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‘मुस्लिम राष्ट्र के कुछ आचार-विचार होते हैं’: जिस महिला की खुलेआम हुई पिटाई उसे TMC विधायक हमीदुल रहमान ने बताया ‘दुष्ट जानवर’

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में खुलेआम एक भीड़ के सामने एक महिला की पिटाई की गई। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्य में शरिया कानून लागू हो गया है? ऐसा इसीलिए, क्योंकि जिस ताजेमुल उर्फ़ JCB ने इस घटना को अंजाम दिया है वो ‘त्वरित न्याय’ के लिए जाना जाता है, पुलिस-कोर्ट तक की उसके सामने कोई वैल्यू नहीं। वो चोपरा से TMC विधायक हमीदुल रहमान का करीबी है। अब विधायक ने इस पर और निंदनीय बयान दिया है।

BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने कहा कि ताजेमुल तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता है। वीडियो में एक महिला के अलावा एक पुरुष को भी जमीन पर पटक कर पीटे जाते हुए देखा गया। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक हमीदुल रहमान ने अपने करीबी का बचाव करते हुए जिस महिला की पिटाई हुई उसे ही ‘दुष्ट जानवर’ कह दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त महिला की गतिविधियाँ ‘असामाजिक’ थीं।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से उनका या पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC का कोई लेना-देना नहीं है। विधायक हमीदुल रहमान ने इसे गाँव का मसला बताते हुए कहा कि महिला ने भी गलती की है, उसने अपने पति और बेटा-बेटी को छोड़ दिया। चोपरा के विधायक ने कहा कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के हिसाब से कुछ संहिता और न्याय होते हैं। हालाँकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि जो हुआ वो बहुत ज़्यादा था और कानून अपना काम करेगा।

फ़िलहाल पुलिस ने आरोपित ताजेमुल को गिरफ्तार कर लिया है। इस्लामपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट जॉबी थॉमस K ने कहा कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने घटना के पीछे जाँच की बात कही है। TMC विधायक हमीदुल रहमान का कहना है कि पीड़िता या उसके पति ने कोई FIR नहीं दर्ज कराई है, केवल मीडिया इसे फैला रही है। उस क्षेत्र में ‘सालिशी सभा’ नाम का कंगारू कोर्ट चलता है।

हिन्दू लड़की को भगा ले गया अमज़द, ₹65000 के गहने भी ले गई: जमानत पर बाहर वकील रईसुद्दीन ने की मदद, उल्टे आक्रोशित हिन्दुओं पर ही हमला

उत्तराखंड के देहरादून से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ अमजद नाम के युवक पर गुरुवार (27 जून, 2024) को एक हिन्दू लड़की को भगा कर ले जाने का आरोप लगा है। अमजद का साथ रईसुद्दीन नाम के एक वकील ने दिया है जिसकी वकालत के लाइसेंस को निरस्त करने की भी माँग उठ रही है। हिन्दू संगठन के सदस्य जब रईसुद्दीन के घर विरोध करने पहुँचे तो उन पर हमला भी हुआ जिसमें ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला देहरादून के थाना क्षेत्र विकास नगर का है। यहाँ गुरुवार को एक लड़की अचानक ही अपने घर से गायब हो गई। घर में रखे लगभग 65 हजार रुपए मूल्य के जेवर भी नहीं मिले। पीड़िता के घर वालों ने मोहम्मद अमजद नाम के व्यक्ति पर लड़की को भगा ले जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अमजद के ही कहने पर पीड़िता 65 हजार रुपए मूल्य के गहने भी साथ ले गई है। आरोपित की मदद का आरोप विकास नगर के एक वकील रईसुद्दीन पर लगा है।

मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठन के सदस्यों को हुई तो वो पीड़िता के घर पहुँच गए। सबने मिल कर वकील रईसुद्दीन के घर का रुख किया। आरोप है कि रईसुद्दीन के घर पर प्रदर्शनकारियों पर हमला हुआ। इस हमले में ‘बजरंग दल’ का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। घायल का इलाज करवाया गया है। हमले के बाद भीड़ भड़क गई। भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की भी खबर है। आक्रोशित लोगों ने हरबर्टपुर पुलिस चौकी के आगे हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही तमाम सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।

प्रदर्शनकारी पीड़िता को सही सलामत बरामद करने, अमजद के साथ रईसुद्दीन को गिरफ्तार करने व रईसुद्दीन की वकालत का लाइसेंस रद्द करने की माँग कर रहे थे। भीड़ द्वारा किए गए प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों ने हिंदुस्तान में ही हिन्दू को असुरक्षित बताया। फ़िलहाल पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मोहम्मद अमजद के साथ रईसुद्दीन के खिलाफ भी नामजद FIR दर्ज कर ली है।

रईसुद्दीन पर पहले से केस दर्ज बताए जा रहे हैं। उसे जेल भी भेजा गया था। आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद भी उसकी आपराधिक हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोपित और पीड़िता की तलाश में दबिश दी जा रही है। तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘इस्लाम में महिलाओं का सम्मान नहीं, पूर्वजों ने डर से त्यागा था धर्म’: बरेली के मंदिर में मुस्कान सैफी की घर वापसी, राजेश को चुना अपना जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर के हिन्दू धर्म में शामिल होने का निर्णय लिया है। लड़की का नाम मुस्कान सैफी है जो अब ख़ुशी नाम से जानी जाएँगी। ख़ुशी ने राजेश कुमार नाम के युवक से मंदिर में विवाह भी किया है। इस दौरान उन्होंने वैदिक विधि-विधान से हवन किया और गायत्री मंत्र का जाप किया। यह विवाह रविवार (30 जून 2024) को अगत्स्य मुनि आश्रम में सम्पन्न हुआ है। इस अवसर पर हिन्दू संगठनों के साथ आचार्य पंडित के के शंखधर ने वर और वधू को आशीर्वाद दिया।

मुस्कान सैफी मूलतः दिल्ली के संगम विहार की रहने वाली हैं। उनके पिता पहले हिन्दू थे लेकिन दिल्ली में एक मुस्लिम महिला से निकाह करने के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया था। इस बीच सोशल मीडिया पर मुस्कान की बातचीत बरेली के इज्जत नगर इलाके के राजेश कुमार से शुरू हो गई। कुछ ही दिनों में दोनों अच्छे दोस्त बन गए। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 19 वर्षीया मुस्कान और 23 साल के राजेश शादी करना चाहते थे लेकिन उनके परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। मुस्कान पर तो तमाम पाबंदियाँ भी कायम कर दी गईं।

मुस्कान के प्रेमी राजेश ने अपनी प्रेमिका से शादी के प्रयास जारी रखे। उन्हें अगत्स्य मुनि आश्रम के बारे में जानकारी मिली। रविवार (30 जून) को राजेश बरेली से और मुस्कान सैफी दिल्ली से आश्रम पर अपने कुछ परिचितों के साथ पहुँची। उन्होंने आश्रम के पुजारी पंडित के के शंखधर से अपना विवाह करवाने की गुजारिश की। पंडित शंखधर ने दोनों के कागजात देखे। इन तमाम कागजातों में मुस्कान का वो शपथ पत्र भी है जिसमें वो अपनी घर वापसी व शादी बिना किसी के दबाव में स्वेच्छा से बता रहीं हैं।

आखिरकार मुस्कान का विवाह वैदिक विधि-विधान से राजेश के साथ हो गया। शादी के बाद आचर्य पंडित के के शंखधर व हिन्दू संगठनों के कुछ अन्य सदस्यों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मुस्कान सैफी से ख़ुशी बनीं दुल्हन और राजेश कुमार ने एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में पा कर बेहद ख़ुशी जताई। मुस्कान सैफी का कहना है कि उनकी बचपन से हिन्दू धर्म में आस्था थी। मुस्कान ने यह भी लिखित तौर पर दिया है कि उन्हें पता है कि उनके पूर्वज हिन्दू थे जो कई तरह के अत्याचारों की वजह से धर्मांतरित हो गए थे।

मुस्कान सैफी का यह भी कहना है कि इस्लाम में महिलाओं का सम्मान नहीं है और वो तीन तलाक व हलाला जैसी कुप्रथाओं से डरती हैं। शादी के बाद मुस्कान ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ससुराल चली गईं हैं।

नौशाद अली के पास ढोलक सीखने जाती थी हिन्दू छात्रा, पहले बलात्कार करने लगा फिर बना दिया मुस्लिम: माँ पर निकाह का दबाव, साजिश में अम्मी-अब्बू के साथ भाई-भाभी भी नामजद

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण और रेप का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम नौशाद अली है जो लोगों को ढोलक सिखाता है। पीड़िता भी नौशाद की छात्रा थी। 35 वर्षीय नौशाद ने लगभग 15 साल की छात्रा को न सिर्फ इस्लाम कबूल करवाया बल्कि निकाह के लिए मुंबई भी ले जा रहा था। शुक्रवार (28 जून, 2024) को हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपित को गिरफ्तार करते हुए पीड़िता को बरामद कर लिया गया है। नौशाद के अम्मी, अब्बा भाई और भाभी भी इस केस की FIR में नामजद किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला कानपुर जिले के थाना क्षेत्र चौबेपुर का है। यहाँ नाबालिग पीड़िता अपनी माँ के साथ रहती है। लड़की के पिता की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है। माँ एक निजी अस्पताल में मजदूरी कर के परिवार को पाल-पोस रही हैं। पीड़िता संगीत की शिक्षा लेना चाहती थी। उसे किसी ने धार्मिक कार्यक्रमों में ढोलक बजाने वाले नौशाद अली के बारे में बताया। वह नौशद से ढोलक सीखने लगी। लड़की की उम्र से नौशाद की आयु लगभग दोगुनी है। आरोप है कि नौशाद ने लड़की को ढोलक सिखाने के साथ डोरे डालने शुरू कर दिए।

कुछ ही दिनों में नौशाद ने अपनी ही छात्रा को प्यार के जाल में फँसा लिया। उसने कई बार नाबालिग से रेप किया। बताया जा रहा है कि वह न सिर्फ छात्रा बल्कि उसकी माँ पर भी निकाह का दबाव बनाने लगा। इस दौरान उसने छात्रा का धर्मान्तरण करवा कर इस्लाम कबूल करवा दिया। गुरुवार (27 जून) को आरोपित छात्रा को ले कर भाग निकला। कानपुर के कल्याणपुर जंक्शन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं की नजर नौशाद पर पड़ गई। उन्होंने बातचीत की तो मामला संदिग्ध लगा। दोनों को रोक कर फ़ौरन पुलिस बुलाई गई।

पुलिस ने पीड़िता और नौशाद अली को हिरासत में ले लिया। अगले दिन यानी शुक्रवार तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगा कर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने गहनता से छानबीन शुरू कर दी। छानबीन में नौशाद द्वारा नबालिग पीड़िता से रेप और धर्मान्तरण जैसे मामलों का खुलासा हुआ। नौशाद ने यह भी बताया कि वो पीड़िता को ले कर ट्रेन से मुंबई जाने की फिराक में था लेकिन स्टेशन पर ही बजरंग दल कार्यकर्ताओं की नजर उस पर पड़ गई।

इस बीच पीड़िता ने भी अपने साथ की गई नौशाद की सारी करतूत का खुलासा कर दिया। पीड़िता के मेडिकल परीक्षण व काउंसिलिंग की कार्रवाई चल रही है। नौशाद अली के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर के उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँच में यह भी निकल कर सामने आया कि नाबालिग पीड़िता के धर्मान्तरण की साजिश में नौशाद की अम्मी मदीना, अब्बा बशीरुद्दीन, भाई शहंशाह और भाभी करिश्मा भी शामिल हैं। इन सभी को FIR में नामजद आरोपित बनाया गया है। मामले में जाँच के साथ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद अब रवींद्र जडेजा ने T20I से लिया संन्यास, PM मोदी बोले – आपके स्टाइलिश स्ट्रोक प्ले, स्पिन और फील्डिंग के मुरीद हैं क्रिकेट प्रेमी

क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार रवींद्र जडेजा ने T20 अंतररष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इसके साथ ही वो बारबाडोस में हुए T20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की जीत के बाद संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शुमार हो गए हैं। इससे पहले कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था। हालाँकि, ये तीनों की खिलाड़ी IPL में अपनी फ्रेंचाइजी टीमों की तरफ से खेलते रहेंगे।

T20 विश्व कप की ट्रॉफी के साथ रवींद्र जडेजा को उनकी पत्नी रिवाबा और बेटी निध्‍याना के साथ जश्न मनाते हुए भी देखा गया। बता दें कि रिवाबा जडेजा जामनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2022 के गुजरात चुनाव में उन्होंने बतौर भाजपा प्रत्याशी 34% से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए पहली बार विधानसभा में कदम रखा। इससे पहले वो ‘करणी सेना’ से जुड़ी रही हैं। रवींद्र जडेजा का क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में गेंद व बल्ले से शानदार प्रदर्शन रहा है।

T20 अंतरराष्ट्रीय में उनके आँकड़ों की बात करें तो उन्होंने अब तक 74 मैच खेले हैं, जिसमें से 41 में उन्हें बल्लेबाजी और 71 में गेंदबाजी का मौका मिला। रवींद्र जडेजा ने T20I में 17 बार नॉटआउट रहते हुए 21.46 की औसत से 515 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 127.16 का रहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय T20 में 39 चौके और 14 छक्के जड़े हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 46 का रहा। इसी तरह गेंदबाजी में उन्होंने 54 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 7.13 का रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खबर के बाद उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “आपने एक ऑलराउंडर के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। क्रिकेट प्रेमी आपके स्टाइलिश स्ट्रोक प्ले, स्पिन और शानदार फील्डिंग की प्रशंसा करते हैं। पिछले कई सालों से टी20 में आपके शानदार प्रदर्शन के लिए आपका धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएँ।” रवींद्र जडेजा IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की तरफ से खेलते हैं, वो इस फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी कर चुके हैं।

मदरसे में मज़हबी तालीम लेने जाती थी नाबालिग छात्रा, झाड़ू लगवाने के बहाने मौलवी करता था अश्लील हरकतें: शामली पुलिस ने हाफिज वसीक को दबोचा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक मदरसे के अंदर नाबालिग छात्र से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपित मदरसे का मौलवी है जिसका नाम हाफ़िज़ वसीक है। आरोप है कि मौलवी 12 साल की छात्रा को झाड़ू लगाने के बहाने कमरे के अंदर भेजता था और वहाँ बच्ची से छेड़खानी की जाती थी। शिकायत करने पर लड़की के परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। मामले की शिकायत शुक्रवार (28 जून 2024) को की गई है। आरोपित मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला शामली के थाना क्षेत्र झिंझाना का है। यहाँ शुक्रवार (28 जून, 2024) को एक नाबालिग बच्ची के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पीड़िता के परिजनों ने बताया है कि उनके गाँव में एक मदरसा संचालित होता है। इसी मदरसे में 12 साल की छात्रा भी दीनी तालीम हासिल करने जाया करती थी। इस मदरसे में हाफिज वसीक पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी डाली गई थी। आरोप है कि हाफिज वसीक पिछले ढाई महीनों से लगातार बच्ची से अश्लील हरकतें और छेड़खानी कर रहा था।

नाबालिग बच्ची के परिजनों का आरोप है कि हाफिज पीड़िता पर गंदी नजर रखता था। वह कमरे की सफाई करने के बहाने बच्ची को अलग भेज दिया करता था। बाद में वह आ कर पीड़िता को पकड़ लिया करता था। जब लड़की के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हाफिज से उलाहना दी। बताया जा रहा है कि हाफिज ने अपनी गलती मानने के बजाय गाली-गलौज और धमकियाँ देना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार के लगभग आधे दर्जन बच्चे इसी मदरसे में पढ़ते हैं। खुद को बेहद गरीब बताते हुए अन्त में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

मौलाना की तरफ से पीड़ित के कुछ पड़ोसियों ने भी बच्ची के परिजनों को धमकाते हुए केस वापस लेने का दबाव बनाया है। आखिरकार पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित हाफिज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वसीक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शामली पुलिस के डिप्टी एसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पूरे मामले की जाँच के साथ अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘माँ-बाप सहित काट कर फेंक दूँगा’: लॉ स्कूल में पढ़ रही दलित छात्रा का अरमान अंसारी ने ही किया बलात्कार, हॉस्टल से अपहरण कर ले गया, शादी भी तुड़वा दी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक दलित लड़की के अपहरण और रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता लॉ की पढ़ाई कर रही है। आरोपित का नाम अरमान अंसारी है जिसे पुलिस ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को गिरफ्तार कर लिया है। अरमान अंसारी ने 1 जून, 2024 को पीड़िता का गाजीपुर से अपहरण करने के बाद वाराणसी ले जा कर रेप किया था। पीड़िता और आरोपित दोनों एक ही साथ पढ़ते हैं। पीड़िता को काट कर फेंक देने की धमकी भी देने वाले अरमान अंसारी पर पहले भी गैंगस्टर सहित कई अन्य केस दर्ज हैं।

इस घटना की FIR गाजीपुर के थानाक्षेत्र बहरियाबाद में दर्ज हुई है। बुधवार (26 जून, 2024) को मूल रूप से आज़मगढ़ की रहने वाली अनुसूचित जाति की एक छात्रा ने यहाँ तहरीर दी। लड़की फिलहाल इसी थानाक्षेत्र के एक कॉलेज से लॉ (LLB) की पढ़ाई कर रही है। पीड़िता ने बताया कि गाजीपुर में सैदपुर इलाके का रहने वाला अरमान अंसारी उनके साथ ही पढ़ता है। 1 जून 2024 को अरमान पीड़िता के हॉस्टल में जबरन घुस गया। उसके हाथ में पिस्टल थी। अरमान ने पीड़िता को धमकाते हुए बाहर निकलने के लिए कहा।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बाहर निकलने के बाद अरमान अंसारी उसे गंदी-गंदी गालियाँ देने के साथ जातिसूचक शब्द बोलने लगा। उसने च$रिया-सियारिया जैसे शब्द बोलते हुए लड़की को जबरन अपनी बाइक पर बिठा लिया। कहीं भी मुँह खोलने पर उसने लड़की को गोली मारने की धमकी दी। अंजाम रास्तों से होता हुआ वह पीड़िता को ले कर वाराणसी पहुँच गया। यहाँ एक अनजान जगह उसने लड़की को जमीन में पटका और फिर रेप किया। रेप के बाद उसने कहीं भी बताने पर पीडिता को जान से मार डालने की धमकी दी।

पीड़िता का आरोप है कि अरमान ने कहा, “यदि किसी को इसका पता चला तो उसी दिन तुम्हे काट कर फेंक दूँगा और तुम्हारे माता-पिता को भी मार दूँगा।” अरमान ने पीड़िता की ईमेल ID और मोबाइल को भी हैक कर लिया था। इस घटना के बाद से अरमान लगातार पीड़िता को उठा कर ले जाने की धमकी देता रहा। पीड़िता की 3 साल पहले शादी तय हुई थी। 23 जून 2024 को अरमान लड़की के पैतृक गाँव पहुँच गया। उसने लड़की के गाँव में अश्लील वीडियो और मैसेज वायरल कर दिए। इस वजह से पीड़िता की शादी भी टूट गई।

आखिरकार पीड़िता ने अपनी माँ को पूरी बात बताई। परिजनों की सहमति से मामले की शिकायत 26 जून को गाजीपुर के बहरियाबाद थाने में दर्ज हुई। पुलिस ने अरमान अंसारी पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा 354, 366, 504, 506, 376, 323 के साथ SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कर ली। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाने के साथ अदालत में बयान दर्ज करवाए गए। इधर खुद पर केस दर्ज होने के बाद अरमान अंसारी फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

शुक्रवार (28 जून 2024) की सुबह पुलिस को मुखबिर ने अरमान के सैदपुर हाइवे के पास मौजूद होने की सूचना दी। पुलिस ने फ़ौरन ही वहाँ पहुँच कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। शमीम अहमद के 25 वर्षीय बेटे अरमान का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया तो उस पर पहले से ही 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज मिले। इन मुकदमों में लूट, धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर अधिनियम, चोरी और अवैध अस्त्र रखने जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

पश्चिम बंगाल ही नहीं, अब झारखंड में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बेतहाशा बढ़ने का शक: चुनाव आयोग से शिकायत, विधायक बोले- घट रहे हिन्दू मतदाता

झारखंड के पश्चिम बंगाल के सीमाई इलाकों में बेतहाशा वोट वृद्धि की शिकायत मिली है। यह सामने आया है कि एक बूथ पर मतदाताओं की संख्या में 100% से अधिक बढ़ोतरी हुई है, जो असामान्य है। इसको लेकर राज्य चुनाव आयोग अब जाँच करवाने जा रहा है। इन बूथ पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम जुड़ने का शक है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग जल्द ही एक टीम साहेबगंज जिले की राजमहल विधानसभा क्षेत्र में भेजने जा रहा है। यह टीम यहाँ वोटों की संख्या में वृद्धि की जाँच करेगी। राजमहल विधानसभा का बड़ा इलाका पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है।

यहाँ एक बूथ पर तो वोट 2019 के मुकाबले दोगुने हो गए हैं। राजमहल प्रखंड बूथ पर 117% की वृद्धि देखने को मिली है। 2019 में इस बूथ पर मतदाताओं की सँख्या 689 थी जो 2024 में बढ़ कर 1400 के पार पहुँच गई है। जिन बूथ पर बढ़ोतरी हुई है, उनमें से अधिकाँश गंगा के पार दियारा क्षेत्र में स्थित हैं और इनकी सीमा पश्चिम बंगाल से सटी हुई है।

राजमहल विधानसभा में वोटरों की संख्या में एकाएक बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक अनंत ओझा ने राज्य के चुनाव आयोग से शिकायत की है। विधायक अनंत ओझा ने ऑपइंडिया ने इस मामले में जानकारी भी साझा की है।

विधायक ओझा ने बताया कि 2014 से 2019 के बीच जिन इलाकों में 9000 वोट बढ़ा था वहाँ 2019 से 2024 के बीच 24000 वोट बढ़ गया, जो कि आशंकित करता है। ओझा ने बताया कि उनकी विधानसभा में जहाँ पश्चिम बंगाल के सीमाई इलाकों में वोट बेतहाशा बढ़े हैं, वहीं हिन्दू बहुल बूथ पर यह वोट कम हो गए हैं।

उन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि 17 ऐसे बूथ हैं, जहाँ हिन्दुओं के वोट पिछले पाँच वर्ष में घट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 लोकसभा चुनाव में कई ऐसे हिन्दू वोटर थे, जिनके पास वैध मतदाता पहचान पत्र होने के बाद भी उन्हें वोट नहीं डालने का मौका मिला। उनका नाम लिस्ट से गायब था।

विधायक ओझा ने बताया कि ऐसे वोट ना डाल पाने वाले मामले बड़ी संख्या में हैं और इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो खुद उपमुखिया हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर हमने राज्य चुनाव आयोग से शिकायत की है। चुनाव आयोग से 73 ऐसे बूथ की शिकायत की गई है।

अब चुनाव आयोग इस विषय में जाँच करने जा रहा है। मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के कयास भी इस मामले में लगाए जा रहे हैं। यह शक जताया जा रहा है कि कहीं बांग्लादेशी अवैध घुसपैठिये तो इस इलाके में बंगाल के रास्ते आकर कब्ज़ा कर रहे हैं। इसी को लेकर चिंताएँ और बढ़ गई हैं।

इस मामले में राज्य सरकार के कर्मचारियों पर भी प्रश्न उठे हैं। विधायक अनंत ओझा ने कहा है कि स्थानीय कर्मचारियों ने इस मामले में लापरवाही बरती है, अगर वह ऐसा ना करते तो ना ही वोट बेतहाशा बढ़ते और ना ही हिन्दू वोटर वो न डाल पाने की शिकायतें करते।

अगरतला में पकड़े गए 11 बांग्लादेशी घुसपैठिए

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 11 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 6 पुरुष जबकि 5 महिलाएँ हैं। यह सभी अगरतला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए हैं। इन्हें RPF और GRP के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया है। यह सभी अगरतला से बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई समेत अलग-अलग हिस्सों में जाने की फिराक में थे।

इन घुसपैठियों की पहचान सुजान राणा (20), अजीजुल शेख (30), लिमोन (19), नरगिस अख्तर (34), मोहम्मद यूसुफ अली (35), मोहम्मद साहिदुल इस्लाम (26), निपा मंडल (27), अखे बेगम (35), ओमी अख्तर (35), साजिब अली (19) और अस्मा बिस्वास (36) के रूप में हुई है। अगरतला GRP ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है और अब इनके खिलाफ कार्रवाई चालू की जाएगी। पुलिस इस मामले में मानव तस्करी के एंगल से भी जाँच कर रही है। इनमे से कोई भी वैध कागज दिखने में सफल नहीं हुआ है।

यह पहला मौका नहीं है जब बांग्लादेशी घुसपैठियों को यहाँ से पकड़ा गया हो। जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीने से भी कम समय में त्रिपुरा से 72 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर महिलाएँ हैं। यह सभी घुसपैठिए देश के अलग-अलग हिस्सों में काम की तलाश में अवैध तरीकों से भारत में घुसे थे।

काँवड़ के लिए 20 दिन रास्ते बंद हो सकते हैं तो नमाज के लिए 20 मिनट क्यों नहीं: सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर ‘रावण’ ने खाई हमेशा मुस्लिमों का साथ देने की कसम

भीम आर्मी के मुखिया एवं यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने कहा मुस्लिमों के सड़कों पर नमाज पढ़ने का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने हिंदुओं की काँवड़ यात्रा के दौरान दी जाने वाली सुविधाओं पर भी सवाल उठाया है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर हिंदुओं की काँवड़ यात्रा के लिए 20 दिन तक सारे रास्ते बंद किए जा सकते हैं तो 20 मिनट की नमाज के लिए आपत्ति क्यों है।

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा, “जो लोग 20 मिनट नमाज पढ़ने पर आपत्ति जता सकते हैं, वो किसी धर्म के साथ नहीं हो सकते।” उन्होंने कहा कि किसी भी दल के बड़े नेता में यह सवाल करने की हिम्मत नहीं है, जो उन्होंने उठाई है। चंद्रशेखर के इस बयान पर लोग सवाल उठा रहे हैं।

चंद्रशेखर ने 23 जून 2024 को नगीना लोकसभा स्थित नजीबाबाद के चंदनपुर गाँव में एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “हिंदुओं की काँवड़ यात्रा के लिए 20 दिन तक सारे रास्ते बंद किए जाते हैं। अस्पताल भी बंद किए जाते हैं। उस पर किसी को दिक्कत नहीं होती। ऐसे में 20 मिनट की नमाज पर आपत्ति क्यों है?”

इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सांसद चंद्रशेखर यह कहते हुए दिख रहे हैं, “हम सभी धर्म का सम्मान करते हैं। जो लोग 20 मिनट नमाज पढ़ने पर आपत्ति जता सकते हैं, वह किसी धर्म का सम्मान नहीं कर सकते।” इस दौरान उन्होंने हाथ में जल लेकर मुस्लिमों को भरोसा दिया कि वे हमेशा मुस्लिमों के साथ रहेंगे।

बता दें कि बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक की थी और इसमें अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की नई परंपरा ना शुरू की जाए। नमाज मस्जिद या किसी अधिकृत जगह पर ही पढ़ी जाए। इसके साथ ही बकरीद के दिन सार्वजनिक जगहों पर और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं देने की अपील की थी।

सीएम योगी की इस अपील का पूरे प्रदेश में सख्ती से पालन हुआ था। खुद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने आगे बढ़कर लोगों से इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा था। इसका परिणाम यह हुआ था कि इस बार किसी तरह की झड़प आदि खबरें सुनने को नहीं मिलीं। ये निर्देश बकरीद के बाद आने वाले हिंदू त्योहारों को ध्यान में रखकर दिया गया था।

ज़ुबैर (बदला हुआ नाम) ने अपनी बहन को ही बनाया शिकार, फिर बहनोई को सौंप दिया: बलात्कार कर-कर के वीडियो भी बनाता था, एक्शन में यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक मुस्लिम लड़की को रिश्ते में लगने वाले उसके भाई ने ही हवस का शिकार बना लिया है। जुबैर (बदला हुआ नाम) ने पहले अपनी बहन के अश्लील वीडियो बनाए और बाद में इसी का डर दिखा कर कई बार बलात्कार किया। जुबैर के बहनोई शादाब (बदला हुआ नाम) ने भी पीड़िता से रेप की कोशिश की। शुक्रवार (28 जून, 2024) को पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र मैनाठेर का है। यहाँ शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय की एक लड़की ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि 5 मई 2024 को वो घर में अकेली थी। इसी दौरान उसकी बुआ के देवर का बेटा जुबैर (बदला हुआ नाम) घर पर आया। घर में जुबैर ने पीड़िता से रेप किया और नंगी फोटो-वीडियो बना डालीं। आरोपित मूलतः UP के अमरोहा जिले का रहने वाला है। आरोप है कि अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखा कर आरोपित ने कई बार अपनी ही रिश्ते में लगने वाली बहन की इज्जत लूटी।

एक दिन जुबैर ने पीड़िता को वीडियो डिलीट करने के बहाने अपने पास बुलाया। यहाँ से वो लड़की को अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र में अपने बहनोई शादाब (बदला हुआ नाम) के घर ले गया। यहाँ भी उसने लड़की से रेप के बाद उसे अपने बहनोई के पास छोड़ दिया। आरोप है कि जुबैर के बहनोई ने पीड़िता से कहा, “तुम मुझे खुश कर दो, मैं तुम्हारी वीडियो डिलीट करा दूँगा।” इसके बाद शादाब ने पीड़िता को पकड़ लिया और रेप की कोशिश की। जैसे-तैसे पीड़िता वहाँ से निकल कर भाग पाई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि तमाम मिन्नतों के बावजूद जुबैर ने उसकी अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। इस हरकत से पीड़िता ने खुद को बेहद मानसिक तनाव में बताया है और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने जीजा-साले को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376, 354 (ख) और 452 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने मामले में जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।