दरभंगा मॉड्यूल! शुरुआत इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर यासीन भटकल ने की। NIA ने दरभंगा मॉड्यूल में जाकिर नाइक का भी कनेक्शन बताया था। चुपके-चुपके इसका विस्तार पूरे मिथिलांचल में हो रहा है।
वहाँ भारत का ऐसा नक्शा लगाया गया है, जहाँ उत्तर-पूर्व भारत को देश से अलग दिखाया गया है। ऐसा दिखाया गया है कि उत्तर पूर्वी भारत को शेष भारत से अलग काट दिया गया है। इससे साफ़ मालूम होता है कि शाहीन बाग़ प्रदर्शन के पीछे देशविरोधी मानसिकता काम कर रही है।
शाहीन बाग़ के एक प्रदर्शनकारी ने मृत बच्ची के सम्बन्ध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा- "वो अल्लाह की बच्ची थी, अल्लाह ने उसे बुला लिया।" कितनी आसानी से एक इंसानी ग़लती को उपरवाले के सिर मढ़ दिया गया और कोई मीडिया आउटरेज भी नहीं। उस बच्ची ने क्या अपनी सहमति दी थी कि मुझे सीएए-NRC के विरोध में प्रदर्शन करने ले चलो?
"यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि सोचा-समझा प्रयोग है। ये राष्ट्र की सौहार्दता को खंडित करने का एक कुत्सित प्रयास है। संविधान और तिरंगे को सामने रखते हुए ज्ञान बॉंटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है।"
उद्धव के अनुसार उन्होंने पिता से किया वादा पूरा करने के लिए कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाई है। इसके लिए उन्होंने किसी भी हद तक जाने का फैसला किया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
गोथुआ में 27 जनवरी को बच्चों के बीच हुए झगड़े ने तूल पकड़ा था और दो पक्षों में इसे लेकर मारपीट भी हुई। इसके बाद एक पक्ष ने गाँव के ही कई लोगों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और अन्य अनर्गल आरोप लगाकर उनके खिलाफ थाने में तहरीर दे दी।
अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो रही है। बिक्री में वृद्धि के बाद कारखानों ने बहुत तेजी से नए वर्कर्स को काम पर रखा है। यह पिछले सात साल में वर्कर्स को काम पर रखने की सबसे तेज गति है।
बीबीसी का कहना था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पूर्वजों ने पाकिस्तान को ठुकराया था और भारत को अपनाया था। इसके जवाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी ने कहा कि उन लोगों ने पाकिस्तान न जाकर भारत पर कोई एहसान नहीं किया है।
दाऊद इब्राहिम और अनिल कपूर के तस्वीर को लेकर जब सोनम से सवाल किया गया तो उन्होंने हैरान करने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दाऊद और उनके पिता के बीच धर्म या कर्म का नहीं, बल्कि क्रिकेट का रिश्ता था।