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आतंकी नवीद बाबू, कश्मीरी पत्थरबाजों का गैंग, आतंकियों को हथियार: NIA को मिले महबूबा मुफ्ती और PDP के तार

NIA ने बताया है कि महबूबा मुफ्ती का सहयोगी वहीद उर रहमान पारा कश्मीर में पत्थरबाजों का गैंग चलाता था। आतंकियों के लिए हथियारों का भी इंतजाम करता था।

सहेली सबीना ही जान की दुश्मन, सराय काले खाँ में दलितों पर हमले की साजिश उसी की: पुलिस को 3 और की तलाश

बस्ती के लोगों ने कहा कि वो प्रशासन से माँग करते हैं कि सुलेमान की बेटी सबीना सहित सभी हमलावरों को सजा हो। सबीना ने ही बस्ती में खून की होली खेलने की धमकी दी थी।

‘ट्रांसफर-पोस्टिंग का बड़ा रैकेट… उद्धव, आदित्य, पवार का नाम लिया दलालों ने’: महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ तीसरा ‘लेटर बम’

परमबीर सिंह और संजय पांडे के बाद अब स्टेट इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला के एक पत्र को लेकर 'महा विकास अघाड़ी (MVA)' सरकार कटघरे में!

राजस्थान में गाय-गोशाला के नाम पर फर्जीवाड़ा: 1 भी गाय नहीं पर सरकार ने दिए करोड़ों, गुल रोशन जैसे नाम भी

कहीं एक भी गाय नहीं तो कहीं गायों की संख्या में भारी कमी। कहीं गोवंश के लिए शेल्टर नहीं। फिर भी राजस्थान सरकार से गाय के नाम पर मिल रहे थे अनुदान।

‘कमरे में बुलाया और कहा समझौता करना पड़ेगा’: अंकिता लोखंडे ने बताया- फिल्म के बदले प्रोड्यूसर के साथ सोने की थी शर्त

अंकित लोखंडे ने एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच, सुशांत सिंह राजपूत से ब्रेकअप पर खुलकर बात की है।

‘जब हीरो गुप्तांग दिखाते थे तो तुम क्या करती थी’: रश्मि ही नहीं, कंगना के लिए भी घृणा दिखा चुका है हिंदूफोबिक अभिजीत सरकार

हिंदू पहचान के लिए रश्मि सामंत को निशाना बनाने वाला ऑक्सफोर्ड का फैकल्टी मेंबर डॉ. अभिजीत सरकार कंगना रनौत के लिए भी घृणा दिखा चुका है।

जिस हत्यारे को ‘गोरा’ बता छाती कूट रहे थे लिबरल, वह 21 साल का अहमद निकला तो छाई खामोशी: सुपरमार्केट फायरिंग में 10 की...

हमलावर की पहचान सार्वजनिक होने के बाद न केवल लिबरल गैंग ने चुप्पी साध ली, बल्कि उसका फेसबुक अकाउंट भी हाइड बता रहा है।

सराय काले खाँ के पीड़ित दलित परिवार के समर्थन में आए कपिल मिश्रा: देंगे ₹5 लाख की मदद, बाकी को 21-21 हजार

दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने सुमित के माता-पिता से बात की है। उन्होंने उनको आर्थिक और सामाजिक रूप से सहयोग का आश्वासन दिया है।

2012 से 2021: हिंदुओं की दुखद दास्ताँ, जब 12 बार इस्लामी आतंकियों ने बांग्लादेश में बनाया इन्हें निशाना

बांग्लादेश में हिंदुओं की दुखद दास्तां 1947 के नरसंहार के साथ शुरू हुई थी। लगभग 1 करोड़ 13 लाख हिंदू बांग्लादेश छोड़ चुके हैं।

डर का माहौल! भारत के सबसे ‘ईमानदार’ पत्रकार 3 दिन से कहाँ गायब? क्या यह चुप्पी ही है आज का शो

रेडियो चुप है। कोई ब्लैक स्क्रीन नहीं है। कहीं पेंट हुए चेहरे नहीं हैं और कोई मीम नहीं है। सिर्फ़ चुप्पी है। यही चुप्पी तुम्हारे रक्षक की हकीकत है। ये चुप्पी ही आज का शो है।

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