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कहाँ गुम हो गई फहद की बेगम स्वरा भास्कर, किन वादियों में खो गई शेहला रशीद: कभी बेगूसराय की सड़कों पर बहा था जिनका पसीना वे नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से क्यों हुए दूर

2019 के आम चुनावों के नतीजे आने के बाद नेटिजन्स ने भले ट्रोल करने के इरादे से स्वरा भास्कर को ‘पनौती’ कहा था। पर लगता है कि 2024 आते-आते गुजरे कल की इस पार्ट टाइम हिरोइन को उन्हीं लोगों ने पनौती मान लिया है, जिसके लिए कभी उन्होंने नए नए साड़ी-ब्लाउज सिलवाकर चिलचिलाती धूप में पसीना बहाने का काम किया था।

2024 आम चुनावों के 5 चरण पूरे हो चुके हैं। 25 मई को छठे और 1 जून को आखिरी चरण का मतदान होना है। 4 जून को नतीजे भी आ जाएंगे। लेकिन इस बार स्वरा भास्कर के सोशल मीडिया हैंडल्स पर पूरी तरह सन्नाटा है। इससे पता चलता है कि अबकी बार उन्हें न तो कोई अपने यहां प्रचार के लिए बुला रहा है, न उनसे समर्थन मांग रहा है।

2019 में उन्होंने जिनके लिए प्रचार किया था अथवा जिनके समर्थन की घोषणा की थी उनमें से कई इस बार भी चुनाव मैदान में हैं। लेकिन पिछली बार के कड़वे अनुभव को देख शायद इनलोगों ने ‘अनारकली ऑफ आरा’ फेम की परछाई से भी खुद को दूर कर रखा है।

दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में स्वरा भास्कर ने सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार के लिए बिहार के बेगूसराय जाकर चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने कन्हैया के लिए खूब मेहनत की थी। सिर्फ कन्हैया ही नहीं बल्कि उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के लिए भी प्रचार किया था। इसके अलावा वह राजस्थान भी गईं थी, जहाँ उन्होंने सीपीआई के उम्मीदवार आमारा राम के लिए खूब प्रचार किया था। इसके अलावा उन्होंने आम आदमी पार्टी की आतिशी और राघव चड्ढा को भी समर्थन दिया था।

स्वरा भास्कर ने जिन भी उम्मीदवार का प्रचार किया था, वह सभी चुनाव हार गए थे। इन उम्मीदवारों में से कई दोबारा लोकसभा चुनाव के मैदान में हैं। कन्हैया कुमार जहाँ पूर्वी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं तो वहीं दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के राजगढ़ से चुनाव मैदान में हैं। आमारा राम भी सीकर में चुनाव लड़ रहे हैं। लगता है इनमें से किसी ने भी उनको इस बार नहीं पूछा है। किसी ने ना उसने रोड शो करवाया है ना ही रैली।

स्वरा भास्कर चुनावी मैदान के अलावा सोशल मीडिया पर भी शांत हैं। ऑपइंडिया ने जब उनका सोशल मीडिया खंगाला तो पाया कि फेसबुक पर उनकी आखिरी पोस्ट 16 फरवरी, 2024 को की है। उन्होंने यह पोस्ट अपने निकाह के एक साल पूरे होने पर थी। उन्होंने फरवरी, 2023 में फहद अहमद से निकाह किया था और सितम्बर 2023 में उनके एक बच्ची का जन्म हुआ था। फेसबुक के अलावा जब स्वरा भास्कर का ट्विटर खंगाला गया तो भी यह साफ़ हुआ कि वह इस बार एकदम निष्क्रिय हैं।

शांत पड़ा स्वरा का सोशल मीडिया

वह मात्र दूसरों के ट्वीट रीट्वीट कर रही हैं, इनमें भी किसी उम्मीदवार के समर्थन में ट्वीट नहीं बल्कि अधिकांश गाजा-फिलिस्तीन को लेकर हैं। कुछ रीट्वीट लोकसभा चुनाव को लेकर हैं। वह स्वयं कुछ नहीं लिख रहीं। इसी तरह उनके इन्स्टाग्राम पर चुनावों को लेकर सन्नाटा है, उन्होंने राजनीति से जुड़ा आखिरी पोस्ट 17 मार्च, 2024 को किया है जो राहुल गाँधी की न्याय यात्रा को लेकर था। इसके बाद से उन्होंने चुनाव को लेकर कोई पोस्ट नहीं डाला है।

स्वरा भास्कर के अलावा JNU की छात्रनेता शेहला रशीद ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव में काफी पसीना बहाया था। वह भी अब 2024 लोकसभा चुनावों से दूर हैं। अब वह कभी श्रीनगर में लग्जरी गाड़ियाँ चलाते हुए वीडियो डालती हैं तो कभी खूबसूरत वादियों में घूमते हुए दिखती हैं।

फोन में बजी ‘जय श्री राम’ वाली रिंगटोन तो मुस्लिमों ने हिन्दू युवक को जम कर पीटा, 4 दिनों से अस्पताल में भर्ती: रिपोर्ट, महाराष्ट्र के जालना की घटना

महाराष्ट्र के जालना में एक हिन्दू युवक को मुस्लिम लड़कों ने जम कर पीटा और घायल कर दिया। हिन्दू युवक पर उसके फोन में ‘जय श्री राम’ वाली रिंगटोन होने के कारण पीटा गया। पीड़ित युवक एक होटल में बैठ कर खाना खा रहा था, इसी दौरान उसके फोन पर किसी ने कॉल किया। कॉल के कारण उसके फोन पर ‘जय श्री राम’ वाली रिंगटोन बजी। इसके बाद उस पर मुस्लिम लड़कों ने हमला कर दिया।

सुदर्शन की एक रिपोर्ट के अनुसार, विक्की नाम के इस युवा पर यह हमला जालना के पार्तुर इलाके में हुआ। उसके फोन पर कॉल आने के बाद दो मुस्लिम युवकों ने उसे मारा। मुस्लिम युवक केबिन में घुसे और उसे पीटने लगे, यह पूरी घटना CCTV में रिकॉर्ड हो गई। बताया जा रहा है कि हिन्दू युवक पर हमला करने वाले एक युवक का नाम समीर है। हिन्दू युवक हमला करने वाले कई अवैध कामों में लिप्त हैं। इस घटना के बाद हिन्दू संगठनों में गुस्सा है और वह कठोर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

हमले के कारण हिन्दू युवक को काफी गंभीर चोटें आई हैं। उसका लगातार चार दिन से इलाज चल रहा है। इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। अभी तक मामले में कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि यह पहला मौका नहीं है जब किसी हिन्दू युवक को मुस्लिमों ने ऐसे कारणों पर मारा पीटा हो।

इससे पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में मुकेश नाम के एक हिन्दू दुकानदार को मुस्लिमों ने इसलिए पीटा था क्योंकि उसकी दुकान में हनुमान चालीसा और हिन्दू भजन बज रहे थे। मुस्लिमों ने उसे इसलिए पीटा था क्योंकि वह अजान के टाइम पर हिन्दू भजन बजा रहा था। उसे चाकू मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में FIR दर्ज की गई थी और सुलेमान, शान्वाज और रोहित को मुख्य आरोपित बनाया गया था।

SRH और KKR के मैच को दहलाने की थी साजिश… आतंकियों ने 38 बार की थी भारत की यात्रा, श्रीलंका में खाई फिदायीन हमले की कसम: अहमदाबाद में रखे थे हथियार

गुजरात पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (ATS) ने सोमवार (20 मई, 2024) को अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के 4 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी आतंकी श्रीलंका से आए थे। अब पुलिस पूछताछ में इन चारों ने भारत पर आतंकी हमले की साजिश रचने की बात कबूली है। इन सभी को हमले के लिए टारगेट इनके पाकिस्तानी आका देने वाले थे। आतंकियों की निशानदेही पर पुलिस ने अहमदाबाद में रखे गए हथियार भी बरामद किए हैं। इनलोगों ने श्रीलंका में ही फिदायीन हमले की कसम खाई थी। आतंकियों के मोबाइल उपकरणों की जाँच चल रही है।

गुजरात पुलिस के DGP विकास सहाय ने मीडिया से बात करते हुए आतंकियों के मंसूबों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि चारों की गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट मिले थे। मूलतः श्रीलंका के निवासी मोहम्मद नुसरत, मोहम्मद नुफरान, मोहम्मद फारिस और मोहम्मद राजदीन नाम के आतंकी चेन्नई से अहमदाबाद ट्रेन या फ्लाइट से पहुँचने वाले थे। पुलिस ने पुष्टि के लिए कोलंबो के अधिकारियों से भी सम्पर्क साधा था। इनके अहमदाबाद पहुँचने की संभावित तारीख 18 या 19 मई को बताई गई थी। इस वजह से पुलिस अलर्ट पर भी है। UAPA के तहत कार्रवाई की जा रही है।

चेन्नई से ये चारों आतंकी इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से आए थे। इन चारों के टिकट एक ही PNR पर थे। एयरपोर्ट पर चेन्नई से आए यात्रियों की लिस्ट चेक की गई तो चारों के नाम मिलान हुए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इन आतंकियों के फोन को चेक किया। तलाशी के दौरान इनके फोन से अहमदाबाद में रखे गए हथियारों की लोकेशन पता चली। पुलिस ने लोकेशन पर दबिश दी तो वहाँ 3 पिस्टल और कुछ कारतूस बरामद हुए। इन्हे जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इन चारों आतंकियों को पाकिस्तान से लगातार निर्देश मिल रहे थे।

चारों आतंकियों की गिरफ्तारी के अगले दिन अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में IPL का मैच था। तब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीमों के साथ हजारों दर्शक भी अहमदाबाद में जमा होने वाले थे। पुलिस के अनुसार ये सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने आए थे। पाकिस्तानी हैंडलर इन्हे बताने वाला था की हमला कब और कहाँ करना है। हालाँकि अपने मंसूबों को अंजाम देने से पहले ये आतंकी गिरफ्तार कर लिए गए।

अकबर और युसूफ ने डकैती का माल मुरादाबाद में खरीदा, तमिलनाडु पुलिस बरामद करने पहुँची तो दम भर कूटा: 2 दारोगा घायल, वर्दी फाड़ी

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में डकैती का माल बरामद करने के लिए दबिश देने आई तमिलनाडु पुलिस पर हमला करने की खबर है। हमला अकबर और युसूफ की दुकानों पर तलाशी के दौरान हुआ। रविवार (19 मई 2024) को हुए हमले में 2 सब इंस्पेक्टर घायल हो गए हैं। पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई। महिला स्टाफ को भी निशाना बनाया गया। हमलावरों में महिलाएँ भी शामिल हैं।

तमिलनाडु पुलिस के साथ मौजूद UP पुलिस के जवानों को भी चोटें आईं। कुल 9 हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज करके 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु के विल्लुपुरम की रहने वाली गीता देवी के घर 6 अप्रैल 2024 को डकैती पड़ी थी। इस दौरान नकदी और ज्वैलरी लूट ली गई थी।

तमिलनाडु पुलिस ने कुछ स्थानीय डाकुओं को पकड़ा। उन्होंने बताया कि माल को UP के मुरादाबाद जिले में बेचा गया है। पड़ताल के दौरान तमिलनाडु पुलिस को पता चला कि ज्वैलरी को मुरादाबाद के पाकबड़ा इलाके में सर्राफा की दुकान वाले अकबर और युसुफ ने खरीदा है। इस सूचना पर माल बरामद करने के लिए 19 मई को तमिलनाडु पुलिस मुरादाबाद पहुँची।

तमिलनाडु पुलिस की इस टीम में सब इंस्पेक्टर आनंदरसन और पांडियन के अलावा हेड कॉन्स्टेबल महाराजन, सैयद हबीज और कॉन्स्टेबल शक्तिवेल, इब्राहिम आदि शामिल थे। इस टीम के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान भी मौजूद थे। इस पुलिस टीम में महिला स्टाफ भी शामिल थीं। यह टीम दोपहर लगभग 2:34 पर जुम्मेरात का बाजार नाम से प्रसिद्ध सर्राफा बाजार पहुँची।

पुलिस ने अकबर, युसूफ और फ़रजान के दुकानों की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान तीनों दुकानदारों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगे और पुलिस टीम को गालियाँ देते हुए धक्का-मुक्की करने लगे। इन तीनों के चिल्लाने पर भीड़ जमा होने लगी। इस भीड़ में यूनुस, अब्दुल, वसीम, हनीफ के साथ शायरा बानो, हिना परवीन आदि भी पहुँच गए।

इनके साथ आधे दर्जन अन्य अज्ञात लोग भी थे। इनमें कुछ और महिलाएँ भी शामिल हैं। इन सभी ने पुलिस से अभद्रता शुरू कर दी। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। FIR के अनुसार अकबर, युसूफ, फरजन, यूनुस, अब्दुल, वसीम, हनीफ के साथ शायरा बानो और हिना परवीन ने आधे दर्जन अन्य लोगों के साथ मिलकर पुलिस पर हमला बोल दिया।

इन सभी ने सरकारी काम में बाधा डाली। महिला पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। 2 सब इंस्पेक्टरों को चोटें आईं, जब तीसरे दरोगा की वर्दी फाड़ दी गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अतिरिक्त फ़ोर्स मँगवाई। फ़ोर्स आती देखकर हमलावर पुलिस वालों को जान से मार डालने की धमकी देते हुए भाग निकले। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने अकबर, युसूफ, फरजन, यूनुस, अब्दुल, वसीम, हनीफ के साथ शायरा बानो और हिना परवीन को नामजद करते हुए 6 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR IPC की धारा 147, 148, 332, 336, 353, 504 और 506 के तहत दर्ज की गई। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज करवाया गया।

मुरादाबाद पुलिस ने 20 मई (सोमवार) को बताया कि हमले में शामिल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपितों में फरजन, युसूफ, वसीम, यूनुस व एक अन्य हैं। बाकी आरोपित फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है। अज्ञात हमलावरों की पहचान करने की दिशा में भी पुलिस कार्रवाई जारी है।

जिस विशाल गुप्ता ने नौकरी दी, उसी का ‘सर तन से जुदा’ करने पहुँच गया मुख्तार सुलेमानी: गर्दन में ताबड़तोड़ घोंपा चाकू

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में मुख्तार सुलेमानी ने सिर तन से जुदा करने का प्रयास करते हुए विशाल गुप्ता नाम के व्यक्ति के गर्दन में चाकू घोंप दिया। दूसरे वार से खुद को बचाने के चक्कर में विशाल के हाथ का पंजा कट गया। विशाल आरोपित को ठीक से काम नहीं करने पर नसीहत देता था। इससे वह नाराज था। घटना मंगलवार (14 मई 2024) की है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना गाजीपुर के थाना क्षेत्र दिलदारनगर की है। यहाँ 17 मई को विशाल गुप्ता ने पुलिस में तहरीर दी और बताया कि वो गाजीपुर के हुसैनाबाद स्थित प्रधान ढाबा पर कारीगर का काम करते हैं। ढाबे का मालिक का नाम तौफीक है। यहाँ हेल्पर की जरूरत पड़ी तो विशाल ने गाजीपुर के ही मुख़्तार सुलेमानी को काम पर रख लिया। विशाल ने ही 3-4 दिनों तक ढाबे पर ले जाकर काम सिखाया।

ठीक से काम नहीं सीखने पर 14 मई को विशाल ने सुलेमानी को डाँट दिया। उन्होंने कहा कि अगर सुलेमानी ठीक से काम नहीं कर सकता तो बेहतर है कि वो अपने घर लौट जाए। इसके बाद से सुलेमानी ने मन में खुन्नस पाल ली। इसी रात लगभग 11:40 बजे खाना खाकर विशाल सो गया। तभी मुख़्तार सुलेमानी चाकू लेकर वहाँ पहुँचा।

सुलेमानी ने सोते हुए विशाल की गर्दन पर वार कर दिया। पहले वार से हुए घाव के बाद विशाल हड़बड़ा कर उठ गया। तब तक सुलेमानी दूसरा वार करने के लिए तैयार था। पीड़ित ने दूसरे वार से पहले सुलेमानी का चाकू पकड़ लिया। छीना-झपटी में चाकू से विशाल के हाथ का एक पंजा कट गया। तब तक आसपास मौजूद लोग वहाँ पहुँच गए।

विशाल का कहना है कि लोगों को आता देखकर मुख़्तार सुलेमानी वहाँ से भाग निकला। आनन-फानन में विशाल को स्थानीय अस्पताल पहुँचाया गया। हालात गंभीर देखकर डॉक्टरों ने विशाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। काफी खून बह जाने की वजह से विशाल की हालत गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर में विशाल का इलाज किया।

इसी ढाबे पर सुबैव खान और राजा आदि भी काम करते थे। इन्होंने विशाल को अस्पताल पहुँचाने में मदद की, लेकिन पुलिस को किसी ने सूचना नहीं दी। 17 मई को सेहत में थोड़ा सुधार होने के बाद विशाल ने खुद ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता ने मुख़्तार सुलेमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 307 के तहत FIR दर्ज की है।

गाजीपुर बजरंग दल पदाधिकारी अविनाश चौबे ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है। रविवार (19 मई 2024) को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। ऑपइंडिया ने पीड़ित विशाल से बात की। बड़ी मुश्किल से बोले गए कुछ शब्दों में विशाल ने बताया कि अब वो तौफीक के ढाबे पर काम नहीं करेंगे।

विशाल और मुख़्तार सुलेमानी एक ही मोहल्ले में रहते हैं। उन्होंने पुराना परिचय होने की वजह से सुलेमानी को अपने साथ काम करने का अवसर दिया था। मुख़्तार सुलेमानी के पास चाकू कहाँ से आया ये विशाल को नहीं पता। ढाबे के मालिक तौफीक ने शुरुआत में विशाल के इलाज का थोड़ा-बहुत खर्च उठाया। बाद में यह पूरा खर्च पीड़ित के परिजनों ने वहन करना पड़ा।

YouTube स्टार बनाने की लालच देकर हिन्दू लड़कियों को फँसाता था रिहान, 13 साल की नाबालिग को लेकर हुआ फरार: कइयों के साथ तस्वीरें-वीडियो

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रिहान नाम के एक मुस्लिम युवक पर सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दू लड़कियों को फँसाने का मामला सामने आया है। रिहान लड़कियों को यूट्यूब पर फेमस करने का लालच दिया करता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सोमवार (20 मई 2024) को आरोपित एक नाबालिग हिन्दू लड़की को लेकर फरार हो गया।

इसके बाद पीड़िता के पिता ने हिन्दू संगठन के सदस्यों के साथ मुलाकात की और थाने जाकर FIR दर्ज करवाई है। ऑपइंडिया के मौजूद FIR की कॉपी के अनुसार, शिकायत में रिहान के कुछ अन्य साथियों को भी साजिश में शामिल बताया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का दबाव बनते ही आरोपित पीड़िता को मेरठ में छोड़ कर फरार हो गया।

यह मामला मेरठ के मेडिकल कॉलेज थाना क्षेत्र का है। यहाँ 20 मई 2024 (सोमवार) को पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि सोमवार को ही दोपहर लगभग 2 बजे उनकी 13 वर्षीया बेटी दुकान से कुछ सामान खरीदने गई थी। रास्ते में उसे मेरठ के ही तारापुरी इलाके का रहने वाला रिहान मिला और बहला-फुसला कर बाइक पर बैठाकर अपने साथ कहीं ले गया।

पीड़ित परिवार ने इस साजिश में 3 अन्य लोगों को भी शामिल बताया है। ये सभी रिहान के साथी हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उन्होंने रिहान और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने IPC की धारा 363 के तहत FIR दर्ज करके रिहान और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है।

ऑपइंडिया से बातचीत में पीड़िता के मामा ने बताया कि पुलिस के दबाव के बाद बुधवार (21 मई 2024) को रिहान लड़की को मेरठ मेडिकल कॉलेज के पास छोड़कर चला गया। पीड़िता के मामा ने यह भी बताया कि रिहान उनकी भांजी को लेकर मेरठ में ही कहीं छिपाकर रखा था। उन्होंने कहा कि रिहान ने परिजनों को फोन करके उसके दोस्तों पर कार्रवाई नहीं करने की हिदायत दी है।

पीड़िता के मामा ने बताया कि रिहान के अब्बा एक आरा मशीन पर लकड़ी चीरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि रिहान कोई काम नहीं करता है। वह दिन भर हिन्दू लड़कियों को टारगेट करता रहता है। पीड़िता अपनी रिश्तेदारी में मेरठ के तारापुरी इलाके में जाया करती थी। यहीं पर उसकी जान-पहचान रिहान से हुई थी। कुछ ही दिनों में रिहान ने पीडिता को अपने प्रेम के जाल में फँसा लिया था।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में रिहान का नाम जीशान बताया जा रहा है। इन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीशान हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें अपने प्यार के जाल में फँसाता है। इन लड़कियों को वह यूट्यूब पर फेमस कर देने का लालच दिया करता था। अभी कई हिन्दू लड़कियों उसके चंगुल में फँसी हुई हैं। जीशान उर्फ़ रिहान की कई लड़कियों के साथ तस्वीरें और वीडियो भी मौजूद हैं।

रिहान जिस किराए के मकान में कमरा लेकर रहा था, वहाँ से वो भाग चुका है। जिस पीड़िता को आरोपित लेकर फरार हुआ था, उसके साथ भी रिहान की एक वीडियो है। यह वीडियो उसने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसी माह 7 मई को अपलोड की थी। हिन्दू संगठनों ने इसे लव जिहाद बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

‘खुद को बताते हैं दिल्ली का भाई-बेटा, स्वाति मालीवाल से दुर्व्यवहार करने वालों पर करें कार्रवाई’: निर्भया की माँ ने दिल्ली CM की चुप्पी पर उठाए सवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ दुर्व्यवहार के मामले में अब निर्भया की माँ का बयान आया है। याद दिला दें कि 2012 में दिल्ली की एक बस में निर्भया (बदला हुआ नाम) के सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया था। कई दिनों तक जूझने के बाद निर्भया की मौत हो गई थी। इस गैंगरेप की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर नए कानून बने।

निर्भया की माँ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पूरी दिल्ली के CM हैं और पूरी जनता का उन पर विश्वास है, ऐसे में उन्हें इस मामले को लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। निर्भया की माँ ने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल खुद कहते हैं कि वो दिल्ली के भाई और बेटे हैं। उन्होंने कहा कि भाई और बेटे के नाते अरविंद केजरीवाल को इस पर बोलना चाहिए, जिसने भी गलत किया है उस पर कार्रवाई करते हुए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल का समर्थन करना चाहिए।

निर्भया की माँ ने याद दिलाया कि स्वाति मालीवाल ने 8-10 साल अरविंद केजरीवाल के साथ महिलाओं के लिए काम किया। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल की वजह से कई महिलाओं को न्याय मिला। निर्भया की माँ ने कहा कि वो खुद कई बार स्वाति मालीवाल से मिल चुकी हैं और कई महिलाओं की मदद को लेकर उन्होंने केस दर्ज करवाए हैं। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल को न्याय दिलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल को एक्शन लेना चाहिए।

स्वाति मालीवाल की माँ आशा देवी ने कहा कि स्वाति मालीवाल के साथ बहुत गलत हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जेल मैन्युअल में भी महिलाओं के अधिकारों को नहीं दिखाया गया है। उन्होंने इस पर भी आपत्ति जताई कि बलात्कार के मामलों में फाँसी की सज़ा सुनाए जाने के बावजूद इसकी तालीम नहीं हो पाती है। वहीं उधर AAP ने स्वाति मालीवाल पर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप लगा दिया है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल के PA विभव कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी हुए हैं जितने भी OBC सर्टिफिकेट, सभी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कर दिया रद्द : ममता सरकार को बड़ा झटका

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार (22 मई 2024) को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद से अब तक जारी किए गए करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। अब नौकरी के आवेदन में भी ओबीसी सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किए जाएँगे। हालाँकि, हाई कोर्ट ने कहा कि इस फैसले का असर उन लोगों पर नहीं पड़ेगा जो पहले से ही इस सर्टिफिकेट से लाभ उठा रहे हैं और उन्हें मौका मिल चुका है। इस आदेश के साथ ही टीएमसी सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए लगभग पाँच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए हैं।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। पिछड़े वर्गों की सूची 1993 के नए अधिनियम के अनुसार तैयार की जानी है। सूची पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा तैयार की जाएगी। जो लोग 2010 से पहले ओबीसी सूची में थे वे बने रहेंगे। हालाँकि, 2010 के बाद ओबीसी नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। 2010 के बाद जिन लोगों के पास ओबीसी कोटे के तहत नौकरियाँ हैं या मिलने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें कोटे से बाहर नहीं किया जा सकता। उनकी नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस राजशेखर मंथर की बेंच ने कहा कि राज्य में 2011 से ही बिना किसी मानक प्रक्रिया का पालन किए ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि इस तरह से प्रमाण पत्र जारी करना असंवैधानिक है और पिछड़ा वर्ग आयोग की सलाह का पालन किए बिना किया गया है, इसलिए उन सभी प्रमाण पत्रों को रद्द किया जाता है। हालाँकि, अदालत ने कहा कि इस अवधि के दौरान जारी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वालों पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा।

महाभारत, चाणक्य, मराठा, संत तिरुवल्लुवर… सबसे सीखेगी भारतीय सेना, प्राचीन ज्ञान से समृद्ध होगा भारत का रक्षा क्षेत्र: जानिए क्या है ‘प्रोजेक्ट उद्भव’

भारत के इतिहास में कई वीर गाथाएँ हैं, युद्ध की रणनीतियाँ हैं और एक से बढ़ कर एक कहानियाँ हैं जिनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। अब भारतीय सेना भी हमारे देश के इतिहास से सीखेगी। सेना प्रमुख मनोज पांडे ने बताया है कि न सिर्फ महाभारत, बल्कि रक्षा क्षेत्र में हमारे दृष्टिकोण और धार देने के लिए इतिहास में जो हमारे योद्धा रहे हैं उनकी रणनीतियों से भी भारतीय सेना सीखेगी। इसके लिए ‘प्रोजेक्ट उद्भव’ लॉन्च किया गया है। 2023 से ही इस पर काम चालू हो गया था।

प्राचीन के प्राचीन वेदों, पुराणों, उपनिषदों और चाणक्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र से भी भारतीय सेना के जवान सीखेंगे। गहराई में उतर कर इनमें शामिल प्रासंगिक विषयों का अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय एवं पश्चिमी विद्वानों के बीच जो तथ्यात्मक बौद्धिक विमर्श होता रहा है, उसमें समानताओं को खोज कर उसका भी अध्ययन किया जाएगा। ‘हिस्टोरिक पैटर्न इन इंडियन स्ट्रैटेजिक कल्चर’ समारोह में सेना प्रमुख ने मंगलवार (21 मई, 2024) को ये जानकारी दी।

‘प्रोजेक्ट उद्भव’ के माध्यम से स्वदेशी विमर्श को बल मिलेगा। भारत के इतिहास में जो हमारी रणनीतिक उपलब्धियाँ हैं, उसे हमारी आधुनिक सैन्य क्षमता से जोड़ा जाएगा और इससे हमारा रक्षा क्षेत्र मजबूत होगा। इसके जरिए हमारे जवानों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। मनोज पांडे ने कहा कि हमारे ये साहित्य वो विभिन्न राज्यों के संबंधों, धार्मिकता एवं नैतिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। महाभारत के दौरान हुए कई युद्धों में भी गहराई से घुस कर उसका अध्ययन किया जाएगा।

मौर्य, गुप्त और मराठा काल में भी भारत ने कई युद्धों में जीत अपने नाम की। सेना प्रमुख मनोज पांडे का मानना है कि भारत की सैन्य विरासत को आकार देने में इन सबका योगदान है, ऐसे में ये ज़रूरी है कि इनसे सीखा जाए। रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल जानकारी दी कि ‘प्रोजेक्ट उद्भव’ को एक रणनीतिक शब्दावली और वैचारिक ढाँचे को बुनने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो भारत की दार्शनिक और सांस्कृतिक विरासत में गहराई से अंतर्निहित है।

साथ ही भारतीय एवं पश्चिमी देशों के विद्वानों के विचारों, दृष्टिकोण और सोच को लेकर जो समानताएँ हैं, उन्हें समझने में भी मदद मिलेगी। भारत की जनजातीय परंपराओं, मराठा सैन्य विरासत और खासकर महिलाओं के जो वीरतापूर्ण कारनामे हैं उनका अध्ययन कर नए क्षेत्रों में अन्वेषण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे नागरिकों और भारतीय सेना के बीच परस्पर संयोग व संपर्क को सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी। राष्ट्र को एक रूप में देखने का दृष्टिकोण मजबूत होगा।

न सिर्फ भारतीय इतिहास की रक्षा-प्रणाली, बल्कि उनके प्रशासन को लेकर भी हमारे जवानों में समझ विकसित होगी और इसका इस्तेमाल वो आधुनिक युग के हिसाब से करेंगे। जनरल मनोज पांडे का कहना है कि इससे अकादमिक लोगों, विद्वानों, कामकाजी लोगों और सैन्य विशेषज्ञों के बीच परस्पर सहयोग की भावना विकसित होगी। प्राचीन भारत के अध्ययन को लेकर हमारे प्रयासों को व्यापकता भी इस प्रयास से प्राप्त होगी, भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को भी बल मिलेगा।

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा, “जैसे-जैसे हम अपनी सैन्य विरासत के बारे में और अधिक पता करते हैं, हमें समझ आता है कि ऐसी परियोजनाएँ शुरू करना एक सतत प्रयास है। युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों के व्यापक अनुभव, बलिदान और विजय, हमारी रणनीतिक संस्कृति को आकार देते रहेंगे। मुझे विश्वास है कि ‘प्रोजेक्ट उद्भव’ के रूप में परियोजना के निष्कर्षों से देश के ऐतिहासिक सैन्य ज्ञान से अंतर्दृष्टि प्राप्त करके भारतीय सशस्त्र बलों को प्रगतिशील और भविष्य के लिए तैयार रहने में लाभ मिलेगा।”

बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2023 में ‘प्रोजेक्ट उद्भव’ को लॉन्च करते हुए कहा था कि इससे ‘भारतीयकरण’ में मदद मिलेगी। न सिर्फ वेदों-पुराणों, बल्कि कामंदकीय नीतिसार और तमिल संत तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का भी अध्ययन किया जाएगा। मोदी सरकार हर क्षेत्र के स्वदेशीकरण पर बल दे रही है, अब भारतीय सेना भी इसका हिस्सा है। भारत एक अति प्राचीन सभ्यता है, ऐसे में इतिहास में खँगाल कर ग्रहण करने को काफी कुछ है।

और भारत ही क्यों, बाहर के देश भी इसका लाभ उठा रहे हैं। पेन्सिलवेनिया स्थित ‘यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी वॉर कॉलेज’ में चाणक्य की रणनीति पढ़ाई जाती है। वियतनाम ने अमेरिका को खदेड़ने के लिए महाराणा प्रताप से प्रेरणा ली। पीएम मोदी बात करते रहे हैं कि कैसे मराठाओं ने अपनी नौसेना के जरिए विजय अभियान चलाया। दक्षिण भारत में राजेंद्र चोल जैसे योद्धा रहे। महाभारत काल में चक्रव्यूह रचना से लेकर श्रीकृष्ण की कई रणनीतियाँ हैं। अवश्य ही इन सबसे भारतीय सेना को लाभ मिलेगा।

हाल ही में आपने देखा होगा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा कश्मीर में लगाई गई और भारतीय सेना ने इसमें सक्रियता से हिस्सा लिया। भारत के उत्तरी हिस्से में भारत के पश्चिमी हिस्से में स्थित राज्य के प्राचीन योद्धा प्रेरणा देंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भारत में स्वदेशी जहाजों के निर्माण पर बल दिया, नौसेना बनाई और गुरिल्ला युद्ध की महत्ता को समझा। उन्होंने कई नौसैनिक बेस बनाए। उन्होंने अपने किलों को रणनीति के हिसाब से सेट किया, उन किलों की रक्षा व्यवस्था भी तगड़ी होती थी।

जातिवाद, सांप्रदायिकता, परिवारवाद… PM मोदी ने देश को INDI गठबंधन की 3 बीमारियों से किया आगाह, कहा- ये कैंसर से भी अधिक विनाशक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने मंच से कॉन्ग्रेस और सपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बात सुनती है, तो कॉन्ग्रेस-सपा वाले भारत को डराने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस-सपा बुरी तरह हार रही हैं और हारने वालों को कोई वोट नहीं देता। पीएम मोदी ने कहा कि मोदी घर-घर पानी पहुँचा रहा है, सपा-कॉन्ग्रेस वाले आपके घर की पानी की टोंटी भी खोल कर ले जाएंगे और इसमें तो इनकी महारत है।”

श्रावस्ती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत आज दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आज भारत का कद बढ़ा है, सम्मान बढ़ा है। भारत अब वैश्विक मंचों पर बोलता है, तो दुनिया सुनती है। भारत फैसले लेता है, तो दुनिया साथ चलती है। पाकिस्तान तो पस्त पड़ गया है, लेकिन उसके हमदर्द सपा-कॉन्ग्रेस वाले अब भारत को डराने में जुटे हैं। ये लोग कहते हैं, पाकिस्तान से डरो, उसके पास एटम बम है। क्यों डरे भारत? आज भारत में कॉन्ग्रेस की कमजोर सरकार नहीं है, मोदी की मजबूत सरकार है। भारत आज घर में घुसकर मारता है।”

पीएम मोदी ने कहा, “जिन लोगों ने 60 साल तक कुछ नहीं किया, वो मोदी को रोकने के लिए एक हो गए हैं। यूपी में दो लड़कों की जोड़ी फिर से लॉन्च हुई है। वही पुरानी फ्लॉप फिल्म, वही पुराने किरदार, वही पुराने डायलॉग। पूरा चुनाव खत्म होने को है, लेकिन एक भी नई बात इन लोगों के मुँह से आपने सुनी क्या? देश को आगे कैसे ले जाएंगे, विकास का विजन क्या है, अर्थव्यवस्था को लेकर क्या प्लान है? दोनों शहजादों ने एक बार भी भरोसेमंद बात नहीं कही।”

श्रावस्ती में पीएम मोदी ने कहा, “मोदी ने 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए, अब सपा-कॉन्ग्रेस वाले सब पलटने का निर्णय कर चुके हैं, मतलब इन 4 करोड़ घरों की चाबी आपसे ले लेंगे, मकान छीन लेंगे और अपने वोट बैंक को दे देंगे। मोदी ने 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों के जनधन खाते खुलवाए, ये आपका बैंक खाता बंद कर देंगे और पैसे छीन लेंगे। मोदी ने हर गाँव में बिजली पहुँचाई, ये बिजली कनेक्शन कटवा कर फिर अंधेरा कर देंगे। मोदी घर-घर पानी पहुँचा रहा है, सपा-कॉन्ग्रेस वाले आपके घर की पानी की टोंटी भी खोल कर ले जाएँगे और इसमें तो इनकी महारत है।”

पीएम मोदी ने मंच से कहा कि हमारा श्रावस्ती इतनी ऐतिहासिक और पौराणिक जगह है, जहाँ पूरे देश से पर्यटक आना चाहते हैं। पहले इतने समय सपा-बसपा-कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने श्रावस्ती के विकास के बारे में नहीं सोचा। इन्हें न श्रावस्ती के विकास की चिंता थी, न ही देश के विरासत की फिक्र थी। हमारी सरकार श्रावस्ती को देश के नक्शे पर अलग पहचान देने के लिए काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मोदी किसी शाही खानदान से नहीं आया है। मैं इन्हीं माताओं जैसी गरीब माँ का बेटा हूँ।’ पीएम मोदी ने कहा कि मुझे किसी के लिए कुछ कमाना नहीं है, लेकिन मैं अपने देश को इतना मजबूत बनाना चाहता ​हूं कि परिवारवादी पार्टियाँ फिर से देश को बदहाल न कर सकें। इसके लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली और लखनऊ के शहजादे 4 जून को ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने वाले हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा-कॉन्ग्रेस को सिरे से खारिज कर दिया है। श्रावस्ती में अपनों के बीच आकर बेहद उत्साहित हूँ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इंडी गठबंधन में कैंसर से बुरी बीमारियाँ हैं। ये फैलते फैलते पूरे हिंदुस्तान को तबाह कर देंगी। इंडी गठबंधन में तीन भयंकर बीमारियाँ हैं, जिससे देश को सावधान रहना जरूरी है। इंडी गठबंधन वालों की सबसे बड़ी बीमारी है कि ये लोग घोर साम्प्रदायिक हैं, ये घोर जातिवादी हैं और ये घोर परिवार वादी हैं। ये तीनों बीमारियाँ देश के लिए कैंसर से भी ज्यादा विनाशक बन सकती है।”

श्रावस्ती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये उत्साह साफ-साफ बता रहा है कि सपा और कॉन्ग्रेस का INDI गठबंधन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पूरा देश एक ही बात कह रहा है कि फिर एक बार मोदी सरकार।”

सपा-कॉन्ग्रेस को मिलने वाला वोट निरर्थक है। आपका वोट बेकार हो जाए, ये यहाँ का कोई मतदाता नहीं चाहेगा। आपका वोट उसको पड़ना चाहिए, जिसको आप सरकार बनाने के लिए देना चाहते हैं, जिसकी सरकार बनने की गारंटी है।

इस दौरान उन्होंने कहा, “कल मैं एक वीडियो देख रहा था, जिसमें लोग भाग-भाग कर मंच पर चढ़ रहे थे, तो मैंने पूछा भाई, ये हुड़दंग क्यों चल रहा है?… तो उन्होंने बताया कि सपा कांग्रेस वाले रैली में लोगों को लाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट देते हैं, प्रति व्यक्ति पैसे देते हैं, लेकिन इन्होंने पैसा दिया नहीं, तो लोग भागकर मंच पर चढ़ गए। अब जिस पार्टी का ये हाल हो, वो आपका भला कैसे कर सकती है।”

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2014 के लिए 7 चरणों में मतदान कराया जा रहा है। अभी तक 5 चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है। अब 25 मई और 1 जून को छठें और सातवें दौर का मतदान कराया जाएगा। नतीजे 4 जून को आएँगे।