पाकिस्तान से हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आना कोई नया नहीं है। वहाँ के अल्पसंख्यक अकसर अपने भविष्य को बचाने के लिए भारत आते दिखते हैं। इस बार भी अमृतसर के पास अटारी बॉर्डर से हिंदू परिवारों ने भारत में एंट्री ली है। बुधवार (7 अगस्त 2024) को बाहर से आने वाले इस जत्थे में कुल 21 लोग हैं। ये लोग बांग्लादेश में सरकार गिरने के बाद जो हिंदुओं पर हिंसा शुरू हुई उसके कारण भारत आए।
अब बताया जा रहा है कि अटारी बॉर्डर से भारत में आने बाद ये लोग जोधपुर जाएँगे और वहीं पर रहेंगे। इन्हें लेने जोधपुर का एक शख्स भी पहुँचा था। उसका कहना था कि इनमें से 16 लोग उसकी पत्नी के रिश्तेदार हैं। इसके अलावा अन्य 5 लोग भी उनसे ही जुड़े हुए एक परिवार के हैं।
उन्होंने बताया कि ये सारे लोग पाकिस्तान के पंजाब सूबे के सहीम यार खान में रहते थे, मगर खराब होते माहौल को देखते हुए इन लोगों ने पलायन का निर्णय लिया और वो भारत आ गए।जोधपुर से आए व्यक्ति ने यह भी बताया कि उनके बहनोई दर्शन और ससुर बिरया राम ने अब पाकिस्तान वापस न लौटने का फैसला किया है, उन्होंने इसका कारण नहीं बताया है, बस वो अब भारत ही रहेंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अटारी बॉर्डर से जो लोग भारत आए उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कई और हिंदू परिवार भारत आ सकते हैं। यही नहीं एक ने कहा कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं उसे देखते हुए हमें लगा कि जल्दी ही भारत की तरफ चले जाना चाहिए। इसलिए उन्होंने भारत का रुख किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन दो परिवारों ने टूरिस्ट वीजा के लिए एप्लाई कर दिया है और बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ उसे देखते हुआ उसे देख वो सब अब भारत में रहेंगे।
मालूम हो कि ऐसा नहीं है कि बांग्लादेश में सरकार गिरने से स्थिति खराब होना ही पाकिस्तानी हिंदुओं के पलायन का अकेला कारण नहीं है, पाकिस्तान से जुड़ी खबरें यदि देखेंगे तो पता चलेगा कि कैसे पाकिस्तान में हिंदुओं पर हत्याचार किया जाता है। कैसे वहाँ हिंदुओं की बहन-बेटियों के अपहरण के बाद उनके साथ बलात्कार होता है, उनसका निकाह करवा दिया जाता है, धर्मांतरण करवा दिया जाता है और हिंदू लड़कों को बेरहमी से मारने की भी कई घटनाएँ हमारे सामने आ चुकी हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान से समय-समय पर हिंदुओं का पलायन होता रहा है।
बांग्लादेश में सत्ता विरोधी प्रदर्शन हिंदू विरोधी हिंसा में तब्दील हो चुके हैं। हिंदुओं के घरों और मंदिरों को खास तौर पर दुश्मनी में हमले हो रहे हैं। शेख हसीना के इस्तीफे के बाद, हिंदुओं के घरों में लूटपाट, तोड़फोड़ और हिन्दू महिलाओं के साथ रेप की कई घटनाएँ भी सामने आई हैं। बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्याएँ और मंदिरों में तोड़फोड़ बड़े स्तर पर जारी है।
ढाका के नाटोरे, धामराई, पटुआखाली के कालापारा, शरीयतपुर और फरीदपुर में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही जेसोर, नोआखाली, मेहरपुर, चाँदपुर और खुलना में भी हिन्दू घरों को भी निशाना बनाया गया है। दिनाजपुर में 40 हिंदू दुकानों में तोड़फोड़ की गई है।
बांग्लादेश की कई हिंदू महिलाएँ इस्लामी भीड़ के हाथों हुए अत्याचार की कहानी बताने के लिए आगे आई हैं। गुरुवार (8 अगस्त, 2024) को हिंदू वॉयस द्वारा एक वीडियो साझा किया गया है। यह वीडियो बांग्लादेश के पिरोजपुर जिले के विभिन्न इलाकों में रहने वाली कई हिंदू महिलाओं का है। इसमें उन हिन्दू महिलाओं को अपनी दुर्दशा बताते हुए सुना जा सकता है।
इस्लामी कट्टरपंथियों के हाथों हिंसा का शिकार हुई एक हिंदू महिला ने बताया, “वह तलवारों और धारदार हथियारों के साथ आए थे। उन्होंने सब कुछ लूट लिया। अपनी बेटियों को बचाने के लिए, हमने उन्हें अपना सब कुछ दे दिया।”
Hindu women have faced brutal torture in #Bangladesh.
Listen to what these Hindu women of different areas of the #Pirojpur district said.
On the night of 05/08/2024, Islamists attacked several areas of #Pirojpur Town.
एक अन्य हिंदू महिला ने रोते हुए बताया, “रात में वो लोग आए। उन्होंने हमारे घरों में तोड़फोड़ की और सब कुछ लूट लिया। हम इस दौरान छिप गए थे। उन्होंने मेरे साले की पत्नी को पकड़ लिया और उसे दूसरे कमरे में ले गए। उन्होंने उसके साथ रेप किया। बाद में, हमें वह मिली। उसका चेहरा कपड़ों से बंधा हुआ था। वह उसका गला भी काटना चाहते थे। उसे बचाने के लिए, हमने उन्हें सारे सोने के जेवर दे दिए।”
एक दूसरी पीड़ित महिला ने बताया, “उन्होंने हमें चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे पचास लोगों ने तुम्हारे घर को घेर लिया है, तुम्हारे पास भागने का कोई रास्ता नहीं है। इसके बाद उन्होंने सब कुछ लूट लिया। उन्होंने मुझे पकड़ लिया और बिस्तर पर ले गए। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। मैंने उनसे विनती की कि या तो मुझे छोड़ दें या मुझे मार दें। दंगाइयों ने मुझसे कहा कि मेरे पास जो भी कीमती सामान है, उन्हें दे दूँ। इसके बाद मैंने उन्हें अपने सारे गहने दे दिए, इसलिए वह सभी मुझे छोड़कर चले गए।”
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमले लगातार जारी
इससे पहले, ऑपइंडिया ने कुछ बांग्लादेशी हिंदुओं से बात की थी। उन्होंने हमें बताया कि हिंदुओं के लिए स्थिति और लगतार खराब होती जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए बांग्लादेश के हिंदुओं ने बताया कि शेख हसीना के इस्तीफे के बाद से जमात-ए-इस्लामी के सदस्य हिंदू व्यवसायों और हिंदू घरों की लिस्ट बना रहे हैं।
अपनी सुरक्षा के लिए डरते हुए उन्होंने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कई लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि जमात-ए-इस्लामी और अन्य इस्लामी कट्टरपंथी बंदूकों के साथ सड़कों पर घूम रहे हैं, इससे उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर जाना असंभव हो गया है।
5 अगस्त को बताया गया था कि जिहादियों ने शेख हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आड़ में बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमला किया था। प्रधानमंत्री पद से हसीना के इस्तीफे के बावजूद, विरोध प्रदर्शन जारी रहे और हिंदुओं पर हमले भी हुए।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए एक के बाद एक बुरी खबर आ रही है। कल (7 अगस्त 2024) विनेश फोगाट को ओवरवेट के कारण अयोग्य करार दिया गया था जिसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया। वहीं अब आज (8 अगस्त 2024) भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल की पेरिस ओलंपिक गाँव की मान्यता को रद्द कर दिया गया है।
दरअसल, 7 अगस्त को अंतिम पंघाल को ओलंपिक में डेब्यू में मिली हार के बाद वह अपने निजी कोच और स्पैरिंग पार्टनर से मिलने गई थीं। इस दौरान उन्होंने अपनी बहन निशा से कहा था कि वह उनका एक्रिडिटेशन कार्ड का उपयोग करने पेरिस गेम्स विलेज से अपना सामान ले आए।
निशा जिस समय अपना सामान लेने जा रही थी। उस समय उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। उन्होंने इस अपराध के लिए कुछ देर हिरासत में रखा गया। बाद में IOA के हस्तक्षेप पर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। हालाँकि इस हरकत के लिए IOA ने अंतिम से कहा कि वह अपने कोच, भाई और बहन के साथ पेरिस छोड़ें।
अंतिम पंघाल वही पहलवान हैं जिनके कारण विनेश फोगाट को 50 किग्रा वर्ग की कुश्ती में उतरना पड़ा था क्योंकि इस वर्ग में अंतिम पंघाल को कोटा मिलने के कारण पहले ही एंट्री मिल गई थी। विनेश ने इसके बाद अपना वजन 50 किलो के खेल के लिए तैयार किया और ओलंपिक में गईं।
Many ethics lessons here: Antim Panghal is only 19 years old. So her behavior reflects what she has observed /learned from those around her.
1) She gave her ID card to her sister to smuggle into the Olympic Village. Such behavior likely from laxity in Indian sports camps &… pic.twitter.com/dawOm46qWI
— Dr. Mrunal Patel (Ph.D.) (@Mrunal_Patel) August 8, 2024
इस चयन से पहले एक बार और अंतिम पंघाल का विनेश फोगाट के साथ सामना हुआ था। ये बात है एशियन गेम्स की। तब, अंतिम पंघाल को नेशनल ट्रायल जीतने के बाद भी एशियन गेम्स के लिए स्टैंड बाय पर रखा गया था। उनकी जगह विनेश फोगाट को बिना ट्रायल ही एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दी गई थी।
इसके बाद अंतिम पंघाल हाई कोर्ट भी गईं थीं। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। बाद में विनेश फोगाट ने चोट के कारण अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद कुश्ती संघ ने अंतिम पंघाल का नाम एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा गया था।
बाद में भारत की युवा पहलवान अंतिम पंघाल ने विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अंतिम ने दो बार की यूरोपियन चैंपियन एम्मा मालमग्रेन को हराकर यह जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही उन्होंने तभी 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा भी हासिल कर लिया था। वो ऐसा करने वाली पहली भारतीय पहलवान थी।
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और भारत आने के बाद से लगातार हिन्दुओं के विरुद्ध इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा जारी है। हिन्दुओं के घरों पर इस्लामी भीड़ हमला कर उन्हें जला रही है। हिन्दू अपनी जान बचाने को भाग और छिप रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए कोई व्यवस्थाएँ काम नहीं कर रहीं। व्ह अपनी आपबीती मीडिया से बता रहे हैं।
बांग्लादेश के नारायणपुर जिले के रघुनाथपुर में रहने वाले माखन सरकार ने अमर उजाला को अपनी आपबीती फोन पर सुनाई। उन्होंने बताया कि नारायणगंज स्थित उनके घर पर लगभग 400 लोगों की भीड़ ने हमला किया और उनका घर लूट लिया। उनके घर में तोड़फोड़ भी की गई।
माखन सरकार अपने परिवार सहित जान बचाने के लिए यहाँ से भाग गए। वर्तमान में वह किसी जगह छुपे हुए हैं, उनको प्रशासन और सेना से कोई सहायता नहीं मिल रही है। उन्हें सेना और पुलिस कोई नहीं बचा रहा है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में हिन्दुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। वह बचाने की अपील कर रहे हैं।
नारायणपुर जिले की घटना कोई अकेली नहीं है। लगातार सोमवार से ही हिन्दू बांग्लादेश में निशाने पर हैं। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद इ्स्लामी कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के दंगाई हिंदू के घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की लिस्ट बना रहे हैं। एक हिन्दू ने ऑपइंडिया को बताया,”कुछ ही स्थानीय लोग हमारी मदद कर रहे हैं, जबकि हजारों की तादाद में हिंसक भीड़ हम लोगों की हत्या करने पर तुली हुई है।”
कुछ अन्य पीड़ितों ने बताया कि हिंसा रात भर जारी रही और डर से हिन्दू घरों में छिपे रहे। बताते चलें कि विश्व हिंदू महासंघ, बांग्लादेश चैप्टर ने भी बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं की एक सूची जारी की है। इस लिस्ट में कम-से-कम 3 ऐसी हिंदू महिलाओं के नाम शामिल हैं, जिनका इस्लामी दंगाइयों ने अपहरण कर लिया है।
उनका कहना है कि बांग्लादेश में रहने वाले हिन्दू सहमे हुए हैं। सुरक्षा कारणों से अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कुछ हिंदुओं ने यह भी कहा कि वो कहीं सुरक्षित जगह भागकर जा भी नहीं पा रहे हैं, क्योंकि जमात-ए-इस्लामी समूह और अन्य चरमपंथी संगठनों के उपद्रवी बंदूक लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट को बीच-बीच में बंद कर दिया जा रहा है, जिससे वो अपने अन्य परिजनों का हाल-चाल भी नहीं ले पा रहे हैं।
बांग्लादेशी हिन्दुओं का आरोप है कि उन्हें जान-बूझ कर एक-दूसरे से दूर रखने की साजिश की जा रही है, ताकि वे साथ ना आ पाएँ। हमें बताया गया कि बांग्लादेश में हिंसा जारी है और महज कुछ ही घटनाएँ लोगों तक पहुँच पा रही हैं। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की जेलों में बंद जमात के 2,200 से अधिक कट्टरपंथियों को जमानत दे दी गई। इससे हिन्दुओं की हालत और खराब हो सकती है। इस्लामी कट्टरपंथी बांग्लादेश की प्रसिद्द हस्तियों को भी नहीं छोड़ रहे।
उन्होंने बांग्लादेश के प्रसिद्ध गायक राहुल आनंद का घर जला दिया। राहुल आनंद का घर धानमंडी 32 पर स्थित था। इस्लामी भीड़ ने उनके 140 साल पुराने इस आवास को लूटने के बाद जलाया। इस लूटपाट और आगजनी में उनके 3000 म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स भी बर्बाद हो गए जिनमें से कई को उन्होंने अपने हाथ से बनाया था।
राहुल आनंद गीत बैंट जोलेर गान चलाते हैं। इस बैंड से जुड़े एक पुराने साथी सैफुल जरनल ने मीडिया को बताया, “हमारे प्रिय राहुल दा के 3000 से अधिक संगीत वाद्ययंत्र, जिन्हें उन्होंने वर्षों से प्यार और देखभाल के साथ डिजाइन और बनाया था, नष्ट कर दिए गए हैं और जलाए गए वाद्ययंत्रों और अन्य घरेलू चीजों का अनुमानित मूल्य 10 लाख टका से अधिक है।”
इससे पहले बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने इस दौरान देश में हिंदू मंदिरों, घरों और दुकानों पर हुए हमलों की एक लिस्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि देश भर में 54 जगह पर हिन्दुओं को निशाना बनाया गया।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में जुलाई महीने से ही आरक्षण खत्म करने की माँग को लेकर प्रदर्शन चल रहे थे। इस प्रदर्शन को इस्लामी कट्टरपंथियों ने हाइजैक कर लिया और इसके बाद भारी हिंसा हुई। यह हिंसा अगस्त में और बढ़ गई और प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा। शेख हसीना सोमवार (5 अगस्त, 2024) को ढाका छोड़ कर भारत आ गईं। वर्तमान में वह भारत में हैं।
गुजरात की देवभूमि द्वारका में 24 साल के एक हिंदू युवक को मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह करने पर कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने इस मामले में लड़की के चाचा, भाई, एक नाबालिग आरोपित समेत उसके परिवार के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना 3 अगस्त 2024 को भनवाड़ से करीब 15 किलोमीटर दूर शेडाखाई गाँव में अंजाम दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक, हिंदू युवक याग्निक ने डेढ़ साल पहले अपने गाँव की एक मुस्लिम युवती रजमा से प्रेम विवाह किया था। चूँकि घरवाले इसके खिलाफ थे तो उन्हें उस समय गाँव छोड़ना पड़ा। हालाँकि डेढ़ महीने पहले जब दोनों माता-पिता बने तो दोबारा घरवालों के पास गाँव में लौट आए। उन्हें लगा कि दोनों का रिश्ता रजमा के घरवाले स्वीकार लेंगे लेकिन दोनों पति-पत्नी रजमा के घरवालों की साजिश से अंजान थे। उनके मन में बदले की आग जल रही थी।
पिछले शनिवार दोपहर करीब तीन बजे याग्निक अपने घर से निकला और अपने एक दोस्त के साथ गाँव के बस स्टेशन गया। उसे देखकर रजमा का भाई साजिद, नाबालिग आरोपित और उसका चाचा सलीम हुसैन, आमेद मूसा, जुमा मूसा, उस्मान मूसा और कासिम मिलाकर कुल सात लोग कुल्हाड़ी, चाकू और लोहे के पाइप जैसे घातक हथियार लेकर उसके पीछे दौड़ पड़े। इन सभी का मकसद सिर्फ याग्निक को मारना था और याग्निक इनके मनसूबों से अंजान था। वो जब तक अपने सामने हथियार लेकर दौड़ रहे लोगों को देख कुछ समझ पाता उस पर अंधाधुंध चाकू से वार होने शुरू हो गए।
रजमा के परिजनों का कहना था, उसने हमारी लड़की से शादी की है। हम उसे जिंदा नहीं जाने देंगे। ये कहते हुए सब उस पर टूट पड़े। एक ने पहले याग्निक को नीचे गिरा दिया। उसके पास कुल्हाड़ी से उसके पैर काट डाले। पीड़ित इस दौरान अपनी बीवी और मासूम बच्ची के नाम पर रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन मुस्लिम परिवार ने उसकी एक न सुनी। उसे चाकुओं से गोदा गया, कुल्हाड़ी से काटा गया। याग्निक के दोस्त ने उसे बचाने के प्रयास किए, लेकिन उन दरिंदों के आगे वह असहाय था। उसने मृतक के परिवार को हमले के बारे में बताया।
जैसे ही मां और पत्नी रजमा को घटना के बारे में पता चला, वे मौके पर पहुँचीं। हालाँकि, उन लोगों के पहुँचने से पहले रजमा के भाई और चाचा युवक को बेरहमी से मार चुके थे। पत्नी ने हड़बड़ी में 108 नंबर पर कॉल की। एक एंबुलेंस आई और युवक को युवक को लहूलुहान हालत में खंभालिया अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि, उनकी हालत बहुत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए जामनगर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिर परिजन उन्हें एंबुलेंस में लेकर जामनगर के लिए निकले। लेकिन सिक्का गाँव के पास ही याग्निक ने अपना दम तोड़ दिया। जामनगर के जीजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने भी उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या की बाबत हिंदू युवक की माँ ने भारवाड़ थाने में एक ही मुस्लिम परिवार के सात लोगों के बारे में जानकारी दी है, जिनमें साजिद ईशा देथा, सलीम हुसैन देथा, जुमा मूसा देथा, एडम मूसा उर्फ अदु, उस्मान मूसा उर्फ भाको उस्मान, होथी कासम उर्फ दादो देथा और एक शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले को बीएनएस की धारा 103(2), 189(2), 189(4), 1991(2), 191(3), 190 और जीपी एक्ट धारा 135(1) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। वहीं रजमा ने मीडिया के सामने आकर अपने पति के लिए न्याय माँगा। पुलिस भी मामला हिंदू मुस्लिम होने के कारण सतर्क है। गाँव को छावनी में बदल दिया गया है। एक नाबालिग समेत 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मुस्लिम युवक ने अपनी ही नाबालिग बहन की बीच सड़क पर गला दबा कर हत्या कर दी। लड़की का बड़ा भाई उसके हिन्दू लड़के से प्यार करने को लेकर नाराज था। इसीलिए उसने ऑनर किलिंग की इस घटना को अंजाम दिया। घटना का एक वीडियो भी वायरल है। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के नगला शेखू गाँव में यह घटना बुधवार (7 अगस्त, 2024) को हुई। यहाँ बीच सड़क पर हसीन ने अपनी बहन अमरीशा की गला दबा हत्या कर दी। इस बीच वह चिल्लाता रहा कि इस लड़की ने मेरे बाप की इज्जत खराब कर दी, मेरे बाप की इज्जत खा गई। जब यह घटना हुई तो आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
किसी ने इसका वीडियो बना कर वायरल कर दिया। इसमें दिखता है कि एक युवक एक लड़की के सीने पर चढ़ कर बैठा है और उसका गला दबा रहा है। लड़की की हत्या के पीछे उसका हिन्दू लड़के से प्रेम प्रसंग और उसके साथ भाग जाना बताया गया है।
दरअसल, जिस अमरीशा की हत्या हुई, वह पास के ही एक गाँव के एक हिन्दू युवक मोहित से प्रेम करती थी। मोहित की बहन अमरीशा के गाँव में ब्याही है, वह यहाँ आता जाता था। इसी बीच दोनों में प्रेम हो गया। इसके बाद अमरीशा ने मोहित के साथ भागने का प्लान बना लिया।
अमरीशा तीन बार घर से भाग चुकी है। वह मार्च में भी भाग कर मोहित के पास चली गई थी और उसे पुलिस द्वारा बरामद किया गया था। इसके बाद वह मई में भी मोहित के पास गई और वापस लाई गई। अगस्त में भी वह प्रेम के पास जाकर वापस आई थी। इसी को लेकर उसका भाई हसीन गुस्सा था।
हसीन का कहना था कि अमरीशा ने बार-बार भाग कर परिवार की इज्जत खराब कर दी है और उनके पिता की इससे बदनामी हुई है। बताया गया कि बुधवार को भी अमरीशा अपने प्रेम के पास जाना चाह रही थी और इसी बात को लेकर उसकी हसीन से लड़ाई हुई। इसके बाद हसीन ने उसकी पिटाई कर दी।
हसीन उसे घर से खींचते हुए सड़क पर ले आया। इसके बाद यहाँ आकर चिल्लाने लगा। हसीन ने कहा, “इसने मेरे बाप की इज्जत खराब कर दी। ये मेरे बाप को खा जाएगी। मैं इसे नहीं मारता तो मेरा बाप मर जाता। ये तीन बार घर से भागी है, ऐसी को ना मारता तो क्या करता।” हत्या के दौरान मौके पर कई महिलाएँ और पुरुष खड़े थे लेकिन किसी ने हसीन को नहीं रोका।
UP के मेरठ में ऑनर किलिंग का Live Video –
मुस्लिम लड़की का हिन्दू लड़के से अफेयर था। वो शादी की जिद पर अड़ गई। फैमिली ने समझाया कि दोनों के धर्म अलग-अलग हैं, ये शादी नहीं हो सकती। आज भाई हसीन ने बीच सड़क पर गला दबाकर बहन को मार डाला। भीड़ तमाशा देखती रही।
अपनी बहन का हत्यारा हसीन दो बच्चों का बाप है। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। हसीन ने जिस अमरीशा की हत्या की, वह सबसे छोटी थी। यह सभी मिलकर 8 भाई-बहन हैं। हसीन खुद बाहर काम करता है, वह बहन के घर से भागने की खबर को सुनकर वापस आया था। इसके बाद उसने हत्या कर दी।
मामले में पुलिस ने आरोपित हसीन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके विरुद्ध FIR भी दर्ज हो गई है। हसीन ने अपना अपराध भी पुलिस के सामने मान लिया है। हसीन का कहना है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया क्योंकि उसकी बहन भाग जाने की धमकी देती थी। हसीन ने बताया कि अमरीशा हिन्दू लड़के से शादी का दबाव डाल रही थी।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में अनवारूल मुस्तफा द्वारा यादव जाति की एक महिला से वर्षों तक रेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता शादीशुदा और एक बच्चे की माँ है। अनवारुल ने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर उसका यौन शोषण किया। रेप के बाद पीड़िता ने एक बच्ची को भी जन्म दिया है। सोमवार (5 अगस्त 2024) को पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बस्ती जिले के थानाक्षेत्र वाल्टरगंज का है। यहाँ 1 अगस्त को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से UP के संतकबीरनगर जिले की रहने वाली है। साल 2013 में उसकी शादी बस्ती जिले में हुई थी। इस शादी से उसे 9 साल का एक बेटा है।
महिला की ससुराल वालों को दवा देने के लिए वाज़िद अली का बेटा अनवारुल मुस्तफा आया करता था। अनवारुल बस्ती जिले के गाँव सिसवारी का रहने वाला है और मेडिकल स्टोर चलाता है। पीड़िता ने बताया कि ससुराल में आते-जाते रहने की वजह से उसकी बातचीत अनवारुल से होने लगी। 3 साल पहले अनवारुल ने उसे अपने प्यार के जाल में फँसा लिया।
इसके बाद उसने पीड़िता को अपने मेडिकल स्टोर पर ले जाकर उससे रेप किया। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपित ने उससे निकाह करने का झाँसा दिया। इस दौरान उसने खुद को कुँवारा बताया। कई बार रेप की वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई तो अनवारुल ने उसे संतकबीरनगर जिले में एक कमरा किराए पर ले कर रख दिया। कुछ दिनों बाद के पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया।
#BastiPolice थाना वाल्टरगंज पुलिस टीम द्वारा दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को कारित करने वाले अभियुक्त को 24 घण्टे के अन्दर किया गया गिरफ्तार- pic.twitter.com/QbNarc7REq
बच्ची के जन्म के बाद पीड़िता अनवारुल मुस्तफा पर निकाह के लिए दबाव बनाने लगी। हालाँकि, आरोपित किसी न किसी बहाने से यह सब टालता रहा। इस बीच पीड़िता दूसरी बार गर्भवती हो गई। अनवारुल द्वारा बार-बार शादी की बात टालने से पीड़िता को कुछ गलत होने की आशंका हुई। पीड़िता ने आरोपित के घर की पड़ताल की तो पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है।
पोल खुलने के बाद जब पीड़िता ने उससे पूछा तो अनवारुल ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई की वजह से पीड़िता के पेट में पल रहा गर्भ भी गिर गया। बकौल पीड़िता, आरोपित ने कहा कि ‘जहाँ मन में आए जाओ शिकायत कर दो। मैंने तुम्हें टाइमपास के लिए रखा था। अब तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है। शादी का दबाव बनाओगी तो तुम्हें और तुम्हारी बेटी को जान से मार दूँगा’।
आखिरकार पीड़िता ने थाने में जाकर मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवा कर आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने अनवारुल मुस्तफा के खिलाफ IPC की धारा 376 (2)(n) और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 में अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिस कारण फाइनल में पहुँचने के बावजूद उन्हें मेडल नहीं मिल पाया। जहाँ पूरे भारत के खेल प्रशंसक IOA के इस फैसले से हैरान हैं, वहीं वामपंथी तंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ‘रिलायंस फाउंडेशन’ की अध्यक्ष नीता अंबानी को भला-बुरा कह कर अपना उल्लू सीधा कर रहा है। वहीं विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा से वॉकआउट कर ‘विनेश फोगाट को न्याय दो’ नारा लगाते हुए हंगामा किया। ऐसे में सवाल उठता है – क्या एक महिला खिलाड़ी को हथियार बना कर राजनीति की जा रही है?
आइए, पहले संक्षेप में समझते हैं कि पूरा मामला है क्या। बुधवार (7 अगस्त, 2024) को विनेश फोगट का मुकाबला रात साढ़े 11 बजे अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट से होना था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया क्योंकि उनका वजन अधिकतम तय मानक से 100 ग्राम अधिक पाया गया। विनेश फोगाट 50 किलोग्राम वर्ग में खेल रही हैं। 53 Kg वर्ग में भारत की तरफ से अंतिम पंघाल ने क्वालीफाई किया था। विनेश फोगाट के डॉक्टर ने बताया कि 1 दिन पहले विनेश फोगाट का वजन 2.70 किलोग्राम ज़्यादा हो गया था।
इस तरह रात भर पूरी की पूरी टीम लगी रही, विनेश फोगाट ने भी जम कर पसीना बहाया। जिस दिन पहलवानी का मुकाबला होता है, उसी दिन सुबह में प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे पहलवानों का वजन मापा जाता है। ‘इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन’ (IOA) के ‘चीफ मेडिकल ऑफिसर’ (CMO) डॉ दिनशॉ पार्दीवाला ने बताया कि अधिकतर पहलवान अपने स्वभाविक वजन से कम के वर्ग में खेलते हैं, ताकि प्रतिद्वन्द्वी के ऊपर उन्हें लाभ हासिल हो, ऐसे में पहलवानों को वजन बनाए रखने के लिए खाने-पीने पर नियंत्रण करना होता है, साथ ही वास्प-स्नान के अलावा व्यायाम कर के पसीना भी बहाना होता है।
इससे पहलवान को कमजोरी भी हो सकती है, इसीलिए उसे कम मात्रा में पानी और हाई-एनर्जी ड्रिंक्स दिए जाते हैं। डॉक्टर ने बताया कि रात भर में बाल काटने से लेकर अन्य कई तरह के प्रयास किए गए, लेकिन फिर भी वजन 100 ग्राम अधिक रह गया। 1 दिन पहले ही उन्होंने सेमीफाइनल सहित 3 मुकाबले खेले थे। 29 वर्षीय महिला पहलवान ने जापान की युई सुसाकी को हराया था, जो पिछले ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता हैं। हालाँकि, उनका मेडल का सपना अधूरा रह गया।
जैसे ही ये खबर सामने आई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत IOA अध्यक्ष PT उषा से सारे विकल्प आजमाने के लिए कहा, साथ ही IOC के समक्ष कड़ा विरोध भी उनके कहने पर दर्ज कराया गया। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर ट्वीट डाल कर विनेश फोगाट को देश के लिए गर्व और प्रेरणा करार दिया, उन्होंने कहा कि ऐसे क्षण आते रहते हैं लेकिन वो एक जुझारू खिलाड़ी हैं और इससे बाहर निकलेंगी। याद कीजिए, जब पिछले ओलंपिक में उन्हें मेडल नहीं मिल पाया था तब भी पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात कर उन्हें ढाँढस बँधाया था।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संसद में बयान देते हुए बताया कि उनकी आवश्यकताओं के अनुसार हरसंभव सहायता प्रदान की, उनके लिए अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ लोग नियुक्त किए गए। उन्होंने बताया कि कैसे हंगरी के कोच वॉलर एकॉस की सेवा ली गई, फिजियो अश्विनी पाटिल हमेशा उनके साथ रहते हैं, अतिरिक्त व्यक्तिगत सहायक स्टाफ के लिए वित्तीय सहायता भी दी गई। मेंटल कंडीशनिंग कोच वेन लोम्बारड को भी लगाया गया। साथ ही उन्होंने अन्य कोचों व सहायक स्टाफ के नाम भी गिनाए।
उन्होंने बताया कि कैसे भारत सरकार ने कुछ 70.45 लाख रुपए विनेश फोगाट पर खर्च किए हैं। स्पेन में 10 दिन तक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और फ़्रांस में ओलंपिक की तैयारी के लिए उन्हें वित्तीय सहायता दी गई। हंगरी स्थित टाटा ओलंपिक सेंटर में भी अतिरिक्त सहायक स्टाफ के लिए उन्हें सहायता दी गई। इसके अलावा रेहाब प्रक्रिया के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए भी उन्हें वित्तीय सहायता दी गई। साथ ही 2020 में टोक्यो ओलंपिक के दौरान भी उन्हें 1 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई थी।
जैसा कि आपने देखा, शुरू से भारत सरकार विनेश फोगाट के साथ थी। सोचिए, खेल या कला क्षेत्र के किसी भी ऐसे व्यक्ति के प्रति कॉन्ग्रेस या TMC जैसी पार्टियाँ कभी भी सहिष्णु रह सकती हैं, खासकर जब उस हस्ती ने इन दलों का विरोध किया हो? इतिहास में उदाहरण हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गाँधी की बात न मानने पर गायक किशोर कुमार को ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने प्रतिबंधित कर दिया था। बॉलीवुड में कई लोकप्रिय गाने लिखने वाले मजरूह सुल्तानपुरी को एक कविता के कारण जवाहरलाल नेहरू ने जेल में डलवा दिया था।
खैर, ये पुरानी बातें हैं। ताज़ा प्रकरण पर आते हैं। लगभग 3 महीने बाद, यानी अक्टूबर 2024 के दूसरे चरण में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले पिछले 9 साल से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटा कर प्रदेश अध्यक्ष रहे नायब सिंह सैनी को CM बनाया। लोकसभा चुनाव में 5-5 से इस बार कॉन्ग्रेस और भाजपा का मुकाबला टाई रहा, जबकि पिछले साल BJP ने सारी 10 सीटें जीत कर क्लीन स्वीप किया था। 10 साल के भाजपा शासन के बाद कॉन्ग्रेस अब हरियाणा में मौका देख रही है।
मनोहर लाल खट्टर को केंद्र में विद्युत के अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री बनाया गया है। मार्च 2005 से लेकर अक्टूबर 2014 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे भूपिंदर सिंह हुड्डा फ़िलहाल नेता प्रतिपक्ष हैं, राहुल गाँधी के करीबियों में से एक हैं। हाल ही में कुछ किसान नेताओं से उन्होंने राहुल गाँधी की मुलाकात कराई थी। ध्यान दिलाते चलें कि ‘पहलवान आंदोलन’ में उनकी बड़ी भूमिका बताई जाती है, साथ ही पंजाब-हरियाणा के शम्भू बॉर्डर पर अभी भी कई किसान डेरा जमाए बैठे हैं, जिस कारण हाइवे तक बंद करना पड़ा है।
वामपंथी गिरोह तभी सक्रिय हो गया था जब विनेश फोगाट का मेडल पक्का नहीं हुआ था। उनके सेमीफाइनल में पहुँचने के साथ ही माँग की जाने लगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बधाई दें। पीएम मोदी सभी खिलाड़ियों को बिना भेदभाव किए मेडल जीतने पर बधाई देते हैं। इन्होंने ये तक नहीं सोचा कि विनेश फोगाट का स्वर्ण पदक वाला मैच बाकी था, ऐसे में पहले ही पीएम मोदी पहले ही बधाई कैसे दे देते। खैर, जश्न मनाने के नाम पर एक ऐसा खेल शुरू हुआ कि पूछिए मत।
आरोप भले कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर हो, लेकिन इसी बहाने सारे भाजपा नेताओं को घेरा जाने लगा। भाजपा नेताओं ने विनेश फोगाट को जम कर बधाई दी, बिना राजनीति किए। लेकिन, गिरोह विशेष के लोगों ने जश्न के नाम पर सबको चिढ़ाना शुरू कर दिया। महिला पहलवान को सलाह दी जाने लगी कि वो पीएम मोदी का फोन न उठाएँ, सरकार द्वारा उन पर किए जा रहे खर्च को नकारा जाने लगा। राहुल गाँधी ने भी सीधी बधाई न देते हुए विनेश फोगाट को ‘खून के आँसू रुलाए जाने’ का आरोप मढ़ दिया।
ख़ुशी मनाना बहुत अच्छी बात है, लेकिन किसी महिला खिलाड़ी को सेलिब्रेट करते समय उन्हें संरक्षण देने वाले भारत सरकार, उन्हें वित्तीय मदद मुहैया कराने वाले खेल मंत्रालय, उनके साथ हमेशा खड़ा रहने वाले IOA और हर कदम पर उनकी सहायता करने वाले कोच से लेकर सपोर्टिंग कर्मचारियों सबको गाली दी जाने लगी। हमने तस्वीर देखी है कैसे IOA अध्यक्ष PT उषा इस दुःख के क्षण में विनेश फोगाट के साथ हैं। पीटी उषा खुद एक खिलाड़ी रही हैं, महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, याद कीजिए कैसे रेलरस प्रोटेस्ट के समय उन्हें भी गाली दी गई थी।
पहलवानों के आरोपों की जाँच के लिए जो कमिटी बनी थी उसमें ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स तक में मैच जीतने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त को भी शामिल किया गया था। लेकिन अफ़सोस, योगेश्वर दत्त पर भी भद्दी-भद्दी टिप्पणियाँ की गईं। विनेश फोगाट की बहन बबीता फोगाट भाजपा में आ गई हैं, सिर्फ इसी कारण से उन्हें भी निशाना बनाया गया। क्या ये सब खिलाड़ी नहीं थे? आज पूरा देश विनेश फोगाट के साथ खड़ा है, लेकिन क्या योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट और पीटी उषा को भला-बुरा कहने वालों ने माफ़ी माँगी?
इतना ही नहीं, नीता अंबानी को भी नहीं छोड़ा गया। सिर्फ इसीलिए, क्योंकि वो IOC की सदस्य हैं और पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करती हैं। कोई पूछने लगा कि नीता अंबानी हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहीं, तो कोई कहने लगा कि अंबानी परिवार तो पीएम मोदी का मित्र है। इससे घटिया स्तर क्या हो सकता है गिरने का? नीता अंबानी ही ‘रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स’ भी चलाता है, जिसके तहत देश भर के सैकड़ों शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे किशोर व युवा खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारा जाता है।
इतना ही नहीं, असम की बॉक्सर लवलीना बोरगेहेन और हरियाणा की ही पहलवान निशा दहिया भी इसी RFYS के सौजन्य से खेलती रही हैं। ऐसे कई खिलाड़ियों को रिलायंस की इस संस्था ने मदद मुहैया कराया है। असल में वामपंथी गिरोह चाहता है कि आलोचना के डर से देश के उद्योगपति खेल के क्षेत्र में सहायता करना छोड़ दें, ताकि कल को ये मोदी सरकार को खेल में दुर्गति के लिए निशाना बना सकें। लेकिन, ऐसी स्थिति आई ही नहीं है अभी।
आखिर विनेश फोगाट को लेकर संसद में प्रदर्शन का क्या कारण है? उधर पंजाब के मुख्यमंत्री व AAP नेता भगवंत मान ने विनेश के चाचा महावीर फोगाट से मुलाकात की, इसके लिए उन्होंने अपने पहले से तय कार्यक्रमों में बदलाव किए। दीपेंद्र हुड्डा ने पेरिस गए खेल अधिकारियों पर उँगली उठा दी। एक महिला पहलवान को माध्यम बना कर राजनीति कर रहे विपक्ष से और उम्मीद ही क्या की जा सकती है। विधानसभा चुनाव के लिए खेल को राजनीति में घसीटा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मदरसे में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और रेप की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप मदरसा संचालक के बेटे हसन उर्फ़ कल्लू पर लगा है। 14 वर्षीया पीड़िता मदरसे के ही हॉस्टल में रहती थी। यह शाहनवाज नाम के मौलवी द्वारा संचालित है। मौलवी के बेटे ने पीड़िता को इंजेक्शन भी लगाया था। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। बाप-बेटे फरार हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बिजनौर के थाना क्षेत्र शहर कोतवाली की है। यहाँ के बुरहानुद्दीनपुर इलाके में जामियातुल बनात नाम का एक मदरसा चलता है। मौलवी शाहनवाज द्वारा संचालित इस मदरसे में अरबी के कोर्स करवाए जाते हैं। यहाँ छात्राओं के रहने के लिए अलग से हॉस्टल भी बना हुआ है। यहाँ लगभग 200 छात्राएँ रहती हैं। इसी हॉस्टल में 14 साल की पीड़ित नाबालिग भी रहकर पढ़ती थी।
पीड़िता साल 2019 से यहाँ रहकर मौलवीयत का कोर्स कर रही है। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार (2 अगस्त) को वह बीमार थी। इस दौरान मौलवी के बेटे हसन उर्फ़ कल्लू ने उसे जबरन इंजेक्शन लगाया। वह गंदी नीयत से उसका हाथ पक लिया। इसके बाद वह पीड़िता के बगल में बिस्तर पर लेट गया। फिर पीड़िता को दबोच कर रेप का प्रयास किया।
पीड़िता ने बताया कि उसने खुद को जैसे-तैसे बचाया और भाग कर हसन के अब्बू मौलवी शाहनवाज के पास चली गई। उसने हसन को लेकर उसके अब्बू से शिकायत की, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित हसन को ही सही बताते हुए उसे चुप रहने के लिए डाँट पड़ी। उसे यह बात किसी को नहीं बताने के लिए कुरान की कसम भी खिलाई गई।
#BijnorPolice थाना कोतवाली शहर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 757/24 धारा 74/115(2) बी0एन0एस0 व 9f/10 पॉक्सो अधिनियम में स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही वैधानिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक नगर जनपद बिजनौर की बाइट ।#UPPolicepic.twitter.com/iZ8t5Sr9pi
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित की माँ ने उसकी पिटाई भी की है। आरोपित की अम्मी ने पीड़िता से कहा, “इतनी खूबसूरत लड़कियाँ रहती हैं, उनके साथ न करके तेरे ही साथ करेगा वो?” आखिरकार पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। पुलिस ने हसन को नामजद करते हुए केस दर्ज कर लिया है।
आरोपित हसन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 115(2) के अलावा पॉक्सो एक्ट के अधिनियम 9f/10 के तहत करवाई की गई है। बिजनौर के एडिशनल एसपी ने बताया कि मामले की जाँच और उसमें जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मदरसा संचालक और उनका बेटा फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश की जा रही है। उधर, पीड़िता भी मदरसा छोड़ कर अपने घर चली गई है।
इस घटना को लेकर मदरसे में पढ़ाने वाले कारी शफीक ने पीड़िता को ही ग़लत ठहराया। उन्होंने कहा कि ये सारे आरोप बेबुनियाद है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में एक महिला आशंका जता रही है कि पहले भी इस मदरसे में किसी लड़की के साथ यौन शोषण की घटना हो चुकी है। यह मदरसा लगभग 20 साल से संचालित हो रहा है।
पाकिस्तान ने भारत के साथ ‘आप कूटनीति’ शुरू की है। जानने वाली बात ये है कि ये ‘आम डिप्लोमेसी’ भारत के साथ नहीं है, बल्कि भारत के विपक्षी दलों के नेताओं के साथ है। I.N.D.I. गठबंधन के 7 ‘ख़ास’ सांसदों को पाकितान की तरफ से मीठे-मीठे और पके हुए आम भेजे गए हैं। ये आम पाकिस्तान हाई कमीशन के माध्यम से भेजे गए हैं। बता दें कि इससे पहले भी आम का इस्तेमाल कूटनीति के लिए होता रहा है, बांग्लादेश की PM रहीं शेख हसीना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हर साल आम भिजवाती थीं।
जिन 7 सांसदों को आम भेजा गया है, वो ये हैं – कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी, पूर्व केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर, माफिया मुख़्तार अंसारी का भाई अफजाल अंसारी, देश के सबसे महँगे वकीलों में से एक कपिल सिब्बल, दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद के इमाम मोहिब्बुलाह नदवी, BHU में ‘इस्लामिक स्टडीज’ का कोर्स शुरू करने की माँग करने वाले जियाउर रहमान बर्क और पूर्व सांसदों चौधरी मुनव्वर हसन और बेगम तबस्सुम हसन की बेटी इकरा। इन सभी को पाकिस्तान ने आम भेजे हैं।
राहुल गाँधी केरल के वायनाड से सांसद हैं। वहीं ब्रिटिश इंडिया पर कई किताबें लिख चुके शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से कॉन्ग्रेस सांसद हैं। मोहिब्बुलाह नदवी रामपुर, जियाउर रहमान बर्क सम्भल और इकरा हसन कैराना से सांसद हैं। देश के HRD मंत्री रहे कपिल सिब्बल पहले कॉन्ग्रेस में थे, लेकिन अब वो भी समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं। मऊ से विधायक रहे मुख़्तार अंसारी की जेल में मौत के बाद अफजाल अंसारी सहानुभूति लहर में फिर से गाजीपुर से MP बना।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ पर निशाना साधते हुए कहा, “जिनका प्रेम जहाँ पर है, वहाँ से आम आएँगे। कुछ लोगों को उत्तर प्रदेश के आम का स्वाद अच्छा नहीं लगता था, खोट नज़र आता था। एक नेता जब दक्षिण भारत से चुनाव जीत कर आए तब भी उन्हें उत्तर भारत के लोगों में खोट नज़र आता था और आज भी उत्तर प्रदेश के आम में मिठास उन्हें नज़र नहीं आती लेकिन पाकिस्तान के आम उनको कुछ ज़्यादा पसंद आ रहे हैं।”