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काँवड़ मार्ग पर जूस बेचने वाला नदीम कर चुका है आशा देवी का कत्ल, ढाबा मालिक नवाब खाँ ने मारी थी शुक्रमपाल और ओमवीर को गोली: रोटी पर ‘थूक’ वाला कारनामा भी

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में प्रशासन ने काँवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले सभी दुकानदारों को अपने-अपने असली नामों के साथ दुकानदारी करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों पर ठीक से अमल भी नहीं हुआ था कि इस मुद्दे को राजनैतिक और चरमपंथी ढंग से तूल दिया जाने लगा। महज नाम लिखने के आदेश को मुस्लिमों पर अन्याय और अत्याचार बताने की कोशिश की जाने लगी। मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया गया। इस बीच न सिर्फ तमाम साधु-संतों बल्कि हिन्दू दुकानदारों ने भी इस आदेश का विरोध होने पर हैरानी जताई। उन्होंने प्रशासन के इस कदम को समाज में शांति व्यवस्था के लिए उचित बताया।

स्वामी यशवीर महराज ने तो नाम बदल कर दुकानदारी को बड़ी साजिश का हिस्सा करार दिया। ऑपइंडिया ने इन मामलों की जमीनी तौर पर पड़ताल की तो कुछ ऐसे केस निकल कर सामने आए, जो कहीं न कहीं प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए एक संकेत हो सकते हैं। पूर्व में कई दुकानों पर ऐसी घटनाएँ घटित हुई हैं, जो समाज की शांति को प्रभावित कर सकती थीं लेकिन प्रशासनिक सतर्कता से कोई बड़ा नुकसान होने से बच गया था।

जूस बेचने वाले नदीम ने की थी आशा देवी की हत्या

गाजियाबाद का मुरादनगर काँवड़ियों का सबसे बड़ा स्टॉप पॉइंट है। यहाँ गंगनहर को लोग छोटा हरिद्वार बताते हैं। मुरादाबाद में लम्बी दूरी से आए काँवड़िये स्नान करते हैं और थकान उतारने के बाद आगे की यात्रा शुरू करते हैं। इसी मुरादनगर के काँवड़ मार्ग पर नदीम साल 2022 तक जूस की दुकान चलाता था। काँवड़िये भी यहाँ जूस पीते थे।

यहाँ जूस पीने आने वाली शादीशुदा आशा देवी को साल 2021 में उसने अपने प्यार के जाल में फँसा लिया था। लगभग 1 साल तक चले इस रिश्ते के बाद नदीम ने सितंबर 2023 में आशा देवी को कुल्हाड़ी से काट डाला था। आशा देवी को मार कर नदीम ने उसके खून से सने कपड़े एक मंदिर के पास छिपा दिए थे।

सबूत मिटाने के लिए नदीम ने आशा देवी का फोन उसी गंगनहर में फेंका था, जहाँ से काँवड़िये जल भरते हैं और स्नान करते हैं। बाद में नदीम को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना के बाद नदीम के परिवार ने अपना कारोबार गाजियाबाद के मुरादनगर से उत्तर प्रदेश के ही मुरादाबाद में शिफ्ट कर लिया था।

नदीम का एक भाई तो मुरादाबाद के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में जूस की दुकान खोलने में सफल भी रहा था। आज भी नदीम के परिवार की दुकान ‘फ्रेश जूस हॉउस’ नाम से मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस के सामने चल रही है। इस मार्ग से गुजरने वाले कई काँवड़िये यहाँ जूस पीते हैं।

2 हिन्दुओं को गोली मार चुका है ढाबा मालिक नवाब खाँ

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में मुख्य काँवड़ मार्ग पर नवाब खाँ ढाबा चलाता था। यह ढाबा मंगलौर बाजार के पास लिब्बरहेड़ी नाम की जगह पर था। इसके ढाबे का नाम भी स्थानीय लोगों के मुताबिक किसी हिन्दू प्रतीक के तौर पर था। नवाब खाँ के ढाबे के पास ही ओमवीर और शुक्रमपाल नाम के 2 भाइयों की दुकान थी।

घटना अगस्त 2018 की है। तब ओमवीर की दुकान में चोरी हुई थी। इसी चोरी के मुद्दे पर ओमवीर और उसके भाई शुक्रमपाल की ढाबा मालिक नवाब से बहस हुई थी। कुछ ही देर की बहस के बाद नवाब खाँ ने एक हथियार से दोनों भाइयों को गोली मार दी थी।

गोली लगने से ओमवीर और शुक्रमपाल बुरी तरह से घायल हो गए थे। अस्पताल में शुक्रमपाल ने दम तोड़ दिया था। ओमवीर का लम्बे समय तक इलाज चला था। उनको गंभीर चोटें आईं थीं। नवाब खाँ का वीडियो भी तब गोली चलाते हुए वायरल हुआ था। पुलिस ने तब FIR दर्ज करके नवाब खाँ को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल उसी स्थान पर अभी भी एक ढाबा चल रहा है।

स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि नवाब के जेल जाने के बाद इसे उसके परिजनों ने लगभग 70 लाख रुपए में किसी को बेच दिया था। हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई कि अभी भी नवाब खाँ उस ढाबे में हस्तक्षेप रखता है या नहीं।

रोटी पर थूक रहा था मकबूल ताहरी वाला

तीसरा मामला मुज़फ्फरनगर के अति व्यस्त मीनाक्षी चौक का है। यह स्थान शिव चौक के पास ही है, जहाँ हर दिन हजारों काँवड़िये जल चढ़ाते हैं। मीनाक्षी चौक पर मकबूल ताहरी नाम से दुकान है, जो खास मौकों पर लोगों को फ्री में ताहरी खिलाया करता है। विश्वकप क्रिकेट 2023 में भी मकबूल ताहरी की तरफ से विराट कोहली के शतक पर लोगों को फ्री में ताहरी बाँटी गई थी। इसी दुकान का दिसंबर 2023 में एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में दुकान के एक कारीगर पर रोटियों में थूकने का आरोप लगा था।

वीडियो वायरल होने के बाद हिन्दू संगठन के सदस्यों ने पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने भी कारीगर को पूछताछ के लिए बुलवाया था। हालाँकि इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।

खाने पर थूकने की कुछ अन्य घटनाएँ गाजियाबाद और मेरठ जिलों में भी सामने आईं थीं। इन पर भी पुलिस ने अलग-अलग मौकों पर कानूनी कार्रवाई की है। इसके अलावा ढाबों पर वाद-विवाद जैसे कई अन्य केस भी विभिन्न थानों में दर्ज हुए हैं।

पाकिस्तान-बांग्लादेश से घुसपैठ जारी… तत्काल प्रभाव से हटाए गए BSF चीफ नितिन अग्रवाल, SDG खुरानिया की भी छुट्टी

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बढ़ते घुसपैठ और आतंकी हमलों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कड़ा ऐक्शन लिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रमुख नितिन अग्रवाल और डिप्टी स्पेशल डायरेक्टर जनरल योगेश बहादुर खुरानिया को पद से हटा दिया। दोनों को अपने-अपने होम कैडर में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

नितिन अग्रवाल का होम कैडर केरल है और खुरानिया का ओडिशा है। इन दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी क्या दी गई है, इसके बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों को हटाने के संबंध में केंद्र ने 30 जुलाई 2024 को कैबिनेट की नियुक्ति समिति को आदेश जारी करने के लिए कहा था। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग (DoPT) की डायरेक्टर साक्षी मित्तल ने आदेश जारी कर दिया।

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजह जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से पाकिस्तान होने वाले घुसपैठ में पिछले एक साल में वृद्धि और आतंकी हमलों में वृद्धि है। इस मामले में केंद्र सरकार का अब तक का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक फैसला है, जिसमें प्रमुख सुरक्षा बल के सर्वोच्च दो वरिष्ठ अधिकारियों पर गाज गिरी है। खुरानिया पाकिस्तान सीमा पर तैनात बल का नेतृत्व कर रहे थे।

नितिन अग्रवाल 1989 बैच के केरल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं। वे BSF के पहले डीजी हैं, जिन्हें अपना कार्यकाल पूरा करने नहीं दिया गया। इससे पहले BSF के जितने भी डायरेक्टर जनरल थे, सभी ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। नितिन अग्रवाल ने पिछले साल जून में DG का पदभार ग्रहण किया था। उनका कार्यकाल 2026 में पूरा होने वाला था।

डिप्टी स्पेशल डायरेक्टर जनरल योगेश बहादुर खुरानिया 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे स्पेशल डीजी (वेस्ट) के रूप में पाकिस्तान बॉर्डर पर सिक्योरिटी इंचार्ज थे। BSF में आने से पहले वे ओडिशा पुलिस के बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे एडिशनल DGP के अलावा राउरकेला, मयूरभंज और गंजम में SP भी रह चुके हैं। ​​​​भुवनेश्वर, बेरहमपुर और संबलपुर रेंज के DIG और IG भी रह चुके हैं।

सरकार के इस कठोर कदम के पीछे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े आँकड़े गवाही दे रहे हैं। आँकड़ों के अनुसार, इस साल 21 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में 11 आतंकी हमले और 24 एनकाउंटर हो चुके हैं। इनमें 14 सुरक्षाकर्मियों और 14 नागरिकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, बांग्लादेश सीमा पर भी घुसपैठ पर लगाम कसने में नाकामी को दूसरी प्रमुख वजह बताई जा रही है।

लगभग 2.65 लाख कर्मियों वाला सुरक्षा बल यानी बीएसएफ पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर सुरक्षा का काम देखती है। बीएसएफ जम्मू, पंजाब, गुजरात, राजस्थान से लगी 2290 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा की निगरानी करती है। इनमें सीमा से सटे कई इलाके बेहद संवेदनशील हैं। जम्मू का क्षेत्र तो जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है। वहीं, गुजरात का इलाका समुद्र से घिरा है।

अयोध्या में OBC बच्ची से रेप करने वाले सपा नेता मोईद खान की संपत्ति की जाँच शुरू, सरकारी एवं दलितों की जमीनों पर कब्जे का आरोप: SHO एवं चौकी इंचार्ज सस्पेंड

अयोध्या के समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी मोईद खान द्वारा OBC समाज की एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप करने के मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। शहर के पूराकलंदर थानाध्यक्ष रतनलाल शर्मा और भदरसा चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों ने रेप का मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की थी। इसके अलावा, मुख्य आरोपित मोईद खान की संपत्तियों की भी जाँच के आदेश दिए गए हैं।

दरअसल, गैंगरेप पीड़ित नाबालिग लड़की की माँ और पिता ने आज शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने यह ऐक्शन लिया है। योगी सरकार ने समाजवादी पार्टी के नेता और गैंगरेप के मुख्य आरोपित मोईद खान की संपत्तियों की जाँच के आदेश के बाद राजस्व विभाग ने उसकी जमीन की पैमाईश शुरू कर दी है।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, “आज लखनऊ में जनपद अयोध्या के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक डॉक्टर अमित सिंह चौहान जी के साथ आए अयोध्या की पीड़ित बच्ची के परिजनों से भेंट की। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उन पर कठोरतम कार्रवाई होगी। बच्ची को हर कीमत पर न्याय दिलाने हेतु हम प्रतिबद्ध हैं।”

आरोप है कि मोईद खान ने तालाब और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इतना ही नहीं, मोईद खान पर यह भी आरोप है कि उसने कई दलित परिवार की जमीनों पर कब्जा कर रखा है। बजरंग दल ने जिलाधिकारी को लिखे गए एक पत्र में कहा है कि भदरसा भाहर में मोईद की बेकरी भी दलित समाज के व्यक्ति जानकी प्रसाद की जमीन पर बनी है, जिसका गाटा संख्या 1675 और 1676 है।

बजरंग दल ने मोईद खान और थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा की संपत्ति एवं गतिविधियों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। हिंदू संगठन का कहना है कि पीड़िता के परिजनों ने जब रेप की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने आनाकानी की। मोईन खान को पुराकलंदर थाने के प्रभारी रतनलाल शर्मा द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है।

इतना ही नहीं, हिंदू विरोधी गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों को भी रतनलाल शर्मा द्वारा संरक्षण देने का आरोप बजरंग दल द्वारा लगाया गया है। बता दें कि पिछले 12 साल से पुलिस चौकी मोईद खान की प्रॉपर्टी में संचालित हो रहा थी। हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप के बाद ही थाना प्रभारी शर्मा ने मोईद खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बता दें कि सीएम योगी ने गुरुवार (1 अगस्त 2024) को सदन में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था, “ये अपराधी समाज के सबसे बड़े कलंक हैं, कोढ़ हैं और इस कोढ़ को जब तक हटाएँगे नहीं, तब तक उत्तर प्रदेश की स्थिति को ठीक करने में कठिनाई होगी।” विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्यों को जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, “ऐसे अपराधियों को माला पहनाएँगे क्या?”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अयोध्या का ये मामला है। इसका अपराधी मोईद खान समाजवादी पार्टी का नेता है। अयोध्या के सांसद की टीम का सदस्य है। 12 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के कृत्य में शामिल पाया गया है। अभी तक समाजवादी पार्टी ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। अब क्या कोई समाजवादी पार्टी का नाम भी ना बोले?”

मोईद खान को लेकर सीएम योगी ने कहा था, “आप एक टीम मेंबर हैं। आपके सांसद के साथ बैठना है, खाना है, उनके साथ चलना है। यह एक अति पिछड़ी जाति की बालिका से जुड़ा हुआ मामला है। वो इतनी घटिया हरकत में संलिप्त हैं, इसके बावजूद भी समाजवादी पार्टी द्वारा इसे हल्केपन से लेने का काम होता है।”

मोहम्मद जुबैर ने पुलिस के चुनिंदा बयान को लेकर एक मुस्लिम को बताया कट्टरता का शिकार, ‘हिंदू लड़की’ को तंग करने वाली जानकारी नहीं बताई

सोशल मीडिया पर अपने एजेंडे के तहत आधा-अधूरा जानकारी साझा करके देश में आग लगाने के लिए कुख्यात ऑल्ट न्यूज के सह-संपादक मोहम्मद जुबैर अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है। उसने एक खबर साझा की है, जिसमें गोपेश नामक एक युवक ने अपने पड़ोसी अहमद का मोबाइल चुराकर यूपी पुलिस को धमकी भरा ईमेल भेजा था। हालाँकि, जुबैर इस पूरे मामले के उस बिंदु को गायब कर दिया, जो बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यानी गोपेश ने ऐसा क्यों किया था, इसे जानबूझकर जुबैर ने छोड़ दिया। इसके पीछे उसके कुछ मकसद हो सकते हैं।

दरअसल, आगरा पुलिस ने धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद गुरुवार (1 अगस्त 2024) को राजस्थान के धौलपुर जिले से 10वीं कक्षा के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। ईमेल में कहा गया था कि वह आगरा हवाई अड्डे, जिसे खेरिया हवाई अड्डे के रूप में भी जाना जाता है, और रेलवे स्टेशन को 50 किलोग्राम आरडीएक्स लगाकर उड़ा देगा। साथ इसे रोकने के लिए पुलिस को चुनौती दी गई थी।

इस घटना का खुलासा 30 जुलाई 2024 को हुआ। उत्तर प्रदेश पुलिस कंट्रोल रूम को के अहमद ([email protected]) नाम के अकाउंट से एक ईमेल मिला था। पुलिस जाँच में पता चला कि गोपेश नाम के लड़के ने अपने पड़ोसी अहमद का फोन चुराया था और उसी फोन से ईमेल भेजा था। आगरा के डीसीपी के X हैंडल से इसके बारे में जानकारी साझा की गई।

इस बारे में बताते हुए आगरा सिटी के डीसीपी ने कहा, “गोपेश अहमद को फँसाना चाहता था, क्योंकि वह लगातार इंस्टाग्राम पर उसकी बहन को परेशान कर रहा था। उसे परेशान न करने के लिए कहे जाने के बावजूद अहमद ने अपना व्यवहार जारी रखा। इसके बाद आरोपित ने उसका फोन चुरा लिया और यूपी पुलिस को आगरा एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने का फर्जी ईमेल भेजा।”

पुलिस अधिकारी ने कहा, “अहमद को फँसाने के लिए गोपेश ने शिमला और दिल्ली में पुलिस को धमकी भरे ईमेल भी भेजे, लेकिन इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसे उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले को अधिक सख्ती से जवाब देगी। इसलिए उसने हमें बम की धमकी भेजी।”

इस घटना को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साजा किया। हालाँकि, जुबैर ने इस घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण विवरण को छोड़ दिया। यहाँ बताना जरूरी है कि मोहम्मद जुबैर अपने एजेंडे के अनुसार ‘फैक्ट-चेक’ करने के लिए कुख्यात हैं।

जुबैर ने पोस्ट किया, “यूपी पुलिस आगरा कंट्रोल रूम को एक ईमेल मिला, जिसमें आगरा एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर बम से हमला करने की धमकी दी गई थी। गुमनाम ईमेल (के अहमद के नाम से ईमेल: [email protected]) में दावा किया गया था कि आगरा एयरपोर्ट पर 50 किलोग्राम आरडीएक्स रखा जाएगा। पुलिस ने राजस्थान के 21 वर्षीय गोपेश को गिरफ्तार किया है।”

जुबैर ने आगे लिखा, “गोपेश ने पहले अहमद का फोन चुराया, एक ईमेल आईडी बनाई और आगरा पुलिस को धमकी भरा ईमेल भेजा। उसने यूपी पुलिस को धमकी भरा ईमेल भेजा, अन्य राज्यों को नहीं क्योंकि उसे भरोसा था कि यूपी पुलिस अहमद के खिलाफ जल्दी कार्रवाई करेगी। बहुत बढ़िया @agrapolice” उन्होंने मामले को समझाते हुए डीसीपी आगरा सिटी का वीडियो भी पोस्ट किया।

हालाँकि, अहमद को फँसाने के पीछे के मकसद के बारे में जुबैर ने नहीं दिया। जुबैर ने पोस्ट में यह संकेत देने की कोशिश की कि एक हिंदू ने धार्मिक कट्टरता के कारण एक मुस्लिम पड़ोसी को निशाना बनाया। हालाँकि, मामला एक लड़के के बारे में था जो अपने पड़ोसी को ‘फँसाने’ की कोशिश कर रहा था। यह पड़ोसी इंस्टाग्राम पर उसकी बहन को लगातार परेशान कर रहा था।

जुबैर ने अपनी पोस्ट में इस बात छिपाकर अपने 10 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स को इस बात की जानकारी नहीं मिली कि कक्षा 10 के छात्र ने अपने पड़ोसी के नाम पर बम की धमकी वाला फर्जी ईमेल क्यों भेजा। वहीं, जुबैर ने उन घटनाओं के क्रम को विस्तार से बताया जिसके कारण आगरा पुलिस ने कक्षा 10 के छात्र को गिरफ़्तार किया, लेकिन उन्होंने इस महत्वपूर्ण विवरण को छोड़ दिया।

नूपुर शर्मा के खिलाफ भी अधूरा वीडियो साझा करके लगाई थी आग

आमतौर पर जुबैर इस्लामवाद के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ जुबैर इसी तरह की ऑनलाइन निशाना बनाता है। इसका उदाहरण भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा हैं। साल 2022 में मोहम्मद जुबैर ने टाइम्स नाउ की बहस में उनकी प्रतिक्रिया के अधूरे वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके कारण दो समुदायों में लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

शर्मा टाइम्स नाउ पर एक बहस में हिस्सा ले रही थीं, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग को लेकर चर्चा हो रही थी। इसमें इस्लामवादियों ने दावा किया था कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वुजुखाना में पाया गया शिवलिंग एक फव्वारा है। इस दौरान इस्लामवादियों ने हिंदू देवी-देवताओं का मजाक भी उड़ाया। इस पर नूपुर शर्मा ने जवाब दिया।

भाजपा की तत्कालीन प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने उनसे हिंदू देवताओं का अपमान करने से बचने के लिए कहा था। जब वे नहीं माने तो शर्मा ने पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम पर उनके धर्मग्रंथों और कुरान का हवाला देते हुए एक टिप्पणी की थी। मोहम्मद जुबैर ने उस बहस का एक अधूरा वीडियो साझा किया था। इसके बाद देश भर में सर तन से जुदा के नारे लगाए थे और कई लोगों की हत्या कर दी गई थी।

सपा सांसद बाबू कुशवाहा की करोड़ों की जमीन जब्त, निर्माण पर चला बुलडोजर: अब तक ₹250 करोड़ की संपत्ति सीज, ₹10,000 करोड़ के घोटाले की ED कर रही जाँच

समाजवादी पार्टी के सांसद बाबू स‍िंह कुशवाहा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसते हुए लखनऊ के कानपुर रोड स्थित उनकी करोड़ों रुपए की जमीन को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही उस जमीन पर कराए गए निर्माण को भी तोड़ दिया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले से संबंधित हैं और कुशवाहा इसके आरोपित हैं।

प्रवर्तन न‍िदेशालय की इस मामले में कालाधन से संबंधित धन शोधन अधिनियम (PMLA) के तहत जाँच कर रही है। जब्ती वाली जमीन पर निर्माण को तोड़ने के लिए वह अपने साथ बुलडोजर भी लेकर गई थी। बता दें कि जिस वक्त एनएचआरएम घोटाला हुआ था, उस वक्त बाबू सिंह कुशवाहा उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार में परिवार कल्याण मंत्री थे। इस केस में वे 4 साल तक जेल में भी बंद थे।

जानकारी के अनुसार, जौनपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा की जमीन लखनऊ के सरोजिनी नगर थाना क्षेत्र में स्थित स्कूटर इंडिया के पास है। यह जमीन काफी कीमती बताई जा रही है। बता दें कि ED अब तक बाबू सिंह कुशवाहा की करीब 250 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज कर चुकी है। उसके बाद अब यह कार्रवाई की गई है।

मायावती के मुख्यमंत्री रहने के दौरान यह घोटाला हुआ था। उस समय यह घोटाला 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का बताया गया था। दरअसल, एनएचआरएम के तहत यह कोष केंद्र सरकार ने आवंटित किया था। इसके अलावा कुशवाहा ने उत्तर प्रदेश श्रम निर्माण एवं सहकारी संघ लिमिटेड (लैकफेड) में भ्रष्टाचार करके करोड़ों रुपए की कमाई थी और उनमें बेनामी संपत्तियों में लगाया।

ईडी ने अपनी जाँच में कुशवाहा की अरबों रुपए की संपत्ति का खुलासा किया है। ये संपत्तियाँ कुशवाहा के परिजनों के अलावा उनके रिश्तेदारों एवं करीबियों के नाम पर हैं। जाँच एजेंसियों ने इन अवैध संपत्तियों की पूरी सूची तैयार की है और उनकी जब्ती का काम जारी है। बाबू सिंह कुशवाहा फिलहाल जौनपुर से सपा के सांसद हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले MCD-पुलिस को रगड़ा, फिर UPSC छात्रों की मौत का मामला CBI को सौंपा: ड्राइवर को अरेस्ट करने पर भी लताड़ा, कहा- शुक्र है पानी का चालान नहीं काटा

दिल्ली हाई कोर्ट ने ओल्ड राजेंद्र नगर के राव IAS एकेडमी के बेसमेंट में भरे बारिश के पानी में डूबकर हुई तीन विद्यार्थियों की मौत की जाँच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। कोर्ट ने इस निर्णय के पीछे घटना की गंभीरता और लोकसेवकों के भ्रष्टाचार में संलिप्तता की आशंका को कारण बताया है। हाई कोर्ट ने एमसीडी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को भी लताड़ा है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को इस मामले की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को निर्देश दिया कि वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मौत के मामले की सीबीआई जाँच की निगरानी करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नामित करे। साथ ही स्थिति की समीक्षा के लिए तीसरे पक्ष से ऑडिट का भी आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह निष्कर्ष निकालना गलत नहीं होगा कि दिल्ली की नागरिक एजेंसियों के पास प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए आवश्यक धन की कमी है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली का अधिकांश बुनियादी ढाँचा, जैसे कि नालियाँ, पुरानी हो चुकी हैं। इन्हें लगभग 75 साल पहले बनाया गया था। इन सबका अपर्याप्त एवं बेहद खराब रख-रखाव है।

कोर्ट ने आगे कहा कि 8 अप्रैल को 2024 को न्यायालय ने निर्देश दिया था कि अधिक कुशलता से समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के लिए किसी एक एजेंसी को केवल वर्षा जल नालियों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के लिए तीसरे पक्ष के ऑडिट कराने का भी आदेश दिया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि हाल की त्रासदियों ने यह दिखा दिया है कि नागरिक एजेंसियों द्वारा न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने दिल्ली में प्रशासनिक स्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि विभिन्न अधिकारी केवल जिम्मेदारी बदल रहे हैं और मुद्दों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के बजाय एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं।

जज ने दिल्ली पुलिस को खरी खोटी सुनाते हुए कहा, “अगर आपको एमसीडी से फाइल नहीं मिल रही है तो आप उनके ऑफिस में जाकर फाइल जब्त कर लीजिए।” कोर्ट ने आगे कहा, “आपके पास एमसीडी अधिकारियों को फोन करने की भी हिम्मत नहीं है। शुक्र है कि आपने पानी का चालान नहीं किया और उससे यह नहीं पूछा कि वह तहखाने में कैसे घुस गया।”

वहाँ से गुजर रहे एक वाहन के चालक को गिरफ्तार करने पर भी हाई कोर्ट के जज नाराज हो गए। उन्होंने कहा, “सड़क से गुजर रहे व्यक्ति को कैसे गिरफ्तार किया गया? पुलिस का सम्मान तब होता है जब आप अपराधी को गिरफ्तार करते हैं और निर्दोष को छोड़ देते हैं। आप निर्दोष को गिरफ्तार करेंगे और दोषी को छोड़ देंगे हैं तो यह बहुत दुखद होगा।”

हाई कोर्ट ने एमसीडी को भी लताड़ा। जज ने कहा, “एमसीडी का हाल तो यह है कि अगर अनधिकृत निर्माण को लेकर उसे किसी बिल्डिंग को सील करने के लिए कहा जाए तो सीलिंग के बाद बिल्डिंग का साइज और बड़ा हो जाता है। हम आदेश पारित करते रहते हैं, पर उन्हें कोई असर नहीं पड़ता है।” सख्त रूख अपनाते हुए कोर्ट ने कहा कि इस घटना की किसी ना किसी को जिम्मेदारी लेनी होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के प्रशासनिक, वित्तीय, भौतिक बुनियादी ढाँचे पर फिर से विचार करने के लिए जीएनसीटीडी के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का निर्देश दिया है। इस समिति में डीडीए के उपाध्यक्ष, एमसीडी के अध्यक्ष और पुलिस आयुक्त सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इस समिति को आठ सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

वायनाड के अनाथों को दूध पिलाने 350 किमी दूर से आई भावना, पर राहुल-प्रियंका के कारण रिलीफ कैंप में जाने नहीं दिया: जिस बच्ची का स्कूल बहा उसने पहले ही लिख दी थी तबाही की कहानी

केरल के वायनाड में भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है। 300 से अधिक लोगों को इस भूस्खलन में अपनी जान गँवानी पड़ी है जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता है। कई गाँव पूरे के पूरे बर्बाद हो चुके हैं। इस बीच एक बच्ची की कहानी सामने आई है, जिसे उसने आपदा से एक दिन पहले ही लिखा था। बच्ची के पिता भी इस हादसे में काल के गाल में समा गए हैं। एक महिला इस बीच बच्चों को स्तनपान करवाने के लिए आगे आई है।

बच्ची की कहानी जैसी आई आपदा

केरल के जिस वायनाड में यह घटना घटी है, वहीं के एक स्कूल वेल्लारमाला की एक बच्ची ने यह कहानी लिखी थी। यह कहानी इस स्कूल की मैगजीन के लिए लिखी गई। बच्ची की यह कहानी 29 जुलाई की सुबह प्रकाशित हुई थी। अगली रात को यहाँ भूस्खलन हो गया। इस बच्ची का नाम लाया AS है। कहानी में बच्ची ने लिखा है कि एक बच्ची बहते पानी में डूब जाती है। लेकिन कुछ दिनों बाद वह एक चिड़िया बन कर लौटती है और लोगों को पानी के पास जाने से रोकती है।

बच्ची की कहानी में यह चिड़िया इसलिए लोगों को चेता रही ताकि वह ना डूबें। चिड़िया बताती है कि पहाड़ी से पानी आ रहा है और जल्द ही कोई बड़ा खतरा आने वाला है। बच्ची की कहानी के छपने के 24 घंटे के भीतर यह भूस्खलन हुआ। दुखद बात यह है कि इस हादसे में बच्ची के पिता भी मारे गए हैं। आपदा के बाद बच्ची की कहानी की लगातार चर्चा हो रही है।

स्तनपान करवाने पहुँची महिला

वायनाड में आई इस त्रासदी के बीच एक समाजसेवी महिला यहाँ उन बच्चों को स्तनपान करवाने पहुँची है, जिनके माता-पिता इस हादसे में हताहत हुए हैं। इडुक्की की रहने वाली भावना और उनके पति ने इस घटना के विषय में जानकारी पाने के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐलान किया कि वह मदद के लिए तैयार हैं।

भावना और उनके पति अपने घर से 350 किलोमीटर दूर वायनाड पहुँच भी गए हैं। भावना ने बताया कि उन्हें, मैसेज पोस्ट करने के बाद एक फोन आया था। हालाँकि, जब वह वायनाड पहुँची तो यहाँ उन्हें वैसा कोई व्यक्ति नहीं मिला, ना ही उसने फोन उठाया। भावना ने बताया कि यह फोन फर्जी था। वर्तमान में वह सुल्तान भतेरी में एक रिश्तेदार के यहाँ रुके हुए हैं।

भावना ने बताया कि जब तक वह यहाँ एक बच्चे की मदद नहीं कर देते, तब तक वापस नहीं जाएँगे। उन्होंने बताया कि गुरुवार (1 अगस्त, 2024) को वह किसी भी रिलीफ कैम्प में नहीं जा पाए क्योंकि यहाँ राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी आए हुए थे।

OBC बच्ची से रेप करने वाले सपा नेता मोईद खान ने अयोध्या में दलितों की जमीन पर कर रखा है कब्जा: बजरंग दल ने की शिकायत, कहा- दंगों में शामिल राशिद खान दे रहा था संरक्षण

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी मोईद खान द्वारा पिछड़े समाज की नाबालिग लड़की से गैंगरेप करने के मामले में बजरंग दल ने शिकायत दर्ज कराई है। बजरंग दल ने कहा कि मोइद खान के दोस्त एवं नगर पंचायत अध्यक्ष राशिद खान और थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा की संपत्ति एवं गतिविधियों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। हिंदू संगठन का कहना है कि मोइद खान का दोस्त राशिद 2012 के दंगों में शामिल रहा है।

बजरंग दल ने एसएसपी को लिखे पत्र में कहा है कि 14 साल की एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर पिछले दो वर्षों से मोइद खान और राजू खान दुराचार कर रहे थे। लड़की का स्वास्थ्य खराब हुआ तो इसकी जानकारी हुई। पत्र में कहा गया है कि मामला सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों द्वारा इसकी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस द्वारा आनाकानी की गई।

बजरंग दल ने कहा कि हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में मामला दर्ज किया गया, लेकिन उसे गिरफ्तार करने के बजाय पुराकलंदर थाने के प्रभारी रतनलाल शर्मा द्वारा आरोपित का संरक्षण किया जा रहा था। हिंदू संगठन ने यह भी कहा कि थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद राशिद खान भी मोइद खान को संरक्षण दे रहा था।

राशिद खान के बारे में कहा गया है कि वह साल 2012 में भदरसा के हिंदू विरोधी दंगों में राशिद खान की सक्रिय भूमिका रही है। इसके अलावा कई हत्या के कई मामलों में आरोपित है। पत्र में राशिद खान और थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा के खिलाफ उच्चस्तरीय जाँच की माँग की गई है। कहा गया है कि रतनलाल शर्मा हिंदू विरोधी गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों को संरक्षण देते हैं।

ऑपइंडिया के पास उपलब्ध पत्र के अनुसार, अयोध्या के जिलाधिकारी को लिखे गए एक अन्य पत्र में कहा गया है कि मोइद खान ने कई सरकारी जमीनों और दलित समाज की जमीनों पर कब्जा जमा रखा है। भदरसा भाहर में मोइद की बेकरी भी दलित समाज के व्यक्ति जानकी प्रसाद नाम के एक व्यक्ति की जमीन पर बनी है, जिसका गाटा संख्या 1675 और 1676 है। यह सरकारी चकरोट पर बिल्डिंग बनी है।

जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि स्थानीय सरकारी प्राथमिक विद्यालय के कमरों को तोड़ करके जामिया अरबिया बहरूल उल्लूम इस्लामिक विद्यालय बनाया जा रहा है। यहाँ सरकारी जमीन पर मदरसा चलाया जा रहा है। वहीं, पुलिस चौकी मोइद खान की पॉपर्टी में चल रही थी। हिंदू संगठन ने राशिद खान और रतनलाल शर्मा की संपत्तियों की जाँच की भी माँग की है।

दरअसल, ओबीसी लड़की से रेप का मामला अयोध्या के थाना क्षेत्र पूराकलंदर की है। यहाँ के चौकी क्षेत्र भदरसा में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी की दुकान है। यहीं पर एक OBC समुदाय की एक मजदूर महिला और उनकी 14 वर्षीया नाबालिग बेटी रहती है। लगभग 75 दिन पहले पीड़िता अपनी माँ के साथ मजदूरी करके लौट रही थी।

उस दौरान रास्ते में मोईद की दुकान में काम करने वाले नौकर राजू खाँ ने पीड़िता को टोस्ट लेने के लिए अपनी दुकान पर बुलाया। लड़की पहले भी मोईद की दुकान पर आती जाती रही थी इसीलिए वो विश्वास कर के वहाँ चली गई। बताया जा रहा है कि दुकान में राजू और उसके मालिक मोईद ने पीड़िता से बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपितों द्वारा रेप का वीडियो भी बना लिया गया।

किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। बाद में इसी वीडियो से डरा-धमका कर पीड़िता से 2 महीने तक दोनों आरोपितों ने गैंगरेप किया। इस वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई। लड़की के पेट में दर्द होने पर माँ को शक हुआ। जब यह बात लड़की की माँ को पता चली तो उसने पूरी वजह पूछी। पीड़िता ने सारी बात अपनी माँ को बता दी।

पीड़ित परिवार जब मामला दर्ज कराने पहुँचा तो थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा टाल-मटोल करने लगे। इसका कारण था कि पिछले 12 साल से पुलिस चौकी मोईद खान की प्रॉपर्टी में संचालित हो रहा थी। घटना की बाबत शिकायत देने के करीब 30 घंटे बाद इस पर एक्शन हुआ और मामला सबसे संज्ञान में आया। इसके बाद 30 जुलाई को मोइद खान और उसका नौकर राजू खान जाकर गिरफ्तारी हुए।

‘शिवलिंग’ की जगह आरफा खानुम शेरवानी ने लगा दिया ‘कूड़ेदान’, शिकायत दर्ज: पहले भी हिंदू घृणा दिखाती रही है ‘द वायर’ की इस्लामवादी पत्रकार

सोशल मीडिया पर शिवलिंग की जगह कूड़ेदान को दिखाने वाली आरफा खानुम शेरवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। हिंदुओं की भावना आहत करने के आरोप में लीगल हिंदू डिफेंस नाम के सोशल हैंडल से इस संबंध में एक्शन लिया गया। उन्होंने साइबर क्राइम के तहत पुलिस में शिकायत देते हुए कहा कि शेरवानी द्वारा की गई हरकत से हिंसा भड़क सकती है और समाज में अराजकता आ सकती है।

आईपीसी की धारा 173 और 174 के तहत आरफा खानुम शेरवानी के खिलाफ यह शिकायत की गई है। इसमें माँग है कि झूठी जानकारी फैलाने के आरोप में आरफा के विरुद्ध एफआईआर हो। उनके ऊपर फर्जी जानकारी और अफवाह फैलाने के आरोप हैं।

शिकायत में लिखा है, “आरोपित के बयान से समाज में अशांति फैल सकती है। आरोपित के बयान प्रथम दृष्टया झूठे हैं, जिन्हें सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से दोहराया गया। इससे सार्वजनिक समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ती है।” शिकायत में आगे कहा गया है कि मामले को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 352, 353 (2) और 293 के तहत दर्ज किया जाना चाहिए।”

इस शिकायत की कॉपी को साझा करते हुए एलडीएफ ने कहा शिवलिंग का अपमान करने वाली आरफा बेगम के खिलाफ लीगल हिंदू का परचम लहराएगा। इस मामले में पुलिस को शिकायत दे दी गई है।

गौरतलब है कि गुरुवार (1 अगस्त 2024) को ‘द वायर’ की आरफा खानुम शेरवानी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बाहुबली फिल्म से प्रभास की वो तस्वीर ली जिसमें वो शिवलिंग कांधे पर उठाता है। इस तस्वीर में आरफा ने शिवलिंग को डस्टबिन के साथ रिप्लेस किया जिसे देख सोशल मीडिया यूजर भड़क गए।

अपनी कुंठा निकालने के लिए आरफा ने ये ट्वीट किया था। इसमें दिखाया कूड़ेदान पकड़े ओम बिड़ला को दिखाया गया था और लिखा था कि विजन 2047 यही है। उनके इसी ट्वीट पर काफी बवाल हुआ और लोगों ने सवाल खड़े किए। अंत में हिंदुओं की भावना आहत करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई।

मालूम हो कि ये पहली बार नहीं है कि आरफा खुद तो सेकुलर दिखाने के चक्कर में हिंदुओं को बदनाम करती दिखीं हों। उनका लंबा इतिहास रहा है कि न्यूट्रल रहने के नाम पर वो इस्लाम की समर्थक और हिंदुओं की आवाज उठाने वालों का विरोध करती रही हैं। इससे पहले वो कई बार गौमूत्र, गोबर के नाम पर हिंदुओं का मजाक बना चुकी हैं। इसके अलावा वह 2022 में टीवी डिबेट के दौरान नुपूर शर्मा द्वारा कही गई बात के खिलाफ भी टिप्पणी करती देखी जा चुकी हैं।

7 साल के बच्चे का कलावा कटवाया, कहा- हलाल मीट खाओ, शरीर मजबूत होगा: लंदन के स्कूल में हिंदू बच्चे को इस्लामी पाठ पढ़ा रहे थे साथी, 3 मुस्लिम छात्र सस्पेंड

इंग्लैंड के एक स्कूल में एक बच्चे का धर्मांतरण करवाने का प्रयास किया गया। यह प्रयास उसके साथ पढ़ने वाले बच्चों ने किया। हिन्दू बच्चे के साथ पढ़ने वाले मुस्लिम छात्रों ने उसे बताया कि यदि वह हलाल मीट खाएगा तो उसका शरीर मजबूत हो जाएगा। हिन्दू बच्चे के पिता ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है।

इंग्लैंड की एक समाचार वेबसाइट के अनुसार, एक हिन्दू बच्चे के पिता ने उसके 7 वर्षीय बालक को इस्लाम में धर्मांतरित किए जाने की शिकायत की है। मुस्लिम छात्रों ने अपने हिन्दू साथी को मुहम्मद नाम रखने के लिए राजी करवा लिया और उसका कलावा भी कटवा दिया।

बच्चे के पिता ने जानकारी दी कि हिन्दू बच्चे को मुस्लिम छात्रों ने बताया कि यदि वह मांस खाएगा तो उसका शरीर मजबूत होगा। उन्होंने उसे बताया कि यदि वह हलाल मांस खाएगा तो उसका शरीर और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा। बच्चे ने एक दिन अपने घर में अपना नाम मुहम्मद रखे जाने की मांग भी की।

बच्चे के पिता ने जब इस मामले में की शिकायत उसकी कक्षाध्यापक से की तो उसने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बदले में उसने कहा कि बच्चे नई चीजें सीख रहे हैं। हिन्दू बच्चे को इस्लामी छात्रों ने धमकाया कि यदि वह अपना नाम मुहम्मद नहीं रखता है तो वह उससे दोस्ती नहीं रखेंगे।

बच्चे के पिता ने इस बात की शिकायत इसके बाद स्कूल की प्रधानाध्यापिका से की है। इस शिकायत के बाद तीनों इस्लामी छात्र स्कूल से निलंबित कर दिए गए हैं। पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया है कि वह अपने घर पर धर्म सम्बन्धी बात नहीं करते है। उन्होंने बताया कि वह घर में हिन्दू धर्म के विषय में तक बात नहीं करते लेकिन इस्लामी छात्र उनके बच्चे को निशाना बना रहे हैं।

इस्लामी छात्रों पर एक्शन के बाद बच्चे के पिता ने आसपास के परिवारों से भी बात की है और उन्हें भी इस स्थिति के बारे में चेताया है। हिन्दू के पिता ने यह भी जानने का प्रयास किया है कि उसके बच्चे को धर्मांतरण के निशाने पर क्यों लिया गया।