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जिस जगन्नाथ मंदिर में फेंका गया था गाय का सिर, वहाँ हजारों की भीड़ ने जुट कर की महा-आरती: पूछा – खुलेआम कैसे घूम रहा था जिला-बदर अपराधी नौशाद?

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में शुक्रवार (14 जून, 2024) को भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में गाय का कटा सिर फेंका गया था। इस घटना के बाद हिन्दुओं में आक्रोश फ़ैल गया था। पुलिस ने सलमान, शाकिर, नौशाद और शाहरुख (25) को NSA एक्ट के तहत जेल भेजा था और इनके घरों पर बुलडोजर चलाया था। जावरा इलाके के जिस मंदिर में यह हरकत की गई थी वहाँ सोमवार (17 जून, 2024) को महाआरती की गई। हजारों लोगों ने इस आरती में हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में असल साजिशकर्ताओं के नाम सामने ला कर उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक दिन पहले रविवार को हुई घोषणा के बाद सोमवार को जावरा के जगन्नाथ मंदिर पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा होने लगी। सर्वसमाज के हजारों लोगों की इस भीड़ से घंटाघर इलाका भर गया। रतलाम के डीएम और एसपी सहित तमाम बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सर्वसमाज ने जगन्नाथ मंदिर में महाआरती की। महाआरती के बाद हिन्दू समाज के लोगों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को सम्बोधित करते हुए रतलाम के SDM को एक ज्ञापन सौंपा।

इस ज्ञापन में बताया गया है कि जिन 4 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वो महज किसी के द्वारा संचालित हो रहे मोहरे हो सकते हैं। सर्व-समाज ने माँग की है कि मंदिर परिवार में गौमांस फेंके जाने के असल मास्टरमाइंड को बेनकाब करते हुए उस पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों ने गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर ले कर फिर से पूछताछ करने और उनके कॉल व बैंक रिकॉर्ड खँगालने की भी बात दिए गए ज्ञापन में लिखी है। इसी ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया है कि जिला बदर अपराधी होने के बावजूद नौशाद इतने आराम से कैसे घूम रहा था।

सर्वसमाज के ज्ञापन में जावरा के महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरे लगवाने, रतलाम में मौजूद रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान कर के उनकी गिरफ्तारी करने, मुस्लिमों द्वारा कब्ज़ा की गई सरकारी जमीन को 14 दिनों के अंदर मुक्त करवाने जैसी माँगों को प्रमुखता दी गई है। इसी के साथ नगर में चल रहे अवैध बूचड़खानों को चिह्नित कर के उन्हें तत्काल बंद करने की भी आवाज उठाई गई है।

बकरीद पर लाल हुआ नाले का पानी, हिन्दुओं ने किया विरोध मुस्लिम भीड़ ने कर दिया हमला: पुलिस व मीडिया पर भी पत्थरबाजी, धारा-144 लागू

बकरीद पर ओडिशा के बालेश्वर इलाके में 2 समुदायों के बीच हिंसक झड़प की खबर है। इस दौरान पत्थरबाजी हुई जिसमें कई मीडियाकर्मी सहित पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। विवाद की शुरुआत एक नाले के पाने का लाल रंग देख कर हुई। हिन्दू संगठनों ने इस कुर्बानी की वजह से बहा खून बताया और प्रदर्शन शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया जिस से हालत तनावपूर्ण हो गए। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स भेजी जा रही है। घटना सोमवार (17 जून 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बालेश्वर के सुनहट इलाके की है। यहाँ सोमवार की दोपहर में कुछ स्थानीय लोगों को आबादी के पास से बहने वाले नाले का पानी लाल रंग का दिखा। फ़ौरन ही मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने लाल रंग के पानी के सैम्पल उठाए और जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। पानी को कुर्बानी का खून बताते हुए हिन्दू संगठन के सदस्यों ने मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान वहाँ मुस्लिम पक्ष के कुछ लोग पहुँच गए। वो प्रदर्शनकारियों से बहस करने लगे।

आरोप है कि इसी दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से पुलिस की मौजूदगी में ही प्रदर्शनकारियों पर पत्थर चलने लगे। कुछ ही देर में विवाद की सूचना पूरे इलाके में फ़ैल गई। आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुँचने लगे। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद पत्थरबाजी जारी रही। पथराव के चलते 1 दर्जन से अधिक दो व चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हिंसा को काबू करने का प्रयास करते हुए 2 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना को कवर कर रहे कुछ पत्रकारों के कैमरे और मोबाइल को तोड़ डाला गया है।

हालात काबू करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स भेजी गई है। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ कर जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। हिंसा से हुए नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी तक जारी नहीं हुआ है। हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। फ़िलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है।

केरल की वायनाड सीट छोड़ेंगे राहुल गाँधी, पहली बार लोकसभा लड़ेंगी प्रियंका: रायबरेली रख कर यूपी की राजनीति पर कॉन्ग्रेस का सारा जोर

कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे राहुल गाँधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में 2 सीटों से जीत दर्ज की – केरल की वायनाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली। उन्हें दोनों ही सीटों पर जीत मिली। अब राहुल गाँधी ने फैसला लिया है कि वो वायनाड सीट छोड़ देंगे और रायबरेली अपने पास रखेंगे। वहीं वायनाड की रिक्त सीट पर कॉन्ग्रेस की तरफ से उनकी बहन प्रियंका गाँधी को लड़ाने का फैसला लिया गया है। वायनाड में मुस्लिमों की अच्छी-खासी जनसंख्या है और IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) कॉन्ग्रेस का समर्थन करती है।

राहुल गाँधी ने रायबरेली में 3.90 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। जहाँ उन्हें 6.87 लाख वोट प्राप्त हुए थे, वहीं उनके सामने खड़े भाजपा के दिनेश प्रति सिंह को 2.97 लाख वोटों से संतोष करना पड़ा था। रायबरेली सीट से 13 बार नेहरू-गाँधी परिवार ने जीत दर्ज की है। इंदिरा गाँधी यहाँ से 3 बार सांसद रहीं, जबकि उनके पति फिरोज गाँधी भी 2 बार जीते थे। सोनिया गाँधी ने यहाँ से लगातार 5 बार जीत दर्ज की। 1999 से ही ये सीट कॉन्ग्रेस के कब्जे में है।

वहीं वायनाड की बात करें तो अबकी राहुल गाँधी ने यहाँ से 3.64 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। पिछली बार वो यहाँ से 4.31 लाख वोटों से जीते थे। अबकी राहुल गाँधी के सामने CPI के उम्मीदवार एनी राजा 2.83 लाख वोटों पर ही रुक गए। वहीं भाजपा के K सुरेंद्रन 1.41 लाख वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अब प्रियंका गाँधी यहाँ से लड़ेंगी। वायनाड जिले में मुस्लिमों की जनसंख्या 30% के आसपास है, ऐसे में कॉन्ग्रेस को उनका समर्थन जीत दिलाता है।

राहुल गाँधी ने कहा कि रायबरेली और वायनाड से उनका भावनात्मक रिश्ता है, पिछले 5 साल वो वायनाड से सांसद थे और उन्हें वहाँ सभी ने बहुत प्यार दिया। जनता का धन्यवाद जताते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि उनकी बहन प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने वादा किया कि हम मिलकर वायनाड से किए हर वादे को पूरा करेंगे। उत्तर प्रदेश में भाजपा इस बार 64 से सीधे 33 सीटों पर आ गई है, ऐसे में विपक्ष का पूरा जोर यहाँ भाजपा को और कमजोर करने में लगा हुआ है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में 200 लड़कियों से बलात्कार का दावा, फर्जी कंपनी बना कर देते थे नौकरी का झाँसा: बंधक बना कर बेल्ट से पिटाई, गर्भपात भी कराया

बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी का झाँसा देकर 200 लड़कियों के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। बता दें कि बिहार पहले से ही बेरोजगारी और पलायन की समस्या से जूझता रहा है क्योंकि यहाँ उद्योग-धंधों की कमी है। कुछ लोगों ने इसी समस्या को अपराध के लिए हथियार बना लिया और एक कंपनी खोली। अहियापुर इलाके में 180 लड़कियों को नौकरी दिए जाने के नाम पर बंधक बनाया गया। उनके साथ मारपीट हुई, उनका यौन शोषण किया गया।

ये वही मुजफ्फरपुर है जहाँ से ‘बालिका गृह कांड’ की घटना सामने आई थी। इसे हम ‘भक्षक’ फिल्म में देख चुके हैं। वहाँ 34 बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आया था। संचालन ब्रजेश ठाकुर एक स्थानीय अख़बार भी चलाता था। अब इसी मुजफ्फरपुर में हुई वारदात को लेकर छपरा की एक पीड़िता ने मामला दर्ज कराया है। DVR नामक कंपनी ने फेसबुक पर लड़कियों के लिए जॉब ऑफर पोस्ट किया था और वो इससे जुड़ी। अप्लाई करने के बाद चयन हुआ और उससे प्रशिक्षण के नाम पर 20,000 रुपए माँगे गए।

अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित बखरी के पास ही पैसा जमा किए जाने के बाद कई लड़कियों को रखा गया था। 3 महीने बीतने के बाद भी इन्हें वेतन नहीं दिया गया, जिसके शिकायत इन लड़कियों ने कंपनी के CMD तिलक सिंह से की। पीड़िता को इसके बाद 50 और लड़कियों को कंपनी से जोड़ने के लिए कहा गया और वादा किया गया कि इसके बाद उसकी सैलरी 50,000 रुपए हो जाएगी। उस दौरान पुलिस ने कंपनी के दफ्तर व हॉस्टल पर छापेमारी की, तिलक सिंह कई लड़कियों को लेकर हाजीपुर शिफ्ट हो गया और वहाँ उसने पीड़िता से शादी कर डाली।

मुजफ्फरपुर में रहने के दौरान भी उसने पीड़िता के साथ जबरन यौन संबंध बनाया था और उसका गर्भपात भी करा दिया था। हाजीपुर में जब वो मौके जाने की जिद करती तो उसे पीटा जाता था। बौरिया क्षेत्र में उसे कुछ आपसी दिए गए और कहा गया कि अब तुम आज़ाद हो। पीड़िता ने बताया कि लड़कियों को बंधक बनाया जाता है, वो भागने न पाए इसके लिए मुस्तंडों को तैनात रखा जाता है। लड़कियों से उनकी रिश्तेदारी व जान-पहचान में स्थित अन्य लड़कियों को फोन कॉल करवाए जाते हैं, उन्हें भी जॉब का ऑफर देकर उनका यौन शोषण होता है।

इन लड़कियों को मुँह खोलने पर उनके परिजनों की हत्या की धमकी दी जाती है। कंपनी विज्ञापन में लिखती थी कि ये नौकरी सिर्फ लड़कियों के लिए ही है और मोटी सैलरी की पेशकश की जाती थी। बेल्ट से एक लड़की की पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है, आगे की जाँच की बात कही जा रही है। पीड़िता ने बताया कि लड़कियों को कॉल करना सिखाया जाता था। पीड़िता ने बताया कि उसके फोन में कई सबूत थे, आरोपितों ने उसका फोन भी तोड़ डाला, उसे फॉर्मेट कर दिया।

राहत-बचाव कार्य खत्म, अब मरम्मत का हो रहा काम: बाइक से दुर्घटना स्थल पर पहुँचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, अस्पताल जाकर घायलों का भी लिया हालचाल

पश्चिम बंगाल में कंचनजंगा एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद घटनास्थल पर पहुँचे हैं। इस दौरान उन्होंने सिलीगुड़ी स्थित नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज पहुँच कर घायलों से भी उनका हालचाल जाना। वहीं दुर्घटना स्थल तक पहुँचने के लिए उन्होंने बाइक का सहारा लिया। उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि रेल मंत्री सिर्फ रील बनाने में व्यस्त हैं और यात्रियों के जीवन की उन्हें कोई चिंता नहीं है।

इस घटना में 9 लोगों को मौत हुई है, जिनमें 2 रेलवे के कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं 9 गंभीर रूप से घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, 32 ऐसे लोग हैं जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। सोमवार (17 जून, 2024) की सुबह एक मालगाड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस में घुस गई, जिस कारण दार्जीलिंग जिले में ये हादसा हुआ। सुबह के साढ़े 8 बजे के करीब ये घटना हुई, तब लोगों को ज़ोर की आवाज़ सुनाई दी। कमीशन ऑन रेलवे सेफ्टी को इस मामले की जाँच सौंपी गई है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राहत व बचाव कार्य ख़त्म कर लिया गया है, अब जो क्षति हुई है उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। ये रेलवे की मेन लाइन है। उन्होंने कहा कि किस चूक के कारण ये घटना हुई उसकी पहचान की जाएगी और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए प्रबंध किए जाएँगे। ये घटना रंगापानी इलाके में हुई है। ये ट्रेन सियालदह जा रही थी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने कहा कि ये मानवीय भूल से हुई घटना प्रतीत हो रही है, कार्गो ट्रेन के ड्राइवर की भी मौत हो गई है।

जहाँ दुर्घटना हुई, वो जगह जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। कंचनजंगा एक्सप्रेस के 4 और मालगाड़ी के 5 डब्बे इस दौरान पटरी से उतर गए थे। भारतीय रेलवे ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की मुआवजा राशि घोषित की है, वहीं गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपए व घायलों के लिए 50,000 रुपए की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुर्घटना पर दुःख जताया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

बकरों के कटने से दिक्कत नहीं, दिवाली पर ‘राम-सीता बचाने नहीं आएँगे’ कह रही थी पत्रकार तनुश्री पांडे: वायर-प्रिंट में कर चुकी हैं काम, अब शाकाहारियों पर भड़कीं

बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर तथाकथित बुद्धिजीवियों के एक वर्ग द्वारा शाकाहारियों को गाली दी जा रही है, जीव-हत्या का विरोध करने वालों को नीचा दिखाया जा रहा है। असल में नलिनी उनगर नामक एक महिला ने शाकाहारी थाली की तस्वीर डाली, जिसमें चावल और पनीर के अलावा कुछ अन्य खाद्य पदार्थ थे। उन्होंने लिखा कि उनकी थाली क्रूरता, आँसू और पाप से मुक्त है। तनुश्री पांडे को ये पसंद नहीं आया। उन्होंने इस ट्वीट पर उन्हें भला-बुरा कहना शुरू कर दिया।

तनुश्री पांडे ने लिखा, “ऐसा कुछ होगा जो बिना तुलना किए, बिना प्रतियोगिता किए और बिना दूसरों को छोटा दिखाए किया जा सकेगा? जो खाना है खाओ। मजे करो और खुश रहो। क्या ये उठा कठिन है? ईद मुबारक है आपको भी।” असल में तनुश्री पांडे को दिक्कत इस बात से है कि बकरीद पर दुनिया भर में कटने वालों लाखों बकरों के संबंध में चर्चा क्यों की जा रही है। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में बकरीद वाले दिन खून की नदियाँ बहने लगती हैं।

यहाँ ये जानना ज़रूरी है कि बकरीद के दौरान कोई भी तुलना या प्रतियोगिता न चाहने वाली तनुश्री पांडे हिन्दुओं के त्योहार दीपावली के दौरान पलट जाती हैं। उन्हें दिवाली पर अचानक पशु-पक्षियों की चिंता सताने लगती है और वो पटाखों के विरोध में उतर जाती हैं। ‘मज़े करो और खुश रहो’ वाली उनकी थ्योरी सिर्फ मुस्लिमों के त्योहारों के लिए है। उस दौरान उन्होंने लिखा था, “राम-सीता तुम्हें प्रदूषण से बचाने के लिए नहीं आएँगे। अगली बार साफ़-स्वच्छ दिवाली मनाइए।”

क्या बकरीद पर वो मुस्लिमों को ये सलाह नहीं दे सकतीं कि बिना खून वाली स्वच्छ बकरीद मनाएँ? फिर हिन्दुओं के पर्व पर ही ज्ञान क्यों उड़ेला उन्होंने और मुस्लिमों के वक्त ‘जो जैसा करता है करने दो’ वाली थ्योरी कहाँ से आ गई अचानक? अब लोग तनुश्री पांडे को याद दिला रहे हैं कि दिवाली के दौरान उन्होंने क्या कहा था। वैसे भी वो ‘द वायर’, ‘द प्रिंट’ और पूर्व वाली NDTV में काम कर चुकी हैं, इससे आप समझ सकते हैं कि वो किस तरह की ‘पत्रकार’ होंगी।

हाल ही में जम्मू कश्मीर के रियासी में शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस पर हुए हमले में बच्चों-महिलाओं समेत 10 मारे गए। तनुश्री पांडे ने इस मामले में भी आतंकवादियों की पैरवी की। उन्होंने आतंकियों को ‘विदेशी’ बताया और श्रद्धालुओं के धर्म की चर्चा तक नहीं की जिस वजह से उन्हें निशाना बनाया गया था। वो खुद फिलिस्तीनियों के लिए ‘All Eyes On Rafah’ का ट्रेंड चलाती हैं, लेकिन जब लोगों ने रियासी हमले को लेकर ये ट्रेंड चलाया तो उन्हें पसंद नहीं आया।

इसी तरह उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित लड़की के बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में उन्होंने सनसनी फैलाई थी। एक लीक हुए ऑडियो से पता चला था कि तनुश्री पांडे ने मृतका के पिता पर दबाव बनाया था कि व ये कहें कि धमकी के कारण उन्होंने जाँच से संतुष्ट होने की बात कही है। तनुश्री पांडे इसी तरह जहाँगीरपुरी में हनुमान यात्रा पर हुए हमलों को लेकर भी ‘छोटी जाति के हिन्दुओं’ को दोषी बता चुकी हैं। उन्होंने उस दौरान भी पत्थरबाजी की घटना के व्हाइटवॉश का प्रयास किया था।

ईदगाह में सुनाई पड़ी शिव मंदिर से आवाज तो भड़क गए नमाजी, माइक उतारने जुटी भीड़: दरभंगा के जमालपुर में बकरीद के दिन बवाल, पुलिस ने मामला शांत कराया

बिहार के दरभंगा जिले में बकरीद के दौरान साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ नमाज़ के दौरान शिव चर्चा का माइक बजने पर 2 पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का सामान फेंकना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी होती ही मौके पर पहुँची पुलिस ने विवाद को शांत करवाया। हालात तनावपूर्व देखते हुए गाँव में पुलिस तैनात कर दी गई है। घटना सोमवार (17 जून 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला दरभंगा के जमालपुर इलाके का है। यहाँ के एक गाँव में बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाह में जुटकर नमाज़ पढ़ रहे थे। इसी दौरान गाँव के एक शिव मंदिर में शिव चर्चा के लिए हिन्दू समुदाय के लोग जमा हुए थे। इन्होंने शिव चर्चा के लिए माइक लगा रखा था जिसका साउंड टेस्ट करने के लिए थोड़े समय के लिए इसे ऑन किया था। मंदिर पर लगे माइक की आवाज सुनकर मुस्लिम समुदाय के तमाम लोग वहाँ जमा होने लगे।

स्थानीय ग्रामीण सुशील कुमार का आरोप है कि लगभग 50 की संख्या में आए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिर पर लगा माइक खोलना शुरू कर दिया जबकि तब तक माइक खुद से ही बंद करवा दिया गया था। इस दौरान हिन्दू पक्ष ने इस हरकत का विरोध किया तो हालात तनावपूर्ण हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे का सामान फेंकना शुरू कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बिखरे सामानों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। पुलिस ने गाँव में पहुँच कर दोनों पक्षों को समझा कर शांत किया।

इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। कई अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं। दरभंगा पुलिस की अधिकारी काम्या मिश्रा भी मौके पर पहुँची। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठा कर मामले को शांत करवा दिया गया है। आगे से ऐसा न हो इसकी भी पुलिस की तरफ से सख्त हिदायत दी गई है। इस मामले की भी जाँच करवा कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

‘हमारे इलाके में हार गई TMC, इसलिए पानी की आपूर्ति बंद की’: बंगाल के कुल्टी में जल संकट, ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के आसनसोल शहर के कुल्टी इलाके के निवासियों ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने उनके इलाके में पानी की आपूर्ति बंद कर दी है। यह बंदी लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आने के बाद की गई है। निवासियों का कहना है कि इस इलाके में लोकसभा चुनाव में भाजपा को बढ़त मिली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस इलाके में लंबे समय से पानी का गंभीर संकट है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकार ने चुनावों से पहले इलाके में पानी की कमी को घटाने के लिए कई पानी के टैंकर भेजे थे। यहाँ के निवासियों ने बताया कि चुनाव परिणामों के बाद कुल्टी में भेजे जाने वाले पानी के टैंकरों की संख्या में कमी कर दी गई है। इसके साथ ही, एक दिन में पाइप से होने वाली पानी की आपूर्ति 30 मिनट से घटाकर 15-20 मिनट कर दी गई है।

मजबूर होकर कुल्टी के निवासियों ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अब आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि इलाके में जल संकट का तत्काल समाधान किया जाए। इस जल संकट को सत्तारूढ़ पार्टी TMC ने और बढ़ा दिया है। समस्या हल ना किए जाने पर पानी की कमी से पीड़ित लोगों ने आसनसोल बराकर जीटी रोड पर पेड़ गिराकर जाम लगा दिया और बैरिकेड लगा दिए।

इस दौरान भाजपा विधायक (पश्चिम बर्धमान) अजय कुमार पोद्दार भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “जल ही जीवन है। इस इलाके के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है…नतीजतन, लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। यह विरोध किसी राजनीतिक पार्टी के इशारे पर नहीं किया जा रहा है। पहले रोजाना चार पानी के टैंकर आते थे, अब यह घटकर एक रह गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “वे इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाए हैं। लोगों के घरों में पाइप लगे हैं, लेकिन पानी नहीं है। TMC इस क्षेत्र में हार गई और इसलिए उन्होंने हमारी पानी की आपूर्ति काट दी।” इस बीच, TMC ने इन आरोपों से इनकार किया है।

आसनसोल के मेयर बिधान उपाध्याय ने दावा किया, “भाजपा द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। भाजपा ने आसनसोल दक्षिण में भी अच्छा प्रदर्शन किया। तब वहाँ भी पानी बंद हो जाता। असली कारण यह है कि तूफान और बारिश ने पानी की लाइनों में समस्याएँ पैदा की हैं। लेकिन सब ठीक हो जाएगा। हमारी सरकार और नगर पालिका किसी राजनीतिक मकसद से काम नहीं करती है। भाजपा चुनाव हारने के बाद बहाने बनाने के लिए जानी जाती है। यही उनका काम है।”

TMC ने भाजपा के पक्ष में मतदान करने पर हाउसिंग सोसाइटी के बाहर कूड़ा फेंका

हाल ही में, एक ट्विटर यूजर ने जानकारी दी कि कोलकाता में एक हाउसिंग सोसाइटी के लोगों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में मतदान करने के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सरकार द्वारा दंडित किया जा रहा है। यूजर ने बताया कि सेंट्रल कोलकाता के बेलेघाटा इलाके के ‘सनराइज हाइट्स’ के बाहर कूड़ा फेंका जा रहा है, क्योंकि हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के 543 निवासियों ने TMC के खिलाफ मतदान किया था।

इसके तुरंत बाद, TMC के राज्य महासचिव नीलांजन दास ने ट्विटर पर इस घटनाक्रम की पुष्टि की। उन्होंने हाउसिंग सोसाइटी के बाहर कूड़ा फेंकने की कार्रवाई को ‘बदला लेने का अहिंसक तरीका’ करार दिया। भाजपा ने TMC की इस बेहूदी हरकत की कड़ी निंदा की है।

भाजपा ने इस मामले में कहा “TMC के राज्य महासचिव ने बेशर्मी से दावा किया कि उन्होंने कोलकाता हाउसिंग सोसायटी के सामने कूड़ा फेंक दिया, क्योंकि उन्होंने उनके खिलाफ वोट करने की हिम्मत की।” पार्टी ने कहा, “क्या यही ‘लोगों की सेवा’ करना है? शुद्ध धमकी।” सोशल मीडिया पर आक्रोश के बाद नीलांजन दास ने अपना विवादित ट्वीट हटा दिया।

निकाह करो, वरना बाप-भाई को मार देंगे… स्कूल जाने वाली हिन्दू बहनों को तमंचा दिखाकर धमकाता था राजुद्दीन और सलमान, इनकार करने पर फाड़े कपड़े: अलीगढ़ में FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में ग्रूमिंग जिहाद की साजिश का मामला सामने आया है। यहाँ राजुद्दीन और सलमान नाम के 2 युवकों पर हिन्दू धर्म की 2 सगी बहनों पर निकाह का दबाव बनाने का आरोप लगा है। कहा गया है कि आरोपित लड़के दोनों बहनों को स्कूल आते-जाते समय तमंचा दिखाकर डराते थे। वहीं जब लड़कियों ने बात नहीं मानी तो पिटाई करके उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए।

इसके अलावा पीड़ित बहनों के पिता आरोपितों के पास शिकायत लेकर गए तो उनको भी पीटा गया। फिलहाल शिकायत के आधार पर 3 आरोपित नामजद किए गए हैं जो आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस ने रविवार (16 जून 2024) को राजुद्दीन और सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपित प्रेमुद्दीन अलवी की तलाश की जा रही है।

यह मामला अलीगढ़ जिले के थानाक्षेत्र इगलास का है। यहाँ रविवार (9 जून) को पीड़ित बहनों के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनकी 2 बेटियाँ पास के ही सरकारी इंटर कॉलेज में पढ़ती हैं। स्कूल के रास्ते में वेल्डिंग का काम करने वाले राजुद्दीन की दुकान है। राजुद्दीन की बुआ का बेटा सलमान भी इसी दुकान पर काम करता है।

आरोप है कि राजुद्दीन और सलमान ने दोनों बहनों को लव जिहाद में फँसाने की कोशिश की। लड़कियों ने जब उनकी नहीं सुनी तो उन्हें धमकी दी गई कि वह उनके भाई और पिता को मार देंगे।

इसके साथ ही राजुद्दीन और सलमान के पास पीड़िताओं की कुछ तस्वीरें हैं। दोनों आरोपित ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर लड़कियों को डरा रहे हैं और खुद से निकाह न करने पर धमकी दे रहे हैं। इन्होंने पीड़िताओं के भाई को भी एक वीडियो भेज कर धमकी दी है। दावा है कि धमकी में ये आरोपित हाथों में कट्टा (तमंचा) लहरा रहे हैं। इन धमकियों से डर कर दोनों बहनें की पढ़ाई छूटने की नौबत आ गई है। ये दोनों इस साल का एग्जाम देने भी नहीं गईं।

शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि शुक्रवार (7 जून) को शाम 7 बजे दोनों बहनें कुछ खरीदारी करने इगलास बाजार गईं थीं। इसी दौरान राजुद्दीन और सलमान वहाँ पहुँच गए। ये दोनों पीड़िताओं को जबरदस्ती पकड़ कर दुकान के अंदर ले गए। यहाँ दोनों बहनों के साथ अश्लील हरकतें करने का प्रयास किया गया।

इस दौरान दोनों बहनों के कपड़े फट गए। थोड़ी देर बाद राजुद्दीन और सलमान दोनों बहनों को गंदी-गंदी गालियाँ व जान से मार डालने की धमकी देते हुए वहाँ से चले गए। लौटने एक दौरान दोनों ने लड़कियों को 1 मोबाइल फोन दिया और आगे से अपने सम्पर्क में रहने के लिए कहा।

डरी सहमी दोनों बहनों ने घर आ कर पूरी बात बताई। घटना सुन कर लड़कियों के पिता अपने बेटे के साथ राजुद्दीन की दुकान पर उलाहना ले कर गए। यहाँ उन्हें राजुद्दीन का भाई प्रेमुद्दीन मिला। प्रेमुद्दीन ने अपनी भाई की गलती सुनने के बजाय पीड़िताओं के परिजनों को ही धमकाना और गालियाँ देनी शुरू कर दी। उसने पीड़िताओं के भाई और पिता को पीटा। आसपास के लोग जमा हो गए तो आरोपित रुका। बाद में लोहे की एक सरिया से धमकाते हुए प्रेमुद्दीन अलवी ने पीड़ित बाप-बेटे को अपनी दुकान से भगा दिया।

आखिरकार पीड़िताओं के पिता ने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने राजुद्दीन, सलमान और प्रेमुद्दीन को नामजद करते हुए इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इन तीन आरोपितों पर IPC की धारा 354 (ख), 342, 504 और 506 के अलावा आईटी एक्ट के सेक्शन 67a के तहत कार्रवाई की है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। रविवार को पुलिस ने राजुद्दीन और सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

पावागढ़ की पहाड़ी पर ध्वस्त हुईं तीर्थंकरों की जो प्रतिमाएँ, उन्हें फिर से करेंगे स्थापित: गुजरात के गृह मंत्री का आश्वासन, महाकाली मंदिर ने शुरू भी कर दिया काम

गुजरात के पावागढ़ में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को ध्वस्त किए जाने का मामला गर्मा गया है। जैन समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद अब राज्य सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। गुजरात सरकार में खेल, युवा मामलों एवं सांस्कृतिक गतिविधि, एक्साइज एन्ड प्रोहिबिशन, सीमा सुरक्षा एवं जेल और गृह, पुलिस हाउसिंग व आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय सँभाल रहे हर्ष संघवी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने पावागढ़ को ऐतिहासिक स्थल बताते हुए कहा कि यहाँ की पहाड़ी पर कई जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी ट्रस्ट, संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि इस पवित्र स्थल पर जैन तीर्थंकरों की ऐतिहासिक प्रतिमाओं को ध्वस्त करे। साथ ही गुजरात के गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि जैन समाज की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचने दिया जाएगा। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की तरफ से उन्होंने ये आश्वासन दिया है।

गुजरात सरकार ने आश्वासन दिया है कि जिन प्रतिमाओं को ध्वस्त किया गया है, उन्हें पूर्ववत ही उनके स्थान पर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यहाँ तक कहा कि कुछ ही घंटों में ये काम कर लिया जाएगा। पावागढ़ पुलिस थाने के बाहर भी बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। जैन समाज का कहना है कि तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के ध्वस्तीकरण पर लगाम लगे। ‘वरोदड़ा समस्त जैन संघ’ ने जिले के DM से मिल कर भी अपनी बात रखी।

जैन समाज की ये भी माँग है कि जिनलोगों ने तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाया है उन पर कार्रवाई भी की जाए। सूरत में भी एडिशनल कलक्टर विजय रावल को जैन समाज ने ज्ञापन सौंपा। जिन प्रतिमाओं को ध्वस्त किया गया, उनमें 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ भी शामिल थे। प्रतिमाओं को न सिर्फ तोड़ा गया, बल्कि कचरे में भी फेंक दिया गया था। असल में 20 दिन पहले से ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू है। उनका कहना है कि ये मूर्तियाँ हजारों वर्ष पुरानी हैं।

असल में पावागढ़ स्थित महाकाली मंदिर वाले क्षेत्र को भी विकसित किया जा रहा है, उसी क्रम में ये सब हुआ। ‘महाकाली मंदिर ट्रस्ट’ और जैन समाज के बीच आखिरकार करार भी हो गया है। शक्तिपीठ की तरफ जाने वाले रास्ते में दादरा के दोनों तरफ इन मूर्तियों को मंदिर ट्रस्ट ने हटाया था। जैन समाज को महाकाली मंदिर में सुविधाएँ बढ़ाए जाने से दिक्कत नहीं है, उनका कहना है कि श्वेताम्बर प्रतिमाओं को फिर से लगाया जाए। अब विवाद का निपटारा होता दिख रहा है।