Sunday, April 11, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे तेजस्वी सूर्या के ट्वीट पर छाती पीटते लिबरलों को क्यों खटक रहे भारत-अरब के...

तेजस्वी सूर्या के ट्वीट पर छाती पीटते लिबरलों को क्यों खटक रहे भारत-अरब के मैत्रीपूर्ण रिश्ते

अजीत अंजुम, विनोद दुआ से लेकर ध्रुव राठी, वरुण ग्रोवर जैसे तमाम स्टैन्डअप कॉमेडिन्स को नरेन्द्र मोदी और भाजपा से उन सबकी नफरत आपस में जोड़ती है। इसी नफरत का परिणाम था कि पिछले एक सप्ताह में एक बड़ा गिरोह भारत और यूएई के रिश्ते खराब करने के लिए अपने देश में सक्रिय हुआ।

सन 2015 में किए गए सांसद तेजस्वी सूर्या के एक ट्वीट पर सऊदी अरब के शेखों और कुछ व्यावसायियों की नींद अचानक कुछ दिनों पहले खुली, जबकि तेजस्वी सूर्या के ट्ववीट के बाद के इन पाँच सालों में अरब में महिलाओं को देखने का नजरिया कितना बदला है, इसका अंदाजा अरब से जुड़ी खबरों को पढ़ने से ही मिलता है। फिर भी आज जो हालात हैं, वह संतोषजनक नहीं हैं।

तेजस्वी सूर्या ने अपने पाँच साल पुराने ट्वीट पर उपजे विवाद से कुछ दिनों पहले एक कॉमेडियन यूट्यूबर कॉमरेड कुणाल कामरा को इंटरव्यू दिया था। हो सकता है कि यह ट्वीट उस कॉमरेड यूट्यूबर की टीम को अपनी रिसर्च में मिली हो। उसके बाद षड्यंत्र के अन्तर्गत पूरी योजना के साथ इस ट्वीट को भारत से सऊदी अरब तक प्रचारित किया गया। कुणाल ने तेजस्वी का जो इंटरव्यू अपने यूट्यूब पर जारी किया है, वह भी इंटरव्यू नहीं बल्कि तेजस्वी को अपमानित करने जैसा एपिसोड है।

तेजस्वी के प्रशंसक कुणाल के शो पर उनके जाने से निराश हुए। इसी कुणाल कामरा के साथ कन्हैया कुमार, कविता कृष्णन अरविंद केजरीवाल, रवीश कुमार का इंटरव्यू आप यूट्यूब पर देख सकते हैं, जहाँ कुणाल कॉन्ग्रेसी आईटी सेल के कमिटेड कॉमरेड की भूमिका में नजर आते हैं।

अजीत अंजुम, विनोद दुआ, अभिसार शर्मा, आशुतोष गुप्ता, आरफा खानम शेरवानी, अभिनंदन शेखरी, सिद्धार्थ वरदराजन, कुणाल कामरा, आकाश बनर्जी, ध्रुव राठी, वरुण ग्रोवर जैसे तमाम स्टैन्डअप कॉमेडिन्स को नरेन्द्र मोदी और भाजपा से उन सबकी नफरत आपस में जोड़ती है। इसी नफरत का परिणाम था कि पिछले एक सप्ताह में एक बड़ा गिरोह भारत और यूएई के रिश्ते खराब करने के लिए अपने देश में सक्रिय हुआ।

इस काम में बहुत सारा पैसा भी इन्वेस्ट हुआ है। सारे मोदी विरोधी यूट्यूबर और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट सक्रिय हुए। इसके पीछे की वजह साफ थी कि ये पूरा समूह अरब देशों के साथ भारत के प्रधानमंत्री के बेहतर रिश्ते से परेशान हैं। भारत और यूएई के ये मजबूत संबंध भारतीय संसद के अंदर विपक्ष में बैठी कई राजनीतिक पार्टियों की आँख की किड़किड़ी भी है, क्योंकि गैर भाजपाई राजनीतिक दल मजहब विशेष को अपना जरखरीद गुलाम ही मानते हैं। वे मेरा तेरा रिश्ता क्या- ला इलाहा इल्लल्लाह के कॉन्सेप्ट में भी यकीन रखते हैं।

सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान जायेद मेडल से सम्मानित किया। भला यह बात मोदी को मजहब विशेष विरोधी प्रचारित करने वालों को कैसे हजम हो सकती हैं?

यही वजह थी कि मोदी विरोधी गिरोह ने पीएम मोदी की कमजोर कड़ी तलाशनी शुरू कर दी और जब वहाँ असफल हो गए तो उन्होंने बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या को निशाना बनाया। वह भी पाँच साल पुराने ट्ववीट को तलाश कर। सूर्या के कथित महिला विरोधी ट्वीट के खिलाफ सऊदी अरब में महिलाओं को सामने आना चाहिए था। यदि सूर्या का ट्ववीट किसी के खिलाफ था तो वह महिलाओं के। लेकिन दिलचस्प बात यह थी कि तेजस्वी के ट्वीट पर अरब की महिलाओं ने कुछ नहीं कहा। महिलाओं को कहना चाहिए था, लेकिन उन्होंने नहीं कहा। महिलाओं की तरफ से ट्ववीट पर सारी जंग सऊदी अरब के कुछ शेख और अधिकतर फेक पाकिस्तानी और मोदी विरोधी भारतीय ट्विटर हैंडल लड़ रहे थे।

इस पूरे विवाद की वजह से तेजस्वी सूर्या को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा। अब कहने की आजादी का ढोंग दशकों से रचने वाले इस तरह दबाव बनाकर क्या कोई बौद्धिक विमर्श खड़ा कर सकते हैं? यदि तेजस्वी ने अरब की महिलाओं के लिए 2015 में कोई ट्वीट किया तो इसके पीछे की वजह जानने का हमें प्रयास करना चाहिए था। सोशल मीडिया पर तेजस्वी की लिंचिंग करने की जगह उनके बयान के संबंध में बातचीत भी की जा सकती थी।

तेजस्वी का पक्ष जाने बिना उन पर हमला करना क्या सही था? ऐसे देश में जहाँ अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर समय-समय पर हमने कट्टरपंथी और कम्युनिस्टों को कंधे से कंधा मिलाकर मोमबत्ती जलाते देखा है। सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाते देखा है। आज तेजस्वी सूर्या प्रसंग में यही वामपंथी और कट्टरपंथी जमात एक हो गए हैं और ऐसी प्रतिक्रिया कर रहे हैं जैसे वे भारतीय ना होकर सऊदी अरब के एजेन्ट हों। वामपंथी और कट्टरपंथी दोनों तरह के लोगों को यह समझना होगा कि 2015 में जब तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट किया था, उन दिनों अरब में महिलाओं की हालत बहुत अच्छी नहीं थी। अब पाँच साल के बाद हालात बदली है। लेकिन जो हालात हैं, उसे अब भी अच्छा नहीं कहा जा सकता।

इस बहस को इसलिए बढ़ाने में मेरी रूचि नहीं है क्योंकि यह दो मुल्कों का मामला है। कोई भी भारतीय चाहेगा कि सभी देशों के साथ हमारे रिश्ते अच्छे रहे और आने वाले समय में वह और मजबूत हो।

बावजूद इसके कुछ बातें बतानी इसलिए भी जरूरी है ताकि सनद रहे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सऊदी अरब में आज भी पति की इजाजत के बिना महिलाएँ बैंक अकाउंट नहीं खुलवा सकती हैं और अविवाहित महिलाएँ तो अकाउंट खुलवा ही नहीं सकतीं हैं। इसके पीछे की वजह यह बताई जाती है कि अकेली महिला के पास पैसा होगा तो वह गुनाह के रास्ते पर निकल जाएगी। भारत में महिला-पुरुष बराबरी की बात हम अक्सर करते हैं लेकिन सऊदी में महिलाएँ यदि घर से बाहर निकल रहीं हैं, तो उसके साथ किसी पुरुष रिश्तेदार का होना अनिवार्य है। अकेले निकलने पर उसे हिरासत में लिया जाता है। सऊदी में पुरुष डरते हैं कि महिला अकेली कहीं जाएगी तो उसके बदचलन होने की संभावना रहेगी।

सऊदी में महिलाओं को अपनी पसंद के पुरुष से शादी करने की आजादी नहीं है। साथ ही पति से अनबन होने, प्रताड़ित करने या किसी भी वजह से तलाक लेने की स्वतंत्रता भी नहीं है।

2006 में हुई एक बलात्कार की घटना अरब में महिलाओं की स्थिति क्या है, उसकी पूरी तस्वीर सामने रखने के लिए पर्याप्त है। घटना के वक्त पीड़िता अपनी सहेली के साथ एक कार में थी। तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला बोल दिया और उनकी कार को दूर जंगल में ले गए। यहाँ 7 आरोपितों ने पीड़िता और उसकी सहेली से तकरीबन 14 बार गैंगरेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने जब अदालत का दरवाजा खटखटाया तो उलटा उसे ही 90 कोड़े मारने की सजा दे दी गई और आरोपितों को कुछ समय के लिए हिरासत में भेज दिया गया।

इस पर पीड़िता के वकील ने आपत्ति जताई और फैसले के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर दी। दूसरी बार 2007 में जब मामले की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने पीड़िता को मिली सजा दोगुनी कर दी और बलात्कारियों को किसी प्रकार की सजा नहीं दी। अदालत ने अब 200 कोड़े मारने की सजा दी और मीडिया को जानकारी देने के एवज में पीड़िता को 6 माह की सजा भी सुनाई।

तेजस्वी सूर्या के ट्वीट के बाद बीते पाँच सालों में अरब देशों में महिलाओं की आजादी को लेकर कई सुधार हुए। लेकिन इन सुधारों की गति बहुत धीमी है। सुधार की बात करें तो पहले महिलाओं को तलाक देने के लिए सऊदी अरब में पुरुषों को बताना जरूरी नहीं होता था। मतलब पति ने तलाक देकर दूसरा निकाह पढ़ लिया है और बीबी को इस बात की खबर भी नहीं होती थी।

पिछले साल से अरब में यह कानून बना है कि तलाक देते हुए, बीबी को तलाक दिया जा रहा है, बताना अनिवार्य होगा। जब तेजस्वी सूर्या ने टवीट किया था, उस साल तक महिलाओं को अरब में ड्राइविंग करने का अधिकार नहीं मिला था। वह सड़क पर गाड़ी नहीं चला सकती थीं। ऐसा करने पर उन्हें जेल हो सकता था। 2017 से उन्हें यह अधिकार भी मिल गया है। जिस साल तेजस्वी ने ट्वीट किया, उसी साल महिलाओं को सऊदी अरब ने मताधिकार दिया। वैसे कट्टरपंथी कभी महिलाओं को यह अधिकार देने के पक्ष में नहीं थे।

महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार तीन साल पहले तक नहीं था। 2011 में सऊदी अरब में कुछ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर ‘वुमेन टू ड्राइव’ कैंपेन चलाया, जिसमें महिलाओं से कहा गया कि वे कार ड्राइव करें और उसके फोटो और वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करें। सऊदी अरब में महिलाओं के खुद स्विमिंग करने पर तो पाबंदी है ही, वे पूल में नहाते पुरुषों की ओर देख भी नहीं सकतीं हैं। शॉपिंग के दौरान कपड़ों का ट्रायल नहीं ले सकतीं, क्योंकि शरिया उन्हें अपने घर से बाहर निर्वस्त्र होने की इजाजत नहीं देता।

‘वेनिटी फेयर’ की पत्रकार मौरीन डॉड के अनुसार ऐसा कानून सिर्फ इसीलिए बनाया गया क्योंकि ट्रायल रूम में महिला नग्न है ऐसा सोचकर शॉपिंग स्टोर में मौजूद पुरुषों के लिए कंट्रोल रख पाना मुश्किल हो जाएगा। अरब पुरुषों की सुविधा के लिए महिलाएँ वहाँ ट्रायल रूम इस्तेमाल नहीं कर सकती। महिलाएँ किसी अंडर गारमेंट्स की शॉप पर काम नहीं कर सकती। वहाँ पुरुष ही मिलेंगे। चाहे अंडरगारमेन्ट महिलाओं के ही क्यों ना हों? महिलाएँ फैशन मैगजीन नहीं पढ़ सकतीं, क्योंकि उसमें छपे फोटो इस्लाम की मान्यताओं के अनुसार हलाल सर्टिफायड नहीं होते। लेकिन पुरुष उन्हें पढ़ और उसमें छपी तस्वीरों को देख सकते हैं।

महिलाओं के बार्बी डॉल रखने पर पाबंदी है। इसलिए अब बाजार में हलाल सर्टिफायड बार्बी उतार दिया गया है। बार्बी को यहूदी खिलौना बताकर उसके कपड़ों को गैर-इस्लामी करार दिया जाता है। जब मैं यह पोस्ट लिख रहा हूँ, तेजस्वी सूर्या ने अपना ट्वीट डीलीट कर दिया है, लेकिन हम सब किसी दबाव में आकर सच को सच ना कहें यह उचित नहीं है। इसी उद्देश्य से यह सब लिख रहा हूँ। यदि किसी ने कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक बात लिखी है तो उसे अपना पक्ष रखने का कम से कम अवसर दिया ही जाना चाहिए।

इस बात से वामपंथी होने के नाते नफरत करना क्या उचित होगा कि तेजस्वी सूर्या भारतीय जनता पार्टी से सांसद हैं और खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक कहते हैं। बहरहाल इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सऊदी में मोहम्मद बिन सलमान जैसे शहजादे भी हैं जो महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनकी आजादी के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन इस बात से अरब देशों में महिलाओं के हालात को झुठलाया नहीं जा सकता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

anshu
'मीडिया स्कैन' से जुडे आशीष कुमार 'अंशु' की कई खोजी रिपोर्टें चर्चित रहीं हैं। आशीष घूमंतु पत्रकार के तौर पर जाने जाते हैं, ग्रामीण पत्रकारिता के लिए नारद सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। हिंदी सोशल मीडिया में उनकी पहचान 'उंगलबाज डॉट कॉम’नाम से समसामायिक राजनैतिक, सामाजिक परिदृश्य पर धारदार व्यंग्य करने वाले के रूप में है

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब आइसक्रीम नहीं धूल खाएँगे’: सचिन वाजे के तलोजा जेल पहुँचने पर अर्नब गोस्वामी ने साधा बरखा दत्त पर निशाना

डिबेट के 46 मिनट 19 सेकेंड के स्लॉट पर अर्नब ने सीधे बरखा दत्ता को उनकी अवैध गिरफ्तारी पर जश्न मनाने और सचिन वाजे जैसे भ्रष्ट अधिकारी के कुकर्मों का महिमामंडन करने के लिए लताड़ा है।

PM मोदी ने भारत में नई शक्ति का निर्माण कर सांस्कृतिक बदलाव को दिया जन्म, उन्हें रोकना मुश्किल: संजय बारू

करन थापर को दिए इंटरव्यू में राजनीतिक विश्लेषक संजय बारू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सांस्कृतिक बदलाव को जन्म दिया है।

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

एंटीलिया के बाहर जिलेटिन कांड के बाद सचिन वाजे करने वाला था एनकाउंटर, दूसरों पर आरोप मढ़ने की थी पूरी प्लानिंग

अपने इस काम को अंजाम देने के लिए वाजे औरंगाबाद से चोरी हुई मारुती इको का इस्तेमाल करता, जिसका नंबर प्लेट कुछ दिन पहले मीठी नदी से बरामद हुआ था।

खुद के सर्वे में हार रही TMC, मुस्लिम तुष्टिकरण से आजिज हो हिंदू BJP के साथ: क्लबहाउस पर सब कुछ बोल गए PK

बंगाल में बीजेपी क्यों जीत रही? पीएम मोदी कितने पॉपुलर? टीएमसी के आंतरिक सर्वे क्या कहते हैं? सबके बारे में क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर ने बात की।

‘दलित भाई-बहनों से इतनी नफरत’: सिलीगुड़ी में बोले PM मोदी- दीदी आपको जाना होगा

“दीदी, ओ दीदी! बंगाल के लोग यहीं रहेंगे। अगर जाना ही है तो सरकार से आपको जाना होगा। दीदी आप बंगाल के लोगों की भाग्य विधाता नहीं हैं। बंगाल के लोग आपकी जागीर नहीं हैं।”

प्रचलित ख़बरें

‘ASI वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएँगे, आप मारे जाओगे’: काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को धमकी

ज्ञानवापी केस में काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले का नाम यासीन बताया जा रहा।

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

पॉर्न फिल्म में दिखने के शौकीन हैं जो बायडेन के बेटे, परिवार की नंगी तस्वीरें करते हैं Pornhub अकॉउंट पर शेयर: रिपोर्ट्स

पॉर्न वेबसाइट पॉर्नहब पर बायडेन का अकॉउंट RHEast नाम से है। उनके अकॉउंट को 66 badge मिले हुए हैं। वेबसाइट पर एक बैच 50 सब्सक्राइबर होने, 500 वीडियो देखने और एचडी में पॉर्न देखने पर मिलता है।

कूच बिहार में 300-350 की भीड़ ने CISF पर किया था हमला, ममता ने समर्थकों से कहा था- केंद्रीय बलों का घेराव करो

कूच बिहार में भीड़ ने CISF की टीम पर हमला कर हथियार छीनने की कोशिश की। फायरिंग में 4 की मौत हो गई।

‘मोदी में भगवान दिखता है’: प्रशांत किशोर ने लुटियंस मीडिया को बताया बंगाल में TMC के खिलाफ कितना गुस्सा

"मोदी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी नहीं है। मोदी का पूरे देश में एक कल्ट बन गया है। 10 से 25 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनको मोदी में भगवान दिखता है।"

बंगाल: हिंसा में 4 की मौत, कूच बिहार में पहली बार के वोटर को मारी गोली, हुगली में BJP कैंडिडेट-मीडिया पर हमला

बंगाल के कूच बिहार में फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें 18 साल का आनंद बर्मन भी है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,166FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe