मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में लव जिहाद का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो दोस्तों पर से विश्वास देगी। यह पूरी कहानी लव जिहाद पर आधारित ‘द केरला स्टोरी’ जैसी है। इसमें एक मुस्लिम लड़की ने अपनी एक हिंदू सहेली को अपने मजहब के लड़के से दोस्ती कराई। इसके बाद वह लड़का धमकी देकर लड़की से रुपयों की उगाही करने के साथ-साथ धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा।
मामला छिंदवाड़ा के शिवपुरी का है। शिवपुरी थाना के प्रभारी छत्तू सिंह सरेयाम ने बताया कि रावनवाड़ा की रहने वाली युवती ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि युवती ने कादिर, साबिर और शबाना खातून के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है और तीनों आरोपितों को दबोच लिया है।
दरअसल, युवती और साबिर, कादिर, शबाना खातून एक ही स्कूल में पढ़ते थे। शबाना उसकी सहेली है। एक दिन शबाना ने लड़की को कादिर का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यह बहुत अच्छा लड़का है। इससे दोस्ती करके बात करो। उसकी बातों में आकर युवती कादिर से बात करने लगी। लगभग पाँच महीने पहले कादिर ने उससे कुछ रुपए उधार माँगे।
युवती ने दोस्त समझकर उसे रुपए दे दिए। इसके बाद कादिर उससे और रुपए माँगने लगा। युवती ने फिर से उसे दे दिए। इसके बाद कादिर की डिमांड बढ़ती गई। इस बार युवती ने रुपए नहीं दिए। इतना ही नहीं, उसने कादिर को दिए उधार को भी वापस माँगा। इससे कादिर भड़क गया। उसने कहा कि उसने उसे कोई पैसे नहीं दिए।
इससे कादिर नाराज हो गया और युवती को धमकाने लगा। कादिर ने कहा कि अगर और रुपए नहीं दिए और इस्लाम अपनाकर मुस्लिम नहीं बनती है तो वह उसके पिता और भाई को वह मार देगा। इस घटना से युवती बेहद डर गई। उसने सारी बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने ढाँढस बँधाया और उसे लेकर थाने पहुँचे।
थाने में युवती ने तहरीर दी। युवती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ उगाही की धारा 386, आपराधिक षड्यंत्र रचने की धारा 120-बी, जान से मारने की धमकी 506, 34 और मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 2021 की धारा 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों की तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी। आखिरकार पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। कादिर को पुलिस ने नागपुर से पकड़ा। वहीं, शबाना खातून को परासिया में उसके कार्यस्थल से पकड़ा गया है। इसके साथ ही साबिर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।
राजस्थान के जालौर के एक युवक की चीन में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। युवक अपने धंधे के सिलसिले में चीन गया हुआ था। उसके परिवार से पहले फिरौती की माँग की गई और बाद में उसे एक बिल्डिंग से नीचे फेंक कर मार दिया गया। हत्या के पीछे व्यापारिक विवाद माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जालौर के भीनमाल का रहने वाला एक 26 वर्षीय सतीश माली लगातार चीन जाता रहता था। वह चीन से मोबाइल के पार्ट लाकर भारत बेचता था। इसी संबंध में वह चीन गया हुआ था। 21 जून, 2024 को चीन से ही सतीश के एक दोस्त को फोन करके जानकारी दी गई कि सतीश का अपहरण हो गया है।
सतीश के दोस्त ने यह पूरी घटना सतीश के परिवार को बताई। इन अपहरणकर्ताओं ने सतीश के परिवार से ₹1 करोड़ की माँग की थी। उन्होंने यह पैसा 22 जून तक मुंबई के एक व्यापारी पारस चौधरी को हवाला के जरिए पहुंचाने को कहा। उन्होंने धमकी दी थी कि यदि पैसा समय से नहीं पहुँचा तो सतीश को मार दिया जाएगा।
सतीश के पिता ने पैसे का इंतजाम करने के लिए समय माँगा। उन्होंने मुंबई के व्यापारी पारस से ₹50-60 लाख लेकर अपने बेटे को छोड़ने की बात कही। हालाँकि, ₹1 करोड़ का इंतजाम ना होने पर सतीश को उसके अपहरणकर्ताओं ने एक बिल्डिंग पर से फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
सतीश की हत्या चीन गुआंगझाऊ शहर में हुई है। यहाँ वह मोबाइल के पार्ट लेने लगातार जाता था। सतीश ने यह काम मुंबई के एक अपने दोस्त के कहने पर चालू किया था। उसे काम में चचा मुनाफा हो रहा था। कुछ समय पहले चीन में अपना बिजनेस पार्टनर बदला था। बताया जा रहा है कि उसका नए पार्टनर से कुछ विवाद हुआ और इसी कारण उसकी हत्या करवाई गई।
सतीश की हत्या के बाद उसका परिवार चकित है। सतीश का शव लाने के लिए भी परिवार प्रयास कर रहा है। सतीश के परिवार ने सांसद लुम्बाराम चौधरी से मदद माँगी है। उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है। मामले में सतीश का परिवार विदेश मंत्री से मिलने भी जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रेम विवाह करने वाले शौहर अरबाज ने अवैध संबंधों के शक में बीवी चाहत को मौत के घाट उतार दिया। उसने चाहत का गला काट दिया और हाथ के पंजों को भी। अरबाज ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बीवी के शव को नदी में ठिकाने लगा दिया और फरार हो गया। वहीं, देहरादून में हसीन नाम के युवक ने तलाकशुदा प्रेमिका रेशमा और उसकी 2 बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया। शव को कूड़े के ढेर में फेंक दिया। रेशमा और एक बेटी का शव तीसरे दिन बरामद हुआ, तो 18 घंटों के बाद दूसरी बेटी का शव भी कूड़े के ढेर से ही बरामद हुआ। दोनों ही मामलों में हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हैरानी की बात है कि दोनों ही हत्याएँ प्रेम प्रसंग से जुड़ी हैं और वीभत्सता की सारी हदें तोड़ दी गई हैं।
देहरादून में ट्रिपल मर्डर, माँ और 2 बेटियों को मौत के घाट उतारा
देहरादून में शिमला बाईपास स्थित बड़ोवाला में कूड़े के ढेर में पड़े मिले महिला और दो बच्चियों के शव मिलने के मामले का खुलासा हो गया है। उनकी हत्या महिला के प्रेमी ने ही की थी। देहरादून में गद्दा फैक्ट्री में काम करने वाले और बिजनौर जिले के निवासी हसीन ने ही अपनी तलाकशुदा प्रेमिका रेशमा और उसकी 2 बेटियों की हत्या की थी। बताया जा रहा है कि रेशमा की बड़ी बेटी 15 साल की थी, जबकि दूसरी 8 माह की थी और वो इसी हसीन से पैदा हुई थी। हसीन के मुताबिक, रेशमा के खर्चे काफी बढ़ गए थे और वो उससे निकाह की जिद कर रही थी, जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी। हसीन ने तीनों की हत्या गद्दा फैक्ट्री में ही की, फिर शवों को कूड़े के ढेर में फेंक आया था, जो तीन दिनों बाद सड़ी-गली हालत में मिला था। माँ और एक बेटी के शव मिलने के 18 घंटे बाद दूसरी बेटी का शव वहीं कूड़े के ढेर से बरामद हुआ।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपित हसीन निवासी फरीदपुर, नहटौर, जिला-बिजनौर (उत्तर प्रदेश) को संदेह के आधार पर बुधवार देर रात हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरा घटनाक्रम बयाँ कर दिया। एसएसपी ने बताया कि नहटौर निवासी रेशमा तलाकशुदा थी। उसके दो साल से आरोपित हसीन के साथ प्रेम-सबंध थे। तलाक के बाद रेशमा के साथ उसकी 15 वर्षीय बेटी रह रही थी। आठ महीने पहले रेशमा ने एक और बेटी को जन्म दिया।
रेशमा का दावा था कि हसीन से प्रेम संबंध के कारण यह बेटी हुई है। रेशमा लगातार हसीन पर शादी का दबाव बना रही थी। साथ ही वह बेटी के पालन-पोषण का खर्चा भी हसीन से माँग रही थी। मैसेज कर पुलिस से शिकायत की धमकी दे रही थी। जिससे तंग आकर उसने रेशमा व उसकी दोनों बेटियों की हत्या का षड्यंत्र रचा और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। तीनों शवों को फैक्ट्री के पीछे नाले में कूड़े के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपित हसीन के विरुद्ध हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मुजफ्फरनगर में बीवी की गला रेतकर हत्या, शव को नदी में फेंका
यूपी के मुजफ्फरनगर में अरबाज ने अपने साथी के साथ मिलकर अवैध संबंधों के शक बीवी चाहत की गला और हाथ के पंजे काटकर निर्मम हत्या कर दी, फिर शव को बोरे में भरकर नदी में फेंक दिया। इस घटना के कुछ दिन बाद अरबाज फिर से नदी के पास पहुँच गया और चाहत के शव को पानी के बहाव में फेंकने लगा। तभी पुलिस को इसकी भनक लग गई और शौहर को नियाजीपुरा गाँव में स्थित काली नदी में शव को बहाने के दौरान गिरफ्तार किया।
अरबाज ने पूछताछ में बताया कि 8 महीने पहले उसने उत्तराखंड की 21 वर्षीय चाहत के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद अरबाज अपनी बीवी चाहत को घर वालों से छुपा कर किराए के मकान में रह रहा था, लेकिन अरबाज का कहना है कि उसकी बीवी चाहत के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध थे और वह खर्चा भी बहुत करती थी। इन सबसे परेशान होकर यह सब बातें जब उसने अपने दोस्त शाहरुख को बताई तो दोनों ने चाहत की हत्या करने का प्लान बनाया, आरोपित शौहर अरबाज ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव की पहचान न हो, इसलिए चाकू से चाहत का गला और हाथ के पंजे काट दिए फिर शव को बोरे में भरकर अरबाज और शाहरुख नियाजीपुरा गांव स्थित काली नदी में उसे ठिकाने लगा आए।
अरबाज ने बताया कि नदी में जलकुंभी होने की वजह से शव पानी में आगे नहीं बहा था, जिसके बाद बुधवार की रात वो और शाहरुख शव को आगे बढ़ाने के लिए काली नदी में पहुँचे। यहीं से वो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि थाना नगर कोतवाली पुलिस को मुखबिर द्वारा इनके बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरबाज को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब रहा। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
बॉलीवुड अभिनेत्री एक पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गई हैं। माधुरी दीक्षित के इस पोस्टर में लिखा है कि वह आगामी दिनों में अमेरिका के ह्यूस्टन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस इवेंट के पाकिस्तानी इवेंट मैनेजर रेहान सिद्दीकी द्वारा आयोजित किए जाने का आरोप है। इसी को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया।
रेहान सिद्दीकी इससे पहले भी अमेरिका भीतर बॉलीवुड सितारों के कार्यक्रम आयोजित करवाता रहा है। उस पर अब भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर है। बताया गया है कि वह अमेरिका में आयोजित इन कार्यक्रम से इकट्ठा पैसे को अमेरिका में कश्मीरी आतंक और भारत विरोधी गतिविधियों के समर्थन में खर्च करता है।
इससे पहले वर्ष 2020 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने ह्यूस्टन में होने वाला अपना एक कार्यक्रम रद्द कर दिया था क्योंकि इसके तार रेहान सिद्दीकी से जुड़ने की बात सामने आई थी।पोस्टर के अनुसार, माधुरी दीक्षित का यह कार्यक्रम 16 अगस्त, 2024 को प्रस्तावित था। इसी पोस्टर के आधार पर दीक्षित को निशाने पर लिया गया।
सोशल मीडिया पर माधुरी दीक्षित के खिलाफ दिखाई गई नाराजगी को फ्री प्रेस जनरल और नवभारत टाइम्स जैसे संस्थानों ने भी कवर किया। हालाँकि, ऑपइंडिया ने पाया है कि एक पोस्टर के अलावा ह्यूस्टन या अमेरिका में कहीं भी रेहान सिद्दीकी द्वारा आयोजित माधुरी दीक्षित के किसी भी कार्यक्रम का कोई अन्य पोस्टर या पम्फलेट नहीं है।
इसके अलावा, पोस्टर के डिज़ाइन से लगता है कि यह नकली हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे माधुरी दीक्षित के अगले महीने अमेरिका के कई शहरों के दौरे के दूसरे पोस्टर का उपयोग करके बनाया गया लगता है। माधुरी इस दौरे के दौरान ह्यूस्टन नहीं जाएँगी।
इस पोस्टर में टैगलाइन ‘फॉरएवर क्वीन ऑफ बॉलीवुड माधुरी दीक्षित’ लिखा हुआ है और बताया गया है कि शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) को होने वाले इवेंट के लिए टिकट सुलेखा नाम की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। हालाँकि, जब हमने सुलेखा की वेबसाइट चेक की तो हमें इस इवेंट को लेकर कोई जानकारी नहीं दिखी।
सुलेखा वेबसाइट के इवेंट सेक्शन में अगस्त में माधुरी दीक्षित के अमेरिका दौरे के टिकट मौजूद हैं, लेकिन इसमें ह्यूस्टन या टेक्सास का कोई इवेंट शामिल नहीं है। इसके अनुसार, माधुरी दीक्षित 8 अगस्त को न्यूयॉर्क, 10 अगस्त को वर्जीनिया, 11 अगस्त को अटलांटा और 15 अगस्त को न्यू जर्सी में कॉन्सर्ट में हिस्सा लेंगी।
यह टूर वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित किया जाता है, जो एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है और बॉलीवुड अभिनेताओं, गायकों आदि के कार्यक्रम आयोजित करती है। इस कंपनी का संचालन अतीक शेख नाम का आदमी करता है। वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट के इंस्टाग्राम पेज पर सुलेखा पर डाले गए इवेंट के अलावा दौरे के दौरान माधुरी दीक्षित के कुछ अन्य इवेंट का भी जिक्र है। यह 9 अगस्त को डलास में और 10 अगस्त को शिकागो में हैं।
इस बात की भी संभावना है कि रेहान सिद्दीकी ने अगस्त में माधुरी दीक्षित की अमेरिका में मौजूदगी के दौरान ह्यूस्टन में इस कार्यक्रम को रखा हो। हालाँकि, यह बात कई तथ्यों के आधार पर फिट नहीं बैठती। इससे लगता है कि पोस्टर नकली हो सकता है।
सबसे पहले, रेहान सिद्दीकी के इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर ऐसे किसी इवेंट का जिक्र नहीं है। उसके पोस्ट से पता चलता है कि वह पाकिस्तानी सितारों के साथ नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करता रहा है, लेकिन हालिया सालों में उसने किसी भारतीय कलाकार को नहीं बुलाया है।
यह बात साफ है कि रेहान के आतंकियों के साथ लिंक के आरोप के बाद से भारतीय सितारे उसके द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऑनलाइन सर्च करने पर भी ह्यूस्टन में माधुरी दीक्षित के साथ आयोजित कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं मिला।
इसके अलावा, शेयर किए जा रहे पोस्टर का डिज़ाइन और टैगलाइन वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट पोस्टर के जैसा ही है, जिसका मतलब है कि यह नकली है। रेहान सिद्दीकी लंबे समय से इवेंट मैनेजमेंट में है, और यह संभव नहीं है कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी के पोस्टर को अपने इवेंट के लिए कॉपी करेगा।
इस पोस्टर में फॉरएवर क्वीन ऑफ बॉलीवुड माधुरी दीक्षित टैगलाइन का इस्तेमाल किया गया है, जो उनके असली टूर के पोस्टर की तरह ही है। सरसरी निगाह डालने पर पता चलता है कि यह पोस्टर माधुरी दीक्षित के 10 अगस्त को वर्जीनिया में होने वाले कॉन्सर्ट के पोस्टर का इस्तेमाल करके बनाया गया है। टैगलाइन के साथ माधुरी दीक्षित की तस्वीर एक ही है जबकि बैकग्राउंड और बाकी जानकारी को बदल दिया गया है।
असली पोस्टर में माधुरी दीक्षित की तस्वीर सिर से कमर तक की है, ‘ह्यूस्टन पोस्टर’ में तस्वीर को काट दिया गया है, इसमें केवल सिर से छाती तक का हिस्सा रखा गया है। ऐसा असली पोस्टर में लिखी जानकारी को हटाने के लिए किया गया प्रतीत होता है।
इसलिए, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि रेहान सिद्दीकी 16 अगस्त को ह्यूस्टन में माधुरी दीक्षित के कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर रहा। यह पोस्टर बॉलीवुड स्टार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हालाँकि, माधुरी दीक्षित ने अभी तक इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
केरल के कोल्लम जिले के एक गाँव में महाभारत के खलनायक दुर्योधन का अनोखा मंदिर है। स्थानीय लोग दुर्योधन को अपना रक्षक मानकर पूजा करते हैं और उसे प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाते हैं। इतना ही नहीं, इस मंदिर द्वारा दुर्योधन के नाम से भारत सरकार को टैक्स भी दिया जाता है। माना जाता है कि दुर्योधन को समर्पित यह भारत का एकमात्र मंदिर है।
यह मंदिर कोल्लम जिले के पोरुवाझी गाँव में स्थित है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इस मंदिर की जमीन के लिए दुर्योधन के नाम से टैक्स भी भरा जाता है। यह टैक्स मंदिर की आय पर नहीं लगाया जाता है, क्योंकि देश में मंदिर की आय पर कर नहीं लगता है। यह कर मंदिर के नाम पर गाँव और उसके आसपास स्थित 15 एकड़ जमीन पर लगाया जाता है।
एक स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, “जब मंदिर के लिए पट्टयम जारी किया गया तो यह जमीन मंदिर के देवता के नाम पर पंजीकृत थी। सर्वे में जमीन का स्वामित्व दुर्योधन के नाम पर है। जब से केरल में करों की शुरुआत हुई, तब से इस मंदिर की जमीनों का कर दुर्योधन के नाम पर चुकाया जाता है।” मंदिर समिति के सचिव के अनुसार, 15 एकड़ जमीन में 8 एकड़ धान का खेत है, बाकी वन भूमि है।
स्थानीय लोगों की मान्यता है कि अपनी यात्रा के दौरान दुर्योधन इस गाँव में रूका था। उसे प्यास लगी थी, लेकिन पानी नहीं मिल रहा था। उसी दौरान एक दलित महिला ने उन्हें ताड़ी (देशी मद्य) पिलाई। दुर्योधन ने खुशी-खुशी ताड़ी पी ली। इसके बाद दुर्योधन ने महिला और उसके गाँव को आशीर्वाद दिया। साथ ही दुर्योधन ने गाँव वालों को जमीनें भी दान में दीं।
दुर्योधन के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए ग्रामीणों ने उनका मंदिर बनवा दिया। दुर्योधन के इस मंदिर का नाम ‘पेरिविरुथी मलानाडा’ है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहाँ दुर्योधन की मूर्ति नहीं है, बल्कि उसके शस्त्र गदा की पूजा की जाती है। साथ यहाँ ताड़ी एवं अन्य नशीले पदार्थों का भोग लगता है। प्रसाद के रूप में ताड़ी बाँटा जाता है। लोगों का कहना है कि इससे देवता प्रसन्न रहते हैं।
कोल्लम और आसपास के लोग दुर्योधन को सौम्य एवं दयालु देवता मानते हैं। उनका मानना है कि दुर्योधन आज भी उनकी रक्षा करता है। इसलिए गाँव के लोग उसे ‘अप्पूपा’ (दादा) कहकर बुलाते हैं। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, मंदिर और उसके आसपास की जमीन दुर्योधन की है। वहीं, दुर्योधन हर साल भारत सरकार को टैक्स चुकाता है।
आपके आसपास बहुत सारे छोटे बच्चे होंगे। उनमें से शायद कोई 4-5 साल की बच्ची भी हो। इस बच्ची को गौर से देखिएगा। उसकी मासूमियत देखिएगा। उसकी बातें सुनिएगा। उसकी तुतलाती आवाज में उसे बड़े होकर क्या बनना है, क्या करना है सब सुनिएगा। फिर ओडिशा का एक मामला सोचिएगा। एक ऐसा मामला जो आपको भीतर तक झकझोर दे और आप समझ पाएँ कि इस बच्ची के सपने पूरे होने के लिए कितना जरूरी है कि उसे आसिफ अली जैसों से बचाकर रख जाए।
बात साल 2014 की है। दोपहर के 2 बजे एक 6 साल की छोटी बच्ची अपने एक कजन के साथ पास की चॉकलेट की दुकान पर चॉकलेट लेने गई। घरवालों को लगा दुकान पास है तो दोनों बच्चे जल्दी आ जाएँगे, लेकिन देखते ही देखते घड़ी में 3 बजने लगे। परिवार के लोग चिंतित हो गए। उन्होंने बच्ची को ढूँढना शुरू किया। आसपास लोगों को पता चला तो वो भी निकले। इसी छानबीन में ग्रामीणों को बच्ची का शव अचेत अवस्था में मिला। साथ ही उसके नाभि पर नोचने के निशान थे, पीठ पर नाखून लगे थे और जांघ से लेकर घुटनों तक खून बह रहा था। परिजनों ने उसे देखा तो दौड़कर अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने उसकी हालत देखी तो फौरन उसे एससीबी मेडिकल कॉलेज भेजा। परिजन इस उम्मीद में थे कि वहाँ के डॉक्टर बच्ची को देखेंगे तो शायद उनकी बेटी आँख खोल लेगी। लेकिन हुआ ऐसा कुछ नहीं।
डॉक्टरों ने उसे देखा और मृत घोषित कर दिया। परिवार डॉक्टरों की बात सुन सन्न था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि घर से चॉकलेट लेने निकली बिटिया के साथ आखिर ये क्या हो गया। तब तक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि किसी ने उनकी बच्ची के साथ दुष्कर्म करके उसका गला दबाकर उसे मार डाला है। परिवार रोता-रोता बेटी का शव लेकर गाँव आ गया। मामले में शिकायत दी गई। पुलिस भी सक्रिय हुई।
बच्ची के कजन से पूछताछ हुई तब उसने डरते हुए बताया कि जब वो दोनों चॉकलेट लेकर आ रहे थे उस समय किसी ने बहन का मुँह दबाकर उसे उठा लिया था। बाद में वह उसे लेकर अपने साथ चला गया। सारे बिंदु जानने के बाद ये साफ था कि बच्ची का दुष्कर्म हुआ है। थाने में दर्ज एफआईआर में धारा 376(ए), 376(2)(f)(g) जोड़ी गई। साथ ही पॉक्सो की धारा 6 भी केस में लगाई गई। पुलिस ने जाँच के दौरान 21 अगस्त 2014 की रात टीम को सबूत जुटाने भेजा। इस दौरान एक अकील अल्ली भी गिरफ्तार हुआ। उसे वहाँ से मेडिकल ऑफिसर के पास भेजा गया और अगली सुबह घटनास्थल की जाँच के दौरान बच्ची के अंडर गार्मेंट, तौलिया, सिगरेट, चप्पल, 40 दारू की बोतल, सोने की ईयरिंग आदि चीजें मिलीं। सबकी फॉरेंसिक जाँच हुई। शराब की बोतल से तीन तरह के फिंगल प्रिंट मिले। प्यूबिक हेयर मिले और सीमन के सैंपल मिले।
जाँच के बाद अकील को कोर्ट में पेश किया गया और बाकी दोनों आरोपितों की तलाश भी शुरू हुई। बड़ी मशक्कत के बाद 5 सितंबर 2014 को आबिद और आसिफ अली को पकड़ा। कुल मिलाकर इस मामले में 21 अक्तूबर को जो चार्जशीट दाखिल की गई उसमें आबिद अली, आसिफ अली और अकील अली का नाम था।
बच्ची के कजन ने भी कन्फर्म किया कि अकील अली ने ही बच्ची का मुँह पकड़ा था जबकि आसिफ उसे उठाकर लेकर गया था। इसके बाद उसके साथ रेप किया हुआ। सबूतों के अभाव में आबिद अली को उसी समय छोड़ दिया गया जबकि बाकियों को आईपीसी की दारा 302,376-ए, डी और पॉक्सो की धारा 6 के तहत दोषी बनाया गया और इनको सजाए-ए-मौत मुकर्रर हुई।
समय बीता और फिर इन आरोपितों ने अपनी रिहाई के लिए कोर्ट में फिर गुहार लगाई। इस बार मामला ओडिशा हाई कोर्ट में सुना गया। हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपित आसिफ अली का जेल में बर्ताव पिछले 10 साल में काफी अच्छा रहा है। कोर्ट ने कहा कि 10 साल जेल में रहने के दौरान आसिफ ने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे जेल के स्टाफ को दिक्कत का सामना करना पड़ा हो इसलिए उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदला जाता है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपित अकील अली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
जजो ने इस दौरान जो कहा वो हैरान करने वाला है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अदालत ने इस दौरान हैरान करने वाली टिप्पणी की। जैसे एक जगह कहा गया “वह एक पारिवारिक व्यक्ति है और उसकी 63 साल की बूढ़ी माँ और दो अविवाहित बहनें हैं। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था और मुंबई में पेंटर का काम करता था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।”
इसके अलावा कहा गया “स्कूल में उसका चरित्र और आचरण अच्छा था और उसने वर्ष 2010 में मैट्रिक पास किया था। परिवार में आर्थिक समस्याओं के कारण वह अपनी उच्च शिक्षा जारी नहीं रख सका। वह अपनी किशोरावस्था के दौरान क्रिकेट और फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था। यद्यपि वह लगभग दस वर्षों से न्यायिक हिरासत में है, जेल अधीक्षक और मनोचिकित्सक की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि जेल के अंदर उसका आचरण और व्यवहार सामान्य है, सह-कैदियों के साथ-साथ कर्मचारियों के प्रति उसका व्यवहार सौहार्दपूर्ण है और वह जेल प्रशासन के हर अनुशासन का पालन कर रहा है।”
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में दोषी की सजा कम करते हुए कहा, “वह दिन में कई बार अल्लाह से दुआ करता है। वह दंड स्वीकार करने को भी तैयार है क्योंकि उसने अल्लाह के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि इस अपराध को ‘दुर्लभतम’ की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए, जिसमें सिर्फ मृत्युदंड की सजा दी जा सकती है।”
अब आसिफ अली की सजा कम होने के बाद जो कोई इस बारे में सुन रहा वो इस निर्णय पर तमाम तरह के सवाल उठा रहा है, जोकि उठाना जायज भी हैं। लोगों की भावनाओं को नकारा नहीं जा सकता क्योंकि 5-6 साल की बच्ची को देख उसकी मासूमियत बने रहने की हर कोई प्रार्थना करता है। कोई सोचना भी नहीं चाहता है कि बच्चियोंं को रास्ते में कभी कोई आसिफ जैसे हैवान मिलें। जैसे 2014 में उस बच्ची को आसिफ के रूप में मिला।
सोचकर देखिए, आसिफ अली भले ही 10 साल से जेल में रहते हुए अच्छा व्यवहार कर रहा हो, अपने नमाज पढ़ने से लोगों को ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा हो या शायद उसकी बातों में मिठास आ गई हो… लेकिन क्या इन सब बदलावों का अर्थ ये है कि इस बात को भुला दिया जाए कि उसने किया क्या था। 10 साल का समय बहुत लंबा समय होता है। सजा मिलने के बाद एहसास होना और व्यवहार में बदलाव आना सामान्य है। मगर ये सोचकर कानूनी रूप से किसी को रिहा किया जाना उस परिवार के लिए पीड़ादायक है जिन्होंने अपनी बच्ची खो दी सिर्फ इसलिए क्योंकि 10 साल पहले आसिफ के भीतर ये ईमान नहीं था। ये सच कोई नहीं बदल सकता कि मामले में दोषियों ने हैवान बनकर उस बच्ची को नोचा था। आज उनका हृदयपरिवर्तन होने से गुनाह कम नहीं होते। जैसे आसिफ के लिए ये 10 साल का समय बीता है वैसा उस परिवार के लिए भी तो बीता है। आज अगर वो मासूम होती तो वो भी 15-16 साल की होती। अपनी किशोवस्था में अपने सपने पूरा करने के लिए कुछ न कुछ कर रही होती। हो सकता है वो भी नमाज पढ़ती, सबसे अच्छे से व्यवहार करती… क्या उस बच्ची के होने के मायने कुछ नहीं होते।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाली बहस में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति जो बायडेन के छक्के छुड़ा दिए। डेमोक्रेट राष्ट्रपति बायडेन, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प के सामने कई मुद्दों पर अटकते नजर आए और बोल भी नहीं सके। इस बहस की कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और बायडेन की आलोचना की जा रही है।
राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच यह बहस अमेरिकी मीडिया चैनल CNN ने आयोजित करवाई थी। इस दौरान हर मुद्दे पर ट्रम्प, बायडेन से आगे दिखे और स्पष्टता से अपनी बातें रखी। वहीं बायडेन अधिकांश मुद्दों पर बात करते हुए अटकते रहे और कई बार बोल ही नहीं पाए। यहाँ तक कि वह कई मुद्दों पर बात करते हुए काफी चीजें भूल भी गए।
ट्रम्प और बायडेन के बीच हुई बहस में अमेरिका में मेक्सिको की सीमा से घुसने वाले अवैध प्रवासियों का मुद्दा तेजी से उठा। इस पर बोलते हुए बायडेन ने दावा किया कि ट्रम्प के जाने के बाद यह घट गया है और इस पर वह एक्शन जारी रखेंगे। बायडेन ने दावा किया कि ट्रम्प के शासनकाल के मुकाबले अवैध प्रवासियों की संख्या में 40% की गिरावट आई है। इसके बाद जवाब देते हुए उनकी जुबान लड़खड़ा गई और वह कुछ देर तक बोल ही नहीं सके।
इसी मुद्दे पर ट्रम्प ने बायडेन को घेर लिया। उन्होंने कहा कि बायडेन ने जो कुछ भी कहा ना उन्हें समझ में आया, और शायद बायडेन खुद ना जान पाए हों। इसके बाद ट्रम्प ने कहा कि बायडेन ने अमेरिका की सीमा को मानसिक रोगियों और पागलों और यहाँ तक कि आतंकियों के लिए तक खोल दिया। ट्रम्प ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका में सबसे अधिक संख्या में आतंकी मौजूद हैं। ट्रम्प ने कहा कि पूरी दुनिया से अवैध प्रवासी बायडेन के काल में अमेरिका में आए।
अवैध प्रवासियों के अलावा ट्रम्प ने बायडेन को अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। बायडेन ने दावा किया कि उनके सत्ता में आने के दौरान अमेरिका में भारी बेरोजगारी थी। कोरोना महामारी के कारण देश पटरी से उतरा था, जिसे वापस लाया गया। वहीं इसी मुद्दे पर ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने अपने शासनकाल में देश के टैक्स में सबसे बड़ी कमी की। इस कारण से लाखों नई नौकरियाँ पैदा हुईं।
ट्रम्प ने बताया कि उनके क़दमों के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था संभल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बायडेन ने अर्थव्यवस्था सुधारने के नाम पर देश में खूब पैसा भाया जिससे महंगाई बढ़ गई और 14 महीने लगातार महंगाई का स्तर 9% रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जितनी भी नौकरियाँ बायडेन काल में दी गई, वह सभी अवैध प्रवासी ले गए।
ट्रम्प इस दौरान अमेरिका में स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी भारी पड़े। ट्रम्प ने कहा कि उनके शासनकाल में कोविड का सबसे बुरा दौर था लेकिन तब भी उतने लोगों की मौत नहीं हुई जितने बायडेन के शासनकाल में मरे। उन्होंने आरोप लगाया कि बायडेन शासनकाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल हो गया। वहीं इस पर जवाब देते हुए बायडेन इधर उधर की बात करने लगे और थोड़ी देर में एक शब्द ‘मेडीकेयर’ पर अटक गए। उन्होंने अंत में कहा कि हमने मेडीकेयर को परास्त किया। ट्रम्प ने इसका फायदा उठाया और कहा कि बायडेन ने मेडीकेयर को खत्म कर दिया।
पूरी बहस के दौरान जहाँ ट्रम्प अपने जवाबों को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास में दिखे वहीं बायडेन ना ही स्पष्ट उत्तर दे सके और लगातार उनकी जुबान लड़खड़ाती रही। वह कई मुद्दों के दौरान बात करते हुए भटक भी गए। बायडेन के इस बहस में खराब प्रदर्शन के कारण अब उनकी पार्टी डेमोक्रेट्स चिंता में है।
No matter your political side, watching #Biden freeze and struggle to speak smoothly is sad. So far, the optics don’t look good for Biden; he has lost the debate in the first segment.#DebateNight#debate pic.twitter.com/Q5XFzSN5TD
— Navid Mohebbi نوید محبی (@navidmohebbi) June 28, 2024
डेमोक्रेट्स अब इस बात को लेकर भी बहस कर रहे हैं कि बायडेन को यह चुनाव भी लड़ना चाहिए या नहीं। उनकी आयु 81 वर्ष हो चुकी है और वह कई चीजे भूल गए। डेमोक्रेट्स इसके बाद लगातार बायडेन का बचाव भी करते दिखे। वहीं ट्रम्प के समर्थक सोशल मीडिया पर उनकी प्रशंसा करते दिखे। उन्होंने कहा कि बायडेन को पूरी तरह से ट्रम्प ने पराजित कर दिया। यह बहस देखने वाले 67% लोगों ने कहा कि ट्रम्प आगे रहे। वहीं 2020 में हुई ट्रम्प और बायडेन की बहस में बायडेन आगे रहे थे।
अमेरिका में नवम्बर, 2024 में चुनाव होने हैं। जनवरी, 2025 में अमेरिका को नया राष्ट्रपति मिलेगा। वर्तमान राष्ट्रपति बायडेन और पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच राष्ट्रपति पद के लिए यह दूसरा मुकाबला होगा। पिछली बार बायडेन के हाथों ट्रम्प को शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इस बार के चुनावों में ट्रम्प का पलड़ा भारी लग रहा है।
संसद सत्र के पाँचवें दिन राज्यसभा में शुक्रवार (28 जून 2024) को विपक्ष ने NEET पेपर लीक मुद्दे पर खूब हंगामा किया। इस दौरान कई सांसद वेल में पहुँच गए। इससे राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने भड़क गए और इसमें टीएमसी सांसद सागरिका घोष, डेरेक ओ ब्रायन सहित को फटकार लगाते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सांसदों के व्यवहार को देखते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उन्होंने कहा, “जो लोग वेल में खड़े हैं, हम उनका नाम ले रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने खड़े होकर उन सांसदों का नाम लेना शुरू किया जो हंगामा कर रहे थे। सबसे पहले टीएमसी सांसद सागरिका घोष का नाम लेते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “आप यहाँ सदन में हंगामे के मकसद से आई हैं?”
Yesterday Om Birla, today Jagdeep Dhankhar ?
Sagarika Ghose, have you come to house for this purpose?
Saket Gokhale, you're becoming nuisance to yourself.
सभापति जगदीप धनखड़ यहीं नहीं रूके। कुछ देर के बाद तृणमूल कॉनग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन का नाम लेकर उन्होंने कहा, “मिस्टर डेरेक ओ ब्रायन, आप इस हंगामे के डायरेक्टर बन रहे हैं।” वहीं टीएमसी सांसद साकेत गोखले को लेकर कहा, “आप वर्चुअली अपने लिए ही परेशानी बन रहे हैं।” इस दौरान विपक्षी सांसद सदन में नारेबाजी करते रहे।
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, “आज भारतीय संसद के इतिहास में ऐसा कलंकित दिन है कि विपक्ष के नेता खुद वेल में आ गए हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। मैं दुखी हूँ, स्तब्ध हूँ। भारतीय संसदीय परंपरा इस हद तक बिगड़ जाएगी कि विपक्ष के नेता वेल में आ जाएँगे, उपनेता वेल में आ जाएँगे।”
#WATCH | Vice President and Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar says, "Today is such a tainted day in the history of the Indian Parliament that the Leader of the Opposition himself has come to the Well. This has never happened before. I am pained, shocked. The Indian… pic.twitter.com/S1KUdKvO4z
इसके कुछ देर बाद ही उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए 21 घंटे का समय निर्धारित किया है। सांसद इस समय को चर्चा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
राज्यसभा में शुक्रवार को नीट से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिए। सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि उन्हें इस विषय पर चर्चा के लिए कुल 22 नोटिस मिले हैं। इनमें नीट में अनियमितता, चीटिंग और पेपर लीक के विषय पर बहस के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया गया था। हालाँकि, सभापति ने इन सभी नोटिस को अस्वीकार कर दिया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित अंसल कॉलोनी के रहने वाले चंद्रभान ने मेहनत करके ट्रांसपोर्ट का बिजनेस खड़ा किया। वो ड्राइवरों को रोजगार भी देता था। वो उनके साथ बैठकर खा-पी भी लेता था, लेकिन 3 मुस्लिमों के साथ शराब पीना और शराब पीने के दौरान माँस का जिक्र करना उसपर इतना भारी पड़ गया कि फारुख, शाहरुख और आदिल ने चंद्रभान को पीट-पीट कर ही मार दिया। इसके बाद शव को हरियाणा के सोनीपत जिले में ठिकाने लगा दिया और फिर कार खड़ी कर फरार हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते शनिवार (22 जून 2024) को सोनीपत में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। सोनीपत पुलिस ने तीन दिन बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और बुधवार को अज्ञात (लावारिश) के रूप में शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया, लेकिन तभी मौके पर लोनी-गाजियाबाद की पुलिस पहुँच गई। बताया गया कि ये शव चंद्रभान का है, जो शुक्रवार (21 जून 2024) से लापता था। वो ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करता था और लोगों को अपनी कार किराए पर देता था, जो उसकी ही मौत की वजह बन गई।
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से महोबा के रहने वाले चंद्रभान 30 साल से गाजियाबाद की अंसल कॉलोनी में रहते थे। उनके भाई आनंद ने बताया कि शुक्रवार की सुबह ड्राइवर फारुख चंद्रभान को अपने साथ कार ठीक कराने की बात कहकर ले गया था। रास्ते में शाहरुख भी मिला और तीनों कार लेकर मिस्त्री आदिल के पास पहुँचे। यहीं किसी बात को लेकर उनमें बहस हो गई, तभी चंद्रभान ने उन्हें माँस खाने वाला कहा तो मामला गड़बड़ा गया।
लोनी एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि चंद्रभान की हत्या के मामले में उनके बेटे रवि ने फारुख, शाहरुख और आदिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने फारुख और शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है। आदिल फरार चल रहा है। गिरफ्तार आरोपी फारुख ने बताया कि वह और उनका भाई शाहरुख चंद्रभान की कार चलाते थे। आदिल फरार है।
ऐसा हुई हत्या
बीते शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे फारुख चंद्रभान के घर आया था। उसने चंद्रभान को कार में बैठाया। कार में कुछ खराबी आ रही थी। दोनों कार को सही कराने और सीएनजी भरवाने के लिए निकल गए थे। यहाँ से लोकर आदिल के पास पहुँचे और सभी शराब पीने लगे। इस दौरान किसी बात को लेकर बहस हो गई, जिसमें चंद्रभान ने माँस का जिक्र किया। इसके बाद इसके बाद तीनों ने चंद्रभान के साथ मारपीट कर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए हरियाणा की तरफ चल दिए। उन्होंने जखोली टोल प्लाजा से कुछ दूर पहले चंद्रभान के शव को पेरिफेरल हाईवे से नीचे फेंक दिया था।
हत्यारों ने चंद्रभान का फोन अलीपुर से पहले भलस्वा डेरी कूड़ा अड्डा में फेंक दिया था। शव को ठिकाने लगाने के बाद फारूख, आदिल और शाहरुख वापस आ गए थे। आदिल को राशिद गेट पर उतार दिया और गाड़ी फारुख ने मृतक के घर के पास खड़ी कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले फारुख को पकड़ा, फिर शव को बरामद किया। इसके बाद शाहरुख को भी गिरफ्तार कर लिया। अभी आदिल फरार है।
लखनऊ के मोहनलालगंज में लव जिहाद का एक भयानक मामला सामने आया है। सलमान राईन नाम के एक मुस्लिम ने ना सिर्फ नाम एवं पहचान बदलकर एक हिंदू महिला को शादी कर ली, बल्कि उसका जबरन धर्मांतरण भी करवा दिया। इस दौरान ससुर और देवर ने ने उसके साथ रेप किया। महिला की 12 वर्षीय बेटी के साथ सलमान अश्लील हरकतें करने लगा तो महिला ने पुलिस से मदद ली।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रहने वाली 28 साल की हिंदू पीड़िता ने बताया कि मोहनलालगंज का रहने सलमान राईन ई-रिक्शा चलाता है। उसने साल 2009 में अपना नाम और धर्म बदलकर उससे जान-पहचान बढ़ाई थी। उसके बाद उसे अपने प्यार के जाल में फँसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। इस दौरान आरोपित ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया।
पीड़िता ने आगे बताया कि साल 2011 में आरोपित सलमान राईन ने उसे शादी करने के लिए कोर्ट में बुलाया। महिला जब कोर्ट पहुँची तब उसे सलमान राईन की हकीकत का पता चली और उसने शादी से मना कर दिया। तब आरोपित ने अश्लील वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता को मजबूरन उससे शादी करनी पड़ी।
महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद जब वह ससुराल पहुँची तो उसका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया और उसे हिंदू से मुस्लिम बना दिया गया। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, वहाँ सलमान राईन के अब्बू और भाइयों ने उसके साथ गैंगरेप किया। महिला का कहना है कि इस दौरान कई बार उसका गर्भपात भी कराया गया।
महिला की वर्तमान में तीन बेटियाँ हैं। उसकी सबसे बेटी 12 साल की है। सलमान और उसके परिजनों ने उसकी बड़ी बेटी को भी अपनी बुरी नजर डाली। महिला का कहना है कि वह किसी तरह मोहनलालगंज थाने पहुँची, लेकिन वहाँ मदद नहीं मिली। इसके बाद महिला ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करके अपनी व्यथा सुनाई।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर मोहनलालगंज कोतवाली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित सलमान राईन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, दोनों देवरों और ससुर की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।