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बंगाल की ‘कंगारू कोर्ट’ में एक और महिला की पिटाई, आहत हो पीड़िता ने जहर पीकर दे दी जान: पीड़ित पति ने बताया- TMC नेता ने जबरन पंचायत में बुलवाया था

पश्चिम बंगाल में तालिबानी अदालतों का दौर थम नहीं रहा है। अब न्यू जलपाईगुड़ी जिले में एक महिला ने जनता के बीच पिटाई होने के बाद जहर पीकर आत्महत्या कर ली है। महिला पर एक लड़के के साथ अवैध सम्बन्धों का आरोप लगाकर उसे पीटा और बेइज्जत किया गया था। महिला को प्रताड़ित करने वाले इस कंगारू कोर्ट का आयोजन करने का आरोप TMC की नेता और उसके पति पर है। अब इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यू जलपाईगुड़ी जिले के फूलबाड़ी इलाके में यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि 29 जून, 2024 को महिला और उसके पति को पंचायत में बुलाया गया और बेइज्जत करते हुए पीटा गया। महिला पर अवैध संबंध का आरोप इस कोर्ट में लगाया गया। इसके बाद महिला ने आहत होकर जहर पी कर आत्महत्या कर ली।

महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी किसी के साथ चली गई थी। पति ने उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी लिखवाई थी। हालाँकि, इसके कुछ दिनों बाद वह लौट आई थी। महिला के लौटने पर स्थानीय नेता और पंचायत की मुखिया TMC नेता मालती राय और उसके पति शंकर राय ने उसे बुलाया। जब महिला और उसका पति वहाँ पहुँचे तो उनके साथ बदसलूकी की गई और उन्हें मारा पीटा गया। महिला का चरित्र हनन भी किया गया।

महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी सबसे सामने यह पिटाई और चरित्र हनन की बात बर्दाश्त नहीं कर पाई। घर वापस आने के बाद उसने जहर पी लिया। इस कारण उसकी मौत हो गई। महिला के पति ने कुछ लोगों के विरुद्ध इस मामले में FIR दर्ज करवाई है।

TMC नेता मालती राय और शंकर राय ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि यह विवाद उनके पड़ोसियों के साथ हुआ है, हम वहाँ मौजूद नहीं थे। शंकर राय ने बताया है कि महिला वहाँ से कुछ देर के लिए जाने की बात कहकर गई और उसने जहर पी लिया।

पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के सामने आने के बाद फिर से एक बार ममता बनर्जी की सरकार पर प्रश्न खड़े हुए हैं। इस घटना के एक दिन पहले ही उत्तरी दिनाजपुर में ताजेमुल इस्लाम नाम के माफिया ने एक महिला को सार्वजनिक तौर पर पीटा था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। ताजेमुल को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।

‘एक बार जो गिरा वह उठा नहीं’: हाथरस-एटा के अस्पताल में रात भर पोस्टमार्टम, मैनपुरी के आश्रम पर छापा, सूरजपाल को खोज रही UP पुलिस

उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार हरि के प्रवचन में हुई भगदड़ के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने इस मामले में एक आयोजक के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है। वहीं जिस स्वयंभू बाबा के कार्यक्रम में यह भगदड़ हुई, उसकी तलाश में छापेमारी जारी है। घटना में मौतों का आँकड़ा 116 पर पहुँच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (3 जुलाई, 2024) को हाथरस जाकर घायलों का हाल पूछेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाथरस भगदड़ में हुई मौतों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 126 (2), 223 और 228 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस FIR में देवप्रकाश मधुकर को आरोपित बनाया गया है। वह इस स्वयंभू बाबा का मुख्य सेवादार बताया गया है। उसके साथ ही 21 और सेवादारों को इस मामले में आरोपित बनाया गया है।

वहीं इस नारायण साकार हरि उर्फ़ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल की भी तलाश चल रही है। वह कार्यक्रम में भगदड़ होने के बाद अंडरग्राउंड हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। उसके हाथरस से निकल कर मैनपुरी पहुँचने की जानकारी पहले सामने आई थी। इसी सूचना पर पुलिस यहाँ पहुँची थी। लेकिन वह यहाँ नहीं मिला। बताया गया कि उसके समर्थकों ने पुलिस का रास्ता रोक लिया।

काफी देर बाद मैनपुरी के इस आश्रम में पुलिस घुस पाई तब तक वह यहाँ से फरार हो गया। पुलिस अब अन्य जगह उसकी तलाश कर रही है। वहीं इस भगदड़ में मरने वालों का आधिकारिक आँकड़ा 116 हो चुका है। मृतकों का रात भर पोस्टमार्टम चला है। इनका पोस्टमार्टम हाथरस और एटा में किया गया है।

हाथरस में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज सिंह और DGP प्रशांत कुमार पहुँच चुके हैं। वह यहाँ बचाव के कार्यक्रम पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बुधवार (3 जुलाई, 2024) को हाथरस का दौरा कर रहे हैं। वह यहाँ घायलों और उनके परिजनों से मिलेंगे।

मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके घर भेजा जा रहा है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में शव अपस्ताल में ही हैं। कई शवों की पहचान भी नहीं हो पाई है। मृतकों के परिजन लगातार उन्हें ढूंढ रहे हैं। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बाद आपबीती सुनाई है।

हादसे से बचने वाली एक लड़की ने बताया है कि बाबा का प्रवचन खत्म होते ही यह भगदड़ चालू हो गई। बताया गया कुछ लोग बाबा के चरणों की धूल लेने दौड़े। इसके साथ ही बड़ी भीड़ कार्यक्रम से भी निकली। इसके कारण व्यवस्था बिगड़ गई। कुछ लोग खेतों से होकर जाने लगे। तभी भीड़ अनियंत्रित हो गई और एक दूसरे को कुचल कर लोग आगे बढ़ने लगे। जो इस भीड़ के कारण गिरा, वह दोबारा उठ नहीं सका। इसी कारण से नीचे दब कर बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

पोर्शे से 2 इंजीनियरों को कुचलने वाले किशोर के बाद अब उसके पिता और दादा को जमानत, ड्राइवर और परिवार के अपहरण का है आरोप

पुणे पोर्श कांड के आरोपित किशोर के पिता और दादा को जमानत मिल गई है। दोनों को ड्राइवर के अपहरण के मामले में जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद नाबालिग के दादा सुरेंद्र कुमार अग्रवाल को जेल से रिहाई मिल जाएगी, लेकिन अभी आरोपित के पिता और मशहूर बिल्डर विशाल अग्रवाल को जेल में ही रहना होगा। चूँकि विशाल अग्रवाल पर कई आरोप हैं, ऐसे में 2-3 मामलों में जमानत मिलने के बावजूद अभी खून की अदला-बदली के मामले में उसे जमानत नहीं मिल पाई है। वहीं, सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि आरोपित किशोर की रिहाई के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी की जा रही है।

बुजुर्ग दादा जेल से रिहा, पिता अभी जेल में ही रहेगा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने पारिवारिक ड्राइवर का अपहरण करने और उसे गलत तरीके से कैद करने के मामले में दोनों को जमानत मिली है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने ड्राइवर को मामले का दोष अपने सिर पर लेने के लिए मजबूर किया, इसके लिए उसका अपहरण किया गया था। पुणे की कोर्ट ने इस अपहरण के मामले में दोनों लोगों को जमानत दे दी है। अदालत के फैसले के बाद आरोपित किशोर के दादा जेल से रिहा हो जाएँगे, लेकिन पिता को जेल में ही रहना होगा। पिता विशाल अग्रवाल पर खून के अदला-बदली करने में मिली-भगत के आरोप हैं।

इस मामले में पुणे पुलिस ने दावा किया कि 19 मई की आधी रात को दुर्घटना के बाद सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने ड्राइवर का अपहरण कर लिया था और उसे अपने बंगले में ले गए थे। क्राइम ब्रॉन्च ने कोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी और बच्चों को भी यहीं लाया गया था। इस संबंध में क्राइम ब्रॉन्च ने अग्रवाल के बंगले के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की थी। तलाशी अभियान भी चलाया गया। हालाँकि बचाव पक्ष के वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत को बताया कि ड्राइवर खुद ही बंगले पर आया था। इसके साथ ही पाटिल ने कोर्ट को बताया कि मॉब लिंचिंग के डर से ड्राइवर उस रात अपने परिवार के साथ अग्रवाल के बंगले पर रुका था।

विशाल अग्रवाल को भी इस मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन खून की अदला-बदली मामले में उनकी हिरासत जारी रहेगी। पहले के एक मामले में जमानत हासिल करने के बावजूद, विशाल अग्रवाल तीन अन्य चल रहे मामलों के कारण यरवदा सेंट्रल जेल में ही रहेंगे। विशाल अग्रवाल पर एक मामला सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित है। जिसमें आरोप है कि जाँच शराब का पता लगाने से बचने के लिए नाबालिग के खून के नमूने को उसकी माँ के साथ बदल दिया गया था।

किशोर की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी महाराष्ट्र सरकार

पुणे पुलिस पोर्श कार दुर्घटना मामले में नाबालिग की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। अपनी इस याचिका में पुलिस बॉम्बे हाईकोर्ट के नाबालिग की हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए जमानत देने के फैसले को चुनौती देगी। इसके लिए पुलिस को मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्रालय ने याचिका दायर करने की मंजूरी दे दी है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने पुणे पोर्श कांड के मुख्य नाबालिग आरोपी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए 25 जून को रिहाई का आदेश दिया था। कोर्ट ने नाबालिग की कस्टडी उनकी मौसी को देने का निर्देश दिया था, क्योंकि नाबालिग के माता-पिता और दादा भी जेल में बंद हैं। इसके बाद 26 जून को किशोर को बाल सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था।

CM योगी पहुँच रहे हाथरस, लाशों और तड़पते लोगों को देख हॉस्पिटल के सुरक्षाकर्मी की हार्ट अटैक से मौत: फरार हुआ ‘भोले बाबा’ (असली नाम – सूरजपाल)

उत्तर प्रदेश में ‘भोले बाबा’ उर्फ़ ‘नारायण साकार हरि’ के आयोजन में 130 से भी अधिक श्रद्धालुओं की हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जिले में पहुँचे रहे हैं। घटना के अगले दिन बुधवार (3 जुलाई, 2024) को वो घटनास्थल का दौरा करेंगे और अस्पताल जाकर पीड़ितों से मिलेंगे। भगदड़ में हुई मौतों के बाद कई लाशें तो कई अधमरे लोगों को मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया। वहाँ तैनात 32 वर्षीय रवि कुमार इतनी लाशों और तड़पते लोगों को देख कर सदमे में आ गए और हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई।

इस हादसे की एक पीड़िता किशोरी ने बताया कि उसकी माँ घायल है, वो खुद मरते-मरते बची है। ज्योति ने बताया कि भीड़ काफी बढ़ गई थी, 3 घंटे तक सत्संग चला था। पंडाल से निकलने का रास्ता काफी संकरा था, ऐसे में लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। कई लोग बेहोश होकर जमीन पर गिरे हुए थे। हाथरस प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 05722227041 जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत व बचाव कार्य के संबंध में CM योगी आदित्यनाथ से बात की है, साथ ही इस घटना पर दुःख जताया है।

हाथरस में हुए इस सत्संग में न सिर्फ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, एटा, आगरा, मैनपुरी, इटावा, फिरोजाबाद, कासगंज, बल्कि दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा जैसे आसपास के राज्यों से भी लोग पहुँचे हुए थे। पंडाल में उमस थी। जल्दी-जल्दी में श्रद्धालु बाहर निकलने लगे। SDM की तरफ से इस ‘प्राइवेट आयोजन’ की अनुमति दी गई थी। आसपास के जिलों से डॉक्टर बुलाए जा रहे हैं। कीचड़ से सनी चप्पलें और कपड़े इस हादसे की भयावहता बयाँ कर रहे हैं।

हाथरस में ‘भोले बाबा’ उर्फ़ ‘नारायण साकार हरि’ के कार्यक्रम के आयोजकों की सूची

सिकंदराराऊ के अस्पताल में लोग अपनों की तलाश करते रहे। पुलिस ने आयोजकों की सूची और उनका विवरण भी जारी किया है। ‘भोले बाबा’ उर्फ़ ‘नारायण साकार हरि’ का असली नाम सूरजपाल है और वो एटा के बहादुर नगरी का रहने वाला है। फ़िलहाल वो फरार हो गया है और उसका फोन भी ऑफ आ रहा है। CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार घटना के तह तक जाएगी। गुलाबी ड्रेस में बाबा की अपनी ‘फ़ौज’ भी होती है जो ट्रैफिक देखती है, रामघाट रोड में ये आयोजन हुआ था।

31 साल बाद गिरफ्तार हुआ 1993 के मुंबई दंगों का आरोपित सैयद नादिर शाह अब्बास खान, कोर्ट से जमानत लेकर हो गया था गायब

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) शहर में 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के गिराए जाने के बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में करीब 900 लोग मारे गए थे। इन दंगों के एक आरोपित सैयद नादिर शाह अब्बास खान को 31 साल की फरारी के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर हत्या की कोशिश का केस है।

बताया जा रहा है कि वो दंगों के समय गिरफ्तार हुआ था, लेकिन उसके बाद जमानत पाकर वो फरार हो गया था और किसी अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ था, जिसके बाद उसके खिलाफ लंबे समय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वो पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैयद नादिर शाह अब्बास खान (65) को रफी अहमद किदवई मार्ग थाने की टीम ने सोमवार को शिवडी इलाके से पकड़ा। वो शहर में दंगों के दौरान हत्या की कोशिश एवं अवैध रूप से एकत्र होने के मामले में आरोपित है। अधिकारी ने बताया कि खान को पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और वह जमानत पाने के बाद कभी भी अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ।

अधिकारी के मुताबिक, अदालत ने खान को फरार घोषित किया था और उसके खिलाफ गैर ज़मानती वारंट जारी किया था। पुलिस मध्य मुंबई के शिवडी स्थित उसके घर कई बार गई, लेकिन वह नहीं मिला। आखिरकार पुलिस को उसके एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन की जाँच के दौरान उसके ठिकाने का सुराग मिला। 29 जून को रफी अहमद किदवई मार्ग थाने को सूचना मिली कि खान अपने घर जा रहा है, जिसके बाद जाल बिछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि खान को 1993 मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जाँच जारी है।

बता दें कि छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के बाद मुंबई में दंगे भड़क गए थे। इन दंगों में करीब 900 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद मुंबई में 13 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट भी हुए थे, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। मुंबई उसके बाद से लेकर आतंकियों और दंगाइयों के निशाने पर रहा था।

हाथरस हादसे से पहले हुईं 13 ऐसी घटनाएँ, जब भगदड़ में बिछ गईं लाशें: हर बार वही कहानी, अधूरे इंतजामों और प्रशासनिक नाकामी का दोषी कौन?

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक धार्मिक जुटान के दौरान भगदड़ मचने से 100 से अधिक लोगों की जान चली गई, तो दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। इस तरह के हादसे कोई नए नहीं हैं, बल्कि अतीत में ऐसे कई हादसे सामने आए हैं, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक जुटानों के दौरान भगदड़ जैसी घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जानें गँवानी पड़ी हैं।

धार्मिक आयोजनों से जुड़े ऐसे हादसों में एक हादसा साल 2005 में महाराष्ट्र के मंधारदेवी मंदिर में हुआ था, जिसमें 340 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, तो साल 2008 में राजस्थान के चामुंडा देवी मंदिर में हुए एक हादसे में कम से कम 250 लोगों की जान चली गई थी। यही नहीं, साल 2008 में ही एक हादसा हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में हुआ था, जिसमें 162 लोगों की मौत हुई थी।

ऐसे ही हादसों पर एक नजर…

31 मार्च 2023: मध्य प्रदेश के इंदौर में राम नवमी के मौके पर एक मशहूर मंदिर में पुरानी बावड़ी (कुआँ) के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा थी। यहाँ हवन कार्यक्रम के दौरान बावड़ी की स्लैब गिर गई थी, जिसमें कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई थी।

1 जनवरी 2022: जम्मू-कश्मीर में विश्वविख्यात वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में भगदड़ मचने की वजह से कम से कम 12 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे में दर्जनों लोग घायल भी हुए थे। भारी भीड़ की वजह से फैली अव्यवस्था के चलते ये भगदड़ की ये घटना हुई थी।

14 जुलाई 2015 : आँध्र प्रदेश के राजमुंदरी जिले में ‘पुष्करम’ पर्व के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। ये हादसा गोदावरी नदी के किनारे बने घाट पर हुआ था, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई थी, तो 20 लोग घायल हो गए थे।

3 अक्टूबर 2014 : पटना के गाँधी मैदान में दशहरे की भीड़ जमा थी। इसी दौरान भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई थी, तो 26 लोग घायल हो गए थे।

13 अक्टूबर 2013: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित रतनगढ़ के मंदिर में नवरात्रि के जश्न के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। भगदड़ मचने से 115 लोगों की मौत हो गई थी, तो 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

19 नवंबर 2012: पटना के अदालत घाट पर आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से 20 लोग घायल हो गए थे, तो 2 दर्जन लोग घायल हो गए थे। ये भगदड़ एक पुल से टूटने की अफवाह से मची थी।

8 नवंबर 2011 : हरिद्वार की हर की पौड़ी घाट पर मचे भगदड़ में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी।

14 जनवरी 2011 : केरल के इडुक्की जिले में विश्व प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं पर पुलमेडू के पास जीप चढ़ गई थी, जिसके बाद मचे भगदड़ में कम से कम 104 लोगों की मौत हो गई थी, तो 40 से अधिक लोग घायल हो गए।

4 मार्च 2010 : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालू महाराज द्वारा बाँटे जा रहे मुफ्त कपड़े और खाने के पाने के लिए पहुँचे लोगों के बीच भगदड़ मच गई थी। ये भगदड़ कृपालू महाराज के राम जानकी मंदिर में मची थी, जिसमें 63 लोगों की मौत हो गई थी।

30 सितंबर 2008: राजस्थान के जोधपुर में चामुंडा देवी मंदिर के पास बम की अफवाह से भगदड़ मच गई थी, जिसमें 250 लोगों की मौत हो गई थी, तो 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

3 अगस्त 2008: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर के पास चट्टान खिसकने की अफवाह फैलने से भदगड़ मच गई थी। इस हादसे में 162 लोगों की मौत हो गई, तो 47 लोग घायल हो गए थे।

25 जनवरी 2005 : महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित मंधारदेवी के मंदिर में लगने वाले सालाना जलसे में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 340 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, तो सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। ये हादसा सीढ़ियों पर नारियल फोड़ने की वजह से हुई फिसलन के चलते हुआ था।

27 अगस्त 2003: महाराष्ट्र के नासिक जिले में आयोजित कुँभ मेला के दौरान स्नान के समय फैली भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई थी, तो करीब 140 लोग घायल हो गए थे।

अखिलेश यादव लगाते हैं जयकारा, IB/सेना में होने की चर्चा: कौन है हाथरस हादसा वाला बाबा, जिसकी पाँव के नीचे दबी मिट्टी लेने के लिए होती है खींचतान

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 130 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई है जबकि सैकड़ों अन्य घायल भी हुए हैं। जिस सत्संग में यह भगदड़ मची है उसमें कथावाचक के तौर पर भोले भाबा का नाम सामने आ रहा है। भोले बाबा को नारायण साकार हरि के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोग उन्हें कासगंज के पटियाली वाले बाबा भी कहते हैं। नारायण साकार हरि लोगों को ‘मानव धर्म’ अपनाने की सलाह देते हैं। उनके अधिकतर अनुयायी पश्चिम उत्तर प्रदेश से हैं। अखिलेश यादव भी नारायण साकार हरि के भक्त हैं।

नारायण साकार हरि उर्फ़ भोले बाबा का पूर्व में इतिहास क्या है ये उनके असली नाम की तरह रहस्य ही है। कुछ लोग और मीडिया की रिपोर्ट्स उनको इंटेलिजेंस ब्यूरो का पूर्व अधिकारी बताती हैं जबकि कुछ जगहों पर उन्हें भारतीय सेना का रिटायर्ड सैनिक लिखा गया है। कई लोग उन्हें पुलिस का सेवानिवृत जवान भी बताते हैं। कहा जाता है कि रिटायरमेंट के बाद नारायण साकार हरि अलीगढ़, एटा और आसपास के जिलों में लोगों के समूहों को सम्बोधित करने लगे। धीरे-धीरे उनका प्रचार बढ़ता गया जिस से लोगों की तादाद में बढ़ोतरी होने लगी।

कथित भोले बाबा उर्फ़ नारायण साकार हरि के आयोजनों से पहले आयोजक पोस्टरों और पदयात्रा आदि से इलाके में खूब प्रचार करते हैं। वो ‘मानव धर्म’ की बात करते हैं। उनका अर्श वाक्य है, “मानव धर्म सत्य था, है और रहेगा।” उनके पोस्टरों के ऊपर नारायण साकार हरि की समूचे ब्रह्माण्ड में जय-जयकार लिखी जाती थी। उनके प्रवचनों में ‘सोचकर देखो साथ क्या जाएगा’ जैसी लाइनें अक्सर दोहराई जाती थीं। उनके अनुयायी आयोजित होने वाले सम्मेलनों को ‘मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम’ कह कर बुलाते हैं।

कोरोना काल में भी तमाम रोकटोक के बावजूद भोले बाबा के सत्संग जारी थे। तब उन्होंने 50 लोगों की अनुमति माँगी थी लेकिन इसके बावजूद 50 हजार से अधिक लोगों का जमावड़ा लगा दिया था। नारायण साकार हरि खुद को सोशल मीडिया से दूर रखते हैं। उनका आधिकारिक एकाउंट अभी तक किसी भी प्लेटफॉर्म पर नहीं है। उनके अनुयायियों की अच्छी तादाद मूलतः पश्चिम उत्तर प्रदेश में हैं। हालाँकि, उनके सम्मेलनों में पूरे उत्तर प्रदेश एक अलावा उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से भी लोगों के आने का दावा किया जाता है।

साकार नारायण हरि का जन्म जाटव परिवार में हुआ था। उनके अनुयायियों में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक हैं। अखिलेश यादव साल 2023 में भोले बाबा के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। तब उन्होंने इस कार्यक्रम की तस्वीरें न सिर्फ अपने ‘X’ हैंडल पर शेयर की थीं बल्कि कैप्शन में ‘नारायण साकार हरि की सम्पूर्ण ब्रह्मांड में सदा-सदा के लिए जय जयकार हो’ भी लिखा था। इसी दौरान अखिलेश यादव ने भोले बाबा की सभा में उमड़ी भीड़ को भी दिखाया था। भीड़ में सिख समुदाय के लोग भी दिख रहे थे।

बताया जाता है कि नारायण साकार हरि का सत्संग खत्म होने के बाद उनके पैरों के नीचे दबी मिट्टी को छूने और हासिल करने के लिए खींचतान होती थी। कई बार आयोजक लोगों को लाइन में लग कर नारायण साकार हरि के पैरों से दबी मिट्टी देते थे।

रिफा बनीं रिया सागर जबकि महक खानम हो गईं सोनम सक्सेना, बरेली में एक ही दिन में 2 मुस्लिम लड़कियों की घर वापसी: देवताओं को साक्षी मान कर चुने हिन्दू जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 2 मुस्लिम लड़कियों ने घर वापसी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। यहाँ के अगस्त्य मुनि आश्रम में महक खानम वैदिक विधि-विधान से अब सोनम सक्सेना बन गईं हैं। वहीं रिफा अब रिया नाम की लड़की अब रिया सागर नाम से जानी जाएगी। इन दोनों लड़कियों ने अपने-अपने हिन्दू प्रेमियों से विवाह भी कर लिया है। महक और रिफा ने हवन-पूजन किया और हिन्दू देवी-देवताओं के जयकारे लगाए। घर वापसी का यह कार्यक्रम सोमवार (1 जुलाई, 2024) को सम्पन्न हुआ।

घर वापसी करने वाली पहली लड़की रिफा बी हैं। वली हसन की बेटी 22 वर्षीया रिफा मूल रूप से बरेली की ही रहने वाली हैं। रिफा को उनके अब्बा ने कक्षा 8 तक ही पढ़ाया। रिफा के मुताबिक स्कूल आते-जाते उनकी मुलाकात अक्सर राहुल सागर से होती थी। राहुल सागर अनुसूचित जाति (SC वर्ग) से हैं। एक दिन राहुल सागर ने रिफा से अपने प्यार का इजहार किया। रिफा ने भी राहुल के प्रपोजल को कबूल कर लिया। इसके बाद दोनों लोग अक्सर मिलने लगे। कुछ ही दिनों बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। रिफा ने आगे बताया कि उनके घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।

रिफा पर पाबंदियाँ कायम कर दी गईं। इधर राहुल सागर लगातार रिफा से शादी के प्रयास में लगे थे। आखिरकार 1 जुलाई को राहुल बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुँचे। रिफा भी जैसे-तैसे वहाँ पहुँचने में सफल रहीं। इस प्रेमी जोड़े ने अपने सभी जरूरी कागजात आश्रम के पुजारी पंडित के के शंखधर को दिखाए। रिफा ने बताया कि उन पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं है। आखिरकार दोनों का विवाह अगत्स्य मुनि आश्रम में सम्पन्न हो गया। विवाह से रिफा ने स्वेच्छा से घर वापसी की। घर वापसी के बाद उनका नाम रिया सागर पड़ा। शादी के बाद खुद को बेहद खुश बताते हुए रिफा अपने पति के घर चली गईं।

मेहक खानम बनीं सोनम सक्सेना

सोमवार (1 जुलाई, 2024) को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में मेहक खानम ने भी हिन्दू धर्म में घर वापसी की है। शुद्धिकरण के बाद मेहक खानम का नाम सोनम सक्सेना पड़ा। 22 वर्षीया सोनम ने अपने प्रेमी अंश सक्सेना से आश्रम में वैदिक विधि-विधान से शादी रचाई। मेहक खानम मूल रूप से UP के रामपुर की रहने वाली हैं। उनके अब्बा इरशाद अहमद काम के सिलसिले में बरेली बस गए थे। मेहक सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। वो इंस्टाग्राम पर रील भी बनाती हैं। इसी के साथ रोजगार के तौर पर मेहक साडी में डिजाइन भी बनाने का काम करती थीं।

मेहक ने बताया कि अंश सक्सेना अक्सर उनके पड़ोस में आया करता था। यहाँ दोनों ने एक दूसरे को देखा और पसंद करने लगे। कुछ दिनों की मुलाकात के बाद मेहक और अंश ने शादी का फैसला किया। मेहक के परिजनों को हिन्दू लड़के से रिश्ता मंजूर नहीं था। मेहक के घर से निकलने आदि पर पाबन्दी लगा दी गई। सोमवार (1 जुलाई) को मेहक अपने प्रेमी के साथ अगत्स्य मुनि आश्रम पहुँची। दोनों ने खुद को बालिग़ बताते हुए अपने कागजात पंडित के के शंखधर को दिए। महक शुद्धिकरण करवा कर सोनम सक्सेना बनीं। विवाह के बाद वो अपने पति के साथ ससुराल चली गईं।

तीन तलाक और हलाला को मानती हैं गलत

घर वापसी करने वाली रिफा बी और मेहक तीन तलाक और हलाला को गलत परम्परा मानती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब वो हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा करेंगी। विवाह के दौरान दोनों लड़कियों ने वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन किया और हिंदू देवताओं के जयकारे लगाए। पंडित के के शंखधर ने दोनों नव दंपतियों को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया।

हाथरस में 130 की मौत: ‘भोले बाबा’ के सत्संग में उमस के कारण बेकाबू हुई भीड़, कथावाचक को निकालने के लिए लोगों को एक तरफ रोका था

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में लगभग 130 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। मृतकों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। भगदड़ की वजह सत्संग करने वाले बाबा का काफिला निकलने के लिए एक तरफ की भीड़ को रोकना बताया जा रहा है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुःख जताया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को तत्काल घटनास्थल पर पहुँच कर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक, घटना हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र की है। मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को यहाँ एटा रोड के गाँव फुलराई में एक बड़े सत्संग का आयोजन था। इस आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए थे। सत्संग खत्म होने के बाद भीड़ अपने-अपने घरों की तरफ निकल पाई। इस दौरान कथावाचक भी बाहर निकलने लगे। उनको बाहर निकालने के लिए एक तरफ की भीड़ को रोक दिया गया। जिस तरफ रोक लगाई गई उधर पीछे से लोगों का दबाव आगे खड़े श्रद्धालुओं पर बढ़ना शुरू हो गया।

बताया जा रहा है कि थोड़ी देर बाद माहौल भगदड़ में बदल गया। हजारों लोगों की भीड़ को वहाँ मौजूद व्यवस्थापक और सुरक्षा तंत्र सँभाल नहीं पाया। भीड़ में शामिल लोगों ने एक दूसरे को कुचलना शुरू कर दिया। इस भगदड़ की वजह से कार्यक्रम स्थल पर घुटन और उमस का माहौल हो गया। खासकर महिलाएँ और बच्चे इस भगदड़ के सबसे पहले शिकार बने। हालात सँभालने के लिए प्रशासन भारी फ़ोर्स के साथ पहुँचा। हालाँकि तब तक लगभग 100 लोगों की जान जा चुकी थी। हालाँकि सरकारी तौर पर अभी 60 मौतों की पुष्टि हुई है।

इस घटना में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायलों में कई की हालत गंभीर है इसलिए मृतकों की संख्या में बढोत्तरी होने की आशंका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने मुख्य सचिव मनोज सिंह व DGP प्रशांत कुमार को फ़ौरन हाथरस पहुँच कर राहत और बचाव कार्यों की देखरेख करने का निर्देश दिया है। हादसे की जाँच के लिए ADG आगरा और अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर को नामित कर दिया गया है। जाँच रिपोर्ट 24 घंटों के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

‘इकोसिस्टम को अब उसी की भाषा में मिलेगा जवाब’: संसद में PM मोदी ने किया याद – दलितों से अन्याय के कारण आंबेडकर ने नेहरू कैबिनेट से दिया था इस्तीफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को संसद में राहुल गाँधी के प्रोपेगंडा का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से माँग की कि उन पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बालक-बुद्धि मान कर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे इरादे नेक नहीं हैं बल्कि गंभीर खतरे के हैं। उन्होंने देशवासियों को जागरूक करते हुए कहा कि इनलोगों का झूठ हमारे देश के नागरिकों की विवेक-बुद्धि पर आशंका व्यक्त करता है, एक तमाचा मारने की निर्लज्ज हरकत है।

पीएम मोदी ने इस दौरान आपातकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकारों को गिराया गया, मीडिया को दबाया गया, देश पर क्रूरता का पंजा चलाया गया। उन्होंने बताया कि संविधान के एक-एक शब्द के खिलाफ ये हरकतें थीं। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि इनलोगों ने देश के दलितों के साथ घोर अन्याय किया। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि बाबासाहब आंबेडकर ने कॉन्ग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता के कारण नेहरू कैबिनेट से इस्तीफा दिया था।

उन्होंने याद दिलाया कि कैसे बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने नेहरू से कैबिनेट से इस्तीफा देते हुए कहा था, “मैं सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों की उपेक्षा पर अपने अंदर उत्पन्न आक्रोश को रोक नहीं सका।” पीएम मोदी ने याद दिलाया कि बाबासाहब आम्बेडकर का राजनीतिक राजनीतिक जीवन खत्म करने के लिए नेहरू ने पूरी ताकत लगा दी थी। पहले षड्यंत्रपूर्वक उन्हें चुनाव में हरवाया गया, उन्होंने बाबासाहब के पराजय का जश्न भी मनाया।

उन्होंने एक अन्य दलित नेता बाबू जगजीवन राम का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उनका हक़ नहीं दिया गया, आपातकाल के बाद उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना थी लेकिन इंदिरा गाँधी ने पक्का किया कि वो किसी भी हाल में पीएम न बनें। पीएम मोदी ने एक किताब का जिक्र करते हुए बताया कि इंदिरा गाँधी ने कहा था कि अगर जगजीवन राम प्रधानमंत्री बन गए तो वो कभी नहीं हटेंगे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के साथ भी कॉन्ग्रेस के व्यवहार का जिक्र करते हुए सवाल उठाए।

उन्होंने कॉन्ग्रेस के दलित अध्यक्ष सीताराम केसरी के अपमान का भी जिक्र किया और कहा कि इसी कॉन्ग्रेस ने ऐसा किया था। उन्होंने कॉन्ग्रेस को शुरू से आरक्षण का घोर विरोधी बताते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिख कर आरक्षण का विरोध किया था। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर ‘मंडल कमीशन’ की रिपोर्ट वर्षों तक ठण्डे बक्से में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि राजीव गाँधी का सबसे लंबा भाषण आरक्षण के खिलाफ था, जो आज भी संसद के रिकॉर्ड में उपलब्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और गंभीर विषय की चर्चा की – हिन्दुओं के अपमान की। उन्होंने याद दिलाया कि 131 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में कहा था, मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म से आता हूँ, जिसने पूरे विश्व को सहिष्णुता और वैश्विक स्वीकृति सिखाई है। उन्होंने हिन्दुओं पर हिंसक होने का आरोप लगाए जाने को लेकर कहा कि ये देश शताब्दियों तक इसे नहीं भूलेगा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के दौरान ‘शक्ति के विनाश’ की बात की गई थी, पूरा बंगाल माँ काली की समर्पित भाव से उपासना करता है।

उन्होंने कॉन्ग्रेस पर ‘हिन्दू आतंकवाद’ शब्द गढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इनके साथी हिन्दू धर्म की तुलना डेंगू-मलेरिया से करते हैं और ये ताली बजाते हैं – देश ये माफ़ नहीं करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत इनके पूरे इकोसिस्टम ने हिन्दू समाज एवं परंपरा, संस्कृति एवं विरासत को नीचा दिखाने, गाली देने, अपमानित करने और मजाक उड़ाने को फैशन बना दिया है। पीएम मोदी ने राहुल गाँधी द्वारा भगवान शिव का पोस्टर संसद में लहराए जाने पर भी आवाज़ उठाई।

उन्होंने कहा कि निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए ईश्वर के रूपों का इस तरह से इस्तेमाल को माफ़ नहीं किया जा सकता, ईश्वर का हर रूप दर्शन के लिए होता है बल्कि प्रदर्शन के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज सोचे कि ये कोई संयोग है या किसी प्रयोग की तैयारी है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सेनाएँ, हमारे डिफेन्स सेक्टर में इतने रिफॉर्म हो रहे हैं, उन्हें आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में CDS का पद बनने के बाद समन्वय सशक्त हुआ है।

उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय सेना को सुधार न होने के कारण नुकसान झेलना पड़ा, ये मुद्दा सुरक्षा से जुड़ा है इसीलिए वो इस पर अधिक कुछ नहीं कह रहे। लगातार बदलती तकनीक की दुनिया में पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सेनाओं को इसके हिसाब से निभाना है, गालियाँ खाकर और झूठे आरोप सह कर भी हम मुँह पर ताला लगा कर काम कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि नेहरू के समय देश की सेनाओं को कमजोर बना दिया गया था, कॉन्ग्रेस ने लाखों-करोड़ों रुपयों के घोटाले किए।

जीप घोटाला, पनडुब्बी घोटाला, बोफोर्स घोटाला की बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश की ताकत को बढ़ने से इन सबने रोका। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय सेना के पास कॉन्ग्रेस के समय बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं होते थे। न सिर्फ सत्ता में रहते बल्कि विपक्ष में जाने के बाद भी ये भारतीय सेना को कमजोर करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि फाइटर जेट्स एयरफोर्स तक न पहुँच पाए, इसीलिए राफेल का विरोध किया गया, राफेल के छोटे-छोटे खिलौने बना कर उड़ाए गए और सेना का मजाक बनाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल दागा कि कॉन्ग्रेस पार्टी किसके फायदे के लिए भारतीय सेना को कमजोर करने में लगी हुई है? उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने OROP (वन रैंक, वन पेंशन) लागू किया, जबकि कॉन्ग्रेस ने इस पर गुमराह किया। उन्होंने बताया कि कोविड के दौरान भी पूर्व सैनिकों को रुपए दिए गए। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर भी कहा कि परीक्षा की व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं, कड़े कानून बनाए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में हमने विकास को अपना सबसे बड़ा संकल्प बनाया है। हमने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने का संकल्प लिया है। आज़ादी के इतने वर्षों बाद पीने का शुद्ध पानी पहुँचाने के लिए हमने ‘हर घर जल’ का संकल्प लिया। हर गरीब को आवास देना हमारा संकल्प है। जैसे-जैसे भारत विश्व में ताकतवर बन रहा है, हमारी सेनाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का हमारा संकल्प है। ये हरित-युग है। 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने के लिए हम आधुनिक इंफ़्रास्ट्रक्चर बनाना है, वैश्विक बेंचमार्क तक जाना है।”

पीएम मोदी ने बताया कि भारत में इंफ़्रास्ट्रक्चर पर जितना निवेश हुआ है उतना कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि रोजगार व स्व-रोजगार के अवसर बन रहे हैं, उसका विस्तार हो और उसे नया रूप-रंग दिया जाए, स्कील डेवलपमेंट हो, नौजवानों का भविष्य सँवरे – उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 18 वर्षों में प्राइवेट सेक्टर में जॉब क्रिएशन में सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना है। पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल पेमेंट्स को लेकर UPI भारत की सफलता की बड़ी कहानी है। पीएम मोदी ने लाहा, “मैं आज इकोसिस्टम को बता देना चाहता हूँ, उसकी हर साजिश का जवाब उसी की भाषा में मिलेगा।”