Homeदेश-समाज'इस्लाम अपना लो, बीवी को छोड़ दूसरा निकाह कर लो': गाजियाबाद में हिंदू दंपती...

‘इस्लाम अपना लो, बीवी को छोड़ दूसरा निकाह कर लो’: गाजियाबाद में हिंदू दंपती को लूटने वाला मौलवी गिरफ्तार, बैंक खाली करवा कर था धर्मांतरण का प्रयास

हिन्दू महिला ने तहरीर देकर मौलवी पर अपने बीमार पति को न सिर्फ इस्लाम कबूल करने बल्कि दूसरे निकाह के लिए भी उकसाने का आरोप लगाया है। आरोपित मौलवी का नाम अब्दुल रहमान है। सबूत के तौर पर पीड़िता ने मौलवी की कॉल रिकार्डिंग भी पेश की है।

उत्तर प्रदेश के गजियाबाद जिले में झाड़फूँक की आड़ में धर्मान्तरण की साजिश रचने का मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू महिला ने तहरीर देकर मौलवी पर अपने बीमार पति को न सिर्फ इस्लाम कबूल करने बल्कि दूसरे निकाह के लिए भी उकसाने का आरोप लगाया है। आरोपित मौलवी का नाम अब्दुल रहमान है। सबूत के तौर पर पीड़िता ने मौलवी की कॉल रिकार्डिंग भी पेश की है। गुरुवार (19 सितंबर 2024) को पुलिस ने केस दर्ज करके अब्दुल रहमान को अब गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना गाजियाबाद जिले के थानाक्षेत्र वेव सिटी की है। यहाँ गुरुवार को एक हिन्दू महिला ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि उनके पति श्रीश ओझा की दिमागी हालत काफी समय से ठीक नहीं थी। उनके साथ धोखाधड़ी करके मौलवी अब्दुल रहमान ने उनके खाते से पैसे निकलवा लिए। इसके बाद मौलवी ने श्रीश ओझा की कार भी बिकवा दी। कार का भी पैसा अब्दुल रहमान ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा दिया।

पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू की। जाँच में पता चला कि मौलवी अब्दुल रहमान झाड़-फूँक करने व देशी दवाओं को बेचने का काम करता था। इस अन्धविश्वास फैलाने वाले काम से वह हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाने और उनसे पैसे ऐंठने के प्रयास में लगा रहता था। इसी बीच उसके पास श्रीश ओझा और उनकी बीवी इलाज करवाने पहुँचे। श्रीश ओझा SS एसोसिएट नाम की एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी फर्म के मालिक हैं। वो मकानों और बिल्डिंगों का नक्शा बनाते हैं।

श्रीश ओझा की पत्नी की किडनी खराब है। लम्बे समय से उनका इलाज डायलिसिस के जरिए हो रहा है। इस इलाज से उनकी पत्नी को फायदा नहीं हो रहा था जिसकी वजह से श्रीश काफी तनाव में रहते थे। श्रीश की इसी परेशानी का फायदा मौलवी अब्दुल रहमान ने उठाया। उसने दावा किया कि श्रीश की पत्नी झाड़-फूँक से ठीक हो जाएँगी। पीड़ित को झाँसे में लेकर मौलवी ने रूहानी इलाज के नाम पर श्रीश से 4-5 महीने में ही लगभग 7 लाख रुपए ऐंठ लिए।

श्रीश ओझा पहले ही अपनी पत्नी के इलाज में काफी पैसे लगा चुके थे। मौलवी को पैसे देने के लिए उन्होंने अपनी सम्पत्तियों को बेचना शुरू किया जिसमें कार भी शामिल थी। कुछ दिनों बाद मौलवी अब्दुल रहमान पीड़ित को घर बेचने के लिए भी मजबूर करने लगा। मौलवी ने इसी बीच श्रीश को इस्लाम कबूल करने के लिए भी उकसाने लगा। वह इस जरिए को सभी बीमारियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका बताता था। अपने मंसूबों में कामयाब होने के लिए मौलवी श्रीश को उनकी पत्नी के खिलाफ भड़काने लगा।

आरोप है कि अब्दुल रहमान श्रीश से बताता था कि उनकी पत्नी चरित्रहीन है। वह पीड़ित को उकसा रहा था कि वो अपनी पत्नी व बच्चों को छोड़ कर मुस्लिम बन जाए। अब्दुल रहमान श्रीश को दूसरा निकाह करवाने का भी लालच दे रहा था। इसी बीच परेशान पति की हालत देख कर उनकी पत्नी ने नजर रखनी शुरू कर दी थी। यही सतर्कता काम आई और श्रीश की पत्नी को मौलवी की ऑडियो रिकार्डिंग मिल गई। इस्लाम कबूल करने और दूसरा निकाह करवाने के लालच जैसी बातों से वो भड़क गईं।

आखिरकार पीड़िता ने पुलिस ने तहरीर दे कर मौलवी अब्दुल रहमान पर अपने पैसों को हड़पने सहित कई अन्य आरोप लगाए। पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है। फ़िलहाल 58 वर्षीय मौलवी अब्दुल रहमान अभी हापुड़ जिले के धौलाना में रहता था। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -