Homeदेश-समाजअवैध इबादतगाह नहीं बर्दाश्त, अतिक्रमण हटाओ: हिमाचल प्रदेश में शिमला से कुल्लू तक हिंदुओं...

अवैध इबादतगाह नहीं बर्दाश्त, अतिक्रमण हटाओ: हिमाचल प्रदेश में शिमला से कुल्लू तक हिंदुओं का प्रदर्शन, सड़क पर किया हनुमान चालीसा पाठ

संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। शिमला में हिन्दुओं के प्रदर्शन के बाद अब इसी राज्य के कुल्लु में भी धरना दिया गया है। इस दौरान सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ हुआ।

हिमाचल प्रदेश के संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। शिमला में हिन्दुओं के प्रदर्शन के बाद अब इसी राज्य के कुल्लु में भी धरना दिया गया है। इस दौरान सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को इस विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी पूरी मस्जिद को ही अतिक्रमण बतापर इस पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे। इसी के साथ इस मस्जिद के खिलाफ सुन्नी, पाँवटा साहिब, हमीरपुर और बिलासपुर में भी प्रदर्शन हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार की सुबह ही कुल्लू में हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्य सड़क पर उत्तर आए। उन्होंने शिमला में प्रदर्शनकारी हिन्दुओं के साथ अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारी हिन्दुओं का आरोप है कि संजौली की पूरी मस्जिद ही अतिक्रमण कर के बनाई गई है। उन्होंने माँग की है कि पूरी मस्जिद को ही हटाया जाए। धरने की सूचना पर फ़ौरन ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा।

इस बीच हिन्दू संगठन के लोग हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। हालाँकि अंत में धरना बिना किसी विवाद के शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत पटेल उमराव ने इस प्रदर्शन की एक वीडियो भी अपने X हैंडल पर शेयर की है। उन्होंने दावा है कि न सिर्फ शिमला और कुल्लू बल्कि सुन्नी, बिलासपुर, हमीरपुर और पांवटा साहिब में भी अवैध मस्जिदों के विरुद्ध हिन्दू प्रदर्शन कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश की अवैध इबादतगाहों के खिलाफ सामूहिक एकजुटता दिखाते हुए व्यापारी वर्ग ने भी इन प्रदर्शनकारियों के पक्ष में आवाज उठाई है। प्रदेश के कई हिस्सों में सांकेतिक रूप से बाजारों को 3 घंटों के लिए बंद रखा गया। इस बंद का सबसे ज्यादा असर सुन्नी कस्बे में देखने को मिला है। यहाँ बाजार पूरी तरह से बंद हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस और वहाँ के मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -