वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। स्मारक में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के नामों के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं। जाधव द्वारा एकत्र की गई मिट्टी को भी स्मारक पर रखा गया है।
आज वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों को नमन करने का दिन था। लेकिन, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इस मौके को भी सियासत के लिए चुना। अपने ट्वीट से राहुल गॉंधी ने जाहिर कर दिया है कि साल भर में उनकी विकृत सोच बदल नहीं पाई है।
सुषमा स्वराज ने ट्विटर डिप्लोमेसी का दरवाजा खोला। उनके नेतृत्व में विदेश मंत्रालय दुनिया के हर कोने में मुसीबत में फॅंसे अपने नागरिकों तक पहुॅंचा। यही कारण है कि कोरोना वायरस के बाद वुहान से भारत ने अपने छात्रों को निकाला, लेकिन पाकिस्तानी छात्रों को वहॉं की सरकार ने उनके हाल पर छोड़ दिया।
14 फरवरी 2019 को हुए फिदायीन हमले की पहली बरसी पर हम आपके लिए लाए हैं वीरगति प्राप्त जवानों की झकझोर देने वाली कहानियॉं। उस दिन पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
क्या दिल्ली में मुफ्त की बिजली पाने वाले उस दर्द को महसूस कर सकते हैं, जो अपने खेत-खलिहान को आँखों के सामने डूबते देखने में होता है? वह दर्द जो अपने बाप-दादाओं के पुश्तैनी घर और अपने आम के बगीचों को डूबते देखने में होता है?
गुप्त सूत्र बताते हैं कि दिल्ली चुनाव से पहले ही कॉन्ग्रेस आलाकमान ने उच्चस्तरीय बैठक में सभी उम्मीदवारों को जमानत जब्त करवाने के निर्देश दिए थे। नतीजों के बाद जो तीन उम्मीदवार ऐसा नहीं कर पाए हैं अब वे पार्टी भी अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।
जयशंकर ने तो केवल पटेल का नाम लिया है। फेहरिस्त लंबी है जिन्हें नेहरू पसंद नहीं करते थे। कथित इतिहासकार गुहा से लेकर कॉन्ग्रेसी-वामपंथी इन ऐतिहासिक तथ्यों को झुठला नहीं सकते।
विधु विनोद चोपड़ा ने कश्मीरी पंडितों का दर्द दिखाने के नाम पर 'शिकारा' बनाई। लेकिन, फिल्म में मुस्लिमों के अत्याचार को छिपा लिया और प्रेम-कहानी पर जोर दिया। इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को अब गदहा बता वे झूठे आँकड़े गिना रहे हैं।
3 सालों में 450 यहाँ गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया। लेकिन सिर्फ़ 170 बच्चों का ही रिकॉर्ड दर्ज है। बाकी 280 शिशुओं के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनका क्या हुआ?