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केंद्र सरकार ने की हड़ताली डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनेगा पैनल: देश भर में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद देशभर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। ओपीडी सेवाएं ठप हो चुकी हैं और मरीजों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इस हड़ताल का नेतृत्व आईएमए कर रहा है, जिसमें आईएमए ने इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सेवाएँ ठप करने का निर्देश अस्पतालों को दिया है। इस बीच, केंद्र सरकार ने डॉक्टरों से हड़ताल को खत्म करने की अपील की है। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक पैनल गठित किया जा रहा है, जिसमें डॉक्टरों की सभी परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कहा है कि इस पैनल में राज्य सरकारों सहित सभी संबंधित हितधारकों के सुझाव शामिल होंगे, जिन्हें अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सरकार की तरफ से यह आश्वासन तब मिला है जब आईएमए के आह्वान पर देशभर के डॉक्टर 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं।

देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल का असर दिख रहा है। जोधपुर में करीब 200 से ज्यादा ऑपरेशन्स को स्थगित करना पड़ा, वहीं भोपाल में सैकड़ों डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है। इस हड़ताल के कारण कई अस्पतालों में मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी और ओटी सेवाएं भी ठप हो गई हैं, और केवल इमरजेंसी सेवाओं को ही जारी रखा गया है।

बता दें कि 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर की घटना के बाद 14 अगस्त को इसी अस्पताल में हिंसा हुई थी। इसके बाद आईएमए ने देशभर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। इस घटना के बाद से पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

आईएमए के प्रमुख ने कहा है कि अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आईएमए का कहना है कि डॉक्टरों की जान की हिफाजत उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसी कोई मांग नहीं कर रहे हैं, जिसे सरकार पूरा न कर सके। डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

खुर्रम और किजार शहजाद ने सिख महिला का अपहरण किया, बंधक बना कर 9 महीने तक करते रहे गैंगरेप: पाकिस्तान में हैवानियत, ननकाना साहिब की है पीड़िता

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है, ये किसी से छिपी नहीं है। लाहौर समेत पाकिस्तान के कब्जे वाले पंजाब में सिख महिलाओं के साथ मुस्लिमों के अत्याचार की वारदातें सामने आती रही हैं। कहीं, सिख लड़कियों को अगवा कर उन्हें मुस्लिम बना देना और उनके साथ अधेड़ मुस्लिम का निकाह करा देना, तो कहीं नई नवेली दुल्हन को अगवा कर लेना। इस बीच, पाकिस्तान के ननकाना साहिब की रहने वाली एक सिख महिला को 2 सगे भाईयों ने अगवा कर लिया और करीब 9 महीने तक उसके साथ गैंगरेप करते रहे। यही नहीं, इस दौरान उन्होंने महिला के नाबालिग बच्चे को भी बंदी बनाकर रखा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित महिला ननकाना साहिब की रहने वाली है। वो तलाकशुदा है। महिला की मुस्लिम सहेली ने सालों पहले उसकी पहचान खुर्रम शहजाद नाम के व्यक्ति से कराई थी। करीब 9 महीने पहले महिला ने अपने नाबालिग बेटे को फैसलाबाद उसकी मौसी के घर छोड़ने के लिए खुर्रम शहजाद के हवाले किया था, लेकिन खुर्रम शहजाद ने अपने भाई किजार के साथ मिलकर नाबालिग लड़के को अगवा कर लिया और महिला को फैसलाबाद के बाहरी इलाके सोहैबाबाद आने को मजबूर किया। महिला जब अपने बच्चे को लेने पहुँची, तो दोनों भाईयों ने उसे भी बंदी बना लिया।

खुर्म और किजार शहजाद ने पिछले 9 महीनों से उसे बंदी बनाकर गैंगरेप किया। इस मामले की खुलासा तब हुआ, जब किसी तरह से ये सूचना पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने छापेमारी करते हुए 14 अगस्त 2024 को महिला और उसके बच्चे को बरामद किया और खुर्रम-किजार को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि महिला के रिश्तेदान की शिकायत पर ये कार्रवाई की गई, जहाँ महिला को दिसंबर 2023 से ही बंधक बनाकर रखा गया था और गैंगरेप किया जा रहा था। दोनों महिला को प्रताड़ित भी करते थे, ताकि वो किसी तरह का विरोध न कर सके।

बता दें कि पाकिस्तान के आजादी वाले दिन ही 14 अगस्त को ही बेल्जियम की एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी, जहाँ गैंगरेप के बाद महिला का हाथ-पाँव बाँधकर सड़क पर मरने के लिए फेंक दिया गया था। ये दोनों ही घटनाएँ एक के बाद एक सामने आई हैं।

बजरंग पूनिया ने तिरंगा को जूते तले कुचला, वहीं पर थे कॉन्ग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा: विनेश फोगाट के बहाने गर्माई हरियाणा की राजनीति, गाँव में भी सजा पंडाल

तय मानक से अधिक वजन होने के कारण ओलंपिक फाइनल में हिस्सा लेने से अयोग्य घोषित की जा चुकीं भारतीय पहलवान विनेश फोगाट का शनिवार (17 अगस्त, 2024) को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। इस दौरान जंतर-मंतर के ‘पहलवान आंदोलन’ में दिखे चेहरे साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया भी वहाँ मौजूद थे। वहीं रोहतक से चौथी बार सांसद बने दीपेंदर सिंह हुड्डा भी इस दौरान गाड़ी पर मौजूद थे। इन्होंने गाड़ी पर खड़े होकर रैली भी निकाली।

इस दौरान लोगों ने कुछ ऐसा देखा, जिसके बाद बजरंग पूनिया की जम कर आलोचना होने लगी। असल में देखा गया कि रैली के दौरान बजरंग पूनिया कार की बोनट पर खड़े थे। वो जहाँ खड़े थे, वहाँ नीचे राष्ट्रध्वज तिरंगा का निशान बना हुआ था। कार की बोनट पर जहाँ तिरंगा का निशान बना हुआ था, वहीं पर जूते रख कर बजरंग पूनिया खड़े थे। कार भीड़ के बीच एयरपोर्ट के बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान बजरंग पूनिया इससे लापरवाह दिखे कि वो तिरंगे को जूते से कुचल रहे हैं।

सबसे बड़ी बात कि इस दौरान वहाँ खड़े दीपेंदर हुड्डा, साक्षी मलिक या फिर विनेश फोगाट तक ने भी उन्हें रोकने तक की कोशिश नहीं की। इस दौरान लगातार नारेबाजी भी हो रही थी। वहीं मीडिया वाले भी लगातार हंगामा कर रहे थे। अंत में बजरंग पूनिया ने मीडियाकर्मियों की माइक लेकर विनेश फोगाट के सामने रख दिया। वहीं बजरंग पूनिया के समर्थक उनका बचाव करते हुए इसे अनजाने में हुई गलती बता रहे हैं। लेकिन, सवाल ये है कि फिर राष्ट्रध्वज बोनट पर चस्पाया ही क्यों गया था?

वहीं विनेश फोगाट ने कहा कि हमारी लड़ाई अभी तक खत्म नहीं हुई है। हरियाणा के बलाली गाँव में भी विनेश फोगाट के स्वागत के लिए तैयारियाँ की गई हैं। विनेश फोगाट ने कहा कि पहलवान आंदोलन के दौरान की वो अपनी तस्वीरें देखती हैं तो उन्हें बहुत दुःख होता है। वहीं विनेश फोगाट के कोच वॉलर एकॉस ने कहा है कि उन्हें लगता था कि वजन घटाने के चक्कर में विनेश फोगाट की मौत भी हो सकती है। बता दें कि विनेश का वजन मात्र 100 ग्राम अधिक रह गया था जिस कारण उन्हें बाहर कर दिया गया।

तुर्किए की संसद में लात-घूसे, फर्श पर फैल गया खून: सांसद को ‘आतंकवादी’ कहने शुरू हुआ विवाद, पूर्व फुटबॉलर ने बरसाए मुक्के

तुर्किए की संसद में सांसद आपस में ही भिड़ गए। मारपीट के दौरान सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ के सांसदों में जम कर लात और घूँसे चले। इस मारपीट में दर्जनों सांसद शामिल रहे। इस दौरान कई सांसद बचाव भी करते दिखे। बताया जा रहा है कि तुर्किए की संसद की फर्श में हर तरफ खून बिखरा दिखा।

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बवाल उस समय शुरू हुआ जब एक विपक्षी डिप्टी पर हमला किया गया, क्योंकि उसने अपने सहयोगी को संसद में शामिल करने के लिए कहा था, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद था और फिर सांसद चुना गया था। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि सत्तारूढ़ एकेपी पार्टी के सांसद पोडियम पर खड़े अहमत सिक को मुक्का मारने के लिए दौड़े। इसके तत्काल बाद दर्जनों अन्य सांसद इस मारपीट और हाथापाई में शामिल हो गए, जबकि कुछ सांसदों ने दूसरों को रोकने की कोशिश की।

संसद में हंगामा तब शुरू हुआ, जब सत्तारूढ़ एकेपी पार्टी के सदस्य अल्पे ओजालान ने वामपंथी वर्कर्स पार्टी ऑफ तुर्किए के सांसद अहमत सिक पर हमला किया। जिन्होंने केन अताले के साथ सरकार के व्यवहार की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि “यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आप अताले को आतंकवादी कहते हैं।” उन्होंने सत्तारूढ़ बहुमत की ओर इशारा करते हुए कहा कि “सभी नागरिकों को पता होना चाहिए कि इस देश के सबसे बड़े आतंकवादी उन बेंचों पर बैठे लोग हैं।” संसद में मौजूद एक शख्स ने बताया कि पूर्व फुटबॉलर ओजालान मंच पर आए और सिक को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।

इस दौरान राष्ट्रपित एर्दोगन संसद में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि स्पीकर के पोडियम की सफेद सीढ़ियों पर खून के छींटे पड़े देखे गए, जिसे बाद में संसद के कर्मचारियों ने साफ किया। करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे में कम से कम दो सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही रोकनी पड़ी।

‘रहीम शेख’ (बदला हुआ नाम) के घर पर चला बुलडोजर, बेटे ने हिन्दू छात्र को चाकू से गोद डाला था: ICU में जूझ रहे पीड़ित के लिए CM भजनलाल शर्मा ने भेजी डॉक्टरों की टीम

राजस्थान में भाजपा के सत्ता में आने और भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने का असर अब साफ़ दिख रहा है। देवराज नामक हिन्दू छात्र को चाकू गोदने वाले मुस्लिम किशोर के घर पर अब बुलडोजर चला है। देवराज अभी भी अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है। दीवान शाह अली कॉलोनी स्थित ‘रहीम शेख’ (बदला हुआ नाम) के घर पर बुलडोजर चला। इस दौरान नगर निगम और वन विभाग के कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही।

नगर निगम के कर्मचारियों ने बुलडोजर चलाने से पहले घर से सारा सामान निकाल कर बाहर किया, फिर घर की बिजली काटी गई। बता दें कि ‘रेहान शेख’ (बदला हुआ नाम) ने अपने क्लासमेट पर ही हमला कर दिया था। हमले से 3 दिन पहले का एक व्हाट्सएप्प चैट भी सामने आया है, जिसमें आरोपित किसी अन्य दोस्त के साथ कर पीड़ित पर हमला करने की साजिश रच रहा है। उदयपुर में धारा-163 लागू किए जाने के साथ-साथ ही 24 घंटे के लिए इंटरनेट भी सस्पेंड किया गया है।

शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) की इस घटना के बाद शहर में कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएँ हुई हैं, कारों को भी आग के हवाले कर दिया गया। जाँच में पता चला कि उक्त घर वन विभाग की जमीन पर बना हुआ है। वन विभाग ने घर पर नोटिस चस्पा कर अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा था। JCB की कार्रवाई के दौरान कई लोग वहाँ जमा हो गए। दोनों छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। इस घटना के कारण शहर के सारे स्कूल भी बंद रहे।

शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि स्कूलों में चाकू, कैंची, कोई अन्य धारदार हथियार या किसी प्रकार की भी नुकीली चीज बच्चों को न लाने दिया जाए। साथ ही विद्यार्थियों के बैग्स की नियमित तौर पर जाँच का आदेश भी दिया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 3 डॉक्टरों की विशेष टीम घायल छात्र का उपचार करने आई है, जिसमें एक किडनी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। वो फ़िलहाल ICU में है। बीच में उसकी मौत की अफवाह भी उड़ी, जिसे पुलिस ने नकारा है।

मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों को शिक्षा देने पर रोक, फर्जीवाड़ा पाए जाने पर मान्यता होगी रद्द: मध्य प्रदेश के हर मदरसे की जाँच के आदेश

मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा सहित कई जिलों के मदरसों में सरकारी अनुदान हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। खुलासे के बाद श्योपुर के 80 में से 56 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है। अब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा विभाग को राज्य के सभी मदरसों का भौतिक सत्यापन करने के लिए कहा है। हिंदू बच्चों उनका पंजीकरण रद्द होगा।

सत्यापन के दौरान किसी भी मदरसे में फर्जी तरीके से गैर-मुस्लिम या मुस्लिम बच्चों के नाम पाए जाते हैं या बच्चों को उनके अभिभावकों की अनुमति के बिना धार्मिक शिक्षा दी जा रही होगी तो उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार (16 अगस्त 2024) को यह नोटिस जारी किया है। यह राज्य की मोहन यादव सरकार ने आदेश जारी किया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि यह विषय राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) नई दिल्ली द्वारा संज्ञान में लाया गया है कि प्रदेश के मदरसों में शासकीय अनुदान प्राप्त किए जाने के उद्देश्य से अनेक गैर मुस्लिम बच्चों के नाम फर्जी रूप से छात्र/छात्राओं के रूप में दर्ज हैं। इसका शीघ्र सत्यापन कराए जाने की जरूरत है। 

स्कूली शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट जल्द देने को निर्देश दिए हैं। गैर-मुस्लिमों को शिक्षा देने या मुस्लिम बच्चों के नाम फ़र्ज़ी तरीके से दर्ज करने या किसी भी धर्म के बच्चे को बिना अभिभावकों की अनुमति के दीनी तालीम देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि इस महीने के शुरू में मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा आदि जिलों के मदरसों में सरकारी अनुदान हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का पता चला था। मदरसों की रजिस्टर में फर्जी तरीकों से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन दिखाया गया था। इनमें कई हिंदू बच्चे भी शामिल थे। खुलासे के बाद श्योपुर के 80 में से 56 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन हिंदू बच्चों का दाखिला मदरसे में दिखाया गया थे, वे सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। ये कभी मदरसा नहीं गए। इन बच्चों के माता-पिता को भी पता नहीं है कि उनके बच्चों का नाम मदरसों में दर्ज है। दरअसल, मदरसा संचालकों ने इन बच्चों की ‘समग्र’ आईडी जुटाकर मदरसे में फर्जी तरीके से एडमिशन दिखाया है। इस तरह यहाँ पढ़ने वाले छात्रों में मुस्लिमों से अधिक हिंदू हैं।

ये सारा मसला राज्य सरकार से मिलने वाले फंड को लेकर है। मध्य प्रदेश में सरकार की ओर से मदरसों में पढ़ने वाले 100 बच्चों के लिए हर महीने 50,000 रुपए से 60,000 रुपए तक की मदद दी जाती है। इसके अलावा भी मध्य प्रदेश की सरकार की ओर से इन मदरसों को कई अन्य तरह की मदद दी जाती है। इनमें शिक्षकों को तनख्वाह से लेकर अनाज भी शामिल है।

अगर किसी मदरसे में 100 बच्चे हैं और हर महीने उनकी उपस्थिति 70 प्रतिशत रहती है तो फि 2.10 क्विटंल गेहूँ, खाना बनाने के लिए 11440 रुपए, रसोइए को देने के लिए 4,000 रुपए का महीना जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। इसके अलावा, इन मदरसों में पढ़ाने वाले स्नातक शिक्षक को 3000 हजार रुपए और पोस्ट ग्रेजुएट को 6,000 रुपए मासिक का वेतन मिलता है।

भिंड के बीटीआई रोड इलाके में संचालित मदरसा हुसैनी फॉर ऑनली गर्ल्स में कुल 77 बच्चे हैं, जिनमें 44% हिंदू हैं। भिंड के 11 महावीर नगर में बीटीआई स्कूल के पीछे अलीमुद्दीन के मकान में संचालित मदरसा दीन-ए-अकबर और हुसैनी प्रोग्राम फॉर ऑनली गर्ल्स में 83 विद्यार्थी हैं, जिनमें 53 प्रतिशत छात्र हिंदू हैं। भिंड के सुभाष नगर में संचालित मदरसा मस्जिद नवी में 87 छात्र हैं, जिनमें 44% हिंदू हैं।

अगर भिंड और मुरैना में मदरसों की बात करें तो इन मुरैना में 70 और भिंड में 67 मदरसे चल रहे हैं। दोनों जिलों के कुल 137 मदरसों में 3,880 हिंदू बच्चों के नाम अंकित हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी बुरहानपुर जिले की है, फिर भी वहाँ 23 मदरसे हैं। यह फर्जीवाड़ा अनुदान और मिड डे मील का अनाज एवं पैसा हड़पने के लिए किया जा रहा है।

वहीं, श्योपुर जिले के मदरसों में हिंदू बच्चों के नाम सरकारी मदद लेने के खुलासे के बाद मंगलवार (30 जुलाई 2024) को यहाँ से 80 में से 56 मदरसों पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है। इनकी मान्यता रद्द कर दी गई है। इसके साथ ही स्कूली शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने सभी जिलों में संचालित मदरसों की भौतिक सत्यापन की जाँच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

यहाँ कई ऐसे छात्र हैं, जिनका नाम साल 2004 में भी दर्ज था और फिर 2018 एवं 2023 में भी उनका शामिल किया गया है। यहाँ के मदरसे में छात्र के रूप में एक नाम मानव गोयल का भी है, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। प्रिया मित्तल डॉक्टर हैं। ज्योत्सना गोयल भी डॉक्टर हैं। इनका भी नाम इन मदरसों में दर्ज है। ऐसे अनेकों नाम पर जिन पर सरकार से अनुदान और खाद्यान्न लिए जा रहे थे।

‘रोल पाने के लिए हमबिस्तर होना पड़ेगा’: अभिनेत्री के दोस्त ने खोला राज़, व्हाट्सएप्प चैट्स भी दिखाए

‘पंड्या स्टोर’ के एक्टर मोहित परमार ने अपनी एक खास फ्रेंड प्रेरणा के साथ हुई कास्टिंग काउच के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी दोस्त को रोल के बदले हमबिस्तर होने की माँग की गई थी। मोहित परमार ने दुनिया के सामने अब उस कास्टिंग डायरेक्टर प्रेम मल्होत्रा की पोल खोल दी है। इतना ही नहीं, मोहित ने इसको लेकर व्हाट्सएप चैट के सबूत भी सामने रखे हैं।

मोहित परमार ने जो वॉट्सऐप चैट शेयर की है, वह बेहद आपत्तिजनक एवं परेशान करने वाली है। ये चैट कास्टिंग कॉर्डिनेटर ने उनकी एक्ट्रेस दोस्त प्रेरणा को भेजी थी। मैसेज में प्रेम मल्होत्रा ने खुद को स्काईलाइन स्प्री प्रोडक्शन से जुड़ा बताया। उसने प्रेरणा से कहा कि अगर वह रोल चाहती हैं तो उन्हें कॉम्प्रोमाइज करना पड़ेगा।

मोहित परमार ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में इस बारे में बताया है। सामने आए चैट में प्रेम मल्होत्रा नाम के कास्टिंग डायरेक्टर ने अपना पता भी साझा किया था। मोहित परमार ने चैट को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा लिखा, “इस तरह के लोगों से सावधान रहें। ये कास्टिंग डायरेक्टर महिला कलाकारों का शोषण करता है। उनसे हमबिस्तर होने की माँग करता है।”

मोहित परमार ने आगे लिखा, “अगर ये आपसे संपर्क करे या आप इसे किसी ऑडिशन ग्रुप में देखें तो इसे ब्लॉक करें, रिपोर्ट करें और इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएँ। इस शख्स का नाम प्रेम मल्होत्रा है।” बता दें कि मोहित परमार की जिस दोस्त के साथ ये वाकया हुआ, उनका नाम प्रेरणा है। उन्होंने ये भी इन स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया पर साझा की है।

कास्टिंग काउच नाम का एक धब्बा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में है, जिसके बारे में एक्ट्रेस चर्चा करती हैं। कई एक्ट्रेसेस इससे जुड़ी अपनी भयानक आपबीती सुना चुकी हैं। अंकिता लोखंडे ने मार्च 2024 में बताया था कि 19 साल की उम्र में वह कास्टिंग काउच का शिकार हुई थीं। इसी तरह ईशा कोप्पिकर ने भी बॉलीवुड के एक बड़े स्टार पर आरोप लगाए थे। सनाया ईरानी ने भी कास्टिंग काउच की आपबीती सुनाई थी।

मोहसिन ने सोते कुत्ते को लाठी से पीट-पीट कर मार डाला: चिल्लाता रहा पशु और देखते रहे लोग, किसी में नहीं हुई रोकने की हिम्मत

छत्तीसगढ़ के गौरेला में मोहसिन खान नामक शख्स ने सड़क किनारे आराम कर रहे एक कुत्ते को पीट-पीट कर बेरहमी से मार डाला। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखने के बाद लोग उसके द्वारा प्रदर्शित की गई क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। उक्त सड़क पर घूमने वाला पशु और उस समय सो रहा था। मोहसिन खान उस दौरान बगल से गुजर रहा था, उसने अपने हाथ में एक मोटा डंडा ले रखा था। जैसे ही उसने कुत्ते को सोता हुआ देखा, लाठी से उसे पीटना शुरू कर दिया।

आरोपित ने कुत्ते को इतना पीटा कि वो निरीह पशु बेसुध हो गया। इसके कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। कुत्ते के चिल्लाने की आवाज़ सुन कर आसपास के लोग ज़रूर बाहर निकले, लेकिन किसी ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की। कुत्ते की हत्या करने के बाद भी मोहसिन डंडा लेकर आसपास ही घूमता रहा और लोगों को धमकाता रहा। इस दौरान भी किसी ने उसका प्रतिरोध करने का साहस नहीं किया। कुछ पड़ोसियों से उसने झगड़ा भी दिया और उन्हें धमकी दी।

बताया जा रहा है कि कुत्ते को मार डालने के बाद मोहसिन जोर-जोर से चिल्ला भी रहा था। मोहल्ले के लोगों ने उसकी हरकतों से परेशान होकर गौरेला पुलिस थाना को इसकी सूचना दी। बताया जा रहा है कि पहले मोहल्ले वालों को ही पुलिस ने वापस भेज दिया। लेकिन, जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आ गया। आरोपित के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा-325 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि नए कानून के तहत किसी भी पशु की हत्या करने, उसे ज़हर देने या फिर अपंग करने वाली हरकतें करता है तो उसे 5 वर्ष की अधिकतम कारावास के साथ-साथ जुर्माने की सज़ा भी सुनाई जा सकती है। मोहसिन के बारे में ये भी पता चला है कि वो आए दिन मोहल्ले में लोगों के बीच दहशत फैलाने के लिए ऐसी हरकतें करता है और पूर्व में भी एक कुत्ते की हत्या कर चुका है। पुलिस ने अब उसके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

UP के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने बनाया नया रिकॉर्ड: ध्वजारोहण करते ही मुलायम-मायावती सबको पीछे छोड़ा, देखें लिस्ट में कौन कहाँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजादी के बाद से अब तक सभी मुख्यमंत्रियों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। वो सबसे लंबे समय तक जिम्मेदारी संभालने वाले यूपी के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री 3 बार सीएम रहे मुलायम सिंह यादव, 4 बार सीएम रही मायावती, 3 बार सीएम रहे एनडी तिवारी जैसे धुरंधरों को पीछे छोड़ दिया है।

योगी आदित्यनाथ का कीर्तिमान

योगी आदित्यनाथ आजादी के बाद सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। वो लगातार 7 साल और 150 दिन बतौर मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यही नहीं, योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के विधान भवन पर लगातार आठवीं बार ध्वजारोहण करने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। उन्होंने 15 अगस्त को आठवीं बार तिरंगा फहराया।

कॉन्ग्रेस की ओर से सबसे लंबे समय तक डॉक्टर संपूर्णानंद मुख्यमंत्री रह चुके हैं, तो चौधरी चरण सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव भी उनके आस-पास नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ की गिनती उन नेताओं में होती है, जिनके नेतृत्व में प्रदेश में किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार बनी। 25 मार्च 2022 को जब योगी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उन्होंने नारायण दत्त तिवारी का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।

दिग्गजों को छोड़ा पीछे

वैसे तो बसपा सुप्रीमो मायावती चार बार सीएम रह चुकी हैं। वो 7 साल 16 दिन तक सीएम रही और दूसरे नंबर पर हैं। लेकिन उनके 7 साल 16 दिन का कार्यकाल 4 हिस्सों में बंटा रहा है। मायावती ने भी 8 बार ध्वजारोहण किया है। वहीं, मुलायम सिंह यादव तीन बार में कुल 6 साल 274 दिन मुख्यमंत्री रहे थे।

बता दें कि साल 2017 से बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। वर्ष 2022 से योगी आदित्यनाथ यूपी विधानसभा में गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वो बतौर सांसद कई कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।

योनि और गुदा में डाल देता था वाइब्रेटर, फैजान और समीर ने हिन्दू लड़कियों से किया बलात्कार: नाम बदल कर दोस्ती, फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी

गाजियाबाद में दो मुस्लिम युवकों द्वारा नाम और मजहबी पहचान छिपाकर दो हिंदू लड़कियों से रेप करने का मामला सामने आया है। एक मामला गाजियाबाद के खोड़ा का है। वहीं, दूसरा मामला क्रॉसिंग रिपब्लिक का है। दूसरे मामले में युवती ने आरोप लगाया कि अक्षय बने फैजान ने उसे बंधक बनाकर बलात्कार किया, वाइब्रेटर से प्रताड़ित किया और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया।

उत्तर प्रदेश के बहराइच की रहने वाली युवती ने मानसी अग्रवाल (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि वह जुलाई 2015 में वह लखनऊ के एक कॉलेज की छात्रा थी। फेसबुक के माध्यम से उसकी जान-पहचान एक लड़के से हुई। उसने अपना नाम अक्षय बताया। पीड़िता ने बताया कि अक्षय ने खुद को बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र बताया था। वह हाथ में कलावा बाँधता था और मंदिर जाता था।

दोनों में धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ी और साथ-साथ घुमने लगे। एक दिन अक्षय ने मानसी से कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। जब युवती ने हाँ कर दी तो अक्षय पार्टी करने के बहाने उसे लखनऊ के एक होटल में लेकर गया और वहाँ उससे शादी का झाँसा देकर बलात्कार किया। इसके बाद उसे अक्षय ने सफा पब्लिक स्कूल नाम के एक मुस्लिम स्कूल में उसकी नौकरी लगवा दी।

युवती का आरोप है कि इस दौरान अक्षय एलएसडी, कोकीन, कैमिकल कोक आदि नशा करके उसका यौन शोषण करता करता। इतना ही नहीं वह उससे अप्राकृतिक संबंध भी बनाता था। जब युवती को गर्भ ठहरता तो वह कभी कोल्ड ड्रिंक तो कभी खाने में गर्भनिरोधक डालकर खिला देता था। इससे उसका गर्भ गिर जाता था। इससे उसे भारी पीड़ा होती थी।

युवती ने आगे बताया कि फरवरी 2016 में अक्षय उसे दिल्ली घुमाने के लिए लाया। यहाँ गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में एक फ्लैट लेकर किराए पर रहने लगा। यहाँ भी वह युवती से लगातार रेप करता रहा। युवती का कहना है कि एक दिन अक्षय बाजार से वाइब्रेटर लेकर आया। उसे वह पीड़िता की योनि और गुदा में जबरदस्ती डालता था।

जब युवती उससे शादी के लिए कहती तो वह टालता था। बाद में जब अक्षय उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की तो वह मना कर दी। इस पर अक्षय भड़क गया और उसके अश्लील तस्वीरों एवं वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। इससे वह डर जाती थी और उसकी बात मानने के लिए मजबूर हो जाती थी। इतना ही नहीं, वह डर से उसके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करती थी।

युवती ने बताया कि साल 2018 में अक्षय की माँ और बहन गाजियाबाद आई। उसने अपनी माँ का परिचय हेमलता और बहन का परिचय कंचन के रूप में करवाया। युवती का कहना है कि बातचीत के दौरान उन लोगों का व्यवहार एवं रहन-सहन अलग लगा। इसी दौरान उसे पता चला कि जिसे वह अक्षय समझ रही थी, उसका असली नाम मोहम्मद फैजान है। उसकी माँ शगुफ्ता परवीन और बहन फौजिया है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, अक्षय बने मोहम्मद फैजान की हरकतों के बारे में जब युवती ने उसकी माँ और बहन को बताया तो उन्होंने इस्लाम अपनाने की सलाह दी। युवती का कहना है कि उसकी अम्मी-बहन ने कहा, “अगर फैजान से शादी करनी है तो मुसलमान बनना पड़ेगा, इस्लाम धर्म अपनाना पड़ेगा। हमारे धर्म में 4 निकाह जायज हैं। तू भी पत्नी के रूप में रह लेना।”

मानसी का कहना है कि जब उसने धर्मांतरण से मना किया तो फैजान, उसकी अम्मी शगुफ्ता और बहन फौजिया ने उसके साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया। इस दौरान फैजान उससे बलात्कार करता रहा। युवती ने आरोप लगाया, “फैजान की बहन फौजिया मुझे मुस्लिम बनाने के लिए तरह-तरह के गंडा ताबीज मेरे गले और हाथों में बाँधती थी। तरह-तरह के झाड़-फूँक और काला जादू करती थी।”

पीड़िता का कहना है कि मार्च 2024 को इन्स्टाग्राम व स्नेपचैट से पता चला है कि फैजान ने किसी मुस्लिम लड़की से निकाह कर लिया है। इतना नहीं नहीं, फैजान ने पीड़िता के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना ली और गूगल मैप और अन्य एप्स का प्रयोग करके फोन पर अश्लील एप डाउनलोड करके उसे बदनाम कर दिया। इस कारण से लड़की के घरवालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया।

थक-हारकर पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई। एडिशनल सीपी दिनेश कुमार पी ने कहा, “बहराइच निवासी युवती की शिकायत पर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में दुष्कर्म, गर्भपात, आईटी ऐक्ट और धर्म परिवर्तन का केस दर्ज किया गया है। मोहम्मद फैजान, उसकी माँ शगुफ्ता परवीन और बहन फौजिया की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।”

गाजियाबाद के खोड़ा में हिंदू युवती से रेप

वहीं, गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसके मकान के सामने समीर किराए पर रहता था। जामियानगर ओखला निवासी समीर खुद को हिंदू बताता था और माथे पर टीका एवं हाथ में कलावा बाँधता था। फरवरी 2024 से वह उससे बात करने लगा। युवती ने आगे बताया कि 15 मार्च को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान समीर पानी माँगने के बहाने आया और दुष्कर्म किया।

युवती का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसने शादी करने की बात कह करके उसे चुप करा दिया। इसके बाद मार्च महीने में वह उसे कोर्ट ले गया और शादी के कागजों पर उसके हस्ताक्षर करा लिए। युवती ने कहा कि कोर्ट में उसे पता लगा कि समीर हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है। उसने विरोध किया, लेकिन समीर उससे शादी करने की बात कहते हुए ब्लैकमेल करने लगा।

युवती ने बताया कि जुलाई में समीर उसे मुंबई ले गया और वहाँ एक अज्ञात स्थान पर रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वहाँ समीर ने उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे मुस्लिम बनाने का भी प्रयास किया। पीड़िता ने किसी तरह उसने अपने पिता को फोन करके पूरा बात बताई। इसके बाद उसके पिता वहाँ पहुँचे और उसे घर ले आए। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित समीर को गिरफ्तार कर लिया है।