एक सर्च ऑपरेशन के दौरान CRPF की 45वीं बटालियन पर आतंकियों ने गोली चलाई थी। बकौल चेतन चीता, उनके पास बच कर निकलने का मौका था, लेकिन उन्होंने गोलियों का सामना करना उचित समझा।
विश्वेन्द्र सिंह द्वारा जैसे ही गहलोत खेमे से समझौते की खबर आई, उनके घर में भी कलह शुरू हो गई। बेटे के हमले के बाद उन्हें पायलट से मुलाकात करनी पड़ी। गहलोत कैम्प भी सक्रिय हो गया है और दंड-भेद से विधायकों को तोड़ा जा रहा है।
प्रफुल पटेल लक्षद्वीप को एक सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान बनाने के लिए कुछ सुधार कानून लेकर आए हैं, जिससे वहाँ पर्यटन को पुनः स्थापित करने में मदद मिलेगी।
जब कुछ लुटेरे गिरफ्तार हुए तो फरीदाबाद पुलिस ने लिखा, "कहता है फ़ैज़, इम्मी और आदिल कि लॉकडाउन में धंधा मंदा था इसीलिए लूट-लूट खेल रहे थे। असल में इन तीनों की बुद्धि मंद थी। पुलिस ने सीटी बजा दी है।