के बहाने आरोपित बच्ची को ले गया था झाड़ियों में, कर रहा था रेप की कोशिश

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 6 साल की एक हिन्दू बच्ची से रेप की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की माँग की है। बच्ची को जाबिर नाम के दूधिया से पैसे दिलाने का बहाना लेकर बुलाया गया था। यहाँ उसे मस्जिद की तरफ ले जाने की कोशिश हुई। अंत में पीड़िता को झाड़ियों में ले जाया गया, जहाँ बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया।

इस मामले में केस दर्ज करके पुलिस आरोपित की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। घटना गुरुवार (19 सितंबर 2024) की है। पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया से बातचीत की और कहा कि बंदरों के रूप में बजरंग बली ही आकर उसकी बच्ची को बचाए हैं। इसी वजह से आरोपित लड़की को छोड़कर भागे। पीड़िता के पिता ने इसके लिए भगवान राम को धन्यवाद दिया है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र सिंघावली की है। यहाँ शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को 6 साल की नाबालिग हिन्दू बच्ची के पिता ने पुलिस में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को उनकी बेटी स्कूल से लौटकर आने के बाद सुबह लगभग 10 बजे घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति वहाँ पहुँचा। वह बच्ची को बहला-फुसला कर मस्जिद वाली गली में लेकर चला गया।

पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपित यहाँ से उनकी बेटी को लेकर एक टॉवर के पास पहुँचा। वहाँ उसने बच्ची के कपड़े फाड़ने शुरू कर दिए। जब बच्ची ने इसका विरोध किया तो उसकी पिटाई की गई। बच्ची की चीख सुनकर बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया। इसके बाद वह वहाँ से भागने लगा। जाते-जाते उसने पीड़िता को धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो वह उसके पूरे परिवार को मार डालेगा।

इसके बाद लोगों की मदद से बच्ची अपने घर पहुँची और रोते हुए परिजनों को सारी जानकारी दी। बच्ची के पिता ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 115 (2) और 351 (2) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

बागपत पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज करके आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए 3 टीमें लगाई गई हैं। पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया को बताया कि उनकी बेटी का मेडिकल टेस्ट करवा कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पीड़िता के पिता ने उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द ही आरोपित को चिन्हित करके गिरफ्तार कर लेगी और ऐसी सजा देगी, जो नजीर बनेगी।

मैं रामभक्त, तभी बजरंग बली ने बेटी को बचाया

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले संदिग्ध को उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। उस अनजान आरोपित ने पीड़ित बच्ची से कहा, “जाबिर दूध वाले का बकाया पैसा लेना हो तो मेरे साथ चलो।” बच्ची उसकी बातों में आकर उसके साथ चल दी। बच्ची के पिता ने बताया कि आरोपित बच्ची को पहले मस्जिद में ले जाने की कोशिश की।

हालाँकि, वहाँ CCTV कैमरे देखकर उसने दिशा बदल दी। पीड़िता के पिता ने आरोपित के मुस्लिम समुदाय से होने की आशंका जाहिर की है। उन्होंने बताया कि मस्जिद के बाद वह उनकी बेटी को एक सुनसान इलाके में ले गया था, जहाँ घनी झाड़ियाँ थीं। यहीं पर वो बच्ची से रेप करने की कोशिश करने लगा। तभी बंदरों का एक झुंड वहाँ आ गया।

पीड़िता के पिता ने आगे बताया कि बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया तो वह बच्ची को छोड़ कर भाग गया। इसी दौरान शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और उनकी बेटी बच गई। शिकायतकर्ता ने खुद को भगवान राम का सच्चा भक्त बताया। उन्होंने कहा कि उनकी श्रद्धा को देखते हुए ही बजरंग बली ने खुद का कर बच्ची की रक्षा की।

श्रद्धालुओं के साथ किया खिलवाड़, दोषियों को फाँसी दो: तिरुपति प्रसाद मामले पर भड़के बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री, सनातनियों को एकजुट होने को कहा

तिरुपति मंदिर के पवित्र प्रसाद, लड्डू, में मछली के तेल और जानवरों की चर्बी मिलाए जाने के विवाद ने पूरे देश में सनातनियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, और हिन्दू साधु-संत इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की माँग कर रहे हैं। इस कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए दोषियों को फाँसी तक की सजा देने की माँग की है।

सनातन धर्म पर सुनियोजित साजिश का आरोप

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आंध्र प्रदेश सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के सनातनियों के धर्म को भ्रष्ट करने की एक साजिश है। उन्होंने कहा, “अगर तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी और मछली के तेल का प्रयोग किया गया है, तो यह बहुत बड़ा अपराध है। यह सुनियोजित तरीके से सनातनियों की आस्था को चोट पहुँचाने की कोशिश है, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने और दोषियों को फाँसी की सजा देने की माँग की है।

हिंदू मंदिरों को हिंदू बोर्ड के अधीन करने की माँग

धीरेंद्र शास्त्री ने तिरुपति विवाद के चलते एक और महत्वपूर्ण माँग उठाई कि हिंदू मंदिरों को सरकार से हटाकर हिंदू बोर्ड के अधीन कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, “सनातनी मंदिरों की सुरक्षा और उनकी पवित्रता बनाए रखने के लिए अब जरूरी है कि सभी मंदिरों का प्रबंधन हिंदू बोर्ड के अंतर्गत हो।” उनका मानना है कि इस कदम से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी, जो सनातन धर्म के खिलाफ षड्यंत्र रचने की कोशिश कर रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “भारत के सनातनियों के धर्म को भ्रष्ट करने की पूरी तैयारी की गई है, और यह साजिश सिर्फ प्रसाद तक ही सीमित नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक स्थलों पर सीधा हमला है। अगर हम अब भी नहीं जागे, तो यह आस्था पर एक गहरा आघात होगा।”

दोषियों को कड़ी सजा की माँग

बागेश्वर धाम के मुखिया धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि दोषियों को फाँसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर भगवान के प्रसाद में चर्बी और मछली के तेल का प्रयोग किया गया है, तो यह न केवल धर्म के खिलाफ है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ भी है। यह उन सभी श्रद्धालुओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है, जो भगवान की भक्ति और विश्वास के साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। ऐसे अपराधियों को समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और उन्हें फाँसी की सजा मिलनी चाहिए।”

सनातनियों से एकजुट होने की अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने सभी सनातनियों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है। शास्त्री ने कहा, “हमें अपनी आस्था की रक्षा के लिए अब एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा। यह कोई साधारण घटना नहीं है, यह हमारे धर्म के खिलाफ एक संगठित साजिश है।” उन्होंने कहा कि जितने भी तीर्थ स्थल हैं, उनकी बारीकी से जाँच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।

धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सभी हिंदू धर्मावलंबियों को संगठित होकर एक ठोस कदम उठाना होगा। उन्होंने कहा “हम किसी भी सूरत में सनातन धर्म पर चोट सहन नहीं करेंगे। सनातन धर्म ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया और न ही वह अन्याय को सहन करता है। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी आस्था की रक्षा के लिए दृढ़ कदम उठाएँ।”

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुपति मंदिर के लड्डूओं में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलाया गया था। इस रिपोर्ट के बाद से ही पूरे देश में सनातनी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालाँकि अब प्रसाद फिर से शुद्ध रूप से बनने लगा है। शास्त्री ने इस मामले की गहन जाँच की माँग की है और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर से हिंदू मंदिरों की पवित्रता और उनकी देखभाल के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब देखना यह है कि आंध्र प्रदेश सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद था, जिंदाबाद रहेगा’ : बागपत से वायरल हुई सैलून वाले अबरार की वीडियो, UP पुलिस ने देशद्रोह में केस दर्ज कर की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो वायरल हो रहा है। नारेबाजी करने वाला एक सैलून संचालक है जिसका नाम अबरार है। पुलिस ने केस दर्ज करके अबरार को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर देशद्रोह की धाराओं में कार्रवाई की गई है। आरोपित के पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल चल रही है। घटना की FIR मंगलवार (17 सितंबर 2024) को दर्ज हुई थी। अबरार की पाकिस्तान परस्ती का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह घटना बागपत जिले के थानाक्षेत्र सिंघावली अहीर की है। यहाँ 17 सितंबर 2024 को सब इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि उनको अपने मोबाइल नंबर पर वायरल होती एक वीडियो मिली है। इस वीडियो में टेड़ा गाँव का रहने वाला अबरार कुछ लड़कों के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में अबरार ने कहा, “पाकिस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और रहेगा।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई।

वायरल वीडियो में अबरार सिर पर टोपी रखकर कुछ लोगों के बीच देखा जा सकता है। उसने हाथ में लाल रंग का कलावा जैसा कुछ बाँध रखा है। पाकिस्तान को जिंदाबाद बोलकर अबरार जोर से हँसता भी है। आसपास खड़े कुछ लोगों ने इस वीडियो को ग्रुप में भेजने की बात कही जिसका अबरार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। ये वीडियो किसी हिन्दू के घर के आगे बनाया गया था। घर के आगे बड़े-बड़े अक्षरों में ॐ लिखा हुआ है।

कुछ ही देर में यह लगभग 17 सेकेंड लम्बा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बागपत में हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अबरार को पहचान लिया और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठने लगी। पुलिस ने अबरार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

न तेलंगाना की 90% मस्जिदों के पास है कागज, न UP की 1.12 लाख वक्फ संपत्तियों के पास: असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिमों को डराया, बोले- वक्फ संशोधन के बाद सरकार ले लेगी संपत्ति

AIMIM के अध्यक्ष एवं हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन विधेयक का लगातार विरोध कर रहे हैं। इस विधेयक के कथित खतरों के बारे में बात करते हुए ओवैसी ने हैदराबाद में दावा किया कि देश की लगभग 90 प्रतिशत मस्जिदों पर अपना स्वामित्व साबित करने के लिए मुस्लिमों के पास कोई कागजात नहीं हैं।

ओवैसी ने दावा किया कि अगर वक्फ बिल कानून बन जाता है तो मस्जिद, ईदगाह और दूसरे मुस्लिम दीनी स्थान मुस्लिमों से छिन जाएँगे। उन्होंने कहा कि एक बार जब मुस्लिम किसी जगह को इबादतगाह के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर देता है तो वह जगह हमेशा के लिए मुस्लिमों की संपत्ति बन जाती है और अब मोदी सरकार उस प्रावधान को बदल रही है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना में 33,000 वक्फ संपत्तियाँ हैं और उनमें से 90 प्रतिशत के पास जमीन का पंजीकृत दस्तावेज नहीं है। ओवैसी ने आगे आँकड़े देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 1.21 लाख वक्फ संपत्तियाँ हैं और उनमें से 1.12 लाख संपत्तियों के पास कोई दस्तावेज नहीं है। ओवैसी ने पूछा, “अगर उनका स्वामित्व छीन लिया गया तो संपत्तियों पर किसका कब्जा होगा?”

उन्होंने कहा, “मस्जिद पर आपका (मुस्लिमों का) कोई कानूनी अधिकार नहीं होगा, कोई भी उस पर कब्जा कर सकेगा।” उन्होंने पूछा कि अगर कोई मक्का और मदीना का पंजीकृत दस्तावेज माँगे तो क्या इसे उपलब्ध कराया जा सकता है। ओवैसी ने दावा किया कि 300-400 साल पहले कोई पंजीकरण दस्तावेज नहीं थे। इसलिए ये मस्जिदें सरकार द्वारा छीन ली जाएँगी।

सांसद ओवैसी ने अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मुस्लिम आक्रांता द्वारा बनाई गई बाबरी मस्जिद का भी रोना रोया। उन्होंने कहा, “हमने एक बाबरी मस्जिद खो दी, अब हम 90 प्रतिशत मस्जिदें खो देंगे।” असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दफन हुए मंदिरों को खोजने के लिए मस्जिदों की खुदाई की माँग करेगा।

सेना और रेलवे के बाद भारत में वक्फ बोर्ड के तीसरे सबसे बड़े भू-स्वामी होने को लेकर ओवैसी ने कहा कि हिंदू मंदिरों और मठों के पास बहुत ज़्यादा ज़मीन है। अलग-अलग राज्यों में हिंदू मंदिरों की ज़मीन मिलाकर वक्फ बोर्ड की संपत्ति से कहीं ज़्यादा होगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ तीन राज्यों, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हिंदू संपत्तियाँ वक्फ संपत्तियों से ज़्यादा हैं।

ओवैसी के बयानों पर भाजपा IT हेड अमित मालवीय ने सोशल मीडिया X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी ने मान लिया कि उत्तर प्रदेश में 1.21 लाख वक्फ संपत्तियों में से 1.12 लाख संपत्तियों का दस्तावेज नहीं है! यह समस्या का एक हिस्सा है। वक्फ ने कई संपत्तियों पर अवैध दावा किया है, जिनमें से अधिकांश गरीब मुस्लिमों की हैं, वो भी बिना वैध दस्तावेजों के।”

आतिशी बनीं दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री, शपथ लेने के बाद छुए अरविंद केजरीवाल के पाँव: सामने आया वीडियो, 6 महीने बाद फिर होने हैं चुनाव

अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आज (21 सितंबर 2024) दिल्ली को नया मुख्यमंत्री मिल गया। उपराज्यपाल सचिवालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ दिल्ली कैबिनेट के पाँच अन्य मंत्रियों—सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन, और मुकेश अहलावत ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई हैं। उनसे पहले कांग्रेस की शीला दीक्षित और बीजेपी की सुषमा स्वराज इस महत्वपूर्ण पद पर रह चुकी हैं।

महज 4 साल में विधायक से मंत्री और फिर मुख्यमंत्री पद का सफर

आतिशी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। वह आम आदमी पार्टी (AAP) के शुरुआती दौर से ही पार्टी के साथ जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2013 में जब पार्टी ने दिल्ली में पहली बार चुनाव लड़ा, तब आतिशी घोषणापत्र मसौदा समिति की सदस्य रहीं और पार्टी का पहला मैनिफेस्टो तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर आतिशी की विशेष पकड़ रही है, और पार्टी की नीतियों को आकार देने में उनका अहम योगदान रहा है।

आतिशी ने पार्टी प्रवक्ता के तौर पर कई मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा है। वैसे, आतिशी ने सफलता की सीढ़ियाँ काफी तेजी से चढ़ी हैं। साल 2020 में वो पहली बार विधायक बनीं, और साल 2023 में पहली बार मंत्री और अब अगले ही साल वो दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गई हैं। अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति घोटाले में जेल से लौटने के बाद इस्तीफा दे दिया था।

केजरीवाल सरकार की विफलताओं का बोझ पड़ सकता है भारी

अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी ने दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन यह पद उनके लिए कई चुनौतियाँ लेकर आया है। केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने कई मोर्चों पर विफलताएँ झेली, जिनमें प्रदूषण, जल संकट, और महिला सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। इन विफलताओं का असर आतिशी के कार्यकाल पर भी पड़ेगा, क्योंकि जनता का विश्वास पहले ही कमजोर हो चुका है। आगामी 6 महीनों में उन्हें न केवल इन विफलताओं को दूर करना होगा, बल्कि पार्टी की छवि सुधारने की भी जिम्मेदारी उठानी होगी।

मुखौटा मुख्यमंत्री?

केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है, क्योंकि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी से जो उम्मीदें लगा रखी हैं, उन्हें पूरा करने की चुनौती अब आतिशी के कंधों पर है। चूँकि अरविंद केजरीवाल एक विफल मुख्यमंत्री साबित हुए हैं, ऐसे में आतिशी पर जिम्मेदारियों को बोझ कहीं ज्यादा है। हालाँकि राजनीतिक जानकार उन्हें अरविंद केजरीवाल का मुखौटा मुख्यमंत्री कहने से नहीं चूक रहे हैं। इस बीच, उनका अरविंद केजरीवाल का पैर छूने का वीडियो भी सामने आ गया, जो शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद का है।

इन पाँच मंत्रियों ने भी ली शपथ

आतिशी के साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों में सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत भी शामिल हैं। ये सभी नेता अपने-अपने विभागों में कुशल और अनुभवी माने जाते हैं, और सरकार के सफल संचालन के लिए इनका सहयोग महत्वपूर्ण होगा। कैबिनेट में आतिशी के साथ सौरभ भारद्वाज पहले से ही कई बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और दिल्ली में सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन के क्षेत्र में उन्होंने काम किया है। वहीं, गोपाल राय किसानों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।

हालाँकि आतिशी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर 6 महीनों का कार्यकाल मिला है, लेकिन यह समय उनके लिए कई चुनौतियों से भरा रहेगा। आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को मजबूत बनाए रखना और जनता का विश्वास जीतना भी आतिशी के लिए प्राथमिकताओं में होगा।

हालाँकि राजनीति में उनकी अनुभवहीनता को देखते हुए उनके मुख्यमंत्री बनने पर सवाल उठ रहे हैं। चुनावों से पहले उनकी इस छोटी अवधि में विपक्षी पार्टियाँ इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाने वाली हैं। उनके नेतृत्व में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को जनता के सामने नई योजनाओं और कामकाज के दम पर विश्वास जीतना होगा, जो फिलहाल आसान नहीं दिख रहा।

दिल्ली के बाद कर्नाटक में भी राहुल गाँधी पर केस दर्ज, BJP नेताओं ने कराई FIR: अमेरिका में आरक्षण पर दिए बयान पर मचा बवाल

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला उनके हालिया अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए आरक्षण संबंधी बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी समानता स्थापित होने के बाद आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने पर विचार करेगी। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा नेताओं ने राहुल गाँधी पर संविधान विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी और भाजपा कानूनी समिति के समन्वयक वसंत कुमार समेत कई नेताओं ने उनके बयान की निंदा की और एफआईआर दर्ज कराई। भाजपा का कहना है कि राहुल गाँधी का यह बयान न केवल आरक्षण के खिलाफ है बल्कि यह समाज में विभाजन पैदा करने वाला भी है।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गाँधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। उनका आरोप है कि राहुल गाँधी ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सिख समुदाय के खिलाफ ‘घृणित’ टिप्पणी की, जिससे समाज में वैमनस्य बढ़ सकता है। इसके साथ ही, राहुल गाँधी की ‘हम आरक्षण हटा देंगे’ टिप्पणी को लेकर भाजपा ने उन्हें विभाजनकारी और उत्तेजक बयानबाजी का दोषी ठहराया है।

बता दें कि राहुल गाँधी ने कहा था कि भारत में समानता स्थापित होने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने के बारे में सोचेगी। हालाँकि बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया जैसे कि मैं आरक्षण के खिलाफ हूँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम आरक्षण की सीमा को 50% से अधिक बढ़ाने जा रहे हैं।

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार (19 सितंबर 2024) को राहुल गाँधी की हाल की अमेरिकी यात्रा के दौरान आरक्षण पर की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दिल्ली में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पंजाबी बाग, तिलक नगर, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशनों में दर्ज की गई थी। इसके अलावा एक शिकायत बीजेपी ने राहुल गाँधी के खिलाफ मध्य प्रदेश में दर्ज कराई है।

अमेठी के मंदिर में हिन्दू लड़की संग घूम रहा था मुस्लिम युवक, सवाल पूछने पर बताया फर्जी नाम: महंत ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा, सख्त कार्रवाई की उठाई माँग

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हिन्दू संत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में संत एक लड़की और लड़के के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि वीडियो में दिख रहा लड़का मुस्लिम है जो हिन्दू लड़की के साथ मंदिर परिसर में घूम रहा था। इस हरकत को संत ने लव जिहाद बताते हुए कार्रवाई की माँग उठाई है। घटना शनिवार (21 सितंबर 2024) की है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए लड़का और लड़की को हिरासत में ले लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह घटना अमेठी जिले के थानाक्षेत्र गौरीगंज की है। यहाँ के बाबूगंज में सगरा आश्रम आसपास के हिन्दुओं की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। इस आश्रम के महंत मौनी महाराज हैं। मौनी महाराज ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उनके बगल चेकदार शर्ट व डैमेज जींस पहने बड़े बाल वाला एक लड़का दिख रहा। लड़के के पीछे काले लिबास में एक लड़की खड़ी है। लगभग 1 मिनट के वीडियो की शुरुआत मौनी महाराज ने लड़के को मुस्लिम और लड़की को हिन्दू बताकर की है।

वीडियो में आगे मौनी महाराज ने आरोप लगाया है कि लड़के ने पहले अपना परिचय हिन्दू के तौर पर देते हुए उनको गुमराह करने का प्रयास किया था। उनका दावा है कि मुस्लिम लड़का दर्शन करने के बहाने मंदिर में आया था पर वो असल में एक लव जिहाद का अपराधी है। बकौल मौनी महाराज आरोपित ने आश्रम के अंदर भी अपराध का प्रयास किया है। इसी वीडियो में जिला प्रशासन से माँग की गई है कि युवक को गिरफ्तार करके उसकी जाँच करवाई जाए। ऑपइंडिया के पास वीडियो मौजूद है।

मौनी महाराज यहीं नहीं रुके। उन्होंने इसी वीडियो में आगे बताया कि एक सोची समझी साजिश के तहत मंदिरों को अपवित्र किया जा रहा है। उनका दावा है कि पकड़े गए युवक की सोच आतंकवाद से प्रेरित है जो छोटी-छोटी हिन्दू बच्चियों को फँसाकर उनके साथ अपराध कर रहे हैं। मौनी महाराज ने आगाह किया है कि पुलिस ने अगर पकड़े गए लड़के पर कड़ा एक्शन नहीं लिया तो सामाजिक सौहार्द पर गलत असर पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मौनी महाराज ने युवक के परिजनों की भी जाँच कराए जाने की माँग की है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लड़के की हरकतें संदिग्ध हैं। इस वीडियो का अमेठी पुलिस ने संज्ञान लिया है। गौरीगंज क्षेत्र के डिप्टी एसपी अखिलेश वर्मा ने बताया कि लड़के और लड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। लड़का रायबरेली जिले का रहने वाला है। इन दोनों के परिजनों को भी सूचित किया जा रहा है। बकौल DSP लड़की के परिजनों से अगर कोई तहरीर प्राप्त होती है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।