Homeदेश-समाजसराय काले खाँ के पीड़ित दलित परिवार के समर्थन में आए कपिल मिश्रा: देंगे...

सराय काले खाँ के पीड़ित दलित परिवार के समर्थन में आए कपिल मिश्रा: देंगे ₹5 लाख की मदद, बाकी को 21-21 हजार

“मैंने अभी दिल्ली के सराय काले खाँ में पीड़ित बाल्मीकि परिवार के माता पिता से बात की। हम प्रेम विवाह करने वाले सुमित और खुशी को ₹5 लाख की मदद देंगे। वाल्मीकि मोहल्ले में जिन भी लड़कों की बाइक तोड़ी गई है उनको ₹21-21 हजार देंगे। मदद का कैंपेन कल सुबह शुरू करेंगे।”

दिल्ली के सराय काले खाँ में एक दलित हिन्दू युवक ने एक मुस्लिम लड़की से शादी की, जिसके बाद दलित युवक सुमित के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार (मार्च 20, 2021) रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया था। 50 से अधिक की संख्या में बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं की कुल तीन गलियों को निशाना बनाया और तलवार लाठी डंडे और पत्थरों के साथ जमकर हमला कर दिया। 30 से ज्यादा गाड़ियों/ बाइक को भी तहस-नहस कर दिया

अब दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने सुमित के माता-पिता से बात की है। उन्होंने उनको आर्थिक और सामाजिक रूप से सहयोग का आश्वासन दिया है। कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में सुमित के माता-पिता के साथ हुई बात-चीत की रिकॉर्डिंग भी शेयर किया है, जिसमें वो उन्हें सहयोग देने की बात कहते हुए नजर आते हैं।

कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “मैंने अभी दिल्ली के सराय काले खाँ में पीड़ित बाल्मीकि परिवार के माता पिता से बात की। हम प्रेम विवाह करने वाले सुमित और खुशी को ₹5 लाख की मदद देंगे। वाल्मीकि मोहल्ले में जिन भी लड़कों की बाइक तोड़ी गई है उनको ₹21-21 हजार देंगे। मदद का कैंपेन कल सुबह शुरू करेंगे।”

गौरतलब है कि शादीशुदा जोड़े ने वीडियो जारी कर सुरक्षा की माँग की है। 22 वर्षीय युवक ने कहा कि उन्होंने मार्च 17 को अपनी मर्जी से शादी की है और लड़की भी बालिग है। युवक और युवती ने वीडियो जारी करके सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि गली तहस-नहस कर दी गई है और धारदार हथियारों से किए गए वार में कई लोग घायल भी हुए हैं। युवक ने बताया कि उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है और ऐसी ही धमकियाँ उसे भी लगातार मिल रही है। युवक ने परिवार और खुद के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई।

बता दें कि मुस्लिम भीड़ ने बस्ती में हमला करके ईंट-पत्थर चलाए व चाकू-तलवार, लाठी-रॉड न जाने किन-किन हथियारों से हमला किया। मगर जब बस्ती के हिन्दुओं ने एकजुट होकर उनका प्रतिरोध किया तो वो भाग खड़े हुए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -