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महोबा में गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव, इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया जुलूस पर हमला: बवाल के बाद हिन्‍दुओं ने किया कोतवाली का घेराव

महोबा जिले में गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यह घटना तब हुई जब गणेश मूर्ति का जुलूस मुस्लिम बाहुल्य कसौराटोरी इलाके से गुजर रहा था। जुलूस के दौरान आतिशबाजी में एक जलता हुआ पटाखा गलती से एक कच्चे मकान में गिर गया, जिससे विवाद शुरू हो गया। इसके तुरंत बाद, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने जुलूस पर पानी की बाल्टियाँ फेंकनी शुरू कर दीं और फिर पथराव भी होने लगा। इस कारण जुलूस में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर कई थानों की फोर्स को तैनात कर दिया। पुलिस ने दर्जन भर लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने गुस्से में आकर कोतवाली का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।

यह घटना महोबा के शहर कोतवाली क्षेत्र के कसौराटोरी मोहल्ले की है। शनिवार (14 सितंबर 2024) को गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए निकाले जा रहे जुलूस में शामिल भक्त डीजे की धुन पर उत्सव मना रहे थे। जैसे ही जुलूस कसौराटोरी इलाके से गुजरा, आतिशबाजी के दौरान एक जलता पटाखा कच्चे मकान के अंदर गिर गया, जिससे विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद जुलूस में शामिल भक्तों पर पानी की बाल्टियाँ फेंकी गईं, जिससे दोनों पक्षों में टकराव और पथराव शुरू हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा, लेकिन गुस्साए हिंदू संगठन के कार्यकर्ता कोतवाली पहुँच गए और गिरफ्तारी की माँग करने लगे। उन्होंने कोतवाली का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की। संगठन के पदाधिकारी कार्रवाई की माँग पर अड़े रहे और देर रात तक कोतवाली में डटे रहे।

पुलिस ने स्थिति को शांत करने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की और तनाव को कम करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने दर्जन भर लोगों को हिरासत में लिया और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष मनोज शिवहरे ने बताया कि गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान भक्तों पर पथराव करने की घटना से लोग बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने माँग की है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार करे। वहीं, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की।

CBI ने RG कर मेडिकल अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को किया गिरफ्तार, सबूतों से छेड़छाड़ और साजिश रचने का आरोप

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर की रेप और फिर हत्या के मामले में RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को सीबीआई ने गिऱफ्तार कर लिया है। घोष के साथ ही इंपेक्टर अभिजीत मंडल को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को आज सियालदह में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई का कहना है कि दोनों अपराध स्थल को बिगाड़ने, सबूतों से छेड़छाड़ करने, आधिकारिक नियमों का उल्लंघन करने, आपराधिक साजिश रचने और जाँचकर्ताओं को गुमराह करने में शामिल थे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के रूप में अभिजीत मंडल महिला डॉक्टर की लाश मिलने के बाद अपनी भूमिका के बारे में उचित जवाब नहीं दे पाए।

मेडिकल अस्पताल में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर संदीप घोष पहले से ही एजेंसी की न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जाँच कर रही है।

इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर को सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य डायरी (जीडी) प्रविष्टि और एफआईआर के पंजीकरण के समय के बीच विसंगति की ओर इशारा किया था। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था, “यह बहुत स्पष्ट है कि एफआईआर दर्ज करने में कम से कम 14 घंटे की देरी हुई है।”

दरअसल, 31 वर्षीया ट्रेनी डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद रात में पोस्टमार्टम किए जाने पर सवाल उठाए गए थे। हालाँकि, डॉक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल ने शुरू में शाम को पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल ने ‘कुछ जरूरी मामले’ का हवाला देकर शाम 6.10 से 7.10 बजे के बीच पोस्टमार्टम करने की अनुमति दी।

रात में शव का पोस्टमार्टम करने को लेकर मृतक डॉक्टर के माता-पिता ने सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि अभिजीत मंडल ने शव का अंतिम संस्कार जल्द करने के लिए उन पर दबाव डाला था। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान संदीप घोष के बयान से भी एजेंसी को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे पुलिस अधिकारी मंडल की भूमिका पर संदेह पैदा हुआ।

अभिजीत मंडल को सबूतों से छेड़छाड़ करने और अपराध की सूचना मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में देरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। CBI के एक अधिकारी ने कहा, “पुलिसकर्मी से पहले आठ बार पूछताछ की जा चुकी है और हर बार उसने अलग-अलग बयान दिए हैं। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।” गिरफ्तारी से पहले शनिवार को मंडल से कई घंटों तक पूछताछ की गई।

इन दोनों गिरफ्तारियों पर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने जश्न मनाया। एक डॉक्टर ने कहा, “हम पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल की गिरफ़्तारी की माँग कर रहे थे, क्योंकि वे सबूतों से छेड़छाड़ करने में शामिल थे। हम बहुत खुश हैं क्योंकि सीबीआई ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है। सीबीआई को उन अन्य लोगों को भी गिरफ़्तार करना चाहिए जिन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ की है।”

इससे पहले संदीप घोष के बाउंसर एवं सुरक्षाकर्मी अफसर अली खान और हावड़ा में मेडिकल शॉप चलाने वाली सुमन हजारा को पहले की गिरफ्तार कर लिया गया है। सुमन हजारा पर आरोप है कि उनकी दुकान से रिसाइकल किया हुआ मेडिकल उपकरण RG कर मेडिकल अस्पताल में सप्लाई किया जाता था। इसके अलावा, वेंडर विप्लव सिंघा और रेप के आरोपित संजय राय को गिरफ्तार किया जा चुका है।

राम रेवाड़ी की शोभा यात्रा पर मस्जिद के अंदर से पथराव, कई हिंदू घायल: ‘अवैध जामा मस्जिद’ पर बुलडोजर एक्शन की माँग, भीलवाड़ा में MLA समेत सैकड़ों लोग धरने पर

राजस्थान के भीलवाड़ा में राम रेवाड़ी की शोभायात्रा पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा पथराव किया गया, जब शोभायात्रा मस्जिद के सामने से गुजर रही थी। भीलवाड़ा के जहाजपुर में राम रेवाड़ी की शोभायात्रा के दौरान जामा मस्जिद के बाहर अचानक पथराव होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीलवाड़ा के जहाजपुर में शनिवार (14 सितंबर 2024) को यह घटना तब हुई, जब शोभायात्रा भगवान के बेवाण किले से आ रही थी। शोभा यात्रा जैसे ही जामा मस्जिद के पास पहुँची, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रदर्शनकारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग करते हुए मौके पर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान शहर के बाजार भी बंद हो गए। इस मामले में 10 पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया गया है, जो मस्जिद के अंदर से पत्थरबाजी कर रहे थे।

मस्जिद से पत्थरबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

घटना की जानकारी मिलने पर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने जामा मस्जिद को अवैध बताते हुए इसे बुलडोजर से तोड़ने की माँग की। इसके बाद नगर पालिका ने जामा मस्जिद को स्वामित्व और निर्माण स्वीकृति संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए 24 घंटे का नोटिस जारी किया। देर रात तक ये धरना चला और प्रशासन से 3 दौर की वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ।

रात में नगर पालिका ने बस स्टैंड के पास मुस्लिमों की कुछ केबिनों को अतिक्रमण मानकर जेसीबी से हटवा दिया। इस दौरान बाईपास के पास दो केबिनों को कुछ युवाओं द्वारा आग के हवाले कर दिया गया। इससे माहौल और अधिक बिगड़ गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में रही।

शाहपुरा एसपी राजेश कांवट ने बताया कि इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि कस्बे के हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन नियंत्रण में हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रात में जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत, एसपी राजेश कांवट, और अजमेर के आईजी ओमप्रकाश भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और निर्देश दिए कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जाए।

वहीं, विधायक गोपीचंद मीणा ने देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धरना समाप्त करने की घोषणा की और बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मामले की जानकारी दे दी गई है। अब जिला प्रशासन सीएमओ के निर्देशन में कार्रवाई करेगा।

एक्सप्रेसवे की बदहाली पर एक्शन मोड में NHAI: 4 इंजीनियरों पर गिरी गाज, ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना – खराब सड़क की वायरल हुई थी वीडियो

केंद्र सरकार ने सड़कों की मरम्मत एवं रख-रखाव के मामले में लापरवाही बरतने वाले चार इंजीनियरों ऐक्शन लिया है और ठेकेदार पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। पिछले दिनों अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर और दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे की बदहाली की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसका संज्ञान लिया था।

दरअसल, पिछले दिनों अलवर में दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक्सप्रेसवे पर चल रही एक कार सड़क में खामियों के कारण हवा में उछलती हुई दिखाई दी थी। इसके अलावा, कई जगहों की तस्वीरें भी लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल की थी।

इस मामले में NHAI ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर इस मामले की जाँच की गई। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। NHAI ने कहा कि वक्त रहते खामियों को दूर न करने के मामले में ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा, निर्माण कार्य की ठीक से देखभाल नहीं करने और अपने काम में लापरवाही के चलते NHAI के इंजीनियर के टीम लीडर-कम-रेजिडेंट इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित साइट इंजीनियर को भी बर्खास्त कर दिया गया है। संबंधित पीडी और मैनेजर (टेक) को भी इन खामियों के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

बता दें कि सुपर एक्सप्रेसवे कहलाने वाले अलवर में दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियाँ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती हैं। हालाँकि, निर्धारित सीमा से भी अधिक रफ्तार से गाड़ियाँ दौड़ती हैं। लेकिन, यहाँ सड़कों की बैलेंसिंग सही नहीं है। कहीं उबड़-खाबड़ है तो कहीं गड्ढे बन गए हैं। कहीं गिट्टी फैली है तो कहीं कुछ। इसके कारण इस क्षेत्र में सड़क हादसे भी खूब होते हैं।

इतना ही नहीं, इन एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से की अस्थायी मरम्मत कराया गया है। इसके साथ ही आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञ प्रोफेसर केएस रेड्डी और आईआईटी गाँधीनगर के प्रोफेसर जीवी राव को एक्सप्रेसवे को हुई इस क्षति का कारण पता करने के लिए कहा गया है। वहीं, दिल्ली का श्रीराम इंस्टीट्यूट इसके नमूने एकत्र करके उनकी जाँच करेगा।

‘कॉन्ग्रेस अर्बन नक्सल का नया रूप, तुष्टिकरण उसका लक्ष्य’: PM मोदी ने कुरूक्षेत्र में भरी हुँकार, कहा- नेहरू आरक्षण के खिलाफ थे, इंदिरा ने OBC रिजर्वेशन रोका

हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया। इसमें उन्होंने किसान, जवान और आरक्षण की बात की। पीएम ने कॉन्ग्रेस को आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा कि यह पार्टी पंडित नेहरू के जमाने से आरक्षण विरोधी है। उन्होंने कहा कि वह आरक्षण को रत्ती भर भी खत्म नहीं होने देंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 उनकी सरकार ने खत्म की और कॉन्ग्रेस उसे फिर वापस लाने की बात करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जवान हर हफ्ते तिरंगे में लिपटकर आते थे। जब से जम्मू-कश्मीर में धारा 370 खत्म हुआ है, तब से आतंकवाद में कमी आई है। उन्होंने हरियाणा के लोगों को चेताया कि अगर कॉन्ग्रेस सरकार बनी तो हिमाचल जैसा आर्थिक संकट आ जाएगा।

अपने भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने किसानों को सम्मान निधि के साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए दिए। उनके सिर से 10 हजार करोड़ पर बोझ नहीं पड़ने दिया। हरियाणा की 24 फसलों पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) लागू किया।” उन्होंने कॉन्ग्रेस को चुनौती दी कि उसमें दम है तो कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी किसान योजनाएँ लागू करके दिखाए।

पीएम ने कहा कि भारत में सबसे बड़ा दलित, ओबीसी और आदिवासी विरोधी अगर कोई है तो वो कॉन्ग्रेस का परिवार है। अभी इन लोगों ने कहा है कि अगर सरकार में आए तो दलितों और पिछड़ों का आरक्षण खत्म कर देंगे। यही इस परिवार की सच्चाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए पंडित नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। इंदिरा गाँधी ने OBC आरक्षण को रोका था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की परेशानी से कॉन्ग्रेस को कभी कोई फर्क नहीं पड़ता। इससे बड़ी बेईमान और धोखेबाज पार्टी देश में और कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने से पहले यहाँ आधे घरों में नल का कनेक्शन नहीं था। आज हरियाणा करीब-करीब शत प्रतिशत नल से जल आता है। कभी यहाँ विकास सिर्फ एक जिले तक सिमट कर रह जाता था, अब ऐसा नहीं होता।

कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की हितैषी भाजपा सरकार नई पेंशन स्कीम लेकर आई है। इसमें कर्मचारियों के लिए निश्चित पेंशन की गारंटी है। इस नई पेंशन स्कीम का व्यापक स्वागत हुआ है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस देश की एकता पर लगातार हमला कर रही है। वह अर्बन नक्सल का नया रूप बन गई है। उसे देश को बदनाम करने में शर्म नहीं आती।”

कॉन्ग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि उसके लिए तुष्टिकरण ही सबसे बड़ा लक्ष्य है। आज तो हालत ये हो गई है कि कॉन्ग्रेस के राज में कर्नाटक में गणपति जी को भी सलाखों के पीछे डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज गणेश उत्सव मना रहा है और कॉन्ग्रेस विघ्नहर्ता (भगवान गणेश) की पूजा में विघ्न डाल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का शाही (गाँधी) परिवार आरक्षण को खत्म करने वाला है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, जब तक मोदी है, बाबा आंबेडकर के दिए आरक्षण से रत्ती भर लूट नहीं करने दूँगा। ये मोदी की गारंटी है।” उन्होंने कहा कि पिछले 50 साल का इतिहास है कि दिल्ली में जिसकी सरकार रहती है, हरियाणा में भी उसी की सरकार बनाते हैं। कभी उलटफेर नहीं करते।

कुरुक्षेत्र की धरती को प्रणाम करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कुरुक्षेत्र में आना, भारत की संस्कृति के तीर्थ का दर्शन करना मन को भर देता है। यहाँ गीता का ज्ञान है। यहाँ सरस्वती सभ्यता के निशान हैं। ये गुरु गोविंद सिंह जी की छठी पातशाही की धरती है। यहाँ श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चरण पड़े हैं। ऐसी पावन धरती से मैं आपसे फिर एक बार भाजपा की सरकार बनाने का निवेदन करने आया हूँ।” 


कोलकाता में फुटपाथ पर रखे बैग में ब्लास्ट, एक व्यक्ति का हाथ उड़ने की खबर: बंगाल भाजपा ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर NIA जाँच की माँग की

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एसएन बनर्जी रोड पर रखे एक बैग में धमाका हो गया है। विस्फोट में एक शख्स का हाथ उड़ गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जो व्यक्ति घायल हुआ है, वो रोड पर रखे बैग से कुछ निकालने आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। भाजपा ने इसकी जाँच NIA से कराने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार (14 सितंबर 2024) की दोपहर करीब 1.45 बजे की है। तालतला पुलिस स्टेशन को ब्लोचमैन सेंट और एसएन बनर्जी रोड के पास विस्फोट की सूचना मिली। पुलिस को यह भी बताया गया कि विस्फोट में एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल बताया जा रहा व्यक्ति कूड़ा बीनने वाला बताया जा रहा है। घटनास्थल पर पहुँचकर पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुँचाया।

विस्फोट में घायल व्यक्ति की पहचान बापी दास के रूप में हुई है और उसकी उम्र लगभग 58 साल है। शख्स ने पूछताछ में बताया है कि वह इधर-उधर घूमता रहता है। हाल ही में उसने एसएन बनर्जी रोड के फुटपाथ पर रहना शुरू किया था। पुलिस ने घायल शख्स का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया है। जाँच फोरेंसिक टीम और बंगाल पुलिस घटनास्थल पर पहुँची।

घटना का चश्मदीद होने का दावा करने वाले एक शख्स ने बताया, “विस्फोट के समय हम पास में ही खड़े थे। धमाके की आवाज बहुत तेज थी। आवाज सुनकर हम तुरंत मौके पर दौड़े और देखा कि एक व्यक्ति जो पास में पड़ा हुआ है। व्यक्ति की दाहिनी कलाई पर चोट आई है। कोई और घायल नहीं हुआ है।” उसने बताया कि वो प्लास्टिक का बैग वहाँ किसने रखा था, ये किसी ने नहीं देखा।

केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस घटना की जाँच NIA से कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि धमाके के सभी एंगलों की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि राज्य पुलिस के पास संसाधनों की कमी है, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए धमाके की जाँच एनआईए से करवाई जाए।

बता दें कि ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद विवादों में आए RG कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास दो दिन पहले एक संदिग्ध बैग मिला था। लावारिस बैग मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया था, लेकिन बैग की जाँच में कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला था। इस अस्पताल के जूनियर डॉक्टर फिलहाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

‘हिमाचल प्रदेश में हथियार लेकर मुस्लिमों के नरसंहार को निकले हिन्दू’: जानिए उस वीडियो का सच जिसके जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बताया जा रहा हिंसक

हिमाचल प्रदेश में अवैध इस्लामी संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। सबसे पहले शिमला स्थित संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद द्वारा अतिक्रमण के मुद्दे पर आंदोलन हुआ। अंत में मस्जिद समिति ने खुद ही इस्लामी संरचना के उस हिस्से को ध्वस्त करने पर सहमति दे दी। इसके बाद मंडी में एक तीन मंजिला मस्जिद को लेकर आंदोलन हुआ, जिसके 2 मंजिलों को अदालत ने अवैध बताया है। पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापार मंडलों ने शनिवार (14 सितंबर, 2024) को बंद बुलाया।

इस दौरान मंडी से लेकर मनाली तक दुकानें बंद रहीं। हिन्दू संगठनों द्वारा आहूत इस बंद को जनता का पूर्ण समर्थन मिला। हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार है और वहाँ की पुलिस ने हिन्दू प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल-प्रयोग किया। आँसू गैस के लोगों से लेकर लाठीचार्ज तक किया गया। जबकि प्रदेश के मंत्री और पुराने कॉन्ग्रेसी अनिरुद्ध सिंह तक विधानसभा में कह चुके हैं कि बाहर से जमात के लोग आकर यहाँ गलत काम कर रहे हैं, डेमोग्राफी बदलने से असंतुलन पैदा हो रहा है।

हिमाचल प्रदेश में हथियार लहराते हिन्दू हिंसक?

इसी बीच सोशल मीडिया पर हिन्दुओं का एक वीडियो शेयर कर के उन्हें दंगाई बताया जाने लगा। इन तस्वीरों और वीडियो में हिन्दू समाज के लोग हाथों में तलवार लिए झूमते दिख रहे हैं और पीछे संगीत बज रहा है। इस दौरान ढोल-ताशे भी बज रहे हैं। जैसे, ‘टीम साथ’ ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश में हथियार लेकर विचरण करते हिंदुत्व आतंकवादी”। यहाँ तक कि कई दक्षिणपंथी सोशल मीडिया हैंडलों ने भी फैलाया कि ये हिन्दू मस्जिदों के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

रफीकुल इस्लाम ने इन हिन्दुओं को असामाजिक तत्व बता कर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करने की अपील करते हुए लिखा, “हिमाचल में कथित हिंदू सनातनी कहलाने वाले जिनका शास्त्र ‘अहिंसा ही परम धर्म’ कहता है, वो हाथ में हथियार लेकर क्या कर रहे हैं?”

नेहा हबीब ने कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, “हिमाचल में हथियार लेकर जुलूस – मोहब्बत की दुकान वाला किधर है?”

गुलाम अब्दुल कादिर इलाहाबादी ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश में शिमला में मस्जिद शहीद करने के लिए हथियार लेकर निकलना एक गंभीर और खतरनाक कदम है। क्या ये आतंकवाद की श्रेणी में नहीं आता? क्या कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिमों के नरसंहार का इंतजार कर रही है?”

हथियार लिए हिन्दुओं के वीडियो की सच्चाई

अब आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई क्या है। न ही ये हिन्दू किसी को मारने के लिए हथियार लेकर निकले हैं और न ही कोई ढाँचा तोड़ने के लिए। असल में ये राज्य के पारंपरिक त्योहार ‘जाग’ का है। आज भी पूरे श्रद्धाभाव ने इन परंपराओं का निर्वहन किया जाता है। ये उत्सव है। मान्यता है कि मंदिर में भाद्रपद में देव-दानव युद्ध होता है। इस दौरान आग पर चल कर अग्निपरीक्षा भी दी जाती है। क्षेत्र के सुख-शांति को लेकर प्रार्थना की जाती है।

मंडी के मंदिर में पिछले 58 वर्षों ये इस त्योहार का भव्य आयोजन होता है। महाकाली मंदिर में जाग होम का विशेष उत्सव होता है। इसी तरह जुब्बल/रोहडू क्षेत्र (शिमला, हिमाचल प्रदेश) में सांस्कृतिक कार्यक्रम (मंदिरों में वार्षिक आयोजन – जाग) परंपरागत ढंग से हथियारों के संग नाटी डालने की परंपरा है। हिन्दुओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक दिखा कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। जबकि वो हिन्दू ही हैं जो पुलिस का बल-प्रयोग भी सह रहे हैं, अवैध अतिक्रमण भी।

‘तुम्हारी शादी नहीं होने दूँगा, मैं ही निकाह कर अपने पास रखूँगा’: दलित युवती का मुफ्ती इमरान पर आरोप, बोली- जिन्नात के जरिए बुलवाता और गंदी हरकत करता

उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक दलित युवती ने मुफ्ती इमरान पर ‘जिन्न’ के जरिए उसे झाड़-फूँक के लिए बुलाने और फिर गंदी हरकत करने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया है। युवती ने बताया कि मुफ्ती इमरान उससे कहता था कि वह उसकी शादी नहीं होने देगा। वह उससे निकाह करेगा और अपने साथ रखेगा।  

यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली बेनीगंज इलाके में बेनीगंज कस्बा का है। यहाँ की 22 वर्षीय एक दलित युवती ने बताया कि वह बीमार रहती थी। इसलिए उसके माता-पिता कस्बे के मोहल्ला कृष्णानगर के रहने वाले मुफ्ती इमरान के पास नवंबर 2023 नवंबर में झाड़-फूँक कराने के लिए उसे ले गए थे। इसके बाद उसकी तबियत ठीक हो गई थी।

युवती का कहना है कि जब भी उसकी तबीयत खराब होती थी तो वह मुफ्ती इमरान के पास झाड़-फूँक करवाने जाती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुफ्ती इमरान उस पर गंदी नीयत रखता था। वह उसे ‘जिन्न’ के जरिए बुलाता था और फिर उसके साथ गलत काम करता था। मुफ्ती इमरान उसे धमकी देता था कि उसकी शादी नहीं होने देगा और वह खुद उससे निकाह करेगा।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह ठीक होकर घर आ जाती मुफ्ती इमरान अपने जिन्नात भेजकर उसको फिर बीमार कर देता है। इसलिए उसको दोबारा से उसके पास जाकर झाड़-फूँक करवानी पड़ती है। घर पर युवती इमरान… इमरान… कहकर शोर मचाने लगती थी। जब परिजन उसे मुफ्ती इमरान के पास लेकर जाते थे तो वह ठीक हो जाती थी।

पीड़िता के पिता मेहनत मजदूरी करने का काम करता है। उसके पाँच बेटे और दो बेटियाँ हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। परिजनों का कहना है कि उसकी छोटी बेटी पर ‘जिन्न का साया’ होने की आशंका हुई तो उसे गाँव के ही एक व्यक्ति से झाड़-फूँक करवाई, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार वह भुसौरी पुरवा निवासी मुफ्ती इमरान के पास झाड़-फूँक करवाने गए थे।

इस मामले में युवती ने पुलिस थाने में जाकर शिकायत की है। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि युवती बीमार होने पर इमरान के पास जाती थी और इमरान उसके साथ तांत्रिक गतिविधियाँ करता था। वह युवती को बुलाकर उसे परेशान करता था। इसकी शिकायत पर इमरान ने युवती के साथ अभद्रता की।

कुख्यात नक्सली विनोद मिश्रा के खिलाफ NIA ने दायर की चार्जशीट, रिश्तेदार वामपंथी आतंकी प्रमोद मिश्रा के साथ मगध क्षेत्र में बैन CPI (माओवादी) को दोबारा कर रहा था खड़ा

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) को मगध क्षेत्र में फिर से खड़ा करने के मामले में कुख्यात नक्सली विनोद मिश्रा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने शनिवार को बताया कि विनोद मिश्रा नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और उत्तर क्षेत्र ब्यूरो प्रमुख प्रमोद मिश्रा उर्फ ​​सोहन दा उर्फ ​​बनवारी जी उर्फ ​​बीबी जी उर्फ ​​बाबा का करीबी और रिश्तेदार है।

बिनोद कुमार मिश्रा को भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत पूरक आरोपपत्र में नामित किया गया है। NIA ने अपने एक बयान में कहा कि उसकी जाँच से पता चला है कि आरोपित विनोद मिश्रा ने मगध क्षेत्र (बिहार के गया और औरंगाबाद क्षेत्र) में प्रतिबंधित संगठन को पुनर्जीवित और मजबूत करने की कोशिश की।

इसके अलावा, इसके लिए उसने अपनी नापाक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए अपने घर पर कई बैठकें भी आयोजित की थी। उसने नक्सल नेताओं और कैडरों को अपने घर में आश्रय दिया और उन्हें रसद आदि की सहायता भी प्रदान की थी। इसके अलावा, ये सभी भारत विरोधी विध्वंसक गतिविधियों में शामिल थे। विनोद मिश्रा गिरफ्तार प्रमोद मिश्रा का रिश्तेदार है।

एनआईए ने कहा, “जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपित और अन्य संदिग्ध सीपीआई (माओवादी) की भारत विरोधी विचारधारा का प्रचार करने में लगे हुए थे और मगध क्षेत्र में संगठन को पुनर्जीवित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कैडर की भर्ती और लेवी एकत्र करने की प्रक्रिया में भी थे। इसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करना था।”

दरअसल, यह मामला (RC-26/2023/NIA) केस में प्रतिबंधित संगठन के दो शीर्ष नक्सली नेताओं- प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव की गिरफ़्तारी से शुरू हुआ था। बिहार पुलिस ने 10 अगस्त 2023 को विनोद मिश्रा के घर से ही प्रमोद मिश्रा को गिरफ्तार किया था। उस वक्त विनोद मिश्रा फरार हो गया था। इस मामले में तब पुलिस ने टेकारी थाना में मामला दर्ज किया था।

इन नक्सली नेताओं की गिरफ़्तारी के समय उनके पास से विभिन्न नक्सली साहित्य, हस्तलिखित पत्र और सात मेमोरी कार्ड जब्त किए गए थे। जब्त किए गए मेमोरी कार्ड में नक्सली गतिविधियों से संबंधित विभिन्न तस्वीरें, पत्र, पत्राचार और साहित्य शामिल थे। इस मामले को एनआईए ने अक्टूबर 2023 में अपने हाथ में ली और प्रमोद मिश्रा समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

इन आरोपितों में प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव उर्फ ​​अंकुश उर्फ ​​लवकुश के साथ विनोद मिश्रा भी शामिल था। फरवरी 2024 में एजेंसी ने प्रमोद मिश्रा और सीपीआई (माओवादी) के सब-जोनल कमिटी सदस्य अनिल यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अब तक गिरफ्तारी से बच रहे विनोद मिश्रा को 20 मार्च 2024 को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया गया था।

इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा से तंग आए बांग्लादेशी हिंदू, ढाका सहित कई शहरों के हाईवे किए जाम: लगा रहे न्याय और सुरक्षा की गुहार

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे वहाँ के हिंदू समुदाय में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस हिंसा और अन्याय के खिलाफ बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। वे अपने घरों, मंदिरों और परिवारों पर हो रहे हमलों से परेशान हैं और इस हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

हिंदू समुदाय का कहना है कि उनकी धार्मिक पहचान और आजीविका को इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। इस हिंसा और उत्पीड़न के चलते विरोध प्रदर्शन बढ़ गए हैं, और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय न्याय और सुरक्षा की माँग कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को हिंदू समुदाय के सदस्य सड़कों पर उतरे और बांग्लादेश की राजधानी ढाका के शाहबाग चौराहे पर धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सनातनी अधिकार आंदोलन और बांग्लादेश हिंदू जागरण मंच जैसे हिंदू संगठनों के सहयोग से किया गया था। विरोधियों ने बांग्लादेश सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को हल करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।

धरना लगभग 4:30 बजे शुरू हुआ और इस दौरान उन्होंने यातायात को बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आठ मुख्य माँगें रखीं, जिनमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कानून बनाना, मुआवजा और पुनर्वास, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और दुर्गा पूजा के लिए 5 दिन की छुट्टी की माँगें शामिल थीं।

इसके साथ ही, चटगाँव शहर के जमाल खान चौराहे पर भी हिंदू संगठनों ने रैली आयोजित की और अपनी माँगों को जोरदार तरीके से उठाया।

आठ प्रमुख माँगें:

  1. अल्पसंख्यकों पर हमलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ट्रिब्यूनल का गठन।
  2. सांप्रदायिक हिंसा के शिकार लोगों का मुआवजा और पुनर्वास।
  3. अल्पसंख्यक सुरक्षा कानून का निर्माण।
  4. अल्पसंख्यक मामलों के लिए एक मंत्रालय की स्थापना।
  5. हिंदू धर्म कल्याण ट्रस्ट को हिंदू फाउंडेशन में बदलना।
  6. बौद्ध और ईसाई धर्म कल्याण ट्रस्टों को भी फाउंडेशन में बदलना।
  7. संपत्ति के कानून को सख्ती से लागू करना और संपत्ति के संरक्षण के लिए कानून बनाना।
  8. दुर्गा पूजा के लिए 5 दिन की छुट्टी देना।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले 53 वर्षों में किसी भी सरकार ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुए अत्याचारों को ठीक से नहीं संभाला है। इसके कारण अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है और वे बार-बार इस तरह के हमलों को अंजाम देते रहते हैं। बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से हिंदू समुदाय पर हमले और बढ़ गए हैं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, 5 अगस्त को शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की संख्या में तेज़ी आई है। इससे हिंदुओं के खिलाफ व्यवस्थित हिंसा और उत्पीड़न की एक नई लहर आई है, जिसे कुछ विश्लेषक “नरसंहार” की संज्ञा दे रहे हैं।

मोहम्मद यूनुस का विवादित बयान

एक तरफ हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा को “बढ़ाचढ़ाकर पेश किया गया” बताया। उन्होंने कहा कि यह हिंसा केवल सांप्रदायिक नहीं बल्कि राजनीतिक थी। उनके अनुसार, “हिंदू विरोधी हिंसा को बड़ा दिखाया जा रहा है और इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

बांग्लादेश में हिंदुओं पर होते रहे हैं हमले

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा कोई नई बात नहीं है। पिछले कई दशकों से यह समुदाय लगातार उत्पीड़न और हिंसा का सामना कर रहा है। 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद, यह हिंसा और अधिक बढ़ गई है। हिंदू समुदाय के लोग अब अपनी आवाज़ उठा रहे हैं और सरकार से अपनी सुरक्षा और अधिकारों की माँग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी हिंदू संगठन इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह हिंसा धार्मिक आधार पर की जा रही है और इसे समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश के 49 जिलों में हिंदू समुदाय के घरों, मंदिरों और व्यवसायों पर हमले शुरू हुए। प्रथम आलोक की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त से 20 अगस्त तक हिंदू समुदाय पर कुल 1,068 हमले किए गए। ये वो दिन था, जब शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी और उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उसके बाद से हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।