प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजघाट जाकर महात्मा गाँधी को, विजयघाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
"..अपनी बेटी को PM पद के लिए तैयार किया जाना था, फिर मोरारजी देसाई और जगजीवन राम – दो महत्वाकांक्षी, सक्षम और प्रभावशाली प्रतिद्वंद्वियों को हटाना, और अंत में.."
जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।
हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?
1942 में आज़ाद हिन्द रेडियो के एक प्रसारण से नेताजी द्वारा 'ब्लस्टर ब्लफ कॉर्पोरेशन' का तमगा BBC को मिला, अर्थात धमकियाँ देकर ठगी करने वालों का समूह। तब परिस्थितियाँ कुछ और थी अब कुछ और हैं।