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बजरंग पूनिया ने तिरंगा को जूते तले कुचला, वहीं पर थे कॉन्ग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा: विनेश फोगाट के बहाने गर्माई हरियाणा की राजनीति, गाँव में भी सजा पंडाल

सबसे बड़ी बात कि इस दौरान वहाँ खड़े दीपेंदर हुड्डा, साक्षी मलिक या फिर विनेश फोगाट तक ने भी उन्हें रोकने तक की कोशिश नहीं की। इस दौरान लगातार नारेबाजी भी हो रही थी।

तय मानक से अधिक वजन होने के कारण ओलंपिक फाइनल में हिस्सा लेने से अयोग्य घोषित की जा चुकीं भारतीय पहलवान विनेश फोगाट का शनिवार (17 अगस्त, 2024) को दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। इस दौरान जंतर-मंतर के ‘पहलवान आंदोलन’ में दिखे चेहरे साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया भी वहाँ मौजूद थे। वहीं रोहतक से चौथी बार सांसद बने दीपेंदर सिंह हुड्डा भी इस दौरान गाड़ी पर मौजूद थे। इन्होंने गाड़ी पर खड़े होकर रैली भी निकाली।

इस दौरान लोगों ने कुछ ऐसा देखा, जिसके बाद बजरंग पूनिया की जम कर आलोचना होने लगी। असल में देखा गया कि रैली के दौरान बजरंग पूनिया कार की बोनट पर खड़े थे। वो जहाँ खड़े थे, वहाँ नीचे राष्ट्रध्वज तिरंगा का निशान बना हुआ था। कार की बोनट पर जहाँ तिरंगा का निशान बना हुआ था, वहीं पर जूते रख कर बजरंग पूनिया खड़े थे। कार भीड़ के बीच एयरपोर्ट के बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान बजरंग पूनिया इससे लापरवाह दिखे कि वो तिरंगे को जूते से कुचल रहे हैं।

सबसे बड़ी बात कि इस दौरान वहाँ खड़े दीपेंदर हुड्डा, साक्षी मलिक या फिर विनेश फोगाट तक ने भी उन्हें रोकने तक की कोशिश नहीं की। इस दौरान लगातार नारेबाजी भी हो रही थी। वहीं मीडिया वाले भी लगातार हंगामा कर रहे थे। अंत में बजरंग पूनिया ने मीडियाकर्मियों की माइक लेकर विनेश फोगाट के सामने रख दिया। वहीं बजरंग पूनिया के समर्थक उनका बचाव करते हुए इसे अनजाने में हुई गलती बता रहे हैं। लेकिन, सवाल ये है कि फिर राष्ट्रध्वज बोनट पर चस्पाया ही क्यों गया था?

वहीं विनेश फोगाट ने कहा कि हमारी लड़ाई अभी तक खत्म नहीं हुई है। हरियाणा के बलाली गाँव में भी विनेश फोगाट के स्वागत के लिए तैयारियाँ की गई हैं। विनेश फोगाट ने कहा कि पहलवान आंदोलन के दौरान की वो अपनी तस्वीरें देखती हैं तो उन्हें बहुत दुःख होता है। वहीं विनेश फोगाट के कोच वॉलर एकॉस ने कहा है कि उन्हें लगता था कि वजन घटाने के चक्कर में विनेश फोगाट की मौत भी हो सकती है। बता दें कि विनेश का वजन मात्र 100 ग्राम अधिक रह गया था जिस कारण उन्हें बाहर कर दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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