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‘अच्छा! तो आपने मुझे हराया है’: विधानसभा में नवीन पटनायक को देखते ही हाथ जोड़ कर खड़े हो गए उन्हें हराने वाले BJP के लक्ष्मण बाग, वीडियो में दिखी लोकतंत्र की खूबसूरती

ओडिशा विधानसभा में मंगलवार (18 जून, 2024) को लोकतंत्र का जश्न मनाने वाला नज़ारा देखने को मिला। BJD नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक उन्हें विधानसभा चुनाव हराने वाले भाजपा के लक्ष्मण बाग से न सिर्फ मिले, बल्कि रुक आकर उन्हें एक तरह से शाबाशी भी दी। नवीन पटनायक ने कहा, “अच्छा! तो आपने मुझे हराया है?” बता दें कि बलांगिर जिले में स्थित कांटाबांजी विधानसभा क्षेत्र से नवीन पटनायक इस बार चुनाव है गए।

नवीन पटनायक पिछले 24 वर्षों से भी अधिक समय से ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, ऐसे में उन्हें विधायक का चुनाव हरा देना बड़ी बात है। लक्ष्मण बाग को जहाँ 90,876 वोट मिले, वही नवीन पटनायक 74,532 वोट पाकर उनसे पीछे रह गए। इस तरह 16,344 (8%) वोटों के अंतर से चुनाव हार गए। कुल वोटों का उन्हें 36.56% ही प्राप्त हो सका, जबकि लक्ष्मण बाग 44.57% वोट पाकर पहले स्थान पर रहे। हालाँकि, गंजाम जिले के हिन्जिली विधानसभा क्षेत्र से नवीन पटनायक लगातार छठी बार चुनाव जीत गए।

अब जब नव-निर्वाचित विधायकों का शपथग्रहण समारोह आयोजित हुआ, तो उसमें लक्ष्मण बाग व नवीन पटनायक का आमना-सामना हुआ। विधानसभा में जैसे ही नवीन पटनायक घुसे, लक्ष्मण बाग अपनी सीट से खड़े हो गए और उन्होंने अपना परिचय दिया। इसके बाद नवीन पटनायक ने भी उन्हें बधाई दी। लक्ष्मण बाग ने हाथ जोड़ कर वयोवृद्ध नेता का अभिवादन भी किया। ओडिशा में 78 सीटें जीत कर भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया, जबकि 147 सदस्यीय विधानसभा में BJD 51 पर ही रुक गई।

वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के 23 विधायक जीते थे, और बीजद ने 112 सीटें जीते हुए बड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाया था। लक्ष्मण बाग 2014 और 2019 में इसी सीट से हार गए थे। पिछली बार उनकी हार महज 128 वोटों से ही हुई थी। यादव समाज ने भी उनका समर्थन किया। मुसीबत में उन्होंने प्रवासी मजदूरों की खूब मदद की थी, इसका फायदा उन्हें मिला। तुरेईकेला ब्लॉक के हिआल पंचायत में जन्मे लक्ष्मण बाग 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं, 2 का निधन भी हो चुका है। उनका परिवार पंचायत चुनाव में सक्रिय रहा है। पीएम मोदी ने उन्हें शेर कहा था।

चलाई लोहे की रॉड, बरसाए पत्थर… मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू परिवार को बनाया निशाना, महिलाओं तक को पीटा: यूपी पुलिस ने इलियास-वसीम सहित 12 को दबोचा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सोमवार (17 जून, 2024) को एक हिन्दू परिवार पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने मुस्लिम पक्ष के 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार (18 जून) को गिरफ्तार हमलावरों के नाम इलियास, भूरा, नदीम, वसीम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, इमरान और मोहम्मद इवदेशाम हैं। इन सभी को जेल भेज दिया गया है। इन सभी आरोपितों पर हत्या के प्रयास और धमकी सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पीड़ित हिन्दू परिवार ने UP पुलिस की कार्रवाई से खुद को संतुष्ट बताया है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थानाक्षेत्र भगतपुर का है। यहाँ सोमवार (17 जून) को महेंद्र कुमार ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में महेंद्र ने बताया कि गाँव उदमावाला में उनकी टेंट की दुकान हैं। सोमवार को ही उनके ही गाँव के इलियास ने गैस चूल्हे की एक भट्टी किराए पर ली थी। शाम को लगभग 7:30 पर इलियास अपने साथियों भूरा, इरफ़ान, अरमान, मोहम्मद इब्देशाम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, नदीम और वसीम के साथ महेंद्र की दुकान पर पहुँचा। उसके साथ 5-6 अज्ञात लोग भी थे।

महेंद्र का आरोप है कि इन सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। आते ही इन सभी ने महेंद्र को गालियाँ देनी शुरू कर दीं। कुछ ही देर बाद सभी आरोपितों ने पीड़ित पर लीकेज वाली गैस पाइप देने का आरोप लगाते हुए पीटना शुरू कर दिया। महेंद्र को पिटता देख कर उसके परिजन राजवीर और जयपाल भी मौके पर पहुँचे। हमलावरों ने इन दोनों को भी मारा। पीड़ित के घर की महिलाएँ सामने आईं को उनको भी पीटा गया। लोहे की रॉड पीड़ितों के सिर में जान से मार डालने की नीयत से मारी गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी गर्दन भी दबाई गई। पिटाई से जयपाल बेहोश हो गया लेकिन इसके बावजूद हमलावरों का हमला जारी रहा। जैसे-तैसे महेंद्र वहाँ से जान बचा कर भागने लगा तो हमलावरों ने उसकी दुकान पर पथराव कर दिया। आसपास के लोग जमा होने लगे तो हमलावर मौके से भाग निकले। भाग रहे पीड़ित को देख कर हमलावरों ने कहा, “सालों आज तुम्हें जिन्दा नहीं छोड़ेंगे।” पीड़ित महेंद्र ने पुलिस में शिकायत देते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

पुलिस ने इस शिकायत पर 13 नामजदों सहित 5-6 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 149, 323, 504, 506, 307 और 336 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक इलियास, भूरा, नदीम, वसीम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, इमरान और मोहम्मद इवदेशाम को गिरफ्तार किया जा चुका है। अरमान की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अन्य हमलावरों को भी चिन्हित और गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

पीड़ित पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने वीडियो जारी कर के खुद को पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्ट और सुरक्षित बताया है। पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँच कर न सिर्फ उनको बचाया बल्कि आरोपितों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने दिशा में कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से मंगलवार (18 जून, 2024) को ‘किसान सम्मान निधि’ की 17वीं क़िस्त जारी की, जिसके तहत 9.20 करोड़ किसानों के खाते में सीधे 20,000 करोड़ रुपए पहुँचे। ‘PM किसान सम्मान सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में 18वीं लोकसभा के लिए हुआ ये चुनाव भारत के लोकतंत्र की विशालता को, भारत के लोकतंत्र के सामर्थ्य को, भारत के लोकतंत्र की व्यापकता को, भारत के लोकतंत्र के जड़ों की गहराई को दुनिया के सामने पूरे सामर्थ्य के साथ प्रस्तुत करता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा के आशीर्वाद से, काशीवासियों के असीम स्नेह से उन्हें तीसरी बार देश का प्रधान सेवक बनने का सौभाग्य मिला है। बकौल पीएम मोदी, काशी के लोगों ने उन्हें लगातार तीसरी बार अपना प्रतिनिधि चुनकर धन्य कर दिया है, अब तो माँ गंगा ने भी जैसे उन्हें गोद ले लिया है, वो यहीं के हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में देश के लोगों ने जो जनादेश दिया है, वो वाकई अभूतपूर्व है, इस जनादेश ने एक नया इतिहास रचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में ऐसा बहुत कम ही देखा गया है कि कोई चुनी हुई सरकार लगातार तीसरी बार वापसी करे, लेकिन इस बार भारत की जनता ने ये भी करके दिखाया है। उन्होंने बताया कि ऐसा भारत में 60 साल पहले हुआ था। इसे एक बहुत बड़ी विजय और बहुत बड़ा विश्वास बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये उनके लिए एक पूँजी है। उन्होंने कहा कि जनता का ये विश्वास उन्हें लगातार सेवा के लिए, देश को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने वादा किया कि वो दिन-रात ऐसे ही मेहनत करेंगे, जनता के सपनों और संकल्पों को पूरा करने के लिए हर प्रयास करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसान, नौजवान, नारीशक्ति और गरीब को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ माना है। PM ने बताया कि अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत उन्होंने इन्हीं के सशक्तिकरण से की है, सरकार बनते ही सबसे बड़ा किसान और गरीब परिवारों से जुड़ा फैसला लिया गया है। प्रधनमंत्री ने गिनाया कि देश में गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो – ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने के तरफ भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि सखी के रूप में बहनों की नई भूमिका उन्हें सम्मान और आय के नए साधन दोनों सुनिश्चित करेगी। आज 30 हजार से अधिक सहायता समूहों को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए हैं। अभी 12 राज्यों में ये योजना शुरू हुई है। आने वाले समय में पूरे देश में हजारों समूहों को इससे जोड़ा जाएगा। पिछले 10 वर्षों में काशी के किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार (पिछले 7 साल से राज्य सरकार को मौका मिला है) ने पूरे समर्पण भाव से काम किया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी काशी संस्कृति की राजधानी रही है, हमारी काशी ज्ञान की राजधानी रही है, हमारी काशी सर्वविद्या की राजधानी रही है। उन्होंने कहा कि इन सबके साथ-साथ काशी एक ऐसी नगरी बनी है, जिसने सारी दुनिया को ये दिखाया है कि हेरिटेज सिटी भी अर्बन डेवलमेंट का नया अध्याय लिख सकती है। उन्होंने ‘विकास भी और विरासत भी’ वाले मंत्र को काशी की पहचान बताया। लोकसभा चुनाव 2024 में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से 1.52 लाख वोटों से जीत दर्ज की है।

गाय के साथ कुकर्म का वीडियो हुआ वायरल, मुरादाबाद पुलिस ने याकूब के बेटे भूरा शेख को दबोचा, आरोप – गाय न मिलने पर कुतियों और बकरियों पर मिटाता है हवस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक गाय के साथ कुकर्म किए जाने का मामला सामने आया है। कुकर्म का आरोप याकूब के बेटे भूरा शेख पर लगा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने याकूब के खिलाफ FIR दर्ज कर के उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (15 जून, 2024) रात की बताई जा रही है। विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस को पत्र भेज कर आरोप लगाया है कि वह इस से पहले कई गायों के अलावा कुतियों और बकरियों को भी अपना शिकार बना चुका है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र डिलारी का है। यहाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रात के अँधेरे में एक व्यक्ति को खूँटे पर बंधे गोवंश के साथ कुकर्म करते देखा जा सकता है। गोवंश बार-बार आरोपित की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रहा था लेकिन बार-बार उसे अपनी तरफ खींचा जा रहा था। गाँव पीलकपुर श्योराम की ये घटना शनिवार की निकली। आरोपित की पहचान भूरा शेख के तौर पर हुई है। भूरा शेख के अब्बा का नाम याकूब शेख है।

मुरादाबाद पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। मंगलवार (18 जून 2024) को पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपित भूरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। केस की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

गाय नहीं मिलती तो बकरियों और कुतियों को बनाता है शिकार

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने अपनी तरफ से थाना प्रभारी डिलारी को एक पत्र भेजे जाने का दावा किया है। विहिप के जिला उपाध्यक्ष कल्याण सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि हिन्दू संगठन लम्बे समय से भूरा की हरकतों पर नजर रखे हुए थे। वह घूम-घूम कर खासतौर से पालतू और बेसहरा गायों से कुकर्म कर रहा था। आरोप है कि गाय न मिलने पर भूरा कुतियों और बकरियों को अपनी हवस का शिकार बना लिया करता था। उसके द्वारा कुकर्म की शिकार गायों की संख्या दर्जनों में और अन्य पशुओं की तादाद सैकड़ों में लिखी गई है। ऑपइंडिया के पास प्रेषित पत्र मौजूद है।

विहिप द्वारा भेजा गया पत्र

विहिप नेता का यह भी आरोप है कि गाय से कुकर्म करने के बाद भूरा अपने साथियों के आगे शेखी बघारता है। दावा है कि उसने अपने साथियों से कई बार कहा, “आज हिन्दुओं की माँ के साथ सुहागरात मनाई है।” 15 जून की घटना पर जब विहिप नेता ने उसकी करतूत की वजह पूछी तो भूरा ने उन्हें जान से मार डालने की धमकी दी और कहा, “जो करना है कर लोग। कह दो मोदी-योगी से।” विहिप ने यह भी बताया कि भूरा की आपरधिक सोच के चलते कई लोग उसके खिलाफ खड़े होने से कतराते हैं। VHP नेताओं ने आरोपित भूरा पर पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग उठाई है।

दलितों का गाँव सूना, भगवा झंडा लगाने पर महिला का घर तोड़ा… पूर्व DGP ने दिखाया ममता बनर्जी के भतीजे के क्षेत्र का हाल, कहा – गायें-मुर्गे तक लूट कर ले गए TMC के गुंडे

उत्तर प्रदेश के DGP रहे बृज लाल ने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार के बारे में ग्राउंड जीरो से वीडियो बना कर बताया है। असल में भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा ने पश्चिम बंगाल में हिंसा की जाँच के लिए एक समिति का गठन कर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विप्लब देव, राज्यसभा सांसदों बृज लाल और कविता पाटीदार को वहाँ भेजा है। इन्होंने पीड़ितों से बात की, पुलिस के समक्ष उनकी शिकायतें दर्ज कराईं और साथ ही चेताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित न किया जाए।

दलित बहुल अलताबेरिया गाँव पहुँचे बृज लाल ने बताया कि पूरा गाँव खाली पड़ा है। बता दें कि ये डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। बृज लाल ने दिखाया कि कैसे दलित-जनजातीय समाज के लोग, मत्यपालन और मजदूरी करने वाले लोग चुनाव के बाद से ही गाँव से गायब हैं, वो पलायन कर गए हैं। इन गरीबों के मुर्गे, गायें और अन्य जानवरों को भी TMC के गुंडे लूट कर ले गए हैं।

वहीं बृज लाल ने एक अन्य वीडियो भी जारी किया, जिसमें भाजपा की समिति पीड़ितों की बातें सुन रही है। इसमें महिला सांसद कविता पाटीदार बता रही हैं कि जगह-जगह उसी कहानी को दोहराया जा रहा है। भाजपा समर्थकों के पेट में लाठी मारी जा रही है, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। लोगों को खेत में काम नहीं करने दिया जा रहा, उनकी जमीनें ले ली जा रही हैं। कविता पाटीदार ने बताया कि महिलाओं का घर से निकलना दूभर है, घर में डॉक्टर नहीं आएँगे, मंदिरों में एंट्री बैन कर दी जा रही है।

बृज लाल ने दक्षिण परगना के मस्जिदबाड़ी स्थित एक दलित बस्ती का भी वीडियो दिखाया, जहाँ एक दलित महिला छोटी सी दुकान चला कर अपना जीवन-यापन करती थी। उन्होंने बताया कि उक्त दुकान को तोड़ दिया गया, क्योंकि उसके बेटे ने पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा था। बृज लाल ने कहा कि संविधान-संविधान चिल्लाने वाली ममता बनर्जी के राज में एक दलित चुनाव नहीं लड़ सकता, TMC के गुंडों ने घर और दुकान तोड़ डाला। वहीं एक अन्य महिला का घर तोड़ा गया, क्योंकि वो पूजा करती थीं, उन्होंने भगवान की प्रतिमा रखी थी और घर पर भगवा झंडा लगा रखा है।

उन्हें धमकाया गया, उनके घर में तोड़फोड़ हुई। कैमरे के सामने खौफ के कारण वो महिला कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गरीबों की बस्ती में कई घर और दुकान टूटे हुए दिखे। ये वो इलाके हैं जहाँ गरीबों के घर भी मिट्टी के हैं। बरईपुरा स्थित भाजपा कार्यालय में कई कार्यकर्ताओं ने शरण ले रखी है। वो अपने परिवार के साथ यहाँ आए हैं। उनमें महिलाएँ-बच्चे भी हैं। पार्टी ने गद्दे बिछा कर उनके लिए इंतज़ाम किया है। इन लोगों को पुलिस-प्रशासन पर भी भरोसा नहीं है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं को उनके कार्यकर्ताओं ने ही घेरा और स्पष्ट कहा कि किसी ने उनकी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ा, कोई उनका हाल तक पूछने नहीं आया। इन्होंने कहा कि इन्हें सिर्फ भाजपा समर्थक होने के कारण विस्थापित होना पड़ा। TMC पीड़ित भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर भी राजनीति कर रही है और कह रही है कि ये दिखाता है कि भाजपा में आपस में भी जंग चल रही है।

‘CM आवास में मारपीट, अपनी ही पार्टी वालों ने किया चरित्र हनन’: स्वाति मालीवाल ने राहुल गाँधी और शरद पवार से मिलने का माँगा समय, लिखी चिट्ठी

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई का मामला फिर से चर्चा में आ चुका है। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उनके पीए विभव कुमार ने पीटा था। अब इस मामले को लेकर स्वाति मालीवाल इंडी गठबंधन के बड़े नेताओं से मिलना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने राहुल गाँधी, शरद पवार जैसे शीर्ष नेताओं को पत्र लिखा है और मिलने के लिए समय माँगा है।

इस बीच, स्वाति मालीवाल ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट डाली है। स्वाति ने अपनी इस पोस्ट के माध्यम से इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने की गुजारिश की है। मालीवाल ने कहा कि वह आज इस विषय पर मैंने इंडी गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को पत्र लिख मिलने का समय माँगा है।

स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, “पिछले 18 सालों से मैंने ज़मीन पे काम किया है और 9 सालों में महिला आयोग में 1.7 लाख केस में सुनवाई करी है। बिना किसी से डरे और किसी के आगे झुके, महिला आयोग को एक बहुत ऊँचे मक़ाम पे खड़ा करा है। पर बहुत दुख की बात है कि पहले मुझे मुख्यमंत्री के घर पे बुरी तरह पीटा गया, फिर मेरा चरित्र हरण करा गया। आज इस विषय में मैंने INDIA गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को पत्र लिखा है। मैंने सबसे मिलने का समय माँगा है।”

मालीवाल ने लेटर में कहा है कि 13 मई को सीएम के आवास पर उनके पीए ने पीटा, लेकिन समर्थन दिए जाने की बजाय उनकी ही पार्टी के नेताओं ने चरित्र हनन किया। मालीवाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए गए मुहिम की वजह से उन्हें रेप और हत्या की धमकी दी जा रही है। मालीवाल ने कहा, ‘एक महीने से मैंने खुद अनुभव किया है कि न्याय की लड़ाई में पीड़िताओं को किस तरह दर्द और अकेलपन का सामना करना पड़ता है। जिस तरह की विक्टिम शेमिंग और चरित्र हनन मेरे साथ किया गया है इससे महिलाएँ अपने खिलाफ अपराध पर बोलने से हतोत्साहित होंगी। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मैं आपसे समय चाहती हूँ। मैं इस पर आपके जवाब की प्रतिक्षा कर रही हूँ।’

विभव कुमार को नहीं मिली जमानत

बता दें कि बीते 13 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीएम ने उनके सरकारी अवकाश में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई की थी। इस विभव कुमार को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और ये मामला कोर्ट में है। इस बीच, दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल के पीए विभव कुमार की न्यायिक हिरासत 22 जून तक बढ़ा दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष बिभव को पेश किया गया।

‘हिंदुओं की माँ $^&#, गणेश को देख उलटी आती है’: मीरा रोड की सोसायटी के हिन्दुओं ने गाली बकने वाले वजूद पर दर्ज कराई FIR, बकरीद पर किया था बवाल

मुंबई के मीरा रोड इलाके की एक सोसायटी में बकरों की कुर्बानी को लेकर 16 जून (रविवार) को मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों का सोसायटी में रहने वाले हिन्दुओं से विवाद हो गया था। उस समय वजूद नाम के आरोपित ने पूरे हिन्दू समाज को माँ की गाली देते हुए भगवान गणेश तक के खिलाफ अपशब्द बोले थे। 17 जून (सोमवार) को इस मामले की शिकायत पुलिस स्टेशन में की गई थी। अब पुलिस ने आरोपित वजूद के खिलाफ FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला मीरा रोड इलाके के काशीगाँव थानाक्षेत्र का है। यहाँ पुलिस ने हिल गैलेक्सी में रहने वाले वजूद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295 ए और 153 ए के तहत FIR दर्ज किया है। वजूद पर “हिन्दुओं की माँ ** देंगे” जैसे शब्द बोल कर उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। यह गालियाँ उसने तब दी थीं जब बकरीद के मौके पर हिन्दुओं ने सोसायटी के अंदर बकरे की कुर्बानी का विरोध किया था। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालत को संभाला था।

FIR कॉपी

पुलिस ने सोसायटी के अंदर पशुओं को ले कर कोई नियम न बने होने का हवाला देकर वजूद को बकरियाँ रखने की अनुमति दे दी थी। FIR कॉपी में बताया गया है कि मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को धमकी दी गई थी। उन्होंने कहा था, “हम सोसायटी में ही बकरों की कुर्बानी देंगे। चाहे कुछ भी हो जाए। जो भी कर सको कर लो।” इसी विवाद के दौरान भगवान गणेश का भी अपमान किया था। वजूद ने कहा, “जब तुम लोग गणेश उत्सव मनाते हो तब हम कुछ कहते हैं ? जब हम तुम्हारे भगवान गणेश को देखते हैं तो हमें गुस्सा और उल्टी आती है। हम भी देखेंगे कि तुम यहाँ अपना गणेश उत्सव कैसे मनाते हो।”

शिकायत कॉपी

बताते चलें कि तब ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दुओं ने सोसायटी को मुस्लिम बहुल बताया था। उन्होंने ये भी जानकारी दी थी कि मकान खरीदने से पहले उन्हें जिम और क्लब के लिए जो जगह बताई गई थी बाद में बिल्डर की तरफ से वहाँ मस्जिद बना दी गई थी। सोसायटी आर आर बिल्डर्स द्वारा बनाई गई है। इसके मालिक रसूल, इरफ़ान, जुनैद और जब्बार शेख हैं। बकरों की कुर्बानी सोसायटी के अंदर करने पर अड़े वजूद को समझाने के लिए जब बिल्डर को बुलवाया गया तो उन्होंने शहर से बाहर होने की दलील दी थी। सोसायटी के सिख समुदाय के भी कई लोग खुद को मुस्लिमों द्वारा प्रताड़ित बताते हैं।

नोट- सिद्धि सोमानी की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। आप इसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

हैदराबाद की सड़क, ट्रक में गोवंश, मुस्लिम भीड़… फिर भी नहीं डरीं हिंदू शेरनी: माधवी लता ने मैथिली और सुनीता को किया सम्मानित, कहा- नारी शक्ति जिंदाबाद

हैदराबाद में गोवंश ले जा रहे ट्रक को रोकने वाली दो हिन्दू गौरक्षक महिलाओं को भाजपा नेता माधवी लता ने सम्मानित किया है। दोनों महिलाओं ने बकरीद से पहले एक ट्रक में भर कर ले जाए जा रहे गोवंश को बीच सड़क रोक लिया था। दोनों महिलाओं ने इस दौरान मुस्लिम भीड़ का सामना किया था।

जानकारी के अनुसार, बकरीद से एक दिन पहले 16 जून, 2024 को हैदराबाद के मलकापेट में एक वाहन में भर कर गोवंश ले जाए जा रहे थे। इसकी जानकारी जब इन दोनों गौरक्षक महिलाओं को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। यह महिलाएँ इस ट्रक को रोक कर बैठ गईं और गोवंश ले जाने का विरोध करने लगीं।

इनमें से एक महिला ट्रक के बोनट पर चढ़ गई और उसे आगे बढ़ने देने से इनकार कर दिया। इस दौरान इन महिलाओं को मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया और महिला गौरक्षकों से बदसलूकी भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल वीडियो में दिखता है कि महिला ट्रक के बोनट पर बैठी है और उसे कई टोपी लगाए लोगों ने घेर रखा है। इस बीच उसके बैठे होने के बावजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति गाड़ी आगे बढाने को कहता है, जिसका यह महिला विरोध करती है। एक दो मुस्लिम उसे ट्रक से खींचने का भी प्रयास करते हैं।

बताया गया कि बाद में इस घटनास्थल पर पुलिस आई और महिलाओं को अपने साथ ले गई। इन दोनों महिलाओं का नाम भी सामने आया है। गोवंश को बचाने के लिए प्रयास करने वाली महिलाओं के नाम श्रीवनिता मैथिली और सुनीता हैं।

भाजपा नेता और लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी बनाई गईं माधवी लता ने इस घटना की सूचना होने के बाद दोनों को सम्मानित किया है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी साझा किया है। माधवी लता ने बताया है कि इन महिलाओं ने पूरे जीवन भर गायों को बचाने का संकल्प लिया है।

खालिस्तानी चरमपंथ के खतरे को किया नजरअंदाज, भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश, हिंदुस्तान से नफरत: मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार में जुटी ABC न्यूज की ‘पत्रकार’ अवनी डायस

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) न्यूज ने रविवार (16 जून) को भारत पर एक और हमला किया और मोदी सरकार पर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले खालिस्तानियों की हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया। भारत के खिलाफ इस टारगेटेड दुष्प्रचार अभियान की अगुवाई कर रही अवनी डायस थीं, जो पहले भारत सरकार पर अपने वीजा को रद्द करने का झूठ बोल बोल चुकी हैं और पकड़ी जा चुकी हैं।

एबीसी की ‘पत्रकार’ अवनी डायस और उनके तीन साथियों ने एबीसी न्यूज़ पर एक लेख प्रकाशित किया, जिसका हेडलाइन था- “Narendra Modi’s Indian government and its allies accused of spying, silencing Sikh critics and pushing its far-right ideology in Australia” इसी विषय पर सोमवार (17 जून) को 45 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की गई।

लेख की शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया के लोगों के मन में देश में बढ़ते भारतीय प्रवासियों और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर मोदी सरकार के कथित प्रभाव के बारे में डर पैदा करने की कोशिश की गई थी। इसमें लिखा था, “भारत सरकार के लंबे हाथ ऑस्ट्रेलियाई लोगों तक पहुँच रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा (ऑस्ट्रेलिया) के लिए खतरा है।”

अवनी डायस और उसके ग्रुप के लोगों ने दावा किया कि भारतीय सिक्योरिटी एजेंट्स ने हरजिंदर सिंह नाम के टैक्सी चलाने वाले को धमकाया, क्योंकि वो खालिस्तानी अलगाववादी है और मेलवर्न-ब्रिसबेन में खालिस्तान के कथित ‘जनमत संग्रह’ के आयोजन में सक्रिय है। प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य हरजिंदर ने आरोप लगाया है कि उसे भारत सरकार की एजेंसियों से धमकी भरे फोन आ रहे हैं कि वो खालिस्तानी एजेंडा फैलान बंद कर दें या फिर मरने के लिए तैयार रहें। उसने दावा किया कि मोदी सरकार पंजाब में रह रहे उसके परिवार के सदस्यों को परेशान कर रही है।

वैसे, इस बात पर यकीन करना मुश्किल है कि भारत के सीक्रेट एजेंट इतने बेवकूफ होते हैं कि वो किसी खालिस्तानी को फोन पर धमकी देगा? (ये जानते हुए भी कि ऐसी कॉल्स तुरंत ट्रैक कर ली जाती हैं।) एबीसी न्यूज ने दावा किया कि भारतीय अधिकारियों की ओर से मिल रही मौत की धमकियों ने ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों को अपना ‘राजनीतिक कार्य’ बंद करने पर मजबूर कर दिया है। भारत में अलवगाववाद को बढ़ाने दे रहे विदेश में रहने वाले खालिस्तानी इसे राजनीतिक कार्य कह कर बचाव करते हैं और आतंकवादी कृत्यों को इसकी आड़ में छिपाने की कोशिश करते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, “भारतीय अधिकारियों की धमकियों के इस पैटर्न ने कुछ आस्ट्रेलियाई लोगों को अपने राजनीतिक कार्यों से पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है, और कई लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के डर से सार्वजनिक रूप से बोलना नहीं चाहते हैं।”

अवनी डायस और उनके साथी ‘पत्रकारों’ ने बताया कि हरजिंदर सिंह ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान के लिए काम करते समय भारत से नहीं डलता। जबकि उसकी पत्नी इस बात से परेशान थी कि कहीं हरजिंदर सिंह का भी वही हश्र न हो, जो हरदीप सिंह निज्जर का कनाडा में हुआ।

खालिस्तानी आतंकवाद को कम करके आँकना

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट में जानबूझकर खालिस्तानी खतरे को कम करके बताया गया और हरदीप सिंह निज्जर को कनाडा में एक गुरुद्वारे में काम करने वाला बताया, जबकि हकीकत ये है कि वो खालिस्तानी आतंकी था और भारत में वो वॉन्टेड था।

भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने में जुटे एबीसी न्यूज ने इस रिपोर्ट में खालिस्तानी आतंकी मोइंदर सिंह को भी शामिल किया और भारत पर आरोप लगाने के लिए उसका इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में लिखा है कि ‘मोनिंदर सिंह को भी कनाडा की सरकार ने हमले की चेतावनी दी थी, उस पर ऑस्ट्रेलिया में भी नजर रखी जा रही है। एबीसी न्यूज ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर मोइंदर का “करीबी दोस्त” था और उसकी हत्या एक “दर्दनाक याद” है। इसने बताया कि कैसे खालिस्तानी आतंकवादी हमले करने के लिए तैयार थे, लेकिन विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया कि इस तरह के चरमपंथ से कोई खतरा नहीं है।

लेख में दावा किया गया है कि “खालिस्तानी अलगाववादी आंदोलन में शामिल कुछ लोगों ने जरूरत के समय फिर से हथियार उठाने से इनकार नहीं किया है। वो हथियार उठा भी सकते हैं, लेकिन इसके लिए वो भारत सरकार के व्यवहार पर भी ध्यान देंगे कि वो कैसा व्यवहार हमारे साथ करती है। लेकिन जाँचकर्ताओं का मानना है कि फिलहाल खालिस्तानी चरमपंथ से कोई खतरा नहीं है।”

एबीसी न्यूज ने इस लेख में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की उनके खालिस्तानी अंगरक्षकों सतवंत और बेअंत सिंह द्वारा हत्या के मामले भी एक संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया कि इंदिरा गाँधी की हत्या उनके सिख अंगरक्षकों ने इसलिए की, क्योंकि उन्होंने ऑपरेशन ब्लू-स्टार के दौरान अकाल तख्त पर हमले का आदेश दिया था। यही नहीं, एयर इंडिया फ्लाइट 182 को बम से उड़ा देने वाले खालिस्तान आतंकियों और तलविंदर सिंह परमार की भूमिका को भी कम करके दिखाया। उसमें लिखा गया, “सिख अलगाववादियों पर एयर इंडिया फ्लाइट 182 को बम से उड़ाने का ‘आरोप’ लगाया गया है।” जबकि यहाँ साफ-साफ लिखा जाना था कि खालिस्तानी आतंकियों ने उस जहाज को उड़ा दिया था।

खालिस्तानियों को भड़काने की कोशिश

एबीसी न्यूज ने खालिस्तानी कट्टरपंथी मोइन्दर सिंह का सहारा लेकर दावा किया कि भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया में सिख समुदाय को निशाना बना रही है। सिंह ने कहा, “वे (भारतीय एजेंट) पहले से ही यहाँ हैं। वे पहले से ही हस्तक्षेप कर रहे हैं और यह यहाँ के सिख समुदाय के लिए बहुत खतरनाक है। अगर जल्द ही कुछ नहीं रोका गया, तो ऑस्ट्रेलिया जैसा देश भी कुछ सालों में कनाडा जैसी स्थिति में पहुँच सकता है। “

एबीसी ने अन्य खालिस्तानियों का भी हवाला दिया और दावा किया कि भारतीय अधिकारियों ने उनके परिवारों को आपराधिक मामलों में फँसाने की धमकी दी तथा ऑस्ट्रेलिया में उन्हें मौत की धमकी दी। इसमें कहा गया है , “कई ऑस्ट्रेलियाई सिख अलगाववादियों ने फोर कॉर्नर्स को बताया है कि भारतीय अधिकारियों ने भारत में उनके परिवारों से मुलाकात की है और विदेशों में उनके प्रियजनों की सक्रियता के कारण उन्हें धमकाया है।”

यह बताना जरूरी है कि मोदी सरकार खालिस्तानी अलगाववाद के खिलाफ भारत और विदेश में कड़ाई से कदम उठा रही है। ऐसे में यह साफ है कि पंजाब को भारत से अलग करने का सपना देखने वाले लोग सरकार को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।

जस्टिन ट्रूडो के अप्रमाणित दावों का समर्थन

एबीसी न्यूज के लेख में जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार द्वारा इस हत्या में भारत की कथित संलिप्तता के बारे में किए गए निराधार दावों का भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया। इसमें दावा किया गया है, “कनाडा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है, जिसे भारत ने नकार दिया है।”

एबीसी न्यूज ने आगे कहा, “एक दशक पहले मोदी के सत्ता में आने के बाद से उन्होंने भारत के खुफिया अभियानों को बढ़ा दिया है। मोदी के अनुसार, यह देश को अलगाववादी समूहों से बचा रहा है, जिन्हें उनके प्रशासन ने “आतंकवादी” करार दिया है। दो कथित हत्या की साजिशों से पता चलता है कि उनकी सरकार इसे हासिल करने के लिए किस हद तक जाने को तैयार है।”

इसका उद्देश्य इस निराधार अफवाह को ताकत देना है कि भारत की मोदी सरकार दूसरे देशों में हो रही हत्याओं में शामिल है। इससे पहले, इस साल अप्रैल की शुरुआत में द गार्जियन ने आरोप लगाया था कि भारत अपने घरेलू मैदान में पाकिस्तानी आतंकवादियों को मारने के लिए जिहादियों का इस्तेमाल कर रहा है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नुकसान पहुँचाकर बनाया जा रहा भारत विरोधी माहौल

अवनी डायस और उनके साथी ‘पत्रकारों’ द्वारा लिखे गए लेख में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को कमजोर करने और कूटनीतिक अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश की गई। इसमें दावा किया गया है, “ऑस्ट्रेलिया की सरकार नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले भारत सरकार को अपना महत्वपूर्ण साझेदार बना रही है, जबकि भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया के अंदर अपने विरोधियों को चुप करा रही है और प्रवासियों को धमका रही है।”

राजनीति से प्रेरित इस लेख में आरोप लगाया गया कि भारत ने तथाकथित ‘दक्षिणपंथी हिंदू विचारधारा’ को बढ़ावा देने और ‘राजनीतिक शक्ति हासिल करने’ के लिए ऑस्ट्रेलिया में ‘जासूसों का अड्डा’ बना रखा है। इसमें दावा किया गया कि मोदी सरकार खुफिया अधिकारियों के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों पर नज़र रखने, हवाईअड्डों की सुरक्षा प्रोटोकॉल और संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकी तक पहुँच प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।

एबीसी न्यूज ने आरोप लगाया, “साल 2020 में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध पहले से कहीं बेहतर दिखे। क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत के जवाब में व्यापार सौदे फल-फूल रहे थे और कई रक्षा गठबंधनों पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे। हालाँकि, गुप्त रूप से ऑस्ट्रेलिया देश में भारत के जासूसी अभियानों से नाखुश था।” अवनि डायस और उनके प्रचारक मित्र ऑस्ट्रेलिया में भूरे रंग के भारतीयों की बढ़ती उपस्थिति के बारे में भी भय फैलाने पर तुले हुए थे।

लेख में बताया गया, “मोदी सरकार का प्रभाव ऑस्ट्रेलिया में दूसरे तरीकों से भी महसूस किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों की संख्या अब सबसे बड़ी है, जो ब्रिटेन में जन्मे लोगों के बाद दूसरे नंबर पर है। नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए यह चुनावों में समर्थन पाने के लिए एक शक्तिशाली ताकत बन गई है। यह ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ द बीजेपी (ओएफबीजेपी) नामक एक समूह के माध्यम से किया जाता है, जिसकी ऑस्ट्रेलिया में मौजूदगी है। “

भारत को बदनाम करने वाली फर्जी कहानियाँ

अवनी डायस और उनके साथी ‘पत्रकारों’ के लेख में ऑस्ट्रेलिया के खुफिया प्रमुख माइक बर्गेस के 2021 के एक सामान्य बयान को जोड़ने की कोशिश की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि भारत का ऑस्ट्रेलिया में ‘जासूसों का अड्डा’ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चार भारतीय खुफिया अधिकारियों/राजनयिकों को उनकी ‘गुप्त गतिविधियों’ के कारण देश छोड़ने के लिए कहा गया था।

एबीसी न्यूज के लेख में दावा किया गया है, “निष्कासन गुप्त रूप से किया गया। वे एक-एक करके चले गए। मोदी सरकार, जो भारत को विश्व मंच पर एक सम्मानित और मजबूत खिलाड़ी बनाने पर केंद्रित थी, उसने सोचा कि वह सार्वजनिक शर्मिंदगी के बिना बच जाएगी।”

एबीसी न्यूज ने भारत विरोधी बयान देने के लिए ग्रीन्स पार्टी के सीनेटर डेविड शूब्रिज को भी शामिल किया। संयोग से ग्रीन्स पार्टी का एक ही पूर्व सांसद बॉब ब्राउन ऑस्ट्रेलिया में ‘अडानी वॉच’ नाम की वेबसाइट चलाता है, जो भारत और भारतीय व्यवसायिक समूह अडानी के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाती है।

अवनि डायस से जुड़े कई विवाद

बता दें कि इस साल अप्रैल महीन में अवनी डायस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया था कि मोदी सरकार द्वारा उनके वीजा की अवधि न बढ़ाए जाने के कारण उन्हें अचानक भारत छोड़ना पड़ा। यही नहीं, वो निज्जर को लेकर एक और वीडियो जारी कर चुकी है, जिसमें निज्जर की हत्या में भारत की भी संलिप्लता की बात कही गई थी। इस वीडियो के माध्यम से भारत की छवि दूषित करने का भी प्रयास वो कर चुकी है। बहरहाल, मोदी सरकार ने यूट्यूब को एबीसी न्यूज और उसके दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख अवनी डायस द्वारा भारत विरोधी प्रचार वीडियो को रोकने का निर्देश दिया। वीडियो के यूट्यूब लिंक पर एक संदेश में लिखा है , “राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सरकार के आदेश के कारण यह सामग्री वर्तमान में इस देश में उपलब्ध नहीं है।” अवनी डायस को इस बात का यकीन था कि वो भारत सरकार को बदनाम करेगी तो भारत के दुश्मन उसका स्वागत और सम्मान करेंगे।

इससे पहले, अवनी डायस ब्रिस्बेन में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में हुई बर्बरता में हिंदुओं की भूमिका पर आरोप लगाने, राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ‘हिंदू वर्चस्ववादी’ कार्यक्रम के रूप में चित्रित करने का प्रयास करने, सरकारी स्कूलों में धार्मिक पोशाक पहनने का समर्थन करने, सीएए के बारे में झूठ फैलाने और उत्तर प्रदेश में गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने वाले कानून को लेकर लोगों में गुस्सा भरने की कोशिश कर चुकी है।

हाल ही में, उन्हें भारतीय संविधान के बारे में झूठी बातें फैलाते हुए पकड़ा गया। डायस ने दावा किया कि 1947 में ब्रिटिश शासन से देश को आज़ादी मिलने के बाद से ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ भारतीय संविधान का हिस्सा थी। उन्होंने ‘भारत के नरेंद्र मोदी के पीछे की कहानी’ शीर्षक वाले एक वीडियो में झूठे दावे किए, जिसका उद्देश्य यह दिखाना था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की धर्मनिरपेक्षता किसी तरह खतरे में है।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित की गई है। मूल लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

न दुख-न पश्चाताप… पवित्रा का यह मुस्कुराता चेहरा बताता है कि पर्दे के सितारों में ‘नायक’ का दर्शन न करें, हर फैन के लिए सबक है रेणुका स्वामी की हत्या

पिछले दिनों कर्नाटक में हुए ‘फैन हत्याकांड’ के मामले में नई बातें सामने आने से लोग हैरान हो रहे हैं कि आखिर ये सब हुआ क्या है? किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि कोई सुपरस्टार हीरो अपने फैन की हत्या करवा सकता है वो भी इतनी बेरहमी से… लेकिन ये सच है… ऐसा हुआ है और इस पूरे मामले से दो चीजें लोगों को अब सबक लेने की जरूरत है।

पहली तो ये कि पर्दे पर जिनके बदलते हाव-भाव और एक्शन देख हम फैन हो जाते हैं, जरूरी नहीं वो असल जिंदगी में भी वैसा ही हों, इसलिए किसी एक्टर/एक्ट्रेस का प्रशंसक होना एक हद तक उचित हो सकता है लेकिन उस कलाकार के पीछे पागल हो जाना हर मायने में घातक ही होता है।

दूसरा ये कि खुद को फैन कहे जाने वाले लोगों को ये समझना जरूरी है कि पर्दे पर दिखने वाले लोगों के जीवन में उन फैन्स का सिर्फ इतना महत्व होता है कि वो लोग उन्हें नाम दिलाएँ, उनके घर के बाहर भीड़ लगाएँ, और उन्हें हमेशा प्रांसगिक और चर्चा में बनाए रखें ताकि कभी उन्हें काम मिलने में समस्या न हो… इसके अलावा बड़े से बड़े हीरो के लिए फैन का अर्थ कुछ नहीं होता।

कुछ दिन पहले कर्नाटक में रेणुका स्वामी नाम के युवक के साथ जो कुछ भी हुआ उस घटना ने असल में यही समझाया है कि इन टीवी पर आने वाली हस्तियों और आमजन के बीच कितना गहरा फासला होता है। कैमरे पर हर हीरो-हीरोइन अपने फॉलोवर और फैन बढ़ाने के लिए बड़ी-बड़ी बात करते दिखते हैं, लेकिन असल में जब कोई फैन उनके पास फोटो खिंचाने भी चला जाए तो कभी कोई उसे धक्का मार देता है तो कोई मुँह बना लेता है या खुद को उस फैन से खतरा बताकर अपने बर्ताव को जस्टिफाई करने लगता है।

एक्टर और एक्ट्रेस द्वारा सामान्य लोगों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के वैसे तमाम उदाहरण आपको सर्च करने पर मिल जाएँगे, पर दुखद ये है कि ऐसी तमाम घटनाओं के बाद भी खुद को ‘फैन’ बताने वाले लोग इन चीजों को नहीं समझ पाते। एक समय था जब पेज थ्री पर इन हस्तियों की जिंदगी के बारे में जानकर लोग इसकी चर्चा अपने दोस्तों से करते थे, मगर अब जबसे सोशल मीडिया आया है तो प्रशंसक डायरेक्ट उस हीरो-हिरोइन से कनेक्ट महसूस करते हैं।

अपनी दीवानगी दिखाने के लिए उन्हें मैसेज करते हैं। वो अपने हीरो-हिरोइन के काम से खुश होते हैं तो बताते हैं दुखी होते हैं तो बताते हैं। इतना ही नहीं, किसी चीज पर नाराज होने पर नाराजगी दिखाकर ट्रोल भी खूब किया जाता है। लोग इन सितारों की दुनिया में निजी जिंदगी में दिलचस्पी लेते हुए इतना खो जाते हैं कि वो भूल जाते हैं उनकी अपनी भी एक दुनिया है और उन्हें उसे बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

रेणुका स्वामी ने भी अपनी दीवानगी साबित करने के लिए यही किया था। उसे कन्नड़ अभिनेता दर्शन तुगुदीपा इतना पसंद था कि वो नहीं चाहता था उसके पसंदीदा हीरो की शादी टूटे। बस इसीलिए वो पवित्रा गौड़ को मैसेज करने लगा कि वो उसे छोड़ दे चाहें तो उसके पास आ जाएँ। इन मैसेजों के क्रम में रेणुका स्वामी ने कुछ अश्लील मैसेज भी पवित्रा को भेजे थे। शायद रेणुकास्वामी को लग रहा था कि ऐसा करने से वो दर्शन को छोड़ देगी और दर्शन की शादी टूटने से बच जाएगी।

अपने निजी जीवन की चिंता किए बिना एक एक्टर की पर्सनल जिंदगी को लेकर रेणुकास्वामी इतना सीरियस हो गया कि उसे पता ही नहीं चला कि वो कब गलत रास्ते पर जाने लगा। उसके दिमाग में सिर्फ अपने पसंदीदा एक्टर और उसकी चिंता थी। इसी चिंता में उसने पवित्रा के डीएम में उसे परेशान करना शुरू किया था। उसे भी नहीं पता था कि ये हरकतें उसके लिए जानलेवा बन जाएगी।

रेणुका स्वामी ये सब की हरकत के बारे में जब दर्शन को पता चला तो दर्शन ने ये नहीं सोचा कि रेणुका को समझाया जाना चाहिए वो उनका फैन है या उसकी शिकायत करके उसे सही रास्ते पर लाना चाहिए… दर्शन ने तो बस रेणुका के संदेशों को अपनी इगो पर लिया, और फिर इतनी निर्ममता से हत्या उसकी हत्या को अंजाम दिया गया कि रूह कांप जाए।

रिपोर्टों के मुताबिक. रेणुकास्वामी को मारने के लिए दर्शन ने जो गुर्गे बुलवाए थे उन्होंने उसके शरीर की हड्डियाँ तोड़ दी थीं, उसकी खोपड़ी फोड़ दी थी, उसे इलेक्ट्रिक शॉक देकर टॉर्चर किया गया था। वहीं खुद दर्शन ने भी आकर उससे मारपीट की थी और जब रेणुका ने प्रताड़ना से तंग आकर दम तोड़ दिया उस समय उसके शव को ले जाकर फेंक दिया गया।

आप सोचिए कि इस पूरे मामले में एक हीरो ने अपने फैन की कितनी लाज रखी? कितना उसकी भावनाओं को समझा या उसके गलत होने पर उसे समझाना चाहा… कहीं से कहीं तक नहीं।

उलटा जुर्म करने के बाद उन्होंने तो ये प्लान ये बनाया कि कैसे करके दर्शन का नाम इस मामले में न आए… इसके लिए दर्शन ने उन गुर्गों को आत्मसमर्पण करने को कहा और उसके बदले पैसे लेने के लिए बोला। सब तैयार हो गए मगर पुलिस ने जब इनके फोन की जाँच की तब पाया कि इस मामले में तो सुपरस्टार कहे जाने वाले एक्टर दर्शन सीधे तौर पर शामिल थे।

पूरे हत्याकांड से साफ है कि दर्शन अपने घमंड के आगे देश की कानून व्यवस्था को भी कुछ नहीं समझते थे। अगर समझते होते तो पहले तो वो पवित्रा के साथ जो रेणुका स्वामी ने किया उस पर खुद एक्शन लेने के बजाय उसकी शिकायत पुलिस को देते… पर उन्होंने किया क्या? खुद की सोर्स लगाकर रेणुका स्वामी का नाम और एड्रेस का पता लगाया और फिर उसे उस जगह पीटने भी आए।

बता दें कि घटना को लेकर सामने आ रहे सारी कड़ियाँ सिर्फ ये सबक दे रही हैं कि सामान्य लोगों को ऐसे हीरो-हिरोइनों को पर्दे पर देखकर इतना प्रभावित नहीं होना चाहिए कि उनके जीवन पर इसका असर दिखने लगे। रेणुकास्वामी परिवार वाले व्यक्ति थे। उनकी निर्मम हत्या के बाद से उनका परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि आरोपितों को इस हत्यारोप में पकड़े जाने के बाद भी कोई पश्चताप नहीं है। उलटा वो हँस रहे हैं।

अगर आपकी नजर इस मामले में पकड़े गए आरोपितों की वीडियो पर जाएगी तो आपको देखकर हैरानी होगी कि एक फैन को मारने के बाद भी कैसे सारे आरोपितों को कोई पछतावा नहीं है। पवित्रा गौड़, जिसके कारण ये पूरी घटना हुई उसे जब पुलिस अपने साथ ले जाती दिखी तो वो उस समय कैमरे को देख हँस रही थी, मानो उसने क्या उपलब्धि हासिल की हो। इसी तरह दर्शन का एक अन्य साथी को भी पुलिस कस्टडी में हँसते देखा गया था।