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लड़की को नंगा कर बॉडी की पेंट, फिर नग्न पीठ पर खाना रखकर परोसा: ताइवान में अजीबोगरीब डिनर पार्टी, एक व्यक्ति की एंट्री ₹2.5 लाख में

ताइवान के प्राइवेट क्लब में खाना परोसने का अजीबोगरीब तरीका सामने आया है। पता चला है कि तायचुंग के एक प्राइवेट क्लब में नंगी महिला को सुशी बोट बनाकर लोगों को डिनर सर्व किया गया है। इस रात्रिभोज को उन्होंने ‘न्योताइमोरी डिनर’ का नाम दिया। इस दौरान नग्न युवती के ऊपर ‘साशिमी’ परोसी गई। उससे पहले उसके शरीर पर बॉडी पेंट आदि किया गया था ताकि वो दिखने में अट्रैक्टिव लगे। रिपोर्ट्स के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए महिला ने करीबन दो घंटे काम किया।

ऑनलाइन सामने आई तस्वीरों में एक युवती के शरीर पर फूलों की सजावट देखी जा सकती है। साथ ही देख सकते हैं कि खाना परोसते टाइम युवती को टेबल पर लिटा दिया गया। फिर उसे उलटा करके खाने की वस्तु रखी गई। खबरों के मुताबिक ये खाना सिर्फ विवादस्पद नहीं बल्कि महंगा भी था। इस कार्यक्रम में जाने की कीमत करीबन 3100 डॉलर (2,58,734.06) थी। वहीं इसमें आने वाले मेहमानों की संख्या 20 थी।

कार्यक्रम में जुड़ने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने इस संबंध में स्थानीय मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने पहली बार महिला के शरीर के ऊपर इतनी हाई क्वालिटी साशिमी देखी, बस उन्हें ये याद नहीं है उन्होंने वास्तव में कार्यक्रम में खाया क्या था।

प्राइवेट क्लब द्वारा आयोजित ऐसी खबर के बारे में जानने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने इसकी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह नग्नता का सार्वजनिक प्रदर्शन कानून का उल्लंघन है। वे मामले की जाँच कर रहे हैं। वहीं ताइचुंग सिटी हेल्थ ब्यूरो ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि कोई समस्या हुई तो वो त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

बता दें कि ताइवना इस तरह के डिनर कार्यक्रम आयोजित करना कोई नया नहीं। साल 2022 में ऐसा एक कार्यक्रम आयोजित कराने की घटना सामने आई थी जिसके बाद उसकी काफी आलोचना भी हुई थी। वहीं इस दृश्य को देखने वाले एक व्यक्ति ने कहा, “यह देखना बहुत भयानक है। इसे इंसान को खाने से अलग नहीं देख सकते। सिर्फ खाने वालों को लुभाने के लिए एक युवा महिला के शरीर का उपयोग करना बहुत गलत लगा। इससे साबित होता है कि लोग अगर अमीर हो जाएँ तो वो अपनी इंसानियत खो देते हैं।”

PM मोदी को बदनाम करने के लिए अवनी डायस ने डॉक्यूमेंट्री में भारत के संविधान को लेकर बोला झूठ, अपनी ‘पत्रकार’ की करतूत ABC News ने कबूली

एबीसी की ‘पत्रकार’ अवनी दास के फैलाए फेक न्यूज पर ऑपइंडिया की रिपोर्ट के 2 सप्ताह बाद आखिरकार एबीसी न्यूज ने मान लिया कि उसकी कथित ‘पत्रकार’ अवनी डायस ने भारत के संविधान के बारे में दर्शकों को गुमराह किया है। अब एबीसी न्यूज ने अपनी सफाई दी है।

गुरुवार (27 जून 2024) को एबीसी न्यूज ने स्वीकार किया कि अवनी डायस ने ‘भारत की आजादी के साथ ही ‘सेकुलर’ शब्द संविधान का हिस्सा है’ का जो दावा किया है, वो झूठा है। एबीसी न्यूज ने अवनी दास के फेक न्यूज पर सफाई देते हुए कहा कि ‘नरेंद्र मोदी पर बने डॉक्यूमेंट्री, जिसे 5 जून को पब्लिश किया गया था, उसमें ‘भारत के मूल संविधान में सेकुलर’ होने का दावा गलत था।’

अपनी इज्जत बचाने के क्रम में एबीसी न्यूज ने लिखा, ‘भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 1960 के दशक के दौरान पुष्टि की थी कि धर्मनिरपेक्षता भारत के 1950 के संविधान की एक बुनियादी विशेषता है, इस शब्द को 1976 में एक संवैधानिक संशोधन में जोड़ा गया, जिससे भारत का वर्णन “संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य” से बदलकर “संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य” हो गया।’

ये मामला कैसे शुरू हुआ?

इस विवाद की शुरुआत 5 जून को हुई थी, जब एक तरफ पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे थे, तो दूसरी तरफ भारत विरोधी शक्तियाँ भारत सरकार और खासकर मोदी सरकार को बदनाम करने के प्रयास में लगातार जुटे हुए थे। इन्हीं प्रयासों में एक है ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) की कथित ‘पत्रकार’ अवनी डायस द्वारा झूठ फैलाने का प्रयास, जिसमें अवनि ने 5 जून 2024 को भारत के संविधान के बारे में फर्जी बातें प्रसारित की।

अवनी डायस ने कुछ समय पहले ही ये फर्जी खबर फैलाई थी कि ‘निगेटिव रिपोर्टिंग’ की वजह से भारत सरकार ने उनका वीजा रद्द कर दिया है, जबकि वो दावा फर्जी निकला था। इस बार अवनि ने दावा किया है कि ‘धर्मनिरपेक्षता’ भारतीय संविधान का अहम हिस्सा है, वो भी अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद यानी 1947 से। अवनी ने ‘नरेंद्र मोदी से पहले के भारत की कहानी’ हेडलाइन के साथ एक वीडियो बनाकर ये बताने की कोशिश की कि भारत में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की धर्मनिरपेक्षता किस तरह के खतरे में है।

अपने वीडियो के 9.19 मिनट पर अवनी डायस ने कहा, “आपको बता दें कि जब 1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद भारत की स्थापना हुई थी, तो इसके संविधान में लिखा गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जिसका मतलब है कि धर्म के आधार पर देश में सभी को आजादी होनी चाहिए।” अवनी ने दावा किया कि भारत के संविधान में सेक्युलर शब्द पेज नंबर 33 पर बड़े अक्षरों में लिखा है।

हालाँकि अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही ‘पत्रकार’ अवनी ये भूल गई कि भारत का संविधान 1947 में लागू नहीं हुआ और जब भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, तब सेक्युलर शब्द उस संविधान का हिस्सा ही नहीं था। बता दें कि भारत का संविधान 1947 में नहीं, बल्कि तीन साल बाद 1950 में लागू हुआ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा 1976 में (आपातकाल के काले दिनों के दौरान) बनाया गया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने संसद को दरकिनार कर संविधान में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द शामिल करने के लिए 42वाँ संविधान संशोधन पारित किया था। अवनी डायस के दावों के विपरीत, संविधान यह बताने के लिए नहीं लिखा गया था कि भारत एक ‘धर्मनिरपेक्ष देश’ है। पूरे वीडियो में एबीसी न्यूज के ‘पत्रकार’ ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को धूमिल करने के लिए अटकलों, अनुमानों और मान्यताओं पर भरोसा किया।

पहले भी विवादों में रही हैं अवनी डायस

बता दें कि इसी साल अप्रैल में अवनी डायस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया था कि मोदी सरकार ने उनका वीजा नहीं बढ़ाया, जिसकी वजह से उन्हें भारत छोड़ना पड़ा। अवनी ने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उनकी रिपोर्टिंग सरकार को पसंद नहीं आ रही थी। हालाँकि ये पूरी तरह से झूठ था, क्योंकि उन्होंने जैसे ही वीजा के लिए अप्लाई किया, उनका वीजा 2 माह के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद एबीसी न्यूज ने एक आर्टिकल प्रकाशित किया और दावा किया कि भारत के विदेश मंत्रालय ने फोन करके अवनी को सूचित किया था कि उनका वीजा नहीं बढ़ाया जा रहा।

खैर, इस प्रोपेगेंडा से इतर अवनी डायस से जुड़ा एक और मामला भी है। उसने कनाडा में हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ने की कोशिश करते हुए एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिस पर भारत सरकार रोक लगा चुकी है और यू-ट्यूब पर पर भी उसके मामले में नोटिस दिख रहा है। दरअसल, यो डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत थी, बल्कि भारत के संवेदनशील सीमाई इलाकों में गलत तरीके से फिल्माई गई थी। उन लोकेशन पर शूट करने के लिए गलत तरीके से अनुमति हासिल की गई थी, जिसका बीएसएफ ने भी विरोध किया था।

पहले भी भारत को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाती रही हैं अवनि डायस

अवनी डायस भारत विरोधी, सनातन विरोधी लेखों के लिए जानी जाती है। उसने कई बार प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार एक्सपोज होती रही। इसी साल मार्च में अवनी डायस ने ब्रिसबेस में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी कट्टरपंथियों के हमले को नकारते हुए कट्टरपंथियों को क्लीनचिट देने की कोशिश की थी। उन्हें इसे हिंदू समूहों का ही हमला करार दे दिया था। उनके दावों को खुद ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने एक्सपोज कर दिया था। एक फेसबुक पोस्ट में ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने अवनी डायस और उनकी साथी नाओमी सेल्वारत्नम को ‘ब्राउन सिपाही’ की संज्ञा दी थी।

बाजार में नंगा कर घसीटा, बेरहमी से पीटा: बंगाल में भाजपा का समर्थन करने पर मुस्लिम महिला को भी नहीं छोड़ा, BJP ने तस्वीर-वीडियो शेयर कर लगाया आरोप

सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल से जुड़ी एक बेहद हैरान करने वाली खबर शेयर की जा रही है। भारत जनता पार्टी की बंगाल ईकाई और भाजपा नेता अमित मालवीय ने तस्वीर और वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि प्रदेश के कूचबिहार में एक मुस्लिम महिला को नंगा करके पीटा गया है सिर्फ इसलिए क्योंकि वो भाजपा को सपोर्ट करती थी।

भाजपा की पश्चिम बंगाल ईकाई ने अपने ट्वीट में इस घटना के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, “पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य रोसोनारा खातून को बर्बरतापूर्वक पीटा गया है। उनके बालों को घसीटकर उनपर हमला किया गया। उनका अपराध सिर्फ यही था कि वो भाजपा को सपोर्ट करती थीं। इस घटना से मुस्लिम समुदाय में बहुत नाराजगी है और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में आ गई है।” भाजपा ने कहा कि यह ममता बनर्जी का बंगाल है जहाँ ऐसी हिंसा करके विपक्ष को चुप करा दिया जाता है।

इसी तरह अपने ट्वीट में अमित मालवीय ने कहा कि ये घटना कूचबिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा के रामथेंगा बाजार की है। वहाँ भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य रोसोनारा खातून को बालों से घसीटा गया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। भाजपा नेता अपने ट्वीट में लिखते हैं- “चुनाव के बाद से ही महिला दहशत में थी और घर से बाहर निकलने में कतराती थीं। अभी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहाँ उनका इलाज चल रहा है।”

बता दें कि बंगाल में हुई इस घटना ने सबको झकझोर दिया है। मीडिया में इस संबंध में पुलिस या फिर तृणमूल कॉन्ग्रेस की ओर से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन भाजपा नेता के हवाले से ये खबर चल रही है। उनका कहना है कि बंगाल के हर गाँव में संदेशखाली है। ये जो घटना घटी है उससे व्यापक आक्रोश फैल गया है और महिलाओं के लिए न्याय की माँग उठ रही है।

आसमान से राहत की बारिश, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के लिए बन गई आफत: IGI एयरपोर्ट का छत गिरा, जगह-जगह जलभराव-ट्रैफिक जाम से जनता परेशान

दिल्ली-एनसीआर में प्री-मानसून की बारिश आफत बनकर आई। गुरुवार-शुक्रवार की रात जमकर हुई बारिश से जगह-जगह परेशानियाँ खड़ी हो गईं। कहीं जल भराव की वजह से हर तरफ पानी ही पानी दिखा, तो कहीं गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गई। इस बीच, शुक्रवार (28 जून 2024) की सुबह करीब 5.30 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई, तो 6 लोग घायल हो गए। ये हादसा एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लगी छतरी के गिरने से हुआ, जिसके नीचे खड़ी कार में बैठे एक व्यक्ति की मौत हो गई। सरकार ने मृतक के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

दिल्ली फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने बताया, ‘सुबह करीब 5.30 बजे हमें दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर छत गिरने की सूचना मिली। दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया है।’ दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश के बीच यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर जो कैनोपी गिरी है, वो साल 2009 में बनी थी।

इस मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि मृतक के परिजनों को सरकार 20 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। वहीं, घायलों को 3-3 लाख रुपए दिए जाएँगे।

DIAL (दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) के प्रवक्ता ने कहा, “आज सुबह से ही भारी बारिश के कारण, दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के पुराने हिस्से में छतरी का एक हिस्सा सुबह 5 बजे के आसपास गिर गया। घायलों के बारे में बताया गया है, और आपातकालीन कर्मचारी प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। इस घटना की वजह से टर्मिनल 1 से सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं और सुरक्षा उपाय के रूप में चेक-इन काउंटर बंद कर दिए गए हैं। हम किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं।”

दिल्ली में जलभराव की स्थिति से परेशानी

राजधानी दिल्ली के सर्वाधिक प्रतिष्ठित इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखी जा रही है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में जलभराव देखा गया। साउथ दिल्ली में गोविंदपुरी और नोएडा सेक्टर 95 में जलभराव देखने को मिला। दिल्ली की सड़कों पर पानी भर गया है। रायसीना हिल्स की तस्वीरें भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कई सांसदों के घरों के सामने पानी भरने से लोग अपने घरों में ही फँसे रहे।

दिल्ली के आईटीओ इलाके में हर तरफ जलभराव की वजह से जाम की स्थिति पैदा हो गई है। एएनआई ने ड्रोन की मदद से बनाया वीडियो जारी किया है, इससे हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। आईटीओ पर बारिश की वजह से गाड़ियाँ रेंगती हुई दिख रही हैं।

पानी में बहती नजर आई कार

आईएमडी के मुताबिक, 28 जून को दिल्ली और अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं और गरज-चमक के साथ आँधी व बारिश होने की संभावना है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाये हुए थे और तेज ठंडी हवाएं भी चल रही थी। मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

‘अफगानिस्तान में पहले सिखों को बचाओ’: ट्रूडो के खालिस्तान प्रेमी मंत्री ने कनाडा के ही लोगों को किया अनदेखा फिर भी नहीं हुए कामयाब, भारत ने किया था रेस्क्यू

अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आने के बाद जब हर देश अपने-अपने नागरिकों को वहाँ से निकालने में लगे हुए थे, उस समय कनाडा के (पूर्व) रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन (जिनके संबंध खालिस्तान समर्थक संगठन वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन हैं) अलग खेल खेलने में लगे थे। उन्होंने 225 अफगान सिखों को निकालने के चक्कर में कनाडा के नागरिकों की ही अनदेखी कर दी थी। बाद में पता चला कि उन 225 सिख नागरिकों को भी भारत द्वारा रेस्क्यू किया गया था।

ये जानकारी ग्लोब एंड मेल मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2021 में कैसे अफगानिस्तान में रह रहे कनाडाई नागरिकों से उनके निकास के संसाधन छीने गए। सज्जन के हस्तक्षेप के बाद कनाडाई मिलिट्री को उन लोगों को प्राथमिकता देनी पड़ी जिनका लेना-देना भी कनाडा से नहीं था।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि शुरू में उनसे ये बात इसी रूप में कही गई कि अगर विशेष बल के लोग कनाडा में सिखों को बचा सकते हैं तो अच्छा है वरना बाकी कोशिशें (संभवत: कनाडाइयों को बचाने की बात) नहीं रुकनी चाहिए। हालाँकि बाद में प्राथमिकता ही बता दी गई कि किसे बचाना है। सज्जन ने अफगान सिखों की लोकेशन और अन्य जानकारियाँ भी मिलिट्री के साथ शेयर की थी ताकि सुरक्षाबल जाकर उन्हें बचाएँ।

सूत्रों के मुताबिक, इन अलग-अलग निर्देशों के कारण जब काबुल में कनाडाइयों के रेस्क्यू में लेट होने लगा तो फिर टॉप लीडरशिप नाराज हो गई। पूछा गया कि पूरे 24 घंटे सिर्फ अफगान सिखों में लगा दिए गए… तब सज्जन अपनी बात से पलट गए और कहा कि उन्होंने ऐसी कोई बात ही नहीं कही है कि कनाडाइयों से पहले अफगान सिखों को बचाना है।

इधर, कनाडाई विशेष बलों का ऑपरेशन भी फेल हो गया क्योंकि जब तक कनाडा का सुरक्षा बल अफगान सिखों को लेने पहुँचा तब तक वो भय के कारण उस जगह को छोड़ चुके थे जहाँ से लेकर उन्हें हवाई अड्डे तक जाना था। जानकारी के मुताबिक अफगान सिखों को बचाने के नाम पर कनाडा मंत्री द्वारा जितना हल्ला किया गया, उसका असर हकीकत में दिखा नहीं। बाद में वही सिख भारत की मोदी सरकार द्वारा बचाए गए थे। उन्हें बचाकर उसी भारत लाया गया जिसकी फ्लाइटें वे कनाडा जाने की चाह में छोड़ रहे थे।

आज जब हरजीत सिंह सज्जन को लेकर ये जानकारी मीडिया में आ चुकी है और कनाडा सरकार से उनके मंत्री को लेकर सवाल किए जा रहे हैं उस समय सज्जन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खुद के सिख होने का कार्ड खेला।

सज्जन ने कहा है कि ये सवाल उनसे इसलिए हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने पगड़ी पहनी है, अगर ये नहीं होती तो नहीं पूछा जाता कि निर्देश सही थे या गलत। वहीं एनडीपी नेता जगमीत सिंह ने इस संबंध में कहा कि वो पूर्व रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन के एक्शन की निंदा नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें नहीं पता उस समय क्या हुआ था क्या नहीं।

आज ही काटा गया था कन्हैया लाल का गला, न्याय की प्रतीक्षा में 2 साल बाद भी 3 प्रण पर अटल है बेटा: जेल में भी हत्यारों के चेहरे पर शिकन नहीं, मिलने आते रहते हैं परिजन

तारीख थी 28 जून की। साल था 2022 का। शहर था राजस्थान का उदयपुर। मालदास स्ट्रीट की सुप्रीम टेलर्स में दो लोग आते हैं। कपड़ों की नाप देने। जैसे ही टेलर नाप लेने लगता है कस्टमर बनकर आए दोनों लोग हमला कर देते हैं। बर्बर तरीके से टेलर  (Kanhaiyalal Taylor Murder) का गला रेत देते हैं।

इस टेलर का नाम था- कन्हैया लाल तेली। उनकी हत्या को दो साल हो चुके हैं। मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने बीजेपी की पूर्व नेता नुपूर शर्मा का समर्थन करने के कारण उनकी हत्या की थी। इस हत्या (Udaipur Kanhaiyalal Murder) ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। इस हत्या का खौफ आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि दो साल बाद भी मालदास स्ट्रीट की उस गली में पुरानी रौनक नहीं लौटी है, जहाँ कन्हैया लाल की दुकान थी।

दूसरी ओर कन्हैया लाल परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कन्हैया लाल के बड़े बेटे यश साहू आज भी उन तीन प्रण का पालन कर रहे हैं जो उन्होंने पिता की हत्या के बाद लिए थे। यश तेली ने प्रण लिया था कि हत्यारों को जब तक फाँसी नहीं मिलती वे पिता की अस्थियाँ विसर्जित नहीं करेंगे। साथ ही नंगे पैर रहने और बाल नहीं कटवाने का भी प्रण लिया था।

एनडीटीवी राजस्थान को यश ने बताया, “इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए थी। हमें उम्मीद थी कि तीन से 6 महीने में न्याय मिल जाएगा। लेकिन 2 साल बाद भी हमें न्याय का इंतजार है।” वहीं दैनिक भास्कर को यश ने बताया कि हत्या के बाद से जाँच के कारण उनके पिता की दुकान बंद थी। जब एनआईए ने उन्हें दुकान की चाबी सौंपी तो वो दुकान से वह सिलाई मशीन लेकर घर आ गए जो पिता ने उनके जन्म से पहले खरीदी थी। वे कहते हैं, “उस सिलाई मशीन को जब भी देखता हूँ तो मुझे पापा की याद आ जाती है। ऐसा लगता है कि पापा हमारे आसपास हैं।”

रिपोर्ट में बताया गया है कि ​मालदास स्ट्रीट की जिस गली में कन्हैया लाल की दुकान थी, वहाँ आज भी 10 से ज्यादा दुकानें बंद है। कारोबारी आज भी डरे हुए हैं। उनके बिजनेस में भी उस घटना के बाद गिरावट आई है। कन्हैया लाल की हत्या की जाँच NIA कर रही है। पीड़ित परिवार को राज्य सरकार ने सुरक्षा दे रखी है। 24 घंटे घर पर पुलिस की तैनाती रहती है। लेकिन हत्यारों को अब तक सजा नहीं मिलने से कन्हैया लाल की पत्नी भी मायूस हैं। वे कहती हैं कि बेटे को ​तपती गर्मी में नंगे पैर ड्यूटी पर जाते देखती हूँ तो मन व्यथित हो जाता है। अब इस मामले में और देरी नहीं होनी चाहिए। जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कर हत्यारों को फाँसी दी जानी चाहिए।

ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार रियाज और गौस मोहम्मद सहित इस मामले के 8 आरोपित अभी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं। इस मामले में एक आरोपित को जमानत भी मिल चुकी है। सभी आरोपितों को अलग-अलग कोठरी में रखा गया है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी निगरानी की जाती है।

जेल सुपरिटेंडेंट के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपितों में से कुछ अब अपनी करतूत पर कभी-कभी रोने लगते हैं। लेकिन कुछ की बॉडी लैंग्वेज में अभी भी बदलाव नहीं आया है। आरोपितों से मिलने के लिए उनके परिवार के लोग भी आते रहते हैं।

T20 World Cup 2024 के खिताबी मुकाबले में भारत, इंग्लैंड को फिरकी के जाल में फंसाकर 68 रनों से हासिल की बड़ी जीत: फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से टक्कर

वेस्टइंडीज-USA में खेले जा रहे टी-20 क्रिकेट विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 68 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया है। भारतीय टीम ने 171 रन बनाते हुए इंग्लैंड के सामने 172 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में पूरी इंग्लिश टीम को फिरकी के जाल में फँसाकर महज 103 रनों पर समेट दिया। अक्षर पटेल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

इंग्लैंड के लिए हैरी ब्रूक ने सर्वाधिक 25 रनों का योगदान दिया, तो भारतीय टीम कुलदीप यादव ने 4 ओवरों में महज 19 रन देकर तीन विकेट और अक्षर पटेल ने 4 ओवरों में 23 रन देकर 3 विकेट निकाले। इस मैच में भारतीय स्पिनर पूरी तरह से हावी रहे। इसी के साथ भारतीय टीम ने साल 2022 के सेमीफाइनल मुकाबले की हार का बदला भी ले लिया है। तब इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हराया था और बाद में चैंपियन बना था। अब फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम बारबाडोस में दक्षिण अफ्रीकी टीम से भिड़ेगी।

भारत ने रखा था 172 रनों का लक्ष्य, कभी मैच में दिखा नहीं इंग्लैंड

भारतीय टीम द्वारा रखे गए 172 रनों के लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की टीम एक बार भी सहज नहीं दिखी। इंग्लिश टीम का पहला विकेट 26 रनों के योग पर गिरा, जब पहले बदलाव के तौर पर बॉलिंग पर आए अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर को रिवर्स स्वीप की कोशिश के दौरान ऋषभ पंत के हाथों कैच करा दिया। बटलर 15 गेंदों पर आक्रामक 23 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओपनर फिल साल्ट को 5 रनों के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड का दूसरा विकेट 34 रनों के कुल योग पर गिरा। इसके तुरंत बाद 35 रनों के कुल योग पर ही अक्षर पटेल ने अपना दूसरा विकेट निकालते हुए जॉनी बैरिस्टॉ को क्लीन बोल्ड कर दिया, वो खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद पूरी इंग्लिश टीम की हालत ‘तू चल, मैं आया’ जैसी हो गई।

इंग्लैंड का चौथा विकेट 46 रनों के कुल योग पर गिरा। उनका विकेट भी अक्षर पटेल ने लिया। इसके बाद बॉलिंग के लिए आए कुलदीप यादव ने लगातार तीन विकेट लेकर अंग्रेजों की कमर ही तोड़ दी। रही सही कसर उनकी विकेटों के बीच में खराब दौड़ ने पूरी कर दी। इंग्लैंड के आठवें और नौंवे नंबर के बल्लेबाज रन आउट हो गए। पूरी इंग्लिश टीम 16.4 ओवरों में महज 103 रनों पर ऑल आउट हो गई। भारतीय टीम के लिए कुलदीप-अक्षर ने तीन-तीन विकेट लिए, तो जसप्रीम बुमराह ने 2 विकेट लिए। वहीं, 2 खिलाड़ी रन आउट हुए।

भारत ने खराब शुरुआत से उबरते हुए खड़ा किया बड़ा स्कोर

इससे पहले, इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीता और भारतीय टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम की भी शुरुआत खराब रही। विराट कोहली सिर्फ एक छक्का मार कर अगली ही गेंद पर बोल्ड हो गए। विराट कोहली ने महज 9 रन बनाए, वहीं पंत 4 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा (57) और सूर्य कुमार यादव (47) ने तीसरे विकेट के लिए बहुमूल्य 73 रन जोड़े। टीम के कुल 113 रनों के स्कोर पर रोहित शर्मा आउट हो गए। रोहित ने अपनी पारी में 6 चौके और 2 छक्के लगाए। इसके तुरंत बाद ही सूर्य कुमार यादव भी आउट हो गए। वहीं, शिवम दुबे खाता खोले बगैर पहली गेंद पर आउट हो गए। हालाँकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अच्छा संघर्ष किया और टीम का स्कोर 171 रनों तक पहुँचा।

मध्य क्रम और निचले मध्य क्रम से हार्दिक पांडया ने 13 गेदों पर 23 रनों की बहुमूल्य पारी खेली, तो रविंद्र जड़ेजा 9 गेंदों पर 17 रन बनाकर नाबाद रहे। अक्षर पटेल 6 गेंदों पर 10 रन बनाकर आउट हुए और टीम को 171 रनों तक पहुँचा। इंग्लैंड के लिए क्रिस जॉर्डन ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए। अक्षर पटेल को उनके आल-राउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया।

इसी के साथ भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में प्रवेश कर गई है, जहाँ उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीकी टीम से होगा। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली बार किसी आईसीसी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुँची है। उसने सेमीफाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम को 9 विकेट से हराकर फाइनल मुकाबले में जगह बनाई है।

पुरुषों के खिलाफ ना हो ‘शादी का वादा करके रेप करने’ का दुरुपयोग: मद्रास हाई कोर्ट बोला- ये अदालत की जिम्मेदारी; राहुल गाँधी को किया बरी

मद्रास हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कोर्ट इस बात ध्यान रखें कि शादी के वादे के सहारे रेप वाले मामलों का इस्तेमाल पुरुषों के खिलाफ ना हो। हाई कोर्ट ने कहा कि पुरुषों को महिलाओं से जुड़े दुष्ट लोगों से बचाना कोर्ट का कर्तव्य है। कोर्ट ने इसी के साथ ही ऐसे ही एक मामले में आरोपित राहुल गाँधी नाम के शख्स को निर्दोष करार दिया।

मद्रास हाई कोर्ट ने यह टिप्पणियाँ एक मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक महिला ने राहुल गाँधी नाम के एक शख्स (कॉन्ग्रेस नेता नहीं, अन्य) पर शादी का वादा करके रेप करने के आरोप लगाए थे। महिला का आरोप था की उससे शादी का वादा करके संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया था।

इस मामले में राहुल गाँधी के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इन आरोपों को तथ्यपरक नहीं पाया और राहुल गाँधी को निर्दोष करार दिया। कोर्ट ने इस दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ भी की।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एम धन्धापानी ने कहा, “इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि झूठे वादों के बहाने महिलाओं का गलत तरीके से शोषण किया जाता है। इसमें कभी उनकी सहमति से भी और कई मामलों में उनकी सहमति के खिलाफ या तो मीठी-मीठी बातों से या फिर दबाव से पुरुषों की यौन इच्छाओं को संतुष्ट करना भी शामिल है।”

कोर्ट ने आगे कहा, “लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। यह नहीं कहा जा सकता कि केवल पुरुष ही महिलाओं का दुरुपयोग करते हैं बल्कि कई कानूनी मामलों में महिलाओं से जुड़े दुष्ट लोग भी अपने लाभ के लिए कानून का दुरुपयोग करते हैं। इसलिए इस तरह के मामलों में कोर्ट पर दोहरा कर्तव्य होता है कि न केवल यह देखे कि महिलाओं का दुरुपयोग न हो, बल्कि पुरुषों के खिलाफ भी कानून का दुरुपयोग न हो।”

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में महिला को पहले ही पता था कि आरोपित शादीशुदा है, ऐसे में शादी नहीं हो सकती, तब फिर शादी के वादे का दावा नहीं टिकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपित को यह नहीं मालूम था कि पीड़िता मात्र शादी के भरोसे ही उसके साथ संबंध बना रही है। ऐसे में उसके खिलाफ रेप की सजा का मामला नहीं बनता।

मध्य प्रदेश में CAA के तहत 3 को मिली नागरिकता, CM मोहन यादव ने दिए प्रमाण पत्र: 2 पाकिस्तानी और 1 बांग्लादेशी बने भारतीय नागरिक

पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए तीन लोगों को भारत की नागरिकता मिली है। इन तीनों को मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकता दी है। मध्य प्रदेश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता लेने वाले यह पहले तीन आवेदक हैं।

इन तीनों को राज्य मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के सचिवालय में नागरिकता प्रदान की। नागरिकता पाने वालों में दो पाकिस्तानी आवेदकों समीर मेलवानी (12) और संजना मेलवानी (18) और एक बांग्लादेशी आवेदक राखी दास हैं। इन तीनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे।

सीएम यादव ने राज्य में इन तीनों का स्वागत किया और यह भी कहा कि वह राज्य में आने वाले अन्य ऐसे लोगों का भी स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं इनका मध्य प्रदेश में स्वागत करता हूँ। हम यहाँ आने वाले अन्य लोगों का भी स्वागत करेंगे। आज हमें खुशी है कि दो युवा हमारे नागरिक बन रहे हैं और बांग्लादेश से आया एक परिवार हमारा नागरिक बन रहा है। आपको प्रशासन और सरकार की ओर से हर तरह की मदद मिलेगी।”

नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने के बाद बांग्लादेश से आई राखी दास ने खुशी जताई। वह आठ साल पहले पढ़ाई के लिए बांग्लादेश से भोपाल आईं थीं। दास ने कहा, “यह मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि मुझे भारतीय नागरिकता मिल गई है। अब से मैं यहाँ परीक्षा दे सकती हूँ और साथ ही सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर सकती हूँ। मैं बांग्लादेश से PHD करने के लिए यहाँ आई थी।”

दास ने बांग्लादेश में आने वाली समस्याओं के बारे में भी बात की और कहा कि वहाँ हिंदू महिलाओं के लिए थोड़ी समस्या है और उन्हें पढ़ाई और नौकरी करने की छूट नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में सब कुछ ठीक है, लेकिन हिंदू महिलाओं के लिए थोड़ी समस्या है। दरअसल, मुझे भारत में पढ़ाई और नौकरी के लिए जो स्वतंत्रता मिलती है, वह मुझे बांग्लादेश में नहीं मिली।”

वहीं पूर्व में पाकिस्तान की नागरिक और अब में भोपाल में रहने वाली संजना मेलवानी ने भारत की नागरिकता प्राप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। संजना ने कहा, “मैं पीएम मोदी को धन्यवाद कहना चाहूँगी कि मुझे CAA के माध्यम से भारतीय नागरिकता मिली। मैं खुश हूँ और अब मैं गर्व से कह सकती हूँ कि मैं एक भारतीय हूँ।”

संजना मेलवानी के पिता प्रदीप कुमार मेलवानी ने कहा, “मुझे 2012 में भारतीय नागरिकता मिल गई थी, लेकिन बच्चों (संजना मेलवानी और समीर मेलवानी) को नागरिकता नहीं मिली थी। अब मेरा परिवार पूरा हो गया है। पहले नागरिकता मिलने में कम से कम 2-3 साल लगते थे। हमने मई में बच्चों की नागरिकता के लिए आवेदन किया था और अब हमें प्रमाण पत्र मिल गया है। अब प्रक्रिया बहुत सरल हो गई है और इससे दूसरों को भी फायदा होगा।”

गौरतलब है कि भारत सरकार ने नागरिकता संसोधन विधेयक को 2019 में ही पारित कर दिया था और इस साल मार्च से इसे कानून के तौर पर लागू कर दिया। सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जानी है। इन अल्पसंख्यकों में हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोग हैं। सरकार ने इस साल मार्च में इस कानून को लागू करते समय इसके प्रावधानों के बारे में भी बताया था।

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दो को दबोचा: सरगना संजीव मुखिया के यूपी की भर्ती परीक्षा में धांधली से भी जुड़े तार, सीलबंद पेपर बॉक्स तोड़ने का है उस्ताद

NEET पेपर लीक मामले की जाँच कर रही सीबीआई ने गुरुवार (27 जून 2024) को मनीष प्रकाश और उसके दोस्त आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों ने ‘सेफ हाउस’ में कमरा बुक कराया था। सीबीआई ने पेपर लीक के दो अन्य आरोपित चिंटू और मुकेश को भी रिमांड लिया है। वहीं, सीबीआई की एक टीम हजारीबाग में ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल सहित कुल 8 लोगों से पूछताछ कर रही है।

वहीं, बिहार पुलिस की EOU टीम से पेपर लीक जाँच की रिपोर्ट और सबूत हासिल करने के बाद अब CBI पेपर लीक के मुख्य आरोपित संजीव मुखिया को दबोचने की दिशा में काम कर रही है। संजीव मुखिया यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपित रवि अत्री भी संजीव मुखिया से जुड़ा है। इसके अलावा, कई परीक्षाओं के पेपर लीक से भी मुखिया जुड़ा हो सकता है।

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार मनीष प्रकाश ने अपने दोस्त आशुतोष से कहकर परीक्षार्थियों के लिए ‘लर्न एंड प्ले स्कूल’ को बुक कराया था। पटना के खेमनी चक स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल में NEET का जला हुआ प्रश्न पत्र मिला था, जो इस घटना का प्रमुख सबूत है। इस पेपर पर दी गई जानकारी से पता चला था कि ये प्रश्न पत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था।

मनीष प्रकाश ने इस स्कूल में 20 से 25 NEET परीक्षार्थियों को रुकवाकर उन्हें प्रश्न पत्र दिया था और उन्हें आंसर शीट रटवाया था। कहा जा रहा है कि मनीष प्रकाश ने संजीव मुखिया के कहने पर परीक्षार्थियों के लिए इसका इंतजाम किया था। मनीष नालंदा का रहने वाला है। उसका परिवार पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर इलाके में रहता है।

उधर, यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की जाँच कर रही यूपी एसटीएफ ने रवि अत्री से पूछताछ की। उसने बताया है कि संजीव मुखिया का गैंग पेपर लीक में माहिर है। उसका नेटवर्क यूपी, बिहार, गुजरात, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में फैला हुआ है। संजीव मुखिया ब्लूटूथ के जरिए अलग-अलग परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाता था। संजीव और उसका बेटा शिव कुमार पेपर लीक के सबसे बड़े मास्टरमाइंड हैं।

दरअसल, यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक का मुख्य आरोपित रवि अत्री बिहार के संजीव मुखिया और अतुल वत्स के साथ जुड़ा हुआ है। रवि अत्री और संजीव मुखिया का बेटा डॉक्टर शिव कुमार एक साथ पढ़ाई कर चुके हैं। संजीव मुखिया का बेटा बीपीएससी टीचर परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में पहले से ही जेल में है।

सूत्रों के हवाले से आजतक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रवि अत्री ने पूछताछ में बताया है कि 12वीं पास करके वह मेडिकल की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा शहर गया था। वहाँ पर पेपर लीक कराने वाले गिरोह के वह संपर्क में आ गया था। रवि अत्री पहले भी पीएमटी पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है। उसका साथी राजीव नयन मिश्रा भी गिरफ्त में है।

रवि अत्री की इंटेरोगेशन रिपोर्ट के अनुसार, संजीव मुखिया का गैंग सीलबंद पेपर का बॉक्स तोड़ने में उस्ताद है। देश में कहीं भी पेपर लीक करवाना हो, सील बॉक्स तोड़ने के लिए संजीव मुखिया गैंग की मदद ली जाती है। संजीव मुखिया के गैंग के डॉक्टर शुभम मंडल ने यूपी पेपर लीक में पटना से फ्लाइट पकड़ कर अहमदाबाद जाकर पेपर का बॉक्स तोड़ा था।