"आप गतिशीलता का तभी आनंद ले पाएँगे या उत्सव मना पाएँगे, जब आपका एक पैर स्थिरता में दृढ़ता से जमा होगा। और दूसरा गतिशील।" मकर संक्रांति का पर्व इस बात का भी उद्घोष है कि गतिशीलता का उत्सव मनाना तभी संभव है, जब आपको अपने भीतर स्थिरता का एहसास हो।
ऑपइंडिया पर ABVP JNU के छात्र मनीष जांगिड़ का वो इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे साज़िश के तहत जेएनयू में हिंसा हुई और तुरंत कॉन्ग्रेस व वामपंथी नेता पहुँच गए। उन्होंने राहुल कँवल पर भी बड़ा आरोप लगाया। जेएनयू में कैसे वामपंथी गुंडों को बचाया जा रहा है, जानें मनीष के शब्दों में।
साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।
एक ख़ास किस्म का तेल और शहद। इन दो चीजों के साथ 7 तस्करों ने 177 हेरोइन कैप्सूल निगल डाले। इसके बाद दिल्ली के जिस होटल में ये रुकते, वहाँ मल के साथ इन कैप्सूलों को बाहर निकालते। अर्थात, मुँह से निगले गए कैप्सूलों को गुदाद्वार से बाहर निकाल कर उसकी सप्लाई की जाती। लेकिन...
10वीं पास मोइनुद्दीन बेचता था कबाड़। हिंदू लड़की इंदिरा गाँधी को प्रेम जाल में फँसा की थी शादी। लेकिन जिहाद के लिए दे दिया तलाक। फिर जबरन कई दलितों से उसने इस्लाम कबूल करवाया। हिंदू नेता की मौत करवाकर वो तमिलनाडु में ISIS समूह का बन गया था सरगना।
ख़ुद को स्टैंड-आप कॉमेडियन बताने वाले अतुल खत्री ने हिन्दुओं और सिखों के महत्वपूर्ण त्योहार लोहड़ी का सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ाया। कई लोगों को खत्री की बात अश्लील भी लगी और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। खत्री ने लिखा कि वो 'बहन की लोहड़ी (Behen Ki Lohri)' में जा रहे हैं।
दिल्ली के पॉश इलाके सुखदेव विहार स्थित इस मकान को 10 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। जिसमें से 4.43 करोड़ वाड्रा की कंपनी ने दिए थे। ईडी ने आरोप लगाया कि इस मकान का बीकानेर जमीन घोटाले वाले अपराध को अंजाम देने में सीधा संबंध है।
'इंडिया टुडे' की पत्रकार तनुश्री पांडेय वामपंथी छात्रों के साथ खुसुर-पुसुर करते हुए दिखी थीं। उन्होंने छात्रों को सिखाया था कि उन्हें कैमरे के सामने क्या बोलना है? इसी तनुश्री ने नवंबर 2019 में वामपंथियों के साथ मिल कर रिपब्लिक, ज़ी न्यूज़ और सुदर्शन चैनल के पत्रकारों के साथ बदतमीजी की थी।
दादियाँ दादा जी को अपने समय की पतंगबाजी याद दिलाती हैं और दादा ताव में आकर खड़े हो जाते हैं दादी को ये दिखाने कि मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ हूँ। अब भी ये लड़के मेरी पतंग के आगे नहीं टिक सकते और पतंग कटते ही, 'सालो चाइनीज़ माँझो वापरे छे' कहकर वापस आकर बैठ जाते हैं।
“ये मुट्ठी भर लोग, केवल एक परसेंट लोग, हमारा पैसा, देश का पैसा, टैक्स का पैसा खाकर, मुर्दाबाद करेंगे? योगी और मोदी को तुम जिंदा दफन करोगे? मैं तुम्हें जिंदा दफन कर दूँगा। मोदी-योगी देश और प्रदेश को चलाएँगे और ऐसे ही चलाएँगे, जैसे चला रहे हैं।”