2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।
आखिर साहिल परवेज ने तीन बार में तीन अलग-अलग बातें क्यों बोलीं? उसके पिता की हत्या घर के गेट के पास हुई या फिर बाबू राम चौक पर? उसे अस्पताल ले जाने वाला नितेश कौन है? साहिल अपने पिता को स्कूटी पर ले गया था, या उसका दोस्त शाहरुख?
इंडिया टुडे के पत्रकार अशरफ वानी ने केवल ऐसी मौत का दावा ही नहीं किया जो असल में हुई नहीं है बल्कि भारतीय सेना के खिलाफ एक फेक नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास भी किया है।
ऋचा दुबे पर अपने पति के साथ आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है। इसके साथ ही वह विकास दुबे के सभी कारनामों में बढ़-चढ़कर साथ देती थी। कानपुर में हुए वारदात की जानकारी भी ऋचा को पहले से ही थी।