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जम्मू-कश्मीर: अब तक 3.7 लाख लोगों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट, अरसे से बाट जोह रहे थे वाल्मीकि

जम्मू-कश्मीर में बीते हफ्ते तक करीब 3.7 लाख लोगों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिया गया था। 22 जून से इसकी प्रक्रिया शुरू हुई थी।

‘धर्म विशेष से डर के कारण यह मकान बिकाऊ है’: दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों में हिंदुओं के घरों पर पोस्टर

फरवरी में दिल्ली के जिन इलाकों में दंगे हुए थे, वहाँ के हिंदू अब डर की वजह से घर बेचकर जाने को मजबूर हैं।

‘हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है’: राम मंदिर आंदोलन की एक साध्वी जिसे तोड़ नहीं पाई दिग्विजय की पुलिस

ये साध्वी ऋतम्भरा ही थीं, जिन्होंने कहा, "हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।" जिनमें खुलकर यह कहने का साहस था, "महाकाल बनकर दुश्मन से टकराएँगे, जहॉं बनी है मस्जिद, मंदिर वहीं बनाएँगे।"

जय श्रीराम उन्माद का नारा, मुस्लिमों पर हमले के लिए इस्तेमाल: हिंदू घृणा से लबालब ​विकिपीडिया

हिंदूघृणा ही विकिपीडिया का असली चेहरा है। यह किसी छिपा नहीं। इसी कड़ी में भूमि पूजन से पहले जय श्रीराम के नारे पर उसका प्रोपेगेंडा शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: अजीत भारती का विश्लेषण | Ajeet Bharti on NEP 2020

IIT से लेकर डीयू तक में अलग-अलग समस्याएँ हैं। बच्चे स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षा ग्रहण करते हुए भी केवल रट्टा मारकर उत्तीर्ण होना चाहते हैं।

उधम सिंह: जलियाँवाला बाग नरसंहार की आग में 21 साल तक जले, फिर एक दिन ऐसे उतारा डायर को मौत के घाट

13 अप्रैल 1919 के जलियाँवाला बाग नरसंहार को भला कौन भूल सकता है? इस नरसंहार के प्रतिशोध में 21 साल जलने वाले उधम सिंह की कहानी।

रवीश जी, आपका हर शो चुटकुला ही है, फिर कॉमेडी के लिए इतना परिश्रम काहे भाई!

भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।

एक नारे से क्या होता है? ‘राम लला हम आएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे’ भी एक नारा ही था…

कई लोग अगस्त में ही दीपावली मानाने की तैयारी में भी दिखते हैं। वैसे इससे हमें दूसरा वाला नारा - काशी-मथुरा बाकी है, याद आ जाता है, मगर उससे दीयों के बजाए कुछ और ही जलने लगेगा! नहीं?

5 अगस्त राम मंदिर भूमि पूजन-शिलान्यास का दिन ही नहीं बल्कि एक नए युग की शुरुआत है, यह युग है रामराज्य का: योगी आदित्यनाथ

इस पावन घड़ी की प्रतीक्षा करते हुए पीढ़ियाँ ख़त्म हो गईं। राम के नाम में आस्था रखने वालों ने 5 शताब्दी तक इस अवसर की प्रतीक्षा की।

‘जस्टिस लोया की मौत पर राजदीप और उसकी बीवी बने थे ‘जज’, सुशांत की मौत को बताया सर्कस’: लोगों ने याद दिलाए ‘वो दिन’

राजदीप सरदेसाई का दावा है कि सुशांत सिंह राजपूत के CA ने सुशांत सिंह के परिवार द्वारा लगाए गए पैसों के हेरफेर और पैसे ऐंठने के दावे गलत और झूठे हैं।

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