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भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े पौराणिक मंदिर में बनाई अश्लील वीडियो, दिलशाद और अजीम पर यूपी पुलिस ने दर्ज की FIR: बाइकों से शहर में भरता है कुलाँचे

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हिन्दुओं के एक पौराणिक मंदिर के अंदर अश्लील रील बनाने का मामला सामने आया है। रील बनाने का आरोप अमरोहा के 2 मुस्लिम यूट्यूबरों- दिलशाद और अजीम पर लगा है। इस घटना से हिन्दू समाज में नाराजगी फ़ैल गई है। पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को FIR दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मामला अमरोहा के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ शुक्रवार को पुलिस सब इंस्पेक्टर परशुराम ने अपने ही थाने में एक तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि गुरुवार (1 अगस्त) से पब्लिक एप पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक मंदिर जैसे दिखाई देने वाले एक भवन में 2 युवक दिखाई दे रहे हैं। इसमें से एक युवक ने महिलाओं के कपड़े पहन रखे हैं।

शिकायतकर्ता द्वारा जब इस वीडियो की जाँच की गई तो वीडियो बनाने वाली जगह अमरोहा शहर के पौराणिक वासुदेव मंदिर के तौर पर चिन्हित हुई। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपितों ने धर्मस्थल पर अश्लील वीडियो बनाए हैं। साथ ही इसे इंटरनेट पर वायरल भी किया जा रहा है। आगे की जाँच में पुलिस को पता चला कि वीडियो में दिख रहे एक आरोपित का नाम दिलशाद है।

दिलशाद के अब्बा का नाम कमरुद्दीन है। वहीं दूसरे आरोपित का नाम अजीम है। अजीम और दिलशाद, दोनों ही अमरोहा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस ने धर्मस्थल पर इन दोनों द्वारा दिखाई गई अश्लीलता को अपराध की श्रेणी में माना है। इसके बाद परशुराम की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार (2 अगस्त) को दिलशाद और अजीम को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली।

दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के साथ आईटी एक्ट की धारा 67 लगाई गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपितों द्वारा अश्लील वीडियो मंदिर के परिसर में बनाया गया है। दिलशाद लड़की बने अजीम से मंदिर में घुमाने की भी बात करता सुना जा सकता है।

फर्राटे मारता है बिना नंबर की बाइक से

अश्लीलता फैलाने का मुख्य आरोपित दिलशाद सोशल मीडिया पर जॉर्डन DS नाम से हैंडल चलाता है। वह फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ख़ासा सक्रिय रहता है। दिलशाद ने कई हिन्दू लड़कियों के साथ भी रील्स बनाई हैं। वह स्पोर्ट्स बाइक से अमरोहा में फर्राटे मारते हुए सोशल मीडिया पर रील शेयर करता है। रील्स में इस्तेमाल बाइक पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं दिखता है।

दिलशाद की रील्स में लाल रंग की एक स्पोर्ट्स बाइक और सफेद रंग की दूसरी बाइक अक्सर दिखाई पड़ती है। उसने रील्स बनाने के लिए अमरोहा में अपना खुद का स्टूडियों बना रखा है। यहीं से वो गानों के साथ अपनी बनाई गई रील्स की एडिटिंग करता है। फिलहाल इस मामले में नेटिजंस ने भी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

अमरोहा में हिन्दुओं का सबसे पवित्र धर्मस्थल है वासुदेव मंदिर

जिस मंदिर में दिलशाद और अजीम ने रील के नाम पर फूहड़ता फैलाई है, वह अमरोहा के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर शहर और आसपास के हिन्दुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। इस मंदिर को भगवान कृष्ण के समय का माना जाता है। कहा जाता है कि वासुदेव मंदिर में साक्षात् कृष्ण का वास होता है।

‘श्रीराम के अस्तित्व का कोई सबूत नहीं, रामायण-महाभारत में अच्छी शिक्षा नहीं’: बोले तमिलनाडु के मंत्री, बचाव में DMK नेता ने कहा – हिन्दू प्रथाओं से हमारी लड़ाई

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताते हुए इसे खत्म करने का आह्वान किया था। अब राज्य के परिवहन मंत्री SS शिवकुमार ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने कहा कि न तो इसका कोई इतिहास है और न ही कोई सबूत है कि श्रीराम का कोई अस्तित्व था। सम्राट राजेंद्र चोल की जयंती के अवसर पर उन्होंने ये बात कही। अरियालुर स्थित गंगईकोंडा चोलपुरम में हर साल इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष K अन्नामलाई ने DMK नेता के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे भगवान श्रीराम को कुछ दिनों पहले ही तमिलनाडु के कानून मंत्री S रघुपति ने ‘सामाजिक न्याय के सर्वोच्च झंडाबरदार’ बताया था, वहीं अब कुछ ही दिन में DMK की याददाश्त गुम हो गई है। उन्होंने दोनों मंत्रियों को आपस में बैठ कर मामला सुलझाने की सलाह दी। SS शिवशंकर ने कहा था कि ये तमिलों का कर्तव्य है कि वो राजेंद्र चोल जैसे महान सम्राट को सम्मान दें, वरना हमें ऐसी चीजों की पूजा करने के लिए कहा जाएगा जिनसे हमारा कोई लेना-देना नहीं।

2022 से ही राजदंड चोल की जयंती को सरकारी कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है। मंत्री ने कहा कि हम उनके द्वारा बनाए गए मंदिरों, ताम्बे के प्लेट्स और उनकी प्रतिमाओं को सबूत के रूप में देखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम को अवतार बताया जाता है, जबकि अवतार का कभी जन्म नहीं हो सकता और अगर किसी का ईश्वर के रूप में जन्म हुआ है तो वो अवतार नहीं है। उन्होंने कहा कि रामायण महाभारत तमिल लोगों के लिए नहीं है, उनमें कोई नैतिकता नहीं है।

अब DMK नेता TKS एलंगोवन ने अपने मंत्री के बयान का बचाव करते हुए कहा है कि राम भगवान नहीं थे, बल्कि मनुष्य थे। उन्होंने राम को ‘कृष्ण का अवतार’ बताया, जबकि राम और कृष्ण दोनों ही विष्णु के अवतार थे। उन्होंने कहा कि मंत्री SS शिवशंकर ने ये नहीं कहा कि कोई राम को न मानें। उन्होंने कहा कि DMK एकमात्र पार्टी है जो 90% हिन्दुओं के भले के लिए काम कर रही हैं जिनका धार्मिक लोगों ने शोषण किया, उन्हें मंदिर में घुसने की इजाजत नहीं थी। TKS एलंगोवन ने OBC और SC/ST की बात करते हुए कहा कि हम हिन्दू परंपराओं के खिलाफ लड़ रहे हैं।

मोईद खान की बेकरी पर चला योगी का बुलडोजर, OBC बच्ची के रेप के मामले में एक्शन: परिवार से मिल कर रो पड़े मंत्री संजय निषाद

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में OBC समाज की नाबालिग लड़की से गैंगरेप करने वाले सपा नेता मोईद खान के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार (3 अगस्त 2024) की दोपहर मोईद खान की बेकरी की दुकान पर बुलडोजर पहुँच चुका है और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, प्रशासन उसकी कई अन्य सम्पत्तियों की भी जाँच में जुटा है।

इस बीच आज़ाद निषाद पार्टी से विधायक और योगी आदित्यनाथ की सरकार में मंत्री संजय निषाद पीड़िता के घर पहुँचे। वो वहाँ फूट-फूट कर रोए और उन्होंने पीड़ित परिवार को आरोपितों पर कठोर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को अयोध्या के प्रशासनिक अधिकारी पूराकलंकदर थाना क्षेत्र के भदरसा में मोईद खान की बेकरी शॉप पर पहुँच गए थे।

प्रमुख अधिकारियों के पहुँचने और कुछ देर की कागजी कार्रवाई करने के बाद मौके पर बुलडोजर आया। बुलडोजर ने मोईद खान द्वारा करवाए गए कई अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया है। इस बीच मोईद की बेकरी को सील करके वहाँ ताला लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा उपायुक्त ने मोईद खान की बेकरी का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। बेकरी से कुछ ही दूर पर मोईद खान का घर है।

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, बेकरी शॉप को ढहाने से पहले उसमें रखे बिस्किट आदि को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद शॉप को सील किया गया। इसके बाद में अवैध तौर पर बने मकान के कुछ बाहरी और आंतरिक हिस्सों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई की जद में आई सम्पत्ति की अनुमानित लागत लाखों रुपयों में बताई जा रही है।

गैंगरेप का मुख्य आरोपित मोईद खान का घर और बेकरी मिश्रित आबादी वाले इलाके में है। यानी इस इलाके में हिंदू और मुस्लिमों की आबादी लगभग बराबर है। इस वजह से वहाँ प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। फिलहाल प्रशासन मोईद खान की अन्य नामी और बेनामी सम्पत्तियों की टोह ले रहा है। इसके साथ ही उसके नजदीकियों की थी थाह ले रहा है।

सपा सांसद ने दिया मोईद का साथ

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और आज़ाद निषाद पार्टी के विधायक संजय निषाद ने पीड़िता के परिजनों से मुलाक़ात की। उन्होंने आरोप लगाया है कि अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने रेप के आरोपित मोईद खान की प्रशासन में पैरवी की, जिसकी वजह से केस दर्ज होने में देरी हुई। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यालय के आगे धरना देने का एलान किया है।

उन्होंने पीड़िता के परिवार की कानूनी लड़ाई में हर सम्भव मदद करने का भी भरोसा दिया है। संजय निषाद ने मीडिया से भी इस लड़ाई में मदद की आशा जताई है। मंत्री संजय निषाद के इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मोईद खान पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए वो तमाम मीडियाकर्मियों के आगे फूट-फूट कर रोने लगे। वहाँ मौजूद लोगों ने सपा के खिलाफ नारेबाजी की।

राहुल-प्रियंका की चुप्पी पर सवाल

इस बीच कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व नेता प्रमोद कृष्णम ने अयोध्या की नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी पर राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा की ख़ामोशी पर सवाल उठाए हैं। प्रमोद कृष्णम ने कहा कि डिम्पल यादव ने भी इस मामले में चुप्पी साध रखी है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, वामपंथी दलों और कॉन्ग्रेस के छद्म सेक्युलरिज़्म पर को एकतरफा हिन्दू विरोधी करार दिया है।

प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपील की है कि वो इंसानियत को सियासत से ऊपर रखें और मोईद खान को अपनी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएँ। बताते चलें कि नाबालिग पीड़िता से गैंगरेप के बाद इस केस में उस पर सुलह का दबाव बनाने वाले समाजवादी पार्टी के नेता राशिद खान पर कुछ अन्य सहयोगियों के साथ पुलिस ने FIR दर्ज करा दी है।

इन सभी पर आरोप है कि सपा से जुड़े तीनों आरोपितों के अस्पताल में जाकर लड़की को जान से मारने की कोशिश की। इतना ही नहीं, पूराकलंदर थाने के एसएचओ रतनलाल शर्मा और चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर मोईन खान को बचाने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल ने एसएसपी और जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी थी।

सिर्फ आरोप से राजनीति नहीं, DNA टेस्ट कराओ… अयोध्या में बलात्कार, अखिलेश यादव का ट्वीट, फिर कर दिया एडिट: क्या सन्देश देना चाह रही सपा?

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सपा नेता मोईद खान और उसके नौकर राजू खाँ द्वारा बेकरी की दुकान में निषाद समाज की एक बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार की खबर आई। वहीं एक अन्य सपा नेता राशिद खान ने पीड़ित को जान से मार डालने की कोशिश की। मोईद खान फैज़ाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी है, जिन्हें विपक्षी नेता ‘अयोध्या का राजा’ कह कर संबोधित करते हैं। उसकी संपत्ति पर अब योगी सरकार का बुलडोजर चला है। अब यूपी में अयोध्या के बाद जौनपुर से रेप की खबर आई है, जिसके बहाने अखिलेश यादव राजनीति खेल रहे हैं।

अखिलेश यादव के इस ट्वीट को लोग अयोध्या वाले मामले से भी जोड़ कर देख रहे हैं। इसका कारण ये है कि उन्होंने इस ट्वीट में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है और जिस तरह से वो अयोध्या वाली घटना को लेकर चुप हैं, वो उनकी दोहरी रणनीति को दिखाता है। बता दें कि जौनपुर में दलित समाज की एक लड़की से 9 घंटे तक चलती कार में गैंगरेप का आरोप लगा है। पीड़िता सड़क के किनारे खून से लथपथ पाई गई। उसका कहना है कि 3 बदमाशों ने उसका अपहरण किया था।

अब अखिलेश यादव ने जो ट्वीट किया वो देखिए, “कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका DNA टेस्ट कराकर इंसाफ़ का रास्ता निकाला जाए, न कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए। जो भी दोषी हो उसे क़ानून के हिसाब से पूरी सज़ा दी जाए, लेकिन अगर DNA टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए। यही न्याय की माँग है।” अखिलेश यादव की इस ट्वीट का जब विरोध होने लगा, तब उन्होंने एडिट कर के इसमें जौनपुर की खबर का स्क्रीनशॉट लगा दिया।

जैसा कि आपने देखा, ‘DNA TEST’ इस ट्वीट में दो-दो बार कैपिटल लेटर में लिखा हुआ है, यानी इस शब्द पर जोर दिया गया है। दूसरी बात, वो कह रहे हैं कि सिर्फ आरोप लगा कर राजनीति न की जाए। क्या अखिलेश यादव का इशारा कहीं और है, लोग सवाल पूछ रहे हैं। जौनपुर वाले मामले में पीड़िता के पिता भाजपा के ही नेता हैं। अब तक रेप की पुष्टि नहीं हुई है, मेडिकल टेस्ट के बाद आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकेगा। बच्ची के साथ मारपीट की बात पुलिस ने कबूली है।

चारों तरफ चर्चा में अयोध्या की घटना है, इसी बीच सपा के मुखिया का ट्वीट आता है, विरोध होने के बाद ट्वीट एडिट कर के जौनपुर वाली खबर लगा दी जाती है – इसे क्या समझा जाए? क्या अखिलेश यादव सिर्फ इसीलिए अयोध्या वाले मेल पर चुप हैं और उस पर अपने रुख को दर्शाने के लिए जौनपुर के एक अलग मामले को अपने बयान से जोड़ रहे हैं क्योंकि आरोपित मुस्लिम समुदाय से हैं और पीड़िता हिन्दू निषाद समाज से है? बता दें कि कभी उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने रेप की एक घटना को लेकर ‘लड़के हैं, गलती हो जाती है’ वाला बयान दिया था। अब अखिलेश यादव ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया है।

फारूक, खालिद, रहमत, इरशाद, सैफ, नजम… आतंकियों की फंडिंग कर रहे थे 5 पुलिसकर्मी और 1 शिक्षक, LG ने किया बर्खास्त: कश्मीर में अब तक 70 ‘सरकारी गद्दार’ हटाए गए

जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 6 ऐसे सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जो आतंकियों के साथ मिल कर काम कर रहे थे। ये पूरा का पूरा गिरोह आतंकी फंडिंग से जुड़ा हुआ था। ये ड्रग्स का धंधा कर के उन पैसों से आतंकियों की मदद करते थे। इसीलिए, इन सभी कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ये सब पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI द्वारा बनाए गए टेरर नेटवर्क से जुड़ा होगा।

जिन सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें 5 पुलिसकर्मी और एक शिक्षक शामिल है। पाकिस्तान ने पंजाब की तरह ही जम्मू कश्मीर में भी युवाओं को ड्रग्स का आदी बनाने की साजिश कर रखी है, जिसके तहत प्रदेश में ड्रग्स की सप्लाई की जाती है और इस अवैध धंधे से हुई कमाई का इस्तेमाल आतंकी वारदातों के लिए की जाती है। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) में निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पद से उठाया है।

जिन सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें शामिल हैं – कॉन्स्टेबल फारूक अहमद शेख, खालिद हुसैन शाह, रहमत शाह, इरशाद अहमद चाकू, सैफ दीन और सरकारी शिक्षक नज़म दीन। संविधान में उपर्युक्त अनुच्छेद के तहत प्रावधान है कि अगर कोई देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता है तो राष्ट्रपति या LG बिना किसी जाँच के उसे तत्काल सेवा से हटा सकते हैं। 2019 में अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद से लेकर अब तक 70 ऐसे गद्दार कर्मचारी बर्खास्त किए जा चुके हैं।

जून 2024 में भी ऐसे 4 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी। इनमें भी 2 पुलिसकर्मी शामिल थे। इनमें कॉन्स्टेबल मुख़्तार अहमद पीर और इम्तियाज अहमद लोन के अलावा शिक्षा विभाग में बतौर जूनियर असिस्टेंट कार्यरत रहे अहमद मीर और ग्रामीण विकास विभाग के मोहम्मद ज़ैद शामिल थे। पाकिस्तान से बड़े पैमाने में ब्राउन शुगर और हेरोइन जम्मू कश्मीर में तस्करी कर के लाई जा रही है। फारूक अहमद शेख 2000 से ही सेवा में था और कुपवाड़ा में पदस्थापित था, खालिद हुसैन शाह 2009 से वहीं ड्यूटी में था, वहीं इरशाद अहमद चालकू 2009 से अनंतनाग में पदस्थापित था, नज़म दीन 2006 से ही पुँछ में काम कर रहा था और सैफ दीन तो 1995 से ही पुलिस में था। इन सबके पास से ड्रग्स भी बरामद हुए हैं।

बस में हनुमान जी की फोटो देख भड़का कट्टर मुस्लिम, कर्नाटक सरकार कराएगी जाँच: मुस्लिम तुष्टिकरण के बाद अब हिंदू-घृणा पर उतरी कॉन्ग्रेस सरकार

कर्नाटक में अभी कॉन्ग्रेस की सरकार है। मतलब मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर। और यह सिर्फ आरोप नहीं है, ना ही किसी राजनीतिक दल ने ऐसा आरोप लगाया है। मुस्लिम तुष्टिकरण सच में वहाँ किया जा रहा है, वो भी विभागीय स्तर पर। एक सरकारी बस पर बजरंग बली की फोटो क्यों और कैसे लगी, किसने लगाई… ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अब इसकी जाँच करेगी।

KA-10 F-0455, यह एक बस का नंबर है। कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC: Karnataka State Road Transport Corporation) की यह बस गुंडलूपेट से चिकमगलूर तक चलती है। इस बस पर बजरंग बली की फोटो क्यों लगी, विभाग अब इसकी जाँच करेगा।

बजरंग बली की फोटो से दिक्कत किसे? क्यों कर्नाटक का ट्रांसपोर्ट विभाग इसकी जाँच करने जा रहा? यह सब हुआ आरिफ अरवाह नाम के एक कट्टर इस्लामी की वजह से। 31 जुलाई 2024 को आरिफ को यह बस दिख गई। उसने इसकी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। साथ ही KSRTC को टैग करके उसने हनुमान जी की फोटो से संबंधित सवाल भी पूछ लिया।

हिंदू-घृणा से सना कोई कट्टर मुस्लिम हनुमान जी की फोटो देखे और फट पड़े, यह आश्चर्य की बात नहीं। लेकिन खबर यह है कि ऐसे कट्टर मुस्लिम और उसकी सोच को कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की तरफ से जवाब भी मिला। जवाब भी ऐसा, जिससे हिंदू-घृणा की बू आए।

आरिफ अरवाह के ट्वीट पर KSRTC ने जवाब दिया, “आपने जो पोस्ट किया, उसके लिए धन्यवाद। हम इसे (हनुमान जी की फोटो लगे बस को) संबंधित डिपो में फॉर्वर्ड कर रहे हैं, इसकी जाँच करवाएँगे।”

कौन है आरिफ अरवाह?

सोशल मीडिया पर उसने जो प्रोफाइल लगाई है, उसके अनुसार वो चिकमगलूर विधानसभा क्षेत्र में SDPI (Social Democratic Party of India) का महासचिव है। आखिर SDPI क्या है? भारत में जिस आतंकी संगठन PFI को बैन किया जा चुका है, SDPI उसी की राजनीतिक फ्रंट है।

आरिफ अरवाह के एक्स हैंडल पर जो हेडर में लगा फोटो/ग्राफिक्स है, उसमें वो फ्री फिलिस्तीन की उम्मीद लगाए बैठा है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जो डीपी इसने लगाई है, उसमें यह भूख और भय से आजादी की बात करता है। अगर ऐसा है तो हनुमान जी की फोटो देख कर कॉन्ग्रेसी आकाओं तक को क्यों याद करने लगे आरिफ?

कर्नाटक, कॉन्ग्रेस और मुस्लिम तुष्टिकरण

जनता की याददाश्त अपने घर-परिवार संभालने के चक्कर में 2-4-10 दिनों की ही होती है। इसलिए याद दिलाना जरूरी है कि कर्नाटक में मुस्लिम रिजर्वेशन की शुरुआत कॉन्ग्रेस पार्टी ने ही किया था। जब इसे BJP की सरकार ने खत्म कर दिया तो साल 2023 में कॉन्ग्रेस ने इस आरक्षण को फिर से देने की बात अपने मेनिफेस्टो में भी कह डाली थी।

कर्नाटक में 2011 की जनगणना के हिसाब से मुस्लिम कुल जनसंख्या का 12% हैं। आरक्षण के नियमों की कैटेगरी 2B में मुस्लिमों की सभी जातियों को शामिल किया गया है। कैटेगरी 2A में भी मुस्लिमों की 19 जातियाँ हैं। जबकि कैटेगरी 1 में 17 जातियाँ इस्लामी हैं। स्थानीय निकाय के चुनावों में भी जो सीटें OBC समाज के लिए आरक्षित हैं, वहाँ भी मुस्लिमों को चुनाव लड़ने की इजाजत है।

‘मैं भी जींस-टीशर्ट पहन लूँ तो तुम्हारे जैसी बाजारू लड़की मेरे साथ घुमने निकल जाएगी’: लव जिहाद पीड़िता से जज ने पूछे अश्लील सवाल, हो रही निलंबन की माँग

लव जिहाद की शिकार एक हिंदू महिला ने सुनवाई के दौरान अश्लील सवाल पूछने और उसका चरित्र हनन करने का आरोप लगाया था। इसको लेकर महिला संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति ज्ञापन सौंपकर जज के निलंबन की माँग की है। इसके साथ ही रेप की शिकार लव जिहाद पीड़िता ने अपना केस किसी और कोर्ट में ट्रांसफर कराने के लिए इंदौर के सीजेएम (प्रधान न्यायधीश) के यहाँ आवेदन दिया है।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके मामले की सुनवाई के दौरान क्रॉस क्वेशचन करते हुए जज ने उससे अश्लील व्यवहार किया था और उसकी मर्यादा को ठेस पहुँचाई थी। इसको लेकर लड़की ने राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), राष्ट्रीय महिला आयोग और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज को पत्र लिखा था। इसमें महिला ने जज का नाम भी लिखा है।

पीड़िता ने कहा कि उससे सवाल करते समय स्त्री लज्जा का भी ध्यान नहीं रखा गया और उसे बाजारू औरत बता दिया गया। इस दौरान कोर्ट रूम में बैठे हुए लोग ठहाके लगाते रहे और वह शर्म से पानी-पानी होती रही। अपनी शिकायत में पीड़िता ने कोर्ट में पूछे गए सवालों के बारे में बताया है और लिखा कि अगर उसे न्याय नहीं दिया जा सकता है तो उसे इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए।

पीड़िता ने बताया कि सुनवाई के दौरान उसके साथ धोखा देकर रेप करने वाले अशरफ मंसूरी के वकील को सवाल करने थे। इस दौरान जज ने वकील को रोक दिया और कहा, “इस तरह की लड़कियों से क्रॉस क्वेश्चन तो मैं स्वयं करता हूँ।’ उन्होंने सवाल करने से पहले कोर्ट रूम के बंद दरवाजे खुलवा दिए। इसके बाद जज ने पूछा, “एक गाड़ी में कैसे रेप हो सकता है? रेप के बाद तुम्हें रुपए मिल गए थे?”

पीड़िता का कहना है कि जज के सवाल पर उसने अपने वकील के माध्यम से आपत्ति जताई तो जज ने वकील को डाँटकर चुप करा दिया। पीड़िता ने शिकायत में कहा “जज ने कोर्ट रूम का दरवाजा खुलवाकर मेरे बयान लिए। मुझसे ऐसे सवाल पूछे कि सिर शर्म से झुक गया। कोर्ट रूम में मौजूद सभी लोग हँस रहे थे। जज ने मुझे बाजारू लड़की कहा। पूछा कि तुम्हें रेप के बाद पैसे मिल गए कि नहीं‌?”

जज पर सवाल उठाते हुए पीड़िता ने आगे कहा,“उन्होंने खुद के लिए कहा कि मैं भी जींस-टी शर्ट पहनकर निकलूँगा तो तुम्हारे जैसी लड़कियाँ मेरे साथ घूमने निकल जाएँगी। आजकल इस तरह की बाजारू लड़कियों का कोई चरित्र नहीं बचा है और ये रुपए लेने की नीयत से झूठे केस दर्ज कराती हैं। इस तरह के शब्द सुनकर कोर्ट में मौजूद आरोपित के वकील सहित सभी लोग ठहाके मारकर हँस रहे थे।

पीड़िता बोली, “जिन शब्दों के साथ न्यायाधीश महोदय ने मेरे चरित्र और गरिमा का हनन किया है, वह वापस लौटना संभव नहीं है। जिस प्रकार से न्यायाधीश महोदय के द्वारा मेरे साथ अश्लील तरीके से चर्चा की गई है… आरोपित के वकील को जैसा विश्वास दिलाया गया… उससे ऐसा लग रहा है कि मुझे उनके न्यायालय में न्याय नहीं मिलेगा। मुझे न्याय नहीं दिलवा सकते तो इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करें।”

क्या था मामला?

पीड़िता ने बताया था कि साल 2015 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन उसके पति किसी और को प्यार करते थे। इसके कारण दोनों साल 2017 में अलग हो गए। 2019 में ‘हेलो’ ऐप के माध्यम से आरोपित अशरफ मंसूरी उसके संपर्क में आया। अशरफ लगातार युवती को मैसेज भेजता था। के बाद एक दिन युवती ने कहा कि वो उससे दोस्ती नहीं कर सकती क्योंकि वो मुस्लिम है। घरवाले रिश्ते के लिए नहीं मानेंगे।

उस दौरान अशरफ ने उसे बहुत मनाने की कोशिश की, लेेकिन युवती ने साफ मना कर दिया था। कुछ दिन के बाद अशरफ ने आशु नाम से आईडी बनाकर युवती से संपर्क किया। उसने खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती कर ली। धीरे-धीरे दोनों के बीच मुलाकात हुई और रिश्ता आगे बढ़ा। युवती ने कहा कि उसे शादी करनी है टाइम पास नहीं। तब अशरफ ने कहा कि भाई-बहन की शादी के बाद वह शादी करेगा।

अशरफ की सुनकर युवती मान गई। आशु बनकर अशरफ बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ लाकर युवती को घुमाने लगा, दोस्तों के फ्लैट पर ले जाने लगा, संबंध बनाने लगा, मगर एक दिन अचानक उसका फोन बंद हो गया। युवती ने परेशान होकर उसके दोस्त को फोन किया और तब उसे पता चला कि वो आशु नहीं अशरफ मंसूरी है। पीड़िता यह सुन सदमे में आ गई।

कुछ दिन के बार अशरफ का फोन आया तो उसने विरोध किया और अशरफ से बातचीत बंद कर दी। तब अशरफ उसके घर और दफ्तर के बाहर आकर तंग करने लगा। फोटो लीक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। अंत में पीड़िता ने थाने में शिकायत दी। अशरफ के खिलाफ धारा 376, 354, एससी-एसटी एक्ट और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया।

OpIndia इम्पैक्ट: सपा नेता राशिद खान पर FIR, अयोध्या गैंगरेप पीड़िता को जान से मारने की दी धमकी, आरोपित मोईद खान की संपत्ति पर होगा बुलडोजर एक्शन

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी पार्टी नेता मोईद खान द्वारा एक नाबालिग OBC बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में ऐक्शन जारी है। प्रदेश की योगी सरकार ने थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा और चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मोईद खान की संपत्ति की जाँच हो रही है। अब नगर पंचायत अध्यक्ष राशिद खान के खिलाफ भी FIR दर्ज कर ली गई है।

ऑपइंडिया द्वारा लगातार इस खबर को कवर करने के बाद इसके इंपैक्ट दिखने लगे हैं। सरकार एवं प्रशासन इस मामले को बेहद कड़ाई से हैंडल कर रहा है। इसी मामले में अयोध्या के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराई गई है। उसमें कहा गया है कि भरतकुंड भदरसा के नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद राशिद खान ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रेप पीड़िता की हत्या करने की कोशिश की।

थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है, “रेप पीड़िता की हत्या के उद्देश्य से मोहम्मद राशिद अपने साथ जय सिंह तथा एक अज्ञात व्यक्ति को लेकर गुरुवार (1 अगस्त 2024) की रात 11 बजे महिला जिला अस्पताल के कमरे के पास पहुँच गए।” शिकायत में कहा गया है कि इससे पहले भी राशिद ने पीड़िता के घर में घुसकर धमकी दी थी। राशिद भी समाजवादी पार्टी का नेता है।

पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि मोहम्मद राशिद खान ने पीड़िता के घर घुसकर उस पर सुलह करने का दबाव डाला था। उसने धमकी देते हुए कहा था, “सुलह नहीं करोगी तो जान से जाओगी।” इसको लेकर शिकायतकर्ता ने पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR की कॉपी के अनुसार, कोतवाली थाना के प्रभारी अश्विनी कुमार पांडेय ने मोहम्मद राशिद खान एवं जय सिंह तथा एक अज्ञात व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 333 (जबरदस्ती किसी के घर में घुसने) और बीएनएस की धारा 351(3) (आपराधिक धमकी देने) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जाँच SI उमेश वर्मा को सौंपा है।

दरअसल, गैंगरेप पीड़ित नाबालिग लड़की की माँ और पिता ने शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। पूराकलंदर थानाध्यक्ष रतनलाल शर्मा और भदरसा चौकी इंचार्ज अखिलेश गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों ने रेप का मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की थी। इसके अलावा, मुख्य आरोपित मोईद खान की संपत्तियों की भी जाँच के आदेश दिए गए हैं।

आरोप है कि मोईद खान ने तालाब और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इतना ही नहीं, मोईद खान पर यह भी आरोप है कि उसने कई दलित परिवार की जमीनों पर कब्जा कर रखा है। बजरंग दल ने जिलाधिकारी को लिखे गए एक पत्र में कहा है कि भदरसा भाहर में मोईद की बेकरी भी दलित समाज के व्यक्ति जानकी प्रसाद की जमीन पर बनी है, जिसका गाटा संख्या 1675 और 1676 है।

मोईद खान की संपत्तियों की जाँच के आदेश के बाद राजस्व विभाग ने शुक्रवार (2 अगस्त 2024) को उसकी जमीन की पैमाईश शुरू कर दी। कहा जा रहा है कि सपा नेता मोईद खान की बेकरी समेत उसकी कई प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चल सकता है। शनिवार (3 अगस्त) को राजस्व की टीम फिर मोईद खान की संपत्तियों के पास फिर पहुँचकर कार्रवाई कर सकती है।

उधर, बजरंग दल ने मोईद खान और थाना प्रभारी रतनलाल शर्मा की संपत्ति एवं गतिविधियों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। हिंदू संगठन का कहना है कि पीड़िता के परिजनों ने जब रेप की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने आनाकानी की। मोईन खान को पुराकलंदर थाने के प्रभारी रतनलाल शर्मा द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है।

इतना ही नहीं, हिंदू विरोधी गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों को भी रतनलाल शर्मा द्वारा संरक्षण देने का आरोप बजरंग दल द्वारा लगाया गया है। बता दें कि पिछले 12 साल से पुलिस चौकी मोईद खान की प्रॉपर्टी में संचालित हो रहा थी। हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप के बाद ही थाना प्रभारी शर्मा ने मोईद खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बता दें कि सीएम योगी ने गुरुवार (1 अगस्त 2024) को सदन में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था, “ये अपराधी समाज के सबसे बड़े कलंक हैं, कोढ़ हैं और इस कोढ़ को जब तक हटाएँगे नहीं, तब तक उत्तर प्रदेश की स्थिति को ठीक करने में कठिनाई होगी।” विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्यों को जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, “ऐसे अपराधियों को माला पहनाएँगे क्या?”

पेरिस ओलंपिक में गर्मी से परेशान खिलाड़ियों के लिए भारत सरकार ने लगवाए 40 AC, ओलंपिक आयोजन समिति ने नहीं की थी व्यवस्था

ओलंपिक 2024 पेरिस में चल रहा है। दुनिया भर के खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन एक दिक्कत है वहाँ। फिलहाल वहाँ का मौसम बहुत ही गर्म और उमस भरा है। शरीर-तोड़ मेहनत और हद से ज्यादा पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों को ऐसे मौसम में भी एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं मिल रही। पेरिस में ओलंपिक आयोजन समिति ने इसकी व्यवस्था ही नहीं की है। ऐसे में अपने खिलाड़ियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए, भारत सरकार ने खुद के खर्चे पर 40 एसी उपलब्ध कराए हैं।

भारत के खिलाड़ी अपना सारा ध्यान सिर्फ खेल पर लगाएँ, इसके लिए भारत सरकार ने कदम उठाया। भारत के खेल मंत्रालय द्वारा 40 पोर्टेबल एयर कंडीशनर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बाद पेरिस ओलंपिक स्थित खेल गाँव में भारत के खिलाड़ी अपने कमरों में AC की ठंडक लिए आराम करते देखे गए।

मंत्रालय के अनुसार, भारतीय ओलंपिक संघ और फ्रांसीसी दूतावास के साथ चर्चा के बाद पेरिस में ओलंपिक खेल गाँव में एयर कंडीशनर भेजे गए।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, “पेरिस में गर्मी और उमस के कारण ओलंपिक खेल गाँव में खिलाड़ियों के सामने आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, खेल मंत्रालय ने खेल गाँव के उन कमरों में 40 एसी उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जहाँ भारतीय खिलाड़ी ठहरे हुए हैं।”

आपको बता दें कि वर्तमान में पेरिस में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। साथ में उमस भी बहुत है। ऐसे में दुनिया भर से वहाँ गए खिलाड़ियों को बगैर AC बहुत कठिनाई हो रही है। 

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने अब तक 3 पदक जीते हैं। सभी पदक निशानेबाजी में आए हैं।

ताजमहल के अंदर 2 युवकों ने चढ़ाया गंगाजल, दीवार पर लगाया ऊँ का स्टीकर: पुलिस ने हिरासत में लिया, कुछ दिन पहले एक महिला भी लेकर आई थीं काँवड़

आगरा में स्थित ताजमहल को कुछ लोग तेजोमहालय बताते हैं और कहते हैं कि यह जयपुर के राजा मानसिंह का शिवालय था। इसको लेकर अब दो हिंदू युवकों ने ताजमहल में घुसकर अंदर गंगाजल चढ़ाया है। दोनों ने खुद को हिंदू महासभा का बताया है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इससे पहले एक महिला ने ताजमहल में जल चढ़ाने की कोशिश की थी।

ताजमहल में जल चढ़ाने का दोनों युवकों ने वीडियो भी बनाया है। सामने आए वीडियो में दिख रहा कि एक युवक एक लीटर की पानी की बोतल लेकर अंदर जाता है। इस दौरान वह कहता है कि वे अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गए हैं। इसके बाद ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष करते हैं। फिर मकबरे के पास पहुँच कर तहखाने में बोतल से गंगाजल डाल देते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान युवक ने ताजमहल की मुख्य इमारत की दीवार पर ‘ओम’ का स्टीकर चिपकाकर उस पर जल चढ़ा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा में लगी CISF ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। DCP आगरा सिटी सूरज राय ने कहा कि दो युवक वीडियो बनाकर ले गए हैं। उन्होंने कहा कि गंगाजल चढ़ाने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जाँच की जा रही है।

दोनों युवक ने खुद को अखिल भारतीय हिंदू महासभा का कार्यकर्ता बताया है। हिंदू महासभा सहित हिंदू संगठनों का दावा है कि आज का ताजमहल एक शिव मंदिर है, जिसका नाम तेजोमहालय था। इसे शाहजहाँ ने जबरन हथिया लिया है। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया सिंह ने भी दावा किया था कि ताजमहल उनकी प्रोपर्टी है।

प्रिंसेस दीया कुमारी ने मई 2022 में कहा था, “ताजमहल हमारी प्रॉपर्टी है। यह हमारे परिवार के पैलेस की सम्पत्ति पर बना है। शाहजहाँ ने उस समय इस संपत्ति पर कब्जा कर लिया था। जब शाहजहाँ ने इस कब्जा किया था, उस समय देश में मुगल सरकार थी। इसलिए उसका विरोध नहीं किया जा सका। हमारे राजपरिवार के ट्रस्ट में पोथीखाना है। उससे जुड़े तमाम दस्तावेज उसमें मौजूद हैं।”

पिछले दिनों हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीना राठौड़ सोरो से काँवड़ लेकर ताजमहल पहुँची थीं। हालाँकि, पुलिस ने उन्हें पश्चिमी गेट पर ही रोक लिया था। मीना राठौड़ वहाँ करीब चार घंटे तक खड़ी रही थीं। इसके बाद अब शनिवार (3 अगस्त 2024) की सुबह महासभा के मथुरा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम के साथ उनके दो कार्यकर्ताओं ने ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने का दावा किया है।