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मायके आ रही थी दलित की बेटी, बड़ी मस्जिद के पास जुबैर और साथियों ने गाड़ी से खींचा: कहा- च$रों… तुम्हारी इतनी औकात कहाँ जो तुम गाड़ी में बैठ हमारे सामने से निकलो

हरियाणा के मेवात में एक गाँव के अंदर दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहाँ नूहं जिले में जुबैर, अंसार, इम्तियाज, कामिल, जाबिर और शकील पर साथियों सहित दलित पति-पत्नी की पिटाई का आरोप लगा है। दावा है कि पिटाई के दौरान पीड़ितों को जातिसूचक शब्द बोले गए और उनसे लूटपाट की गई। घटना रविवार (16 जून 2024) की है। ऑपइंडिया से बातचीत में पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उनके पति डिप्रेशन में हैं। हालाँकि, स्थानीय बिछोर थाने के SHO का कहना है कि उनको इस मामले के बारे में कुछ भी नहीं पता।

यह मामला नूहं के थाना क्षेत्र बिछोर का है। यहाँ रविवार को अर्चना सागर ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में अर्चना ने बताया कि वह 16 जून को अपनी ससुराल से अपने पति परवीन राय के साथ मायके झारोकड़ी गाँव आ रहीं थीं। जैसे ही वो गाँव की बड़ी मस्जिद के पास पहुँची तो उनकी कार को जुबैर, अंसार, इम्तियाज, कामिल, जाबिर और शकील ने रोक लिया। इनके साथ 3 अन्य अज्ञात लोग भी बताए जा रहे हैं। इन सभी ने अर्चना को कार में से खींच लिया। हमलावरों द्वारा अर्चना के पति परवीन को भी लात घूँसों से पीटा जाने लगा।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ देर बाद आरोपितों ने अर्चना के कपड़े फाड़ डाले। पीड़िता ने अपने पिता डालचंद को फोन कर के मदद के लिए बुलाया। इस दौरान आरोपितों ने एकजुट हो कर लड़की के पिता को फिर से पीटा। तब तक हमलावरों की तादाद लगभग 20 हो चुकी थी। परिवार वालों को पिटता देख कर अर्चना का भाई भी बीच-बचाव में पहुँचा तो उसकी भी पिटाई हुई। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने अर्चना का मंगलसूत्र और अंगूठी के साथ उनके पति के गले से सोने की चेन खींच ली।

पीड़िता के मुताबिक, उनको पीटने के दौरान आरोपितों ने उन्हें गंदी-गंदी गालियाँ दीं और जातिसूचक शब्द बोले। हमलावरों ने कहा, “च$रों, तुम्हारी इतनी औकात कहाँ है तुम गाड़ी में बैठ कर हमारे सामने निकलो। च$रों जो तुम पर हो वो कर लेना।” पीड़ित परिवार ने जान बचाने के लिए 112 नंबर डायल कर के पुलिस को बुलाया। पुलिस को आता देख कर आरोपित भाग निकले। पीड़िता ने अपनी शिकायत में सभी हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

कार से बाइक टकराना बना झगड़े की वजह

ऑपइंडिया ने पीड़िता अर्चना से बात की। अर्चना ने हमें बताया कि उनकी शादी मई 2024 में हुई थी। वो अपने पति के साथ ससुराल से पहली बार मायके आ रहीं थीं। रास्ते में गाँव के एक पतले से रास्ते पर मुस्लिम समुदाय के एक युवक की बाइक उसके कार से टकरा गई थी। हालाँकि, दोनों पक्षों में से किसी का कोई खास नुकसान नहीं हुआ और सभी अपने-अपने रास्ते पर आगे बढ़ गए। अर्चना का दावा है कि इसी वजह से उनकी और उनके पति की पिटाई की गई।

उन्होंने हमें यह भी बताया कि पिटाई के बाद से उनके पति डिप्रेशन में हैं। पति-पत्नी दोनों को चोटें आईं हैं जिसका इलाज चल रहा है।

‘हम SC (अनुसूचित जाति) के हैं, हमारा कार से चलना उन्हें रास न आया’

अर्चना ने अपने गाँव को मुस्लिम बहुल बताया। उन्होंने कहा कि गाँव में लगभग 90% मुस्लिम आबादी है और उन्ही लोगों का ही दबदबा है। M.Sc तक पढ़ाई कर चुकीं अर्चना ने कहा कि वो लोग दलित समुदाय से हैं जो मुस्लिमों की उनके खिलाफ नाराजगी की खास वजह है। पीड़िता का कहना है कि SC वर्ग के लोगों का कार से चलना और अच्छी पढ़ाई-लिखाई गाँव के बहुसंख्यक मुस्लिमों को रास नहीं आती।

मुझ पर बनाया जा रहा समझौते का दबाव

पीड़िता ने बताया कि 17 जून (सोमवार) को उनके गाँव में पुलिस आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी एक भी नहीं सुनी गई और पुलिस ने आरोपितों का ही पक्ष लिया। बकौल अर्चना, गाँव में आए पुलिसकर्मी ने इसे छोटा-मोटा झगड़ा बता कर उन पर समझौते का दबाव बनाया।

इशारा दे कर भगाए गए हमलावर

लड़की के पिता डालचंद का एक वीडियो ऑपइंडिया के पास आया है। इस वीडियो में उनका आरोप है कि गाँव के ही कुछ लोगों ने हमलावरों को इशारा कर के भगा दिया। उन्होंने बताया कि न सिर्फ उनकी बेटी और दामाद बल्कि खुद उन्हें और उनकी पत्नी सहित पूरे परिवार को हमलावरों ने पीटा है। डालचंद की पत्नी को तो आरोपित घसीट कर कहीं और ले जा रहे थे। जैसे-तैसे उन्होंने खुद को छुड़ाया। पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुजारिश की है कि उनका केस दर्ज कर के आरोपितों पर एक्शन लिया जाए।

पुलिस को कुछ भी नहीं पता

ऑपइंडिया ने इस मामले में बिछोर थाने के SHO को सम्पर्क किया। घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “पता नहीं भाई।” दोबारा हमने पूछा कि क्या आपको सच में नहीं पता? इस पर उन्होंने फिर कहा, “मुझे कुछ भी नहीं पता।” हमने इस घटना पर जानकारी के लिए नूहं के एडिशनल एसपी को सम्पर्क किया तो उनका फोन उठा नहीं। पुलिस की तरफ से घटना पर कोई आधिकारिक वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

राजा बेटे पर हत्या करवाने का आरोप, माँ बिहार पुलिस को हड़का रही: कहा- कोई चोर चिल्लर है जो भाग जाएगा… RJD नेता बीमा भारती की हनक देखी आपने?

पूर्णिया की राजद नेता बीमा भारती के पटना स्थित आवास पर बिहार पुलिस ने दबिश दी है। यहाँ पुलिस उनके बेटे राजा के संबध में तलाश करते हुए पहुँची थी। राजा पूर्णिया के एक बड़े कारोबारी की हत्या करवाने के मामले में फरार है। उसके कुछ साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस की एक टीम मंगलवार (18 जून, 2024) को बीमा भारती के पटना स्थित आवास पहुँची और राजा के विषय में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। पुलिस को घर पर देख कर बीमा भारती भड़क गईं। बीमा भारती ने कहा, “अचानक से आप लोग आ गए हैं, जाँच कीजिएगा जाएगा थाना। कोई चोर-चिल्लर नहीं है जो भाग जाएगा। किसी के बेटा को मार मार के उनका नाम उगलवाईएगा। यहाँ महिला हैं, किसी के सरकारी आवास में घुस गए हैं।”

उन्होंने कहा, “वो पहुँच जाएगा थाना, पूछताछ करते रहिएगा। जहाँ भवानीपुर थाना है, वहाँ पहुँच जाएगा।” बीमा भारती ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को जबरन इस मामले में फंसाया जा रहा है और इसके लिए दूसरे लोगों पर दबाव डाल कर बयान दिलवाए गए हैं। उन्होंने सरकार पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा थाने पहुँच जाएगा।

गौरतलब है कि बीमा भारती का बेटे राजा पर पूर्णिया के व्यापारी गोपाल यादुका की हत्या के लिए ₹5 लाख की सुपारी देने का का आरोप है।

बीमा भारती के बेटे पर क्या आरोप?

पुलिस ने इस मामले में बताया था कि संजय नाम के एक शख्स से गोपाल यादुका का जमीनी विवाद था। वह गोपाल यादुका की हत्या करवाने के लिए शूटर तलाश रहा था। संजय, राजा का दोस्त है। जब उसे शूटर नहीं मिले तो उसने अपनी यह परेशानी बीमा भारती के बेटा राजा को बताई, इसके बाद राजा ने हत्या करवाने के लिए शूटर उपलब्ध करवाए।

हत्या के लिए ₹5 लाख में डील तय हुई थी। इसके लिए विशाल नाम के शूटर को सुपारी दी गई थी। विशाल ने एक विकास यादव नाम के एक और अपराधी को अपने साथ इस हत्या के लिए शामिल किया था। दोनों ने 2 जून, 2024 को सुबह ही गोपाल यादुका की हत्या कर दी। इस दौरान वह भवानीपुर में अपनी दुकान खलने गए हुए थे। हत्या के दौरान ब्रजेश यादव और संजय भी मौजूद थे। ब्रजेश यादव भी राजा का दोस्त है।

इस हत्या के बाद यह चारों राजा के पास कडवा वासा इलाके में इकट्ठा हुए जहाँ सबने मिलकर मटन पार्टी की। राजा ने इस दौरान ब्रजेश यादव को ₹48,00 और विकास यादव को ₹50,000 दिए। विकास को हत्या से पहले भी ₹76,000 भेजे जा चुके थे। पुलिस ने हत्या के खुलासे के बाद विकास यादव, ब्रजेश यादव और संजय को गिरफ्तार कर लिया है। राजा इस हत्या के खुलासे के बाद फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस बीमा भारती के आवास पर पहुँची थी।

दूसरी तरफ बीमा भारती पूर्णिया से हालिया लोकसभा चुनाव हारने के बाद अब विधानसभा उपचुनाव में उतरने जा रही हैं। मंगलवार (18 जून, 2024) को बीमा भारती ने स्पष्ट किया है कि उन्हें राजद विधानसभा उपचुनाव के लिए भी टिकट दे रही है। उन्होंने कहा है कि इस सीट से वह खुद या उनके पति चुनाव लड़ेंगे। बीमा भारती का बेटा राजा लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव के बगल में खड़ा देखा गया था। बीमा भारती रुपौली विधानसभा से पाँच बार की विधायक हैं।

घर लूटा, दुकानें फूँकी, हत्या की धमकी… परिवार समेत पलायन कर BJP दफ्तर में रहने को मजबूर कार्यकर्ता, रिपोर्ट में बताया – TMC के विधायक-पार्षद ढूँढ़-ढूँढ़ कर मार रहे

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान और उसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई हिंसा की जाँच के लिए पार्टी ने समिति गठित की है। समिति में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, त्रिपुरा के पूर्व CM विप्लब देव और विधायक अग्निमित्रा पॉल ने साउथ 24 परगना जिले में जाकर पीड़ितों से मुलाकात की। पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हर जगह एक ही कहानी है – भाजपा के लिए काम किया तो पिटोगे, गाँव में घुस नहीं सकते, तुम्हारी पत्नी और माँ-बाप के साथ भी हिंसा की जाएगी।

रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि यही आपकी सरकार है? उन्होंने कहा कि महिलाओं तक को नहीं छोड़ा जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कूच बिहार में हाल ही में TMC के गुंडों ने एक दलित लड़की के साथ बदसलूकी है, पीड़िता से उन्होंने मुलाकात भी की है। बकौल रविशंकर प्रसाद, पीड़ित रो रहे हैं, ये बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने पीड़ितों ने ईमानदारी से अपनी पीड़ा रखी।

उन्होंने चेताया कि अगर पश्चिम बंगाल पुलिस ने पीड़ितों पर ही उलटा केस ठोका तो राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा इसे काफी गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि अगर उन पर पुलिस ने कोई दबाव दिया तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोलकाता के 6, मुरलीधर रोड स्थित भाजपा के दफ्तर में 150 से अधिक कार्यकर्ता छिपे हुए हैं। जान बचाने के लिए वो परिवार के साथ यहीं सोते हैं, यहीं खाना खाते हैं। 10 जून से ये सब यहीं हैं। अधिकतर साउथ व नॉर्थ 24 परगना से हैं।

‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके घरों पर पत्थरबाजी हुई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, पार्टी का दफ्तर तोड़ा गया, कार्यकर्ताओं के घरों में ताला जड़ दिया गया। 6, मरलीधर रोड और साउथ 24 परगना के बरईपुर में 170 भाजपा कार्यकर्ता रह रहे हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के बाद से अब तक हिंसा की 500 से भी अधिक घटनाएँ हो चुकी हैं। 6000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

कोलकाता के बेलियाघाट की रहने वाली भाजपा कार्यकर्ता रीता रजाक के पति को 2021 में हुई हिंसा के दौरान मार डाला गया था। वो 2015 में भाजपा से जुड़ी थीं। नाकाडाला हाईस्कूल के बूथ संख्या 170 पर उन्हें पार्टी ने चुनाव एजेंट बनाया था। उनका कहना है कि न सिर्फ पुलिस, बल्कि केंद्रीय बल भी पश्चिम बंगाल में TMC सरकार का कहा ही करते हैं। रीता के घर में रखे अनाज और गहने भी लूट लिए गए, फिर भी वो भाजपा से जुड़ी रहीं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपने कार्यकर्ताओं को बचाने का निवेदन करती हैं।

भाजपा के दफ्तरों को आग के हवाले किया जा रहा है। कोलकाता के भवानीपुर में एक कार्यकर्ता की दुकान पर हमला किया गया। दुकान का सारा सामान लूट लिया गया। रवि साहा नामक उक्त पीड़ित ने बताया कि स्थानीय तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्षद भाजपा कार्यकर्ताओं को खोज-खोज कर पीटता है। थाने में उलटे भाजपा कार्यकर्ताओं पर ही इल्जाम लगा दिए जाते हैं। पलायन कर भाजपा दफ्तर आए इस्लाम मोल्ला का कहना है कि TMC का ब्लॉक सभापति आयूब हसन गुंडा है, उसने उनकी कई बीघा जमीन कब्ज़ा कर रखी है। उनका घर, स्कूल, कपड़े की दुकान – सब तबाह कर दिया गया।

वहीं एक कार्यकर्ता ने बताया कि कैनिंगपुर से TMC विधायक शौकत मोल्ला ने राशन, पानी और बिजली बंद करने के साथ-साथ भाजपा कार्यकर्ताओं को घर में घुस कर मारने की धमकी दी है। उन्हें धमकी भरे फोन कॉल्स आते हैं। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी राज्यपाल CV बोस से मिल कर उन्हें स्थिति से अवगत करा चुके हैं। ये पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा हो रही, पंचायत से लेकर विधानसभा व लोकसभा सभी चुनावों में भीषण हिंसा होती है।

खूबसूरती से फँसाया, फिर लैपटॉप में इंस्टाल करवाए तीन एप: जानिए ब्रम्होस इंजीनियर को शिकार बना पाकिस्तान ने कैसे चुराया डाटा

पाकिस्तानी जासूसों ने ब्रम्होस मिसाइल के इंजीनियर को हनीट्रैप करके उसके लैपटॉप से खुफिया जानकारी निकाल ली। यह सब उसके लैपटॉप में फर्जी एप के जरिए सेंध लगाकर किया गया। इंजीनियर निशांत अग्रवाल को नौकरी के बहाने यह एप इंस्टाल करवाए गए थे। निशांत अग्रवाल को हाल ही में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रम्होस मिसाइल की जानकारियाँ साझा करने वाले निशांत अग्रवाल फेसबुक पर सेजल नाम की एक लड़की से बात करता था। यह असल में पाकिस्तानी जासूस थी और इस अकाउंट को पाकिस्तान से ही चलाया जा रहा था। सेजल ने उसे हनीट्रैप कर लिया था।

निशांत अग्रवाल मामले का खुलासा करने वाली उत्तर प्रदेश ATS के एक अधिकारी ने इस मामले में कई जानकारियाँ दी हैं। UP ATS के एक अधिकारी ने बताया है कि सेजल नाम का यह अकाउंट साइबर अटैक के बारे में भी योजना बना रहा था। सेजल ने खुद को इंग्लैंड की एक कम्पनी में भर्ती करने वाले के तौर पर निशांत को बताया था।

निशांत को सेजल ने बताया था कि वह हेस एविएशन नाम की एक कम्पनी के लिए लोगों को भर्ती कर रही है। इन दोनों की अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी बातचीत हुई थी। इस दौरान निशांत अग्रवाल के लैपटॉप पर सेजल ने तीन सॉफ्टवेयर डलवाए थे। इनके नाम क्यूव्हिस्पर, चैट टू हायर और एक्स ट्रस्ट थे। निशांत ने सेजल के दिए हुए लिंक से इन्हें डाउनलोड किया था।

सेजल ने बताया था कि यह भर्ती प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। असल में यह सॉफ्टवेयर, वायरस थे जो कि अग्रवाल के लैपटॉप से डाटा चुराने के काम में लिए गए थे। निशांत अग्रवाल के लैपटॉप में ब्रह्मोस से जुड़ा हुआ गोपनीय डाटा था, जिसे पाकिस्तानियों ने इन सॉफ्टवेयर के जरिए चुरा लिया।

गौरतलब है कि निशांत अग्रवाल को 2018 में उत्तर प्रदेश ATS ने गिरफ्तार किया था। वह भारत के महत्वपूर्ण रक्षा कार्यक्रम ब्रह्मोस का हिस्सा था। यहाँ वह एक सीनियर सिस्टम इंजीनियर था। उसे नागपुर में चले मुकदमे में गोपनीय जानकारियाँ साझा करने का दोषी पाया गया है। उसे हाल ही में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

बेल्ट से पीटते, सिगरेट से दागते, वीडियो बनाते… 10वीं-12वीं की लड़कियों को निशाना बनाता था मुजफ्फरपुर का गिरोह, पुलिस ने भी मानी FIR में देरी की बात

बिहार के मुजफ्फरपुर में लगभग 200 लड़कियों को नौकरी का झाँसा देकर उनके साथ बलात्कार की खबर आई है। युवतियों को कई महीनों तक बंधक बना कर रखा गया। 9 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। लड़कियों से फ्रॉड कॉल कराए जाते थे। अगर वो टार्गेट पूरा नहीं करती थीं तो उन्हें सिगरेट से दागा जाता था, बेल्ट से पीटा जाता था। उन्हें और लड़कियों को जोड़ने के लिए कहा जाता था। एक लड़की किसी तरह वहाँ से निकल कर कोर्ट पहुँची, उसने बताया कि 10वीं-12वीं की लड़कियाँ इनका निशाना थीं।

ये लड़कियों को 50,000 रुपए प्रति माह तक के वेतन का लालच देते थे और उन्हें मुजफ्फरपुर बुलाते थे। लड़कियों को नशा देकर उनकी पिटाई की जाती थी। उनके परिजनों की हत्या की धमकी दी जाती थी। पुलिस की छापेमारी के बाद लड़कियों को इनकी नीयत का पता चला, लेकिन फिर कई लड़कियों को कहीं और शिफ्ट कर दिया गया। मुख्य आरोपित का नाम तिलक सिंह है। फेसबुक के जरिए पीड़िताओं से संपर्क किया जाता था। लड़कियों को उनकी सैलरी भी नहीं दी जाती थी।

उन्हें कहा जाता था कि अब वो इस फर्म का हिस्सा हैं। एक पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने भी उसकी बात नहीं सुनी, जिस कारण उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सभी आरोपित DVR नामक मार्केटिंग कंपनी से जुड़े हुए थे। अभी तक एक भी आरोपित पुलिस के शिकंजे में नहीं आया है। जून 2022 से ही ये फर्जीवाड़ा चालू था। लड़कियों को भी फोन कॉल कर के अन्य लड़कियों को आकर्षक नौकरी का झाँसा देने के काम पर लगाया गया था।

कुछ लड़कियों को तो जबरन शादी के लिए मजबूर किया गया। कई युवतियों को गर्भपात के लिए भी मजबूर किया गया। डिप्टी एसपी विनीता सिन्हा ने कहा कि पुलिस ने पहले मामला क्यों नहीं दर्ज किया, इसकी जाँच की जाएगी। पुलिस ने बताया है कि फेक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। एक पीड़िता ने बताया कि हरेराम नामक शख्स से फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती हुई। मैसेंजर पर चैट के दौरान नौकरी का प्रलोभन दिया गया। पीड़िता को कहा गया कि 20,500 रुपए और अपने दस्तावेज लेकर वो DVR कंपनी में आए।

पीड़िता ने अपनी मौसी से कर्ज लिया और हाजीपुर के रामाशीष चौक के पास स्थित दफ्तर में नौकरी जॉइन की। वहाँ उसे और लोगों को जोड़ने का तरीका सिखाया जाने लगा। इस पीड़िता ने 14 अन्य लड़कियों को कंपनी में शामिल करवाया। इस मामले में तिलक प्रताप, अजय प्रताप, हरेराम, नूर आलम और विजय गिरी का नाम सामने आया है। लड़कियों को अपने परिवार तक से इस संबंध में बात नहीं करने दिया जाता था। जब वो अन्य लड़कियों को नहीं जोड़ पाती थीं तो उन्हें पीटा जाता था।

झारखंड की राजधानी राँची में बकरीद पर खुलेआम गोवंश को काटा, देख रहीं थी औरतें-बच्चे: Video वायरल, अमानुल्लाह और हकीम खान की तलाश जारी

झारखंड की राजधानी राँची में बकरीद पर एक गोवंश की कुर्बानी के लिए हत्या कर दी गई। गोवंश को सार्वजनिक स्थान पर काटा गया, इसका एक वीडियो भी वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच चालू कर दी है और दो लोगों की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, राँची शहर के रमजान कॉलोनी थाना क्षेत्र में सोमवार (17 जून, 2024) को यह घटना हुई। यहाँ कुछ लोगों ने एक गोवंश की खुले मैदान में हत्या कर दी। यह हत्या बकरीद में क़ुरबानी के लिए की गई। पास में मौजूद एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया।

यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक जानवर को जमीन पर डालते दिखते हैं। आसपास में भी कई लोग खड़े हैं जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी हैं। वीडियो में कुछ लोग टोपी लगाए हुए भी दिखते हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद राँची में इस पर बवाल हो गया और कार्रवाई की माँग की गई। गोवंश काटने के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और इसे काटने वाले दो लोगों की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस इन दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

राँची शहर के डिप्टी एसपी केवी रमन ने इस मामले में ऑपइंडिया को बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची थी। यहाँ से उसे मांस बरामद हुआ है जिसे जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। उन्होंने बताया है कि प्रारम्भिक जाँच में मामला गौवंश की हत्या का बनता है।

केवी रमन ने ऑपइंडिया को बताया कि इस मामले में गौवंश की हत्या में शामिल मोहम्मद अमानुल्लाह और हकीम खान की पहचान कर ली गई है। यह दोनों राँची के रहने वाले हैं। यह घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे। इनकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जाँच हो रही है, यदि किसी और का नाम आता है तो उसे भी जोड़ा जाएगा। गौरलतब है कि झारखंड में 2005 से ही गौवध निषेध क़ानून लागू है। इसके अंतर्गत गौवंश की हत्या गैर जमानती अपराध है और इसके लिए 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

इस मामले को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो-कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा है। बाबूलाल मरांडी ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पाकुड़ के बाद आज राजधानी रांची के बीचोबीच स्थित पीस रोड वाले इलाके में खुलेआम गौहत्या कर दी गई। झामुमो-कॉन्ग्रेस द्वारा किया जा रहा मुस्लिम तुष्टिकरण बेहद खतरनाक संकेत है। घुसपैठियों को राजनीतिक प्रश्रय देकर बंगाल जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश हो रही है।”

पाकुड़ में भी गौवंश काटने का आरोप

इससे पहले बकरीद के ही पाकुड़ के गोपीनाथपुर थाना क्षेत्र में गौवंश काटने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था। ग्रामीणों के इस क़ुरबानी का विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया गया था। उनके घरों पर पत्थरबाजी और बम चलाए गए थे। कई लोगों को मारा पीटा भी गया था।

NEET-UG में 0.001% की भी लापरवाही हुई तो… : सुप्रीम कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 परीक्षा में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जुड़ी याचिकाओं पर एनटीए और केंद्र सरकार को मंगलवार (18 जून 2024) को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगर किसी की ओर से 0.001 प्रतिशत की लापरवाही है तो इस पर एक्शन लेकर इससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक की तैयारी के लिए मेडिकल छात्रों की मेहनत को भूलाया नहीं जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “बच्चों ने परीक्षा की तैयारी की है, हम उनकी मेहनत को नहीं भूल सकते।” जस्टिस विक्रम नाथ ने एनटीए से कहा कि सुप्रीम कोर्ट को उससे समय पर कार्रवाई की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम 8 जुलाई को याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।”

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवी भट्टी की अवकाशकालीन पीठ कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर 0.001 प्रतिशत भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को इस मामले में नोटिस जारी किया और जवाब माँगा है।

याचिकाकर्ता नितिन विजय ने अपनी याचिका में कहा कि 20 हज़ार छात्रों ने नीट एक्जाम में गड़बड़ी को लेकर चलाए जा रहे डिजिटल सत्याग्रह के तहत अपनी शिकायत दी है। याचिका में पेपर लीक और गड़बड़ी का हवाला देते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा किये जाने की माँग की गई। इस मामले में भी अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एटीए यानी नेशनल टेस्टिंज एजेंसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर उनका जवाब माँगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने कहा कि अगर 0.01% भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। हम परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों की मेहनत को समझते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से कहा कि वो छात्रों की शिकायत को नजरअंदाज न करें। अगर एग्जाम में वाकई कोई गलती हुई है तो उसे समय रहते सुधारा जाए। इसके बाद अदालत ने दोनों याचिकाओं को पिछली याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। याचिकाओं में नीट परीक्षा रद्द करने की माँग की गई है।

बता दें कि नीट-यूजी 2024 में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई से जाँच की माँग वाली याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित नीट यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जाँच कराने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

लंदन में शादी करने जा रहा है भगोड़ा विजय माल्या का बेटा, गर्लफ्रेंड के साथ फोटो शेयर कर लिखा- वेडिंग वीक: नेटिजन्स बोले- पैसे तो लौटा दो

भारत के बैंकों को करीबन 900 करोड़ रुपए का चूना लगाकर भागने वाले विजय माल्या का बेटा सिद्धार्थ माल्या जल्द ही लंदन में शादी करने वाला है। उसने ये जानकारी अपने इंस्टा हैंडल पर दी है। अपनी होने वाली पत्नी के साथ फोटो साझा करते हुए ऐलान किया है।

सिद्धार्थ ने अपनी और अपनी मंगेतर की फोटो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा है- “शादी का हफ्ता शुरू हो चुका है।” इस पोस्ट के बाद अब लोग उसे बधाइयाँ दे रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि वो इस बड़े इवेंट का इंतजार में हैं। वहीं खबरों में कहा जा रहा है कि सिड माल्या की शादी ग्रैंड होने वाली है। होने वाली बीवी का नाम जास्मिन है।

इस पोस्ट के देखने के बाद कुछ भारतीय इस पर चुटकी ले रहे हैं। वो पोस्ट पर कमेंट कर रहे हैं- शादी कर रहे हो वो कोई बात नहीं लेकिन भारत के पैसे तो वापस कर दो।

मालूम हो कि सिद्धार्थ माल्या खुद पेशे से एक्टर और मॉडल है। वह विजय माल्या की पहली पत्नी समीरा की संतान है। भारत में रहने के दौरान सिद्धार्थ के कई हिरोइनों के साथ अफेयर्स के चर्चे हुए थे। उनमें एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, कटरीना कैफ, मशहूर गोल्फर और मॉडल र्मिला निकोलेट, एक्ट्रेस सोफी चौधरी, फ्रीडा पिंटो का नाम शामिल है।

भगोड़ा विजय माल्या

गौरतलब है कि सिद्धार्थ माल्या के पिता विजय माल्या पर इस समय करीबन 10 हजार करोड़ रुपए भारतीय बैंकों के बकाया हैं। वह कई सालों से विदेश में है और भारतीय एजेंसियाँ उMके प्रत्यर्पण के प्रयास कर रही हैं। उसने साल 2016 में गिरफ्तारी के डर से भारत छोड़ दिया था। कहा जाता है कि वह यूनाइटेड किंगडम में रह रहा है। वहीं, सरकारी एजेंसियाँ उसे लाने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए 900 करोड़ रुपए से अधिक लोन लिया था, जिसे उसने चुकाया नहीं।

पिछले साल माल्या को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मुंबई कोर्ट में दाखिल पूरक आरोप पत्र में बताया था कि जब माल्या की कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही थी, तब उसने साल 2015-16 में इंग्लैंड और फ्रांस में 330 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी। अपने चार्जशीट में सीबीआई ने कहा कि यह वही समय था, जब बैंक शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक माल्या से कर्ज की वसूली करने की कोशिश कर रही थी। हालाँकि, वह इसमें नाकाम रही थीं।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि सन 2008 और 2017 के बीच बैंकों को चुकाने के लिए विजय माल्या के पास पर्याप्त पैसे थे, लेकिन उसने चुकाया नहीं। माल्या ने अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (केएएल) के लिए इन बैंकों से लोन लिया था। माल्या ने बैंकों के लोन नहीं चुकाए, लेकिन पूरे यूरोप में उसने ‘निजी संपत्ति’ खरीदी। यहाँ तक कि स्विट्जरलैंड में अपने बच्चों के ट्रस्टों को भी भारी मात्रा में पैसे हस्तांतरित किए।

तेजस्वी यादव के बगल में खड़े इस राजा को देखिए, वहीं के व्यवसायी को सुपारी देकर मरवाया जहाँ से माँ थी RJD उम्मीदवार: हत्या के बाद दी थी मटन पार्टी

बिहार के पूर्णिया में 2 जून, 2024 को हुई एक व्यवसायी गोपाल यादुका की हत्या की सुपारी राजद नेता बीमा भारती के बेटे राजा ने दी थी। उसने ही व्यापारी को मारने के लिए शूटरों का इंतजाम किया था। हत्या का खुलासा होने के बाद से राजा फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बीमा भारती ने हाल ही में राजद के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ा था।

पूर्णिया पुलिस ने हार्डवेयर व्यापारी गोपाल यादुका की हत्या का खुलासा करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया है। पुलिस ने बताया है कि संजय नाम के एक शख्स से गोपाल यादव का जमीनी विवाद था। वह गोपाल यादुका की हत्या करवाने के लिए शूटर तलाश रहा था। संजय, राजा का दोस्त है। जब उसे शूटर नहीं मिले तो उसने अपनी यह परेशानी बीमा भारती के बेटा राजा को बताई, इसके बाद राजा ने हत्या करवाने के लिए शूटर उपलब्ध करवाए।

हत्या के लिए ₹5 लाख में डील तय हुई थी। इसके लिए विशाल नाम के शूटर को सुपारी दी गई थी। विशाल ने एक विकास यादव नाम के एक और अपराधी को अपने साथ इस हत्या के लिए शामिल किया था। दोनों ने 2 जून, 2024 को सुबह ही गोपाल यादुका की हत्या कर दी। इस दौरान वह भवानीपुर में अपनी दूकान खलने गए हुए थे। हत्या के दौरान ब्रजेश यादव और संजय भी मौजूद थे। ब्रजेश यादव भी राजा का दोस्त है।

इस हत्या के बाद यह चारों राजा के पास कडवा वासा इलाके में इकट्ठा हुए जहाँ सबने मिलकर मटन पार्टी की। राजा ने इस दौरान ब्रजेश यादव को ₹48,00 और विकास यादव को ₹50,000 दिए। विकास को हत्या से पहले भी ₹76,000 भेजे जा चुके थे। पुलिस ने हत्या के खुलासे के बाद विकास यादव, ब्रजेश यादव और संजय को गिरफ्तार कर लिया है। राजा इस हत्या के खुलासे के बाद फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है।

इस मामले में राजा के शामिल होने की सूचना सामने आने के बाद बीमा भारती पर प्रश्न उठ रहे हैं। बीमा भारती ने पूर्णिया से लोकसभा चुनाव 2024 राजद के टिकट पर लड़ा था। उन्हें मात्र 27,120 वोट यहाँ से मिले थे। वह रुपौली विधानसभा क्षेत्र से पाँच बार विधायक रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के पहले वह जदयू छोड़ कर राजद में आ गईं थी। रुपौली सीट पर फिर से उपचुनाव होने वाला है। लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीमा भारती यहाँ से टिकट के लिए प्रयासरत हैं।

बीमा भारती ने मंगलवार (18 जून, 2024) को बीमा भारती ने स्पष्ट किया है कि उन्हें राजद विधानसभा उपचुनाव के लिए भी टिकट दे रही है। उन्होंने कहा है कि इस सीट से वह खुद या उनके पति चुनाव लड़ेंगे। अपने बेटे के हत्या में शामिल होने को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा है। बीमा भारती का बेटा राजा लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव के बगल में खड़ा देखा गया था।

चुनाव ब्रिटेन का और वोट ‘कश्मीर की आजादी’ के नाम पर माँग रहा सत्ताधारी दल का सांसद, हिंदू-भारत घृणा से भरा है चुनावी अभियान

यूके के संसदीय चुनाव में कश्मीर की ‘आजादी’ की आवाज उठाने को मुद्दा बनाकर वोट माँगा जा रहा है। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता ने अपने इलाके के मुस्लिमों को हिंदू घृणा, नरेंद्र मोदी से नफरत और भारत विरोधी प्रचारों के जरिए आकर्षित करने की कोशिश की है। इस नेता का नाम मार्को लोंगी है, जो इस्लामियों से वोट माँग रहा है, ताकि वो ब्रिटेन की संसद में कश्मीर “आज़ादी” का मुद्दा उठा सकें।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डुडले में ब्रिटिश पाकिस्तानी और कश्मीरी समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कंजर्वेटिव पार्टी के नेता मार्को लोंगी ने पहले तो बकरीद की शुभकामनाएँ दी, उसके बाद भारत विरोधी आग उगलना शुरू किया। उसने कहा, ‘भारत में बीजेपी फिर से चुनी गई है, इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में ‘कश्मीर के लोगों के लिए कठिन समय’ होगा। नरेंद्र मोदी ने हाल में साफ कहा कि वो कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्ज देने जा रहे हैं, जिसका मतलब होगा कि कश्मीरियों की संप्रभुता का अधिकार और स्पेशल स्टेटस छिन जाएगा।’ इस दौरान हिंदू विरोधी, भारत विरोधी पर्चा भी बाँटा गया।

कंजर्वेटिव पार्टी में टोरियों के तौर पर माने जाने वाले मार्को लोंगी ने कहा कि वो साल 2019 में सांसद बने थे, तो ‘कश्मीरी पर हो रहे भारत सरकार के अत्याचारों’ को लेकर मुखर रहे थे। लोंगी ने दावा किया कि उन्होंने कश्मीर से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और कश्मीर में भारत सरकार की कार्रवाईयों की निंदा की।

इस पर्चे में लेबर पार्टी की संसदीय उम्मीदवार सोनिया कुमार पर विशेष तौर पर निशाना साधा गया है और उनके उपनाम ‘कुमार’ को हाईलाइट किया गया है। पर्चे में लिखा है, “मैं यह फैसला आप पर छोड़ता हूँ। अगर आप मुझे वोट देते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं संसद में कश्मीर के लिए अपनी आवाज और भी बुलंद करूँगा और संसद में कश्मीरियों के लिए खड़े होने में सबसे आगे रहूँगा।”

लीसेस्टर ईस्ट में लेबर संसदीय उम्मीदवार राजेश अग्रवाल ने लोंगी द्वारा जारी किए गए पर्चे की निंदा की और कहा, “यह समुदायों को विभाजित करने का एक शर्मनाक प्रयास है और मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के लिए अपमानजनक है। लोंगी जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से लोंगी का समर्थन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा, “ऋषि सुनक को पार्टी से पहले देश को प्राथमिकता देनी चाहिए और लोंगी के अभियान के लिए अपनी पार्टी का समर्थन तुरंत वापस लेना चाहिए और ब्रिटिश भारतीयों को अलग-थलग करने के प्रयास के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए।”

दूसरी ओर, मार्को लोंगी ने पर्चे का बचाव करते हुए कहा कि वह बस “अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने कश्मीरी समुदाय का मुखर समर्थन कर रहे थे।” उसने आगे तर्क दिया कि डुडले में बहुत ही मिश्रित समुदाय है और वह बहुत से लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, “अतीत में उनमें से कई लोगों ने मुझसे कहा है कि वे कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, उससे बहुत चिंतित हैं।”

लोंगी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पर्चा “राजनीति” का हिस्सा है, “यह राजनीति है, है न? क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो लगातार कश्मीरियों का समर्थन करता रहा है, जहाँ मानवाधिकारों का हनन हुआ है या आप सोनिया कुमार नामक किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही न हो? मुझे नहीं लगता कि मेरे लिए अपने कश्मीरी समुदाय के सदस्यों के सामने इस बात को उजागर करना कोई समस्या है।” जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कुमार के उपनाम को क्यों उजागर किया, तो उन्होंने कहा, “उनके पास सिर्फ़ स्टारमर का एक पर्चा है। मैं चाहता हूँ कि लोग जानें कि मैं स्टारमर के खिलाफ़ नहीं खड़ा हूँ, मैं कुमार के खिलाफ़ खड़ा हूँ।”

लोंगी ने आगे दावा किया कि वह केवल व्यापक समुदायों के भीतर एक समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और यह विशेष रूप से कश्मीरियों का प्रतिनिधित्व कर रहा था। सोनिया कुमार ने पर्चे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।