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रात के अंधेरे में हिंदू परिवार के घर में घुसी मुस्लिम भीड़, अमन को पीट-पीटकर मारा, महिलाओं की हालत गंभीर: UP पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद तौफीक समेत 4 गिरफ्तार, 3 की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शनिवार (29 जून 2024) को एक मुस्लिम भीड़ ने अमन कुमार के घर पर रात में हमला कर दिया था। यह हमला पुरानी रंजिश और रुपयों के लेन-देन की वजह से किया गया था। हमले में पीड़ित परिवार के पुरुषों के अलावा महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा गया था। घायल अमन कुमार की अस्पताल में मौत हो गई थी। इस हमले में शामिल तौफीक, रिजवान, रहमान और अबरार अली को पुलिस ने 30 जून (रविवार) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने पुलिस पर भी गोलियाँ चला दी थीं। जवाबी कार्रवाई में 2 आरोपितों के पैर में गोली लगी। फरार चल रहे अन्य 3 हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह मामला हरदोई जिले के थानाक्षेत्र पाली का है। यहाँ के गाँव खेमपुर में अमन कुमार 29 जून (शनिवार) की रात पूरे परिवार के साथ अपनी छत पर सो रहा था, तभी अमन की छत पर रिज़वान, इश्तियाक, रहमान, तौफीक, जावेद, अबरार और एक अन्य रिज़वान चोरी-छिपे चढ़ गए। इनके पास लाठी-डंडों के अलावा तमंचे भी थे। इन सभी आरोपितों ने छत पर चढ़कर सो रहे अमन के परिवार पर हमला बोल दिया। हमलावरों को जो भी मिला उसे बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित परिवार सहित गाँव में अफरातफरी का माहौल फ़ैल गया।

हमलावरों ने अमन कुमार, देव कुमार, राजवीर, के साथ इसी परिवार की दयावती और पूजा नाम की महिलाओं को बेरहमी से पीटा। बाद में सभी 7 हमलावर तमंचे से फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुँचाया। अमन, पूजा और दयावती की हालत गंभीर होता देख इन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। अमन कुमार ने लखनऊ पहुँच कर दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का इलाज हरदोई और लखनऊ में चल रहा है।

पीड़ित परिजनों से तहरीर ले कर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे में रिज़वान, इश्तियाक, रहमान, तौफीक, जावेद, अबरार और एक अन्य रिज़वान को नामजद किया गया। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/307/147/148/149/323/504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई। फरार चल रहे सभी 7 हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया। स्थानीय थाना पुलिस की मदद के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को भी लगा दिया गया।

रविवार (30 जून 2024) को एक मुखबिर ने पुलिस को बताया कि फरार चल रहे 4 हमलावर एक महिंद्रा TUV कार से कहीं भागने की फिराक में हैं। इन सभी की लोकेशन पाली कस्बा मार्ग के बैरिया तिराहे पर बताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम फ़ौरन ही घटनास्थल की तरफ रवाना हो गई। सूचना सही पाई गई और पुलिस ने TUV कार सवारों को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने एक आम के बाग़ की तरफ भागते हुए गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस के मुताबिक यह हमला जान से मार डालने की नीयत से किया गया था।

आखिरकार मजबूरन पुलिस को भी आत्मरक्षा में गोलियाँ चलानी पड़ीं। जवाबी कार्रवाई में रिजवान और तौफीक के पैरों में गोली लगी। साथी बदमाशों को घायल देख कर रहमान और अबरार अली भागने लगे जिन्हें उनके दोनों घायल साथियों के साथ घेराबंदी कर के गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी तलाशी के दौरान इनके पास से 3 तमंचे, 3 जिन्दा कारतूस, 4 खोखा कारतूस, अमन की हत्या में प्रयोग हुए खून से सने 4 डंडे बरामद हुए। TUV कार को भी सीज कर दिया गया है।

आरोपितों के हमले में हेड कांस्टेबल विश्वजीत सिंह और सिपाही विनय कुमार घायल हो गए थे। इन दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। दोनों जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल तौफीक और रिज़वान का भी इलाज करवाया गया है। जावेद, रिज़वान और इश्तियाक अभी फरार चल रहे हैं। इन तीनों की तलाश जारी है। पुलिस तमाम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पीड़ित हिन्दू परिवार के घायल सदस्यों का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बंगाल में महिला की बर्बर पिटाई वाले वीडियो पर ममता की पुलिस का पहरा: ताजेमुल (JCB) की गिरफ्तारी, सोशल मीडिया पर कानूनी धमकी भी

बंगाल के दिनाजपुर में रविवार (30 जून 2024) को खुलेआम एक महिला की पिटाई करने के मामले में पुलिस ने आरोपित ताजेमुल उर्फ जेसीबी को गिरफ्तार कर लिया है। खबरों में बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद आरोपित की गिरफ्तारी हुई

ताजेमुल की गिरफ्तारी के बाद एक वीडियो भी सामने आई है। इस वीडियो में ताजेमुल सीना तालकर थाने में घुसता दिख रहा है। मानो उसे अपने किए का कोई पछतावा ही नहीं हो। वहीं उसकी वीडियो शेयर करने वाली रश्मि सामंत के खिलाफ भी बंगाल पुलिस सख्त हुई है। रश्मि सामंत के ट्वीट के अनुसार, बंगाल पुलिस ने एक्स को मेल भेजकर अपील की है कि रश्मि के ट्वीट को हटा दिया जाए जिसमें ताजेमुल मारपीट करता दिख रहा है।

बता दें कि महिला से मारपीट मामले की वीडियो सामने आने के बाद BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने दावा किया था कि ताजेमुल के संबंध तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता है। हालाँकि, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भी इस घटना के बाद ताजेमुल से अपना पल्ला झाड़ लिया है। टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कहा, “पार्टी ने कभी ऐसे हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया है। भाजपा को इस मामले में कुछ बोलने से पहले अपने राज्यों में हालात देखने चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि रविवार को सामने आई वीडियो में दिख रहा था कि ताजेमुल महिला को डंडे से मार रहा था। महिला बार-बार उसे छोड़ने की गुहार लगा रही थी लेकिन ताजेमुल रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने महिला को तब तक मारा जब तक वो बेहोश नहीं हो गई। इसके बाद उसने महिला के अचेत होते ही उसे लात मार दी। वीडियो में महिला के अलावा एक अन्य व्यक्ति को भी पीटते हुए देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इन दोनों के बीच अफेयर था। महिला को उसके ससुराल वाले कई बार चेतावनी दे चुके थे कि वो उस शख्स से न मिले लेकिन महिला लगातार उससे मिलती थी। रविवार को जब दोनों को एक साथ पकड़ा गया तो मारपीट की यह घटना सरेआम हुई और इस घटना की वीडियो भी वायरल हो गई।

बंगाल के दिनाजपुर से वायरल हुई इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी आलोचना की। इसी क्रम में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की पूर्व अध्यक्ष रश्मि सामंत ने भी इस वीडियो पर सवाल उठाए। उन्होंने ऐसी हरकत को तालिबानी हरकत से जोड़ा और कहा कि ये अफगानिस्तान नहीं बल्कि बंगाल है।

अब उनके इसी ट्वीट के बाद बंगाल पुलिस ने एक्स से शिकायत की है कि ये कंटेंट भारत के आईटी एक्ट के खिलाफ है और इसे प्लेटफॉर्म से हटाया जाना चाहिए। हालाँकि एक्स ने कंटेंट को हटाने से पहले इस संबंध में रश्मि को सूचित किया और रश्मि ने ये स्क्रीनशॉट अपने ट्वीट में लगाया है। उन्होंने कहा है कि बंगाल में एक महिला की आवाज उठाने पर अकॉउंट बंद करवाने की कोशिश हो रही है। तानाशाही जिंदा है और फल-फूल भी रही है।

भूखी-प्यासी चिल्लाती रही माँ-बेटी, सोहेल ने घर में घुस जिंदा चुनवा दिया: पड़ोसियों ने दीवाल तोड़ बचाई जान, पाकिस्तान के हैदराबाद की घटना

पाकिस्तान के हैदराबाद में एक माँ-बेटी को उसके रिश्तेदारों ने दीवाल से चुनवा दिया। माँ-बेटी को उसके पड़ोसियों ने बचाया। माँ-बेटी को सम्पत्ति के विवाद के कारण दीवाल में चिनवाया गया। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के लतीफाबाद इलाके में रहने वाली तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को उसके देवर ने बंद करके यह कारनामा किया है। तस्लीम जहाँ ने बताया कि उसके शौहर की 20 साल पहले मौत हो चुकी है।

तस्लीम जहाँ ने बताया कि अपने घर में वह अपनी बेटी के साथ रहती है। घर के एक हिस्से में उसका एक देवर इरफ़ान और उसका भतीजा सोहेल रहता है। उसके पति अब्दुल हक़ ने सोहेल के बाप अब्दुल अजीज को इसी मकान में रहने के लिए हिस्सा दिया था।

सोहेल वर्तमान में इस घर में अपनी पत्नी के साथ रहता है। सोहेल ने कुछ वर्षों से तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को परेशान कर रखा है। सोहेल ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को तस्लीम और उसकी बेटी को पहले एक जगह बंद कर दिया।

इसके बाद सोहेल ने पहले ही से लाकर रखे गए ईंट और सीमेंट से उनके चारों तरफ दीवाल बना दी। इससे महिला इसी जगह फंस कर रह गई। महिला को लम्बे समय तक इसी चारदीवारी में भूखे प्यासे बंद रहना पड़ा। इसके कुछ समय बाद उससे उनके पड़ोसियों ने सम्पर्क किया।

जब पड़ोसियों को पता लगा कि तस्लीम जहाँ को दीवाल से चुनवा दिया गया है, तो उन्होंने यह सूचना पुलिस को दी। इसके बाद तस्लीम जहाँ के पड़ोसियों ने पुलिस के साथ मिलकर दीवाल तोड़ी और उसे बचाया।

महिला का कहना है कि उसका देवर भी इस मामले में उसकी कोई मदद नहीं कर रहा और घर कागज उसके ही पास हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस ने सोहेल या उसके किसी भी परिजन को गिरफ्तार नहीं किया है।

‘मुस्लिम राष्ट्र के कुछ आचार-विचार होते हैं’: जिस महिला की खुलेआम हुई पिटाई उसे TMC विधायक हमीदुल रहमान ने बताया ‘दुष्ट जानवर’

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में खुलेआम एक भीड़ के सामने एक महिला की पिटाई की गई। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्य में शरिया कानून लागू हो गया है? ऐसा इसीलिए, क्योंकि जिस ताजेमुल उर्फ़ JCB ने इस घटना को अंजाम दिया है वो ‘त्वरित न्याय’ के लिए जाना जाता है, पुलिस-कोर्ट तक की उसके सामने कोई वैल्यू नहीं। वो चोपरा से TMC विधायक हमीदुल रहमान का करीबी है। अब विधायक ने इस पर और निंदनीय बयान दिया है।

BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने कहा कि ताजेमुल तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता है। वीडियो में एक महिला के अलावा एक पुरुष को भी जमीन पर पटक कर पीटे जाते हुए देखा गया। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक हमीदुल रहमान ने अपने करीबी का बचाव करते हुए जिस महिला की पिटाई हुई उसे ही ‘दुष्ट जानवर’ कह दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त महिला की गतिविधियाँ ‘असामाजिक’ थीं।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से उनका या पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC का कोई लेना-देना नहीं है। विधायक हमीदुल रहमान ने इसे गाँव का मसला बताते हुए कहा कि महिला ने भी गलती की है, उसने अपने पति और बेटा-बेटी को छोड़ दिया। चोपरा के विधायक ने कहा कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के हिसाब से कुछ संहिता और न्याय होते हैं। हालाँकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि जो हुआ वो बहुत ज़्यादा था और कानून अपना काम करेगा।

फ़िलहाल पुलिस ने आरोपित ताजेमुल को गिरफ्तार कर लिया है। इस्लामपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट जॉबी थॉमस K ने कहा कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने घटना के पीछे जाँच की बात कही है। TMC विधायक हमीदुल रहमान का कहना है कि पीड़िता या उसके पति ने कोई FIR नहीं दर्ज कराई है, केवल मीडिया इसे फैला रही है। उस क्षेत्र में ‘सालिशी सभा’ नाम का कंगारू कोर्ट चलता है।

हिन्दू लड़की को भगा ले गया अमज़द, ₹65000 के गहने भी ले गई: जमानत पर बाहर वकील रईसुद्दीन ने की मदद, उल्टे आक्रोशित हिन्दुओं पर ही हमला

उत्तराखंड के देहरादून से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ अमजद नाम के युवक पर गुरुवार (27 जून, 2024) को एक हिन्दू लड़की को भगा कर ले जाने का आरोप लगा है। अमजद का साथ रईसुद्दीन नाम के एक वकील ने दिया है जिसकी वकालत के लाइसेंस को निरस्त करने की भी माँग उठ रही है। हिन्दू संगठन के सदस्य जब रईसुद्दीन के घर विरोध करने पहुँचे तो उन पर हमला भी हुआ जिसमें ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला देहरादून के थाना क्षेत्र विकास नगर का है। यहाँ गुरुवार को एक लड़की अचानक ही अपने घर से गायब हो गई। घर में रखे लगभग 65 हजार रुपए मूल्य के जेवर भी नहीं मिले। पीड़िता के घर वालों ने मोहम्मद अमजद नाम के व्यक्ति पर लड़की को भगा ले जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अमजद के ही कहने पर पीड़िता 65 हजार रुपए मूल्य के गहने भी साथ ले गई है। आरोपित की मदद का आरोप विकास नगर के एक वकील रईसुद्दीन पर लगा है।

मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठन के सदस्यों को हुई तो वो पीड़िता के घर पहुँच गए। सबने मिल कर वकील रईसुद्दीन के घर का रुख किया। आरोप है कि रईसुद्दीन के घर पर प्रदर्शनकारियों पर हमला हुआ। इस हमले में ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। घायल का इलाज करवाया गया है। हमले के बाद भीड़ भड़क गई। भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की भी खबर है। आक्रोशित लोगों ने हरबर्टपुर पुलिस चौकी के आगे हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही तमाम सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।

प्रदर्शनकारी पीड़िता को सही सलामत बरामद करने, अमजद के साथ रईसुद्दीन को गिरफ्तार करने व रईसुद्दीन की वकालत का लाइसेंस रद्द करने की माँग कर रहे थे। भीड़ द्वारा किए गए प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने हिंदुस्तान में ही हिन्दू को असुरक्षित बताया। फ़िलहाल पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मोहम्मद अमजद के साथ रईसुद्दीन के खिलाफ भी नामजद FIR दर्ज कर ली है।

रईसुद्दीन पर पहले से केस दर्ज बताए जा रहे हैं। उसे जेल भी भेजा गया था। आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद भी उसकी आपराधिक हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोपित और पीड़िता की तलाश में दबिश दी जा रही है। तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘इस्लाम में महिलाओं का सम्मान नहीं, पूर्वजों ने डर से त्यागा था धर्म’: बरेली के मंदिर में मुस्कान सैफी की घर वापसी, राजेश को चुना अपना जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर के हिन्दू धर्म में शामिल होने का निर्णय लिया है। लड़की का नाम मुस्कान सैफी है जो अब ख़ुशी नाम से जानी जाएँगी। ख़ुशी ने राजेश कुमार नाम के युवक से मंदिर में विवाह भी किया है। इस दौरान उन्होंने वैदिक विधि-विधान से हवन किया और गायत्री मंत्र का जाप किया। यह विवाह रविवार (30 जून 2024) को अगत्स्य मुनि आश्रम में सम्पन्न हुआ है। इस अवसर पर हिन्दू संगठनों के साथ आचार्य पंडित के के शंखधर ने वर और वधू को आशीर्वाद दिया।

मुस्कान सैफी मूलतः दिल्ली के संगम विहार की रहने वाली हैं। उनके पिता पहले हिन्दू थे लेकिन दिल्ली में एक मुस्लिम महिला से निकाह करने के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया था। इस बीच सोशल मीडिया पर मुस्कान की बातचीत बरेली के इज्जत नगर इलाके के राजेश कुमार से शुरू हो गई। कुछ ही दिनों में दोनों अच्छे दोस्त बन गए। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 19 वर्षीया मुस्कान और 23 साल के राजेश शादी करना चाहते थे लेकिन उनके परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। मुस्कान पर तो तमाम पाबंदियाँ भी कायम कर दी गईं।

मुस्कान के प्रेमी राजेश ने अपनी प्रेमिका से शादी के प्रयास जारी रखे। उन्हें अगत्स्य मुनि आश्रम के बारे में जानकारी मिली। रविवार (30 जून) को राजेश बरेली से और मुस्कान सैफी दिल्ली से आश्रम पर अपने कुछ परिचितों के साथ पहुँची। उन्होंने आश्रम के पुजारी पंडित के के शंखधर से अपना विवाह करवाने की गुजारिश की। पंडित शंखधर ने दोनों के कागजात देखे। इन तमाम कागजातों में मुस्कान का वो शपथ पत्र भी है जिसमें वो अपनी घर वापसी व शादी बिना किसी के दबाव में स्वेच्छा से बता रहीं हैं।

आखिरकार मुस्कान का विवाह वैदिक विधि-विधान से राजेश के साथ हो गया। शादी के बाद आचर्य पंडित के के शंखधर व हिन्दू संगठनों के कुछ अन्य सदस्यों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मुस्कान सैफी से ख़ुशी बनीं दुल्हन और राजेश कुमार ने एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में पा कर बेहद ख़ुशी जताई। मुस्कान सैफी का कहना है कि उनकी बचपन से हिन्दू धर्म में आस्था थी। मुस्कान ने यह भी लिखित तौर पर दिया है कि उन्हें पता है कि उनके पूर्वज हिन्दू थे जो कई तरह के अत्याचारों की वजह से धर्मांतरित हो गए थे।

मुस्कान सैफी का यह भी कहना है कि इस्लाम में महिलाओं का सम्मान नहीं है और वो तीन तलाक व हलाला जैसी कुप्रथाओं से डरती हैं। शादी के बाद मुस्कान ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ससुराल चली गईं हैं।

नौशाद अली के पास ढोलक सीखने जाती थी हिन्दू छात्रा, पहले बलात्कार करने लगा फिर बना दिया मुस्लिम: माँ पर निकाह का दबाव, साजिश में अम्मी-अब्बू के साथ भाई-भाभी भी नामजद

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण और रेप का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम नौशाद अली है जो लोगों को ढोलक सिखाता है। पीड़िता भी नौशाद की छात्रा थी। 35 वर्षीय नौशाद ने लगभग 15 साल की छात्रा को न सिर्फ इस्लाम कबूल करवाया बल्कि निकाह के लिए मुंबई भी ले जा रहा था। शुक्रवार (28 जून, 2024) को हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपित को गिरफ्तार करते हुए पीड़िता को बरामद कर लिया गया है। नौशाद के अम्मी, अब्बा भाई और भाभी भी इस केस की FIR में नामजद किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला कानपुर जिले के थाना क्षेत्र चौबेपुर का है। यहाँ नाबालिग पीड़िता अपनी माँ के साथ रहती है। लड़की के पिता की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है। माँ एक निजी अस्पताल में मजदूरी कर के परिवार को पाल-पोस रही हैं। पीड़िता संगीत की शिक्षा लेना चाहती थी। उसे किसी ने धार्मिक कार्यक्रमों में ढोलक बजाने वाले नौशाद अली के बारे में बताया। वह नौशद से ढोलक सीखने लगी। लड़की की उम्र से नौशाद की आयु लगभग दोगुनी है। आरोप है कि नौशाद ने लड़की को ढोलक सिखाने के साथ डोरे डालने शुरू कर दिए।

कुछ ही दिनों में नौशाद ने अपनी ही छात्रा को प्यार के जाल में फँसा लिया। उसने कई बार नाबालिग से रेप किया। बताया जा रहा है कि वह न सिर्फ छात्रा बल्कि उसकी माँ पर भी निकाह का दबाव बनाने लगा। इस दौरान उसने छात्रा का धर्मान्तरण करवा कर इस्लाम कबूल करवा दिया। गुरुवार (27 जून) को आरोपित छात्रा को ले कर भाग निकला। कानपुर के कल्याणपुर जंक्शन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं की नजर नौशाद पर पड़ गई। उन्होंने बातचीत की तो मामला संदिग्ध लगा। दोनों को रोक कर फ़ौरन पुलिस बुलाई गई।

पुलिस ने पीड़िता और नौशाद अली को हिरासत में ले लिया। अगले दिन यानी शुक्रवार तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगा कर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने गहनता से छानबीन शुरू कर दी। छानबीन में नौशाद द्वारा नबालिग पीड़िता से रेप और धर्मान्तरण जैसे मामलों का खुलासा हुआ। नौशाद ने यह भी बताया कि वो पीड़िता को ले कर ट्रेन से मुंबई जाने की फिराक में था लेकिन स्टेशन पर ही बजरंग दल कार्यकर्ताओं की नजर उस पर पड़ गई।

इस बीच पीड़िता ने भी अपने साथ की गई नौशाद की सारी करतूत का खुलासा कर दिया। पीड़िता के मेडिकल परीक्षण व काउंसिलिंग की कार्रवाई चल रही है। नौशाद अली के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर के उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँच में यह भी निकल कर सामने आया कि नाबालिग पीड़िता के धर्मान्तरण की साजिश में नौशाद की अम्मी मदीना, अब्बा बशीरुद्दीन, भाई शहंशाह और भाभी करिश्मा भी शामिल हैं। इन सभी को FIR में नामजद आरोपित बनाया गया है। मामले में जाँच के साथ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद अब रवींद्र जडेजा ने T20I से लिया संन्यास, PM मोदी बोले – आपके स्टाइलिश स्ट्रोक प्ले, स्पिन और फील्डिंग के मुरीद हैं क्रिकेट प्रेमी

क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार रवींद्र जडेजा ने T20 अंतररष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इसके साथ ही वो बारबाडोस में हुए T20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की जीत के बाद संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शुमार हो गए हैं। इससे पहले कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था। हालाँकि, ये तीनों की खिलाड़ी IPL में अपनी फ्रेंचाइजी टीमों की तरफ से खेलते रहेंगे।

T20 विश्व कप की ट्रॉफी के साथ रवींद्र जडेजा को उनकी पत्नी रिवाबा और बेटी निध्‍याना के साथ जश्न मनाते हुए भी देखा गया। बता दें कि रिवाबा जडेजा जामनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2022 के गुजरात चुनाव में उन्होंने बतौर भाजपा प्रत्याशी 34% से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए पहली बार विधानसभा में कदम रखा। इससे पहले वो ‘करणी सेना’ से जुड़ी रही हैं। रवींद्र जडेजा का क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में गेंद व बल्ले से शानदार प्रदर्शन रहा है।

T20 अंतरराष्ट्रीय में उनके आँकड़ों की बात करें तो उन्होंने अब तक 74 मैच खेले हैं, जिसमें से 41 में उन्हें बल्लेबाजी और 71 में गेंदबाजी का मौका मिला। रवींद्र जडेजा ने T20I में 17 बार नॉटआउट रहते हुए 21.46 की औसत से 515 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 127.16 का रहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय T20 में 39 चौके और 14 छक्के जड़े हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 46 का रहा। इसी तरह गेंदबाजी में उन्होंने 54 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 7.13 का रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खबर के बाद उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “आपने एक ऑलराउंडर के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। क्रिकेट प्रेमी आपके स्टाइलिश स्ट्रोक प्ले, स्पिन और शानदार फील्डिंग की प्रशंसा करते हैं। पिछले कई सालों से टी20 में आपके शानदार प्रदर्शन के लिए आपका धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएँ।” रवींद्र जडेजा IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की तरफ से खेलते हैं, वो इस फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी कर चुके हैं।

मदरसे में मज़हबी तालीम लेने जाती थी नाबालिग छात्रा, झाड़ू लगवाने के बहाने मौलवी करता था अश्लील हरकतें: शामली पुलिस ने हाफिज वसीक को दबोचा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक मदरसे के अंदर नाबालिग छात्र से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपित मदरसे का मौलवी है जिसका नाम हाफ़िज़ वसीक है। आरोप है कि मौलवी 12 साल की छात्रा को झाड़ू लगाने के बहाने कमरे के अंदर भेजता था और वहाँ बच्ची से छेड़खानी की जाती थी। शिकायत करने पर लड़की के परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। मामले की शिकायत शुक्रवार (28 जून 2024) को की गई है। आरोपित मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला शामली के थाना क्षेत्र झिंझाना का है। यहाँ शुक्रवार (28 जून, 2024) को एक नाबालिग बच्ची के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पीड़िता के परिजनों ने बताया है कि उनके गाँव में एक मदरसा संचालित होता है। इसी मदरसे में 12 साल की छात्रा भी दीनी तालीम हासिल करने जाया करती थी। इस मदरसे में हाफिज वसीक पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी डाली गई थी। आरोप है कि हाफिज वसीक पिछले ढाई महीनों से लगातार बच्ची से अश्लील हरकतें और छेड़खानी कर रहा था।

नाबालिग बच्ची के परिजनों का आरोप है कि हाफिज पीड़िता पर गंदी नजर रखता था। वह कमरे की सफाई करने के बहाने बच्ची को अलग भेज दिया करता था। बाद में वह आ कर पीड़िता को पकड़ लिया करता था। जब लड़की के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हाफिज से उलाहना दी। बताया जा रहा है कि हाफिज ने अपनी गलती मानने के बजाय गाली-गलौज और धमकियाँ देना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार के लगभग आधे दर्जन बच्चे इसी मदरसे में पढ़ते हैं। खुद को बेहद गरीब बताते हुए अन्त में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

मौलाना की तरफ से पीड़ित के कुछ पड़ोसियों ने भी बच्ची के परिजनों को धमकाते हुए केस वापस लेने का दबाव बनाया है। आखिरकार पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित हाफिज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वसीक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शामली पुलिस के डिप्टी एसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पूरे मामले की जाँच के साथ अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘माँ-बाप सहित काट कर फेंक दूँगा’: लॉ स्कूल में पढ़ रही दलित छात्रा का अरमान अंसारी ने ही किया बलात्कार, हॉस्टल से अपहरण कर ले गया, शादी भी तुड़वा दी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक दलित लड़की के अपहरण और रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता लॉ की पढ़ाई कर रही है। आरोपित का नाम अरमान अंसारी है जिसे पुलिस ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को गिरफ्तार कर लिया है। अरमान अंसारी ने 1 जून, 2024 को पीड़िता का गाजीपुर से अपहरण करने के बाद वाराणसी ले जा कर रेप किया था। पीड़िता और आरोपित दोनों एक ही साथ पढ़ते हैं। पीड़िता को काट कर फेंक देने की धमकी भी देने वाले अरमान अंसारी पर पहले भी गैंगस्टर सहित कई अन्य केस दर्ज हैं।

इस घटना की FIR गाजीपुर के थानाक्षेत्र बहरियाबाद में दर्ज हुई है। बुधवार (26 जून, 2024) को मूल रूप से आज़मगढ़ की रहने वाली अनुसूचित जाति की एक छात्रा ने यहाँ तहरीर दी। लड़की फिलहाल इसी थानाक्षेत्र के एक कॉलेज से लॉ (LLB) की पढ़ाई कर रही है। पीड़िता ने बताया कि गाजीपुर में सैदपुर इलाके का रहने वाला अरमान अंसारी उनके साथ ही पढ़ता है। 1 जून 2024 को अरमान पीड़िता के हॉस्टल में जबरन घुस गया। उसके हाथ में पिस्टल थी। अरमान ने पीड़िता को धमकाते हुए बाहर निकलने के लिए कहा।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बाहर निकलने के बाद अरमान अंसारी उसे गंदी-गंदी गालियाँ देने के साथ जातिसूचक शब्द बोलने लगा। उसने च$रिया-सियारिया जैसे शब्द बोलते हुए लड़की को जबरन अपनी बाइक पर बिठा लिया। कहीं भी मुँह खोलने पर उसने लड़की को गोली मारने की धमकी दी। अंजाम रास्तों से होता हुआ वह पीड़िता को ले कर वाराणसी पहुँच गया। यहाँ एक अनजान जगह उसने लड़की को जमीन में पटका और फिर रेप किया। रेप के बाद उसने कहीं भी बताने पर पीडिता को जान से मार डालने की धमकी दी।

पीड़िता का आरोप है कि अरमान ने कहा, “यदि किसी को इसका पता चला तो उसी दिन तुम्हे काट कर फेंक दूँगा और तुम्हारे माता-पिता को भी मार दूँगा।” अरमान ने पीड़िता की ईमेल ID और मोबाइल को भी हैक कर लिया था। इस घटना के बाद से अरमान लगातार पीड़िता को उठा कर ले जाने की धमकी देता रहा। पीड़िता की 3 साल पहले शादी तय हुई थी। 23 जून 2024 को अरमान लड़की के पैतृक गाँव पहुँच गया। उसने लड़की के गाँव में अश्लील वीडियो और मैसेज वायरल कर दिए। इस वजह से पीड़िता की शादी भी टूट गई।

आखिरकार पीड़िता ने अपनी माँ को पूरी बात बताई। परिजनों की सहमति से मामले की शिकायत 26 जून को गाजीपुर के बहरियाबाद थाने में दर्ज हुई। पुलिस ने अरमान अंसारी पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा 354, 366, 504, 506, 376, 323 के साथ SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कर ली। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाने के साथ अदालत में बयान दर्ज करवाए गए। इधर खुद पर केस दर्ज होने के बाद अरमान अंसारी फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

शुक्रवार (28 जून 2024) की सुबह पुलिस को मुखबिर ने अरमान के सैदपुर हाइवे के पास मौजूद होने की सूचना दी। पुलिस ने फ़ौरन ही वहाँ पहुँच कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। शमीम अहमद के 25 वर्षीय बेटे अरमान का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया तो उस पर पहले से ही 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज मिले। इन मुकदमों में लूट, धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर अधिनियम, चोरी और अवैध अस्त्र रखने जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई में जुटी है।