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TISS में 100 लोगों की गई नौकरी, टाटा ने रोकी फंडिंग: यहाँ सेना को बताया जाता है ‘रेपिस्ट’, शरजील इमाम के समर्थन में लगते हैं नारे

वामपंथियों का अड्डा माने जाने वाले टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस (TISS) ने 100 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इन कर्मचारियों को फंड की कमी के कारण नौकरी से बाहर किया गया है। बताया जा रहा है कि टाटा समूह के TISS को फंड ना देने के कारण यह नौकरियाँ गई हैं। TISS इससे पहले कई विवादों में घिरा रहा है। TISS में पढ़ने वाले छात्रों पर राजद्रोह के मुकदमे में बंद शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाने के आरोप लग चुके हैं। यहाँ कश्मीर की आजादी को लेकर पोस्टर भी छपे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TISS ने 55 शिक्षकों और 60 अन्य स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया है। यह एक्शन शुक्रवार (28 जून, 2024) को लिया गया है। TISS ने अपने मुंबई कैम्पस से 20, हैदराबाद कैम्पस से 15, गुवाहाटी कैम्पस से 14 और तुलजापुर कैम्पस से 6 लोगों को निकाला है।

बताया गया है कि इन लोगों को TISS की तरफ से भेजे गए इमेल में इसका कारण टाटा एजुकेशन ट्रस्ट से पैसे का ना मिलना बताया है। TISS प्रशासन ने मीडिया को बताया है कि उसने कई बार टाटा एजुकेशन ट्रस्ट को पैसे भेजने की माँग की, लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं मिला।

TISS से निकाले गए यह सभी कर्मचारी संविदा पर थे। इनमें से कुछ 10 साल से अधिक समय से यहाँ काम कर रहे थे। निकाले गए कर्मचारियों ने कहा है कि उनका TISS के साथ काम करने का अनुबंध मई महीने में खत्म हो गया लेकिन वह फिर भी इस उम्मीद में काम करते रहे कि उन्हें आगे भी काम पर रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि उनका अनुबंध नवीनीकृत नहीं किया गया है, जिसके कारण अब वह नौकरी नहीं कर पाएँगे। दूसरी तरफ TISS प्रशासन ने कहा है कि अगर उसे टाटा एजुकेशन ट्रस्ट से पैसा मिल गया तो इन लोगों को नौकरी पर वापस बुला लिया जाएगा, अगर ऐसा नहीं होता तो इनकी नौकरी चली जाएगी। TISS इससे पहले भी कई बार विवादों में रहा है।

TISS के छात्र बने थे आतंकी, NIA का आरोप

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में जाँच करते हुए बताया था कि TISS और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कुछ छात्रों को आतंकी संगठन CPI (माओवादी) ने भर्ती किया था। यह संगठन इनसे आगे आतंकी गतिविधियाँ करवाना चाहता था। इनके पकड़े जाने पर छात्र होने के आधार पर सहानुभूति बटोरने की भी योजना बनाई गई थी। इन छात्रों को भीमा कोरेगाँव हिंसा के आरोपितों ने भर्ती किया था। यह चाहते थे कि भारत में एक समानांतर सरकार खड़ी की जाए। यह सारी जानकारी NIA ने कोर्ट में दी थी।

गौरतलब है कि CPI (माओवादी) भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। यह भारत में नक्सलवाद के सहारे दशकों से आंतरिक सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। इस संगठन के कारण हजारों अर्धसैनिक और पुलिस बलों समेत आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।

TISS में लगते हैं शरजील के समर्थन में नारे, सेना को बताते हैं रेपिस्ट

TISS के भीतर वामपंथी जहर ने अपने पैर लम्बे समय से पसारे हुए हैं। ऑपइंडिया ने वर्ष 2020 में TISS के कुछ छात्रों से बातचीत की थी। इन छात्रों ने ऑपइंडिया को बताया था कि पुलवामा हमले में 40 जवानों के मारे जाने के बाद TISS के एक व्हाट्सएप ग्रुप में इन भारतीय सेना के जवानों पर निर्दोषों की हत्या और रेप करने का आरोप लगा कर उनकी वीरगति का मजाक उड़ाया था। TISS का एक छात्र इन जवानों के मारे जाने पर हंस रहा था।

TISS के भीतर लगातार देश विरोधी कृत्य भी होते हैं। यहाँ प्रधानमंत्री मोदी को गाली दिए जाने वाले पोस्टर छात्र अपने कमरों पर लगाते हैं। TISS के छात्रों ने मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया पर CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यह लोग बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में प्रताड़ित होने वाले हिन्दुओं को भारत में नागरिकता दिए जाने पर गुस्सा थे।

TISS के छात्र संगठन ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने को लेकर भी प्रलाप किया था। TISS के भीतर पूर्वोत्तर को भारत से काटने की बात करने वाले शरजील इमाम के समर्थन में भी नारे लगे थे। यहाँ ABVP की कब्र खुदेगी जैसी बाते हुई थीं।

TISS में छपते रहे हैं कश्मीर की आजादी वाले रिसर्च पेपर-पोस्टर

TISS में भारत को तोड़ने की बाते खुले तौर पर चलती आई हैं। फरवरी, 2020 में एक समीक्षा कार्यक्रम के दौरान TISS में ‘कश्मीर को आजाद करो’, ‘कश्मीर पर से कब्जा हटाओ’ जैसे पोस्टर दिखाई दिए थे। इन्हें कलाकारी के नाम पर लगाया गया था। इनमें CAA-NRC हटाने की बात कही गई थी। इसके अलावा TISS में छपने वाले रिसर्च पेपरों में भी लगातार कश्मीर पर जहर उगला जाता रहा है। प्रगतिशील होने का दावा करने वाले वामपंथी यह जहर फैलाते रहे हैं।

ऐसे ही एक रिसर्च पेपर में अनन्या कुंडू नाम की एक रिसर्चर ने लिखा था, “भारत ने कश्मीर पर कब्जा करने के लिए यहाँ की आवाजों को दबाया और नैरेटिव को नियंत्रित किया। कश्मीर की कहानी कश्मीर नहीं, भारत ने लिखी। आज जिस कश्मीर को हम जानते हैं, वो भारतीय सोच के हिसाब से ही। महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा हुई। पितृसत्तात्मक भारतीय सेना कश्मीरी समाज को तोड़ने के लिए महिलाओं के शरीर को निशाना बनाती है।”

‘गौमाता और भगवान विष्णु भी नहीं दिला सकते T20 वर्ल्ड कप’: हिंदू-घृणा में जिस पाकिस्तानी ने लिखा यह सब, उसने मानी रोहित-बुमराह की जादूगरी

भारत और हिन्दुओं के प्रति पाकिस्तान के इस्लामियों का रवैया हमेशा से ही अपमानजनक रहा है। भारत के वर्ल्डकप मैच के दौरान एक बार यह फिर दिखा है। पाकिस्तान के एक यूट्यूबर सोहराब बरकत ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के फाइनल मैच के दौरान गौमाता और भगवान विष्णु को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की। जब भारत मैच जीत तो यह बन्दा पलट गया और इसे जसप्रीत बुमराह और कप्तान रोहित शर्मा की जादूगरी बताने लगा।

सोहराब बरकत यूट्यूब पर खबरों पर कमेंट्री का एक चैनल चलाता है। उसकी भारत और दक्षिण अफ्रीका के मैच पर की गई टिप्पणी की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें सोहब बरकत कहता है, “साउथ अफ्रीका के खिलाफ ये फाइनल वाले मैच में ये ठप्पा लग चुका था। मैंने खुद जाकर लिखा था कि गौमाता भी नहीं बचा सकती इंडियंस को। सवाल ही पैदा नहीं होता। भगवान विष्णु अगर खुद नीचे आ जाएँ तो भी नहीं बचा सकते। सवाल ही नहीं पैदा होता इनके जीतने का।”

सोहराब बरकत ने यह वीडियो भारत के जीतने के बाद बनाई थी। बरकत ने मैच के बीच में हिन्दुओं, गौआता और उनके आराध्य विष्णु को लेकर कई अपमानजनक पोस्ट किए थे। भारत के मैच जीतने के बाद उसने यह डिलीट कर दिए और इसका ऐलान भी किया।

सोहराब बरकत जहाँ भारत के मैच में फंसने पर गौमाता और भगवान विष्णु को लेकर अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहा था तो वहीं मैच जीतने के बाद उसके सुर बदल गए। उसने रोहित शर्मा और बुमराह की तारीफ़ करना चालू कर दिया। उसने इन दोनों को जादूगर बताया।

बरकत ने वीडियो में कहा, “रोहित शर्मा गेम ऐसे नहीं जीता है, इसके पास जादू है। इसने कुछ जादू किया है, इसने कुछ पढके फूँका है। इसके पास ऐसी कोई शक्ति है जो ये बन्दा कर गया है। इसका एक फैसला इसे वर्ल्ड कप दे गया है।” इसने फेसबुक पर से भी अपनी गाय और विष्णु भगवान वाली पोस्ट हटा ली।

बरकत ने इसके बाद वीडियो में बताया कि जसप्रीत बुमराह ही रोहित शर्मा के जादू रहे। उनको खतरनाक बन चुके हेनरी क्लासेन के खिलाफ लाना रोहित का जादू वाला फैसला रहा। बरकत ने बताया कि जसप्रीत बुमराह रोहित शर्मा के अकेले जादू हैं। बरकत ने कहा कि जसप्रीत बुमराह जादू कर रहा था।

गौरतलब है कि 29 जून, 2024 को बारबाडोस में खेले गए T20 विश्व कप मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात रनों से हरा कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 177 रनों का लक्ष्य दिया था। दक्षिण अफ्रीका 20 ओवर में मात्र 169 रन ही बना पाया।

PM मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में की पहली ‘मन की बात’: चुनाव से लेकर ओलंपिक और आंध्र प्रदेश के अरकू कॉफी पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 जून 2024) को अपने तीसरे कार्यकाल में ‘मन की बात’ के पहला एपिसोड को संबोधित किया। यह ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 111वाँ एपिसोड है। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनावों के सफल आयोजन के लिए देश की जनता का आभार जताया। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक, आंध्र प्रदेश के अरकू कॉफी आदि की भी बात की।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस ओलिंपिक में जाने वाले भारतीय दल को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि इस बार ओलिंपिक में कुछ चीजें पहली बार देखने मिलेंगी। पीएम मोदी ने कहा, “अगले महीने इसी समय तक पेरिस ओलिंपिक शुरू हो जाएँगे। मैं भारतीय दल को शुभकामनाएँ देता हूँ।”

खिलाड़ियों की मनोबल को बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “इस बार हमारा हैशटैग #Cheer4Bharat है। इसके जरिए हमें अपने खिलाड़ियों को चीयर करना है। टोक्यो की यादें अब तक ताजा हैं। तभी से हमारे खिलाड़ी तैयारियों में जुटे थे। 900 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इस बार कुछ चीजें पहली बार देखने मिलेंगी।”

पीएम मोदी ने कहा, “मैं आज देशवासियों को धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने हमारे संविधान और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर अपना अटूट विश्वास दोहराया।” उन्होंने आगे कहा, “2024 का चुनाव दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव था। दुनिया के किसी देश में इतना बड़ा चुनाव कभी नहीं हुआ, जिसमें 65 करोड़ लोगों ने वोट डाला हो।”

हर महीने के अंतिम रविवार को होने वाला यह मासिक रेडियो प्रोग्राम चार महीने बाद हुआ। इससे पहले यह फरवरी में प्रोग्राम हुआ था। तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राजनीतिक मर्यादा का पालन करते हुए लोकसभा चुनाव के इन दिनों में तीन महीने ‘मन की बात’ का प्रसारण नहीं होगा। बता दें उस समय देश में चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी।

लोकसभा चुनाव के बाद के पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हूल दिवस की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि 30 जून को आदिवासी भाई-बहन ‘हूल दिवस’ के रूप में मनाते हैं। यह दिन वीर सिद्धो-कान्हू के अदम्य साहस से जुड़ा है, जिन्होंने विदेशी शासकों के अत्याचार का पुरजोर विरोध किया था। दोनों भाइयों ने 1855 में अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठा लिया था।

उन्होंने कुवैत सरकार द्वारा अपने नेशनल रेडियो पर हिंदी में आधे घंटे के एक कार्यक्रम को शुरू करने पर खुशी जाहिर की। इसके साथ ही 30 जून को आकाशवाणी का संस्कृत बुलेटिन अपने प्रसारण के 50 साल पूरे करने को लेकर भी देशवासियों को बधाई। उन्होंने कहा, “50 साल से लगातार इस बुलेटिन ने कितने ही लोगों को संस्कृत से जोड़े रखा है।”

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के अरकू कॉफी की भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत के कई प्रोडक्ट्स की दुनिया-भर में बहुत डिमांड है। ऐसा ही प्रोडक्ट अरकू कॉफी है। यह आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीता राम राजू जिले में पैदा होती है। ये अपने रिच फ्लेवर-अरोमा के लिए जानी जाती है। अरकू कॉफी की खेती से करीब डेढ़ लाख आदिवासी परिवार जुड़े हुए हैं। 

बता दें कि ‘मन की बात’ को 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में ब्रॉडकॉस्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दारी और सिंहली भाषा शामिल हैं। कार्यक्रम का ब्रॉडकास्ट आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों द्वारा किया जाता है। मन की बात का पहला एपिसोड 3 अक्‍टूबर 2014 को प्रसारित हुआ था।

मिर्जा सरफराज ने साथियों संग 13 साल की दलित बच्ची का बार-बार किया गैंगरेप: हो गई गर्भवती, हालत बिगड़ने से मौत

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बार-बार रेप के कारण 13 की एक साल बच्ची गर्भवती हो गई। अंदरुनी चोट के कारण स्वास्थ्य जटिलाएँ बढ़ गईं और कई अंगों के काम करना बंद कर दिया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। बच्ची के साथ 30 साल के मिर्जा सरफराज ने महीनों तक रेप किया। इलाके में तनाव के बीच सरफराज को गिरफ्तार कर लिया गया है।

लड़की के परिजनों का आरोप है कि उसके घर पर पाँच-सात लोग आए और उनकी 13 साल की बेटी को अगवा करके ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। उन्होंने बताया कि पिछले 8 महीनों में ऐसा कई बार हुआ। इसके कारण उनकी बेटी 8 महीने की गर्भवती हो गई थी। उसकी माँ ने आरोप लगाया कि मिर्जा सरफराज और उसके साथी उसकी बेटी के साथ बलात्कार करते थे।

पब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अपराधियों ने पीड़िता को चुप रहने के लिए जान से मारने की धमकी दी थी। मामला तब प्रकाश में आया जब वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने 30 साल के मिर्जा सरफराज को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है। सरफराज बालंद फरवेज़ कॉलोनी का रहने वाला है। बाकियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

वार्ता भारती की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को पेट दर्द और साँस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद परिवार को उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली। जब पीड़िता से इस बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि मिर्जा सरफराज ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

लड़की के परिजनों का कहना है कि लड़की को गुरुवार (27 जून 2024) की रात को कलबुर्गी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे कई तरह की चोटें आई थीं। अंदरुनी चोटें भी थीं। हालाँकि, शुक्रवार (28 जून 2024) की दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मृतक लड़की के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) कनिका सीकरीवाल ने बताया कि पीड़िता आठ महीने की गर्भवती थी और उसे गुरुवार देर रात निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर को उसे कुछ जटिलताएँ हुईं और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद उसकी मौत हो गई।

पीड़ित परिवार दलित समाज से संबंध रखता है। इसके कारण दलित संगठन विरोध में उतर आए। लड़की की मौत के बाद पीड़िता के रिश्तेदारों और दलित सेना सहित कई दलित संगठनों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपितों के लिए मौत की सजा की माँग की। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। इस घटना को लेकर पुलिस भी सतर्क है।

मृत बच्ची के माता-पिता ने इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर सब अर्बन थाने में पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य आरोपित मिर्जा सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है।

पहली बार 2007 में अफ्रीका को बैट से हराया, 2024 में आखिरी बार कप्तानी से: यह है नंबर-1 रोहित शर्मा की कहानी, संन्यास ले चुके कोहली भी हैं साथ-साथ

भारत ने 29 जून, 2024 को बार्बाडोस में आयोजित T20 विश्वकप फाइनल जीत लिया। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने कांटे के खिताबी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 7 रनों से मात दे दी। इसी के साथ कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेट के T20 प्रारूप से संन्यास लेने की घोषणा कर दी।

फाइनल मुकाबले में 35 वर्षीय विराट कोहली ने 58 गेंदों पर खेलते हुए 76 रन बनाए। उनके रनों के कारण भारत लड़ने लायक स्कोर तक पहुँच सका। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच का ख़िताब भी दिया गया। प्लेयर ऑफ़ द मैच खिताब पाने के बाद दिल्ली में जन्मे बल्लेबाज ने साफ़ कर दिया कि यह उनका आखिरी T20 मैच था।

विराट कोहली ने कहा, “यह मेरा आखिरी T20 विश्वकप था। हमने वो पा लिया, जो सोचा था। जिस दिन जरूरत थी, मैंने अपना काम कर दिया। ईश्वर महान है, मैं अपना सर झुकाता हूँ। अब अगली पीढ़ी के कमान संभालने का मौका आ गया है।”

सलामी बल्लेबाज विराट कोहली का T20 करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 2010 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय T20 मैच खेला था। उन्होंने क्रिकेट के इस तेजतर्रार प्रारूप में 125 मैच खेले हैं, जिनमें से 117 में उन्होंने बल्लेबाजी की है। इन मैचों में उन्होंने 4188 रन बनाए हैं। वह रन बनाने के मामले में विश्व क्रिकेट में दूसरे नंबर पर रहे हैं।

T20 प्रारूप में उनके नाम 1 शतक और 38 अर्धशतक हैं। उनका स्ट्राइक रेट 137 जबकि औसत 48 का रहा है। उनके नाम इस प्रारूप में 369 चौके और 124 छक्के हैं। अपने T20 करियर के दौरान उन्होंने दुनिया की सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 794 रन बनाए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के विरुद्ध भी उन्होंने 492 रन बनाए हैं।

अब अपने संन्यास के बाद वह अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट नहीं खेलेंगे। वह इस प्रारूप के महानतम बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। उनके संन्यास का निर्णय सबको चौंका गया है। उनके संन्यास पर अधिकांश विश्लेषकों ने कहा है कि यह एक सम्मानपूर्ण संन्यास है, और विश्वकप जीतने के बाद इसके ऐलान से अच्छा मौक़ा और कोई नहीं हो सकता था।

कप्तान रोहित शर्मा ने भी टांग दिए जूते

T20 विश्वकप में भारत को शानदार सफलता दिलाते हुए जिताऊ कप्तान रोहित शर्मा ने भी ट्रॉफी पाने के बाद अपने संन्यास का ऐलान कर दिया है। विराट कोहली के बाद उन्होंने साफ़ किया कि वह अब अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की तरफ से नहीं खेलेंगे।

उन्होंने कहा, “मैंने जब से क्रिकेट का यह प्रारूप खेलना चालू किया है, मैंने इसको एन्जॉय किया है। यहाँ जीत के बाद इसे अलविदा कहने का सबसे अच्छा समय है। मैंने भारत के लिए खेलना ही इस प्रारूप से चालू किया था। मैं यह ट्रॉफी जीत कर इसे अलविदा कहना चाहता था, अब वह समय आ गया है।”

भारत के लिए 13 वर्षों के बाद विश्वकप का सूखा खत्म करने वाले रोहित शर्मा इस T20 प्रारूप में सबसे सफल बल्लेबाज हैं। वह 4231 रनों के साथ सबसे इस प्रारूप में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनसे पीछे विराट कोहली हैं। उन्होंने इस प्रारूप में संन्यास लेने से पहले 159 मैच खेले हैं। उनके इस प्रारूप में पाँच शतक और 32 अर्धशतक हैं।

उनका T20 में औसत 42 जबकि स्ट्राइक रेट 140 का रहा है। रोहित शर्मा इस प्रारूप में 200 छक्के लगाने वाले अकेले बल्लेबाज हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। उन्होंने अपना करियर T20 बल्लेबाज के तौर पर ही शुरू किया था। उन्होंने पहला मैच 2007 में इंग्लैंड के विरुद्ध खेला था।

रोहित शर्मा ने 62 T20 मैच में भारत की कप्तानी की है। इनमें से उन्होंने 50 मैच जिताए हैं। वह विश्व के पहले ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने यह कारनामा किया है। 17 वर्ष के अपने करियर में उन्होंने काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। उनकी गिनती भारत के सफलतम कप्तानों में होगी। विश्वकप जीतने के साथ ही वह महेंद्र सिंह धोनी और कपिल देव वाली श्रृंखला में शामिल हो गए हैं।

भारत को विश्वकप दिलाने के बाद रोहित शर्मा का संन्यास की घोषणा करना काफी सराहा गया है। विश्लेषकों ने कहा है कि रोहित शर्मा ने अपना कर्तव्य निभाने के बाद ही टीम इंडिया को अलविदा कहा है और यह सबसे सम्मानपूर्ण तरीका भी था।

जीत से शुरुआत और जीत से खत्म

2007 का T-20 वर्ल्ड कप रोहित शर्मा के लिए पहला बड़ा स्टेज था। ICC इवेंट, वर्ल्ड कप, डेब्यू T-20 इंटरनेशनल… बिल्कुल सपना सच होने जैसा। डेब्यू मैच में बल्ले से खेल तो नहीं पाए लेकिन एक मस्त रिकॉर्ड को बनते देखा। 6 बॉल पर 6 छक्का। युवराज सिंह की वो पारी रोहित के डेब्यू मैच की ही थी।

मतलब स्टेज सेट था। सीनियर खिलाड़ी ने ताबड़तोड़ राह भी दिखा ही दी थी। ऐसे में आया रोहित शर्मा के बल्ले का स्वाद चखने वाला मैच। सामने थी दक्षिण अफ्रीकी टीम। सहवाग, गंभीर, कार्तिक जैसे बड़े नाम सिर्फ 5 ओवर में पवेलियन लौट चुके थे।

लड़के जैसी शक्ल लेकर उतरे रोहित ने उस दिन अपने बैट से रन नहीं, अपनी तकदीर लिख दी थी। पहले उथप्पा, फिर धोनी के साथ उसने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को बैटिंग का दर्शन-शास्त्र पढ़ाया था। 33 पर 3 विकेट, 61 रनों पर 4 विकेट गँवा चुकी टीम को 153 के स्कोर तक पहुँचाया था।

रोहित शर्मा के लिए शायद इतना काफी नहीं था। टीम को उसने कुछ और भी देने की ठानी थी। रन चेज करते हुए साउथ अफ्रीका की हालत वैसे तो पतली ही थी, लेकिन उसमें एक और कील रोहित ने ठोंक दी। जस्टिन केंप नाम का एक दरिंदा बैट्समैन था।

भारत के ही खिलाफ 89 गेंदों में 100 रन मार चुका था कुछ महीने पहले। इससे पहले कि इस मैच में वो भारत के खिलाफ कुछ करता, रोहित ने हवा में उड़ते हुए इसे रन-आउट करके चोकर्स का तमगा इसकी टीम पर ठोंक दिया था। अब 17 वर्षों के अंतर पर फिर एक बार उन्होंने भारत को प्रसन्न होने का मौक़ा देकर अलविदा कह दिया है।

जिसे कोर्ट ने कहा अपराधी, इंदिरा ने जिसे डलवाया जेल में… अब वो आपातकाल के लिए करने लगा बैटिंग: राहुल गाँधी के साथ मटन-पार्टी है कारण?

समय जो ना कराए। कभी इंदिरा गाँधी के मुखर आलोचक रहे, राजद सुप्रीमो लालू यादव INDI गठबंधन में कॉन्ग्रेस के साथ आते ही दिवंगत प्रधानमंत्री के बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गाँधी ने नेताओं को जेल में डालवाया था, लेकिन उनके साथ कभी दुर्व्यवहार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी लोकतंत्र पर धब्बा जरूर है, लेकिन उस समय नेताओं को द्रेशद्रोही नहीं कहा गया।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने शनिवार (29 जून 2024) को कहा, “मैं मीसा के तहत 15 महीने जेल में था। आज जो लोक इमरजेंसी पर लेक्चर दे रहे हैं, उनका का नाम ना हमने और ना ही हमारे साथियों ने कभी सुना था। ना ही हमने मोदी का नाम सुना था और ना ही जेपी नड्डा का।”

राजद प्रमुख ने पत्रकार नलिन वर्मा के साथ मिलकर लिखे गए अपने आर्टिकल ‘द संघ साइलेंस इन 1975’ को अपनी एक एक्स पोस्‍ट में साझा किया है। अपने लेख में उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा है, “1975 देश के लोकतंत्र पर दाग है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 2024 में विपक्ष का सम्मान कौन नहीं कर रहा है।”

अपने X पोस्ट में लालू ने कहा, “मैं उस संचालन समिति का संयोजक था, जिसे जयप्रकाश नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा लगाए आपातकाल के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए गठित किया था। 15 महीनों से अधिक वक्‍त तक मैं मेंटिनेंस ऑफ सिक्‍योरिटी एक्‍ट (Maintenance of Security Act) के तहत जेल में था।”

लालू प्रसाद यादव ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “मैं और मेरे सहकर्मी आज आपातकाल के बारे में बोलने वाले भाजपा के कई मंत्रियों को नहीं जानते थे. हमने मोदी, जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री के कुछ अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के बारे में नहीं सुना था जो आज हमें स्वतंत्रता की अहमियत पर लेक्‍चर देते हैं।” उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी ने लोगों को जेल में डलवाया, लेकिन उन्हें कभी गाली नहीं दी।

राजद नेता ने कहा, “इंदिरा गाँधी ने हममें से कई लोगों को जेल में डाल दिया, लेकिन उन्होंने कभी हमें राष्ट्र-विरोधी या देशद्रोही नहीं कहा। उन्होंने कभी भी उपद्रवियों को हमारे संविधान के निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर की स्मृति को अपवित्र करने में सक्षम नहीं बनाया। 1975 हमारे लोकतंत्र पर धब्बा है, लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि 2024 में विपक्ष का सम्मान कौन नहीं करता है।”

बता दें कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने देश में आपातकाल लगा दिया था, जो अगले 21 महीने का जारी रहा था। इस साल आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ है। इसे भारत के राजनैतिक इतिहास का सबसे काला अध्यायों से एक माना जाता है। इस दौरान देश के नेताओं, पत्रकारों, समाजसेवियों को जेल में डाल दिया गया था।

आपातकाल की वर्षगाँठ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार (27 जून 2024) को संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए आपातकाल की आलोचना की। उन्होंने कहा था, “आपातकाल संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय था। आपातकाल के दौरान पूरा देश अराजकता में डूब गया था, लेकिन राष्ट्र ऐसी असंवैधानिक शक्तियों के खिलाफ विजयी रहा।”

राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण पर INDI गठबंधन के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति से झूठ से भरा भाषण दिलाकर सस्ती वाह-वाही बटोरने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को भारत की जनता 2024 के चुनावों में पहले ही खारिज कर चुकी है।

मुस्लिम जिसे बताते हैं कमाल मौलाना मस्जिद, वहाँ की खुदाई से निकली 39 देवी-देवताओं की मूर्तियाँ: 98 दिन चला सर्वे खत्म, अब कोर्ट को दी जाएगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में चल रहा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का सर्वे पूरा हो गया है। इस सर्वे में ASI को कई हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों समेत हजारों अवशेष मिले हैं। ASI के इस सर्वे की रिपोर्ट अब कोर्ट को सौंपी जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 98 दिन चले इस सर्वे में ASI को भोजशाला परिसर से 1710 अवशेष बरामद हुए हैं। ASI ने यह अवशेष प्राप्त करने के लिए परिसर में 24 जगह खुदाई की। इस सर्वे में अभी तक भोजशाला परिसर से 39 मूर्तियाँ भी मिल चुकी हैं। इन मूर्तियों को साफ करके इनकी पहचान की जा रही है।

सर्वे में मिली मूर्तियाँ वाग्देवी (सरस्वती), महिषासुर मर्दिनी, भगवान गणेश, हनुमान, ब्रह्मा, कृष्णजी और भगवान हनुमान की हैं। इनमें से कुछ मूर्तियाँ अच्छी अवस्था में हैं जबकि कुछ खंडित भी हैं। ब्रह्मा जी की मूर्ति अच्छी अवस्था में है, जबकि देवी प्रतिमा खंडित मिली है। सर्वे में ढाँचे के कई स्तम्भ और लिखित शिलालेख भी पाए गए हैं।

भोजशाला में मार्च महीने से चल रहा ASI का सर्वे अब खत्म हो गया है। यह सर्वे 98 दिन चला है। पहले ASI को कोर्ट से 42 दिन सर्वे की अनुमति मिली थी, जबकि बाद में इसे 56 दिन और बढ़ा दिया गया था। अब इस सर्वे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

ASI अपनी रिपोर्ट में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग राडार (GPR), शिलालेखों के अनुवाद और विशेषज्ञों की राय समेत तमाम अवशेषों की जानकारी कोर्ट के सामने रखेगी। ASI के सर्वे के दौरान यहाँ कार्बन डेटिंग भी की गई है, इसकी अलग से रिपोर्ट तैयार होगी। ASI के सर्वे को लेकर मुस्लिम पक्ष ने दावा किया है कि इसमें कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हुआ है।

ASI के सर्वे के पूरा होने के बाद भी भोजशाला को पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। भोजशाला में मंगलवार को हिन्दू पक्ष को पूजा करने की अनुमति दी गई है। जबकि शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष यहाँ नमाज पढ़ेगा। कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई, 2024 को है।

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला में ASI सर्वे को लेकर 11 मार्च, 2024 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने की बात कही थी। कोर्ट ने आधुनिक तकनीक से यहाँ सच्चाई पता लगाने को कहा था।

गौरतलब है कि भोजशाला विवाद बहुत पुराना विवाद है। हिंदू पक्ष का मत है कि ये माता सरस्वती का मंदिर है जिसकी स्थापना राजा भोज ने सन् 1000-1055 के मध्य कराई थी। सदियों पहले मुसलमान आक्रांताओं ने इसकी पवित्रता भंग करते हुए यहाँ मौलाना कमालुद्दीन (जिस पर तमाम हिंदुओं को छल-कपट से मुस्लिम बनाने के आरोप हैं) की मजार बना दी थी।

इसके बाद यहाँ मुस्लिमों का आना जाना शुरू हो गया और अब इसे नमाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है। हालाँकि हिंदू पक्ष का कहना है कि ये उनका मंदिर ही है क्योंकि आज भी इसके खंभों पर देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक लिखे साफ दिखते हैं। इसके अलावा दीवारों पर ऐसी नक्काशी है जिसमें भगवान विष्णु के कूर्मावतार के बारे में दो श्लोक हैं।

Boom Boom बुमराह… दक्षिण अफ्रीका को भारत ने जीत की ट्रेन से उतारा, T20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनी रोहित एन्ड कंपनी: फॉर्म में दिखे ‘किंग’ कोहली, पंड्या भी बने ‘हीरो’

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बारबाडोस के ब्रिजटाउन स्थित केंसिंग्टन ओवल में T20 विश्व कप 2024 का फाइनल मैच खेला गया। भारत ने 176 रन बना कर जीत के लिए 177 का लक्ष्य दिया था। भारत ने ये मैच 7 रनों से जीत लिया। भारत के गेंदबाज इस जीत के हीरो रहे। जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में मात्र 18 रन देकर 2 विकेट लिए। वहीं अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या ने भी दो-दो विकेट झटके। अक्षर पटेल का एक ओवर छोड़ दें तो भारत की गेंदबाजी बहुत अच्छी रही।

भारत ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। हालाँकि, मात्र 34 रनों के स्कोर पर रोहित शर्मा, ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। एक छोर से विराट कोहली ने मोर्चा सँभाले रखा। अक्षर पटेल को प्रमोट कर पाँचवें नंबर पर उतारा गया और उन्होंने इसका बखूबी फायदा उठाते हुए 1 चौके और 4 छक्कों की मदद से 31 गेंदों पर 47 रनों की पारी खेली। वो दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रनआउट हुए। विराट कोहली 19वें ओवर की 5वीं गेंद पर आउट हुए।

रोहित शर्मा और ऋषभ पंत – दोनों के ही विकेट ‘रामभक्त’ केशव महाराज को मिले। वहीं सूर्यकुमार यादव बड़ा शॉट खेलने गए और कागिसो रबादा का शिकार बने। उधर ‘किंग’ ने अपनी पारी में 59 गेंदों पर 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 76 रनों की पारी खेली। ये T20 इंटरनेशनल में उनका 38वाँ पचासा था। हालाँकि, पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे शिवम दुबे ने इस मैच में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 16 गेंदों पर 27 रन बनाए। इसके बाद उतरे रवींद्र जडेजा भी कुछ नहीं कर सके।

दक्षिण अफ्रीका की तरफ से एनरिक नॉर्खिया और केशव महाराज ने 2-2 विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका की ही शुरुआत अच्छी नहीं रही और जसप्रीत बुमराह ने दूसरे और अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर में झटका दिया। भारत के लिए 15वाँ ओवर बहुत महँगा रहा, जिसमें अक्षय पटेल को हेनरिक क्लासेन ने 24 रन पीटा। इससे पहले अक्षर पटेल को सोशल मीडिया में ‘बापू’ बताते हुए मीम्स शेयर किए जा रहे थे। क्विंटन डिकॉक ने 31 गेंदों पर 29 रनों की पारी खेली।

नाबालिग छात्रा को चाकू दिखा रेप करने वाला मौलवी गिरफ्तार, अल्लाह की नाराजगी का डर और कुरान की कसम दे कर मुँह करवाता था बंद, साथी करीमुल्लाह भी धराया

बिहार पुलिस ने मधुबनी जिले में नाबालिग छात्रा से रेप के आरोप में मदरसे के मौलवी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार (29 जून, 2024) को गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम कारी शाहनवाज और हाफ़िज़ करीमुल्लाह हैं। इन दोनों पर मदरसे की ही एक नाबालिग छात्रा से 1 साल तक डरा-धमका कर रेप करने का आरोप है। यह केस मई 2024 में दर्ज हुआ था। बलात्कार की वजह से पीड़िता 7 माह की गर्भवती भी हो गई थी। आरोपित ने कुरान की कसम दे कर पीडिता को कहीं मुँह न खोलने का दबाव भी दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद पिछले लगभग 1 माह से मौलवी शाहनवाज और उसका साथी करीमुल्लाह फरार चल रहे थे। ये दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। हालाँकि पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए हर संभावित स्थान पर दबिश दे रही थी। आखिरकार पुलिस को दोनों आरोपितों की सटीक लोकेशन मिली। फिलहाल मौलवी शाहनवाज और उसका साथी हाफिज करीमुल्लाह गिरफ्तार हो चुके हैं। जल्द ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन्हें अदालत में पेश कर सकती है। गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपितों का चेहरा गमछे से ढक दिया गया था।

क्या था मामला

मई 2024 में मधुबनी में मौलवी कारी शाहनवाज और उसके साथी करमुल्लाह पर 16 साल की एक किशोरी से रेप का आरोप लगा था। इन दोनों पर खुटौना थाने में FIR दर्ज हुई थी। पीड़िता जिस मदरसे की छात्रा थी उसी में मौलवी शाहनवाज हेड मास्टर था। क्लास खत्म होने के बाद वह पीड़िता को रोक लेता था और चाकू की नोक पर रेप करता था। कई बार तो उनसे बच्ची के मुँह में कपडा भी ठूस दिया था। इस पूरे अपराध में हाफिज करीमुल्लाह भी मौलवी की मदद करता था।

जब पीड़िता विरोध करती थी तो उसे चाकू से डराया जाता था और अल्लाह की नाराजगी का डर दिखा कर चुप करवा दिया जाता था। कुरान की कसम भी मुँह न खोलने के लिए दी जाती थीं। लगभग 1 साल तक हुए बलात्कार की वजह से पीड़िता 7 महीने की गर्भवती हो गई। जब इसकी जानकारी घर वालों को हुई तो उन्होंने मौलवी शाहनवाज और उसके सहयोगी करीमुल्लाह पर FIR दर्ज करवाई थी। केस दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। आखिरकार अब उन्हें दबोच लिया गया है।

सचिन गुर्जर ने जिस मोहम्मद सऊद को रहने के लिए दिया आशियाना, उसने ही चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर पहुँचा दिया अस्पताल: यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक किरायेदार ने अपने मकान मालिक को चाकुओं से गोद डाला है। किरायेदार का नाम मोहम्मद सऊद है जो कि मूल रूप से बिहार का निवासी है। घायल मकान मालिक सचिन अवाना को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपित ने सचिन के चाचा को भी जान से मार डालने की धमकी दी है। पुलिस ने आरोपित सऊद को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुरुवार (27 जून, 2024) की है।

यह घटना नोएडा के थानाक्षेत्र फेज-1 की है। यहाँ गुरुवार को केशराम गुर्जर ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में केशराम ने बताया कि 27 जून की सुबह लगभग 8:40 पर उनका भतीजा सचिन अवाना अपने किरायेदारों को देखने मकान पर गया था। सचिन ने देखा कि उनका मोहम्मद सऊद नाम का एक किरायेदार बाकी किरायेदारों को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा था। सऊद मूलतः बिहार के खगड़िया जिले के थाना क्षेत्र परसाह में पड़ने वाले गाँव बंदेरा का निवासी है।

शिकायत में आगे बताया गया है कि सचिन अवाना ने बेवजह गालियाँ दे रहे सऊद को टोक दिया। इस पर सऊद भड़क गया। उसने अपने पास छिपा चाकू निकाला और अपने ही मकान मालिक पर ताबड़तोड़ वार करने लगा। ये वार सचिन के पीठ, पेट और हाथों पर किए गए हैं। सचिन अवाना की चीखें सुन कर उनके चाचा केशराम सहित कई अन्य लोग घटनास्थल पर पहुँचे। खुद को घिरता देख कर सऊद हाथों में चाकू लहराता हुआ मौके से भाग निकला। हड़बड़ा कर भागते हुए सऊद सीढ़ी के पास गिर पड़ा लेकिन अगले ही पल वो फिर से उठ खड़ा हुआ।

जाते-जाते सऊद ने सचिन और उसके चाचा केशराम गुर्जर को भविष्य में मार डालने की भी धमकी दी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस फ़ौरन मौके पर पहुँची। पुलिस की मदद से सचिन अवाना को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत खराब देखते हुए पीड़ित को कैलाश अस्पताल में शिफ्ट किया गया है जहाँ उनकी हालात गंभीर बनी हुई है। सचिन के चाचा केशराम गुर्जर ने आरोपित सऊद पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने फ़ौरन FIR दर्ज कर के मोहम्मद सऊद की तलाश शुरू कर दी। शातिर सऊद ने लोकेशन न मिले इसके चलते अपना फोन भी बंद कर रखा था।

आखिरकार पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दे कर सऊद को दबोच लिया। वह नोएडा के फेज 1 इलाके में ही छिप कर रह रहा था और अपने कमरे पर मौजूद कुछ चीजें निकालने की फिराक में था। सूचना सही पाई गई और सऊद को दबोच कर जेल भेज दिया गया। आरोपित पर IPC की धारा 307, 324, 504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है। हमले में प्रयोग हुआ चाकू भी बरामद कर लिया गया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सऊद नोएडा में ही रह कर सिलाई का काम करता था। फ़िलहाल पुलिस जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही है।