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SEBI ने भेजा नोटिस तो हिंडनबर्ग ने कोटक को भी लपेटा, धड़ाम हुए बैंक के शेयर: अडानी को बदनाम कर के की थी मोटी कमाई

अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनवर्ग रिसर्च ने साल 2023 में अडानी ग्रुप के खिलाफ एक रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसके बाद अडानी ग्रुप को काफी नुकसान हुआ था। इसका असर भारत के बाजार पर भी पड़ा था। अब इस मामले में सेबी ने अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है और उससे सीधे-सीधे कुछ सवाल पूछे हैं। खास बात ये है कि सेबी ने जो सवाल हिंडनबर्ग रिसर्च ग्रुप से पूछे हैं, हिंडनबर्ग ने उनके जवाब सीधे तौर पर न देकर घुमाकर अपनी बात रखी है, साथ ही अब अडानी ग्रुप के साथ ही एक और ग्रुप-कोटक महिंद्रा ग्रुप को लपेटे में लेने की कोशिश की है। जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई पड़ा है, और कोटक महिंद्रा ग्रुप के साथ ही अडानी के शेयरों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

अडाणी मामले में घसीटा कोटक ग्रुप का नाम

अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग ने सेबी के कारण बताओ नोटिस पर कहा है कि उनसे अडानी ग्रुप के स्टॉक को शॉर्ट करने के लिए अपने निवेशक के एक ऑफ शोर फंड स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया और इस फंड स्ट्रक्चर को बनाने और इसकी देखरेख करने का काम कोटक महिंद्रा बैंक का था। बता दें कि कोटक मंहिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक हैं। ये एक प्राइवेट बैंक और ब्रोकरेज फर्म है।

हालाँकि हिंडनबर्ग ने ये नहीं बताया कि उसने अपनी शॉर्ट सेलिंग जिस इन्वेस्टर के जरिए की, वो कौन है, बल्कि उसने सेबी के नोटिस का सीधे जवाब देने की जगह कोटक महिंद्रा ग्रुप को बीच में घसीटा, साथ ही आरोप भी लगा दिया कि शॉर्ट सेलिंग का सबसे ज्यादा फायदा कोटक महिंद्रा ग्रुप ने उठाया। हिंडरबर्ग रिसर्च ने सेबी पर ही आरोप मढ़ते हुए कह दिया कि सेबी उसे ‘डरा’ रही है और कोटक ग्रुप को बचा रही है।

हिंडनबर्ग ने बताया है कि उसे 46 पन्नों का नोटिस 27 जून को मिला था। उसने सेबी के नोटिस वाले मेल का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। हिंडनबर्ग ने लिखा, “सेबी ने हम पर अधिकार क्षेत्र का दावा करने के लिए खुद को उलझा लिया, लेकिन इसके नोटिस में स्पष्ट रूप से उस पार्टी का नाम नहीं बताया गया जिसका भारत से असल में संबंध है- कोटक बैंक, भारत के सबसे बड़े बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों में से एक, जिसकी स्थापना उदय कोटक ने की थी, इस कंपनी ने हमारे निवेशक पार्टनर के लिए एक ऑफ शोर फंड स्ट्रक्चर बनाया और इसकी देखरेख का काम किया, इस स्ट्रक्चर का इस्तेमाल हमारे निवेशक पार्टनर ने अडानी के खिलाफ़ बेटिंग में किया. लेकिन सेबी ने कोटक का नाम नहीं लिया। उसने केवल के-इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड का नाम दिया और ‘कोटक’ नाम को ‘केएमआईएल’ के शॉर्टफॉर्म नाम से छिपा दिया।”

हिंडनबर्ग ने नोटिस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है।(फोटो साभार : hindenburgresearch)

अपने ब्लॉग पोस्ट में हिंडनबर्ग ने लिखा, “भारत में सबसे शक्तिशाली लोगों की ओर से भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने तथा डराने का प्रयास है।” हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा, “क्या हिंडनबर्ग ने अडानी को नुक़सान पहुँचाने के लिए दर्जनों कंपनियों के साथ काम किया, जिससे करोड़ों डॉलर कमाए? नहीं…हमारे पास एक निवेशक पार्टनर थे और लागतों के बाद हम अदानी ‘शॉर्ट’ पर ‘ब्रेक-ईवन’ से ऊपर नहीं आ पाएँ।” उसने आगे लिखा, “आज तक अडानी हमारी रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का जवाब नहीं दे पाया है। इसके बजाय उन्होंने हर सवाल जो हमने उठाए उसे नजरअंदाज करते हुए मीडिया में हमारी रिपोर्ट का खंडन किया है।”

केएमआईएल का पूरा नाम है कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड है। हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया कि सेबी के कोटक का नाम न लेने के पीछे की वजह शायद बिजनेसमैन को जाँच के दायरे से बचाना हो सकती है।

हिंडनबर्ग ने लिखा, “बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने व्यक्तिगत रूप से सेबी की 2017 की कॉरपोरेट गवर्नेंस समिति का नेतृत्व किया था। हमें संदेह है कि सेबी द्वारा कोटक या कोटक बोर्ड के किसी अन्य सदस्य का उल्लेख न करना शायद एक और शक्तिशाली भारतीय व्यवसायी को जाँच की संभावना से बचाने के लिए किया गया है, एक ऐसी भूमिका जिसे सेबी अपनाता हुआ प्रतीत होता है।”

इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस ने कोटक महिंद्रा ग्रुप से भी संपर्क किया, जिसमें कोटक ग्रुप ने अपना बयान जारी किया है। कोटक ग्रुप ने हिंडनबर्ग रिसर्च से जुड़ी फर्म, इन्वेस्टमेंट के बारे में कोई भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया है। कोटक ग्रुप ने कहा, “के-इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड लिमिटेड (केआईओएफ) एक सेबी पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक है और मॉरीशस के वित्तीय सेवा आयोग द्वारा विनियमित है। विदेशी ग्राहकों को भारत में निवेश करने में सक्षम बनाने के लिए 2013 में इस फंड की स्थापना की गई थी। यह फंड ग्राहकों को जोड़ते समय उचित केवाईसी प्रक्रियाओं का पालन करता है और इसके सभी निवेश सभी लागू कानूनों के अनुसार किए जाते हैं। हमने अपने संचालन के संबंध में नियामकों के साथ सहयोग किया है और ऐसा करना जारी रखेंगे।”

कोटक महिंद्रा इंटरनेशनल लिमिटेड (केएमआईएल) और केआईओएफ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हिंडनबर्ग कभी भी फर्म का ग्राहक नहीं रहा है और न ही वह कभी फंड में निवेशक रहा है। फंड को कभी पता नहीं चला कि हिंडनबर्ग उसके किसी निवेशक का भागीदार था। केएमआईएल को फंड के निवेशक से एक पुष्टि और घोषणा भी मिली है कि उसके निवेश किसी अन्य व्यक्ति की ओर से नहीं बल्कि एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में किए गए थे, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा।

गौरतलब है कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी 2023 में अडाणी ग्रुप पर एक रिपोर्ट जारी की थी और अडानी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाए थे। हिंडनबर्ग ने कहा था कि अडानी ग्रुप के शेयरों को गलत तरीके से अधिक दाम का दिखाया जा रहा है, जबकि अडानी ग्रुप की असली वैल्यूएशन बेहद कम है। हिंडनबर्ग की ये रिपोर्ट अडाणी एंटरब्राइजेज के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर-एफपीओ के ठीक पहले जारी किया गया था, जिसके बाद कंपनी ने अपने एफपीओ को वापस ले लिया था। इस रिपोर्ट की वजह से अडानी के शेयरों के दाम काफी गिर गए थे और अडानी दुनिया के शीर्ष अमीरों की सूची से भी बाहर हो गए थे। हालाँकि मौजूदा समय में अडानी ग्रुप अपने नुकसान की भरपाई करने में सफल हो गया है।

‘परजीवी हो गई है कॉन्ग्रेस, एक जाति को दूसरे से लड़ा कर फैला रही अराजकता’: संसद में PM ने ‘बालक-बुद्धि’ पर सुनाए किस्से, कहा – आदमखोर की तरह कॉन्ग्रेस ने चखा झूठ का लहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय ‘आज़ादी लेकर रहेंगे’ वाला जो विश्वास था, आज देश के कोटि-कोटि जनों में उसी तरह का विश्वास पैदा हुआ है जिस कारण ‘विकसित भारत’ का शिलान्यास इस चुनाव में हो चुका है। संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को कहा कि हमें देश को विकास के नए स्तर पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने जो गति पकड़ी है, अब हमारा मुकाबला उसी स्पीड को और अधिक करने पर है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि देश अब दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, अब इसे तीसरे नंबर पर ले जाएँगे। उन्होंने बताया कि भारत अब मोबाइल फोन का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर है, इस कार्यकाल में सेमीकंडक्टर व अन्य सेक्टरों में हम यही कारनामा करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की मिट्टी में पैदा हुई चिप दुनिया के उपकरणों में होगी। उन्होंने बताया कि अब तक 4 करोड़ ग़रीबों को घर दिया जा रहा है, इस कार्यकाल में 3 करोड़ और लोगों को घर मिलेगा ताकि कोई घर के बिना न रहे।

पीएम मोदी ने इस दौरान महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप के विस्तार का वादा करते हुए कहा कि 3 करोड़ बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में भाजपा द्वारा खाता खोलने का जिक्र किया, तमिलनाडु में कई सीटों पर भाजपा की दमदार उपस्थिति का जिक्र किया और कहा कि कर्नाटक, यूपी और राजस्थान में पिछली बार की तुलना में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है, आने वाले समय में 3 राज्यों में चुनाव है – महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछली विधानसभा चुनाव में भाजपा को जितने वोट मिले थे, इस लोकसभा चुनाव में उससे अधिक वोट मिले। उन्होंने पंजाब में भी बढ़त का जिक्र किया। पीएम मोदी ने विपक्षियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जनता ने इन्हें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया, जिनका काम है कि तर्क खत्म हो जाए तो चीखते-चिल्लाते रहो। उन्होंने याद दिलाया कि इतिहास में पहली बार लगातार तीसरी बार कॉन्ग्रेस 100 का आँकड़ा पार नहीं कर पाई है।

पीएम मोदी ने कहा, “अच्छा होता कि कॉन्ग्रेस अपनी हार स्वीकार कर जनता के आदेश को सर-आँखों पर चढ़ाते हुए आत्ममंथन करती, लेकिन ये तो शीर्षासन करने में लगे हुए हैं। कॉन्ग्रेस और उसका इकोसिस्टम दिन-रात बिजली जला कर हिंदुस्तान के नागरिकों के मन में ये प्रस्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने हमें हरा दिया है। कोई छोटा बच्चा साइकिल लेकर निकला और और अगर वो गिर कर रोने लगता है तो कोई बड़ा व्यक्ति आकर उसे ढाँढस बँधाते हुए कहने लगता है – देखो चींटी मर गई, चिड़िया उड़ गई, तुम बढ़िया साइकिल चलाते हो, तुम गिरे नहीं हो। बच्चे का ध्यान भटका कर उसका मन बहला दिया जाता है। यही चल रहा है।”

पीएम मोदी ने इस दौरान 1994 के चुनाव को याद करते हुए कहा कि उसके बाद 10 चुनाव हुए लेकिन कॉन्ग्रेस 50 के आँकड़े को नहीं छू पाई है, इस बार किसी तरह 99 के चक्कर में फँसी है। उन्होंने एक और किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बालक 99 मार्क्स लेकर घूम रहा था और सबको दिखाता था कि कितने अधिक मार्क्स आए हैं, लोग 99 सुन कर शाबाशी देते थे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब शिक्षक आए और पूछा कि किस बात की ख़ुशी बाँट रहे हो, ये 100 में से नहीं बल्कि 543 में 99 लेकर आया है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब उस बालक बुद्धि को कौन समझाए कि तुमने फेल होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि फर्जी बयानबाजी में कॉन्ग्रेस ने ‘शोले’ फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया है। ‘शोले’ की मौसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तीसरी बार हारे हैं ये बात तो सही हैं, लेकिन मौसी, मोरल विक्ट्री तो है न। अरे मौसी, 13 राज्यों में जीरो सीटें आई हैं पर हीरो तो है न। अरे मौसी, पार्टी अभी भी साँसें तो ले रही है।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पार्टी को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि वो जिस शरीर के साथ रहता है उसको ही खाता है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कॉन्ग्रेस अपनी सहयोगी पार्टियों का ही वोट खा जाती है और उसके बल पर फलती-फूलती है। उन्होंने आँकड़े गिनाए कि जहाँ-जहाँ कॉन्ग्रेस-भाजपा का सीधा मुकाबला था वहाँ कॉन्ग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ और सिर्फ 26% है। जहाँ किसी का पल्लू पकड़ कर चलते थे, वहाँ कॉन्ग्रेस का स्ट्राइक रेट 50% है और 99% से अधिक सीटें उनके सहयोगियों ने उन्हें जिताया है।

पीएम मोदी ने कहा कि 16 राज्यों में जहाँ कॉन्ग्रेस अकेले लड़ी वहाँ उसका वोट शेयर गिरा है। उन्होंने बताया कि गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अपने दम पर लड़ कर कॉन्ग्रेस ने 64 में सिर्फ 2 सीटें जीती हैं। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दक्षिण भारत जाकर उत्तर के खिलाफ बोलते हैं, उत्तर में पश्चिम के खिलाफ बोलते हैं, महापुरुषों के खिलाफ बोलते हैं, भाषा के आधार पर बाँटने की कोशिश की है, जिन नेताओं ने देश को खंडित करने की बात की थी उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी ने संसद का टिकट दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी खुलेआम एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने के लिए काम कर रही है। कॉन्ग्रेस देश में आर्थिक अराजकता फैलाने की दिशा में भी सोची समझी चाल चल रही है। उनके शासन वाले राज्य देश पर आर्थिक बोझ बन जाएँ, ये खेल खेला जा रहा है। इन्होंने घोषणा की थी कि इनके मन मुताबिक परिणाम नहीं आया तो देश में आग लगा दी जाएगी। भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लाकर अराजकता फैलाई गई। CAA को लेकर पूरे इकोसिस्टम ने यही खेल खेला।”

पीएम मोदी ने एक और किस्सा सुनाया – एक बच्चा स्कूल से आकर जोर-जोर से रोने लगा और कहने लगा कि उसे पीटा गया है लेकिन माँ के कहने पर वो कुछ बता नहीं पा रहा था। उन्होंने कहा कि बच्चा ये नहीं बता रहा था कि स्कूल में उसने किसी बच्चे को माँ की गाली दी थी, किसी की किताबें फाड़ दी थी, उसने ये नहीं बताया कि उसने शिक्षक को ‘चोर’ कहा था, वो किसी का टिफिन चुरा कर खा गया था। पीएम मोदी ने कहा कि हमने सदन में यही बचकाना हरकत देखी है।

उन्होंने कहा कि सदन में ‘मुझे इसने मारा, मुझे उसने मारा, मुझे यहाँ मारा, मुझे वहाँ मारा’ का ड्रामा सहानुभूति हासिल करने के लिए चल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि हजारों करोड़ रुपयों की हेराफेरी के मामले में जमानत पर बाहर हैं। उनका इशारा राहुल गाँधी पर था। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी OBC वर्ग के लोगों को चोर बताने के मामले में सज़ा पा चुके हैं, देश की सर्वोच्च अदालत पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के बाद माफ़ी माँगनी पड़ी है।

उन्होंने कहा कि इन पर वीर सावरकर जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी के अपमान का मुकदमा चल रहा है। उन्होंने कहा कि बाल-बुद्धि सदन में किसी को भी आँखें मारने लगते हैं, गले पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश राहुल गाँधी से कह रहा है कि तुमसे ना हो पाएगा। उन्होंने संत तुलसीदास का ‘झूठइ लेना, झूठइ देना, झूठइ भोजन, झूठइ चबेना’ का जिक्र कॉन्ग्रेस के लिए किया। उन्होंने कहा कि आदमखोर जानवर के मुँह पर खून लग जाता है, वैसे ही कॉन्ग्रेस झूठ फैला रही है।

पीएम मोदी ने 1 जुलाई को ‘खटखट दिवस’ बताते हुए कहा कि लोग चेक कर रहे थे कि उनके बैंक खातों में पैसे आए या नहीं, देशवासियों को गुमराह किया गया। EVM, संविधान, आरक्षण, राफेल, HAL, LIC, बैंकों, कर्मचारियों को लेकर झूठ फैलाने का आरोप कॉन्ग्रेस पर लगाया। पीएम मोदी ने सदन की गरिमा से खिलवाड़ को संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए कहा कि सभापति को अब जो हो रहा है और कल जो हुआ है उसे गंभीरता से लिए बिना हम संसदीय लोकतंत्र को रक्षित नहीं कर पाएँगे।

अमन दीक्षित बन देवबंद के मुस्लिम डॉक्टर ने हिंदू महिला से की 5वीं शादी, जबरन इस्लाम कबूल करवा दोस्तों से कराया गैंगरेप: पीड़िता बोली- अपने हाथों से जलाने का हो रहा मन

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ एक शादीशुदा मुस्लिम डॉक्टर ने खुद को अमन दीक्षित बताकर हिन्दू लड़की को पहले प्यार के जाल में फँसाया फिर इस्लाम कबूल करवा दिया। मूलतः कोलकाता निवासी पीड़िता को देवबंद के एक घर में बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई की गई। आरोपित का नाम अहबर हुसैन है। अहबर हुसैन अब तक 5 निकाह कर चुका है जिसमें से 4 बीवियाँ मुस्लिम हैं। सोमवार (1 जुलाई 2024) को पुलिस ने आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

यह घटना सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र देवबंद की है। यहाँ सोमवार को पीड़िता ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता ने बताया कि वो मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली है। वह पहले से शादीशुदा और 7 वर्षीया एक बच्ची की माँ है। यहाँ देवबंद का रहने वाला अहबर हुसैन उसे अमन दीक्षित नाम से मिला था। अमन ने पीड़िता को प्यार के जाल में फँसाया। कोलकाता में ही अहबर ने पीड़िता से हिन्दू विधि-विधान से शादी की। विवाह के फोटो और वीडियो भी पीड़िता ने पुलिस को सबूत के और पर उपलब्ध करवाए हैं। ऑपइंडिया के पास शादी के वीडियो फुटेज मौजूद हैं।

हिन्दू विधि विधान से पीड़िता से शादी करता अहबर हुसैन

दोस्तों से करवया गैंगरेप

शादी के बाद आरोपित डॉक्टर पीड़िता को देवबंद ले आया। यहाँ उसने पीड़िता को एक कमरे में बंद कर दिया। यहाँ वो महिला के साथ रेप करता था। मना करने पर पीड़िता की पिटाई की जाती थी। खाना भी ठीक से नहीं दिया जाता था। आरोपित डॉक्टर ने कमरे में CCTV भी लगवा दिया था जिसके बाद वो पीड़िता की एक-एक हरकत पर नजर रखता था। इस बीच अहबर हुसैन के कुछ दोस्तों ने भी पीड़िता से रेप किया। 25 जून 2023 को हुए इस गैंगरेप में डॉक्टर आरिफ और शहज़ाद के नाम बताए गए हैं। महिला ने अपनी शिकायत में आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

नाबालिग बेटी का भी धर्मान्तरण

देवबंद में ही अहबर हुसैन ने पीड़िता और उसकी 7 वर्षीया नाबालिग बेटी को को इस्लाम कबूल करवा दिया। पीड़िता का दावा है कि वो पश्चिम बंगाल की एक अनपढ़ महिला है जिसे हिंदी भाषा का ठीक से ज्ञान नहीं है। इसी का फायदा उठाकर अहबर हुसैन से उससे कुछ कागजातों पर दस्तखत करवा लिए थे। बाद में इन्हीं कागजातों के आधार पर पीड़िता और उसकी बेटी का आधार कार्ड भी बनवा दिया गया। उसने बताया कि जब तक उसे अहबर हुसैन के मुस्लिम होने का पता चला तब तक वो आरोपित के जाल में फँस चुकी थी।

नाबालिग बेटी सहित पुलिस से न्याय की गुहार

अहबर हुसैन देवबंद के बेबी केयर हॉस्पिटल में बच्चों का डॉक्टर है। महिला ने रोते हुए आगे कहा, “उसे जेल भेजा जाए। नहीं तो हमारे हाथ में दें उसे। हम तो जलाएँगे उसे। हमें बहुत ज्यादा दुःख दिया है उसने।”

नहीं मिला न्याय तो कर लूँगी आत्महत्या

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि अगर आरोपित अहबर हुसैन पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई और चारा नहीं बचेगा। पुलिस ने इस शिकायत पर अहबर हुसैन, शहजाद और डॉक्टर आरिफ को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता IPC की धारा 376 डी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के सेक्शन 5(1) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सहारनपुर के एडिशनल एसपी ने बताया कि केस में जाँच कर के जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

डॉक्टर की मुस्लिम बीवी भी आई सामने

इस बीच डॉक्टर अहबर की पूर्व पत्नी फौजिया भी मीडिया के सामने आई है। मूलतः सहारनपुर की रहने वाली फौजिया ने बताया कि 13 साल पहले उनका निकाह डॉक्टर अहबर हुसैन से हुआ। 4 साल पहले अहबर ने पीड़िता को बेसहारा छोड़ दिया। अब फौजिया अपनी 2 बेटियों का अकेले पालन-पोषण कर रहीं हैं। फौजिया का आरोप है कि उनकी जानकारी में उनका शौहर 5 निकाह कर चुका है। साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इसके अलावा भी अहबर ने चोरी-छिपे कई और निकाह भी किए होंगे। फौजिया भी चाहती हैं कि अहबर को जेल भेजा जाए।

हिन्दू संगठनों ने उठाई कार्रवाई की माँग

इस मामले में बजरंग दल ने भी दस्तक की। सहारनपुर के बजरंग दल पदाधिकारी विकास त्यागी ने बताया कि फिलहाल अहबर हुसैन 2 बीवियों को साथ ले कर देवबंद रह रहा था जिसमें एक हिन्दू पीड़िता भी शामिल हैं। इसकी एक बीवी सहारनपुर के सरसावा, दूसरी इसी जिले के गंगोह और तीसरी के उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होने की आशंका जताई गई है। विकास त्यागी ने अहबर हुसैन के करतूतों की गहराई से जाँच की माँग उठाई है।

‘तुष्टिकरण ने देश को तबाह किया, 2014 से पहले निराशा के गर्त में डूब चुका था देश’: संसद में गरजे PM मोदी, कहा – हिंदुस्तान के कोने-कोने में होते थे आतंकी हमले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का समर्थन करते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विकसित भारत पर बल दिया है। बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी द्वारा हिन्दुओं को हिंसक बताने और भगवान शिव की तस्वीर लहरा कर हिन्दू देवी-देवताओं के ‘अभय मुद्रा’ को इस्लाम और कॉन्ग्रेस के चुनाव चिह्न से जोड़ा। इस कारण संसद का माहौल इस बार गर्म है। पीएम मोदी ने पहली बार चुन कर आए सांसदों के उद्बोधनों की प्रशंसा करते हुए अपने भाषण की शुरुआत की।

पीएम मोदी ने कहा कि वो कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकते हैं, लगातार झूठ चलाने के बावजूद दुनिया के सबसे बड़े चुनाव में उनकी घोर पराजय हुई। इस दौरान विपक्षी दल लगातार हंगामा करने लगे, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने राहुल गाँधी को सदन की गरिमा की याद दिलाई। पीएम मोदी ने कहा कि जनता ने NDA को हर कसौटी पर कसने के बाद ये जनादेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता ने हमारे 10 वर्ष के ट्रैक रिकॉर्ड को देखा, गरीबों के कल्याण के लिए हमारे समर्पण भाव को देखा, हमने ‘जनसेवा ही प्रभुसेवा’ वाले मंत्र को चरितार्थ करते हुए कार्य किया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा से बाहर निकले, यही भाजपा को लगातार तीसरी बार जनता के आशीर्वाद का कारण बना। उन्होंने याद किया कि 2014 में जब पहली बार उनकी विजय हुई थी तब भी उन्होंने कहा था कि हमारा देश को दीमक बन कर खोखला करने वाले भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलेरेंस’ की नीति रहेगी और आज उन्हें गर्व है कि सरकार ने इससे पीड़ित देश के सामान्य मानवी को राहत दी, इसीलिए लगातार तीसरी बार उन्हें आशीर्वाद मिला।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में भारत की साख बढ़ी है, भारत का गौरव-गान हो रहा और भारत की तरफ देखने का रवैया भी गौरवपूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘भारत सर्वप्रथम’ है, हमारी हर नीति-निर्णय-कार्य का एक ही तराजू रहा है – भारत प्रथम। उन्होंने इस दौरान हुए सुधारों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक में ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र को लेकर देश के सभी लोगों का कल्याण करने का प्रयास करती रही है।

पीएम मोदी ने कहा, “हम उन सिद्धांतों को समर्पित हैं, जिसमें भारत के संविधान की आत्मा के अनुसार ‘सर्वपंथ समभाव’ विचार को सर्वोपरि रखते हुए देश की सेवा करने का प्रयास किया। इस देश ने लंबे अरसे तक तुष्टिकरण की राजनीति और शासन का मॉडल देखा, हमने सेक्युलरिज़्म के तहत कार्य किया। हमने तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण किया। इसका अर्थ है – हर योजना का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुँचाना। हम Saturation के सिद्धांत को लेकर चलते हैं, ये सच्चे अर्थ में सामाजिक न्याय है। तुष्टिकरण ने इस देश को तबाह कर के रखा है, हमने ‘जस्टिस फॉर ऑल, अपीजमेंट टू नन’ सिद्धांत का पालन किया।”

पीएम मोदी ने ताज़ा चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए भारत की जनता को परिपक्व, विवेकपूर्ण और उच्च-आदर्शवादी करार दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हमने ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया, जनसामान्य के कल्याण के इरादे के लिए। पीएम मोदी ने कहा कि गाँवों और शहरों के विकास किया जा रहा है। पीएम मोदी ने समझाया कि ‘विकसित भारत’ का अर्थ है कोटि-कोटि नागरिकों को कोटि-कोटि अवसर उपलब्ध हों।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प की पूर्ति के लिए हम पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से भरसक प्रयास करेंगे, हमारा समय का पल-पल और शरीर का कण-कण इसमें लगाएँगे। पीएम मोदी ने 2014 के पहले के दिनों को याद किया, जब देश निराशा के गर्त में डूब चुका था और लोगों ने आत्मविश्वास खो दिया था, देश ने सबसे बड़ा नुकसान यही भुगता था। उन्होंने कहा कि जब विश्वास और आत्मविश्वास खो जाता है तो वो देश-समाज खड़ा नहीं हो सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि तब सब कोई यही कहता था कि इस देश का कुछ हो नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भारतीयों की हताशा उनकी पहचान बन गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौरान सैकड़ों करोड़ के घोटाले हुए, रोज नए घोटालों की खबरें आती थी, वो घोटालों से घोटालों की स्पर्धा का कालखंड था। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे बेशर्मी से स्वीकार कर लिया जाता था कि दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गरीब तक 15 पैसा ही पहुँचता है।

पीएम मोदी ने बताया कि कैसे तब सामान्य नौजवान आशा खो चुका था, गरीब को घर लेना हो तो हजारों रुपए की रिश्वत देनी पड़ती है, बिना घूस दिए गैस के कनेक्शन नहीं मिलते थे, मुफ्त राशन भी नहीं मिलता था, अधिकतर लोग इतने निराश हो चुके थे कि वो अपने भाग्य को दोष देकर ज़िन्दगी काटने के लिए मजबूर हो जाते थे। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जब निराशा के गर्त में डूबा हुआ समाज था तब जनता ने हमें सेवा करने के लिए चुना, ये पल देश के परिवर्तित युग का प्रारंभ था।

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की अनेक सफलताएँ हैं, लेकिन सबसे बड़ी सिद्धि है वो थी देश निराशा ले गर्त में से निकल कर आस्था और विश्वास के साथ खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत का आत्मविश्वास बुलंदी पर पहुँचा और धीरे-धीरे जो लोग पहले कहते थे ‘कुछ नहीं हो सकता’ वो अब कहने लगे कि ‘इस देश में सब कुछ संभव’ है। उन्होंने कहा कि देश आज गौरव से कहता है – भारत कुछ भी कर सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि कोयला घोटालों में बड़े-बड़ों के हाथ काले हो गए थे, आज कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड बन रहा है।

उन्होंने ‘फोन बैंकिंग’ से हुए घोटालों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे बैंकों का पैसा लूट लिया गया था, लेकिन 2014 के बाद दुनिया की अच्छी बैंकों में भारत की बैंकों का स्थान बना, सर्वाधिक मुनाफा करने वाली भारत की बैंकें बन गईं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आतंकी आकर जान-जहाँ चाहे हमला कर देते थे, अब 2014 के बाद का हिंदुस्तान घर में घुस कर मारता है, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक करता है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि वोट बैंक की राजनीति को हथियार बनाने वालों ने जम्मू कश्मीर के लोगों के अधिकार छीन लिए, भारत की संविधान वहाँ की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता था और यहाँ संविधान सर पर रख कर के नाचने वाले लोग वहाँ संविधान लागू करने का हौसला नहीं रखते थे। उन्होंने कहा कि आज जम्मू कश्मीर भारत के संविधान में भरोसा है, पत्थरबाजी बंद है। पीएम मोदी ने कहा कि इस विश्वास ने विकास के ड्राइविंग फोर्स का काम किया है।

TMC के गुंडों ने मुझे नंगा कर पीटा, ममता की पुलिस पर भरोसा नहीं: कूचबिहार की पीड़िता, राज्यपाल से मुलाकात के बाद न्याय की जागी आस

पश्चिम बंगाल में जंगलराज रुक नहीं रहा है। उत्तरी दिनाजपुर में एक महिला को सड़क पर कोड़े मारे जाने का वीडियो आने के बाद अब कूचबिहार की महिला भाजपा कार्यकर्ता ने नंगा कर पीटने का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। महिला ने कहा है कि उसे राज्य की TMC सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है। पीड़िता से राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुलाक़ात कर न्याय का भरोसा दिया है।

पीड़िता ने मीडिया से बात करते हुए कह़ा, “TMC के लोगों ने मुझे पीटा। मुझे वहाँ नंगा कर पीटा गया। मुझे ममता बनर्जी और पुलिस पर बिलकुल भरोसा नहीं है। मैं स्वयं भाजपा से जुड़ी हुई हूँ। मुझे राज्यपाल से मिलने के बाद न्याय मिलने का पूरा भरोसा है।”

महिला ने यह बयान कूचबिहार में बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मिलने के बाद दिया है। बंगाल के राज्यपाल कूचबिहार में उसके बाद उत्तरी दिनाजपुर में सार्वजनिक रूप से पीटे गए महिला और पुरुष से भी मुलाक़ात की। राज्यपाल बोस ने उन्हें न्याय का भरोसा दिया।

गौरतलब है कि गुरुवार (27 जून, 2024) को मुस्लिम महिला को भाजपा का समर्थन करने के कारण उसे गुंडों ने निर्वस्त्र कर 1 किलोमीटर तक घसीटा था 1 घंटे लगातार उसे पीटते रहे थे। यह घटना पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथा भंगा-II ब्लॉक के रुईडांगा गाँव में हुई थी। पीड़िता का अब मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पीड़िता ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज करवाई है। उसने कहा है कि 4 जून, 2024 के बाद TMC के कार्यकर्ताओं ने उसके घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। उसको पार्क से घर वापस जाने के दौरान निशाना बनाया गया। TMC के गुंडों के एक समूह ने उस पर हमला किया, उसके कपड़े फाड़ दिए और फिर नदी में फेंक दिए।

TMC के गुंडों ने यह धमकी दी है कि यदि महिला कार्यकर्ता ने दोबारा निकलने की हिम्मत की तो उसका घर तोड़ दिया जाएगा। कूचबिहार पुलिस ने इस मामले में अभी तक शफीकुल समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि बंगाल के हर गाँव में संदेशखाली बन चुका है।

मंदिर में पूजा, गजानन से आशीर्वाद: एक और धमाकेदार फिल्म ‘द इंडिया हाउस’ की शूटिंग शुरू, एक्टर राम चरण ने वीडियो शेयर कर जाहिर की खुशी

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर धमाकेदार फिल्म के लिए शूटिंग शुरू हो गई है। फिल्म का नाम ‘द इंडिया हाउस’ है। इस फिल्म में निखिल सिद्दार्थ और अनुपम खेर नजर आएँगे। फिल्म की शुरुआत हम्पी में हुई है जिसकी जानकारी फिल्म साउथ एक्टर राम चरण ने खुद दी है।

‘द इंडिया हाउस’ फिल्म के जरिए राम चरण फिल्म प्रोडक्शन में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उन्होंने फिल्म शुरू होने पर पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही पूजा सेरेमनी की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा की। ‘कार्तिकेय 2’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ के अलावा ‘टाइगर नागेश्वर राव’ जैसी फ़िल्में बना चुके अभिषेक अग्रवाल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर इस फिल्म को बना रहे हैं। अभिषेक अग्रवाल राष्ट्रवादी कंटेंट के लिए जाने जाते हैं।

ये पूजा हम्पी के विरुपाक्ष मंदिर में आयोजित हुई थी। इसमें फिल्म से जुड़े लोगों को भगवान का आशीर्वाद लेते देखा जा सकता है। वीडियो में एक हाथी सभी को माला पहनाकर उन्हें आशीर्वाद देता दिखता है। इस वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। वहीं आने वाली फिल्म के लिए शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

एक्स पर टीम को बधाई देते हुए राम चरण ने लिखा, “ग्लोबल ऑडियंस के लिए एक भारतीय कहानी #TheIndiaHouse को लेकर आने के लिए बेहद उत्साहित हूँ।” मुझे विश्वास है कि इस प्लैनेट पर हर किसी को फिल्म पसंद आएगी।

बता दें कि द इंडिया हाउस एक पैन इंडिया फिल्म है। इसमें नजर आने वाले निखिल पहले कार्तिकेय-2 में नजर आ चुके हैं। ऐसे में राम चरण के फैंस और निखिल सिद्धार्थ दोनों के फैंस को फिल्म आने का इंतजार है।

अयोध्या धाम पर राहुल गाँधी के हर झूठ का CM योगी आदित्यनाथ ने किया फैक्ट चेक, कहा- प्रभावितों को ₹1733 करोड़ मुआवजा मिला: कॉन्ग्रेस को बताया झूठ का पुलिंदा

कॉन्ग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने अयोध्या में विकास कार्यों के दौरान लोगों को बेघर करने और मुआवजा न देने की बात फर्जी बातें कहकर सरकार को घेरने की कोशिश की थी, जिसे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरी तरह से खारिज कर दिया और राहुल गाँधी के फर्जी दावों को पोल खोल दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में मुआवजा न देने के राहुल गाँधी के बयान को भ्रम फैलाने वाला और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने अयोध्या के हर काम के दौरान दिए गए मुआवजे की पूरी जानकारी भी दी। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 1733 करोड़ रुपए तो सिर्फ मुआवजे में दिए गए हैं।

सीएम योगी ने दिया मुआवजे का ब्यौरा

राहुल गाँधी और विपक्ष के दावों का खंडन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दिए गए मुआवजे के आँकड़े विस्तार से दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर और उसके आसपास विभिन्न विकास परियोजनाओं से विस्थापित व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में 1,733 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

  • भक्ति पथ से प्रभावित आवासीय घरों के लिए ₹23.66 करोड़।
  • हेलीपैड और सड़क परियोजना के लिए ₹119.20 करोड़।
  • एनएच 227बी परियोजना के लिए ₹21.09 करोड़।
  • अयोध्या बाईपास (रिंग रोड) के लिए ₹295 करोड़।
  • आवासीय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए ₹114.69 करोड़।
  • राम जन्मभूमि से संबंधित विस्थापितों के लिए ₹14.12 करोड़।
  • पंचकोसी परिक्रमा पथ के लिए ₹29 करोड़।
  • एनएच 330ए के निर्माण के लिए ₹163.90 करोड़।
  • रुदौली-रोजागाँव रेलवे स्टेशन दोहरीकरण परियोजना के लिए ₹35.03 लाख।

सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने इस प्रक्रिया में अपनी जमीन, दुकान या घर खोने वाले सभी प्रभावित व्यक्तियों को पर्याप्त मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की दुकानें चली गईं, लेकिन उनके पास पुनर्निर्माण के लिए जमीन नहीं थी, उन्हें दूसरी जगह पर जमीन भी दी गई है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में कुल 21,548 व्यक्तियों को मुआवजा दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज जब अयोध्या पुनः अपना गौरव स्थापित कर रही है और पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है, तो कॉन्ग्रेस इसे अच्छा कैसे मान सकती है? कॉन्ग्रेस झूठ का पुलिंदा है। सच्चाई यह है कि अयोध्या के लोगों को 1,733 करोड़ रुपए सिर्फ मुआवजे के रूप में दिए गए हैं। रामपथ हो, भक्तिपथ हो, जन्मभूमि पथ हो या फिर एयरपोर्ट, जिनकी जमीन, दुकान और मकान इसमें शामिल थे, उन्हें मुआवजा दिया गया है। जिनके पास पीछे दुकान बनाने के लिए जगह थी, उनकी दुकानें बनाई गईं और जिनके पास जगह नहीं थी, उन्हें मल्टीलेवल कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानें देने का काम आगे बढ़ाया गया।”

सीएम योगी ने राहुल गाँधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे जानबूझकर जनता को गुमराह करने और अयोध्या की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी पर ऐतिहासिक रूप से पवित्र शहर के विकास की उपेक्षा करने और इसके सांस्कृतिक महत्व का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने शासन के दौरान अयोध्या को “निर्वासित” कर दिया और सरयू नदी को खून से रंग दिया।

माफी माँगें राहुल गाँधी: सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गाँधी से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगने की माँग की। उन्होंने राहुल गाँधी के बयान को भारत के लाखों हिंदुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाने वाला बताया। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता से अपनी अपरिपक्व टिप्पणियों के लिए माफ़ी माँगने के लिए कहा, साथ ही कहा कि ऐसे बयानों से राहुल की समझ और नेता के रूप में परिपक्वता की कमी का पता चलता है।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म भारत की पहचान और आत्मा का अभिन्न अंग है। यह जाति और समुदाय से परे है। तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होने के लिए कॉन्ग्रेस की आलोचना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि राहुल गाँधी से बेहतर उम्मीद रखने वालों को अब उनकी अपरिपक्वता को पहचानना चाहिए।

अयोध्या पर संसद में राहुल गाँधी का झूठा बयान

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने “धन्यवाद प्रस्ताव” वक्तव्य के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने कहा था, “मोदी ने अयोध्या के लोगों में डर पैदा किया, उन्होंने उनकी ज़मीन छीन ली। उनके घर तोड़ दिए और अयोध्या के ग़रीबों और किसानों को मंदिर के उद्घाटन में शामिल नहीं होने दिया। लोगों ने उन्हें सही संदेश दिया।”

राहुल गाँधी की टिप्पणियों को बीजेपी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। यही नहीं, राहुल गाँधी ने अपने बयान के दौरान हिंदुओं को हिंसक तक कह दिया था, जिसपर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह तक को आपत्ति जताना पड़ा।

रग-रग हिन्दू मेरा परिचय… राहुल गाँधी-अखिलेश यादव को एक साथ धोने वाले संतोष पांडेय कौन? पूछा – प्रवीण नेट्टारू और कन्हैया लाल को काटने वाले कौन थे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले संसद सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने संपूर्ण हिन्दू समाज को हिंसक बता दिया। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने इस दौरान भगवान शिव की तस्वीर दिखाई और कहा कि वो त्रिशूल का उपयोग नहीं करते बल्कि उसे जमीन में गाड़ कर रखते हैं। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव से भाजपा के सांसद संतोष पांडेय ने उनके इस प्रोपेगंडा का करारा जवाब दिया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

संतोष पांडेय ने कहा कि सोमवार (1 जुलाई, 2024) को रात के 12 बजे तक संसद चला और राहुल गाँधी ने जिस तरह की बातें की, इसके अगले दिन अखिलेश यादव ने शेरो-शायरी से बातचीत की, उसका जवाब देते के लिए भी वो शायरी का इस्तेमाल करना चाहते हैं। संतोष पांडेय ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए शबीना अदीब की गजल की पंक्तियाँ पढ़ीं – “जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई नई है।”

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने बार-बार भगवान शिव की तस्वीर दिखाई, वो भगवान भोलेनाथ हैं, भगवान शंकर हैं, ये कॉन्ग्रेस की फितरत है कि उसके पूर्व मुख्यमंत्री (भूपेश बघेल) जिन्हें छत्तीसगढ़ की जनता ने निपटा दिया और जो लोकसभा में निपट गए, वो ‘महादेव’ के नाम से सट्टा चला रहे थे। उन्होंने ‘महादेव’ सट्टेबाजी एप घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि ये 6000 करोड़ रुपए का था और इसका संचालन भूपेश बघेल कर रहे थे। संतोष पांडेय ने चेताया कि भगवान शिव को मजाक में न लें और बार-बार उनका चित्र दिखाने की कोशिश न करें।

बता दें कि ‘महादेव’ सट्टेबाजी एप घोटाले के तार छत्तीसगढ़ से लेकर दुबई तक गए थे। इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यंत्री भूपेश बघेल, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के अलावा 16 अन्य के नाम FIR में आए थे। आरोप लगा कि UAE स्थित ‘महादेव’ सट्टेबाजी एप के प्रमोटरों से भूपेश बघेल ने CM रहते 508 करोड़ रुपए लिए। इस एप को बनाने वाला सुआरभ चंद्राकर भिलाई का रहने वाला है। इस मामले में रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, साहिल खान, संजय दत्त, बादशाह, तमन्ना भाटिया, कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी और हिना खान जैसों का नाम भी आया था, जिन्हें कार्यक्रमों में बुलाया गया था।

संसद में बोलते हुए संतोष पांडेय ने आगे कहा, “राहुल गाँधी ने जो शुरुआत की है, जिस तरह हिंदुत्व और BJP को हिंसक कहा था, उनसे मेरे कुछ सवाल हैं। क्या हिन्दू हिंसक हो रहा है? भाजपा हिंसा की बात करती है? हिंदुस्तान में हिंसा कौन फैला रहा है, हिन्दू कितना हिंसक है – पूरा भारत जानता है। कर्नाटक में BJYM कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू और राजस्थान के टेलर कन्हैया लाल की गला रेत कर हत्या हिन्दू समाज ने की है? जम्मू कश्मीर में बम विस्फोट करने वाले कौन से समाज के हैं?”

बता दें कि कर्नाटक में PFI के गुर्गों ने प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से काट डाला था। दक्षिण कन्नड़ में हुई ये घटना प्रतिबंधित संगठन द्वारा 2047 तक भारत में इस्लामी राज्य की स्थापना के लक्ष्य के तहत थी। तुफैल MH और मुहम्मद जाबिर जैसे इसमें गिरफ्तार हुए थे। वहीं भाजपा की प्रवक्ता (अभी निलंबित) नूपुर शर्मा ने TV पर एक बहस के दौरान हदीथ में लिखा एक अंश बताया था जिसके बाद उनका एडिटेड वीडियो शेयर कर मुस्लिमों को भड़काया गया। उनका समर्थन करने पर उदयपुर में कन्हैया लाल का ‘सर तन से जुदा’ कर दिया गया। उनका बेटा 2 साल बाद भी न्याय के इंतज़ार में है, वो चप्पल नहीं पहनता

संतोष पांडेय ने आगे पूछा कि समाज के अंदर चिल्ला-चिल्ला कर ‘फिलिस्तीन ज़िंदाबाद’ का नारा लगाने वाले किस समाज के हैं? उन्होंने संसद की परंपराओं को तोड़ने की कोशिश पर प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे तत्व सफल नहीं होंगे। बता दें कि शपथग्रहण के दौरान हैदराबाद से AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘फिलिस्तीन ज़िंदाबाद’ का नारा लगाया था और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ कहा था। संतोष पांडेय ने इस दौरान सपा सांसद इमरान मसूर द्वारा छत्तीसगढ़ में मॉब लिंचिंग के आरोप लगाए जाने का भी विरोध किया।

बता दें कि सहारनपुर के जिन 2 लोगों की रायपुर में मॉब लिंचिंग हुई थी, उन पर गौ-तस्करी में लिप्त होने के आरोप लगे थे। कॉन्ग्रेस वालों ने उनसे परिजनों से मुलाकात भी की थी। संतोष पांडेय ने पूछा कि ऐसे लोग छत्तीसगढ़ में क्या करने गए थे? उन्होंने इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘रग-रग हिन्दू मेरा परिचय’ की पंक्तियाँ भी पढ़ीं और कहा कि हिन्दू व हिंदुस्तान अलग नहीं हैं। संतोष पांडेय ने राहुल गाँधी पर पूरे हिंदुस्तान को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया।

उन्होंने पिछले 10 वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों और ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर में असंभव को संभव किया गया। उन्होंने चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे पुल का जिक्र करते हुए कहा कि ये 8वाँ अजूबा है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ ‘कश्मीर से कन्याकुमारी’ का नारा लगता था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सार्थक किया है। बता दें कि ये पुल एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।

संतोष पांडेय ने कहा कि उस दौरान विदेशी विशेषज्ञ कहते थे कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाला भारत इस महामारी से कैसे निकलेगा, लेकिन पीएम मोदी ने वैक्सीन का निर्माण कराया, वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन दिया, लोगों को राशन मुहैया कराया गया और 300 करोड़ टीके की डोज दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्षी लोग विदेशी कंपनियों की वकालत कर रहे थे और स्वदेशी वैक्सीन का विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने सेन्ट्रल विस्टा का भी विरोध किया। कोविड के दौरान PPE किट के निर्माण, ऑक्सीजन प्लांट्स के निर्माण और टेस्टिंग सेंटरों के निर्माण का जिक्र भी किया।

संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन को ‘अंत्योदय की सरकार’ बताते हुए कहा कि रक्षा, शिक्षा और पेयजल के क्षेत्र में भी इस सरकार ने सर्वांगीण उन्नति का कार्य किया था। संतोष पांडेय लगातार दूसरी बार राजनांदगाँव से सांसद बने हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 44,411 वोटों से हराया। 2019 में उन्होंने कॉन्ग्रेस के ही भोलाराम साहू को 1,11,966 मतों से परास्त किया था। अब उन्होंने संसद में राहुल गाँधी के हिन्दू-विरोध की बखिया उधेड़ी है।

कहने को बर्मिंघम यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर सांइस का प्रोफेसर, काम इंग्लैंड में बैठकर मैतेई और कुकी को लड़वाना: मणिपुर पुलिस ने उदय रेड्डी पर दर्ज किया केस, ट्विटर अकाउंट बंद

मणिपुर पुलिस ने उदय रेड्डी नाम के एक प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रोफेसर पर आरोप है कि वह इंग्लैंड से बैठ कर मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच घृणा और तनाव बढ़ा रहा है। उसका ट्विटर अकाउंट भी भारत में बंद कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर साइंस के भारतीय मूल के प्रोफेसर उदय रेड्डी ने ऑनलाइन बातचीत के जरिए मणिपुर में हिंसा भड़काई है। उस पर आरोप है कि वह मणिपुर के मैतेई समुदाय को लगातार अपमानित कर रहा है। इस कारण से मैतेई और कुकी समुदाय में तनाव बढ़ रहा है।

उदय रेड्डी के विरुद्ध मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एक FIR दर्ज की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उदय रेड्डी लगातार सोशल मीडिया पर ऑडियो बातचीत के सहारे लोगों को सुरक्षाबलों के रास्ते रोने रोकने और उन्हें उनके खिलाफ भड़काने का काम कर रहा है।

उदय रेड्डी के खिलाफ दर्ज FIR में कहा गया है, “आरोपित व्यक्ति ने जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से मैतेई की धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया और धार्मिक आधार पर मैतेई और अन्य समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया।” उदय रेड्डी के खिलाफ FIR में UAPA के तहत कार्रवाई किए जाने की माँग की गई है।

FIR में आगे कहा गया है, “आरोपित व्यक्ति और उसके साथियों की गैरकानूनी गतिविधियां राष्ट्रद्रोह के समान हैं। इनसे भारत की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती हैं, इस आदमी पर UAPA क़ानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।” FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि उदय रेड्डी के संबंध कनाडा के खालिस्तानी और ड्रग्स बेचने वालों गैंग से हो सकते हैं।

उदय रेड्डी के खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति ने माँग की है कि रेड्डी के विरुद्ध एक लुक कूट सर्कुलर निकाला जाए ताकि वह अगर भारत आए तो गिरफ्तार हो जाए। इसी के साथ उसकी यूनिवर्सिटी को भी उसके कुकृत्यों के विषय में जानकारी देने को कहा गया है।

उसका ट्विटर अकाउंट भी भारत में बंद कर दिया गया है। उसका अकाउंट खोलने पर दिखाता है कि यह भारत में एक कानूनी माँग के कारण बंद किया गया है। रेड्डी के खिलाफ IPC की धारा 117, 295 और 153A के तहत मामला दर्ज किया है। रेड्डी ने अभी इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है।

गौरतलब है कि बीते लगभग डेढ़ वर्ष से मणिपुर राज्य अशांत है। यहाँ हाई कोर्ट के एक निर्णय के बाद और मैतेई समुदाय में हिंसक झड़पों की घटनाएँ सामने आई हैं। बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

6 साल तक बेटी से रेप करता रहा मोहम्मद Y, गर्भवती हुई तो हुआ खुलासा: हाई कोर्ट ने दी 101 साल की सजा, कहता था- सभी अब्बा बेटियों के साथ यही करते हैं

केरल की एक अदालत ने मोहम्मद Y नाम के शख्स को अपनी बेटी से रेप करने के इल्जाम में 101 साल तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेपिस्ट अब्बा का नाम मोहम्मद Y है जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मोहम्मद Y पर आरोप लगा था कि उसने अपनी बेटी का लगभग 6 साल तक यौन शोषण किया। इस वजह से नाबालिग पीड़िता गर्भवती भी हो गई थी। पुलिस ने जाँच के बाद मोहम्मद Y के खिलाफ अदालत में सबूत पेश किए थे। कोर्ट ने इन सबूतों को सजा के लिए पर्याप्त माना।

लाइव लॉ के मुताबिक केस दर्ज किए जाने के समय पीड़िता की उम्र 16 साल की थी। जब वह महज 10 साल की थी तब से उसका अब्बा मोहम्मद Y उसे अपनी हवस का शिकार बना रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब 16 साल की उम्र में पीड़िता गर्भवती हो गई थी, तब पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी थी। जाँच में यह निकलकर सामने आया था कि मोहम्मद Y अपनी बेटी से यह कह कर दुष्कर्म करता था कि सभी अब्बा अपनी बेटियों के साथ ऐसा ही करते हैं।

पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया कि रेप के बाद मोहम्मद Y अपनी बेटी को यह भी बताया करता था कि वो हमबिस्तरी सिर्फ रमजान के पहले कर सकता है। पुलिस ने पीड़िता के बयान सहित कई अन्य सबूत अदालत में पेश किए। अदालत ने इन सबूतों को सजा देने के लिए पर्याप्त माना। जिला अदालत ने अपनी ही बेटी के बलात्कारी अब्बा को आजीवन कारवास के साथ 101 साल की सजा सुनाई। अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि मोहम्मद Y किसी भी प्रकार की दया का पात्र नहीं है।

नोट: पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए दोषी अब्बा का नाम बदल दिया गया है।