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‘सत्ता के लालच से कॉन्ग्रेस का वर्तमान धूमिल’ – बोस, जिन्होंने गाँधी-नेहरू को छोड़ फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की

कॉन्ग्रेसी नेता सत्ता लोलुप हो चुके थे। बोस ने इस कारण त्याग पत्र दे दिया और फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की। 1947 से 4 साल पहले ही देश को आजाद...

‘अल्लाह आजादी के लड़ाकों को ताकत दे’: पाकिस्तानियों ने हंदवाड़ा मुठभेड़ का मनाया जश्न, ऑफिसर समेत 4 वीरगति को प्राप्त

हंदवारा में आतंकियों से मुठभेड़ में देश की सुरक्षा करते हुए 2 अधिकारी सहित 4 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। पाकिस्तानी इस पर जश्न मनाते हुए...

श्रमिक ट्रेन में मजूदरों से किराया, लालू ने चलाई थी मुफ्त रेल: रवीश कुमार ने शेयर की ‘द हिन्दू’ की फेक न्यूज़

रवीश कुमार ने फेक न्यूज़ शेयर करते हुए कहा कि श्रमिक ट्रेन में मजूदरों से किराया लिया जाएगा जबकि लालू यादव ने मुफ्त में रेल चला कर...

ओवैसी के पार्षद मुर्तजा ने पत्रकार अमीश देवगन को दी धमकी, पुलिस के साथ कर चुका है बदसलूकी

ओवैसी की पार्टी AIMIM के पार्षद मुर्तजा ने अब पत्रकार अमीश देवगन को धमकी दी है। पहले उसने पुलिस के साथ बदसलूकी की थी।

बंगाल: कोरोना+ को भर्ती करने से अस्पतालों का इनकार, मौत के बाद परिजन ने खोली ममता बनर्जी सरकार की पोल

अस्पतालों ने सरकार के आदेश की बात करते हुए एडमिट करने से इनकार कर दिया। आखिर में जहाँ भर्ती किया गया, वहाँ इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं ​थी।

दिल्ली: गरीबों को AAP विधायक ने टरकाया, चुनाव हारने वाले तजिंदर बग्गा ने राशन का किया इंतजाम

लॉकडाउन में गरीबों की मदद की बजाए हरि नगर की विधायक से राजकुमार ढिल्लों ने कहा कि राशन है ही नहीं तो कहाँ से दे दें?

तेजस्वी सूर्या के ट्वीट पर छाती पीटते लिबरलों को क्यों खटक रहे भारत-अरब के मैत्रीपूर्ण रिश्ते

तेजस्वी सूर्या प्रसंग में वामपंथी और कट्टरपंथी जमात एक हो गए। ऐसे प्रतिक्रिया कर रहे हैं जैसे वे भारतीय ना होकर सऊदी अरब के एजेन्ट हों।

मजदूरों से ज्यादा किराया वसूल रही है मोदी सरकार: श्रमिक एक्सप्रेस को लेकर पत्रकार रोहिणी सिंह ने फैलाया झूठ

पत्रकार रोहिणी सिंह ने झूठ फैलाया है कि मोदी सरकार मजदूरों को घर पहुँचाने के लिए ज्यादा किराया वसूल रही है। जानिए क्या है सच्चाई।

उम्र या धूर्तता? 30 अप्रैल को कही बात से 1 मई को पलट गए! वो रवीश है, वो कुछ भी कर सकता है!

रवीश कुमार अपनी बात को साबित करने के लिए जो तर्क देते हैं, अगली बार दूसरी बात को साबित करने के लिए उससे ही पलट जाते हैं।

प्रिय शेखर गुप्ता! 21वीं सदी के मनमोहन सिंह पता नहीं, लेकिन भारतीय मीडिया के जवाहर तुम ही हो

शेखर गुप्ता जैसे लोग सिर्फ एक ऐसे मौके के इन्तजार में रहते हैं कि कब वो मुस्लिमों के आतंक को ढकने के लिए इसके समानांतर......

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