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सर्बिया में इजरायल के दूतावास पर आतंकी हमला, धर्मांतरित मुस्लिम ने घटना को दिया अंजाम: पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ हमलावर

सर्बिया स्थित इजरायली दूतावास पर हमला हुआ है। हमलावर ने क्रॉसबो रखा हुआ था, जिससे फायर कर के उसने सर्बिया के पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। ये हमला राजधानी बेलग्रेड में शनिवार (29 जून, 2024) को हुआ है। सर्बिया के गृह मंत्रालय ने बताया कि जवाब में दूतावास की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर ढेर हो गया। सर्बिया और इजरायल, दोनों ने ही इसे आतंकवादी वारदात करार दिया है। हमलावर ने क्रॉसबो से बोल्ट फायर किया था।

ये दूतावास की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की गर्दन में जाकर लगा। इसके बाद उक्त अधिकारी ने आत्मरक्षा में हथियार का इस्तेमाल किया और हमलावर वहीं घायल होने के बाद मर गया। दूतावास को फ़िलहाल बंद कर दिया गया है। इजरायल ने बताया कि दूतावास के किसी भी कर्मचारी को इस घटना में कोई चोट नहीं आई है। हमलावर की पहचान सर्बिया के ही 25 वर्षीय नागरिक के रूप में हुई है। घटनास्थल के पास से एक अन्य शख्स को भी गिरफ्तार किया गया है जिससे पूछताछ जारी है।

जाँच की जा रही है कि हमलावर का किसी विदेशी आतंकी संगठन से ताल्लुक था या नहीं। हमलावर धर्मांतरित होकर मुस्लिम बना था। हमलावरों के कट्टर इस्लामी विचारधारा ‘वहाबी मूवमेंट’ के साथ जुड़े होने की बात भी सामने आई है। बेलग्रेड में अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इजरायली दूतावास से कुछ ही दूरी पर अमेरिकी दूतावास भी स्थित है। इलीट पुलिस यूनिट अत्याधुनिक हथियारों के साथ इनकी सुरक्षा में लगी रहती है।

स्थानीय समय के अनुसार सुबह के 11 बजे ये घटना हुई है। हमले में घायल जवान की सर्जरी भी हुई है। हमले के समय वो गार्ड बूथ में तैनात था। बेलग्रेड के मेन इमरजेंसी हॉस्पिटल में उसे ले जाया गया, तब तक वो होश में था। ऑपरेशन कर के उसके गर्दन से बोल्ट को निकाला गया। सर्बिया ने इसे अपने देश के खिलाफ आतंकी हमला करार दिया है। हमलावर गार्ड से बार-बार पूछ रहा था कि म्यूजियम कहाँ है, इसी दौरान उसने बैग में से क्रॉसबो निकाल कर बोल्ट फायर कर दिया।

पत्थर फेंके, दाँत से काटा, लाठी-डंडे चलाए, वर्दी फाड़ी… यूपी पुलिस पर हमला कर गैंगस्टर रिहान को छुड़ा ले गई मुस्लिम भीड़, दर्जन भर से अधिक महिलाएँ भी शामिल

उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में पुलिस पर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला किया गया है। हमलावर भीड़ में महिलाएँ भी शामिल थीं। हिंसक भीड़ पुलिस द्वारा रिहान नाम के एक गैंगस्टर की गिरफ्तारी से नाराज थी। हमलावरों ने लाठी-डंडों से पुलिस पर हमले के साथ पत्थरबाजी भी की। कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई। रिहान को भी पुलिस कस्टडी से छुड़ा कर फरार करा दिया गया। अब पुलिस ने रियासत, लियाकत के साथ मुस्कान और समरीन सहित कुल 19 हमलावरों पर नामजद FIR दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी है।

अब तक 5 हमलावरों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। घटना गुरुवार (27 जून, 2024) की है। यह घटना अलीगढ़ के थाना क्षेत्र हयातनगर की है। 28 जून (शुक्रवार) को यहाँ सब इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि गुरुवार को अपनी पुलिस टीम के सात थाना औरंगाबाद बुलंदशहर से सम्भल दबिश देने आए थे। सम्भल के हयातनगर थाना क्षेत्र के गाँव रसूलपुर धतरा में गैंगस्टर रिहान की लोकेशन मिली थी। रिहान अपने घर पर ही मिल गया जिसे पकड़ कर पुलिस बल अपने वाहन की तरफ बढ़ गया। तभी रिहान के घर से कुछ औरतें बाहर निकलीं और पुलिस से उलझने लगीं।

पुलिस ने इन महिलाओं को समझाने की काफी कोशिश की पर वो नाकाम साबित हुईं। ये महिलाएँ पुलिस से रिहान को छीनने का प्रयास करने लगीं। तभी 40-50 हमलावरों की एक भीड़ घरों से बाहर निकल आई। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे थे जिस से उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया। इस हमले से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने अपने घरों की खिड़कियाँ बंद कर लीं। इसी दौरान गलियों और छतों से पुलिस पर पत्थर फेंके जाने लगे। भगदड़ में कई लोगों ने जूते-चप्पल भी घटनास्थल पर छूट गए।

अफरातफरी का माहौल देख कर भीड़ में मौजूद कुछ लोग पुलिस की तरफ आगे बढ़े। इसमें महिलाएँ भी शामिल थीं। इन्होंने पुलिसकर्मियों के हाथों पर दाँत से काटना शुरू कर दिया। कुछ पुलिस वालों की वर्दी भी फाड़ डाली गई। इसके बाद भीड़ हिरासत में लिए गए रिहान को छुड़वा कर अपने साथ ले गई। घायल पुलिसकर्मियों का स्थानीय स्तर पर इलाज करवाया गया। काफी देर की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका। तब तक हमलावर भीड़ के अधिकतर लोग फरार हो चुके थे।

पुलिस ने इस हमले में कुल 19 नामजद आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन आरोपितों के पुरुषों के नाम शराफत, रियासत, लियाकत, सखावत, फिरासत, जीशान, शाहील, रिहान, शादाब, उवैश, सलमान, असलम, नौशाद और नासिर हैं। इसी केस में समरीन, मुस्कान, गुलिस्ता और नाज़िया नाम की महिलाओं को भी नामजद किया गया है। इन नामजदों के अलावा 10-12 महिलाओं और पुरुषों को अज्ञात के तौर पर दर्ज किया गया है।

इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 332, 353, 186, 307, 225, 225- बी, 336, 147, 148 और 149 के साथ आपराधिक संसोधन अधिनियम के सेक्शन 34 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सम्भल पुलिस ने बताया है कि अब तक 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कई हमलावर घर छोड़ कर फरार चल रहे है जिनकी तलाश में दबिश जारी है।

मस्जिद के पीछे प्लास्टिक के ड्रम में पड़ी मिली महिला की सिरकटी लाश, हाथ पर लिखा है – ‘महेश भाटी की धर्मपत्नी: शिनाख्त और कातिलों की तलाश में जुटी अलीगढ़ पुलिस

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक महिला की सिर कटी लाश मिली है। शव एक मस्जिद के पीछे पड़ा हुआ था जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मृतका की उम्र 40 से 45 साल के बीच आँकी जा रही है। इस घटना के पीछे के कारणों की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (28 जून, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना अलीगढ़ के थाना क्षेत्र क्वार्सी की है। यहाँ के पुराना छर्रा अड्डा कूड़ा घर के पास एक संदिग्ध प्लास्टिक का ड्रम पड़ा हुआ था। यह जगह मस्जिद के पीछे स्थित है। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने ड्रम की तलाशी ली तो अंदर एक महिला का शव पड़ा मिला। महिला का सिर गायब था। आसपास तलाश करने पर सिर का पता नहीं चल पाया। मृतका की उम्र लगभग 40 से 45 साल के बीच बताई जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि लाश 2 से 3 दिन पहले ला कर वहाँ फेंकी गई रही होगी।

मृतका ने पीले रंग का सलवार सूट पहन रखा है। उसके हाथ में गोदना गुदा हुआ है। इसमें महेश सिंह भाटी धर्मपत्नी विनेश देवी लिखा हुआ है। इसके अलावा कुछ और भी लिखा हुआ है जो ठीक से पढ़ने में नहीं आ रहा है। आशंका इस बात की लगाई जा रही है कि महिला की हत्या कहीं और कर के लाश उस इलाके में खाली जगह देख कर फेंक दी गई हो। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। मृतका की सूचना विभिन्न माध्यमों से प्रकाशित कर के शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

अलीगढ़ पुलिस के SP सिटी मृगांक शेखर ने बताया कि लाश का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की हत्या कैसे हुई। आसपास के जिलों में भी महिला की सूचना पुलिस यूनिटों को दे दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

महिला से छेड़छाड़, फिर मंदिर में घुस कर मुस्लिम भीड़ ने की तोड़फोड़: ठाणे में कमिश्नर के पास पहुँचे आक्रोशित हिन्दू, कहा – हम असुरक्षित

महाराष्ट्र के ठाणे स्थित हजूरी में एक हिन्दू महिला के साथ छेड़छाड़ की गई है। इतना ही नहीं, इसके बाद जब वो बचने के लिए एक मंदिर में छिपी, तो मुस्लिम भीड़ उस मंदिर तक में घुस गई। पीड़िता सब्जी लेने के लिए बाजार गई थी, छुट्टे देने के नाम पर उसके साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया गया। जब पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपित भाग खड़ा हुआ। वो किसी तरह एक मंदिर में छिप गई। हालाँकि, कुछ देर बाद ही मुस्लिम भीड़ ने उसे धमकाना शुरू कर दिया।

पीड़ित महिला को धमकी दी गई कि वो केस न दर्ज कराए। बताया जा रहा है कि शुरू में पुलिस ने FIR तक दर्ज करने से इनकार कर दिया था, लेकिन दबाव के बाद मामला लिखा गया। हिन्दू संगठनों ने शनिवार (29 जून, 2024) को सुबह 11 बजे कमिश्नर ऑफिस में जाकर उन्हें मामले से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा। आक्रोशित हिन्दुओं ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के समक्ष भी इस घटना को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की गई।

शिकायत वाले ज्ञापन में आक्रोशित हिन्दुओं ने लिखा, “हजूरी के हिंदू निवासी बेहद असुरक्षित हो गए हैं। कई महीनों से हिंदू महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई जा रही है। रविवार (23 जून, 2024) को शहजाद शेख द्वारा एक हिंदू महिला के साथ उसके घर पर यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया गया था। खुद को बचाने के लिए हिंदू महिला ने इलाके के शिव मंदिर में शरण ली। यह खबर सुनते ही 100-150 मुस्लिम व्यक्ति मंदिर परिसर में घुस आए और हिंदू पीड़िता को बाहर आने के लिए कहा।”

शिकायत में कहा गया है कि जब पीड़िता ने बाहर आने से इनकार कर दिया तो 100 मुस्लिम लोग चप्पल पहनकर मंदिर में घुस आए और मंदिर में तोड़फोड़ की और धमकियाँ दीं। बकौल हिन्दू कार्यकर्ता, इस घटना से हिंदू मंदिर की पवित्रता भंग हुई है और हजूरी इलाके में धार्मिक तनाव पैदा हो गया है। पत्र में चेताया गया है कि समयबद्ध कार्रवाई न की गई तो हिन्दू समाज आत्मरक्षा के लिए उपाय करेगा। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने की माँग भी की गई है।

प्राचीन मंदिर में घुस कर सोहिल और इरफ़ान ने किया पेशाब, अलीगढ़ पुलिस ने दोनों को दबोचा: हिन्दू संगठन बोले – ये जिहादी हैं, इनके घरों पर चलाओ बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हिन्दू भावनाओं को आहत करने का मामला सामने आया है। यहाँ सोहिल और इरफ़ान नाम के 2 युवकों पर मंदिर में पेशाब करने का आरोप लगा है। नाराज हिन्दू संगठनों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (26 जून, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अलीगढ़ के थाना क्षेत्र अकराबाद की है। यहाँ हिन्दू संगठन के सदस्य प्रशांत कुमार ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में प्रशांत ने बताया कि अकराबाद कस्बे के ही अंदर हिन्दुओं का भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में आसपास के अलावा काफी दूर के श्रद्धालु पूजा करने आते है। आरोप है कि बुधवार (26 जून) को सोहिल और इरफ़ान ने मंदिर परिसर में घुस कर पेशाब किया। स्थानीय हिन्दू संगठन पदाधिकारी विशाल शर्मा ने इस दोनों को लगभग 22 वर्ष का बताते हुए ‘जेहादी’ शब्द से सम्बोधित किया है।

हिन्दू संगठनों का आरोप है कि सोहिल और इरफ़ान ने यह हरकत जानबूझकर हिन्दू भावनाओं को आहत करने के लिए की है। दोनों का घर मंदिर के पीछे ही बताया गया है। दावा किया गया है कि हिन्दू संगठनों का आरोप है कि सोहिल और इरफ़ान ने यह हरकत जानबूझकर हिन्दू भावनाओं को आहत करने के लिए की है। दोनों का घर मंदिर के पीछे ही बताया गया है। इस घटना की सूचना पर पुलिस फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। तहरीर ले कर सोहिल और इरफ़ान को FIR में नामजद आरोपित बना लिया गया है।

इस घटना पर डिप्टी एसपी राजेश द्विवेदी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि दोनों नामजद आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने नाराज लोगों को समझाबुझा कर शाँत करवाया। मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल अकराबाद में हालत शांतिपूर्ण हैं।

21 साल का B.Sc का छात्र कराता है UPSC की ऑनलाइन तैयारी, खरीदी कार तो प्रोफेसर भी रह गए दंग: छात्रों में सरकारी कर्मचारी से लेकर इंजीनियर तक शामिल

महज 21 साल का लड़का, जो बीएससी (माइक्रोबॉयोलॉजी) की पढ़ाई कर रहा है, वो प्राइवेट यूट्यूब चैनल के माध्यम से यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है। अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज वो कार भी खरीद चुका है और ग्रेजुएट होते ही सरकारी नौकरी करने की तैयारी कर रहा है। छात्र की प्लानिंग है कि वो सरकारी नौकरी पाने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्ट कंटेंट प्रोवाइड कराएँगे, ताकी जिन युवाओं के पास पैसा नहीं है, वो भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सफलता हासिल कर सके। ऐसा करने वाले लड़के का नाम है सयूज एस चंद्रन, जो केरल के कारसगोड के रहने वाले हैं।

ऑनमनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, कासरगोड के पहाड़ी गाँव राजापुरम के सेंट पायस कॉलेज में पढ़ने वाले सयूज एस चंद्रन अचानक चर्चा में आ चुके हैं। दरअसल, मंगलवार (25 जून 2024) को सेंट पायस कॉलेज में पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर ने छात्र को फोन किया और कहा कि वो अपनी फाइल कॉलेज में जमा कर दे, लेकिन छात्र ने कहा कि वो कॉलेज नहीं आ पाएगा, क्योंकि वो कार खरीदने जा रहा है। प्रोफेसर को लगा कि कार तो माता-पिता खरीद रहे होंगे, ऐसे में छात्र क्यों छुट्टी ले रहा है, तब जाकर छात्र ने बताया कि वो माता-पिता के पैसों से नहीं, बल्कि अपने पैसों से कार खरीद रहा है। इसके बाद ये पूरी कहानी सामने आई।

वैसे, कार खरीदने की खबर से कोई हैरान नहीं हुआ, लेकिन कार खरीदने के लिए छात्र ने जो मेहनत की, वो प्रेरित करने वाली है। दरअसल, छात्र सयूज एस चंद्रन एक ऑनलाइन कोचिंग चैनल चलाते हैं, जिसका नाम है IAS HUG MALAYALAM. ये चैनल एक प्राइवेट चैनल है और इसे वही लोग देख सकते हैं, जिन्होंने इसे सब्सक्राइब किया हुआ है। सयूज ने इस चैनल की फीस रखी है 500 रुपए प्रति महीने की, जो अब 1 हजार रुपए प्रति महीने कर दिया है। खासकर नए सब्सक्राइबर्स से। इस चैनल पर सयूज एस चंद्रन समसामयिक मामलों, सिविल सेवा योग्यता परीक्षा (सीएसएटी), इतिहास, भूगोल और सामान्य अध्ययन पर आधारित शिक्षा देते हैं, जो यूपीएससी जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के बेहद काम की होती है।

इस चैनल को शुरू करने के सवाल पर सयूज ने कहा, “शुरू में मैंने चैनल इसलिए बनाया था कि जो पढ़ाई मैं कर रहा हूँ, उसे दूसरों के साथ बाँट सकूँ, ताकी मैं भी चीजों को भूलूँ न। लेकिन धीरे-धीरे ये आगे बढ़ता गया।” शुरुआत में, सयूज ने अपने नाम सयूज चंद्रन के नाम पर ‘एससी आईएएस अकादमी’ शुरू की। फिर उन्हें एहसास हुआ कि “अकादमी” एक बहुत बड़ा टैग है। इसलिए उन्होंने चैनल का नाम बदलकर ‘आईएएस हब मलयालम’ रख दिया। उनकी कक्षाएँ धीमी गति वाली और मलयालम में होती हैं, और वह बहुत कुछ दोहराते हैं। उनके नोट्स अंग्रेजी में हैं।

रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. आशा चाको ने बताया, “सयूज से पढ़ने वाले लोगों में कॉलेज के शिक्षक, सरकारी क्लर्क, आईटी प्रोफेशनलर, केमिकल इंजीनियर, गृहिणी और कॉलेज जाने वाले लोग भी शामिल हैं।” डॉ. आशा ने कहा कि वो इकलौती ऐसी व्यक्ति हैं पूरे कॉलेज में, जो जानती थी कि सयूज क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पास कई छात्र हैं जो आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनने की ख्वाहिश रखते हैं, लेकिन सयूज जैसा कोई नहीं है जो छात्र रहते हुए भी इतना अच्छा पढ़ाता है।” अब चूँकि सयूज की अगले साल ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हो जाएगी, इसके बाद वो खुद यूपीएसकी की सिविल सर्विस की परीक्षा में शामिल होंगे।

सयूज के पिता रिटायर्ड फौजी हैं और उनकी माँ एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सयूज ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई स्थानीय स्कूल-कॉलेज में ही की और 2022 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने NEET की परीक्षा दी। उनका मन था कि वो डॉक्टर बनें, लेकिन नीट की परीक्षा में उन्हें असफलता मिली। इसके बाद उन्होंने माइक्रोबॉयोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई शुरू कर दी। शुरुआत में सयूज ने अखबारों को पढ़ना शुरू किया और छोटा-मोटा कंटेंट बनाना शुरू किया, लेकिन जब 2 महीने में ही उनके चैनल पर 10 हजार से ज्यादा व्यू आने लगे, तो उन्होंने इसे आगे बढ़ाया।

अब सयूज एस चंद्रन का कहना है कि वो अगले साल यूपीएससी की परीक्षा में खुद बैठेंगे। सफलता के प्रति आश्वस्त सयूज कहते हैं कि वो अधिकारी बनने के बाद इस चैनल पर और ध्यान देंगे, साथ ही कंटेंट को पूरी तरह से फ्री कर देंगे। ताकी इसका फायदा अन्य लोगों को भी मिल सके। सयूज का चैनल पूरी तरह से सब्सक्रिप्शन मोड पर चलता है, लेकिन कई लोग जो पैसे देने में सक्षम नहीं होते, सयूज उनके लिए अपने चैनल का लिंक वॉट्सऐप-टेलीग्राम जैसे ऐप्स के माध्यम से भेजते हैं, ताकी उनकी मदद हो सके।

केरल के सयूज एस चंद्रन की ये यात्रा प्रेरणादायक है। उन्होंने महज 1 साल में ही न सिर्फ अपने पैरों पर खड़े होने का साहस रखा, बल्कि वो समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।

शरद पवार ने उद्धव ठाकरे के CM बनने की उम्मीदों पर फेरा पानी: कहा- कोई एक व्यक्ति MVA का सीएम चेहरा नहीं बन सकता, शिवसेना (UBT) ने की थी माँग

महाराष्ट्र के दिग्गज एवं एनसीपी (सपा) के प्रमुख नेता शरद पवार ने शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शिवसेना (UBT) इस बात पर जोर दे रही है कि महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महाविकास अघाड़ी (MVA) के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उद्धव ठाकरे का नाम पेश किया जाना चाहिए। हालाँकि, पवार ने इसे खारिज कर दिया।

शरद पवार ने शनिवार (29 जून 2024) को कहा कि किसी व्यक्ति को सीएम चेहरे के रूप में पेश करने का विचार ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा गठबंधन हमारा सामूहिक चेहरा है। एक व्यक्ति हमारा मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बन सकता। सामूहिक नेतृत्व हमारा फॉर्मूला है।” दरअसल, सांसद संजय राउत ने ठाकरे के नाम को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया था।

पवार ने एमवीए में सभी वामपंथी दलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वालों को शामिल करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा, “हाल के लोकसभा चुनावों के दौरान पीडब्ल्यूपी (भारतीय किसान और श्रमिक पार्टी), आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टियों ने हमारी मदद की। एमवीए में हम तीन भागीदार हैं, लेकिन हमें इन सभी दलों को शामिल करना चाहिए।”

शरद पवार ने आगे कहा, “मोदी का विरोध करने वाले सभी लोगों को एमवीए का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में जो भी निर्णय लिया जाना है, वह चर्चा के माध्यम से और सभी को विश्वास में लेने के बाद लिया जाएगा।” इस बीच संजय राउत ने शनिवार (29 जून) को फिर कहा कि MVA को सीएम का चेहरा पेश करने की जरूरत है।

संजय राउत ने पहले कहा था, “मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बिना महाराष्ट्र में चुनाव लड़ना एमवीए के लिए खतरनाक होगा। महाराष्ट्र ने देखा है कि उद्धव ठाकरे ने राज्य को कैसे सँभाला, खासकर कोविड-19 के महत्वपूर्ण दौर में। लोगों ने उद्धव ठाकरे की लोकप्रियता के कारण एमवीए को वोट दिया… एक चेहरा विहीन गठबंधन चुनाव जीतने में हमारी मदद नहीं करेगा।”

संजय राउत ने राहुल गाँधी को लेकर एक बड़ी बात भी कही। उन्होंने कहा, “अगर इंडिया ब्लॉक ने राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किया होता तो हमें 25-30 सीटें और मिल जातीं… लोगों को पता होना चाहिए कि वे किसके लिए वोट कर रहे हैं। लोगों ने इंदिरा गाँधी और नरेंद्र मोदी को वोट दिया। वे चेहरा जानना चाहते हैं।”

सांसद राउत ने आगे कहा, “हमारे बीच इस बात पर कोई मतभेद नहीं है कि हमारा मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होना चाहिए। हम एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिए दृढ़ हैं। हम 175 से 180 विधानसभा सीटें जीतेंगे।” बताते चलें कि इस साल अक्टूबर में महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसको लेकर मोहरे तैयार किए जाने लगे हैं।

‘उनका गुस्सा मीडिया टायकून्स से था’: राहुल गाँधी से अपमानित होने के बाद भी उनका बचाव कर रहीं पत्रकार मौसमी सिंह, वफादारी दिखाने के लिए ताक पर रखा आत्मसम्मान

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कुछ दिनों पहले ‘इंडिया टुडे’ की पत्रकार मौसमी सिंह को अपमानित किया था। इसके बावजूद भी वो अपने आत्मसम्मान को ताक पर रख कर कॉन्ग्रेस का बचाव कर रही हैं। असल में मौसमी सिंह ने जो सवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा था, उसे राहुल गाँधी ने ‘BJP का सवाल’ बता दिया था। ‘द लल्लनटॉप’ पर सौरभ द्विवेदी ने इस दौरान मौसमी सिंह से इस घटना के संबंध में सवाल पूछा और राहुल गाँधी की आक्रामकता की आड़ में इसे जायज ठहराए जाने पर सवाल उठाया।

इसके जवाब में मौसमी सिंह ने कहा, “मैंने भी ये सोचा कि मुझे जब राहुल गाँधी ने एकदम से ऐसा कहा, तब मुझे लगा था कि इसमें भाजपा का सवाल कहाँ बनता है? फिर मुझे भी महसूस हुआ कि पिछले 10 वर्षों में एक धारणा, एक सोच राहुल गाँधी की इकोसिस्टम में है। जिस तरह से लगातार कॉन्ग्रेस भी कहती आई है और राहुल गाँधी ने भी इसे बार-बार दोहराया है कि उनकी छवि को बिगाड़ने में मीडिया का बड़ा योगदान रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि चमकाने के लिए राहुल गाँधी की छवि को बदनाम करना – ये भाजपा के लिए बहुत ज़रूरी था।”

मौसमी सिंह ने राहुल गाँधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि मीडिया का भी इस करतूत में बड़ा योगदान रहा। बकौल मौसमी सिंह, बाद में ब्रीफिंग में जब पूछा गया तो राहुल गाँधी ने कहा था कि उनका किसी रिपोर्टर के प्रति कोई घृणा की भावना नहीं है, उनका ये भी इरादा नहीं था कि किसी पत्रकार की ईमानदारी पर संदेह करें, लेकिन मीडिया के जो शीर्ष के लोग हैं उन्होंने एक भूमिका निभाई है और उन्हें लगता है कि ये टायकून्स इसके लिए जवाबदेह हैं।

मौसमी सिंह ने कहा कि राहुल गाँधी ने कई बार पत्रकारों से इस तरह की बात की है, लेकिन उन्हें भी इसका एहसास होगा कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने राहुल गाँधी को परिपक्व भी बता दिया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद उन्होंने उन्हें पहचाना और उनसे हालचाल भी लिया। बता दें कि विपक्ष द्वारा संसद न चलने देने और लोगों के टैक्स के पैसे की बर्बादी पर मौसमी सिंह ने सवाल पूछा था, जिस पर भड़के राहुल गाँधी ने उन्हें भाजपा की टीशर्ट पहनने की सलाह दे डाली थी।

मंदिर के बाहर सो रहे पुजारी को चाकुओं से गोदा, लगाए ‘सर तन से जुदा’ के मजहबी नारे: इकबाल, महताब के साथ कई अन्य नामजद

हरियाणा के फरीदाबाद में शुक्रवार (28 जून 2024) को रवि भगत नाम के एक युवक की गर्दन काटने का प्रयास किया गया है। पीड़ित एक मंदिर का पुजारी है। इकबाल और महताब ने अपने साथियों के साथ मिलकर यह हमला मंदिर के सामने ही अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान ‘सिर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए। गंभीर रूप से घायल रवि भगत का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना फरीदाबाद के थाना क्षेत्र मुजेसर की है। यहाँ की जनता कॉलोनी में काली माता का एक मंदिर है। इस मंदिर की देखरेख और पूजा-पाठ का काम रवि भगत करते हैं। शुक्रवार की रात को रवि भगत मंदिर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे।

आरोप है कि इसी दौरान हमलावर रवि भगत के पास आए और उन्हें दबोचा लिया और उनकी गर्दन चाकू से रेतने लगा। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया है कि हमलावरों ने सिर तन से जुदा के नारे भी लगाए।आसपास के कुछ अन्य निवासियों ने भी इस नारे को सुनने का दावा किया है। हमले के बाद हमलावर घटनास्थल से भाग निकले।

रवि भगत के रिश्तेदार ने बताया कि दिन भर प्याऊ में लोगों को पानी पिलाकर और मंदिर का विधि-विधान निबटाकर रवि भगत सोने चले गए थे। मंदिर के बाहर उनसे कुछ दूरी पर उनकी 5 साल की बेटी भी सो रही थी। आधी रात के बाद कुछ हमलावर मंदिर की तरफ आए और उन्होंने रवि भगत से बहस करना शुरू कर दिया। फिर हमला कर दिया।

आरोप है कि हमलावरों द्वारा हमले के दौरान चाकू और सूजे का इस्तेमाल किया गया था। घटना के दौरान पीड़ित पुजारी की बेटी अपने पिता की हालात देखकर चीखने लगी। चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मंदिर के पास जमा हो गए। लोगों का जमावड़ा देख कर हमलावर भाग निकले। हमलावरों में महताब और इक़बाल के अलावा शशि और वाधवा उपनाम वाले लोग भी बताए जा रहे हैं।

घायल पुजारी रवि भगत को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि रवि भगत के शरीर के कई हिस्सों में चाकू लगे हैं और उन काफी खून निकल चुका है।इस घटना के बाद हिन्दू संगठनों में आक्रोश फ़ैल गया है। बिट्टू बजरंगी ने फरीदाबाद में घटनास्थल पर हिन्दू पंचायत करने का एलान किया है।

पुलिस के मुताबिक अब तक की जाँच में धार्मिक उन्माद की बात निकल कर नहीं आई है। हालाँकि, इस घटना के अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है। नामजद आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस द्वारा जगह-जगह दबिश दी जा रही है। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘ब्राह्मण घृणा ही बन जाती है हिन्दू घृणा, चर्च-मस्जिद के दरवाजे पर ही होता है इसका अंत’: बोले J साई दीपक – यूपी में हिन्दुओं के लिए चंद्रशेखर ‘रावण’ सबसे बड़ा खतरा

हिन्दू घृणा के खिलाफ अधिवक्ता J साई दीपक ने अपना वक्तव्य दिया है, सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया है कि कैसे एक गिरोह ब्राह्मणों के खिलाफ घृणा से शुरुआत करता है और वो बाद में हिन्दू घृणा का रूप ले लेता है। इसके लिए उन्होंने पंजाब का उदाहरण दिया, जहाँ ब्राह्मणों के खिलाफ घृणा के नाम पर खलिस्तानी विचारधारा प्रकट हुई और अब इसके तहत सिखों को हिन्दू विरोधी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम एक सीमावर्ती व महत्वपूर्ण राज्य को खो रहे हैं।

‘संगम टॉक्स’ में J साई दीपक ने कहा कि वो एकदम स्पष्ट है कि भारत की प्राचीन वैदिक परंपरा, जो कि हिन्दू धर्म की जड़ है, उस पर हमले की अनुमति देकर आप किसी न किसी रूप में हिन्दू धर्म पर हमले को रास्ता दे रहे हैं। अधिवक्ता ने इसके लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के तटवर्ती क्षेत्रों और केरल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आप ये बिलकुल नहीं कह सकते कि आप एक समूह को पंचिंग बैग बना कर हिन्दू धर्म को एक करने चले हैं।

बकौल J साई दीपक, आप बाहर किसी को घृणा के लिए पैदा नहीं कर पा रहे हैं, इसीलिए अपने भीतर ही किसी को आपने घृणा का विषय बना दिया है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर आपके पास बाहर कोई घृणा करने के लिए मिल जाए, तो आप असली अपराधियों को पहचान लेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बदले जिहादियों के साथ सहयोग किया जा रहा है और ब्राह्मणों का सफाया किया जा रहा है। J साई दीपक ने कहा कि कुछ लोगों ने हिंदुत्व के नाम पर जानबूझकर कुछ समूहों को निशाना बनाना चुना है, ये कौन सा अभियान है?

J साई दीपक ने कहा, “जो लोग वैदिक नियम-कायदों को मानते हैं, उन्हें आप क्या सन्देश भेज रहे हैं? वैदिक सनातन धर्म हिन्दू धर्म की जड़ है, ये जो महासमुद्र है उसका केंद्र है वो। आप उन संस्थाओं को क्या कह रहे हैं, देश छोड़ देने के लिए? फिर आप नक्सलियों और जिहादियों से अलग कैसे हुए? इस वायरस ने हमारी विचारधारा को संक्रमित कर दिया है। जमीन पर काम कर रहे लोग भुगत रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हिन्दुओं को सबसे बड़ा खतरा चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ से आने वाला है। हिन्दू एकता के नाम पर आप उसके पास भी जाते हैं, और बाकी सबको दरकिनार करते हैं।”

J साई दीपक ने कहा कि आप कुछ नया नहीं बना रहे हैं, लेकिन हजारों वर्षों से जो बनाया गया है उसे तबाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप वर्णाश्रम धर्म को सिर्फ और सिर्फ छुआछूत वाले विषय की नज़र से देखते हैं तो आपके साथ गद्दार की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण घृणा बाद में हिन्दू घृणा बन जाती है और इसका अंत चर्च या मस्जिद के दरवाजे पर होता है। इस चर्चा में वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन भी मौजूद थे।

इस चर्चा में J साईं दीपक ने ये भी बताया कि शिक्षा व्यवस्था में जो वामपंथी विचारधारा घुस गई थी वो अब तक नहीं हटाई गई है। उन्होंने ‘होठों पर सावरकर, रीढ़ में गाँधी और आत्मा में मार्क्स’ कह कर तंज कसा। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने इस दौरान जम्मू में बढ़ती रोहिंग्या मुस्लिमों की जनसंख्या पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को लेकर कितने लोगों ने सरकार से सवाल पूछा? उन्होंने कहा कि हम एक अँधेरे रास्ते पर ले जाए जा रहे हैं, हमें माला पहना दिया गया है और संगीत बज रहा है।