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सोने की तस्करी के लिए यूट्यूबर साबिर अली ने चेन्नई एयरपोर्ट पर खोल ली दुकान, 2 महीने में ही ₹160 करोड़ का गोल्ड कर दिया पार: 9 गिरफ्तार

चेन्नई में सोना तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह को ध्वस्त किया गया है। इस गिरोह ने सोना तस्करी के लिए चेन्नई के एयरपोर्ट पर ही करोड़ों की लागत से फर्जी दुकान खोल ली थी। इसको चलाने वाले एक यूट्यूबर सबीर अली और उसके 7 चेलों को पकड़ा गया है। सामने आया है कि यह लोग 2 महीने में ही ₹167 करोड़ के सोने की तस्करी कर चुके थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चेन्नई एयरपोर्ट पर सोना तस्करी करने के लिए साबिर अली नाम के एक यूट्यूबर ने ₹70 लाख देकर एक दुकान किराए पर ली थी। यह दुकान विदवेदा कम्पनी से किराए पर ली गई थी। यह कम्पनी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के लिए दुकानों का प्रबन्धन करती है।

साबिर अली ने एयरपोर्ट पर गिफ्ट की फर्जी दुकान खोल ली थी। इसमें काम करने के लिए 7 कर्मचारियों को भी रखा गया था। हालाँकि, इस दुकान का असल मकसद विदेश से लाए गए तस्करी के सोने को एयरपोर्ट के बाहर निकालना था। यह सभी कर्मचारी इसी काम में लगे हुए थे।

यह सभी विदेशों से आने वाले यात्रियों से तस्करी का सोना चुपके से लेते थे और उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालते थे। यह यात्री भी एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलते थे बल्कि भीतर से ही श्रीलंका चले जाते थे। यह कर्मचारी इन यात्रियों से बाथरूम में सोना लेते थे।

इनको यह सोना एयरपोर्ट से बाहर निकालने में कोई दिक्कत नहीं होती थी क्योंकि इनको सुरक्षा जाँच से काफी छूट मिली हुई थी। इसी कारण यह सोना बाहर ले जाते थे। इनको एयरपोर्ट पर काम करने के लिए विशेष पहचान पत्र मिले हुए थे। पूछताछ में पता चला है कि यह पिछले 2 महीने में ₹167 करोड़ के सोने की तस्करी कर चुके थे।

ऐसे पकड़ा गया सोना तस्करी गैंग

कुछ दिनों पहले इसी दुकान के एक कर्मचारी को गुदा में 1 किलो सोना छुपाते हुए पकड़ा गया था। इस कर्मचारी ने यह सोना पाउडर की शक्ल में अपने गुदा में छुपा रखा था। इसके साथ ही एक यात्री भी पकड़ा गया था जो कि आगे श्रीलंका जा रहा था। इन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद पूरे गैंग का खुलासा हुआ।

एजेंसियों को पता चला कि साबिर अली ने यहाँ ₹70 लाख की दुकान सिर्फ इसीलिए किराए पर ली थी। यह पूरा तस्करी रैकेट विदेश से चलता है। इस रैकेट ने कुछ समय पहले साबिर अली से सम्पर्क किया था। अबूधाबी में रहने वाले एक श्रीलंकाई ने साबिर को यह दुकान खोलने के लिए तस्करी गैंग ने ₹70 लाख दिए थे।

साबिर अली के साथ ही उसके सभी कर्मचारियों को सोना तस्करी की ट्रेनिंग भी दी गई थी। इनको एयरपोर्ट पर सिविल एविएशन ब्यूरो (BCAS) से मिलने वाले पहचान पत्र भी मिले हुए थे। यह सभी सोना तस्करी करने के लिए ₹3 करोड़ की रिश्वत भी पा चुके थे।

अब सुरक्षा एजेंसियों ने इस गैंग के सरगना साबिर अली और इन आठों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ फर्जी दुकान का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इन्हें जेल भेज दिया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन अब इस मामले में जाँच कर रहा है।

‘यहाँ रखते तो थाने पर हमला हो सकता था’ : महिला को सरेआम पीटने वाले को गिरफ्तार करके बंगाल पुलिस में दिखा खौफ, ताजेमुल (JCB) को इस्लामपुर भेजा गया

पश्चिम बंगाल की सड़क पर महिला से सरेआम मारपीट करने वाले ताजेमुल हक को चोपड़ा जेल में न रखकर इस्लामपुर में शिफ्ट किया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस को संदेह था कि अगर उसे चोपड़ा थाने में रखा जाता तो पुलिस थाने पर हमला हो सकता था।

इस संबंध में समाचार एजेंसी को इस्लामपुर पलिस के एसपी जोबी थॉमस ने जानकारी दी। उन्होंने कहा- “अगर हम चोपड़ा में उसे रखते हैं तो थाने पर हमला हो जाता। हमने सुरक्षा लिहाज से उसे इस्लामपुर में रखा है।”

इससे पूर्व मीडिया रिपोर्ट्स में ताजेमुल हक चोपड़ा को टीएमसी विधायक हामिदपुर रहमान का करीबी बताया गया था। साथ ही ये भी कहा गया था कि तालिबान स्टाइल में अपनी ‘इंसाफ सभा’ चलाता है जहाँ तुरंत शरिया मुताबिक कार्रवाई की जाती है।

इसी क्रम में उसने बंगाल के दीनाजपुर में एक महिला को निर्ममता से सरेआम सड़क पर मारा था। महिला की गलती ये थी कि वो शादीशुदा होने के बावजूद किसी और शख्स से मिल रही थी। रविवार को उस महिला को उस युवक के साथ पकड़ा गया तो ताजेमुल अपनी छड़ी लेकर आ गया। उसने महिला को बीच राह में ताबड़तोड़ छड़ी मारनी शुरू की। उसने ऐसा तब तक किया जब महिला बेहोश नहीं हो गई।

घटना की वीडियो वायरल होने के बाद जब सोशल मीडिया पर इसे लेकर सवाल हुआ तो पहले तो टीएमसी विधायक हमीदुJ रहमान ने ताजेमुल के एक्शन की निंदा करने की बजाय महिला के चरित्र पर सवाल उठाए।

वहीं बंगाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को तो गिरफ्तार किया, लेकिन फिर वो उनके खिलाफ सख्त होने लगी जिन्होंने वीडियो शेयर की थी। तमाम सोशल मीडिया यूजर्स हैं जिनके वीडियो शेयर करने पर बंगाल पुलिस ने एक्स से अनुरोध किया है कि वो उनका पोस्ट हटा दें।

JCB की ‘शरिया कोर्ट’ पर पर्दा डाल रही बंगाल पुलिस? महिला की बर्बर पिटाई का Video हटाने को कहा, राजदीप सरदेसाई की चुप्पी पर पोस्ट भी नहीं पसंद

पश्चिम बंगाल के उत्तर दीनाजपुर से 30 जून 2024 को ताजेमुल उर्फ जेसीबी द्वारा की जा रही एक महिला की निर्ममता से पिटाई की वीडियो वायरल हुई थी। सोशल मीडिया पर इसे तमाम लोगों द्वारा शेयर किया गया था। सवाल उठाए गए थे कि क्या ये तालिबान शासन जैसा नहीं है जहाँ शरिया कोर्ट में महिलाओं के साथ बर्बरता होती है। बाद में बंगाल पुलिस ने वीडियो संज्ञान में आने पर आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे अरेस्ट भी किया। हालाँकि अब खबर है कि ताजेमुल नाम के आरोपित की गिरफ्तारी के बाद अब बंगाल पुलिस उन लोगों के खिलाफ एक्शन ले रही है जिन्होंने घटना की वीडियो शेयर करके सबको मामले से अवगत कराया था। इस लिस्ट में कई लोगों के नाम हैं। हैरानी की बात ये है कि इसमें शहजाद जयहिंद भी हैं जिन्होंने इस मामले में सिर्फ टीएमसी सांसद के पति पत्रकार राजदीप सरदेसाई की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।

वीडियो शेयर करने वालों पर कार्रवाई

सबसे पहले रश्मि सामंत का ट्वीट देखिए। रश्मि सामंत ने अपने ट्वीट में वीडियो को शेयर करते हुए कहा था कि सरेआम महिला को मारा जा रहा है ये अफगानिस्तान नहीं बंगाल है।

कुछ देर बाद रश्मि को पता चला कि बंगाल पुलिस ने उनका ट्वीट हटवाने के लिए एक्स को संपर्क किया है। उन्होंने इसका स्कीनशॉट शेयर कर लिखा कि असली तानाशाही ये होती है।

इसी प्रकार अश्विनी श्रीवास्तव ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा था ममता का बंगाल महिलाओं के लिए तालिबान से अधिक खतरनाक है।

अश्विन भी थोड़ी देर बाद जानकारी देते हैं आईटी एक्ट के उल्लंघन के तहत उनके इस ट्वीट को हटवाने के लिए बंगाल पुलिस ने एक्स को अनुरोध किया है।

इसी प्रकार से एक नेटिजन्स ऋषि बागरी का तो कहना है कि उनपर इस मामले में बंगाल पुलिस ने केस किया है। अपने ट्वीट में बागरी ने कहा कि उन्होंने सीपीआईएम नेता मोहम्मद सलीम का एक वीडियो को शेयर किया था। अब बंगाल पुलिस ने उनपर केस कर कर लिया है। ऋषि इस संबंध में लिखते हैं- आरोपितों के विरुद्ध एक्शन लेने की बजाय ये लोग जानकारी देने वालों को गिरफ्तार करने में लगे हैं। असल में तानाशाही का रूप ऐसा होता है। मालूम हो कि ऋषि ने अपने ट्वीट में पुलिस से कार्रवाई की बात कही है, मगर उन्होंने स्क्रीनशॉट वैसा ही लगाया है जैसा बाकी यूजर्स ने यानी X द्वारा प्राप्त मेल का।

वहीं वकील शशांक शेखर झा के पोस्ट को भी बंगाल पुलिस ने एक्स से हटाने को कहा है। इस पर शशांक झा लिखते हैं, “बंगाल पुलिस क्या सच में तुम में कोई शर्म नहीं बची है। तुम वाकई इस पोस्ट को डिलीट करवाने को कह रहे हो?”

शुभम नाम का एक यूजर भी एक्स से आए मेल का स्क्रीनशॉट शेयर करके कहता है कि बंगाल पुलिस ने उसके पोस्ट पर भी नोटिस भेजा है। शुभम लिखते हैं- ऐसा लग रहा है कि बंगाल पुलिस को समझना मुश्किल नहीं हैं, वो सिर्फ लोगों को नोटिस भेजकर आवाजें दबाने का काम करते हैं। इनके कड़ी मेहनत को प्रणाम। बंगाल पुलिस 24X7 सेवा में तत्पर है, पर लोगों के नहीं, टीएमसी के।

पत्रकार प्रदीप भंडारी को भी ऐसे वीडियो शेयर करने पर एक मेल आया है। इस पर प्रदीप लिखते हैं- अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई- नहीं, जो पत्रकार अपराध को रिपोर्ट करें उनपर एक्शन- हाँ.. बंगाल में आपका स्वागत है।

इसके अलावा बंगाल पुलिस ने एक्स से ये कार्रवाई भाजपा नेता शहजाद जय हिंद के खिलाफ भी करने को कहा है जबकि उन्होंने अपनी वीडियो में राजदीप सरदेसाई की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सिर्फ ये पूछा था कि आखिर राजदीप इस मामले में 9 बजे कोई डिबेट क्यों नहीं करते जहाँ महिला को मारा गया और टीएमसी करीबी ने इसे जायज ठहराया।

बता दें कि राजदीप सरदेसाई टीएमसी सांसद सागरिका घोष के पति हैं लेकिन साथ में पत्रकार भी हैं। वे अक्सर ऐसे मुद्दों को तब उठाते हैं जब मामला भाजपा शासित प्रदेश का हो, मगर इस बार उन्होंने चर्चा नहीं की। इसी को लेकर शहजाद ने सवाल किया। हालाँकि बंगाल पुलिस को इसमें भी आईटी एक्ट का उल्लंघन दिखा और उन्होंने एक्स से कार्रवाई को बोला। वहीं शहजाद ये मेल पाने के बाद कहते दिखे- “टीएमसी सांसद का ऐसा रुतबा है कि बंगाल पुलिस मुझपर कार्रवाई करना चाहती है। क्या ये लोकतंत्र और सहिष्णुता है। जेल चला जाऊँगा, लेकिन पोस्ट नहीं हटाऊँगा।”

वीडियो में क्या था

उल्लेखनीय है कि रविवार को सामने आई वीडियो में दिख रहा था कि ताजेमुल महिला को डंडे से मार रहा था। महिला बार-बार उसे छोड़ने की गुहार लगा रही थी लेकिन ताजेमुल रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने महिला को तब तक मारा जब तक वो बेहोश नहीं हो गई। इसके बाद उसने महिला के अचेत होते ही उसे लात मार दी। वीडियो में महिला के अलावा एक अन्य व्यक्ति को भी पीटते हुए देखा जा रहा है।

192 की रफ्तार से चली ‘आँधी’ को थाम चैंपियन बना भारत, पर 210 की स्पीड वाले तूफान में फँसी: टीम इंडिया की नहीं हुई घर वापसी, जिस होटल में कैद वह भी ‘बेरिल’ के खतरे से सटा

बारबाडोस में T20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम चक्रवात के चक्कर में वहीं फँस गई है। भारतीय टीम के खिलाफ एयरपोर्ट बंद होने के कारण अपने देश भारत वापस नहीं आ पा रहे। उनको मजबूरी में होटल में ही रुकना पड़ा है। बारबाडोस से टकराने वाले इस तूफ़ान का नाम बेरिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (29 जुलाई, 2024) को जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम को सोमवार (1 जुलाई, 2024) को बारबाडोस से वापस आना था। इसके लिए वह पहले बारबाडोस से न्यूयॉर्क जाते जहाँ से उन्हें दुबई जाना था। इसके बाद दुबई से वह भारत की फ्लाइट पकड़ते। हालाँकि, चक्रवात बेरिल के कारण बारबाडोस का एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है।

इस एयरपोर्ट से कोई उड़ान नहीं हो रही है। इस कारण से भारतीय टीम होटल में फँसी हुई है। भारतीय टीम के साथ उनके परिवार भी हैं। इसके अलावा भारतीय टीम का सपोर्ट स्टाफ, कोच राहुल द्रविड़ और BCCI सचिव जय शाह भी यहीं फँसे हुए हैं। यह सभी बारबाडोस के होटल हिल्टन में रुके हैं।

होटल के कामकाज में भी चक्रवात के कारण दिक्कत आ रही है। अब एयरपोर्ट खुलने के बाद ही भारतीय टीम वापस आ सकेगी। यह भी जानकारी सामने आई है कि होटल हिल्टन भी समुद्री तट के काफी नजदीक स्थित है। इसके भी चक्रवात में काफी प्रभावित होने की आशंका है।

BCCI सचिव जय शाह ने इस बीच बारबाडोस से नई दिल्ली के बीच सीधी चार्टर फ्लाइट के प्रयास भी किए हैं। लेकिन इसकी भी उड़ान तभी संभव है जब एयरपोर्ट खुल सके। ऐसे में तब तक उन्हें बारबाडोस में ही रहना होगा। उनके साथ भारत से वर्ल्डकप की कवरेज के लिए गए कई पत्रकार भी यहीं फँसे हैं।

खतरनाक हुआ बेरिल

जिस बेरिल चक्रवात के कारण भारतीय टीम बारबाडोस में फंसी हुई है, वह अत्यंत खतरनाक श्रेणी में डाल दिया गया है। इस चक्रवात के कारण 210 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएँ चलने की आशंका है। यह चक्रवात बारबाडोस के साथ ही अन्य कैरीबियन द्वीपों को प्रभावित करेगा। इसके कारण समुद्र के लहरों के भी 9 फीट तक उठने की आशंका है। इसके टकराने से बारबाडोस समेत तमाम देशों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस चक्रवात के डर से बारबाडोस के लोगों ने अपने घरों पर सुरक्षा के लिए मजबूत तख्तियाँ लगाना चालू कर दिया है।

गौरतलब है कि भारतीय टीम 29 जून, 2024 को आखिरी गेंद तक चले रोमांचक फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 7 रनों से हरा कर वर्ल्डकप ट्रॉफी पर कब्जा किया था। इस मैच में कई उतार चढ़ाव के मौके आए। दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हेनरी क्लासेन जब तक बैटिंग कर रहे थे, तब तक भारत पीछे दिखाई दे रहा था।

हेनरी क्लासेन इस दौरान 192 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। उनके आउट होने के बाद मैच भारत की तारफ पलट गया। भारत ने 13 वर्षों के बाद कोई विश्वकप जीता है। रोहित शर्मा की अगुवाई में यह एक वर्ष के भीतर दूसरा फाइनल मुकाबला था। इस टीम के भारत लौटने पर स्वागत का इंतजाम किया जा रहा है।

‘हिंदू से की शादी तो मोहल्ले वालों के सामने कपड़े छीने, गाँव में नचाया’: मुस्लिम महिला को परिजन दे रहे धमकी, पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

रायबरेली में एक मुस्लिम महिला का हिन्दू व्यक्ति से शादी करना उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। महिला के साथ उसके परिजन और मोहल्ले वाले मारपीट और गालीगलौज करते हैं। महिला और उसके पति को मारने की धमकी भी दी गई है। मुस्लिम महिला ने पुलिस से इस मामले में शिकायत की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रायबरेली के खीरों थाना क्षेत्र की रहने वाली एक मुस्लिम महिला सरवरी बेगम ने हाल ही में एक हिन्दू पुरुष नितिन अवस्थी से शादी की है। दोनों इससे पहले प्रेम संबंध में थे। सरवरी बेगम और नितिन अवस्थी ने कोर्ट में शादी की है।

शादी के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरवरी बेगम जब नितिन से शादी करने के बाद अपने घर गईं तो उनके साथ मारपीट की गई। सरवरी बेगम के परिजनों ने मोहल्ले वालों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। उनको घर में रहने से मना किया गया।

सरवरी बेगम ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले वालों ने उनके कपड़े तक छीन लिए और गाँव में घुमाया, यह सब लोगों के हुजूम के आगे हुआ। सरवरी ने बताया कि उनको और उनके पति को जान से मारने की लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उनको इलाका छोड़ने की धमकी भी दी जा रही है।

सरवरी बेगम के पति ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में मई, 2024 में सरवरी बेगम से शादी की थी। उनका यह कदम सरवरी के परिजनों को रास नहीं आया और वह उन्हें मारने पीटने लगे। जब नितिन अपनी पत्नी को बचाने पहुँचे तो उनके साथ भी मारपीट भी की।

सरवरी बेगम के परिजन उनको हिन्दू से विवाह करने के लिए लगातार ताने देते हैं। इसी को लेकर सरवरी बेगम और उनके पति नितिन अवस्थी ने रायबरेली के एसपी से इस मामले में शिकायत की है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की माँग की है।

रात के अंधेरे में हिंदू परिवार के घर में घुसी मुस्लिम भीड़, अमन को पीट-पीटकर मारा, महिलाओं की हालत गंभीर: UP पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद तौफीक समेत 4 गिरफ्तार, 3 की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शनिवार (29 जून 2024) को एक मुस्लिम भीड़ ने अमन कुमार के घर पर रात में हमला कर दिया था। यह हमला पुरानी रंजिश और रुपयों के लेन-देन की वजह से किया गया था। हमले में पीड़ित परिवार के पुरुषों के अलावा महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा गया था। घायल अमन कुमार की अस्पताल में मौत हो गई थी। इस हमले में शामिल तौफीक, रिजवान, रहमान और अबरार अली को पुलिस ने 30 जून (रविवार) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने पुलिस पर भी गोलियाँ चला दी थीं। जवाबी कार्रवाई में 2 आरोपितों के पैर में गोली लगी। फरार चल रहे अन्य 3 हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह मामला हरदोई जिले के थानाक्षेत्र पाली का है। यहाँ के गाँव खेमपुर में अमन कुमार 29 जून (शनिवार) की रात पूरे परिवार के साथ अपनी छत पर सो रहा था, तभी अमन की छत पर रिज़वान, इश्तियाक, रहमान, तौफीक, जावेद, अबरार और एक अन्य रिज़वान चोरी-छिपे चढ़ गए। इनके पास लाठी-डंडों के अलावा तमंचे भी थे। इन सभी आरोपितों ने छत पर चढ़कर सो रहे अमन के परिवार पर हमला बोल दिया। हमलावरों को जो भी मिला उसे बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित परिवार सहित गाँव में अफरातफरी का माहौल फ़ैल गया।

हमलावरों ने अमन कुमार, देव कुमार, राजवीर, के साथ इसी परिवार की दयावती और पूजा नाम की महिलाओं को बेरहमी से पीटा। बाद में सभी 7 हमलावर तमंचे से फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुँचाया। अमन, पूजा और दयावती की हालत गंभीर होता देख इन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। अमन कुमार ने लखनऊ पहुँच कर दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का इलाज हरदोई और लखनऊ में चल रहा है।

पीड़ित परिजनों से तहरीर ले कर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे में रिज़वान, इश्तियाक, रहमान, तौफीक, जावेद, अबरार और एक अन्य रिज़वान को नामजद किया गया। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/307/147/148/149/323/504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई। फरार चल रहे सभी 7 हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया। स्थानीय थाना पुलिस की मदद के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को भी लगा दिया गया।

रविवार (30 जून 2024) को एक मुखबिर ने पुलिस को बताया कि फरार चल रहे 4 हमलावर एक महिंद्रा TUV कार से कहीं भागने की फिराक में हैं। इन सभी की लोकेशन पाली कस्बा मार्ग के बैरिया तिराहे पर बताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम फ़ौरन ही घटनास्थल की तरफ रवाना हो गई। सूचना सही पाई गई और पुलिस ने TUV कार सवारों को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने एक आम के बाग़ की तरफ भागते हुए गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस के मुताबिक यह हमला जान से मार डालने की नीयत से किया गया था।

आखिरकार मजबूरन पुलिस को भी आत्मरक्षा में गोलियाँ चलानी पड़ीं। जवाबी कार्रवाई में रिजवान और तौफीक के पैरों में गोली लगी। साथी बदमाशों को घायल देख कर रहमान और अबरार अली भागने लगे जिन्हें उनके दोनों घायल साथियों के साथ घेराबंदी कर के गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी तलाशी के दौरान इनके पास से 3 तमंचे, 3 जिन्दा कारतूस, 4 खोखा कारतूस, अमन की हत्या में प्रयोग हुए खून से सने 4 डंडे बरामद हुए। TUV कार को भी सीज कर दिया गया है।

आरोपितों के हमले में हेड कांस्टेबल विश्वजीत सिंह और सिपाही विनय कुमार घायल हो गए थे। इन दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। दोनों जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल तौफीक और रिज़वान का भी इलाज करवाया गया है। जावेद, रिज़वान और इश्तियाक अभी फरार चल रहे हैं। इन तीनों की तलाश जारी है। पुलिस तमाम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पीड़ित हिन्दू परिवार के घायल सदस्यों का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बंगाल में महिला की बर्बर पिटाई वाले वीडियो पर ममता की पुलिस का पहरा: ताजेमुल (JCB) की गिरफ्तारी, सोशल मीडिया पर कानूनी धमकी भी

बंगाल के दिनाजपुर में रविवार (30 जून 2024) को खुलेआम एक महिला की पिटाई करने के मामले में पुलिस ने आरोपित ताजेमुल उर्फ जेसीबी को गिरफ्तार कर लिया है। खबरों में बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद आरोपित की गिरफ्तारी हुई।

ताजेमुल की गिरफ्तारी के बाद एक वीडियो भी सामने आई है। इस वीडियो में ताजेमुल सीना तालकर थाने में घुसता दिख रहा है। मानो उसे अपने किए का कोई पछतावा ही नहीं हो। वहीं उसकी वीडियो शेयर करने वाली रश्मि सामंत के खिलाफ भी बंगाल पुलिस सख्त हुई है। रश्मि सामंत के ट्वीट के अनुसार, बंगाल पुलिस ने एक्स को मेल भेजकर अपील की है कि रश्मि के ट्वीट को हटा दिया जाए जिसमें ताजेमुल मारपीट करता दिख रहा है।

बता दें कि महिला से मारपीट मामले की वीडियो सामने आने के बाद BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने दावा किया था कि ताजेमुल के संबंध तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता है। हालाँकि, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भी इस घटना के बाद ताजेमुल से अपना पल्ला झाड़ लिया है। टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कहा, “पार्टी ने कभी ऐसे हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया है। भाजपा को इस मामले में कुछ बोलने से पहले अपने राज्यों में हालात देखने चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि रविवार को सामने आई वीडियो में दिख रहा था कि ताजेमुल महिला को डंडे से मार रहा था। महिला बार-बार उसे छोड़ने की गुहार लगा रही थी लेकिन ताजेमुल रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने महिला को तब तक मारा जब तक वो बेहोश नहीं हो गई। इसके बाद उसने महिला के अचेत होते ही उसे लात मार दी। वीडियो में महिला के अलावा एक अन्य व्यक्ति को भी पीटते हुए देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इन दोनों के बीच अफेयर था। महिला को उसके ससुराल वाले कई बार चेतावनी दे चुके थे कि वो उस शख्स से न मिले लेकिन महिला लगातार उससे मिलती थी। रविवार को जब दोनों को एक साथ पकड़ा गया तो मारपीट की यह घटना सरेआम हुई और इस घटना की वीडियो भी वायरल हो गई।

बंगाल के दिनाजपुर से वायरल हुई इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी आलोचना की। इसी क्रम में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की पूर्व अध्यक्ष रश्मि सामंत ने भी इस वीडियो पर सवाल उठाए। उन्होंने ऐसी हरकत को तालिबानी हरकत से जोड़ा और कहा कि ये अफगानिस्तान नहीं बल्कि बंगाल है।

अब उनके इसी ट्वीट के बाद बंगाल पुलिस ने एक्स से शिकायत की है कि ये कंटेंट भारत के आईटी एक्ट के खिलाफ है और इसे प्लेटफॉर्म से हटाया जाना चाहिए। हालाँकि एक्स ने कंटेंट को हटाने से पहले इस संबंध में रश्मि को सूचित किया और रश्मि ने ये स्क्रीनशॉट अपने ट्वीट में लगाया है। उन्होंने कहा है कि बंगाल में एक महिला की आवाज उठाने पर अकॉउंट बंद करवाने की कोशिश हो रही है। तानाशाही जिंदा है और फल-फूल भी रही है।

भूखी-प्यासी चिल्लाती रही माँ-बेटी, सोहेल ने घर में घुस जिंदा चुनवा दिया: पड़ोसियों ने दीवाल तोड़ बचाई जान, पाकिस्तान के हैदराबाद की घटना

पाकिस्तान के हैदराबाद में एक माँ-बेटी को उसके रिश्तेदारों ने दीवाल से चुनवा दिया। माँ-बेटी को उसके पड़ोसियों ने बचाया। माँ-बेटी को सम्पत्ति के विवाद के कारण दीवाल में चिनवाया गया। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के लतीफाबाद इलाके में रहने वाली तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को उसके देवर ने बंद करके यह कारनामा किया है। तस्लीम जहाँ ने बताया कि उसके शौहर की 20 साल पहले मौत हो चुकी है।

तस्लीम जहाँ ने बताया कि अपने घर में वह अपनी बेटी के साथ रहती है। घर के एक हिस्से में उसका एक देवर इरफ़ान और उसका भतीजा सोहेल रहता है। उसके पति अब्दुल हक़ ने सोहेल के बाप अब्दुल अजीज को इसी मकान में रहने के लिए हिस्सा दिया था।

सोहेल वर्तमान में इस घर में अपनी पत्नी के साथ रहता है। सोहेल ने कुछ वर्षों से तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को परेशान कर रखा है। सोहेल ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को तस्लीम और उसकी बेटी को पहले एक जगह बंद कर दिया।

इसके बाद सोहेल ने पहले ही से लाकर रखे गए ईंट और सीमेंट से उनके चारों तरफ दीवाल बना दी। इससे महिला इसी जगह फंस कर रह गई। महिला को लम्बे समय तक इसी चारदीवारी में भूखे प्यासे बंद रहना पड़ा। इसके कुछ समय बाद उससे उनके पड़ोसियों ने सम्पर्क किया।

जब पड़ोसियों को पता लगा कि तस्लीम जहाँ को दीवाल से चुनवा दिया गया है, तो उन्होंने यह सूचना पुलिस को दी। इसके बाद तस्लीम जहाँ के पड़ोसियों ने पुलिस के साथ मिलकर दीवाल तोड़ी और उसे बचाया।

महिला का कहना है कि उसका देवर भी इस मामले में उसकी कोई मदद नहीं कर रहा और घर कागज उसके ही पास हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस ने सोहेल या उसके किसी भी परिजन को गिरफ्तार नहीं किया है।

‘मुस्लिम राष्ट्र के कुछ आचार-विचार होते हैं’: जिस महिला की खुलेआम हुई पिटाई उसे TMC विधायक हमीदुल रहमान ने बताया ‘दुष्ट जानवर’

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में खुलेआम एक भीड़ के सामने एक महिला की पिटाई की गई। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्य में शरिया कानून लागू हो गया है? ऐसा इसीलिए, क्योंकि जिस ताजेमुल उर्फ़ JCB ने इस घटना को अंजाम दिया है वो ‘त्वरित न्याय’ के लिए जाना जाता है, पुलिस-कोर्ट तक की उसके सामने कोई वैल्यू नहीं। वो चोपरा से TMC विधायक हमीदुल रहमान का करीबी है। अब विधायक ने इस पर और निंदनीय बयान दिया है।

BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने कहा कि ताजेमुल तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता है। वीडियो में एक महिला के अलावा एक पुरुष को भी जमीन पर पटक कर पीटे जाते हुए देखा गया। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक हमीदुल रहमान ने अपने करीबी का बचाव करते हुए जिस महिला की पिटाई हुई उसे ही ‘दुष्ट जानवर’ कह दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त महिला की गतिविधियाँ ‘असामाजिक’ थीं।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से उनका या पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC का कोई लेना-देना नहीं है। विधायक हमीदुल रहमान ने इसे गाँव का मसला बताते हुए कहा कि महिला ने भी गलती की है, उसने अपने पति और बेटा-बेटी को छोड़ दिया। चोपरा के विधायक ने कहा कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के हिसाब से कुछ संहिता और न्याय होते हैं। हालाँकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि जो हुआ वो बहुत ज़्यादा था और कानून अपना काम करेगा।

फ़िलहाल पुलिस ने आरोपित ताजेमुल को गिरफ्तार कर लिया है। इस्लामपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट जॉबी थॉमस K ने कहा कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने घटना के पीछे जाँच की बात कही है। TMC विधायक हमीदुल रहमान का कहना है कि पीड़िता या उसके पति ने कोई FIR नहीं दर्ज कराई है, केवल मीडिया इसे फैला रही है। उस क्षेत्र में ‘सालिशी सभा’ नाम का कंगारू कोर्ट चलता है।

हिन्दू लड़की को भगा ले गया अमज़द, ₹65000 के गहने भी ले गई: जमानत पर बाहर वकील रईसुद्दीन ने की मदद, उल्टे आक्रोशित हिन्दुओं पर ही हमला

उत्तराखंड के देहरादून से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ अमजद नाम के युवक पर गुरुवार (27 जून, 2024) को एक हिन्दू लड़की को भगा कर ले जाने का आरोप लगा है। अमजद का साथ रईसुद्दीन नाम के एक वकील ने दिया है जिसकी वकालत के लाइसेंस को निरस्त करने की भी माँग उठ रही है। हिन्दू संगठन के सदस्य जब रईसुद्दीन के घर विरोध करने पहुँचे तो उन पर हमला भी हुआ जिसमें ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला देहरादून के थाना क्षेत्र विकास नगर का है। यहाँ गुरुवार को एक लड़की अचानक ही अपने घर से गायब हो गई। घर में रखे लगभग 65 हजार रुपए मूल्य के जेवर भी नहीं मिले। पीड़िता के घर वालों ने मोहम्मद अमजद नाम के व्यक्ति पर लड़की को भगा ले जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अमजद के ही कहने पर पीड़िता 65 हजार रुपए मूल्य के गहने भी साथ ले गई है। आरोपित की मदद का आरोप विकास नगर के एक वकील रईसुद्दीन पर लगा है।

मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठन के सदस्यों को हुई तो वो पीड़िता के घर पहुँच गए। सबने मिल कर वकील रईसुद्दीन के घर का रुख किया। आरोप है कि रईसुद्दीन के घर पर प्रदर्शनकारियों पर हमला हुआ। इस हमले में ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। घायल का इलाज करवाया गया है। हमले के बाद भीड़ भड़क गई। भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की भी खबर है। आक्रोशित लोगों ने हरबर्टपुर पुलिस चौकी के आगे हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही तमाम सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।

प्रदर्शनकारी पीड़िता को सही सलामत बरामद करने, अमजद के साथ रईसुद्दीन को गिरफ्तार करने व रईसुद्दीन की वकालत का लाइसेंस रद्द करने की माँग कर रहे थे। भीड़ द्वारा किए गए प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने हिंदुस्तान में ही हिन्दू को असुरक्षित बताया। फ़िलहाल पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मोहम्मद अमजद के साथ रईसुद्दीन के खिलाफ भी नामजद FIR दर्ज कर ली है।

रईसुद्दीन पर पहले से केस दर्ज बताए जा रहे हैं। उसे जेल भी भेजा गया था। आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद भी उसकी आपराधिक हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोपित और पीड़िता की तलाश में दबिश दी जा रही है। तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।