“व्यक्तिगत रूप से मैं कपिल सिब्बल पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूँगा। मगर मैं यह जरूर बताना चाहूँगा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वो मेरे आवास पर आए थे। वह तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन माँगने आए थे। मैंने उन्हें अपने घर में आने ही नहीं दिया था।”
शिवाजी सब कुछ छोड़ कर भक्तिभाव से तुकाराम के साथ रहना चाहते थे, किन्तु तुकाराम ने उनसे कहा कि आप जो कर रहे हैं वही आवश्यक है। परामर्श के लिए समर्थ गुरु रामदास से मिलने को कहा। समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी का योग्य मार्गदर्शन किया।
चीन ने न सिर्फ इस वायरस से निपटने में लापरवाही दिखाई बल्कि जिन लोगों ने भी कोरोना वायरस के बारे में चीनी प्रशासन को सचेत करने की कोशिश की उनकी आवाजों को दबा दिया गया।
ये वह समाज है जिससे मोदी कह दें कि विष्ठा मलद्वार से करनी चाहिए तो वह अपने मुख से करने लगेगा। इनका ऑक्सीजन भी मोदी-विरोध है। इनका गड़बड़ाया पाचन तंत्र भी मोदी को गाली देकर दुरुस्त होता है। इस समाज के गाँजा और सेक्स लाइफ का एक्स फैक्टर है मोदी विरोध।
रविवार (मार्च 22, 2020) को पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों में चावल और आलू बाँटने का कार्यक्रम रखा है। इसका अर्थ है कि उस दिन भारी भीड़ जुटेगी। इससे 'सोशल डिस्टन्सिंग' की सलाह को तगड़ा झटका लगा है।
केरल हाईकोर्ट ने इस बेतुकी याचिका को खारिज करते हुए, इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता ज्योतिष पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह राशि याचिकाकर्ता को बतौर जुर्माना मुख्यमंत्री राहत कोष में दो हफ्ते में जमा करानी होगी। कोर्ट ने कहा कि ज्योतिष ने अपने निजी हित के लिए कोर्ट में याचिका लगाई, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?
दिल्ली सरकार के रेवेन्यू विभाग ने इसकी जानकारी दी है। ओखला से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए अमानतुल्लाह को मुख्यमंत्री केजरीवाल का क़रीबी माना जाता है। उस पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
5 जिलों के अलावा 7 शहरों में भी 22 मार्च की सुबह 7 बजे से लेकर 29 मार्च के रात 9 बजे तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। कोरोना वायरस के ओडिशा में अब तक 2 मामले आ चुके हैं लेकिन महाराष्ट्र व केरल जैसे राज्यों में स्थिति भयावह है।